Hemant Soren

Ratha Yatra Festival 2026
‘जय-जय जगन्नाथ’ के जयघोष के बीच निकली भव्य रथयात्रा, सीएम हेमन्त सोरेन ने खींची रस्सी

रांची। राजधानी रांची के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आयोजित रथयात्रा महोत्सव-2026 श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र की भव्य रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे मंदिर परिसर में “जय-जय जगन्नाथ” के जयघोष गूंजते रहे और भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ रथयात्रा में अपनी सहभागिता निभाई।   राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना रथयात्रा महोत्सव में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने विशेष रूप से हिस्सा लिया। दोनों ने भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया।   मंदिर के लिए भव्य तोरणद्वार की घोषणा इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जगन्नाथपुर मंदिर के विकास को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंदिर की पहचान और भव्यता को और बढ़ाने के लिए मंदिर से जुड़ने वाली सड़क पर भव्य तोरणद्वार का निर्माण कराया जाएगा। उनका कहना था कि यह ऐतिहासिक मंदिर झारखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है और इसे पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास करेगी।   मुख्यमंत्री ने कहा मुख्यमंत्री ने कहा कि रथयात्रा महोत्सव का श्रद्धालु पूरे वर्ष इंतजार करते हैं और हर साल उमड़ने वाली भीड़ इस आयोजन के बढ़ते धार्मिक महत्व का प्रमाण है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले वर्षों में इस मेले को और अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य बनाया जाएगा। रथयात्रा महोत्सव में मंत्री, सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता से भरपूर इस आयोजन ने राजधानी रांची को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Hemant Soren
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक को दी श्रद्धांजलि

रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक के निधन पर पूरे राज्य में शोक की लहर है। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने मन्नान मल्लिक के निधन को झारखंड की राजनीति और जनजीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि राज्य ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और समाज के प्रति समर्पित नेता को खो दिया है।   विधानसभा में दी अंतिम श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम नमन किया। इस दौरान विधायक कल्पना सोरेन भी उनके साथ मौजूद रहीं। दोनों ने दिवंगत नेता के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।   परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढ़स श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन ने मन्नान मल्लिक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सदस्यों को इस कठिन समय में ढांढ़स बंधाया और गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर शोक संतप्त परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।   'जनता की आवाज बुलंद करने वाले नेता थे मन्नान मल्लिक' मुख्यमंत्री ने कहा कि मन्नान मल्लिक लंबे समय तक जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उन्होंने विशेष रूप से धनबाद सहित पूरे झारखंड की जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाया और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई। उनका योगदान राज्य की राजनीति में हमेशा याद रखा जाएगा।   लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन गौरतलब है कि 83 वर्षीय मन्नान मल्लिक पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और रांची के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
Hemant Soren
सीएम हेमंत ने विश्वविद्यालयों में रिक्तियां भरने, ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के दिए निर्देश

रांची। झारखंड में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई अहम फैसले लिए हैं। सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने, झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को 15 दिनों के भीतर प्रभावी बनाने और शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   ऑनलाइन शिक्षा और छात्रावासों पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को माइनिंग आधारित पहचान से आगे बढ़ाकर ज्ञान आधारित राज्य बनाना होगा। इसके लिए विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की रिक्तियां शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए। साथ ही छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा कर उन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित करने की पहल करने को कहा गया। पायलट प्रोजेक्ट के तहत झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बीबीएमके, धनबाद से लाइव ऑनलाइन क्लास की शुरुआत की जाएगी।   बीआईटी सिंदरी को मिलेगा विश्वविद्यालय का दर्जा बैठक में मुख्यमंत्री ने बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने पर सहमति दी। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही संबंधित विधेयक लाएगी। साथ ही कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को अगले 15 दिनों में पूरी तरह कार्यरत करने और राज्य में रोबोटिक्स फेस्टिवल शुरू करने की भी घोषणा की गई।   तकनीकी शिक्षा क्लस्टर और नए पाठ्यक्रम होंगे शुरू मुख्यमंत्री ने पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज सहित नौ जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को बीआईटी सिंदरी की तर्ज पर उन्नत बनाने तथा इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग और टेक्सटाइल डिजाइन जैसे आधुनिक विषय शुरू करने पर जोर दिया। इसके अलावा गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने और दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के छात्रों को भी इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
Jharkhand Government Recruitment
झारखंड में बड़े पैमाने पर सरकारी नियुक्तियों की तैयारी, 25 हजार पदों पर जल्द भर्ती संभव

रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सभी विभागों में रिक्तियों का आकलन कर भर्ती प्रक्रिया तेज करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को अधिक से अधिक सरकारी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।   सबसे अधिक रिक्तियां शिक्षा, स्वास्थ्य और गृह विभाग में सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 3,51,968 नियमित पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 1,87,610 पदों पर ही कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। यानी बड़ी संख्या में पद अब भी खाली पड़े हैं। सबसे अधिक रिक्तियां शिक्षा, स्वास्थ्य और गृह विभाग में हैं, जिससे सरकारी सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।   जेपीएससी और जेएसएससी को मिली तेजी लाने की जिम्मेदारी सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को पहले से विज्ञापित पदों की परीक्षाएं जल्द कराने और चयन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने का निर्देश दिया है। विभागों से प्राप्त रिक्तियों के आधार पर नई अधियाचनाएं भी भेजी जाएंगी।   इन पदों पर होगी नियुक्ति भर्ती अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में सहायक शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सक, नर्स और मेडिकल स्टाफ, तथा सड़क, पुल और पुलिया निर्माण कार्यों के लिए अभियंता और तकनीकी कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। यदि प्रक्रिया तय समय पर आगे बढ़ी तो स्वतंत्रता दिवस के आसपास करीब 25 हजार नई नियुक्तियां की घोषणा की जा सकती है।   वित्त मंत्री ने क्या कहा वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार किसी सरकार ने मानव संसाधन की कमी दूर करने पर इतने बड़े स्तर पर ध्यान दिया है। उनके अनुसार वर्तमान कार्यकाल में 40 हजार से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं और सरकार आने वाले वर्षों में स्वीकृत पदों को अधिकतम संख्या में भरने के लिए तेजी से काम करेगी।   सरकार का मानना है कि बड़े पैमाने पर होने वाली यह भर्ती न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Jharkhand ACB Trap
रांची में एसीबी का बड़ा ट्रैप, घूस लेते सीओ समेत तीन अधिकारी गिरफ्तार

रांची। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची ने बुढ़मू अंचल कार्यालय में बड़ी कार्रवाई की है। जमीन के म्यूटेशन के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने पहले एक आरोपी को 10 हजार रुपये की घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच में आरोप सही पाए जाने पर राजस्व कर्मचारी और अंचल अधिकारी (सीओ) को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।   म्यूटेशन के लिए मांगी गई थी मोटी रकम एसीबी के अनुसार, मांडर थाना क्षेत्र के ब्रांबे निवासी सुबोध कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बुढ़मू प्रखंड के मौजा सासम स्थित उनकी 3 एकड़ 20 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री पत्नी और अन्य परिजनों के नाम हो चुकी थी। रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन के लिए आवेदन भी जमा कर दिया गया, लेकिन लंबे समय तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।   शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय में संपर्क करने पर उन्हें भू-राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार के पास भेजा गया। राजेश कुमार ने म्यूटेशन कराने के लिए 80 से 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में उसके भाई गौतम कुमार ने पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देने को कहा और आश्वासन दिया कि इसके बाद म्यूटेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी जाएगी।   ट्रैप में रंगेहाथ गिरफ्तारी, फिर सीओ भी गिरफ्तार रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर गौतम कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर राजस्व उप-निरीक्षक राजेश कुमार और बुढ़मू के अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया गया।   एसीबी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। ब्यूरो का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0
Jamshedpur Nuclear Plant
झारखंड में 70 हजार करोड़ का निवेश, जमशेदपुर बनेगा न्यूक्लियर पावर हब

रांची। झारखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के दौरान नवीन जिंदल ग्रुप ने झारखंड सरकार के साथ 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का एमओयू (समझौता ज्ञापन) किया है। यह निवेश स्टील, न्यूक्लियर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्रों में किया जाएगा। इस परियोजना से राज्य में 11 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।   जमशेदपुर में लगेगा राज्य का पहला न्यूक्लियर प्लांट एमओयू के तहत झारखंड में 1400 मेगावाट क्षमता का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना है। राज्य सरकार ने इसके लिए जमशेदपुर को उपयुक्त स्थान के रूप में सुझाया है। इसके अलावा गोड्डा के जीतपुर में 140 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा, जहां कंपनी के पास पहले से लगभग 400 एकड़ भूमि उपलब्ध है। वहीं पतरातू स्थित स्टील प्लांट के विस्तार पर 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।   सीएम बोले- आत्मनिर्भर झारखंड की दिशा में बड़ा कदम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस निवेश को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि झारखंड अब केवल संसाधन उपलब्ध कराने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से मजबूत राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित और राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर निवेश को बढ़ावा दे रही है।   पर्यटन और हरित ऊर्जा पर भी फोकस नवीन जिंदल ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि यह समझौता झारखंड के उज्ज्वल भविष्य में उनके विश्वास का प्रतीक है। वहीं परामर्श बैठक में राज्य को पर्यटन और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने पर भी चर्चा हुई। वर्ष 2024 में झारखंड में 5.85 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें 4.40 करोड़ श्रद्धालु शामिल थे। फिक्की ने रांची में गोल्फ पर्यटन विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जबकि सीआईआई ने सौर एवं पवन ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और डिजिटल ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग की पेशकश की। सरकार ने निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
National Stakeholders Consultation-2026
दिल्ली में राष्ट्रीय मंच पर छाया सरायकेला छऊ, पारंपरिक मुखौटों ने जीता देश-विदेश के प्रतिनिधियों का दिल

रांची। नई दिल्ली के ताज पैलेस में 8 और 9 जुलाई को आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में झारखंड की विश्व प्रसिद्ध सरायकेला छऊ कला ने अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई। जहां एक ओर देश-विदेश के उद्योगपति और निवेशक झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर सरायकेला के युवा मुखौटा शिल्पकार सुमित महापात्र और उनकी टीम ने पारंपरिक छऊ मुखौटों के प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।   कार्यक्रम में प्रदर्शित रंग-बिरंगे हस्तनिर्मित छऊ मुखौटे प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। सुमित महापात्र ने आगंतुकों को सरायकेला छऊ नृत्य की समृद्ध परंपरा, मुखौटा निर्माण की जटिल प्रक्रिया तथा इसके सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिनिधियों ने मुखौटों की बारीक शिल्पकारी और पारंपरिक रंग-संयोजन की जमकर सराहना की।   150 पारंपरिक मुखौटों ने छोड़ी अमिट छाप   सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों को भगवान श्रीकृष्ण स्वरूप के 150 पारंपरिक छऊ मुखौटे स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किए गए। सुमित महापात्र और उनकी टीम द्वारा तैयार इन मुखौटों ने झारखंड की लोक कला की उत्कृष्टता को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कई प्रतिनिधियों ने मुखौटों की निर्माण तकनीक और सरायकेला छऊ की ऐतिहासिक विरासत के बारे में विशेष रुचि दिखाई।   मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में आयोजित इस दो दिवसीय समिट का मुख्य उद्देश्य झारखंड में निवेश को बढ़ावा देना था, लेकिन इसके साथ राज्य की कला और संस्कृति को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे राष्ट्रीय आयोजनों में सरायकेला छऊ जैसी लोक कला को मंच मिलने से स्थानीय कलाकारों को नई पहचान मिलेगी, हस्तशिल्प को बाजार मिलेगा और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि झारखंड केवल खनिज और औद्योगिक संसाधनों का ही नहीं, बल्कि समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
Khel Gaon
रांची का खेल गांव बदहाली की मार: इंडोर स्टेडियम की छत टपकी, बाहर भरा पानी

रांची। रांची के होटवार स्थित करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खेल गांव की बदहाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 34वें राष्ट्रीय खेलों के लिए तैयार किए गए इस विश्वस्तरीय खेल परिसर पर हर साल 15 करोड़ रुपये से अधिक रखरखाव का खर्च किया जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में इसकी वास्तविक स्थिति चिंताजनक नजर आ रही है। मुख्य एथलेटिक्स स्टेडियम के बाहर जलजमाव ने पूरे परिसर को तालाब में तब्दील कर दिया है, जबकि हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम की छत से बारिश का पानी झरने की तरह टपकता रहा। इससे वुडेन कोर्ट पर पानी भर गया और खेल गतिविधियां प्रभावित हुईं।   खिलाड़ियों ने जताई चिंता, खेल सुविधाओं को नुकसान का खतरा खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी और मरम्मत की व्यवस्था नहीं की गई तो सिंथेटिक ट्रैक, वुडेन कोर्ट और अन्य खेल सुविधाओं को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। खेल गांव का रखरखाव सीसीएल के अधीन गठित लोकल मैनेजमेंट कमेटी (एलएमसी) करती है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पिछले कई वर्षों से जल निकासी, टूटती संरचनाओं और रखरखाव में लापरवाही को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका।   मुख्यमंत्री की फटकार के बाद भी नहीं सुधरे हालात हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज के निरीक्षण के दौरान खेल परिसरों के खराब रखरखाव पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद खेल गांव की मौजूदा स्थिति बताती है कि निर्देशों का अपेक्षित असर जमीन पर नहीं दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड की सबसे बड़ी खेल परिसंपत्ति को बचाने के लिए रखरखाव पर होने वाले खर्च की गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि करोड़ों रुपये की इस खेल अधोसंरचना को उपेक्षा के कारण नुकसान से बचाया जा सके।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
Global Investors Meet
हेमंत सोरेन की मौजूदगी में दिल्ली में वैश्विक निवेशकों का मंथन, नई औद्योगिक नीति पर होगी चर्चा

रांची। झारखंड में औद्योगिक विकास और निवेश को नई गति देने के उद्देश्य से 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में दो दिवसीय ग्लोबल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नई औद्योगिक नीतियों पर सुझाव लेकर उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा होगी।   निवेश आकर्षित करने के लिए तैयार हो रही नई नीतियां राज्य सरकार ने झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 और झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया है। इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाना, औद्योगिक ढांचे को मजबूत करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। दोनों नीतियों के ड्राफ्ट झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं, जहां उद्योग जगत, विशेषज्ञों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे गए हैं।   बड़ी कंपनियों के साथ होगी अहम बैठक कार्यक्रम में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया जैसी आईटी कंपनियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूह भी कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं।   एमओयू और नई रियायतों पर रहेगा फोकस सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे, जिससे राज्य में निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन, विनिर्माण और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में नई रियायतों और प्रोत्साहनों पर भी विचार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से झारखंड को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

anjali kumari जुलाई 8, 2026 0
Khelgaon Shooting Range
खेलगांव शूटिंग रेंज पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, खिलाड़ियों से मिले

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची के खेलगांव स्थित टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध सुविधाओं, उपकरणों तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान शूटिंग रेंज की जर्जर आधारभूत संरचना और खराब उपकरणों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई तथा अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर रेंज का आधुनिकीकरण करने के निर्देश दिए।   मुख्यमंत्री ने 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर शूटिंग रेंज का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था, आधुनिक तकनीकी उपकरणों, सुरक्षा मानकों और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि झारखंड खेल प्रतिभाओं की भूमि है और राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।   निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शूटिंग रेंज में आधुनिक उपकरण लगाने, खराब संसाधनों की मरम्मत, फायर सेफ्टी व्यवस्था मजबूत करने, नियमित मॉक ड्रिल कराने और सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं शूटिंग राइफल से निशाना भी साधा और खिलाड़ियों से प्रशिक्षण के दौरान आने वाली कठिनाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।   मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में झारखंड का नाम रोशन कर सकें।   क्या है मामला? गौरतलब है कि हाल ही में आयोजित रांची जिला शूटिंग चैंपियनशिप के दौरान शूटिंग रेंज की बदहाल स्थिति को लेकर खिलाड़ियों ने शिकायत की थी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने और आधुनिक सुविधाओं की कमी से अभ्यास प्रभावित हो रहा था। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद खिलाड़ियों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा और झारखंड की शूटिंग प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान खेल मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Ranchi Hospital News
रांची के निजी अस्पताल में किशोर की मौत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सख्त, ₹22 लाख के बिल और लापरवाही के आरोपों की जांच के आदेश

रांची। रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक किशोर की मौत और परिजनों से करीब ₹22 लाख का बिल वसूले जाने के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।    परिजनों ने लगाया लापरवाही और अधिक बिल वसूलने का आरोप   मृतक किशोर के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज में लापरवाही बरती और कई दिनों तक भर्ती रखने के बाद करीब 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया। उनका कहना है कि उचित इलाज नहीं मिलने के कारण किशोर की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।    स्वास्थ्य विभाग को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश   मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों को अस्पताल के इलाज, बिलिंग प्रक्रिया और चिकित्सकीय रिकॉर्ड की समीक्षा कर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मेडिकल प्रोटोकॉल के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।    निजी अस्पतालों की जवाबदेही पर फिर उठे सवाल   इस घटना के बाद राज्य में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और इलाज की लागत को लेकर बहस तेज हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मामलों में पारदर्शिता, समय पर इलाज और उचित बिलिंग सुनिश्चित करना आवश्यक है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने पर किसी भी स्तर पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Hemant Soren Babulal Marandi
जमशेदपुर घटना पर गरजे बाबूलाल, बोले - इसके जिम्मेदार हेमंत सरकार

गिरिडीह। झारखंड में कानून व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) व्यवस्था पर प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके सामने बेबस नजर आते हैं।   जमशेदपुर हत्याकांड को लेकर सरकार पर निशाना बाबूलाल मरांडी ने हाल ही में जमशेदपुर में हुई करणी सेना के एक नेता की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई। उनके अनुसार, मामले में सिर्फ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) का तबादला कर देना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की मौजूदगी में हत्या होती है तो जवाबदेही भी पुलिस की तय होनी चाहिए।   एफआईआर और जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल मरांडी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद होटल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जबकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। उनका कहना था कि केवल प्रशासनिक बदलाव से कानून व्यवस्था में सुधार नहीं होगा।   सरकार से जवाबदेही की मांग नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पुलिस की जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।   गौरतलब है कि हाल ही में जमशेदपुर में एक बार के बाहर चाकूबाजी की घटना में घायल हुए हिमांशु की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Kalpana Soren Hemant Soren
सीएम हेमंत और विधायक कल्पना ने भरा SIR फॉर्म, राज्यवासियों से समय पर सत्यापन कराने की अपील

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत स्वयं एन्यूमरेशन (गणना) प्रपत्र भरकर राज्यवासियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, कांके रोड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं से समय पर एसआईआर प्रपत्र भरने और मतदाता सूची में दर्ज अपनी जानकारी का सत्यापन कराने की अपील की। इस अवसर पर उनकी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने भी अपना एसआईआर फॉर्म भरकर अभियान में भागीदारी निभाई।   हर पात्र मतदाता निभाए अपनी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान का अधिकार सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत नागरिकों की सक्रिय भागीदारी है और शुद्ध, अद्यतन तथा त्रुटिरहित मतदाता सूची स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की आधारशिला होती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वयं सत्यापन कराने के साथ अपने परिवार, पड़ोस और समाज के अन्य पात्र मतदाताओं को भी एसआईआर अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।   घर-घर पहुंच रहे हैं बीएलओ कार्यक्रम के दौरान 64-हटिया विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या-290 की बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने अपना प्रपत्र भरा। निर्वाचन आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत राज्यभर में बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं और मतदाताओं के विवरण का सत्यापन कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।   निर्वाचन अधिकारियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ)-सह-अपर समाहर्ता धनंजय, उप निर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन तथा बीएलओ वेरोनिका देवी सहित निर्वाचन विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन, त्रुटिरहित और विश्वसनीय बनाना है, जिससे प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सके।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
East Singhbhum SSP Saraikela SP
अपराध पर जीरो टॉलरेंस! हेमंत सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम के SSP और सरायकेला SP को हटाया

रांची। झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। देर रात जारी आदेश में पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (SP) को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने दोनों अधिकारियों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।   वरिष्ठ अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने चाईबासा आयुक्त और रांची के एडीजी को संबंधित क्षेत्र में कैंप कर प्रतिदिन हालात की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा जमशेदपुर के डीआईजी को भी शहर में रहकर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई की लगातार निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं।   जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के लिए जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।   कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों को जवाबदेह बनाते हुए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई को राज्य में पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी यदि किसी जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Hul Diwas
मुख्यमंत्री हेमंत ने हूल दिवस पर संथाल विद्रोह के नायकों को दी श्रद्धांजलि

रांची। हूल दिवस के अवसर पर राजधानी रांची के सिद्धो-कान्हू पार्क में श्रद्धा और सम्मान के साथ अमर क्रांतिकारी सिद्धो-कान्हू को नमन किया गया। सुबह से ही विभिन्न आदिवासी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और हूल क्रांति के अमर शहीदों के बलिदान को याद किया।   राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने  पुष्पांजलि अर्पित की राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सिद्धो-कान्हू पार्क पहुंचकर सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हूल क्रांति जनजातीय अस्मिता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के संघर्ष का प्रतीक है। सिद्धो-कान्हू सहित हूल आंदोलन के सभी अमर बलिदानियों का त्याग और संघर्ष आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने तथा अपने अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। हूल दिवस के मौके पर उपस्थित लोगों ने सिद्धो-कान्हू के संघर्ष को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय गौरव, सामाजिक न्याय और स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी वीरों के योगदान को भी याद किया गया।

anjali kumari जून 30, 2026 0
CM Hemant and kalpana Jonha Falls
पत्नी व विधायक कल्पना सोरेन संग जोन्हा फॉल पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को रांची से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जोन्हा फॉल पहुंचे। इस दौरान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी उनके साथ मौजूद रहीं। हरी-भरी वादियों, घने जंगलों और कल-कल बहती जलधारा के बीच मुख्यमंत्री ने कुछ समय प्रकृति की गोद में बिताया। उन्होंने जोन्हा फॉल की मनमोहक सुंदरता का आनंद लिया, स्थानीय फलों का स्वाद चखा और वहां मौजूद लोगों से आत्मीयता से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रकृति से जुड़ाव और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।   'झारखंड प्रकृति का अनुपम उपहार' जोन्हा फॉल की प्राकृतिक छटा की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां की हरियाली, झरने तथा शांत वातावरण पूरे देश के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि जोन्हा फॉल की निर्मल जलधारा और प्राकृतिक सौंदर्य यह एहसास कराता है कि झारखंड वास्तव में प्रकृति का अनुपम उपहार है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि राज्य की प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनका आनंद ले सकें।   पर्यटकों का स्वागत, मानसून में और बढ़ी जोन्हा फॉल की रौनक मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड का हर कोना अपनी अलग प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है और राज्य आने वाले सभी पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत करता है। उन्होंने लोगों से झारखंड के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने की अपील भी की। रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित जोन्हा फॉल, जिसे गौतमधारा के नाम से भी जाना जाता है, राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। करीब 140 फीट की ऊंचाई से गिरता यह झरना, चारों ओर फैली हरियाली और शांत वातावरण पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है। मानसून के मौसम में इसकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है, जिससे यह झारखंड पर्यटन की प्रमुख पहचान बन जाता है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Hemant Soren
झारखंड में 1,042 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 29 जून को सीएम हेमंत सोरेन देंगे नियुक्ति पत्र

रांची। झारखंड के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 29 जून को राजधानी रांची के खेलगांव में आयोजित समारोह में 1,042 नवनियुक्त सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। दोपहर एक बजे होने वाले इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित अभ्यर्थी शामिल होंगे। सभी जिला स्थापना समितियों ने अपनी अनुशंसाएं प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दी हैं, जिसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।   कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में होगी नियुक्ति इस चरण में कक्षा 1 से 5 तक के लिए 274 सहायक आचार्यों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के लिए 768 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से लंबे समय से रिक्त पड़े पद भरेंगे और सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी।   सामाजिक विज्ञान में सबसे ज्यादा शिक्षक कक्षा 6 से 8 के लिए विषयवार नियुक्तियों में सामाजिक विज्ञान के 387 शिक्षकों की नियुक्ति होगी, जो सबसे अधिक है। इसके अलावा गणित एवं विज्ञान के 231 तथा भाषा विषय के 150 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इससे विद्यालयों में सभी प्रमुख विषयों के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।   पलामू में सबसे अधिक, रामगढ़ में सबसे कम नियुक्तियां जिलावार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 123 शिक्षकों की नियुक्ति पलामू में होगी। इसके बाद गिरिडीह (92), कोडरमा (81), साहिबगंज (63), पश्चिमी सिंहभूम (61), देवघर (59), दुमका (54), गोड्डा (53) और पाकुड़ (51) में नियुक्तियां होंगी। वहीं रामगढ़ में केवल चार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।   26 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में करीब 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। अब तक लगभग 12,500 शिक्षकों को नियुक्ति मिल चुकी है। 29 जून को 1,042 और शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी। शिक्षा विभाग का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से सभी रिक्त पदों को भरकर सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।

abhishek singh जून 26, 2026 0
Jharkhand High Court
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन मामले में FIR रद्द

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना में वर्ष 2014 में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन मामले की प्राथमिकी (FIR) को निरस्त कर दिया। इस फैसले के साथ ही मुख्यमंत्री के खिलाफ इस मामले में चल रही समस्त कानूनी कार्रवाई पर पूरी तरह विराम लग गया है।   क्या था पूरा मामला? यह मामला 2014 के झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान कथित आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा था। आदित्यपुर थाना में कांड संख्या 418/2014 के तहत हेमंत सोरेन के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। उनकी ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर यह दलील दी गई थी कि दर्ज प्राथमिकी और उस पर आधारित कार्रवाई कानून सम्मत नहीं है।   पहले ही ट्रायल पर लग चुकी थी रोक मामले की पूर्व सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निचली अदालत में चल रही ट्रायल प्रक्रिया पर पहले ही रोक लगा दी थी। अंतिम सुनवाई में अदालत ने दोनों पक्षों याचिकाकर्ता हेमंत सोरेन और राज्य सरकार की दलीलें तथा उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन किया। इसके बाद याचिका स्वीकार करते हुए FIR निरस्त करने का आदेश दिया गया।   राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह मामला करीब एक दशक से न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बना हुआ था। अब FIR रद्द होने के बाद इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत और राज्य की राजनीति में अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Digital Mapping Jharkhand
झारखंड के 49 नगर निकायों में शुरू होगी डिजिटल मैपिंग और डेटा प्रोसेसिंग

रांची। झारखंड सरकार राज्य के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत जुडको (JUIDCO) द्वारा संचालित जीआईएस (Geographic Information System) आधारित शहरी प्रबंधन प्रणाली परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य के 49 शहरी स्थानीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।   बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना के पायलट चरण के लिए रांची, धनबाद और गिरिडीह नगर निगमों का चयन किया गया है। इन तीनों शहरों में अत्याधुनिक हवाई LiDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सर्वेक्षण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में डिजिटल मैपिंग, जीआईएस लेयर निर्माण और डेटा प्रोसेसिंग का कार्य जारी है।   सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर परियोजना के तहत जियो-टैगिंग आधारित संपत्ति सर्वेक्षण, शहरी परिसंपत्तियों की विस्तृत मैपिंग, जल निकायों की निगरानी तथा जीआईएस आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से भवनों, सड़कों, स्ट्रीट लाइट, विद्युत पोल, जल स्रोतों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।   अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक के उपयोग से नगर निकायों को शहरी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी को भी मजबूती मिलेगी।   मुख्यमंत्री ने तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जीआईएस आधारित प्रणाली शहरी नियोजन को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी और नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाएगी।   उन्होंने राजस्व सुदृढ़ीकरण, परिसंपत्ति प्रबंधन तथा नागरिक सेवाओं में सुधार के लिए जीआईएस तकनीक के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पायलट परियोजना से प्राप्त अनुभवों और निष्कर्षों का गहन विश्लेषण कर राज्य के अन्य नगर निकायों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।   कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री रहे मौजूद समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव मुकेश कुमार तथा सूडा (SUDA) के निदेशक सूरज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   यह परियोजना झारखंड के शहरी प्रशासन को डिजिटल और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे भविष्य में नागरिकों को बेहतर और अधिक पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Hemant Soren Fathers Day Special
फादर्स डे पर सीएम हेमंत का भावुक संदेश-पिता संघर्ष और संस्कार की पाठशाला

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फादर्स डे पर भावुक संदेश पोस्ट किया। सीएम ने अपने पिता और झारखंड आंदोलनकारी दिशोम गुरु स्व शिबू सोरेन को याद करते लिखा कि उनके पिता ने उन्हें सिर्फ मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का स्वाभिमान बताया है। जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत मुख्यमंत्री ने लिखा कि पिता केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस, संकल्प और संस्कार की ऐसी पाठशाला हैं, जहां जीवन जीने का सबसे बड़ा ज्ञान मिलता है। उन्होंने कहा कि बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने हमेशा सिखाया कि जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत होती है और अपने राज्य व लोगों के अधिकारों के लिए हर परिस्थिति में डटकर खड़ा रहना ही सच्ची जनसेवा है। भावुक कविता साझा की हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में एक भावुक कविता भी साझा की, जिसमें उन्होंने अपने पिता को तपती धूप में बरगद जैसी छाया, संघर्ष की राह में अटूट हौसला और समाज का स्वाभिमान बताया।   संघर्ष, त्याग, विचार और आशीर्वाद से ही उन्हें जनसेवा का मार्ग मिला सीएम ने अपने पोस्ट में एक खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली कविता भी साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा है- “तपती धूप में बरगद-सी छाया हैं बाबा, संघर्ष की राह में अटूट हौसला हैं बाबा। हमारी सोच, हमारे संस्कार, हमारी पहचान हैं बाबा, एक पिता ही नहीं, पूरे समाज का स्वाभिमान हैं बाबा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिता के संघर्ष, त्याग, विचार और आशीर्वाद से ही उन्हें जनसेवा का मार्ग मिला। फादर्स डे पर किया गया यह भावनात्मक पोस्ट लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इसे साझा कर रहे हैं।

abhishek singh जून 22, 2026 0
Saryu Roy Hemant Soren
झारखंडः हेमंत को सरयू राय के ऑफर पर भड़की कांग्रेस

रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव के बाद से ही सियासी हलचल जारी है। जदयू विधायक सरयू राय की ओर से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ये सुझाव दिया गया कि वो कांग्रेस से नाता तोड़ लें। सरयू राय का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा के बिना भी राज्य में गठबंधन की सरकार आराम से चल सकती है। जेएमएम के 34, राजद के 4, भाकपा-माले के 2 विधायकों को मिलाकर संख्या 40 तक पहुंच जाएगी। इसके अलावा जदयू और जेएलकेएम के एक विधायक के समर्थन से ये आंकड़ा 42 तक पहुंच जाएगा, जो बहुमत से लिए पर्याप्त है।   सरयू राय ने क्या अमित शाह से अनुमति ली है? जदयू विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय के इस सुझाव के बाद जेएमएम की ओर से तो कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस की ओर से सरयू राय के सुझाव के बयान पर कड़ा पलटवार किया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के महासचिव और मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि झारखंड में सरकार बनाने का जो फॉर्मूला सरयू राय दे रहे हैं, क्या उसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुमति ले ली है? झारखंड में बीजेपी का मंसूबा सफल नहीं होगा-कांग्रेस... कांग्रेस महासचिव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के बाद भाजपा और एनडीए नेताओं की सत्तालोलुपता भी साफ देखी जा सकती है, लेकिन वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में झारखंड की जनता ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने का जनादेश दिया था और आने वाले समय में भी बीजेपी का नापाक मंसूबा झारखंड में सफल नहीं होगा। सरयू राय को क्या पूरे एनडीए का समर्थन है? लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि सरयू राय को सबसे पहले जनता को यह बताना चाहिए कि वे किस गठबंधन और किस पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर आए हैं। उन्होंने कहा कि वे जिस समर्थन की बात कर रहे हैं, क्या उनके साथ पूरा एनडीए गठबंधन भी इस ओर कदम बढ़ा रहा है, या फिर यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत कल्पना मात्र है? लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि विपक्ष चाहे जितने हथकंडे अपना ले, चुनी हुई सरकार को गिराने की उनकी मंशा कभी कामयाब नहीं होगी। सरयू राय के फॉर्मूला की कोई विश्वसनीयता नहीं... कांग्रेस महासचिव ने कहा कि राजनीति में नए साथियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन क्या इंडी गठबंधन के अन्य घटक दल राजद और भाकपा-माले भी इस बात से सहमत हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रहा है। लाल किशोर नाथ शाहदेव ने साफ तौर पर कहा कि सरयू राय जो फॉर्मूला पेश कर रहे हैं, उसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।

abhishek singh जून 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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