India Seychelles Relations

Prime Minister Narendra Modi performing Ganesh Puja at Arul Mihu Navasakthi Vinayagar Temple in Victoria, Seychelles with traditional rituals and priest chanting mantras.
हाथ जोड़कर गणपति के दरबार पहुंचे पीएम मोदी, सेशेल्स के प्रसिद्ध विनयगर मंदिर में की पूजा; सामने आया वीडियो

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान राजधानी विक्टोरिया स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनयगर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान का वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री पूरे श्रद्धाभाव के साथ मंदिर में पूजा करते नजर आ रहे हैं। यह मंदिर सेशेल्स का एकमात्र तमिल हिंदू मंदिर माना जाता है और भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा ने भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी नई मजबूती दी है। पूरे विधि-विधान से की गणपति की पूजा डीडी न्यूज द्वारा साझा किए गए वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर में प्रवेश करते ही भगवान गणेश के समक्ष नतमस्तक होते दिखाई देते हैं। उनके हाथ में पूजा सामग्री से भरी टोकरी भी नजर आती है। मंदिर के पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री से पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार पूजा करवाई। पूजा के बाद आरती की गई, जिसे प्रधानमंत्री ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया और भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया। सेशेल्स का प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल राजधानी विक्टोरिया में स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनयगर मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है। अपनी आकर्षक द्रविड़ शैली की वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ भारतीय मूल के समुदाय के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर सेशेल्स में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जीवंत पहचान माना जाता है। भारत-सेशेल्स के सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी की मंदिर यात्रा को भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही यह यात्रा केवल रणनीतिक और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत को भी रेखांकित करती है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मंदिर में पूजा-अर्चना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा करते और भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
Indian men's hockey team celebrates after defeating England in a penalty shootout during the FIH Pro League.
क्रिकेट में निराशा, हॉकी में शानदार जीत! एफआईएच प्रो लीग के आखिरी मैच में भारत ने इंग्लैंड को शूटआउट में हराया

नई दिल्ली: एक ओर क्रिकेट में भारतीय टीम को हालिया मुकाबलों में निराशा मिली, वहीं दूसरी ओर भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफआईएच प्रो लीग के अपने आखिरी मैच में इंग्लैंड को रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर जीत के साथ अभियान का समापन किया। निर्धारित 60 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला 0-0 से बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद शूटआउट में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम कर ली। गोलकीपरों और डिफेंस ने बचाई टीम मैच की शुरुआत से ही इंग्लैंड ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआती मिनटों में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया। हालांकि भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने शानदार बचाव करते हुए मेजबान टीम को बढ़त लेने से रोक दिया। पहले क्वार्टर में भारत को भी गोल करने का मौका मिला, लेकिन अभिषेक उसे भुना नहीं सके। पहले 15 मिनट का खेल गोलरहित रहा। हाफ टाइम तक दोनों टीमें बराबरी पर दूसरे क्वार्टर में इंग्लैंड लगातार भारतीय सर्कल में दबाव बनाता रहा, लेकिन भारतीय डिफेंस मजबूती से खड़ा रहा। दूसरी ओर भारत ने भी जवाबी हमले किए। जरमनप्रीत सिंह का दमदार प्रयास इंग्लैंड के गोलकीपर ने शानदार बचाव के साथ रोक दिया। हाफ टाइम तक दोनों टीमों का स्कोर 0-0 रहा। तीसरे क्वार्टर में बढ़ा रोमांच तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने ज्यादा आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान हार्दिक सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए मंदीप सिंह के लिए मौका तैयार किया, लेकिन गोल नहीं हो सका। इसके बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम बढ़त हासिल नहीं कर पाई। इसी दौरान इंग्लैंड को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारत ने वीडियो रेफरल लिया। रिप्ले में भारतीय खिलाड़ी का टैकल सही पाया गया, जिसके बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया। यह मैच का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अंतिम क्वार्टर में भी नहीं टूटा गतिरोध आखिरी क्वार्टर में दोनों टीमों ने लगातार हमले किए, लेकिन दोनों गोलकीपरों और डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने भी कई महत्वपूर्ण बचाव किए। भारत और इंग्लैंड दोनों को पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। शूटआउट में भारत ने मारी बाजी निर्धारित समय के बाद मुकाबला शूटआउट में पहुंचा, जहां भारत ने 3-2 से जीत दर्ज की। भारत की ओर से शूटआउट में गोल करने वाले खिलाड़ी रहे— अभिषेक शिलानंद लाकड़ा हार्दिक सिंह भारतीय डिफेंस के अहम खिलाड़ी संजय को पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। विश्व कप से पहले बढ़ा आत्मविश्वास एफआईएच प्रो लीग का यह मुकाबला आगामी हॉकी विश्व कप से पहले भारतीय टीम का आखिरी मैच था। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबाव में हासिल की गई यह जीत टीम के आत्मविश्वास को निश्चित रूप से मजबूती देगी।  

surbhi जून 29, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi and Seychelles President Dr. Patrick Herminie address a joint press conference in Victoria after bilateral talks.
सेशेल्स से पीएम मोदी का बड़ा संदेश: हिंद महासागर की सुरक्षा के साथ आर्थिक समृद्धि भी हमारी प्राथमिकता

  विक्टोरिया (सेशेल्स): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सेशेल्स दौरे के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, आर्थिक विकास और रणनीतिक साझेदारी को लेकर बड़ा संदेश दिया। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों का साझा घर है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा समृद्धि सुनिश्चित करना भारत और सेशेल्स की साझा जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक प्रगति, ब्लू इकोनॉमी और क्षेत्रीय सहयोग को भी समान प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि यही सोच भारत के 'महासागर (MAHASAGAR) विजन' का आधार है। सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी सेशेल्स सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों में शामिल 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' (Guardian of the Blue Horizon) से सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने इसे भारत के 1.4 अरब नागरिकों का सम्मान बताते हुए कहा कि वह इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष पूरे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे कर रहा है और भारत-सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की भी स्वर्ण जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में दोनों देशों के रिश्ते भरोसे, साझेदारी और जन-कल्याण पर आधारित मजबूत संबंधों में बदल गए हैं। सदियों से हिंद महासागर ने दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत किया है। सेशेल्स में लागू होगा भारत का UPI तकनीकी सहयोग को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि अब सेशेल्स में भी भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लागू किया जाएगा। इसके लिए दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी और भुगतान प्रणाली को मजबूत करने से व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही पूर्वी अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र के साथ संपर्क और सहयोग भी बढ़ेगा। भारत की मदद से बनेगा नया राष्ट्रीय अस्पताल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारत के सहयोग से सेशेल्स में नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण की दिशा में भी सहमति बनी है। इसके अलावा तीन सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम का उद्घाटन किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने भारत को संकट के समय हमेशा साथ खड़े रहने वाला विश्वसनीय मित्र बताया। उन्होंने भारत के सहयोग से बने प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर को देश के युवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे उन्हें विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि नई साझेदारियों के माध्यम से विदेश सेवा, स्वास्थ्य, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और प्रत्यर्पण जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा। प्रमुख समझौते सेशेल्स में भारत के UPI सिस्टम को लागू करने पर सहमति। भारत के सहयोग से नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण का फैसला। तीन सोलर वॉटर पंपिंग परियोजनाओं का उद्घाटन। समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति। अंतरिक्ष, कृषि, स्वास्थ्य और प्रत्यर्पण संधि सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर। डिजिटल कनेक्टिविटी और आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर। भारत और सेशेल्स के बीच हुए ये समझौते हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi receiving Seychelles' highest civilian honour, the Guardian of the Blue Horizon, during an official ceremony in Victoria.
पीएम मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से हुए सम्मानित; मिला 34वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

  नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' (Guardian of the Blue Horizon) से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और टिकाऊ विकास (Sustainable Development) के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। इसके साथ ही किसी भी विदेशी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया यह 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान बन गया है। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल अपनी उपलब्धि नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझ रहे छोटे द्वीपीय और विकासशील देशों को समर्पित बताया। जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे देशों को समर्पित किया सम्मान सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान उन सभी देशों के नाम है, जो जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास वैश्विक प्राथमिकता होनी चाहिए तथा इस दिशा में सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। पर्यावरण और ग्रीन डेवलपमेंट के लिए मिला सम्मान सेशेल्स सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान पर्यावरण-अनुकूल विकास, समुद्री संरक्षण, जलवायु न्याय और ग्रीन ग्रोथ को बढ़ावा देने में उनके नेतृत्व को देखते हुए प्रदान किया है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance), अक्षय ऊर्जा, हरित विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई वैश्विक पहल शुरू की हैं। इन्हीं प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सराहना मिलती रही है। 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान सेशेल्स का यह सर्वोच्च सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी भी विदेशी देश द्वारा दिया गया 34वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है। इससे पहले भी उन्हें विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें कृषि सुधार, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित 'एग्रीकोला मेडल' (Agricola Medal) से सम्मानित किया था। पहले भी मिल चुके हैं कई वैश्विक सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को वर्ष 2018 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' (Champions of the Earth) पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी वर्ष उन्हें 'सियोल शांति पुरस्कार' (Seoul Peace Prize) भी प्रदान किया गया था। यह सम्मान वैश्विक आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया था। भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई मजबूती प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान दोनों देशों के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका का भी प्रतीक है।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi addresses the Parliament of Seychelles during his official visit, highlighting India-Seychelles partnership and maritime cooperation
PM Modi in Seychelles: संसद में बोले पीएम मोदी- ग्लोबल साउथ के लिए साथ मिलकर करेंगे काम, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री सुरक्षा पर दिया जोर

  नई दिल्ली/विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल साउथ के हितों, जलवायु न्याय, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास के साझा विजन पर आधारित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव उन देशों पर पड़ रहा है, जिनका वैश्विक उत्सर्जन में सबसे कम योगदान रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलवायु कार्रवाई न्याय, जिम्मेदारी और समानता के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए। छोटे द्वीपीय देशों की आवाज बनेगा भारत पीएम मोदी ने कहा कि भारत विकासशील और छोटे द्वीपीय देशों (SIDS) की चिंताओं को वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स समावेशी विकास तथा ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की साझा चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। 'हिंद महासागर हमें जोड़ता है' प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स के बीच दूरी नहीं, बल्कि मजबूत संबंधों का माध्यम है। उन्होंने सेशेल्स को केवल एक छोटा द्वीपीय राष्ट्र नहीं, बल्कि विशाल समुद्री क्षेत्र वाला महत्वपूर्ण समुद्री देश बताया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। ब्लू इकोनॉमी और समुद्री सहयोग पर जोर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ब्लू इकोनॉमी को भविष्य की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स समुद्री सुरक्षा, हाइड्रोग्राफी, क्षमता निर्माण, समुद्री निगरानी और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का 'महासागर विजन' हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डिजिटल परिवर्तन में भारत करेगा सहयोग प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के डिजिटल मॉडल ने सुशासन, वित्तीय समावेशन और सरकारी सेवाओं की पहुंच को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि यदि सेशेल्स अपने डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाना चाहता है तो भारत अपने अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता और डिजिटल समाधान साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 50 वर्षों की दोस्ती का किया उल्लेख प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सेशेल्स की स्वतंत्रता के समय भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि वहां मौजूद था और आज स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तरकश और आईएनएस इक्षक भी सेशेल्स पहुंचे हैं। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे विश्वास और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक बताया। 'भारत हमेशा रहेगा भरोसेमंद साझेदार' अपने संबोधन के समापन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हर परिस्थिति में सेशेल्स का विश्वसनीय मित्र और विकास साझेदार बना रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, सतत विकास और ग्लोबल साउथ के हितों की रक्षा के लिए भविष्य में भी साथ मिलकर काम करते रहेंगे।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi departs for a three-day official visit to Seychelles to attend the island nation's 50th National Day celebrations and hold high-level bilateral meetings.
प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल बाद दूसरा दौरा; राष्ट्रीय दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि

  नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सेशेल्स के लिए रवाना हो गए। 27 से 29 जून तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वह सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री की यह पिछले 11 वर्षों में सेशेल्स की दूसरी यात्रा है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2015 में इस हिंद महासागर द्वीपीय देश का दौरा किया था। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारी और समुद्री सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय दिवस परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी के साथ भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। राष्ट्रपति से द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर होगी चर्चा प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय संबंधों, हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग और विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री सेशेल्स की संसद को संबोधित करेगा। प्रधानमंत्री वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे। सेशेल्स की लगभग 1.35 लाख की आबादी में करीब 12 हजार लोग भारतीय मूल के हैं, जो कुल आबादी का लगभग 8 से 9 प्रतिशत हिस्सा हैं। भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष पूरे रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने का अवसर होगा। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और सतत विकास के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को संबोधित करना उनके लिए सम्मान की बात होगी और यह दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संसदीय परंपराओं का प्रतीक है। हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस भारत के लिए सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेशेल्स भारत के 'विजन महासागर (MAHASAGAR)' का प्रमुख सहयोगी है और दोनों देश समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, आपदा प्रबंधन तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान समुद्री निगरानी, रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश और विकास परियोजनाओं पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। 2015 के दौरे में मजबूत हुए थे रक्षा संबंध प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मार्च 2015 में सेशेल्स का दौरा किया था। उस समय भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की थी, जिससे उसकी तटीय सुरक्षा और समुद्री निगरानी क्षमता मजबूत हुई। इसी यात्रा के दौरान भारत की सहायता से विकसित तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का भी उद्घाटन किया गया था। यह परियोजना हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और जहाजों की निगरानी बढ़ाने की भारत की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जाती है। इंदिरा गांधी के बाद मोदी का दूसरा ऐतिहासिक दौरा सेशेल्स की यात्रा करने वाली पहली भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं, जिन्होंने 1976 में देश की स्वतंत्रता के बाद वहां का दौरा किया था और 1981 में दोबारा सेशेल्स गई थीं। इसके बाद करीब 34 वर्षों तक किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस द्वीपीय राष्ट्र की यात्रा नहीं की। वर्ष 2015 में नरेंद्र मोदी ने इस सिलसिले को आगे बढ़ाया और अब 2026 का यह दौरा भारत-सेशेल्स संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सामरिक सहयोग के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।  

Deepshikha जून 27, 2026 0
Narendra Modi Seychelles visit
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे पर रवाना, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर होगी अहम चर्चा

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 27 से 29 जून तक चलने वाली अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस (National Day) के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि (Guest of Honour) के रूप में शामिल होंगे। यह वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है।   राष्ट्रपति से करेंगे द्विपक्षीय वार्ता   दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ शिखर वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ब्लू इकोनॉमी, व्यापार, विकास परियोजनाओं और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।   हिंद महासागर क्षेत्र पर रहेगा फोकस   प्रधानमंत्री मोदी ने रवाना होने से पहले कहा कि सेशेल्स भारत के 'विजन MAHASAGAR' का एक प्रमुख साझेदार है। इस यात्रा का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देना तथा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है।   भारतीय रक्षा बल भी होंगे शामिल   राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।   11 साल बाद सेशेल्स पहुंचेंगे पीएम मोदी   प्रधानमंत्री मोदी की यह 2015 के बाद पहली सेशेल्स यात्रा है। इस दौरान वह भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर देंगे।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi to visit Seychelles for a three-day state visit and attend the National Day Golden Jubilee celebrations.
PM Modi Seychelles Visit: 27 जून से सेशेल्स दौरे पर रहेंगे प्रधानमंत्री मोदी, हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और विकास सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर होगा दौरा विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर करेंगे। अपने प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के संबंधों की समीक्षा की जाएगी और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में होंगे शामिल प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के 50वें वर्ष के समारोह में विशेष अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी समारोह में भाग लेंगे, जो दोनों देशों के रक्षा सहयोग और मजबूत रणनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। संसद को करेंगे संबोधित, भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की संसद को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वह वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संबंधों को मजबूत करने पर जोर देंगे। भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगी नई मजबूती विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई दिशा देगा। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, विकास परियोजनाओं और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान रहेगा। हिंद महासागर में भारत का अहम साझेदार है सेशेल्स सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार है। भारत की 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति, समुद्री सुरक्षा रणनीति और ग्लोबल साउथ देशों के साथ सहयोग बढ़ाने में सेशेल्स की अहम भूमिका मानी जाती है। यही वजह है कि इस यात्रा को क्षेत्रीय रणनीति और हिंद महासागर में भारत की बढ़ती भूमिका के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2015 के बाद प्रधानमंत्री मोदी की पहली सेशेल्स यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले वर्ष 2015 में सेशेल्स की यात्रा पर गए थे। लगभग एक दशक बाद हो रही यह यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और समुद्री सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

Deepshikha जून 26, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0