India vs England

India and England players during the 2nd ODI at Edgbaston before the crucial three-match ODI series clash.
IND vs ENG 2nd ODI Live: भारत-इंग्लैंड दूसरा वनडे फ्री में कब, कहां और कैसे देखें? जानें मैच टाइम, लाइव टेलीकास्ट और फ्री स्ट्रीमिंग की पूरी जानकारी

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला गुरुवार, 16 जुलाई को खेला जाएगा। पहले मैच में जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम की नजर इस मुकाबले को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर होगी। वहीं मेजबान इंग्लैंड वापसी करते हुए सीरीज को 1-1 से बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दूसरे वनडे को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। भारतीय टीम के लिए कप्तान शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली से बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी, जबकि इंग्लैंड की कप्तानी कर रहे हैरी ब्रूक अपनी टीम को घरेलू परिस्थितियों का फायदा दिलाने की कोशिश करेंगे। कब खेला जाएगा दूसरा वनडे? भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा वनडे मुकाबला 16 जुलाई (गुरुवार) को खेला जाएगा। कहां खेला जाएगा मैच? यह मुकाबला एजबेस्टन, बर्मिंघम में आयोजित होगा। मैच कितने बजे शुरू होगा? टॉस: भारतीय समयानुसार शाम 5:00 बजे मैच शुरू: भारतीय समयानुसार 5:30 बजे टीवी पर लाइव टेलीकास्ट कहां देखें? भारत और इंग्लैंड के दूसरे वनडे मैच का सीधा प्रसारण निम्नलिखित चैनलों पर देखा जा सकता है— Sony Sports Ten 1 Sony Sports Ten 1 HD Sony Sports Ten 3 Sony Sports Ten 4 ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग कहां देखें? यदि आप मोबाइल, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी पर मैच देखना चाहते हैं, तो इसकी लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा क्रिकेट फैंस JioHotstar पर भी मुकाबले का आनंद ले सकते हैं। फ्री में कैसे देखें मैच? अगर आपके पास Sony LIV या JioHotstar का सब्सक्रिप्शन नहीं है, तब भी आप यह मुकाबला मुफ्त में देख सकते हैं। भारत और इंग्लैंड के दूसरे वनडे का लाइव प्रसारण DD Sports चैनल पर उपलब्ध रहेगा। इसके लिए किसी अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता नहीं होगी। भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव। इंग्लैंड टीम हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर (विकेटकीपर), जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट और जोश टंग। सीरीज के लिहाज से यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। जहां भारत जीत के साथ ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड के लिए सीरीज बचाने की चुनौती होगी। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक मुकाबला देखने की पूरी उम्मीद है।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Shubman Gill plays a fluent shot during an ODI innings as he continues his remarkable run-scoring form for India.
प्रिंस से किंग बनने की राह पर शुभमन गिल, ODI में लगातार बरस रहे रन; औसत में विराट कोहली को भी छोड़ा पीछे

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में हर दौर में एक ऐसा बल्लेबाज उभरकर सामने आया है जिसने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई। सुनील गावस्कर से शुरू हुई यह विरासत सचिन तेंदुलकर तक पहुंची और फिर विराट कोहली ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब जब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय क्रिकेट का अगला 'किंग' कौन होगा? मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस सवाल का सबसे मजबूत जवाब शुभमन गिल के रूप में सामने आ रहा है। भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे शुभमन गिल इन दिनों अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ लय में नजर आ रहे हैं। खासकर वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला पिछले सात महीनों से लगातार रन उगल रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 80 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के भी सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं। सात महीने से वनडे में शानदार फॉर्म शुभमन गिल ने साल 2026 की शुरुआत से ही वनडे क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो मैचों में उन्होंने लगातार 56-56 रन बनाए। तीसरे मुकाबले में 18 गेंदों पर 23 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में 84 रन बनाए, जबकि दूसरे मुकाबले में 154 रन की शानदार पारी खेलकर अपने करियर का दूसरा सबसे बड़ा वनडे स्कोर दर्ज किया। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी उन्होंने 75 गेंदों में 80 रन बनाकर भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। उनकी पिछली छह वनडे पारियों में पांच अर्धशतक इस बात का प्रमाण हैं कि फिलहाल उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए आसान नहीं है। इंग्लैंड के खिलाफ खेली मैच जिताऊ पारी बर्मिंघम में खेले गए पहले वनडे में भारत को 259 रन का लक्ष्य मिला था। कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। श्रेयस अय्यर (35) और केएल राहुल (1) भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। ऐसे मुश्किल समय में शुभमन गिल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 80 रन बनाए। हालांकि हैमस्ट्रिंग और ग्रॉइन में परेशानी के कारण उन्हें बीच में मैदान छोड़ना पड़ा, लेकिन तब तक वह भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। बाद में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल की अहम पारियों ने टीम इंडिया को जीत दिलाई। यदि गिल शुरुआती दबाव को संभालकर यह पारी नहीं खेलते तो मुकाबले का नतीजा भारत के पक्ष में आना मुश्किल हो सकता था। औसत के मामले में विराट कोहली से भी आगे वनडे क्रिकेट में कम से कम 3000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शुभमन गिल अब सबसे अधिक बल्लेबाजी औसत वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 65 वनडे मैचों में 3271 रन 60 से अधिक की औसत से बनाए हैं। वहीं विराट कोहली 58.50 की औसत के साथ 14,802 रन बनाकर दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि विराट कोहली के नाम अनुभव, रिकॉर्ड और बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन जैसी कई उपलब्धियां हैं, लेकिन शुरुआती करियर में जिस तरह शुभमन गिल लगातार रन बना रहे हैं, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया है। अगर गिल इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक नया 'किंग' मिल सकता है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Jasprit Bumrah celebrates after taking his 150th ODI wicket during India's match against England.
5 भारतीय गेंदबाज जिन्होंने सबसे कम गेंदों में पूरे किए वनडे के 150 विकेट, बुमराह ने बनाई खास जगह

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक का विकेट लेकर वनडे क्रिकेट में अपने 150 विकेट पूरे कर लिए। इस मैच में भले ही बुमराह को सिर्फ एक विकेट मिला, लेकिन उनकी सटीक गेंदबाजी ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। उन्होंने अपने 9 ओवर के स्पेल में केवल 31 रन खर्च किए। इस उपलब्धि के साथ बुमराह अब भारत की ओर से सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए हैं। सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज 1. मोहम्मद शमी – 4070 गेंदें भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इस सूची में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने साल 2022 में अपने करियर के 80वें वनडे मैच के दौरान सिर्फ 4070 गेंदों में 150 विकेट पूरे कर इतिहास रच दिया। उनकी लगातार विकेट लेने की क्षमता उन्हें भारत के सबसे घातक वनडे गेंदबाजों में शामिल करती है। 2. कुलदीप यादव – 4513 गेंदें चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने 2023 में 4513 गेंदों में अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए। 2017 में डेब्यू करने वाले कुलदीप भारत के लिए वनडे में दो हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज भी हैं। उनकी विविधता और टर्न ने कई मैचों में भारत को जीत दिलाई है। 3. जसप्रीत बुमराह – 4605 गेंदें जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने 91वें वनडे मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 4605 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए। चोटों के कारण कुछ समय क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद बुमराह ने अपनी घातक गेंदबाजी से लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अब इस प्रतिष्ठित सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। 4. अजीत अगरकर – 5027 गेंदें पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और मौजूदा टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर लंबे समय तक इस रिकॉर्ड के मालिक रहे। उन्होंने अपने 97वें वनडे मैच में 5027 गेंदों पर 150 विकेट पूरे किए थे। अपनी तेज गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी के लिए भी अगरकर जाने जाते थे। 5. इरफान पठान – 5131 गेंदें पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले गए मुकाबले के दौरान 5131 गेंदों में अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए थे। स्विंग गेंदबाजी के दम पर उन्होंने शुरुआती वर्षों में भारत को कई यादगार जीत दिलाईं। सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज रैंक गेंदबाज गेंदें 1 मोहम्मद शमी 4070 2 कुलदीप यादव 4513 3 जसप्रीत बुमराह 4605 4 अजीत अगरकर 5027 5 इरफान पठान 5131

surbhi जुलाई 15, 2026 0
U.S. military aircraft and naval forces deployed amid rising tensions between the United States and Iran, with new airstrikes and a renewed naval blockade reported in the region.
ईरान पर अमेरिका का फिर हमला, समुद्री नाकेबंदी बहाल; ट्रंप बोले- अब पावर प्लांट भी होंगे निशाने पर

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर नए हवाई हमले किए हैं, जबकि समुद्री नाकेबंदी (नेवल ब्लॉकेड) भी दोबारा लागू कर दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आया, तो अमेरिका अपने सैन्य अभियान को और तेज करेगा तथा पावर प्लांट और पुल जैसे अहम ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ पिछले महीने हुए समझौते के तहत हटाई गई समुद्री नाकेबंदी अब फिर से लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। ट्रंप ने कहा कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा, लेकिन अगर हालात नहीं बदले तो अगले चरण में पावर प्लांट और उसके बाद महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर नया हवाई हमला किया गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना था, जिनका इस्तेमाल ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के लिए कर सकता है। समुद्री नाकेबंदी फिर लागू अमेरिकी सेना ने बताया कि 14 जुलाई की शाम से ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की ओर आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी गई है। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत यह प्रतिबंध हटा लिया गया था। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियां मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी भी मजबूत कर दी है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, क्षेत्र में 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात हैं, जो किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हैं। समझौते पर मंडराया संकट पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से कुछ कदम उठाए गए थे, लेकिन हालिया सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी की बहाली के बाद दोनों देशों के बीच बना सीमित विश्वास भी कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।  

Deepshikha जुलाई 15, 2026 0
Kriti Sanon and Kabir Bahia spotted together at Edgbaston Stadium during the India vs England cricket match in Birmingham.
Kriti Sanon और Kabir Bahia फिर आए साथ नजर, बर्मिंघम में India vs England मैच देखते हुए सेल्फी वायरल; ब्रेकअप की अफवाहों पर लगा विराम?

Kriti Sanon Kabir Bahia News: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह इंग्लैंड के एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम, बर्मिंघम में भारत बनाम इंग्लैंड मैच का आनंद लेते हुए नजर आईं। खास बात यह रही कि उनके साथ कथित बॉयफ्रेंड कबीर बाहिया भी मौजूद थे। दोनों की साथ में ली गई एक सेल्फी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालांकि दोनों ने अब तक अपने रिश्ते को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है, लेकिन उनकी हालिया तस्वीरों ने एक बार फिर डेटिंग की चर्चाओं को हवा दे दी है। बर्मिंघम में साथ दिखे कृति और कबीर कबीर बाहिया ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम से एक ग्रुप सेल्फी साझा की, जिसमें कृति सेनन और उनके कुछ दोस्त भी नजर आए। तस्वीर में दोनों मुस्कुराते हुए कैमरे के लिए पोज देते दिखाई दिए। इस मौके पर कृति ने ग्रीन टॉप और व्हाइट पैंट पहनी थी, जबकि कबीर व्हाइट टी-शर्ट और ब्राउन लेदर जैकेट में नजर आए। दोनों का कैजुअल लुक सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। ब्रेकअप की अफवाहों के बीच आई नई तस्वीर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कृति सेनन और कबीर बाहिया का रिश्ता खत्म हो गया है। इन चर्चाओं को तब और बल मिला जब कबीर की एक अन्य महिला के साथ तस्वीर वायरल हुई थी। हालांकि, हालिया तस्वीरों और सार्वजनिक मौजूदगी ने इन अफवाहों को फिर से चर्चा का विषय बना दिया है। इससे पहले भी कृति ने अपने जून फोटो डंप में कबीर के साथ एक तस्वीर साझा की थी, जिसे कई लोगों ने रिश्ते का संकेत माना था। लंबे समय से जुड़ रहा है दोनों का नाम कृति सेनन और कबीर बाहिया के रिश्ते की चर्चा तब तेज हुई थी जब दोनों को कृति की बहन नूपुर सेनन और गायक स्टेबिन बेन की शादी के समारोहों में साथ देखा गया। इसके बाद दोनों की कई तस्वीरें और छुट्टियों की झलकियां भी सोशल मीडिया पर सामने आईं। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और निजी जिंदगी को लेकर हमेशा चुप्पी बनाए रखी है। वर्क फ्रंट पर चमक रहीं कृति सेनन पेशेवर मोर्चे पर कृति सेनन अपनी हालिया फिल्म 'Cocktail 2' की सफलता का आनंद ले रही हैं। फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और बॉक्स ऑफिस पर भी इसका प्रदर्शन सकारात्मक बताया जा रहा है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
India vs England
इंग्लैंड के खिलाफ विराट की वापसी, रिकॉर्ड्स की बरसात करने को तैयार किंग कोहली

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली करीब छह महीने बाद एक बार फिर वनडे क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। 14 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज उनके लिए सिर्फ वापसी का मंच नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का बड़ा अवसर भी होगी। चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर रहे थे, जबकि उन्होंने अपना आखिरी वनडे जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।   15 हजार वनडे रन का ऐतिहासिक मुकाम करीब विराट कोहली ने अब तक 311 वनडे मैचों की 299 पारियों में 14,797 रन बनाए हैं। 15,000 वनडे रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 203 रन की जरूरत है। यदि वह इंग्लैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन बनाने वाले दुनिया के दूसरे और भारत के दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। इस सूची में सबसे ऊपर सचिन तेंदुलकर का नाम है।   सबसे तेज 15 हजार रन बनाने का भी मौका इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे कोहली के करियर की 300वीं वनडे पारी होगी। यदि वह इस सीरीज में 203 रन बना लेते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं। सचिन ने 15 हजार वनडे रन तक पहुंचने के लिए 359 पारियां खेली थीं, जबकि विराट के पास यह उपलब्धि सिर्फ 300वीं पारी के आसपास हासिल करने का मौका है। ऐसा होने पर वह वनडे इतिहास में सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।   वनडे में शानदार रिकॉर्ड साल 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले विराट कोहली का वनडे करियर बेहद शानदार रहा है। उनका औसत 58.71 और स्ट्राइक रेट 90 से अधिक है। अब तक वे 54 शतक और 77 अर्धशतक लगा चुके हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन है।   टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कोहली अब पूरी तरह वनडे क्रिकेट और अगले साल होने वाले विश्व कप पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए नई शुरुआत के साथ-साथ इतिहास रचने का भी सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0
US military aircraft and naval assets operating in the Middle East as tensions escalate following reported strikes on Iranian military targets.
खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के बाद अमेरिका का बड़ा सैन्य अभियान, 140 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का दावा

US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और समुद्री गतिविधियों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य अभियान का एक अहम चरण पूरा करने का दावा किया है. अमेरिकी सेना के अनुसार, ताजा कार्रवाई में ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें वायु रक्षा प्रणाली, रडार, मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग साइट्स समेत कई रणनीतिक ठिकाने शामिल हैं. अमेरिका का दावा- 140 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस अभियान में पहली बार लड़ाकू विमान, युद्धपोत, हवाई ड्रोन और नौसैनिक ड्रोन का संयुक्त रूप से इस्तेमाल किया गया. सेना के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग साइट, गोला-बारूद के भंडार, संचार केंद्र और छोटे सैन्य जहाजों को निशाना बनाया गया. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका का बयान अमेरिका ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं है और यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि वह इस जलमार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित और खुला बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. कंटेनर जहाज पर हमले के बाद बढ़ा तनाव रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान ने भी पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की. पांच देशों तक पहुंचा हमलों का असर ईरान के जवाबी हमलों का प्रभाव बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान तक देखा गया. बहरीन में सोमवार तड़के मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए. हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. ईरान के सरकारी मीडिया ने भी देश के कई हिस्सों में हुए ताजा हमलों की पुष्टि की है. रिपोर्टों के मुताबिक, कई स्थानों पर विस्फोट हुए हैं और कम से कम एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी सामने आई है. ट्रंप बोले- बड़े पैमाने पर की गई बमबारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है. वहीं ईरान ने दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका अधिकार है और वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार भी उसी के पास होना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र ने दी चेतावनी बढ़ते सैन्य तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यदि संघर्ष बड़े पैमाने पर युद्ध में बदलता है तो इसके गंभीर और विनाशकारी परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है. तनाव कम कराने की कोशिशें जारी इस बीच पाकिस्तान, कतर और मिस्र सहित कई देश दोनों पक्षों के बीच तनाव कम कराने और स्थायी समाधान निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए हैं. हालांकि फिलहाल क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस संघर्ष पर टिकी हुई है.  

Deepshikha जुलाई 13, 2026 0
India head coach Gautam Gambhir watches as Team India struggles during the England T20 tour after a series of defeats.
इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया की करारी हार के बाद सवालों में गौतम गंभीर, रणनीति और टीम चयन पर उठे बड़े सवाल

इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टी20 टीम का निराशाजनक प्रदर्शन अब टीम प्रबंधन और मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर बहस का विषय बन गया है। लगातार खराब नतीजों के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने टीम की रणनीति, खिलाड़ियों की भूमिका और मैच परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। भारत को इस दौरे पर छह मुकाबलों में पांच हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में टीम पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई और निर्णायक मुकाबलों में एकतरफा हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड में नहीं चला भारत का खेल दौरे की शुरुआत आयरलैंड के खिलाफ हार से हुई। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं। ट्रेंट ब्रिज में भारत मात्र 76 रन पर सिमट गया, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसका दूसरा सबसे कम स्कोर है। इसके बाद ब्रिस्टल में इंग्लैंड ने 159 रनों का लक्ष्य केवल 13.5 ओवर में हासिल कर भारत को एक और करारी शिकस्त दी। रणनीति और तैयारी पर उठे सवाल पूरे दौरे में भारतीय बल्लेबाज लगभग एक जैसी रणनीति अपनाते रहे। स्विंग और सीम गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजी क्रम लगातार दबाव में दिखा, लेकिन टीम अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव नहीं कर सकी। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी परिस्थितियों के अनुसार टीम की तैयारी और योजनाओं में कमी साफ दिखाई दी। टीम चयन भी चर्चा का विषय भारत की प्लेइंग इलेवन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी कई सवाल उठे। शानदार रिकॉर्ड रखने वाले तिलक वर्मा को उनके पसंदीदा नंबर-3 की बजाय निचले क्रम में बल्लेबाजी कराई गई। शिवम दुबे की भूमिका पूरे दौरे में स्पष्ट नजर नहीं आई। बाएं हाथ के बल्लेबाजों को लगातार प्राथमिकता दिए जाने पर भी सवाल खड़े हुए। गेंदबाजी संयोजन लगभग हर मैच में बदलता रहा, जिससे टीम को स्थिरता नहीं मिल सकी। वॉशिंगटन सुंदर को लगातार मौके दिए जाने के फैसले पर भी चर्चा हुई। पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि किसी नई टीम के लिए स्पष्ट रणनीति और स्थिर संयोजन बेहद जरूरी होता है। श्रेयस अय्यर ने कहा- टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है श्रृंखला के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम अभी संक्रमण (Transition) के दौर में है और खिलाड़ियों को नई भूमिका में ढलने के लिए समय चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी और गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करेगी। गौतम गंभीर पर बढ़ा दबाव मुख्य कोच गौतम गंभीर की नियुक्ति के बाद यह पहला बड़ा विदेशी दौरा रहा, जिसमें टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। लगातार हार के बाद अब टीम प्रबंधन की रणनीति और कोचिंग फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नए कोच और कप्तान को अपनी योजनाओं को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। वहीं यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में विदेशी परिस्थितियों के अनुसार बेहतर तैयारी और स्पष्ट रणनीति अपनाना टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। आने वाले महीनों में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी कि क्या यह युवा टीम अपनी कमजोरियों को दूर कर मजबूत वापसी कर पाती है या नहीं।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
England players celebrate after bowling out India for 76 in the third T20I at Trent Bridge.
IND vs ENG: 76 रन पर ढेर हुई टीम इंडिया, इंग्लैंड ने 125 रन से रौंदा; सीरीज पर किया कब्जा

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए मैच में 202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया केवल 76 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 125 रन से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। यह भारत के टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार (रनों के अंतर से) मानी जा रही है। साथ ही 76 रन टीम इंडिया का टी20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे कम स्कोर भी है। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बनाए 201 रन टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 201/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। ओपनर फिल सॉल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि सैम करन ने नाबाद 41 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। भारत की ओर से प्रिंस यादव ने शुरुआती झटके देकर मैच में वापसी की कोशिश की, जबकि हर्षित राणा ने लगातार दो विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बनाया। हालांकि अंतिम ओवरों में इंग्लैंड ने तेजी से रन जोड़ते हुए बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। 202 रन के जवाब में 76 पर सिमटी टीम इंडिया लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले में ही टीम ने पांच विकेट गंवा दिए और मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में चला गया। डेब्यू कर रहे वैभव सूर्यवंशी ने दो शानदार छक्कों के साथ कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन उनकी पारी 13 रन पर समाप्त हो गई। इसके बाद कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका और पूरी टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर ऑलआउट हो गई। आर्चर और टंग ने मचाई तबाही इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। जोफ्रा आर्चर – 3 विकेट जॉश टंग – 4 विकेट दोनों गेंदबाजों की तेज और सटीक गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह असहाय नजर आए। सीरीज जीतने के करीब पहुंचा इंग्लैंड पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार दो मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब शेष दो मुकाबलों में जीत मिलने पर भी भारत सीरीज अपने नाम नहीं कर सकता। भारतीय टीम के लिए यह हार बल्लेबाजी और रणनीति दोनों मोर्चों पर कई सवाल खड़े करती है। अब टीम अगले मुकाबलों में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi waits for his India debut as Sunil Gavaskar discusses rising expectations during the England T20I series.
15 साल के वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू का इंतजार बढ़ा, सुनील गावस्कर बोले- 'जितनी देरी, उतना बढ़ेगा दबाव'

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण अभी भी टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में भी वह बेंच पर ही बैठे रहे थे। हालांकि क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि डेब्यू में देरी से उम्मीदें और दबाव जरूर बढ़ता है, लेकिन इतनी कम उम्र में खिलाड़ी इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अपने अनुभवी टॉप ऑर्डर पर भरोसा जताया और वैभव को एक बार फिर अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। इसके बाद उनके डेब्यू को लेकर चर्चा और तेज हो गई। 'जितना लंबा इंतजार, उतना बड़ा दबाव' सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के डेब्यू में लगातार देरी होती है तो उसके प्रदर्शन को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, "जब भी वैभव को मौका मिलेगा, तब तक का यह लंबा इंतजार उनके ऊपर थोड़ा अतिरिक्त दबाव जरूर डालेगा। लेकिन 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। उसे सिर्फ अपना खेल खेलने की चिंता होती है।" गावस्कर ने यह भी कहा कि वैभव अच्छी तरह जानते हैं कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतना होगा। सीनियर खिलाड़ियों के बीच सीखने का मिल रहा है मौका पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि फिलहाल वैभव के लिए सबसे बड़ा फायदा भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस समय अनुभवी और विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे माहौल में रहकर युवा खिलाड़ी बहुत कुछ सीख सकता है। नेट्स में अभ्यास करना, टीम मीटिंग्स का हिस्सा बनना और सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताना भी किसी बड़े अनुभव से कम नहीं है। गावस्कर के मुताबिक, वैभव इस समय टीम के साथ रहकर मिलने वाले अनुभव का पूरा आनंद ले रहे होंगे और यही उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पहला टी20 मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। भारतीय पारी में: अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 59 रनों की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 68 रन बनाए। शिवम दुबे ने अंत में नाबाद 42 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि संजू सैमसन, ईशान किशन और उपकप्तान तिलक वर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। इसके बाद लगातार बारिश होने के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू ही नहीं कर सका और मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया। अब मैनचेस्टर पर टिकी निगाहें अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिलेगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह न सिर्फ उनके करियर का सबसे बड़ा दिन होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक नया सितारा भी मिल सकता है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0