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Shubman Gill Overtakes Virat Kohli in ODI Batting Average

प्रिंस से किंग बनने की राह पर शुभमन गिल, ODI में लगातार बरस रहे रन; औसत में विराट कोहली को भी छोड़ा पीछे

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Shubman Gill plays a fluent shot during an ODI innings as he continues his remarkable run-scoring form for India.
Shubman Gill Continues ODI Dominance

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में हर दौर में एक ऐसा बल्लेबाज उभरकर सामने आया है जिसने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई। सुनील गावस्कर से शुरू हुई यह विरासत सचिन तेंदुलकर तक पहुंची और फिर विराट कोहली ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब जब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय क्रिकेट का अगला 'किंग' कौन होगा? मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस सवाल का सबसे मजबूत जवाब शुभमन गिल के रूप में सामने आ रहा है।

भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे शुभमन गिल इन दिनों अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ लय में नजर आ रहे हैं। खासकर वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला पिछले सात महीनों से लगातार रन उगल रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 80 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के भी सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं।

सात महीने से वनडे में शानदार फॉर्म

शुभमन गिल ने साल 2026 की शुरुआत से ही वनडे क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो मैचों में उन्होंने लगातार 56-56 रन बनाए। तीसरे मुकाबले में 18 गेंदों पर 23 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में 84 रन बनाए, जबकि दूसरे मुकाबले में 154 रन की शानदार पारी खेलकर अपने करियर का दूसरा सबसे बड़ा वनडे स्कोर दर्ज किया।

इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी उन्होंने 75 गेंदों में 80 रन बनाकर भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। उनकी पिछली छह वनडे पारियों में पांच अर्धशतक इस बात का प्रमाण हैं कि फिलहाल उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए आसान नहीं है।

इंग्लैंड के खिलाफ खेली मैच जिताऊ पारी

बर्मिंघम में खेले गए पहले वनडे में भारत को 259 रन का लक्ष्य मिला था। कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। श्रेयस अय्यर (35) और केएल राहुल (1) भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। ऐसे मुश्किल समय में शुभमन गिल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 80 रन बनाए।

हालांकि हैमस्ट्रिंग और ग्रॉइन में परेशानी के कारण उन्हें बीच में मैदान छोड़ना पड़ा, लेकिन तब तक वह भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। बाद में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल की अहम पारियों ने टीम इंडिया को जीत दिलाई। यदि गिल शुरुआती दबाव को संभालकर यह पारी नहीं खेलते तो मुकाबले का नतीजा भारत के पक्ष में आना मुश्किल हो सकता था।

औसत के मामले में विराट कोहली से भी आगे

वनडे क्रिकेट में कम से कम 3000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शुभमन गिल अब सबसे अधिक बल्लेबाजी औसत वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 65 वनडे मैचों में 3271 रन 60 से अधिक की औसत से बनाए हैं। वहीं विराट कोहली 58.50 की औसत के साथ 14,802 रन बनाकर दूसरे स्थान पर हैं।

हालांकि विराट कोहली के नाम अनुभव, रिकॉर्ड और बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन जैसी कई उपलब्धियां हैं, लेकिन शुरुआती करियर में जिस तरह शुभमन गिल लगातार रन बना रहे हैं, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया है।

अगर गिल इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक नया 'किंग' मिल सकता है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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FIFA World Cup 2026: किसके सिर सजेगा ताज? स्पेन या अर्जेंटीना

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला अब स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। एक ओर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा, वहीं स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।   दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर बनाई फाइनल में जगह स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। टीम ने 16 साल बाद विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है और अब दूसरे विश्व खिताब से केवल एक जीत दूर है। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को मात देकर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया। टीम की उम्मीदें एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी पर टिकी होंगी, जबकि स्पेन की ओर से युवा स्टार लामिन यामाल सबसे बड़े आकर्षण होंगे।   कब और कहां खेला जाएगा फाइनल? फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारतीय समयानुसार 20 जुलाई की देर रात 12:30 बजे शुरू होगा। यह मुकाबला न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी।   भारत में कहां देखें लाइव मुकाबला? भारतीय दर्शक इस महामुकाबले का आनंद टीवी और डिजिटल दोनों माध्यमों पर ले सकेंगे। डिजिटल स्ट्रीमिंग ZEE5 पर उपलब्ध होगी, जिसके लिए सक्रिय सब्सक्रिप्शन आवश्यक होगा। वहीं Jio यूजर्स JioTV ऐप पर DD Sports की फीड के जरिए मैच देख सकेंगे। टीवी पर मुकाबले का सीधा प्रसारण DD Sports, Unite8 Sports और Unite8 Sports HD चैनलों पर किया जाएगा।   फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। एक तरफ अनुभव से भरपूर अर्जेंटीना है, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के दम पर फाइनल तक पहुंची स्पेन की टीम। ऐसे में विश्व फुटबॉल को नया चैंपियन मिलेगा या अर्जेंटीना अपना ताज बचाएगा, इसका फैसला मैदान पर होगा।

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रोहित शर्मा के भविष्य पर बढ़ीं अटकलें, रिपोर्ट में 'ऑटोमैटिक सिलेक्शन' खत्म होने का दावा

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विराट कोहली ने इंग्लैंड में रचा नया रिकॉर्ड, SENA देशों में सबसे ज्यादा ODI अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बने

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इंग्लैंड ने दूसरे वनडे में भारत को 4 विकेट से हराया, जो रूट 99 रन बनाकर लौटे नाबाद; सीरीज 1-1 से बराबर

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रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों पर कोच का बड़ा बयान, कहा- कोई दबाव नहीं है

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य और संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि टीम प्रबंधन को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में लगातार दो कम स्कोर के बाद रोहित के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था, लेकिन कोटक ने कहा कि फिलहाल ऐसे किसी फैसले का सवाल ही नहीं उठता।   'रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव नहीं' युवा खिलाड़ियों यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन को ओपनिंग में मौका दिए जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज पर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “रोहित इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि कुछ खराब पारियों से उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। भले ही हाल के मैचों में वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हों, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में लय दिखाई दे रही थी।”   लॉर्ड्स में वापसी की उम्मीद दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों पर 27 रन बनाए। उनकी धीमी पारी को लेकर उठ रहे सवालों पर कोटक ने कहा कि कार्डिफ की पिच पर गेंद का असमान उछाल बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण था। उनके अनुसार, कई बार परिस्थितियां बल्लेबाज की लय को प्रभावित करती हैं और यही क्रिकेट का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि लॉर्ड्स में रोहित पूरी तरह अलग अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं।   2027 विश्व कप पर नजर रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, कोटक के बयान से साफ हो गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में रोहित को महत्वपूर्ण खिलाड़ी मान रहा है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर आलोचकों को करारा जवाब देंगे।

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कार्डिफ में इंग्लैंड से मुकाबला आज, लगातार चौथी वनडे सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

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चैंपियंस ट्रॉफी के बाद पावरप्ले में फीके पड़े रोहित शर्मा, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

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ICC ने T20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किया बड़ा बदलाव, 'सुपर 10' और एलिमिनेटर राउंड की होगी एंट्री

दुबई, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2028 पुरुष T20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। नए प्रारूप के तहत टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा लेंगी, लेकिन अब प्रतियोगिता ग्रुप स्टेज, एलिमिनेटर, सुपर 10 और नॉकआउट चरणों में खेली जाएगी। ICC का कहना है कि नए फॉर्मेट का उद्देश्य अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबले और उभरती टीमों को बेहतर अवसर देना है।   एलिमिनेटर राउंड से बढ़ेगा रोमांच   नए फॉर्मेट में ग्रुप चरण के बाद कुछ टीमें सीधे अगले दौर में पहुंचेंगी, जबकि अन्य क्वालीफाई करने वाली टीमें एलिमिनेटर मुकाबले खेलेंगी। इन मुकाबलों के विजेता आगे बढ़ेंगे, जबकि हारने वाली टीमों का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा।   'सुपर 10' में होगा खिताब का असली मुकाबला   एलिमिनेटर के बाद 10 टीमें 'सुपर 10' चरण में पहुंचेंगी। यहां सभी टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा और प्रत्येक टीम अपने समूह की अन्य टीमों से मुकाबला करेगी। इसके बाद शीर्ष टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी।   उभरती टीमों को मिलेगा बड़ा मौका   ICC के अनुसार, नए फॉर्मेट से एसोसिएट और उभरती क्रिकेट टीमों को अधिक प्रतिस्पर्धी मैच खेलने का अवसर मिलेगा। साथ ही बड़े देशों के बीच अधिक हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।   2028 से लागू होगा नया प्रारूप   ICC ने स्पष्ट किया है कि नया फॉर्मेट 2028 पुरुष T20 वर्ल्ड कप से लागू होगा। इस टूर्नामेंट की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड संयुक्त रूप से करेंगे। नए प्रारूप को लेकर क्रिकेट जगत में उत्सुकता बढ़ गई है।

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MLC 2026: 20 ओवर में 266 रन, निकोलस पूरन का तूफानी शतक और पोलार्ड का जलवा, MI न्यूयॉर्क ने 29 छक्कों के साथ बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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ICC ने वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किए बड़े बदलाव, नए नियमों का आधिकारिक ऐलान

Spain players celebrate after defeating France 2-0 to reach the FIFA World Cup 2026 final with a historic clean-sheet record.

FIFA World Cup 2026: स्पेन ने रचा 96 साल का इतिहास, फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में बनाई जगह, छह क्लीन शीट का अनोखा रिकॉर्ड

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anjali kumari जुलाई 11, 2026 0

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