लीड्स, एजेंसियां। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला आज 19 अगस्त से लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर शुरू हो गया है। यह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू हुआ। बाबर आजम की गैरमौजूदगी पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज और नियमित कप्तान बाबर आजम दाएं हाथ की चोट के कारण पहले टेस्ट से बाहर हैं। अभ्यास मैच के दौरान उनकी चोट दोबारा उभर गई थी। उनकी गैरमौजूदगी में सलमान अली आगा पाकिस्तान की कप्तानी कर रहे हैं। जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड की वापसी इंग्लैंड की कप्तानी जो रूट संभाल रहे हैं। बेन स्टोक्स के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद रूट को दोबारा कप्तानी की जिम्मेदारी मिली है। इंग्लैंड हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-1 से गंवा चुका है और पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर वापसी करना चाहेगा। हेडिंग्ले में गेंदबाजों को मिल सकती है मदद हेडिंग्ले की परिस्थितियां शुरुआती दौर में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार हो सकती हैं। पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद अब्बास और खुर्रम शहजाद पर निगाहें रहेंगी, जबकि इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों में गस एटकिंसन और जोश टंग अहम भूमिका निभा सकते हैं। तीन टेस्ट की सीरीज का पूरा कार्यक्रम पहले टेस्ट के बाद दूसरा मुकाबला 27 से 31 अगस्त तक लॉर्ड्स और तीसरा टेस्ट 9 से 13 सितंबर तक एजबेस्टन में खेला जाएगा।
गॉल, एजेंसियां। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 165 रन से शानदार जीत दर्ज कर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। भारत की जीत के हीरो युवा स्पिनर मानव सुथार रहे, जिन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लेकर श्रीलंका की दूसरी पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका की दूसरी पारी 206 रन पर सिमटी 372 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम दूसरी पारी में 206 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से मानव सुथार ने दूसरी पारी में 6/55 का शानदार प्रदर्शन किया। पहली पारी में उन्होंने चार विकेट लिए थे, जिससे उनके मैच में कुल 10 विकेट हो गए। भारत ने रखा था 372 रन का लक्ष्य भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए थे। देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली। श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर खत्म होने के बाद भारत को बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 193 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा। ऋषभ पंत ने भी मचाया धमाल भारत की दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने 66 रन की तेज पारी खेली। इसी दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। पंत की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को बड़ा लक्ष्य खड़ा करने में मदद की। भारत WTC अंक तालिका में पांचवें स्थान पर इस जीत से भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 अभियान में महत्वपूर्ण अंक मिले हैं। हालांकि भारत अभी अंक प्रतिशत के आधार पर पांचवें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया इस समय तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है।
गाले, एजेंसियां। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में नया भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन के बाद पंत ने शुभमन गिल को पीछे छोड़ते हुए WTC इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज का दर्जा हासिल कर लिया। पंत के नाम हुए 2,885 WTC रन गाले टेस्ट के दौरान पंत के WTC रनों की संख्या 2,885 पहुंच गई। उन्होंने शुभमन गिल को पीछे छोड़ा, जबकि गिल अब भारतीय बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। पंत के बाद रोहित शर्मा 2,716 रन, रविंद्र जडेजा 2,632 रन और विराट कोहली 2,617 रन के साथ इस सूची में शामिल हैं। गाले में बल्ले से दिखाया दम पंत ने श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट की दूसरी पारी में तेज बल्लेबाजी करते हुए 66 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने भारत को श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने में मदद की। इसी मुकाबले में पंत ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बनाया। गिल को पीछे छोड़ना बड़ी उपलब्धि शुभमन गिल ने मौजूदा WTC चक्र में शानदार बल्लेबाजी की है और श्रीलंका सीरीज से पहले उनके नाम 2,843 WTC रन थे। गिल इस चक्र में भारत के प्रमुख रन स्कोरर रहे हैं, लेकिन गाले टेस्ट में पंत के प्रदर्शन ने उन्हें WTC के ऑल-टाइम भारतीय रिकॉर्ड में पीछे छोड़ दिया। भारत के WTC अभियान के लिए पंत अहम भारत इस समय WTC 2025-27 चक्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। पंत की फॉर्म और आक्रामक बल्लेबाजी टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती है, खासकर तब जब भारत की नजर WTC फाइनल में जगह बनाने पर है।
मैकाय, एजेंसियां। बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में मिली चौंकाने वाली 9 विकेट की हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। दूसरे टेस्ट के लिए तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड को अंतिम एकादश में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बोलैंड पहले टेस्ट में टीम का हिस्सा होने के बावजूद प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सके थे। पहले टेस्ट में बोलैंड को नहीं मिला मौका डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड के साथ तीन तेज गेंदबाजों को उतारा था। बोलैंड और हेजलवुड के बीच अंतिम स्थान के लिए करीबी मुकाबला था, जिसमें हेजलवुड को मौका मिला। उन्होंने मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट लिए और टेस्ट क्रिकेट में अपने 300 विकेट भी पूरे किए। दूसरे टेस्ट में तेज गेंदबाजी संयोजन बदल सकता है पहले टेस्ट में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया टीम प्रबंधन परिस्थितियों और गेंदबाजी संयोजन पर फिर से विचार कर रहा है। मैकाय में होने वाले दूसरे टेस्ट में बोलैंड को मौका मिलने की संभावना इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि वह टीम के 13 सदस्यीय दल में बने हुए हैं। हालांकि, अभी अंतिम एकादश की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बल्लेबाजी में भी हुआ बड़ा बदलाव ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट के लिए जेक वेदराल्ड को टीम से बाहर कर मैथ्यू रेनशॉ को शामिल किया है। वेदराल्ड ने पहले टेस्ट में 23 और 0 रन बनाए थे। वहीं रेनशॉ ने पिछले शेफील्ड शील्ड सत्र में 49.90 की औसत से 499 रन बनाए थे। सीरीज बराबर करने उतरेगी ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश ने डार्विन में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। दूसरा टेस्ट 22 अगस्त से मैकाय में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह मुकाबला सीरीज बचाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में ऋषभ पंत ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। दूसरी पारी में 69 गेंदों पर 66 रन की तेजतर्रार पारी खेलने वाले पंत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने शुभमन गिल को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। पंत की यह पारी सिर्फ WTC के आंकड़ों के लिहाज से खास नहीं रही। उन्होंने इसी पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 छक्के भी पूरे किए और ऐसा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। वह टेस्ट इतिहास में इस मुकाम तक पहुंचने वाले केवल चौथे बल्लेबाज हैं। WTC में गिल को पछाड़कर नंबर-1 गाले टेस्ट की दूसरी पारी में 66 रन बनाने के बाद पंत के WTC करियर के रन 2885 तक पहुंच गए। इसके साथ ही उन्होंने शुभमन गिल के 2867 रन के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। भारत के लिए WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में अब पंत शीर्ष पर हैं। गिल दूसरे स्थान पर हैं, जबकि रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा, विराट कोहली और यशस्वी जायसवाल भी इस सूची में शामिल हैं। पंत और गिल के बीच अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। ऐसे में WTC में भारत की ओर से सबसे पहले 3000 रन पूरे करने की दौड़ भी दिलचस्प हो गई है। टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय गाले में पंत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करना भी रही। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज हैं। पंत ने यह रिकॉर्ड केवल 51वें टेस्ट में बनाया और दुनिया में सबसे तेजी से 100 टेस्ट छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बने। उनसे पहले बेन स्टोक्स, ब्रेंडन मैकुलम और एडम गिलक्रिस्ट यह उपलब्धि हासिल कर चुके थे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्कों के मामले में बेन स्टोक्स 138 छक्कों के साथ शीर्ष पर हैं। ब्रेंडन मैकुलम 107 छक्कों के साथ दूसरे और पंत 100 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। गाले में दोनों पारियों में बनाए 105 रन श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में पंत ने 39 रन बनाए थे। इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने 69 गेंदों पर 66 रन की तेज पारी खेली। इस तरह गाले टेस्ट में पंत ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 105 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को दूसरी पारी में तेजी से रन बनाने और श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने में मदद की। पंत की खासियत यही रही है कि वह टेस्ट क्रिकेट में भी जरूरत के मुताबिक आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं। 100 टेस्ट छक्कों का आंकड़ा इस शैली की सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है। पंत के रिकॉर्ड ने बढ़ाई गिल से मुकाबले की दिलचस्पी शुभमन गिल और ऋषभ पंत दोनों ही भारतीय टेस्ट क्रिकेट के अहम बल्लेबाज हैं। WTC में रन बनाने के मामले में दोनों के बीच लगातार प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। पंत के नंबर-1 बनने के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों में से कौन सबसे पहले 3000 WTC रन पूरे करता है। गाले टेस्ट की इस उपलब्धि ने पंत के नाम एक साथ दो ऐतिहासिक रिकॉर्ड जोड़ दिए हैं। उनका प्रदर्शन यह भी दिखाता है कि टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी अब मैच की दिशा बदलने का बड़ा हथियार बन चुकी है।
गाले, एजेंसियां। भारत और श्रीलंका के बीच गाले टेस्ट के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर तथा मुरली कार्तिक के बीच लाइव प्रसारण के दौरान तीखी नोकझोंक देखने को मिली। शुरुआत मजाकिया बातचीत से हुई, लेकिन देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने लगे और यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कार्तिक ने मांजरेकर के अंदाज पर किया मजाक लंच ब्रेक के दौरान कमेंट्री पैनल में बातचीत के बीच मुरली कार्तिक ने संजय मांजरेकर के बोलने और होंठों को आगे निकालने के अंदाज यानी 'पाउट' पर टिप्पणी की। कार्तिक ने मजाक में कहा कि मांजरेकर के इस अंदाज के कारण उनकी बात समझना मुश्किल हो जाता है। मांजरेकर ने भी दिया करारा जवाब कार्तिक की टिप्पणी पर मांजरेकर ने पलटवार करते हुए कैमरा अपने ऊपर से हटाकर अजिंक्य रहाणे की तरफ करने की बात कही। उन्होंने मजाक में कहा कि रहाणे से बात करना ज्यादा अच्छा है और उनका चेहरा भी ज्यादा खुशनुमा है। इसके बाद बातचीत और ज्यादा व्यक्तिगत होती चली गई। शीशे में चेहरा देखने तक पहुंची बात इसके बाद दोनों के बीच शीशे में खुद को देखने और अपने लुक को लेकर भी टिप्पणियां हुईं। कार्तिक ने मांजरेकर पर पलटवार किया, जिसके बाद माहौल कुछ देर के लिए असहज नजर आया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मांजरेकर ने खुद खत्म किया विवाद बात ज्यादा आगे बढ़ने पर संजय मांजरेकर ने खुद माहौल हल्का करते हुए माना कि दोनों अपनी हदें पार कर रहे हैं और यहीं बातचीत खत्म करने की कोशिश की। घटना के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों ने दोनों की इस ऑन-एयर नोकझोंक पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।
गाले, एजेंसियां। श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में ऋषभ पंत के शानदार प्रदर्शन के बाद अब वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए उनकी भारतीय टीम में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पंत ने गाले में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे किए और एक बार फिर अपनी मैच बदलने की क्षमता दिखाई। हालांकि, वनडे टीम में उनकी जगह अभी तय नहीं मानी जा रही है। टेस्ट में शानदार, लेकिन वनडे में चुनौती बड़ी पंत का टेस्ट प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है, लेकिन सफेद गेंद के क्रिकेट में उनकी स्थिति उतनी स्पष्ट नहीं है। 2026 में वनडे टीम के चयन को लेकर पंत के साथ संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे विकेटकीपर-बल्लेबाजों के नाम भी चर्चा में रहे हैं। 2027 विश्व कप के लिए टीम संयोजन पर नजर भारत 2027 वनडे विश्व कप के लिए अभी से टीम संयोजन तैयार कर रहा है। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पहले कहा था कि टीम प्रबंधन विश्व कप के लिए खिलाड़ियों और संयोजन की पहचान करेगा और टूर्नामेंट से पहले पर्याप्त वनडे मुकाबले खेलने की योजना है। पंत के लिए वापसी का रास्ता प्रदर्शन से खुलेगा पंत को 2026 की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से चोट के कारण बाहर होना पड़ा था और उनकी जगह ध्रुव जुरेल को शामिल किया गया था। ऐसे में 2027 विश्व कप की दौड़ में बने रहने के लिए पंत को आगामी वनडे मुकाबलों में फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन दोनों साबित करने होंगे। 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अक्टूबर-नवंबर के दौरान खेला जाना है। अगर पंत सफेद गेंद में अपनी लय हासिल करते हैं, तो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग भारत के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकती है।
गाले, एजेंसियां। भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट के चौथे दिन ध्रुव जुरेल के एक लो कैच को लेकर विवाद खड़ा हो गया। श्रीलंका की दूसरी पारी के 22वें ओवर में लाहिरू उदारा ने मानव सुथार की गेंद पर बाहर की ओर शॉट खेला, जिसे गली में खड़े जुरेल ने जमीन के बेहद करीब जाकर पकड़ लिया। मैदानी अंपायर ने फैसले के लिए तीसरे अंपायर की मदद ली और रिप्ले देखने के बाद उदारा को आउट करार दिया। गेंद जमीन से लगी या नहीं, इसी पर विवाद रिप्ले में कैच लेते समय गेंद के जमीन के करीब होने के कारण विवाद शुरू हुआ। कुछ पूर्व क्रिकेटरों और प्रशंसकों का मानना था कि गेंद जुरेल के हाथ में जाने से पहले जमीन को छू सकती थी। वहीं, उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीसरे अंपायर ने कैच को सही मानते हुए बल्लेबाज को आउट दिया। श्रीलंकाई खेमे में भी नाराजगी उदारा के आउट होने के फैसले के बाद श्रीलंकाई बल्लेबाज भी फैसले से संतुष्ट नजर नहीं आए। सोशल मीडिया पर भी कैच के वीडियो और तस्वीरों को लेकर जमकर बहस हुई। विवाद ने एक बार फिर लो कैच के मामलों में तकनीक और तीसरे अंपायर के फैसले की भूमिका पर चर्चा छेड़ दी है। भारत जीत के करीब कैच विवाद के बावजूद भारत ने चौथे दिन मुकाबले पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। भारत ने श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा और दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम को 84/4 पर रोक दिया। श्रीलंका को जीत के लिए 288 रन और चाहिए, जबकि भारत को आखिरी दिन सिर्फ छह विकेट हासिल करने हैं।
गाले, एजेंसियां। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में इतिहास रच दिया। पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि अपनी 51वीं टेस्ट मैच में हासिल की और इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने। 51वें टेस्ट में हासिल किया बड़ा मुकाम पंत ने गाले टेस्ट की दूसरी पारी में 69 गेंदों पर 66 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इसी दौरान उन्होंने अपना 100वां टेस्ट छक्का लगाया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में छक्कों के मामले में कई दिग्गज बल्लेबाजों की बराबरी कर ली है। सबसे तेज 100 टेस्ट छक्के लगाने का रिकॉर्ड पंत ने सिर्फ 51 टेस्ट मैचों में यह उपलब्धि हासिल कर सबसे तेज 100 टेस्ट छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने इसके लिए कुल 4,918 गेंदों का सामना किया, जबकि इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के नाम था, जिन्होंने 6,578 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। पंत ने इन भारतीय दिग्गजों को पीछे छोड़ा 100 टेस्ट छक्कों के साथ पंत ने भारत के वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया है। दोनों के नाम टेस्ट क्रिकेट में 91-91 छक्के हैं। दुनिया में पंत से आगे अब केवल बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम हैं, जबकि एडम गिलक्रिस्ट भी 100 छक्कों के क्लब में शामिल हैं। रिकॉर्ड पारी से भारत को मिली मजबूती पंत की आक्रामक पारी ने भारत को दूसरी पारी में 193 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में श्रीलंका चौथे दिन का खेल खत्म होने तक 84/4 पर था और उसे जीत के लिए 288 रन और चाहिए थे।
गॉल, एजेंसियां। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में 193 रन पर ऑलआउट होकर मेजबान टीम के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा है। भारत ने पहली पारी में श्रीलंका को 284 रन पर समेटकर 178 रन की बढ़त हासिल की थी। इसके बाद दूसरी पारी में 193 रन जोड़कर भारत ने कुल बढ़त 371 रन तक पहुंचाई। पंत ने खेली तूफानी पारी भारत की दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने 66 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम की बढ़त को बड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 44 और केएल राहुल ने 35 रन बनाए। पंत की पारी के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे कर इतिहास भी रचा। श्रीलंका के सामने गॉल में रिकॉर्ड लक्ष्य 372 रन का लक्ष्य गॉल में श्रीलंका के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। इस मैदान पर अब तक सफलतापूर्वक हासिल किया गया सबसे बड़ा लक्ष्य 344 रन है, जिसे पाकिस्तान ने 2022 में श्रीलंका के खिलाफ हासिल किया था। ऐसे में श्रीलंका को जीत के लिए गॉल में नया रिकॉर्ड बनाना होगा। भारतीय गेंदबाजों ने पहले ही बना दिया दबाव भारत को पहली पारी में बड़ी बढ़त दिलाने में मानव सुथार और रवींद्र जडेजा की स्पिन जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई। सुथार ने चार विकेट, जबकि जडेजा ने तीन विकेट झटके। जडेजा ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 350 विकेट भी पूरे किए। श्रीलंका ने लक्ष्य का पीछा शुरू करते हुए शुरुआती झटके भी झेले और चौथे दिन के खेल में 36 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। इससे भारत की जीत की संभावना और मजबूत हुई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में संदीप पाटिल का नाम खास तौर पर लिया जाता है, जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और अलग अंदाज से पहचान बनाई। 1983 विश्व कप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे पाटिल ने क्रिकेट के बाद अभिनय में भी किस्मत आजमाई और फिर कोचिंग व चयनकर्ता के रूप में क्रिकेट से जुड़े रहे। 18 अगस्त 1956 को बॉम्बे में जन्मे संदीप पाटिल आज अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके पिता मधुसूदन पाटिल भी मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल चुके थे। क्रिकेट की विरासत को आगे बढ़ाते हुए संदीप पाटिल ने भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर में अपनी मजबूत जगह बनाई। पाकिस्तान के खिलाफ किया अंतरराष्ट्रीय डेब्यू संदीप पाटिल ने 15 जनवरी 1980 को पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी साल 6 दिसंबर को उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे क्रिकेट में कदम रखा। भारत के लिए पाटिल ने 29 टेस्ट मैचों में 36.93 की औसत से 1,588 रन बनाए। उनके नाम चार टेस्ट शतक भी हैं। वहीं 45 वनडे मैचों में उन्होंने 1,005 रन बनाए, जिसमें नौ अर्धशतक शामिल हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा और उन्होंने 130 मैचों में 8,156 रन बनाए। बॉब विलिस के एक ओवर में बरसाए चौके संदीप पाटिल की सबसे यादगार पारियों में 1982 का मैनचेस्टर टेस्ट शामिल है। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने नाबाद 129 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज बॉब विलिस के एक ओवर में लगातार छह चौके लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने इस पारी को भारतीय क्रिकेट के यादगार किस्सों में शामिल कर दिया। 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा संदीप पाटिल 1983 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 32 रन की अहम पारी खेली थी। भारत ने यह मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई और फिर वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वनडे विश्व कप अपने नाम किया। क्रिकेट के बाद फिल्मों में आजमाई किस्मत क्रिकेट से संन्यास के बाद संदीप पाटिल ने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा। साल 1985 में उनकी फिल्म 'कभी अजनबी थे' रिलीज हुई। इसमें उनके साथ पूनम ढिल्लों और देबश्री रॉय नजर आई थीं। हालांकि, यह उनका एकमात्र फिल्म प्रोजेक्ट रहा और इसके बाद उन्होंने एक्टिंग से दूरी बना ली। कोचिंग में भी हासिल की सफलता पाटिल ने क्रिकेट से अपना रिश्ता खत्म नहीं किया और कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली। नवंबर 1996 में उन्हें केन्या की राष्ट्रीय टीम का कोच बनाया गया। उनके मार्गदर्शन में केन्या ने 2003 वनडे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल तक पहुंची। सेमीफाइनल में केन्या को भारत के हाथों 91 रन से हार मिली। इसके बाद पाटिल ओमान क्रिकेट टीम और भारत-ए के साथ भी कोच के तौर पर जुड़े। चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे संदीप पाटिल ने क्रिकेट प्रशासन में भी अहम भूमिका निभाई। दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक वह बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता। इस तरह संदीप पाटिल का करियर सिर्फ एक क्रिकेटर तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने खिलाड़ी, विश्व कप विजेता, अभिनेता, कोच और चयनकर्ता के रूप में क्रिकेट के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई।
ढाका, एजेंसियां। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने महिला एशिया कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। कप्तानी निगार सुल्ताना जॉटी के हाथों में रहेगी, जबकि नाहिदा अख्तर को उपकप्तान बनाया गया है। यह टीम एशिया कप के साथ-साथ 2026 एशियन गेम्स में भी बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करेगी। शर्मिन सुल्ताना की टीम में वापसी टीम में सबसे प्रमुख बदलाव शर्मिन सुल्ताना की वापसी है। उन्होंने मई 2026 में श्रीलंका के खिलाफ आखिरी बार अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। उन्हें ताज नेहर की जगह टीम में शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं ने शीर्ष क्रम में अतिरिक्त विकल्प की जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया। बांग्लादेश की 15 सदस्यीय टीम निगार सुल्ताना जॉटी — कप्तान नाहिदा अख्तर — उपकप्तान दिलारा अख्तर जुएरिया फरदौस शर्मिन अख्तर सुप्ता शर्मिन सुल्ताना शोभना मोस्तारी शोर्ना अख्तर रितु मोनी फाहिमा खातून राबेया खान मारुफा अख्तर सुल्ताना खातून शांजिदा अख्तर माघला फरीहा इस्लाम त्रिश्ना श्रीलंका और UAE के साथ ग्रुप में बांग्लादेश महिला एशिया कप 28 अगस्त से 13 सितंबर 2026 तक दुबई में खेला जाएगा। बांग्लादेश को ग्रुप-B में मौजूदा चैंपियन श्रीलंका, मेजबान UAE और इंडोनेशिया के साथ रखा गया है।बांग्लादेश अपने अभियान की शुरुआत 31 अगस्त को इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। इसके बाद 6 सितंबर को श्रीलंका और 8 सितंबर को UAE से मुकाबला होगा। टूर्नामेंट का फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। एशियन गेम्स में भी यही टीम उतरेगी BCB के मुताबिक यही 15 सदस्यीय टीम जापान के आइची-नागोया एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेगी। बांग्लादेश का पहला मुकाबला 17 सितंबर को चीन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में होगा। अगर टीम सेमीफाइनल में पहुंचती है तो उसका सामना भारत या जापान से हो सकता है।
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश टी20 लीग 2026 में लखनऊ फाल्कन्स ने अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। 17 अगस्त को खेले गए मुकाबले में लखनऊ ने नोएडा सुपर किंग्स को 3 विकेट से हराया। नोएडा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 19.5 ओवर में 136 रन बनाए, जिसके जवाब में लखनऊ ने 19.2 ओवर में 7 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। भुवनेश्वर कुमार ने गेंद से किया प्रभावित लखनऊ फाल्कन्स के कप्तान भुवनेश्वर कुमार ने गेंद से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 1 विकेट हासिल किया और एक मेडन ओवर भी डाला। उनकी इकॉनमी 4.25 रही। भुवनेश्वर ने नोएडा के बल्लेबाज कार्तिक सिद्धू को 23 रन के निजी स्कोर पर आउट किया। नोएडा की बल्लेबाजी लड़खड़ाई नोएडा सुपर किंग्स की शुरुआत खराब रही और टीम ने शुरुआती ओवरों में ही लगातार विकेट गंवाए। बॉबी यादव ने 29 रन और कार्तिक सिद्धू ने 23 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन पूरी टीम 19.5 ओवर में 136 रन पर सिमट गई। लखनऊ की ओर से अभिनंदन सिंह ने 4 विकेट और नवनीत कुमार ने 3 विकेट लिए। आराध्या यादव की अर्धशतकीय पारी ने दिलाई जीत 137 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ फाल्कन्स ने भी लगातार विकेट गंवाए, लेकिन आराध्या यादव ने 42 गेंदों में 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम की जीत की नींव रखी। इसके बाद समीर चौधरी ने नाबाद 28 रन बनाकर लखनऊ को 19.2 ओवर में लक्ष्य तक पहुंचा दिया। लखनऊ को मिली पहली जीत इस जीत के साथ लखनऊ फाल्कन्स ने टूर्नामेंट में अपना खाता खोल लिया। मुकाबले के प्लेयर ऑफ द मैच अभिनंदन सिंह रहे, जिन्होंने 3.5 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट चटकाए।
डार्विन, एजेंसियां। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट में 9 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। यह ऑस्ट्रेलियाई धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। इस नतीजे ने सिर्फ दो मैचों की सीरीज का समीकरण नहीं बदला, बल्कि ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की अंक तालिका को भी दिलचस्प बना दिया है। बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़ा डार्विन टेस्ट जीतने के बाद बांग्लादेश 66.67 प्रतिशत अंक (PCT) के साथ WTC तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। उसने पांच टेस्ट में तीन जीत, एक हार और एक ड्रॉ हासिल किया है। वहीं भारत 48.15 प्रतिशत PCT के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है। भारत ने अब तक नौ टेस्ट में चार जीत, चार हार और एक ड्रॉ दर्ज किया है। ऑस्ट्रेलिया हार के बावजूद 77.78 प्रतिशत PCT के साथ शीर्ष पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। भारत के लिए अब गलती की गुंजाइश कम भारत के लिए WTC फाइनल की दौड़ पहले से ही चुनौतीपूर्ण थी। टीम इंडिया के पास अभी 9 टेस्ट बाकी हैं—श्रीलंका के खिलाफ 2, न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 टेस्ट। मौजूदा 48.15% PCT से भारत को फाइनल की दौड़ में मजबूती से बने रहने के लिए अपने बाकी मुकाबलों में बड़ी संख्या में जीत हासिल करनी होगी। मौजूदा आकलनों के अनुसार कम से कम 7 जीत भारत की स्थिति को काफी मजबूत कर सकती हैं, जबकि 8 जीत होने पर स्थिति और बेहतर होगी। ऑस्ट्रेलिया की हार ने शीर्ष की दौड़ खोली बांग्लादेश से हार के कारण ऑस्ट्रेलिया का PCT 77.78% तक गिर गया है। हालांकि वह अभी भी तालिका में नंबर-1 पर है, लेकिन इस हार ने बाकी टीमों को उसके करीब आने का मौका दिया है। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 198 रन पर समेटने के बाद 426 रन बनाए और 228 रन की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया 284 रन पर ऑलआउट हुआ और बांग्लादेश ने सिर्फ 57 रन का लक्ष्य एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। दूसरे टेस्ट पर भी भारत की नजर बांग्लादेश अब दो टेस्ट की सीरीज में 1-0 से आगे है। दूसरा टेस्ट 22 अगस्त से मैके में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले के लिए जेक वेदराल्ड को बाहर कर मैथ्यू रेनशॉ को टीम में शामिल किया है। भारत के नजरिए से बांग्लादेश की यह जीत इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि WTC में PCT के आधार पर ही टीमों की रैंकिंग और फाइनल की दौड़ तय होती है। बांग्लादेश अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीतने या कम से कम बढ़त बनाए रखने में सफल रहता है, तो शीर्ष चार की लड़ाई और कड़ी हो जाएगी। भारत को अब श्रीलंका के खिलाफ चल रही सीरीज से ही लगातार जीत दर्ज करके अपनी स्थिति सुधारनी होगी।
मेलबर्न, एजेंसियां। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में पहला टेस्ट 9 विकेट से गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट के लिए अपनी टीम में बड़ा बदलाव किया है। सलामी बल्लेबाज जेक वेदराल्ड को 13 सदस्यीय टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि उनकी जगह बाएं हाथ के बल्लेबाज मैथ्यू रेनशॉ को शामिल किया गया है। वेदराल्ड का खराब प्रदर्शन पड़ा भारी डार्विन टेस्ट में वेदराल्ड ऑस्ट्रेलिया की दोनों पारियों में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। उन्होंने पहली पारी में 23 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए। बांग्लादेश के खिलाफ इस प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें दूसरे टेस्ट की टीम से बाहर कर दिया। वेदराल्ड ने अब तक ऑस्ट्रेलिया के लिए छह टेस्ट खेले हैं और उनका टेस्ट औसत करीब 20.36 है। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण उनकी जगह पर सवाल उठ रहे थे। तीन साल बाद रेनशॉ की वापसी मैथ्यू रेनशॉ करीब तीन साल बाद ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में वापस लौटे हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। हालिया शेफील्ड शील्ड सीजन में रेनशॉ ने छह मैचों में 499 रन, 49.90 की औसत से बनाए थे। रेनशॉ ने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2023 में भारत के खिलाफ खेला था। अब उनके पास बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को मजबूती देने का मौका होगा। लाबुशेन को फिलहाल बरकरार रखा वेदराल्ड के अलावा ऑस्ट्रेलियाई टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मार्नस लाबुशेन भी टीम में बने हुए हैं, हालांकि उनके प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं। पहले टेस्ट में लाबुशेन दोनों पारियों में मिलाकर सिर्फ 32 रन बना सके थे। कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि लाबुशेन को अब बड़ी पारी खेलकर खुद को साबित करना होगा। 22 अगस्त से खेला जाएगा दूसरा टेस्ट ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 अगस्त 2026 से मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में खेला जाएगा। पहला टेस्ट जीतकर बांग्लादेश ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब ऑस्ट्रेलिया के सामने सीरीज बराबर करने की चुनौती है।
लंदन, एजेंसियां। मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने द हंड्रेड 2026 के पुरुष वर्ग का खिताब पहली बार अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में टीम ने ट्रेंट रॉकेट्स को 5 विकेट से हराकर ऐतिहासिक ट्रॉफी जीती। ट्रेंट रॉकेट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंदों में 158/8 रन बनाए, जिसे मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने 98 गेंदों में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टिम सिफर्ट ने मचाया धमाल मैनचेस्टर की जीत के सबसे बड़े नायक न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टिम सिफर्ट रहे। उन्होंने महज 38 गेंदों में 72 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 7 छक्के और 4 चौके शामिल रहे। सिफर्ट ने फाइनल में 23 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया, जो पुरुष द हंड्रेड फाइनल के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक रहा। सिफर्ट को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में भी उनका बल्ला जमकर चला और उन्होंने 10 पारियों में 394 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी मिला। आखिरी ओवर में रोमांचक जीत 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मैनचेस्टर की टीम एक समय मजबूत स्थिति में थी, लेकिन सिफर्ट के आउट होने के बाद ट्रेंट रॉकेट्स ने वापसी की। मोहम्मद आमिर ने दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर मुकाबले में रोमांच पैदा कर दिया। मैनचेस्टर को अंतिम पांच गेंदों पर केवल 3 रन चाहिए थे। इसके बाद अनुभवी ऑलराउंडर लियाम डॉसन ने छक्का लगाकर टीम को दो गेंद शेष रहते जीत दिला दी। पहली बार चैंपियन बनी टीम यह मैनचेस्टर सुपर जायंट्स का पहला मेन्स द हंड्रेड खिताब है। टीम पहले मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के नाम से खेलती थी और 2026 सत्र से इसका नाम मैनचेस्टर सुपर जायंट्स किया गया। फ्रेंचाइजी का संचालन आरपी-संजीव गोयनका समूह से जुड़ा है।
गॉल, एजेंसियां। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अर्धशतक लगाने के बाद भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने गॉल की पिच और मैच की परिस्थितियों को लेकर बड़ा बयान दिया। जुरेल ने कहा कि इस मैदान की पिच मौसम के साथ तेजी से बदल सकती है और भारतीय टीम को परिस्थितियों के मुताबिक लगातार खुद को ढालना होगा। पिच को लेकर क्या बोले जुरेल? जुरेल के मुताबिक जब पिच पर नमी रहती है और मैदान पर कवर होता है, तो गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिल सकती है। वहीं धूप निकलने के बाद पिच के सूखने पर परिस्थितियां अलग हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि टीम को इन बदलावों को समझकर उसी के अनुसार खेलना होगा। सात पारियों बाद जड़ा अर्धशतक जुरेल ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में 51 रन बनाए। यह टेस्ट क्रिकेट में उनका दूसरा अर्धशतक और भारत के बाहर पहला टेस्ट अर्धशतक रहा। इससे पहले वह लगातार सात टेस्ट पारियों में 50 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके थे। उनकी पारी ने भारत को 400 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने पहली पारी में 460/9 का मजबूत स्कोर बनाया। भारत की नजर अब 20 विकेट पर जुरेल ने टीम की रणनीति पर भी बात करते हुए संकेत दिया कि भारत का लक्ष्य केवल बड़ा स्कोर बनाना नहीं, बल्कि श्रीलंका के सभी 20 विकेट हासिल करके मैच जीतना है। उन्होंने बताया कि टीम तेजी से रन बनाना चाहती थी, लेकिन बिना नियंत्रण खोए। गॉल में भारत मजबूत स्थिति में भारत ने श्रीलंका को पहली पारी में 284 रन पर समेटकर 178 रन की बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय स्पिनरों में मानव सुथार ने चार और रवींद्र जडेजा ने तीन विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी पर दबाव बनाया। अब भारत की कोशिश दूसरी पारी में पर्याप्त रन बनाकर श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने और टेस्ट को निर्णायक स्थिति में पहुंचाने की होगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने अपने पसंदीदा भारतीय टेस्ट ओपनर्स की सूची साझा की है। उन्होंने टॉप-3 में सुनील गावस्कर, वीरेंद्र सहवाग और मुरली विजय को शामिल किया। पुजारा ने यह सूची बताते हुए साफ किया कि यह उनके पसंदीदा टॉप-3 ओपनर्स हैं। गावस्कर को नंबर-1 पसंद पुजारा की सूची में भारतीय टेस्ट क्रिकेट के महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर शामिल हैं। गावस्कर टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन का आंकड़ा पार करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज थे और लंबे समय तक भारतीय बल्लेबाजी की पहचान रहे। मुरली विजय को भी मिली जगह पुजारा ने अपने पूर्व साथी मुरली विजय को भी टॉप-3 में रखा। विजय ने भारत के लिए टेस्ट ओपनर के तौर पर 3,880 रन और 12 शतक बनाए। पुजारा और विजय ने कई टेस्ट मुकाबलों में भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई थी। सहवाग की आक्रामक बल्लेबाजी को चुना तीसरे नाम के तौर पर पुजारा ने वीरेंद्र सहवाग को चुना। सहवाग टेस्ट क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे और उनके नाम दो तिहरे शतक भी हैं। पुजारा की पसंद में तीनों बल्लेबाजों की एक समान खासियत लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बड़ी पारी खेलने की क्षमता रही। राहुल को टॉप-10 में रखा पुजारा से जब केएल राहुल की रैंकिंग को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने राहुल को भारत के टॉप-10 टेस्ट ओपनर्स में जगह दी। पुजारा ने कहा कि विदेशी परिस्थितियों में राहुल के प्रदर्शन और समय के साथ उनके सुधार को देखते हुए वह इस सूची में शामिल होने के हकदार हैं। हालांकि, टॉप-5 में राहुल को रखना उनके लिए मुश्किल फैसला था।
गॉल, एजेंसियां। भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में शानदार उपलब्धि हासिल की। जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे कर लिए और ऐसा करने वाले भारत के सिर्फ पांचवें गेंदबाज बन गए। इसके साथ ही उन्होंने कपिल देव के एक खास ऑलराउंड रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। 350 विकेट लेने वाले पांचवें भारतीय गॉल टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ जडेजा ने केशरा नुवंथा को आउट करके अपना 350वां टेस्ट विकेट पूरा किया। वह भारत की ओर से 350 टेस्ट विकेट लेने वाले पांचवें गेंदबाज हैं। उनसे पहले अनिल कुंबले, कपिल देव, रविचंद्रन अश्विन और हरभजन सिंह यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। जडेजा ने यह मुकाम अपने 90वें टेस्ट मैच में हासिल किया। 4,000 रन और 350 विकेट का दुर्लभ रिकॉर्ड जडेजा की उपलब्धि इसलिए और खास है क्योंकि उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 4,000 से ज्यादा रन भी हैं। वह टेस्ट इतिहास में 4,000 से अधिक रन और 350 या उससे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले सिर्फ चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। इस सूची में उनसे पहले कपिल देव, इयान बॉथम और डेनियल विटोरी शामिल थे। भारत की तरफ से इस दुर्लभ डबल को हासिल करने वाले जडेजा कपिल देव के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं। गॉल में गेंद से भी दिखाया दम जडेजा ने सिर्फ रिकॉर्ड ही नहीं बनाया, बल्कि श्रीलंका की पहली पारी में गेंद से भी अहम योगदान दिया। उन्होंने 3 विकेट लेकर भारत को श्रीलंका को 284 रन पर समेटने में मदद की। उनके साथ डेब्यू कर रहे मानव सुथार ने 4 विकेट लिए और दोनों बाएं हाथ के स्पिनरों ने मिलकर श्रीलंका के सात विकेट झटके। भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए थे, जिसके जवाब में श्रीलंका 284 रन पर आउट हुआ और भारत को 178 रन की बढ़त मिली। कपिल देव के साथ खास क्लब में एंट्री कपिल देव के बाद जडेजा का इस विशेष क्लब में शामिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह भी है कि जडेजा ने यह उपलब्धि कपिल देव से कम टेस्ट मैचों में हासिल की। इससे टेस्ट क्रिकेट में उनके एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में दर्जे को और मजबूती मिली है।
गॉल, एजेंसियां। श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में भारत के युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को यादगार बना दिया। सुथार ने श्रीलंका की पहली पारी में 4 विकेट लेकर भारतीय स्पिन आक्रमण की अगुवाई की। खास बात यह रही कि उन्होंने रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव की तुलना में गेंद को ज्यादा टर्न कराया। पहली ही गेंद पर मिला विकेट मानव सुथार ने टेस्ट क्रिकेट की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाजों को परेशान किया। 24 वर्षीय सुथार ने 21.4 ओवर में 76 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी की सबसे खास बात टर्न रही। रिपोर्ट के मुताबिक सुथार की 74% गेंदों ने 4.5 डिग्री से ज्यादा टर्न लिया, जो इस मैच में जडेजा और कुलदीप से भी बेहतर आंकड़ा रहा। जडेजा ने भी झटके तीन विकेट दूसरे छोर से अनुभवी रवींद्र जडेजा ने सुथार का शानदार साथ दिया। जडेजा ने 21 ओवर में 57 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इस मुकाबले में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 350 विकेट भी पूरे किए, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गए। सुथार और जडेजा ने मिलकर श्रीलंका के सात विकेट चटकाए और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। श्रीलंका 284 रन पर ढेर भारतीय स्पिनरों के दबाव के बावजूद सोनल दिनुषा ने शानदार शतक लगाकर श्रीलंका की पारी को संभाला। निरोशन डिकवेला ने भी 80 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन पूरी टीम 284 रन पर सिमट गई। भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए थे, इसलिए टीम इंडिया को 178 रन की बड़ी बढ़त मिली। सुथार के लिए बड़ा मौका गॉल की पिच पर अपने पहले ही टेस्ट में सुथार का प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए बड़ी सकारात्मक खबर है। उन्होंने अपनी गेंदबाजी में धैर्य, फ्लाइट और टर्न का शानदार मिश्रण दिखाया। खुद सुथार ने जडेजा की लगातार एक ही जगह गेंद डालने की क्षमता को विश्वस्तरीय बताया और उनसे सीखने की बात कही। भारत के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम को आने वाले समय में स्पिन विभाग में नए विकल्पों की जरूरत होगी। गॉल में सुथार ने अपने पहले ही टेस्ट में संकेत दे दिया है कि वह इस भूमिका के लिए मजबूत दावेदार बन सकते हैं।
गॉल, एजेंसियां। भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। भारत के 462 रन के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हो गई। इस तरह भारत को पहली पारी में 178 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। सुथार और जडेजा की फिरकी ने श्रीलंका को रोका भारत की शानदार गेंदबाजी में युवा बाएं हाथ के स्पिनर मनव सुथार सबसे प्रभावी रहे। उन्होंने 4 विकेट 76 रन देकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। सुथार ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत ही पहली गेंद पर विकेट लेकर की और इसके बाद लगातार दबाव बनाए रखा। अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट 57 रन दिए। जडेजा के लिए यह मुकाबला खास रहा, क्योंकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे किए। सुथार और जडेजा ने मिलकर श्रीलंका के सात विकेट चटकाए। सोनल दिनुषा के शतक ने श्रीलंका को संभाला श्रीलंका की पारी एक समय मुश्किल में थी, लेकिन सोनल दिनुषा ने शानदार संघर्ष करते हुए अपना पहला टेस्ट शतक लगाया। उनके शतक ने श्रीलंका को फॉलोऑन से बचने में मदद की। निरोशन डिकवेला ने भी 80 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन भारतीय स्पिनरों के लगातार दबाव के कारण मेजबान टीम 284 रन से आगे नहीं बढ़ सकी। भारत के पास मैच पर कब्जा मजबूत करने का मौका भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए थे, जिसमें देवदत्त पडिक्कल के 167 रन और ध्रुव जुरेल की 51 रन की पारी प्रमुख रही। पडिक्कल की पारी ने भारत को शुरुआत में ही मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। श्रीलंका को 284 रन पर आउट करने के बाद भारत ने दूसरी पारी शुरू कर दी है। ताजा स्कोर के अनुसार भारत एक विकेट खोकर 17 रन बना चुका है और उसकी कुल बढ़त 195 रन हो गई है। अब भारत की कोशिश दूसरी पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करके श्रीलंका के सामने मुश्किल लक्ष्य रखने की होगी। हालांकि गॉल में बारिश मैच के नतीजे पर असर डाल सकती है, इसलिए भारतीय टीम जल्द से जल्द निर्णायक स्थिति में पहुंचना चाहेगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।