मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करते हुए यह मुकाम हासिल करने वाले भारत के पहले स्पिनर बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ अक्षर अब भारत के उन चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 या उससे अधिक विकेट लिए हैं। हैरी ब्रूक का विकेट लेकर पूरा किया शतक अक्षर पटेल ने इंग्लैंड की पारी के दौरान खतरनाक बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आउट कर अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। इस विकेट के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। अक्षर से पहले कोई भी भारतीय स्पिनर टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया था। भारत के चौथे गेंदबाज बने इस उपलब्धि के साथ अक्षर पटेल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले भारत के चौथे गेंदबाज बन गए। उनसे पहले यह कारनामा तेज गेंदबाजों हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह कर चुके हैं। अब अक्षर इस विशिष्ट सूची में शामिल होने वाले पहले भारतीय स्पिनर हैं। हार के बीच भी यादगार रहा दिन हालांकि भारत को दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अक्षर पटेल की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गई। क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी निरंतरता और सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन की सराहना की है।
मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने रोमांचक अंदाज में 4 विकेट से जीत दर्ज कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने 19 ओवर में 191/6 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत तेज रही। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल रहे। अंत में तिलक वर्मा की उपयोगी पारी की बदौलत भारत ने 190/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। जैकब बेथेल की विस्फोटक पारी ने पलटा मैच 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। फिल सॉल्ट और जोस बटलर पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाए। उन्हें हैरी ब्रूक (39 रन) और टॉम बैंटन (39 रन) का अच्छा साथ मिला। इंग्लैंड ने 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला जीत लिया। अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी भी नहीं बचा सकी भारत को भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को एक-एक सफलता मिली, लेकिन डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। मैच का निर्णायक मोड़ रवि बिश्नोई का 17वां ओवर रहा, जिसमें इंग्लैंड ने तेजी से 29 रन बटोरे और जीत की नींव रखी।
मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे बेबी बॉस के नाम से मशहूर वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यादगार डेब्यू किया। महज 15 साल की उम्र में भारतीय टीम की जर्सी पहनने वाले वैभव ने अपने पहले ही मैच में बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि भारत को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन युवा बल्लेबाज की पारी चर्चा का केंद्र रही। डेब्यू मैच में दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी भारत की पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। अपनी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में उन्होंने 2 शानदार छक्के लगाए और शुरुआत से ही इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। उनके आत्मविश्वास और शॉट चयन की क्रिकेट विशेषज्ञों ने जमकर तारीफ की। सबसे कम उम्र में भारत के लिए T20I खेलने वालों में शामिल वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय टी20 खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला और उन्होंने अपने पहले ही मैच में सकारात्मक संकेत दिए। भविष्य के स्टार के रूप में देख रहे विशेषज्ञ पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलने की क्षमता है। हालांकि डेब्यू मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनके आत्मविश्वास, आक्रामक अंदाज और दबाव में खेलने की क्षमता ने यह संकेत दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक नया प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल सकता है। अब सभी की नजर सीरीज के अगले मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर रहेगी।
मैनचेस्टर, एजेंसियां । भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज (4 जुलाई) मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा। पहले टी20 मुकाबले के बारिश की वजह से रद्द होने के बाद अब दोनों टीमें सीरीज में पहली जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा। बारिश बन सकती है सबसे बड़ी चुनौती पहले मैच की तरह दूसरे टी20 पर भी मौसम का साया बना हुआ है। मौसम विभाग ने मैनचेस्टर में रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है। यदि मौसम साफ रहा तो दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। इंग्लैंड ने प्लेइंग इलेवन में किए दो बड़े बदलाव इंग्लैंड ने दूसरे टी20 के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में दो अहम बदलाव किए हैं। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की टीम में वापसी हुई है, जबकि जॉश टंग टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करेंगे। दूसरी ओर भारतीय टीम अपनी पिछली संयोजन के साथ उतर सकती है और बल्लेबाजों से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। सीरीज में बढ़त बनाने का सुनहरा मौका पहला मुकाबला बेनतीजा रहने के कारण फिलहाल सीरीज 0-0 से बराबरी पर है। ऐसे में आज का मैच जीतने वाली टीम पांच मैचों की सीरीज में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर लेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत के शीर्ष बल्लेबाजों और इंग्लैंड की मजबूत गेंदबाजी पर टिकी हैं।
बेंगलुरु ,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने महाराजा ट्रॉफी KSCA टी20 2026 में अपनी आक्रामक और 360 डिग्री बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कल्याणी बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से खेलते हुए समित ने हुबली टाइगर्स के खिलाफ सिर्फ 23 गेंदों में 32 रन बनाए। उनकी पारी में 6 शानदार चौके शामिल रहे। मैदान के चारों ओर लगाए आकर्षक शॉट समित ने अपनी पारी के दौरान कवर ड्राइव, बैकफुट कट, पुल और लॉफ्टेड शॉट्स समेत मैदान के लगभग हर हिस्से में रन बटोरे। उनकी 360 डिग्री बल्लेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट प्रशंसक उनकी तकनीक व आत्मविश्वास की जमकर तारीफ कर रहे हैं। बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने रोमांचक मुकाबला जीता इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए कल्याणी बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 203 रन बनाए। जवाब में हुबली टाइगर्स की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन ही बना सकी। इस तरह बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 2 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। 'राहुल द्रविड़ 2.0' और 'जूनियर वॉल' बता रहे फैंस समित की बल्लेबाजी देखने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें 'राहुल द्रविड़ 2.0' और 'जूनियर वॉल' कहकर बुला रहे हैं। कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने भी उनकी तकनीक और शॉट चयन की सराहना की है। भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा समित द्रविड़ हाल के महीनों में लगातार घरेलू क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
लंदन,एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ अब इंग्लैंड का सामना खिताबी मुकाबले में मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला फाइनल क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहद रोमांचक माना जा रहा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बनाए 169 रन टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 23 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने 47 गेंदों पर 75 रन और हीदर नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रन की शानदार पारी खेली। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 133 रन की रिकॉर्ड साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 169 रन बना लिए। दक्षिण अफ्रीका 129 रन पर ही सिमटी 170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी। ताज़मिन ब्रिट्स ने सर्वाधिक 51 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का पर्याप्त साथ नहीं मिला। इंग्लैंड की अनुशासित गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के सामने दक्षिण अफ्रीका की टीम बेबस नजर आयी। नैट स्किवर-ब्रंट बनीं प्लेयर ऑफ द मैच चोट से वापसी कर रही कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने मैच जिताऊ 75 रन की पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल और चार्ली डीन ने दो-दो विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को झटका दिया। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगी टक्कर इस जीत के साथ इंग्लैंड ने आठ वर्षों बाद महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों मजबूत टीमों के बीच रोमांचक खिताबी मुकाबले का इंतजार है। रोमांचक फाइनल का इंतजार क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का हो सकता है। दोनों टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें रविवार को होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल पर टिकी हैं।
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद मैदान पर उतर सकती हैं। सेमीफाइनल मुकाबले में चोटिल होने के बाद उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि विश्व कप जैसे बड़े मुकाबले में पेरी को खेलने का मौका मिल सकता है। ऑस्ट्रेलिया की हेड कोच शेली नित्शके ने गुरुवार को कहा कि पेरी की फिटनेस पर अंतिम फैसला मैच से ठीक पहले लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम की स्टार खिलाड़ी हर हाल में फाइनल का हिस्सा बनना चाहती हैं और किसी भी भूमिका में टीम की मदद करने के लिए तैयार हैं। सेमीफाइनल में चोटिल होकर लौटी थीं पवेलियन एलिस पेरी वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में बल्लेबाजी के दौरान जांघ की मांसपेशियों में परेशानी महसूस होने पर रिटायर्ड हर्ट हो गई थीं। चोट के कारण उन्हें बीच पारी में मैदान छोड़ना पड़ा, जिसके बाद उनकी उपलब्धता पर संशय पैदा हो गया। हेड कोच शेली नित्शके ने बताया कि सेमीफाइनल के बाद टीम ने अभ्यास नहीं किया है, इसलिए उनकी फिटनेस पर अभी कोई नया मेडिकल अपडेट उपलब्ध नहीं है। 'विश्व कप फाइनल में खिलाड़ियों को अलग नजरिए से देखते हैं' जब शेली नित्शके से पूछा गया कि क्या पेरी पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद फाइनल खेल सकती हैं, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हां, यह संभव है। एलिस पेरी टीम के लिए किसी भी तरह योगदान देना चाहती हैं, चाहे बल्लेबाजी हो, फील्डिंग हो या विकेटों के बीच दौड़ना। विश्व कप फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में खिलाड़ियों की उपलब्धता को सामान्य मैचों से अलग नजरिए से देखा जाता है।" कोच के इस बयान से साफ है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक को किसी भी कीमत पर फाइनल से बाहर नहीं रखना चाहती। युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन की भी हुई तारीफ शेली नित्शके ने युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन की भी जमकर सराहना की। हालांकि हैमिल्टन अब तक पूरे टूर्नामेंट में एक भी विकेट हासिल नहीं कर सकी हैं, लेकिन उनकी कसी हुई गेंदबाजी ने टीम को कई मौकों पर फायदा पहुंचाया है। उन्होंने 11 ओवर में सिर्फ 4.45 की इकॉनमी से रन दिए हैं। भारत के खिलाफ पावरप्ले में उनकी गेंदबाजी की विशेष रूप से तारीफ हुई थी, जबकि सेमीफाइनल में भी उन्होंने दबाव के बीच शानदार नियंत्रण बनाए रखा और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। फिर से विश्व चैंपियन बनने की कोशिश ऑस्ट्रेलिया ने 2023 में दक्षिण अफ्रीका को हराकर महिला टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद टीम किसी भी आईसीसी विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलिया 2024 के टी20 विश्व कप और 2025 के वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था। अब टीम के पास एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने का मौका है। फाइनल में उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा और सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि एलिस पेरी पूरी तरह फिट हुए बिना भी मैदान पर उतरती हैं या नहीं। अगर पेरी खेलती हैं तो उनका अनुभव और बड़े मैचों का दबाव झेलने की क्षमता ऑस्ट्रेलिया के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि इतनी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर रखना भारतीय टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था, क्योंकि वहां की परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थीं। सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा कि आयरलैंड की धीमी और स्पंजी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी विरोधी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। उनके मुताबिक वहां के छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल हालात युवा बल्लेबाज को अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का बेहतरीन अवसर देते। 'आयरलैंड में खेलता तो गेंदबाजों पर भारी पड़ता' रवि शास्त्री ने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था। वहां की पिचें धीमी और स्पंजी होती हैं। वह वहां छप्पर फाड़ बल्लेबाजी करता। मैदान भी छोटे हैं। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।" शास्त्री के इस बयान ने टीम चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें सही समय पर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। 'बेंच गर्म करने के लिए नहीं है ऐसा खिलाड़ी' पूर्व भारतीय कोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को सिर्फ रिजर्व के तौर पर बैठाकर रखना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, "उसे जितनी जल्दी हो सके खिलाइए। उसने आईपीएल में लगभग हर गेंदबाज की धुनाई की है। ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जिसे उसने नहीं पीटा? आप उसे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए बैठा रहे हैं।" शास्त्री का मानना है कि ऐसे निडर खिलाड़ी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं और टीम को तेज शुरुआत दिलाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं। भारत के लिए बन सकते हैं एक्स-फैक्टर रवि शास्त्री के अनुसार वैभव सूर्यवंशी में वह आत्मविश्वास, निडरता और आक्रामक सोच है जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की क्षमता टीम के मध्यक्रम का दबाव कम कर सकती है और मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है। इसी वजह से उन्होंने टीम मैनेजमेंट से जल्द से जल्द वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। सहायक कोच ने भी माना- तैयार हैं वैभव भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा टीम संयोजन के कारण उन्हें अभी इंतजार करना होगा। उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना चाहता है जिन्होंने हाल के महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए फिलहाल किसी खिलाड़ी को बाहर करना आसान फैसला नहीं है। राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं तारीफ वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने उन्हें "अनूठी प्रतिभा" बताया था और उनके उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की थी। अब सबकी नजर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आईपीएल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके वैभव सूर्यवंशी को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। रवि शास्त्री के बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका देने की रणनीति अपनाएगा। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का अवसर आखिर कब मिलता है और वह अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर किस तरह साबित करते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच डरहम के चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेला गया पहला टी-20 मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए, लेकिन लगातार बारिश के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू नहीं कर सका और मैच रद्द घोषित कर दिया गया। मैच भले ही बेनतीजा रहा, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने कई यादगार रिकॉर्ड अपने नाम किए। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने महज 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इसी दौरान उन्होंने सिर्फ 785 गेंदों में टी-20 इंटरनेशनल में 100 छक्के पूरे कर दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने वेस्टइंडीज के ईविन लुईस (789 गेंद) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। साथ ही, अभिषेक इंग्लैंड की धरती पर सबसे तेज टी-20 अर्धशतक लगाने वाले भारतीय भी बन गए। उन्होंने केवल 20 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर केएल राहुल का 27 गेंदों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। श्रेयस ने कप्तानी में रचा इतिहास भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रन की शानदार पारी खेली और इंग्लैंड में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए। उन्होंने विराट कोहली के 47 रन के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय में बतौर कप्तान उनकी पहली फिफ्टी रही। मैच के अन्य अहम पलों में ईशान किशन का लगातार दूसरे मैच में रन आउट होना और अभिषेक शर्मा का डीआरएस के बाद एलबीडब्ल्यू आउट होना शामिल रहा। वहीं, चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत का लगातार तीसरा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी बारिश के कारण बिना नतीजे के समाप्त हुआ। हालांकि मैच पूरा नहीं हो सका, लेकिन अभिषेक और श्रेयस की पारियों ने भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत जरूर दिए।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण अभी भी टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में भी वह बेंच पर ही बैठे रहे थे। हालांकि क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि डेब्यू में देरी से उम्मीदें और दबाव जरूर बढ़ता है, लेकिन इतनी कम उम्र में खिलाड़ी इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अपने अनुभवी टॉप ऑर्डर पर भरोसा जताया और वैभव को एक बार फिर अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। इसके बाद उनके डेब्यू को लेकर चर्चा और तेज हो गई। 'जितना लंबा इंतजार, उतना बड़ा दबाव' सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के डेब्यू में लगातार देरी होती है तो उसके प्रदर्शन को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, "जब भी वैभव को मौका मिलेगा, तब तक का यह लंबा इंतजार उनके ऊपर थोड़ा अतिरिक्त दबाव जरूर डालेगा। लेकिन 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। उसे सिर्फ अपना खेल खेलने की चिंता होती है।" गावस्कर ने यह भी कहा कि वैभव अच्छी तरह जानते हैं कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतना होगा। सीनियर खिलाड़ियों के बीच सीखने का मिल रहा है मौका पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि फिलहाल वैभव के लिए सबसे बड़ा फायदा भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस समय अनुभवी और विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे माहौल में रहकर युवा खिलाड़ी बहुत कुछ सीख सकता है। नेट्स में अभ्यास करना, टीम मीटिंग्स का हिस्सा बनना और सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताना भी किसी बड़े अनुभव से कम नहीं है। गावस्कर के मुताबिक, वैभव इस समय टीम के साथ रहकर मिलने वाले अनुभव का पूरा आनंद ले रहे होंगे और यही उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पहला टी20 मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। भारतीय पारी में: अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 59 रनों की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 68 रन बनाए। शिवम दुबे ने अंत में नाबाद 42 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि संजू सैमसन, ईशान किशन और उपकप्तान तिलक वर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। इसके बाद लगातार बारिश होने के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू ही नहीं कर सका और मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया। अब मैनचेस्टर पर टिकी निगाहें अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिलेगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह न सिर्फ उनके करियर का सबसे बड़ा दिन होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक नया सितारा भी मिल सकता है।
चेस्टर-ले-स्ट्रीट, एजेंसियां। भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा मुकाम हासिल किया। अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रनों की कप्तानी पारी खेली और इसी दौरान श्रेयस अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 5,000 रन पूरे कर लिए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 189/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में दिखाया दम श्रेयस ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने अपनी पारी में आकर्षक चौके-छक्के लगाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। यह उपलब्धि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का एक अहम पड़ाव मानी जा रही है। बारिश से फीका पड़ा जश्न हालांकि श्रेयस की यादगार पारी के बावजूद मैच का नतीजा नहीं निकल सका। लगातार बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो सकी और मुकाबला बिना परिणाम (No Result) समाप्त हुआ। अब दोनों टीमें सीरीज के दूसरे टी20 में आमने-सामने होंगी।
चेस्टर-ले-स्ट्रीट, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला लगातार बारिश के कारण रद्द हो गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 189/7 का मजबूत स्कोर बनाया, लेकिन बारिश के चलते इंग्लैंड अपनी पारी का एक भी गेंद नहीं खेल सका। मुकाबला बिना परिणाम (No Result) समाप्त हुआ और सीरीज 0-0 से बराबरी पर है। श्रेयस और अभिषेक ने खेली दमदार पारियां भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रन, जबकि अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली। अंत में शिवम दुबे ने 21 गेंदों पर नाबाद 42 रन की तेज तर्रार पारी खेलकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इंग्लैंड के तरफ से साकिब महमूद ने 3 विकेट लिए। दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर में बारिश के कारण दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। अब सीरीज का दूसरा टी20 शनिवार को मैनचेस्टर में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज में बढ़त बनाने की कोशिश करेंगी।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका विस्फोटक बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनका मासूम अंदाज है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फैंस का प्यार देखकर 15 वर्षीय बल्लेबाज शर्माते हुए अपना चेहरा हूडी से छिपाते नजर आ रहे हैं। मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाले वैभव का यह सरल और विनम्र अंदाज क्रिकेट प्रशंसकों को खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इस वीडियो पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। फैंस की आवाज सुनकर मुस्कुराए, फिर छिपा लिया चेहरा वायरल वीडियो कथित तौर पर इंग्लैंड का बताया जा रहा है, जहां भारतीय टीम आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज की तैयारी कर रही है। वीडियो में वैभव भारतीय टीम की ट्रेनिंग किट पहनकर वॉर्म-अप के दौरान मैदान का चक्कर लगा रहे हैं। इसी दौरान स्टैंड में मौजूद फैंस उनका नाम जोर-जोर से पुकारने लगते हैं। जैसे ही वैभव फैंस के करीब पहुंचते हैं, वह हल्की मुस्कान के साथ शर्मा जाते हैं और अपनी हूडी से चेहरा छिपा लेते हैं। उनका यह स्वाभाविक और सादगी भरा रिएक्शन अब इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। टीम इंडिया में डेब्यू के लिए करना होगा इंतजार हालांकि वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पहले टी20 मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि टॉप ऑर्डर में पहले से अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में वैभव को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए सही अवसर का इंतजार करना होगा। कम उम्र में बना चुके हैं बड़ी पहचान वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज में उन्होंने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से क्रिकेट जगत में उन्हें 'वंडर किड' के नाम से भी पहचान मिलने लगी है। फैंस के बीच लगातार बढ़ रही लोकप्रियता वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी जितनी चर्चा में रहती है, उतनी ही उनकी सादगी भी लोगों को आकर्षित करती है। वायरल वीडियो में उनका शर्मीला अंदाज इस बात का संकेत देता है कि मैदान पर आत्मविश्वास से भरे नजर आने वाले इस युवा खिलाड़ी का स्वभाव निजी जीवन में बेहद विनम्र और शांत है। यही कारण है कि उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है और क्रिकेट प्रेमी उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से मिली हार के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा की बल्लेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। श्रीकांत ने आरोप लगाया कि तिलक वर्मा ने टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि मैच को अंत तक ले जाकर खुद मैच जिताने की कोशिश में धीमी पारी खेली। उनके मुताबिक मिडिल ओवरों में धीमी बल्लेबाजी भारतीय टीम की हार की बड़ी वजह बनी। मिडिल ऑर्डर का प्रदर्शन रहा निराशाजनक पूरी टी20 सीरीज में भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट मिडिल ओवरों में काफी धीमा रहा, जिससे टीम पावरप्ले में मिली अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकी। इसके अलावा, कहा गया कि आईपीएल 2024 के बाद से स्पिन के खिलाफ तिलक वर्मा के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है। इसी वजह से 2026 टी20 विश्व कप के दौरान टीम प्रबंधन ने उन्हें मिडिल ऑर्डर की बजाय फिनिशर की भूमिका में भी आजमाया था। दूसरे टी20 में नहीं दिला सके जीत सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत को 155 रन का लक्ष्य मिला था। टीम की शुरुआत खराब रही और महज 19 रन पर तीन विकेट गिर गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचाया। हालांकि अंतिम क्षणों में रन गति बढ़ाने में टीम सफल नहीं हो सकी और भारत को 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। श्रीकांत ने क्या कहा? अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भारतीय बल्लेबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि— "आप मिडिल ओवरों में उस तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकते जैसी भारत ने की। खासकर तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट बेहद खराब था। शुरुआत में पारी संभालना जरूरी होता है, लेकिन उसके बाद तेजी से रन बनाने भी जरूरी हैं।" उन्होंने कहा कि यदि मिडिल ओवरों में रन गति रुक जाती है तो लक्ष्य हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। 'सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे' श्रीकांत ने तिलक वर्मा के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि— "तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे। वह सिंगल-डबल लेकर मैच को आखिरी तक ले जाना चाहते थे ताकि अंत में खुद मैच जिताकर हीरो बन सकें। ऐसे लक्ष्य का पीछा आखिरी गेंद तक नहीं, बल्कि एक ओवर पहले पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।" बहस का विषय बनी बल्लेबाजी हालांकि तिलक वर्मा की पारी को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ मुश्किल परिस्थितियों में विकेट बचाकर खेलने को सही रणनीति मानते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि टी20 क्रिकेट में आवश्यक रन गति बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण होता है। आयरलैंड के खिलाफ मिली सीरीज हार के बाद भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।
डरहम, एजेंसियां। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच के लिए इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग XI का ऐलान कर दिया है। भारतीय समय के अनुसार बुधवार रात 10 बजे डरहम के चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले जाने वाले इस मैच में इंग्लैंड की प्लेइंग-11 में दो बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। कप्तान हैरी ब्रूक ने क्या कहा? इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने सीरीज के पहले मैच से पहले कहा कि इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना ही उनकी एकमात्र प्राथमिकता है। ब्रूक ने कहा, 'मैंने पूरी तरह से इंग्लैंड क्रिकेट के प्रति खुद को समर्पित कर दिया है। मैंने कहा है कि मैं 'द हंड्रेड' के अलावा कोई भी फ्रेंचाइजी क्रिकेट नहीं खेलना चाहता। मैं जो कुछ भी करता हूं, वह इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलने के मकसद से करता हूं। मैदान के अंदर और बाहर मैं जो कुछ भी करता हूं, उसका मकसद इंग्लैंड के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है। इसीलिए मैं IPL, PSL या किसी अन्य लीग प्रतियोगिता में नहीं खेलता।' ब्रूक ने आगे कहा कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट न खेलने का मतलब है कि मेरे कैलेंडर में ऐसे समय होते हैं जब मैं कोई मैच नहीं खेल रहा होता. मैं अपनी फिटनेस पर ध्यान देता हूं और तीनों फॉर्मेट में खेलने के लिए तैयार होता हूं, जो बचपन से ही मेरा सपना रहा है। ब्रूक ने टेस्ट कप्तानी को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर कहा कि चाहे मैं टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड का कप्तान बनूं या न बनूं, मुझे बस इंग्लैंड के लिए खेलते रहने में ही खुशी मिलेगी।
चेस्टर-ले-स्ट्रीट, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला आज 1 जुलाई को इंग्लैंड के रिवरसाइड ग्राउंड, चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार मैच रात 10:00 बजे शुरू होगा। टीम इंडिया हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-2 से मिली हार को पीछे छोड़ते हुए नए जोश के साथ मैदान में उतरेगी। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करने की चुनौती होगी। दूसरी ओर हैरी ब्रूक की अगुआई वाली इंग्लैंड टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेगी। वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर नजर इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर सभी की नजर रहेगी। आयरलैंड दौरे पर टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें दोनों मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला था, ऐसे में क्रिकेट प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें आज इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। पिच रिपोर्ट के अनुसार रिवरसाइड ग्राउंड की सतह बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों के लिए मददगार मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में गेंद स्विंग कर सकती है, जबकि बाद में बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने में सफल हो सकते हैं। मौसम भी मैच के दौरान अहम भूमिका निभा सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय महिला और पुरुष क्रिकेट टीमों की घोषणा कर दी है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस बहु-खेल आयोजन में भारतीय महिला टीम अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगी, जबकि पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर संभालेंगे। हरमनप्रीत कौर पर फिर जताया भरोसा महिला टीम की कमान एक बार फिर हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना उप-कप्तान होंगी। चयनकर्ताओं ने लगभग उसी टीम पर भरोसा जताया है, जिसने हाल ही में महिला टी20 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। टीम में सिर्फ एक बदलाव किया गया है। विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया की जगह युवा खिलाड़ी जी. कामलिनी को मौका मिला है। संतुलित नजर आ रही महिला टीम बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। मध्यक्रम में ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा टीम को मजबूती देंगी, जबकि ऋचा घोष मुख्य विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगी। तेज गेंदबाजी का जिम्मा रेणुका सिंह ठाकुर और अरुंधति रेड्डी के कंधों पर रहेगा। स्पिन विभाग में राधा यादव और श्रेयंका पाटिल शामिल हैं। हालांकि, श्रेयंका का अंतिम चयन उनकी फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में उतरेगी पुरुष टीम पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई और वरुण चक्रवर्ती जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी टीम का हिस्सा होंगे। भारत की महिला टीम 2023 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। ऐसे में इस बार भी उससे स्वर्ण पदक बरकरार रखने की उम्मीद होगी। वहीं, पुरुष टीम भी मजबूत संयोजन के साथ मैदान में उतरकर भारत को एक और स्वर्ण पदक दिलाने का लक्ष्य लेकर खेलेगी।
लंदन, एजेंसियां। इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान Ben Stokes ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने बताया कि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट उनके करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था। इस फैसले से क्रिकेट जगत में हैरानी है और इंग्लैंड क्रिकेट के लिए इसे एक बड़े युग का अंत माना जा रहा है। कप्तानी का दबाव और लगातार चोटें बनीं वजह स्टोक्स ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार चोटों, कप्तानी की जिम्मेदारियों और मानसिक-शारीरिक दबाव का उनके करियर पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्हें लगता है कि अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने का यही सही समय है। मैक्कलम ने रोकने की कोशिश की इंग्लैंड के मुख्य कोच Brendon McCullum ने खुलासा किया कि उन्होंने स्टोक्स को अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की थी, लेकिन स्टोक्स अपने निर्णय पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि स्टोक्स ने इंग्लैंड क्रिकेट को नई दिशा दी और उनकी कमी टीम को लंबे समय तक महसूस होगी। हैरी ब्रूक बन सकते हैं नए कप्तान संन्यास की घोषणा के साथ ही स्टोक्स ने Harry Brook को टेस्ट टीम की कप्तानी के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बताया। हालांकि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अभी नए कप्तान की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय करियर बेन स्टोक्स ने अपने करियर में इंग्लैंड को कई यादगार जीत दिलाईं। वे टेस्ट क्रिकेट में 7,000 से अधिक रन और 250 से ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के चुनिंदा ऑलराउंडरों में शामिल हैं। 2019 विश्व कप फाइनल और कई ऐतिहासिक टेस्ट जीतों में उनकी भूमिका हमेशा इंग्लैंड के लिए याद रखी जाएगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज 1 जुलाई से होगा। पहला मुकाबला चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे खेला जाएगा। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए नए टी20 चक्र की शुरुआत मानी जा रही है और 2028 टी20 विश्व कप की तैयारियों की दिशा में अहम साबित होगी। टीम इंडिया पर वापसी का दबाव आयरलैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में हार के बाद भारतीय टीम बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अवसर देकर टीम के नए संयोजन को परखना चाहते हैं। पूर्व कप्तान Sunil Gavaskar ने भी युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को पहले मैच में मौका देने की वकालत की है। इंग्लैंड को घरेलू मैदान का भरोसा इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। मेजबान टीम संतुलित बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारत को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। पांच मैचों की होगी सीरीज भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज के मुकाबले 1, 4, 7, 9 और 11 जुलाई को खेले जाएंगे। इसके बाद दोनों टीमें तीन मैचों की वनडे सीरीज में आमने-सामने होंगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला चयन समिति ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी है। अनुभवी ऑलराउंडर Harmanpreet Kaur को एक बार फिर टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि Smriti Mandhana को उपकप्तान बनाया गया है। यह प्रतियोगिता सितंबर 2026 में जापान के आइची-नागोया में आयोजित होगी। विश्व कप से बाहर होने के बाद अब एशियन गेम्स पर फोकस हाल ही में महिला टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक बचाने के इरादे से उतरेगी। भारत ने पिछले एशियन गेम्स (हांगझोउ 2022) में महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था और इस बार भी टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन चयनकर्ताओं ने टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका दिया है। टीम में Shafali Verma, Jemimah Rodrigues, Deepti Sharma, Richa Ghosh, Renuka Singh और Shreyanka Patil जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। हालांकि श्रीयंका पाटिल की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर रहेगी। स्वर्ण पदक बचाने की चुनौती एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट टी20 प्रारूप में खेला जाएगा। मेजबान जापान के अलावा भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, चीन, मलेशिया और थाईलैंड टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। भारतीय टीम लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। आयरलैंड दौरे पर टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला, जबकि भारत को सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वैभव के डेब्यू को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने क्या कहा? टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने साफ कहा कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें सही अवसर का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके देकर उनका आत्मविश्वास बनाए रखना चाहता है। रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हाल ही में भारत की सफलता में अहम भूमिका निभा चुके हैं और उनका आईपीएल प्रदर्शन भी शानदार रहा है। ऐसे में टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को जल्दबाजी में बाहर करने के बजाय उसे लगातार अवसर देना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव की प्रतिभा और तैयारी पर किसी तरह का संदेह नहीं है। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 237.30 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार जीता था। उनके आक्रामक खेल ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच खेली जाएगी अब भारतीय टीम 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। माना जा रहा है कि यदि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, तो वैभव सूर्यवंशी को बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिल सकता है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड दौरे पर टिकी है, जहां यह युवा बल्लेबाज भारतीय जर्सी में पहली बार मैदान पर उतर सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।