Cricket News

KKR players looking disappointed after defeat in IPL 2026 match against Sunrisers Hyderabad
IPL 2026: 14 साल बाद KKR की सबसे खराब शुरुआत, लगातार दो हार से बना शर्मनाक रिकॉर्ड

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में कोलकाता नाइटराइडर्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। टीम को अपने पहले दो मुकाबलों में लगातार हार का सामना करना पड़ा है, जिसके साथ ही 14 साल पुराना एक शर्मनाक रिकॉर्ड फिर दोहराया गया है। लगातार दो हार से टूटा रिकॉर्ड कोलकाता नाइटराइडर्स को पहले मैच में मुंबई इंडियंस ने 6 विकेट से हराया, जबकि दूसरे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने 65 रनों से करारी शिकस्त दी। इस हार के साथ KKR के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया-टीम 2012 के बाद पहली बार IPL सीजन के शुरुआती दो मैच लगातार हारी है। यानी पूरे 14 साल बाद ऐसी खराब शुरुआत देखने को मिली है। सनराइजर्स के खिलाफ क्यों हारी KKR? दूसरे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 226 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। हेनरिक क्लासेन – 52 रन अभिषेक शर्मा – 48 रन ट्रेविस हेड – 46 रन इसके जवाब में कोलकाता नाइटराइडर्स की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। अंगकृष रघुवंशी – 52 रन (29 गेंद) रिंकू सिंह – 35 रन फिन एलन – 28 रन (7 गेंद) इनके अलावा कोई बल्लेबाज टिक नहीं पाया, जिसके चलते टीम 65 रन से मैच हार गई। कप्तान पर बढ़ा दबाव इस सीजन में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में उतर रही KKR पर अब दबाव साफ नजर आ रहा है। लगातार दो हार के बाद टीम को जल्द ही वापसी करनी होगी, वरना प्लेऑफ की राह मुश्किल हो सकती है। क्या कर पाएगी KKR वापसी? IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में शुरुआत भले ही खराब हो, लेकिन वापसी के कई मौके मिलते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कोलकाता नाइटराइडर्स अपनी रणनीति में क्या बदलाव करती है और अगले मैच में जीत हासिल कर पाती है या नहीं।  

surbhi अप्रैल 3, 2026 0
एमएस धोनी खड़गपुर रेलवे स्टेशन टिकट कलेक्टर
चाय की दुकान से ‘कैप्टन कूल’ तक: खड़गपुर से जुड़ी MS Dhoni की खास कहानी

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के महान कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी का खड़गपुर से रिश्ता सिर्फ नौकरी या क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह रिश्ता इंसानियत, अपनापन और वफादारी की मिसाल भी बन गया। ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर धोनी ने अपने प्रोफेशनल जीवन की शुरुआत पश्चिम बंगाल के खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट कलेक्टर के रूप में की थी। इसी दौरान स्टेशन के पास मौजूद थॉमस टी स्टॉल उनकी पसंदीदा जगह बन गई थी।   घंटों चाय की दुकान पर बैठते थे धोनी थॉमस के परिवार के मुताबिक, नौकरी और रेलवे क्रिकेट के बीच धोनी अक्सर अपने दोस्तों के साथ इस दुकान पर घंटों बैठते, चाय पीते और बातचीत करते थे। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यही शांत और साधारण युवक आगे चलकर विश्व क्रिकेट का सबसे सफल कप्तान बनेगा।   कामयाबी के बाद भी नहीं भूले पुराने रिश्ते समय बीतने के साथ धोनी ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर भारतीय क्रिकेट में इतिहास रच दिया। 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी खड़गपुर से उनका जुड़ाव कायम रहा।   थॉमस की मुश्किल घड़ी में बने सहारा जब थॉमस को गंभीर ब्रेन स्ट्रोक आया और वे लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे, तब धोनी ने अपने करीबी दोस्त रॉबिन के जरिए लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। परिवार का दावा है कि इलाज में भी आर्थिक मदद पहुंचाई गई। इतना ही नहीं, जब थॉमस की चाय दुकान पर तोड़फोड़ का खतरा मंडराया, तब भी धोनी ने रेलवे अधिकारियों से बात कर दुकान को बचाने में मदद की।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 2, 2026 0
Sameer Rizvi playing a match-winning innings for Delhi Capitals in IPL 2026 at Ekana Stadium.
9 गेंदों पर 0… फिर 47 गेंदों में 70: कौन हैं समीर रिजवी, जिन्होंने पलट दी हारी हुई बाजी?

IPL 2026 के मुकाबले में एक ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में ऐसी पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जब दिल्ली की टीम 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर हार के करीब थी, तब ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में उतरे रिजवी ने अकेले मैच का रुख बदल दिया। खराब शुरुआत, फिर तूफानी वापसी समीर रिजवी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। वह एक समय 9 गेंदों पर बिना खाता खोले खेल रहे थे और 13 गेंदों में सिर्फ 5 रन बना पाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने गियर बदला और विपक्षी गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 5 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया। स्टब्स के साथ साझेदारी बनी टर्निंग पॉइंट रिजवी ने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 119 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी उस वक्त आई जब टीम पूरी तरह दबाव में थी। दोनों बल्लेबाजों ने खासकर स्पिन गेंदबाजों को निशाना बनाया और धीरे-धीरे मैच को लखनऊ की पकड़ से बाहर कर दिया। मेरठ से IPL तक का सफर समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को मेरठ में हुआ, जिसे भारतीय क्रिकेट की ‘नर्सरी’ कहा जाता है। उनके पिता हसीन रिजवी ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रिजवी के पहले कोच उनके मामा तंकीब अख्तर थे, जिन्होंने बचपन से ही उनकी तकनीक, खासकर स्पिन के खिलाफ खेलने की क्षमता को मजबूत किया। घरेलू क्रिकेट से मिली पहचान समीर पहली बार चर्चा में तब आए जब उन्होंने 2020 में उत्तर प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया। लेकिन असली पहचान उन्हें 2023 की यूपी T20 लीग से मिली, जहां उन्होंने 455 रन बनाए और 35 छक्के जड़े। उनकी इसी पावर हिटिंग के कारण चेन्नई सुपर किंग्स ने 2024 में उन्हें 8.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 95 लाख में अपनी टीम में शामिल किया। दिल्ली को मिला नया मैच विनर इस पारी के बाद समीर रिजवी को दिल्ली कैपिटल्स का नया मैच विनर माना जा रहा है। उन्होंने साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में भी संयम और आत्मविश्वास से खेला जाए, तो किसी भी मैच को जीता जा सकता है।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Mohammed Shami celebrating wicket on first ball during IPL 2026 match at Ekana Stadium.
IPL 2026: हार के बीच चमके मोहम्मद शमी, पहली गेंद पर विकेट लेकर रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड

IPL 2026 में भले ही लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के नाम दर्ज हो गई। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में शमी ने पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया। पहली गेंद पर विकेट, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड मोहम्मद शमी ने मैच की पहली गेंद पर ही केएल राहुल को आउट कर शानदार शुरुआत दिलाई। इसी के साथ शमी IPL इतिहास में 5 बार पहली गेंद पर विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने कई बड़े गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया है। प्रवीण कुमार, उमेश यादव, ट्रेंट बोल्ट, लसिथ मलिंगा, भुवनेश्वर कुमार, अशोक डिंडा और पैट कमिंस जैसे गेंदबाजों ने यह कारनामा 3-3 बार किया है, लेकिन शमी उनसे आगे निकल गए हैं। लखनऊ की बल्लेबाजी रही कमजोर मैच की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 18.4 ओवर में सिर्फ 141 रन पर सिमट गई। कप्तान ऋषभ पंत जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। हालांकि मिचेल मार्श और अब्दुल समद ने कुछ हद तक संघर्ष करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर जीत के लिए काफी नहीं था। समीर रिजवी की दमदार पारी से दिल्ली की जीत 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी खराब रही। टीम ने शुरुआती झटके झेले, लेकिन इसके बाद समीर रिजवी ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने 39 रनों की अहम पारी खेली। दोनों के बीच 119 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया और दिल्ली को जीत दिलाई। रिकॉर्ड के बावजूद टीम को नहीं मिली जीत मोहम्मद शमी का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन टीम को जीत नहीं दिला सका, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर यह उपलब्धि उन्हें IPL के सबसे खास गेंदबाजों में शामिल करती है।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Glenn Maxwell in Australia jersey amid news of central contract exclusion and career uncertainty
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर पर संकट? ग्लेन मैक्सवेल को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर किया गया

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बड़ा फैसला सामने आया है, जहां Cricket Australia ने 2026–27 सीजन के लिए जारी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से अनुभवी ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल को बाहर कर दिया है। इस कदम ने उनके इंटरनेशनल करियर के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या खत्म हो रहा है मैक्सवेल का करियर? 37 वर्षीय ग्लेन मैक्सवेल पिछले कुछ समय से टेस्ट और वनडे टीम से दूर चल रहे थे। आखिरी टेस्ट मैच: 2017 ODI से संन्यास: 2025 T20 टीम में जगह भी अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया अब भविष्य की टीम बनाने पर ध्यान दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया का नया फोकस Australia ने इस बार 21 खिलाड़ियों की सूची जारी की है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी गई है। आने वाले समय में टीम को: बांग्लादेश न्यूजीलैंड भारत इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी हैं, इसलिए चयनकर्ताओं ने रेड-बॉल स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। मैक्सवेल के लिए क्यों मुश्किल हुई राह? टेस्ट टीम में लंबे समय से बाहर T20 वर्ल्ड कप 2026 में खास प्रदर्शन नहीं फिटनेस और अनुशासन से जुड़े मुद्दे टीम अब युवा खिलाड़ियों की ओर देख रही है इन सभी कारणों ने ग्लेन मैक्सवेल की स्थिति कमजोर कर दी। टीम में और कौन से बड़े बदलाव? उभरते खिलाड़ी ब्रेंडन डॉगेट को पहली बार कॉन्ट्रैक्ट माइकल नेसर और टॉड मर्फी की वापसी चोट के कारण झाय रिचर्डसन बाहर सैम कोंस्टास खराब फॉर्म के चलते ड्रॉप यह सूची साफ संकेत देती है कि ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम को मजबूत करने के मिशन पर है। क्या अभी खत्म नहीं हुआ सब कुछ? हालांकि ग्लेन मैक्सवेल के लिए रास्ता कठिन जरूर हुआ है, लेकिन T20 फॉर्मेट में वापसी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अगर वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो चयनकर्ता एक बार फिर उन्हें मौका दे सकते हैं।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
Punjab Kings players celebrating win over Gujarat Titans in IPL 2026 thrilling last over finish
Gujarat Titans vs Punjab Kings, IPL 2026: कप्तान का फैसला पड़ा भारी, आखिरी ओवर में पलटा मैच

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के रोमांचक मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। लेकिन इस मैच का असली टर्निंग पॉइंट कप्तान शुभमन गिल का एक अहम फैसला बना, जिसने बाजी पूरी तरह पलट दी। मैच का पूरा हाल मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 162 रन बनाए। शुभमन गिल और साई सुदर्शन के बीच तेज शुरुआत जोस बटलर के साथ अहम साझेदारी कुल मिलाकर टीम ने सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया प्रसिद्ध कृष्णा ने दिलाई थी वापसी लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन तभी प्रसिद्ध कृष्णा ने मैच में गुजरात की वापसी कराई। पहले ओवर में विकेट अगले स्पैल में 2 और अहम विकेट कुल मिलाकर मैच का रुख बदल दिया यहां तक गुजरात पूरी तरह मैच में हावी नजर आ रही था। 19वें ओवर में पलटी पूरी बाजी मैच का सबसे बड़ा मोड़ 19वें ओवर में आया जब पंजाब को 12 गेंदों में 16 रन चाहिए थे, तब कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर गेंद प्रसिद्ध कृष्णा को सौंपी। लेकिन यही फैसला भारी पड़ गया: इस ओवर में 14 रन लुट गए कूपर कॉनॉली ने आक्रामक बल्लेबाजी की मैच पूरी तरह पंजाब के पक्ष में चला गया आखिरी ओवर में खत्म हुआ मुकाबला अब आखिरी 6 गेंदों में सिर्फ 2 रन की जरूरत थी। वाशिंगटन सुंदर गेंदबाजी के लिए आए पहली ही गेंद पर कूपर कॉनॉली ने चौका जड़कर मैच खत्म कर दिया क्या था असली टर्निंग पॉइंट? 19वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा को दोबारा गेंद देना उस ओवर में 14 रन खर्च होना कूपर कॉनॉली की आक्रामक पारी (72 रन) यही तीन फैक्टर गुजरात टाइटंस की हार की सबसे बड़ी वजह बने। बड़ी सीख यह मुकाबला दिखाता है कि T20 क्रिकेट में एक फैसला और एक ओवर पूरे मैच की दिशा बदल सकता है। शुभमन गिल का यह निर्णय टीम के लिए महंगा साबित हुआ, जबकि पंजाब किंग्स ने मौके का पूरा फायदा उठाया।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
Shreyas Iyer leading Punjab Kings during IPL match amid slow over rate penalty news
जीत के बाद भी लगा जुर्माना: स्लो ओवर रेट के चलते श्रेयस अय्यर पर 12 लाख की पेनल्टी

IPL 2026 में पंजाब किंग्स ने शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए यह मुकाबला महंगा साबित हुआ। गुजरात टाइटंस के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 3 विकेट से जीत दर्ज करने के बावजूद अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। क्यों लगा जुर्माना? मैच के दौरान पंजाब किंग्स निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर सकी। IPL के नियमों के अनुसार इसे “स्लो ओवर रेट” माना जाता है, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। IPL कमेटी के बयान के अनुसार, यह सीजन का पहला अपराध था, इसलिए श्रेयस अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। मैच का हाल न्यू चंडीगढ़ के स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने मुश्किल स्थिति से वापसी करते हुए जीत हासिल की। टीम लगभग हार की कगार पर थी 22 वर्षीय ऑलराउंडर कूपर कॉनॉली ने 72 रन की शानदार पारी खेली आखिरी ओवर में मैच अपने नाम किया हालांकि जीत के बावजूद स्लो ओवर रेट ने कप्तान के लिए परेशानी खड़ी कर दी। क्या कहते हैं नियम? IPL के नियमों के तहत: पहली बार स्लो ओवर रेट पर कप्तान पर जुर्माना बार-बार गलती होने पर जुर्माना बढ़ता है भविष्य में सस्पेंशन का खतरा भी हो सकता है बड़ी तस्वीर यह घटना दिखाती है कि इंडियन प्रीमियर लीग में नियमों का पालन कितना सख्त है। चाहे टीम जीत जाए, लेकिन अनुशासन में चूक महंगी पड़ सकती है।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
IPL 2026
IPL- धोनी के बिना CSK, RR से हारी, वैभव सूर्यवंशी की 15 गेंद पर फिफ्टी जडेजा, आर्चर और बर्गर को 2-2 विकेट

गुवाहाटी। IPL के 19वें सीजन में एमएस धोनी के बिना उतरी चेन्नई सुपर किंग्स ने हार से शुरुआत की। टीम को राजस्थान रॉयल्स ने 8 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में सोमवार को RR ने बॉलिंग चुनी। CSK 19.4 ओवर में 127 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। RR ने 12.1 ओवर में 2 ही विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। वैभव की 15 गेंदों पर फिफ्टी वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 गेंद पर फिफ्टी लगा दी, वे 52 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के लगाए। बॉलिंग में रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर और नांद्रे बर्गर ने 2-2 विकेट लिए। चेन्नई से जैमी ओवरटन टॉप स्कोरर रहे, उन्होंने 43 रन बनाए। अंशुल कम्बोज को 2 विकेट मिले। धोनी इंजर्ड होकर बाहर CSK के पूर्व कप्तान एमएस धोनी इंजरी के कारण 2 सप्ताह के लिए बाहर हो गए हैं। साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस भी इंजरी के कारण 3 मैच नहीं खेल सकेंगे। ऋतुराज गायकवाड कप्तानी कर रहे हैं, वहीं संजू सैमसन को ओपनिंग पोजिशन मिली। दोनों पहले मुकाबले में 6-6 रन ही बना सके।

Anjali Kumari मार्च 31, 2026 0
Powerplay Woes Continue Without Dhoni
IPL 2026: सीजन बदला, लेकिन नहीं बदली CSK की पावरप्ले की कमजोरी-धोनी के बिना फिर ढहा टॉप ऑर्डर

IPL 2026 की शुरुआत Chennai Super Kings के लिए बेहद निराशाजनक रही है। गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में Rajasthan Royals के खिलाफ टीम ने पावरप्ले में ही 41 रन पर 4 विकेट गंवा दिए, जिससे मैच की दिशा शुरुआत में ही तय हो गई। यह प्रदर्शन केवल एक खराब दिन की कहानी नहीं, बल्कि पिछले सीजन से चली आ रही समस्या की निरंतरता को दर्शाता है। पावरप्ले में लगातार फ्लॉप CSK T-20 क्रिकेट में पावरप्ले को सबसे अहम और स्कोरिंग के लिए अनुकूल फेज माना जाता है, लेकिन CSK के लिए यही फेज सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है। IPL 2026 के पहले मैच में 41/4 का स्कोर इस बात का संकेत है कि टीम की टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी अभी भी दबाव में टूट रही है। यह शुरुआत उन्हें मुकाबले से बाहर करने के लिए काफी थी। धोनी की गैरमौजूदगी से आगे की समस्या हालांकि टीम इस मैच में MS Dhoni के बिना उतरी, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं है। दरअसल, IPL 2025 में भी CSK की पावरप्ले बल्लेबाजी सबसे कमजोर टीमों में रही थी। 14 पारियों में कुल 731 रन औसत रन रेट: 8.70 औसत स्कोर: 52.21 कुल 29 विकेट (प्रति पारी औसतन 2.07 विकेट) डॉट बॉल प्रतिशत: 42.66% पहले 3 ओवर में ही बिगड़ जाता है खेल CSK की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में सामने आती है। ओवर 1 से 3 के बीच टीम का रन रेट केवल 7.76 रहा और लगभग आधी गेंदें (49.60%) डॉट खेली गईं। हालांकि ओवर 4 से 6 में रन रेट 9.64 तक पहुंचती है, लेकिन तब तक टीम शुरुआती नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में ही रहती है। 2025 का पैटर्न 2026 में भी जारी राजस्थान के खिलाफ 41/4 का स्कोर CSK के 2025 के औसत से भी काफी खराब है। यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि एक पैटर्न का हिस्सा है-धीमी शुरुआत, जल्दी विकेट गिरना और टॉप ऑर्डर का पूरी तरह ढह जाना। आगे की राह मुश्किल अगर CSK को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें पावरप्ले की रणनीति पर तुरंत काम करना होगा। अन्य टीमों के मुकाबले तेज शुरुआत करना अब जरूरत बन चुकी है, वरना हर मैच में शुरुआती झटका भारी पड़ सकता है।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
Sanju Samson in CSK jersey facing Rajasthan Royals during IPL 2026 match at Barsapara Stadium
IPL 2026: अपनी ही पुरानी टीम के खिलाफ उतरेंगे संजू सैमसन, CSK के लिए डेब्यू मुकाबला, जानें कब-कहां देखें लाइव

IPL 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और आज का मुकाबला बेहद खास होने वाला है। Sanju Samson पहली बार Chennai Super Kings के लिए मैदान पर उतरेंगे-वो भी अपनी पुरानी टीम Rajasthan Royals के खिलाफ। भावनात्मक होगा मुकाबला संजू सैमसन के लिए यह मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पल भी है। उन्होंने 11 साल तक राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया और टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे। अब वही खिलाड़ी चेन्नई की जर्सी में अपने पुराने साथियों के खिलाफ खेलते नजर आएंगे। वहीं, Ravindra Jadeja भी इस बार राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनकर अपनी पूर्व टीम के खिलाफ उतरेंगे, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। नई कप्तानी की शुरुआत इस मैच में Riyan Parag राजस्थान रॉयल्स के फुल-टाइम कप्तान के रूप में अपना पहला IPL मैच खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई की कप्तानी Ruturaj Gaikwad के हाथों में है, जिनसे टीम को मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। धोनी नहीं खेलेंगे MS Dhoni चोट के कारण शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे चेन्नई की टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिल सकता है। मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी मैच: राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स तारीख: 30 मार्च 2026 स्थान: गुवाहाटी, बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम समय: शाम 7:30 बजे (टॉस 7:00 बजे) लाइव कहां देखें? टीवी पर: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क ऑनलाइन स्ट्रीमिंग: JioHotstar ऐप और वेबसाइट 

surbhi मार्च 30, 2026 0
Ajinkya Rahane leaving field due to cramps during IPL 2026 match
IPL 2026: अजिंक्य रहाणे ने खेली शानदार पारी, लेकिन फील्डिंग के दौरान क्यों छोड़ा मैदान? कप्तान ने खुद बताया कारण

IPL 2026 के रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा कप्तान Ajinkya Rahane के मैदान छोड़ने को लेकर रही। शानदार बल्लेबाजी के बावजूद वह फील्डिंग के दौरान अचानक बाहर चले गए, जिससे फैंस हैरान रह गए। रहाणे ने खुद बताई वजह मैच के बाद रहाणे ने साफ किया कि उन्हें गंभीर क्रैंप्स (मांसपेशियों में ऐंठन) की समस्या हो गई थी। उन्होंने कहा, “मुझे काफी ज्यादा क्रैंप्स आ गए थे, जिसकी वजह से मैदान छोड़ना पड़ा। उम्मीद है कि मैं जल्द फिट होकर वापसी करूंगा।” कप्तानी पारी, लेकिन टीम को नहीं मिली जीत वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में KKR ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 220 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसमें रहाणे ने 40 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि अंगकृष रघुवंशी ने भी 51 रन का अहम योगदान दिया। मुंबई इंडियंस ने आसान बनाया लक्ष्य 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम के लिए Ryan Rickelton ने 81 रन और Rohit Sharma ने 78 रन बनाकर मैच को 19.1 ओवर में ही खत्म कर दिया। गेंदबाजी में KKR की कमजोरी आई सामने KKR के गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे। टीम की ओर से वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और सुनील नारायण को एक-एक विकेट मिला, लेकिन मुंबई के बल्लेबाजों के सामने यह नाकाफी साबित हुआ। रहाणे ने हार से क्या सीखा? मैच के बाद रहाणे ने कहा कि यह हार टीम के लिए सीखने का मौका है। उन्होंने माना कि 220-225 का स्कोर अच्छा था, लेकिन मुंबई के मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के सामने यह भी कम पड़ गया।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
Shubman Gill leading Gujarat Titans as captain in IPL 2026
IPL 2026 Preview: क्या कप्तान के रूप में खुद को साबित कर पाएंगे शुभमन गिल? गुजरात टाइटंस के सामने बड़ी चुनौती

IPL 2026 से पहले शुभमन गिल पर सबसे बड़ी नजरें टिकी हैं। बतौर बल्लेबाज उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अब असली परीक्षा उनकी कप्तानी की है। 2022 में हार्दिक पांड्या की अगुवाई में खिताब जीतने वाली टीम, अब गिल के नेतृत्व में दूसरी ट्रॉफी की तलाश में है। 2025 सीजन में टीम प्लेऑफ तक पहुंची, लेकिन निर्णायक मौकों पर चूक गई। ऐसे में 2026 गिल के लिए “मेक या ब्रेक” सीजन माना जा रहा है। कप्तानी में गिल के सामने क्या चुनौती? शुभमन गिल अब पहले से ज्यादा परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी का अनुभव उन्हें मिला है, लेकिन IPL में उन्हें अभी खुद को एक सफल लीडर के रूप में स्थापित करना बाकी है। इस सीजन में उनसे उम्मीद होगी कि वह न सिर्फ रन बनाएंगे, बल्कि टीम को मुश्किल परिस्थितियों में सही फैसलों से आगे भी ले जाएंगे। गुजरात टाइटंस की ताकत GT की सबसे बड़ी ताकत उनकी मजबूत टॉप ऑर्डर बैटिंग है: साई सुदर्शन और शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी जोस बटलर नंबर 3 पर विस्फोटक बल्लेबाजी जेसन होल्डर जैसे अनुभवी ऑलराउंडर गेंदबाजी में भी टीम काफी संतुलित दिखती है: मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की तेज जोड़ी कगिसो रबाडा और राशिद खान जैसे मैच विनर स्पिन विभाग में भी विविधता है, जिससे टीम अलग-अलग परिस्थितियों में रणनीति बदल सकती है। टीम की कमजोरियां टॉप ऑर्डर पर अत्यधिक निर्भरता मिडिल ऑर्डर की अस्थिरता राशिद खान का हालिया फॉर्म चिंता का विषय अगर शुरुआती बल्लेबाज जल्दी आउट होते हैं, तो टीम दबाव में आ जाती है। यही कमजोरी पिछले सीजन में भी सामने आई थी। नजर रखने वाले खिलाड़ी साई सुदर्शन – पिछले सीजन के टॉप रन स्कोरर जोस बटलर – मैच का रुख बदलने की क्षमता राशिद खान – गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव डाल सकते हैं क्या गिल दिला पाएंगे दूसरा खिताब? IPL 2026 में गुजरात टाइटंस के पास संतुलित टीम है, लेकिन उनकी सफलता काफी हद तक शुभमन गिल की कप्तानी पर निर्भर करेगी। अगर गिल अपने नेतृत्व और बल्लेबाजी दोनों में संतुलन बना पाए, तो टीम खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
Aryaman Birla portrait highlighting transition from cricketer to RCB chairman after franchise ownership change
RR में मौका नहीं मिला, अब RCB के चेयरमैन बने आर्यमन बिरला - क्रिकेटर से कॉरपोरेट लीडर तक का सफर

भारतीय क्रिकेट और कॉरपोरेट जगत के संगम से एक दिलचस्प कहानी सामने आई है। आर्यमन बिरला, जिन्हें कभी राजस्थान रॉयल्स की ओर से एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के चेयरमैन बन गए हैं। टीम के मालिकाना हक में हुए बड़े बदलाव के बाद यह नियुक्ति सामने आई है, जिसने खेल और बिजनेस दोनों क्षेत्रों में हलचल मचा दी है। RCB में बड़ा बदलाव, नए मालिकों की एंट्री RCB को एक कंसोर्टियम ने खरीदा है, जिसमें Aditya Birla Group, Times Group, Bolt Ventures और Blackstone की प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटेजी शामिल हैं। इस नए ढांचे में आर्यमन बिरला को चेयरमैन बनाया गया है, जबकि टाइम्स ग्रुप के सत्यान गजवानी वाइस-चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। कौन हैं आर्यमन बिरला? आर्यमन बिरला, कुमार मंगलम बिरला के बेटे हैं और Aditya Birla Group में डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने एक क्रिकेटर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई और घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। फर्स्ट क्लास डेब्यू: नवंबर 2017 (ओडिशा के खिलाफ) कुल मैच: 9 रन: 414 औसत: 27.6 एक शतक और एक अर्धशतक उन्होंने रजत पाटीदार और वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया। IPL करियर: बिना खेले ही खत्म IPL 2018 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन पूरे सीजन में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2020 सीजन से पहले टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। मानसिक स्वास्थ्य पर लिया बड़ा फैसला क्रिकेट से दूरी बनाने के दौरान आर्यमन बिरला ने खुलकर अपनी मानसिक स्थिति पर बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वे खुद को “फंसा हुआ” महसूस कर रहे थे और अब अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना चाहते हैं। यह कदम उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां से उन्होंने खुद को नए नजरिए से समझा और अब एक बड़े कॉरपोरेट रोल में नजर आ रहे हैं। क्रिकेट से कॉरपोरेट तक का सफर आर्यमन बिरला की यह कहानी बताती है कि असफलता अंत नहीं होती। क्रिकेट में सीमित मौके मिलने के बावजूद उन्होंने खुद को एक नई दिशा दी और आज IPL की एक बड़ी टीम के चेयरमैन बन चुके हैं।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Sourav Ganguly  discussing cricket leadership and coaching approach during a match or event
गांगुली की दो टूक सलाह: ‘रूखे होने की जरूरत नहीं’

भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर नेतृत्व शैली और व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर बेबाक राय रखते हुए साफ संदेश दिया है कि आक्रामकता जरूरी है, लेकिन उसमें रूखापन नहीं होना चाहिए। एक इंटरव्यू के दौरान सौरव गांगुली ने कहा कि गौतम गंभीर एक स्वाभाविक प्रतिस्पर्धी हैं और जीत के लिए उनका जुनून काबिल-ए-तारीफ है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए रूखा या कठोर व्यवहार जरूरी नहीं है। गांगुली ने कहा कि उन्होंने गंभीर के साथ खेला है और वह जानते हैं कि वह एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन उनका आक्रामक रवैया कई बार विवादों का कारण बन जाता है। टीम कल्चर को लेकर की तारीफ जहां एक ओर गांगुली ने गंभीर के व्यवहार पर सुझाव दिया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने उनकी कोचिंग स्टाइल की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि गंभीर टीम में “टीम फर्स्ट” का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं, जहां व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा सामूहिक सफलता पर जोर दिया जाता है। ICC जीत के बाद बढ़ी जिम्मेदारी गौतम गंभीर हाल ही में भारत को ICC Champions Trophy 2025 और ICC T20 World Cup 2026 जिताने वाले पहले हेड कोच बने हैं। इन सफलताओं ने उन्हें एक मजबूत कोच के रूप में स्थापित किया है, लेकिन गांगुली के मुताबिक असली परीक्षा अभी बाकी है। 2027 वर्ल्ड कप और टेस्ट क्रिकेट होगी असली चुनौती गांगुली का मानना है कि 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप गंभीर के लिए असली कसौटी होगा, जहां परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण होंगी। साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पिच पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने के बजाय संतुलित विकेट पर खेलना बेहतर होगा। उनका मानना है कि अच्छी पिच बेहतर परिणाम लाती है और टीम के प्रदर्शन को भी निखारती है। आने वाले दौरे पर नजरें IPL 2026 के बाद भारतीय टीम अफगानिस्तान और आयरलैंड के खिलाफ सीरीज खेलेगी, इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर लंबी व्हाइट-बॉल सीरीज होगी। यह दौर गंभीर के लिए अपनी रणनीति और नेतृत्व को और मजबूत करने का मौका होगा।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
IPL vs PSL conflict with players choosing IPL over PSL as PCB warns of strict action
IPL vs PSL: IPL की ओर झुकते खिलाड़ी, PCB चीफ मोहसिन नकवी का सख्त रुख-नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

दुनिया की दो प्रमुख टी20 लीग-Indian Premier League (IPL) और Pakistan Super League (PSL)-के बीच टकराव एक बार फिर चर्चा में है। इस बार विवाद की वजह बने हैं वे खिलाड़ी, जिन्होंने PSL को छोड़कर IPL में खेलने का फैसला किया है। Mohsin Naqvi, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन हैं, ने ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि लीग के नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। “नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई” नकवी ने साफ कहा कि जो खिलाड़ी PSL में अनुबंध के बावजूद IPL में खेलने चले जाते हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 2025 का उदाहरण देते हुए बताया कि Corbin Bosch पर इसी तरह एक साल का बैन लगाया गया था, जब उन्होंने PSL टीम पेशावर जाल्मी को छोड़कर IPL में Mumbai Indians के लिए खेला। 2026 में भी दोहराई जा रही कहानी इस साल भी कई खिलाड़ियों ने PSL से दूरी बनाकर IPL को प्राथमिकता दी है: Blessing Muzarabani ने इस्लामाबाद यूनाइटेड छोड़कर Kolkata Knight Riders जॉइन किया Dasun Shanaka ने लाहौर कलंदर्स से हटकर Rajasthan Royals के साथ जाने का फैसला किया इसके अलावा कई अन्य खिलाड़ियों ने भी PSL से नाम वापस लिया है, हालांकि उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है। IPL vs PSL: शेड्यूल टकराव भी बड़ा कारण PSL 26 मार्च से शुरू हो रही है, जबकि IPL 28 मार्च से। दोनों लीग के शेड्यूल के टकराव की वजह से खिलाड़ियों को एक विकल्प चुनना पड़ रहा है। IPL की ज्यादा लोकप्रियता, बड़े कॉन्ट्रैक्ट और ग्लोबल एक्सपोजर के कारण खिलाड़ी अक्सर IPL को प्राथमिकता देते नजर आते हैं। नकवी का संतुलित बयान हालांकि नकवी ने यह भी कहा कि IPL के साथ सीधा टकराव उनका मुद्दा नहीं है। उनका मानना है कि अगर कुछ खिलाड़ी IPL में जा रहे हैं, तो PSL में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि PSL को टालना संभव नहीं था, क्योंकि पूरे साल में उपलब्ध विंडो सीमित है। क्या बढ़ेगा विवाद? इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भविष्य में IPL और PSL के बीच शेड्यूल को लेकर बेहतर समन्वय हो पाएगा या नहीं। फिलहाल, PCB के सख्त रुख से यह साफ है कि खिलाड़ी अब दोनों लीग के बीच चुनाव करने में ज्यादा सावधानी बरतेंगे।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
MS Dhoni receives emotional welcome at Chepauk stadium during IPL 2026 event amid retirement speculation
क्या सच में IPL से रिटायर हो रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी? चेपॉक में एंट्री से बढ़ी अटकलें, फैंस हुए भावुक

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम में जो नज़ारा देखने को मिला, उसने क्रिकेट फैंस को भावुक कर दिया। चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जब स्टेडियम में पहुंचे, तो “थाला-थाला” के नारों से पूरा चेपॉक गूंज उठा। कई फैंस की आंखें नम हो गईं, मानो वे किसी युग के अंत का संकेत महसूस कर रहे हों। यह खास मौका CSK के ‘Roar26’ इवेंट का था, जहां टीम के मौजूदा खिलाड़ियों के साथ-साथ पूर्व स्टार्स जैसे सुरेश रैना और डीजे ब्रावो भी नजर आए। खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग सेशन और फन एक्टिविटी में हिस्सा लिया, जिससे माहौल और भी जोशीला बन गया। 44 साल के धोनी IPL में अपना 19वां सीजन खेलने जा रहे हैं। हालांकि उनकी फिटनेस और बल्लेबाजी क्षमता पहले जैसी नहीं रही, लेकिन टीम में उनकी मौजूदगी आज भी बेहद अहम मानी जाती है। हर साल की तरह इस बार भी उनके रिटायरमेंट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि IPL 2026 धोनी का आखिरी सीजन हो सकता है। उनके मुताबिक, इस बार धोनी “मेंटोर-कम-प्लेयर” की भूमिका में दिख सकते हैं और बल्लेबाजी क्रम में नीचे (नंबर 7 या 8) उतर सकते हैं। यह बदलाव टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया जा सकता है, जिससे कप्तान रुतुराज गायकवाड़ को अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का पूरा मौका मिले। साथ ही, टीम में संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी भी मौजूद हैं, जिन्हें भविष्य के कप्तान के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, धोनी ने खुद अभी तक रिटायरमेंट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन उनकी एंट्री पर फैंस की भावनाएं साफ इशारा कर रही हैं कि यह सीजन खास और शायद आखिरी भी हो सकता है।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Riyan Parag leading Rajasthan Royals with coach Kumar Sangakkara before IPL 2026
IPL 2026: रियान पराग ही क्यों बने राजस्थान रॉयल्स के कप्तान? कोच कुमार संगकारा ने खोला राज

Indian Premier League 2026 के आगाज से पहले राजस्थान रॉयल्स ने बड़ा फैसला लेते हुए संजू सैमसन के बाद टीम की कमान रियान पराग को सौंप दी है। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी, जिस पर अब टीम के हेड कोच कुमार संगकारा ने खुलकर अपनी बात रखी है। खराब प्रदर्शन के बाद बड़े बदलाव IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। टीम ने केवल 4 मैच जीते, जबकि 10 मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी और अंक तालिका में 9वें स्थान पर रही। इसी खराब प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी ने टीम संयोजन और नेतृत्व दोनों में बड़े बदलाव करने का निर्णय लिया। टीम को संतुलित करने पर फोकस कुमार संगकारा के अनुसार, इस बार टीम ने अपनी कमजोरियों पर खास काम किया है। स्पिन विभाग को मजबूत करने के लिए रवि बिश्नोई को शामिल किया गया   ऑलराउंडर विकल्प बढ़ाने के लिए रवींद्र जडेजा और सैम करन को टीम में जोड़ा गया   इन बदलावों से टीम को संतुलन और लचीलापन मिलने की उम्मीद है, खासकर विदेशी खिलाड़ियों के चयन में। रियान पराग को कप्तान क्यों चुना गया? कप्तानी के फैसले पर संगकारा ने साफ कहा कि यह पूरी तरह योग्यता और नेतृत्व क्षमता के आधार पर लिया गया निर्णय है। उन्होंने बताया कि रियान पराग को उन्होंने किशोर उम्र से देखा है और अब उनमें काफी परिपक्वता आ चुकी है। संगकारा के मुताबिक, पराग में टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता है   दबाव में निर्णय लेने की समझ विकसित हुई है   वे एक जिम्मेदार खिलाड़ी और इंसान के रूप में उभरे हैं   उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चयन में किसी क्षेत्रीय पहचान या अन्य बाहरी कारकों का कोई असर नहीं था। चयन प्रक्रिया रही कड़ी राजस्थान रॉयल्स ने नए कप्तान के चयन के लिए कई खिलाड़ियों पर विचार किया और एक सख्त इंटरव्यू प्रक्रिया अपनाई। अंत में टीम मैनेजमेंट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि रियान पराग ही इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं। आगे की राह टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को भरोसा है कि रियान पराग की कप्तानी में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। संगकारा ने कहा कि योजना बनाना जरूरी है, लेकिन असली सफलता मैदान पर प्रदर्शन से तय होगी। टीम का फोकस अब खिलाड़ियों के बीच तालमेल और आत्मविश्वास बढ़ाने पर है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Virat Kohli with RCB teammates as Padikkal and Venkatesh Iyer compete for number 3 spot
IPL 2026: ओपनिंग तय, लेकिन नंबर-3 पर सस्पेंस बरकरार - RCB में इन दो धुरंधरों के बीच कड़ी टक्कर

Royal Challengers Bengaluru के लिए IPL 2026 से पहले टीम कॉम्बिनेशन का सबसे बड़ा सवाल नंबर-3 बल्लेबाजी को लेकर खड़ा हो गया है। जहां ओपनिंग जोड़ी लगभग तय मानी जा रही है, वहीं तीसरे नंबर पर कौन उतरेगा, इस पर फैंस और एक्सपर्ट्स की नजरें टिकी हैं। कोहली-साल्ट करेंगे पारी की शुरुआत इस सीजन में Virat Kohli और Phil Salt ओपनिंग करते नजर आएंगे। पिछले सीजन में इस जोड़ी ने टीम को कई मजबूत शुरुआत दिलाई थी, जिससे इस बार भी उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। नंबर-3 के लिए दो बड़े दावेदार तीसरे नंबर के लिए टीम के पास दो विस्फोटक बल्लेबाज मौजूद हैं: Devdutt Padikkal   Venkatesh Iyer   दोनों ही खिलाड़ी मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं और पहले भी IPL में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। पडिक्कल बनाम अय्यर: किसे मिलेगा मौका? पडिक्कल पिछले सीजन में इसी नंबर पर खेल चुके हैं और कुछ अहम पारियां भी खेली थीं। वहीं, अय्यर के पास भी फर्स्ट डाउन आकर आक्रामक बल्लेबाजी करने का अनुभव है, खासकर KKR के लिए उन्होंने कई बार यह भूमिका निभाई है। RCB ने अय्यर को इस सीजन ऑक्शन में करीब 7 करोड़ रुपये में खरीदा,जिससे टीम मैनेजमेंट का उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? पूर्व भारतीय क्रिकेटर Suresh Raina का मानना है कि टीम मैनेजमेंट पडिक्कल को नंबर-3 पर बरकरार रख सकती है। रैना के मुताबिक, लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन और टीम बैलेंस को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु की पिचें अय्यर के खेल के अनुकूल हैं। टीम कॉम्बिनेशन पर असर अगर अय्यर को नंबर-3 पर मौका मिलता है, तो पडिक्कल की भूमिका पर सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं, कप्तान Rajat Patidar को मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह तय करनी होगी। IPL 2026 का आगाज Indian Premier League 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है, जहां पहले मुकाबले में RCB की भिड़ंत सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होगी। डिफेंडिंग चैंपियन RCB के सामने इस बार खिताब बचाने की बड़ी चुनौती होगी।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
IPL 2026
IPL 2026 से पहले तेज गेंदबाजों पर संकट, टीम मैनेजमेंट की बढ़ी चिंता

IPL 2026 की शुरुआत से ठीक पहले कई फ्रेंचाइज़ियों को अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख तेज गेंदबाजों की चोट या उपलब्धता पर अनिश्चितता ने टीमों की रणनीति और संतुलन दोनों को प्रभावित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार खास तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जैसी टीमों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इन टीमों के प्रमुख पेसर या तो चोटिल हैं या पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, जिससे टीम मैनेजमेंट को आखिरी समय में संयोजन बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। तेज गेंदबाज किसी भी टी20 टीम की रीढ़ माने जाते हैं, खासकर पावरप्ले और डेथ ओवर्स में। ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम के लिए “स्लीपलेस नाइट्स” जैसी स्थिति पैदा कर रही है। अब टीमों को बैकअप खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा या नए विकल्प तलाशने होंगे। KKR को लगा बड़ा झटका कोलकाता नाइट राइडर्स को पहले ही बड़ा झटका लग चुका है, क्योंकि युवा तेज गेंदबाज Harshit Rana चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उन्होंने घुटने की सर्जरी करवाई थी और समय पर फिट नहीं हो पाएंगे। रणनीति पर पड़ेगा असर इन चोटों का असर सिर्फ प्लेइंग इलेवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी टीम रणनीति प्रभावित होगी। कई टीमें अब ऑलराउंडर्स या विदेशी तेज गेंदबाजों पर ज्यादा निर्भर हो सकती हैं। साथ ही, युवा खिलाड़ियों को मौका मिलने की संभावना भी बढ़ गई है। LSG से आगे बढ़ा संकट जहां पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) लगातार ऐसी समस्याओं से जूझती रही थी, वहीं इस बार अन्य टीमें भी इसी स्थिति में नजर आ रही हैं।

surbhi मार्च 18, 2026 0
Shubman Gill and Smriti Mandhana.
BCCI नमन अवॉर्ड्स 2026: शुभमन गिल और स्मृति मंधाना बने साल के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर

  भारतीय क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित BCCI Naman Awards 2026 में इस बार Shubman Gill और Smriti Mandhana ने सबसे बड़ा सम्मान हासिल किया। वर्ष 2024-25 में शानदार प्रदर्शन के लिए गिल को पुरुष वर्ग में और मंधाना को महिला वर्ग में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चुना गया।   गिल को मिला ‘पॉली उमरीगर अवॉर्ड’ भारतीय टेस्ट कप्तान Shubman Gill को प्रतिष्ठित Polly Umrigar Award से सम्मानित किया गया। यह उनके करियर का दूसरा ‘क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड है। इससे पहले भी वह 2023 में यह सम्मान जीत चुके हैं। साल 2025 गिल के लिए बेहद शानदार रहा। England दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में उन्होंने कप्तानी करते हुए 10 पारियों में 75.40 की औसत से 754 रन बनाए। इस दौरान चार शतक और 269 रन की बेहतरीन पारी भी उनके खाते में दर्ज हुई। इसके अलावा ICC Champions Trophy में भारत की जीत में भी उनका अहम योगदान रहा। टूर्नामेंट में उन्होंने 188 रन बनाए, जिसमें Bangladesh national cricket team के खिलाफ नाबाद 101 रन की पारी शामिल रही।   मंधाना ने पांचवीं बार जीता अवॉर्ड भारतीय महिला टीम की स्टार बल्लेबाज Smriti Mandhana को यह सम्मान पांचवीं बार मिला है। उन्होंने 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 1703 रन बनाए, जिसमें वनडे में 1362 रन शामिल हैं। मंधाना महिला वनडे इतिहास में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली बल्लेबाज बनीं। इसके साथ ही उन्होंने महिला विश्व कप में भारत को पहला खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई, जहां उन्होंने नौ मैचों में 434 रन बनाए।   दिग्गजों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान समारोह में भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों Roger Binny, Rahul Dravid और Mithali Raj को Col. C. K. Nayudu Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय क्रिकेट में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
South Africa bowler Nqobani Mokoena celebrates wickets as New Zealand all out for 91 in T20 match.
साउथ अफ्रीका के आगे ढही न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी, 91 रन पर ऑलआउट; डेब्यूटेंट मोकोएना बने हीरो

  पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में South Africa national cricket team ने New Zealand national cricket team को सात विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। Bay Oval में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड की टीम महज 91 रन पर सिमट गई, जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसका दूसरा सबसे छोटा टी20 स्कोर है।   कीवी बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों के सामने मेजबान बल्लेबाज टिक ही नहीं पाए और पूरी टीम सिर्फ 14.3 ओवर में 91 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। गौरतलब है कि इस सीरीज में न्यूजीलैंड ने ICC Men's T20 World Cup फाइनल खेलने वाली टीम के आठ खिलाड़ियों को आराम दिया है, जिसका असर बल्लेबाजी पर साफ दिखाई दिया।   19 साल के मोकोएना ने डेब्यू में मचाया धमाल दक्षिण अफ्रीका की जीत के असली हीरो 19 वर्षीय डेब्यूटेंट Nqobani Mokoena रहे। उन्होंने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 26 रन देकर तीन विकेट झटके और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा Gerald Coetzee और Ottniel Baartman ने दो-दो विकेट लिए, जबकि कप्तान Keshav Maharaj ने भी दो सफलताएं हासिल कर कीवी टीम को सस्ते में समेटने में अहम भूमिका निभाई।   17 ओवर से पहले ही हासिल कर लिया लक्ष्य 92 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 16.4 ओवर में 3 विकेट खोकर जीत दर्ज कर ली। विकेटकीपर बल्लेबाज Connor Esterhuizen ने 48 गेंदों में नाबाद 45 रन की संयमित पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए Nqobani Mokoena को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करना उनके लिए खास अनुभव रहा और हालात गेंदबाजों के लिए काफी मददगार थे।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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