नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि इतनी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर रखना भारतीय टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था, क्योंकि वहां की परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थीं। सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा कि आयरलैंड की धीमी और स्पंजी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी विरोधी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। उनके मुताबिक वहां के छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल हालात युवा बल्लेबाज को अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का बेहतरीन अवसर देते। 'आयरलैंड में खेलता तो गेंदबाजों पर भारी पड़ता' रवि शास्त्री ने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था। वहां की पिचें धीमी और स्पंजी होती हैं। वह वहां छप्पर फाड़ बल्लेबाजी करता। मैदान भी छोटे हैं। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।" शास्त्री के इस बयान ने टीम चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें सही समय पर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। 'बेंच गर्म करने के लिए नहीं है ऐसा खिलाड़ी' पूर्व भारतीय कोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को सिर्फ रिजर्व के तौर पर बैठाकर रखना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, "उसे जितनी जल्दी हो सके खिलाइए। उसने आईपीएल में लगभग हर गेंदबाज की धुनाई की है। ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जिसे उसने नहीं पीटा? आप उसे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए बैठा रहे हैं।" शास्त्री का मानना है कि ऐसे निडर खिलाड़ी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं और टीम को तेज शुरुआत दिलाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं। भारत के लिए बन सकते हैं एक्स-फैक्टर रवि शास्त्री के अनुसार वैभव सूर्यवंशी में वह आत्मविश्वास, निडरता और आक्रामक सोच है जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की क्षमता टीम के मध्यक्रम का दबाव कम कर सकती है और मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है। इसी वजह से उन्होंने टीम मैनेजमेंट से जल्द से जल्द वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। सहायक कोच ने भी माना- तैयार हैं वैभव भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा टीम संयोजन के कारण उन्हें अभी इंतजार करना होगा। उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना चाहता है जिन्होंने हाल के महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए फिलहाल किसी खिलाड़ी को बाहर करना आसान फैसला नहीं है। राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं तारीफ वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने उन्हें "अनूठी प्रतिभा" बताया था और उनके उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की थी। अब सबकी नजर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आईपीएल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके वैभव सूर्यवंशी को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। रवि शास्त्री के बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका देने की रणनीति अपनाएगा। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का अवसर आखिर कब मिलता है और वह अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर किस तरह साबित करते हैं।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण अभी भी टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में भी वह बेंच पर ही बैठे रहे थे। हालांकि क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि डेब्यू में देरी से उम्मीदें और दबाव जरूर बढ़ता है, लेकिन इतनी कम उम्र में खिलाड़ी इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अपने अनुभवी टॉप ऑर्डर पर भरोसा जताया और वैभव को एक बार फिर अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। इसके बाद उनके डेब्यू को लेकर चर्चा और तेज हो गई। 'जितना लंबा इंतजार, उतना बड़ा दबाव' सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के डेब्यू में लगातार देरी होती है तो उसके प्रदर्शन को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, "जब भी वैभव को मौका मिलेगा, तब तक का यह लंबा इंतजार उनके ऊपर थोड़ा अतिरिक्त दबाव जरूर डालेगा। लेकिन 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। उसे सिर्फ अपना खेल खेलने की चिंता होती है।" गावस्कर ने यह भी कहा कि वैभव अच्छी तरह जानते हैं कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतना होगा। सीनियर खिलाड़ियों के बीच सीखने का मिल रहा है मौका पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि फिलहाल वैभव के लिए सबसे बड़ा फायदा भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस समय अनुभवी और विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे माहौल में रहकर युवा खिलाड़ी बहुत कुछ सीख सकता है। नेट्स में अभ्यास करना, टीम मीटिंग्स का हिस्सा बनना और सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताना भी किसी बड़े अनुभव से कम नहीं है। गावस्कर के मुताबिक, वैभव इस समय टीम के साथ रहकर मिलने वाले अनुभव का पूरा आनंद ले रहे होंगे और यही उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पहला टी20 मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। भारतीय पारी में: अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 59 रनों की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 68 रन बनाए। शिवम दुबे ने अंत में नाबाद 42 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि संजू सैमसन, ईशान किशन और उपकप्तान तिलक वर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। इसके बाद लगातार बारिश होने के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू ही नहीं कर सका और मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया। अब मैनचेस्टर पर टिकी निगाहें अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिलेगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह न सिर्फ उनके करियर का सबसे बड़ा दिन होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक नया सितारा भी मिल सकता है।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका विस्फोटक बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनका मासूम अंदाज है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फैंस का प्यार देखकर 15 वर्षीय बल्लेबाज शर्माते हुए अपना चेहरा हूडी से छिपाते नजर आ रहे हैं। मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाले वैभव का यह सरल और विनम्र अंदाज क्रिकेट प्रशंसकों को खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इस वीडियो पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। फैंस की आवाज सुनकर मुस्कुराए, फिर छिपा लिया चेहरा वायरल वीडियो कथित तौर पर इंग्लैंड का बताया जा रहा है, जहां भारतीय टीम आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज की तैयारी कर रही है। वीडियो में वैभव भारतीय टीम की ट्रेनिंग किट पहनकर वॉर्म-अप के दौरान मैदान का चक्कर लगा रहे हैं। इसी दौरान स्टैंड में मौजूद फैंस उनका नाम जोर-जोर से पुकारने लगते हैं। जैसे ही वैभव फैंस के करीब पहुंचते हैं, वह हल्की मुस्कान के साथ शर्मा जाते हैं और अपनी हूडी से चेहरा छिपा लेते हैं। उनका यह स्वाभाविक और सादगी भरा रिएक्शन अब इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। टीम इंडिया में डेब्यू के लिए करना होगा इंतजार हालांकि वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पहले टी20 मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि टॉप ऑर्डर में पहले से अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में वैभव को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए सही अवसर का इंतजार करना होगा। कम उम्र में बना चुके हैं बड़ी पहचान वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज में उन्होंने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से क्रिकेट जगत में उन्हें 'वंडर किड' के नाम से भी पहचान मिलने लगी है। फैंस के बीच लगातार बढ़ रही लोकप्रियता वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी जितनी चर्चा में रहती है, उतनी ही उनकी सादगी भी लोगों को आकर्षित करती है। वायरल वीडियो में उनका शर्मीला अंदाज इस बात का संकेत देता है कि मैदान पर आत्मविश्वास से भरे नजर आने वाले इस युवा खिलाड़ी का स्वभाव निजी जीवन में बेहद विनम्र और शांत है। यही कारण है कि उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है और क्रिकेट प्रेमी उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से मिली हार के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा की बल्लेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। श्रीकांत ने आरोप लगाया कि तिलक वर्मा ने टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि मैच को अंत तक ले जाकर खुद मैच जिताने की कोशिश में धीमी पारी खेली। उनके मुताबिक मिडिल ओवरों में धीमी बल्लेबाजी भारतीय टीम की हार की बड़ी वजह बनी। मिडिल ऑर्डर का प्रदर्शन रहा निराशाजनक पूरी टी20 सीरीज में भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट मिडिल ओवरों में काफी धीमा रहा, जिससे टीम पावरप्ले में मिली अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकी। इसके अलावा, कहा गया कि आईपीएल 2024 के बाद से स्पिन के खिलाफ तिलक वर्मा के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है। इसी वजह से 2026 टी20 विश्व कप के दौरान टीम प्रबंधन ने उन्हें मिडिल ऑर्डर की बजाय फिनिशर की भूमिका में भी आजमाया था। दूसरे टी20 में नहीं दिला सके जीत सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत को 155 रन का लक्ष्य मिला था। टीम की शुरुआत खराब रही और महज 19 रन पर तीन विकेट गिर गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचाया। हालांकि अंतिम क्षणों में रन गति बढ़ाने में टीम सफल नहीं हो सकी और भारत को 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। श्रीकांत ने क्या कहा? अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भारतीय बल्लेबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि— "आप मिडिल ओवरों में उस तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकते जैसी भारत ने की। खासकर तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट बेहद खराब था। शुरुआत में पारी संभालना जरूरी होता है, लेकिन उसके बाद तेजी से रन बनाने भी जरूरी हैं।" उन्होंने कहा कि यदि मिडिल ओवरों में रन गति रुक जाती है तो लक्ष्य हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। 'सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे' श्रीकांत ने तिलक वर्मा के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि— "तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे। वह सिंगल-डबल लेकर मैच को आखिरी तक ले जाना चाहते थे ताकि अंत में खुद मैच जिताकर हीरो बन सकें। ऐसे लक्ष्य का पीछा आखिरी गेंद तक नहीं, बल्कि एक ओवर पहले पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।" बहस का विषय बनी बल्लेबाजी हालांकि तिलक वर्मा की पारी को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ मुश्किल परिस्थितियों में विकेट बचाकर खेलने को सही रणनीति मानते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि टी20 क्रिकेट में आवश्यक रन गति बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण होता है। आयरलैंड के खिलाफ मिली सीरीज हार के बाद भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। आयरलैंड दौरे पर टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला, जबकि भारत को सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वैभव के डेब्यू को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने क्या कहा? टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने साफ कहा कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें सही अवसर का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके देकर उनका आत्मविश्वास बनाए रखना चाहता है। रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हाल ही में भारत की सफलता में अहम भूमिका निभा चुके हैं और उनका आईपीएल प्रदर्शन भी शानदार रहा है। ऐसे में टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को जल्दबाजी में बाहर करने के बजाय उसे लगातार अवसर देना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव की प्रतिभा और तैयारी पर किसी तरह का संदेह नहीं है। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 237.30 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार जीता था। उनके आक्रामक खेल ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच खेली जाएगी अब भारतीय टीम 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। माना जा रहा है कि यदि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, तो वैभव सूर्यवंशी को बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिल सकता है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड दौरे पर टिकी है, जहां यह युवा बल्लेबाज भारतीय जर्सी में पहली बार मैदान पर उतर सकता है।
नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम से आयरलैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। पहले मुकाबले में 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 34 रन से हार गई, जबकि दूसरे मैच में 155 रन के लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर सकी। सीरीज के दौरान कई खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद से काफी नीचे रहा। आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में, जिनका प्रदर्शन भारत की हार की बड़ी वजह बना। 1. श्रेयस अय्यर नई टी20 कप्तानी की शुरुआत श्रेयस अय्यर के लिए बेहद निराशाजनक रही। बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी वह प्रभाव नहीं छोड़ सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 3 रन (7 गेंद) दूसरा मैच: 10 रन कप्तान होने के नाते उनसे बड़ी पारी और बेहतर रणनीति की उम्मीद थी, लेकिन दोनों मोर्चों पर टीम को निराशा मिली। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दिला सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 5 रन दूसरा मैच: पहली ही गेंद पर आउट लगातार दो खराब पारियों ने शीर्ष क्रम पर दबाव बढ़ा दिया। 3. ईशान किशन आईपीएल में शानदार फॉर्म के बावजूद ईशान किशन आयरलैंड के खिलाफ लय में नजर नहीं आए। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 1 रन दूसरा मैच: 12 रन दूसरे मुकाबले में रन आउट होना भी भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। 4. अक्षर पटेल अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल गेंद और बल्ले दोनों से अपेक्षित योगदान नहीं दे सके। प्रदर्शन: गेंदबाजी: पहले मैच में 2 विकेट, दूसरे में कोई विकेट नहीं बल्लेबाजी: 15 और 14 रन टीम को उनसे मैच जिताने वाले प्रदर्शन की उम्मीद थी। 5. तिलक वर्मा तिलक वर्मा ने रन जरूर बनाए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की गति सवालों के घेरे में रही। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 19 रन (21 गेंद) दूसरा मैच: 55 रन (46 गेंद) टी20 क्रिकेट की जरूरत के हिसाब से उनकी स्ट्राइक रेट अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे टीम पर दबाव बढ़ता गया। हार से मिले बड़े सबक आयरलैंड के खिलाफ यह सीरीज हार भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी, शीर्ष क्रम की विफलता और दबाव के क्षणों में खराब फैसलों ने टीम को दोनों मुकाबलों में नुकसान पहुंचाया। हालांकि, यह युवा टीम के लिए अपनी कमजोरियों को पहचानने और आने वाली सीरीज से पहले सुधार करने का भी अवसर है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शनों के दम पर वैभव ने बेहद कम उम्र में भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हें आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या फिर उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा? भारत और Ireland cricket team के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत होने वाली है और टीम चयन को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता चरम पर है। वैभव ने अपने प्रदर्शन से मचाया तहलका वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ महीनों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 237.30 के शानदार स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इसके बाद इंडिया ए के लिए त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी बनाया। इन्हीं प्रदर्शनों के दम पर उन्हें सीनियर टीम में जगह मिली और अब फैंस उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मुश्किल है प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना वैभव की सबसे बड़ी चुनौती उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि टीम में पहले से मौजूद मजबूत प्रतिस्पर्धा है। भारतीय टीम में पहले से ही तीन स्थापित ओपनर मौजूद हैं: Sanju Samson Abhishek Sharma Ishan Kishan इन तीनों बल्लेबाजों ने हाल के समय में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम प्रबंधन भी उन्हें लगातार मौके दे रहा है। ऐसे में चौथे ओपनर के रूप में वैभव की एंट्री चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगी। क्या किसी सीनियर खिलाड़ी की जगह बदलेगी? वैभव मूल रूप से ओपनिंग बल्लेबाज हैं। ऐसे में उन्हें टीम में शामिल करने के लिए किसी स्थापित बल्लेबाज की भूमिका बदलनी पड़ सकती है। हालांकि आयरलैंड सीरीज के बाद भारत को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन अपने प्रमुख बल्लेबाजों की लय और आत्मविश्वास के साथ कोई बड़ा प्रयोग करने से बच सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डेब्यू कराने के लिए किसी इन-फॉर्म खिलाड़ी को बाहर बैठाना टीम संतुलन के लिहाज से सही फैसला नहीं होगा। क्या बेंच पर बैठना पड़ेगा? मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए संभावना यही नजर आती है कि वैभव सूर्यवंशी को शुरुआती मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना पड़ सकता है। हालांकि इसे नकारात्मक रूप में नहीं देखा जा सकता। सीनियर टीम के साथ समय बिताना, अंतरराष्ट्रीय माहौल को समझना और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कई महान खिलाड़ियों ने भी अपने करियर की शुरुआत में कुछ समय बेंच पर बैठकर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का माहौल सीखा था। बीसीसीआई ने किया खास इंतजाम इस दौरे की एक खास बात यह भी है कि महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के साथ उनके माता-पिता भी आयरलैंड और इंग्लैंड जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Board of Control for Cricket in India ने उनके माता-पिता के यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है, ताकि युवा खिलाड़ी पर अतिरिक्त मानसिक दबाव न पड़े और वह अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सके। भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले के लिए भारत की संभावित टीम: अभिषेक शर्मा संजू सैमसन (विकेटकीपर) ईशान किशन Shreyas Iyer (कप्तान) Tilak Varma Shivam Dube Axar Patel Washington Sundar Arshdeep Singh Harshit Rana Ravi Bishnoi क्या होगा सही फैसला? वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे हैं, लेकिन टीम प्रबंधन उनके करियर को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से तैयार करना चाहता है। यदि उन्हें तुरंत मौका नहीं भी मिलता है, तो यह उनके लिए सीखने और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए और बेहतर बनाने का अवसर होगा। अब सभी की नजरें टीम मैनेजमेंट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या युवा सनसनी को डेब्यू कैप मिलेगी या फिर उन्हें अपनी बारी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।
नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 113 रन से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सेमीफाइनल की ओर लगभग अपना स्थान पक्का कर लिया है, लेकिन इस नतीजे ने भारतीय महिला टीम की चिंता बढ़ा दी है। अब टीम इंडिया के लिए आगे के दोनों मुकाबले बेहद अहम हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाई भारत की टेंशन ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया लगातार चार मैच जीतकर 8 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच चुकी है। दूसरी ओर भारत ने तीन मैचों में दो जीत और एक हार के साथ 4 अंक हासिल किए हैं और फिलहाल दूसरे स्थान पर है। हालांकि अंक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत दिखाई देती है, लेकिन असल चुनौती अब सामने है। भारत के बचे हुए दो मुकाबलों में एक मैच बांग्लादेश और दूसरा मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ है। यदि भारतीय टीम इन दोनों में से किसी एक मैच में भी हार जाती है, तो सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो सकती है। दक्षिण अफ्रीका भी बना हुआ है बड़ा खतरा दक्षिण अफ्रीका के भी तीन मैचों में 4 अंक हैं। प्रोटियाज टीम के सामने अभी नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं। ऐसे में उनके दोनों मैच जीतने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। अगर दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मुकाबले जीत लेता है और भारत को एक भी हार मिलती है, तो नेट रन रेट की लड़ाई शुरू हो सकती है। यही वजह है कि भारत के लिए अब दोनों मैच जीतना लगभग अनिवार्य हो गया है। ग्रुप-ए की अंक तालिका टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट ऑस्ट्रेलिया 4 4 0 8 +4.724 भारत 3 2 1 4 +2.511 दक्षिण अफ्रीका 3 2 1 4 -0.546 बांग्लादेश 3 2 1 4 -0.641 पाकिस्तान 4 0 4 0 -2.831 नीदरलैंड्स 3 0 3 0 -3.384 कब हैं भारत के अगले मुकाबले? भारतीय महिला टीम 25 जून को मैनचेस्टर में बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इसके बाद 30 जून को लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया से उसका मुकाबला होगा। दोनों मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होंगे। पाकिस्तान पर ऑस्ट्रेलिया की एकतरफा जीत ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के सामने 200 रन का विशाल लक्ष्य रखा। जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम केवल 86 रन पर सिमट गई। पाकिस्तानी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए और टीम 13.4 ओवर में ऑलआउट हो गई। इस हार के साथ पाकिस्तान चारों मैच गंवाकर टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया है।
India vs Ireland T20 Series 2026: भारतीय क्रिकेट टीम को 26 जून से आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलनी है, लेकिन सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण इस दौरे से बाहर हो गए हैं। अब उनकी जगह पंजाब किंग्स के युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेड्गे को टीम में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। क्वाड्रिसेप्स इंजरी के कारण बाहर हुए नीतीश रिपोर्ट्स के अनुसार, नीतीश कुमार रेड्डी क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) की चोट से जूझ रहे हैं। इसी वजह से वह हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भी नहीं खेल पाए थे। नीतीश को आगामी इंग्लैंड दौरे के लिए वनडे और टी20 टीम में भी चुना गया है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर अब संशय पैदा हो गया है। टीम इंडिया के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें हार्दिक पांड्या के बैकअप ऑलराउंडर के रूप में देखा जा रहा था। सूर्यांश शेड्गे बन सकते हैं रिप्लेसमेंट नीतीश की अनुपस्थिति में सूर्यांश शेड्गे का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। IPL 2026 में सूर्यांश शेड्गे का प्रदर्शन 8 मैचों में 158 रन स्ट्राइक रेट 175 निचले क्रम में तेज बल्लेबाजी मध्यम गति की गेंदबाजी की क्षमता हाल ही में समाप्त हुई ट्राई नेशन वनडे सीरीज में भी उन्होंने 26, 40 और 72 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। आज रवाना होगी टीम इंडिया भारतीय टीम 23 जून को आयरलैंड के लिए रवाना होने वाली है। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग बैचों में भेजा जा रहा है। पहले बैच में शामिल खिलाड़ी अक्षर पटेल संजू सैमसन वैभव सूर्यवंशी अभिषेक शर्मा वहीं दूसरा बैच बुधवार को मुंबई से आयरलैंड के लिए रवाना होगा। आयरलैंड दौरे पर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सूर्यांश शेड्गे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलता है या नहीं।
बर्गेनस्टॉक (स्विट्जरलैंड): अमेरिका और ईरान के बीच रविवार (21 जून) को स्विट्जरलैंड में शुरू हुई बहुप्रतीक्षित वार्ता की शुरुआत ही तनावपूर्ण माहौल में हुई। बातचीत शुरू होने से पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित संयुक्त फोटो सेशन और हाथ मिलाने के कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके कुछ देर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई की नई चेतावनी पर नाराजगी जताते हुए ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक स्थल से बाहर निकल गया। इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में हुई पहली बैठक अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का पहला दौर स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में आयोजित किया गया। बैठक में अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। पाकिस्तान और कतर इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। यह वार्ता हाल ही में हुए 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (MoU) के तहत शुरू हुई है, जिसके अनुसार अगले 60 दिनों तक दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत होगी। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जानी है। हाथ मिलाने और फोटो सेशन से ईरान का इनकार ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और आयोजकों ने बातचीत शुरू होने से पहले दोनों पक्षों के नेताओं के बीच हाथ मिलाने और संयुक्त फोटो सेशन की व्यवस्था की थी। ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ तथा विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। दोनों नेता निर्धारित फोटो सेशन से पहले ही बैठक कक्ष से बाहर निकल गए। कैमरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कमरे से बाहर निकलने से ठीक पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से संक्षिप्त बातचीत की। इसके बाद वह अचानक मुड़े और पूरे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कक्ष से बाहर चले गए। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिससे वार्ता की शुरुआत में ही दोनों पक्षों के बीच मौजूद अविश्वास और तनाव उजागर हो गया। ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी नाराजगी सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई संबंधी हालिया बयान ने ईरानी पक्ष की नाराजगी बढ़ा दी। ईरान का मानना है कि कूटनीतिक बातचीत के दौरान इस तरह की सार्वजनिक चेतावनियां वार्ता के माहौल को प्रभावित करती हैं और आपसी भरोसे को कमजोर करती हैं। आगे की बातचीत पर दुनिया की नजर शुरुआती तनाव के बावजूद दोनों पक्षों के बीच वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई है। मध्यस्थ देशों पाकिस्तान और कतर की कोशिश है कि बातचीत का अगला दौर सकारात्मक माहौल में आगे बढ़े। विशेषज्ञों का मानना है कि स्विट्जरलैंड में शुरू हुई यह वार्ता पश्चिम एशिया की राजनीति, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
नई दिल्ली: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने भारतीय टीम की सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर दी है। पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराकर शानदार शुरुआत करने वाली टीम इंडिया तीसरे मुकाबले में प्रोटियाज टीम के सामने टिक नहीं सकी। अब सिर्फ एक हार ने ग्रुप-1 के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। ग्रुप-1 में कैसी है स्थिति? ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया लगातार तीन जीत के साथ शीर्ष पर है। भारत ने तीन मैचों में दो जीत हासिल की हैं और फिलहाल दूसरे स्थान पर मौजूद है। दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के अंक समान हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण अफ्रीकी टीम को बढ़त हासिल है। वहीं पाकिस्तान और नीदरलैंड्स की लगातार तीन हार के बाद उनकी नॉकआउट की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं। भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता? आईसीसी के नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्रुप से सिर्फ दो टीमें ही नॉकआउट चरण में पहुंचेंगी। भारत को अब अपने बचे हुए मुकाबले बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने हैं। अगर भारतीय टीम बांग्लादेश को हराने में सफल रहती है लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार जाती है, तो उसके कुल 6 अंक होंगे। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के सामने बांग्लादेश और नीदरलैंड्स जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं। यदि प्रोटियाज टीम दोनों मुकाबले जीत लेती है, तो वह 8 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह बना सकती है और भारत बाहर हो सकता है। हालांकि अगर ऑस्ट्रेलिया अपने आगामी मैचों में हारती है या अन्य परिणाम भारत के पक्ष में जाते हैं, तो टीम इंडिया के लिए उम्मीदें बनी रह सकती हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच का हाल भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने अनुभवी बल्लेबाज मारिजाम काप की शानदार 81 रन की पारी की बदौलत लक्ष्य को 5 गेंद शेष रहते और 6 विकेट से हासिल कर लिया। मैच के दौरान राधा यादव ने मारिजाम काप के दो अहम कैच छोड़े, जब वह 27 और 66 रन के निजी स्कोर पर थीं। यही चूक अंत में भारतीय टीम पर भारी पड़ गई। अब टीम इंडिया के लिए हर मुकाबला करो या मरो जैसा बन गया है और सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए अगले मैचों में जीत बेहद जरूरी होगी।
चेन्नई: क्रिकेट के मैदान पर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए, जब एक उत्साहित प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे रोहित शर्मा के पास पहुंच गया। अपने पसंदीदा खिलाड़ी के प्रति दीवानगी दिखाने की कोशिश में फैन ने सभी नियमों को दरकिनार कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए मैदान पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि फैन अचानक रोहित शर्मा के बेहद करीब पहुंच गया, जिससे भारतीय कप्तान पूरी तरह चौंक गए। अचानक हुई इस घटना से रोहित कुछ क्षणों के लिए असहज नजर आए। यदि साथी खिलाड़ी और सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय नहीं होते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने मैदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चेपॉक जैसे बड़े और प्रतिष्ठित स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। हालांकि फैन का उद्देश्य अपने पसंदीदा खिलाड़ी के प्रति प्यार और सम्मान जताना था, लेकिन इस तरह की हरकत भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। तुरंत हरकत में आए सुरक्षाकर्मी घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए फैन को मैदान से बाहर ले जाया। सफेद यूनिफॉर्म में मौजूद सुरक्षा स्टाफ और अन्य अधिकारियों ने स्थिति को तेजी से नियंत्रित किया, जिससे मैच से जुड़े कार्यक्रमों में कोई बाधा नहीं आई। फैंस की दीवानगी, लेकिन सुरक्षा भी जरूरी क्रिकेट में खिलाड़ियों के प्रति प्रशंसकों का प्यार और जुनून कोई नई बात नहीं है। लेकिन खिलाड़ियों तक पहुंचने के लिए सुरक्षा नियमों को तोड़ना न सिर्फ खेल की गरिमा को प्रभावित करता है, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करता है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि फैंस का प्यार अपनी जगह है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार तेज हो रहा है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद युवा बल्लेबाज को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। अब पूर्व भारतीय कप्तान और चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने उनके भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है और कहा है कि अगर वैभव अपनी क्षमता के अनुसार खेलते रहे, तो वह टेस्ट क्रिकेट में भी नई ऊर्जा ला सकते हैं। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। इस दौरे में भारत आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 मुकाबले खेलेगा, जिसकी शुरुआत 26 जून से बेलफास्ट में होगी। "लोग सिर्फ वैभव को देखने के लिए टीवी चालू करते हैं" कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा कि वैभव में रन बनाने की भूख और विपक्ष पर दबाव बनाने की क्षमता साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज सिर्फ आक्रामक नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर क्रीज पर टिककर लंबी पारी खेलने की क्षमता भी रखता है। श्रीकांत ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी में दबदबा बनाने की जबरदस्त इच्छा है। अगर वह टी20 से आगे बढ़ते हुए वनडे और फिर टेस्ट क्रिकेट में सफल होते हैं, तो मुझे विश्वास है कि टेस्ट क्रिकेट में नई जान देखने को मिलेगी।" उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो दर्शकों को आकर्षित कर सकें। "लोग सिर्फ सूर्यवंशी को देखने के लिए टीवी चालू करते हैं। मैं भी उन्हें देखने के लिए टीवी चालू करता हूं। उन्होंने अपने खेल से एक अलग माहौल बनाया है और वह वाकई कमाल के खिलाड़ी हैं।" एक सीरीज से किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन नहीं होना चाहिए हाल ही में भारत ए के श्रीलंका दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। इस पर श्रीकांत ने कहा कि किसी एक सीरीज के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन करना गलत है। उन्होंने युवा बल्लेबाज को संदेश देते हुए कहा, "वैभव, लोग तुम्हारे बारे में क्या कहते हैं इसकी चिंता मत करो। अपना स्वाभाविक खेल खेलते रहो। जल्दबाजी मत करो और खुद को समय दो।" श्रीकांत का मानना है कि वैभव में बेहतरीन शॉट खेलने की क्षमता, तेज रिफ्लेक्स और बड़ा खिलाड़ी बनने की सभी खूबियां मौजूद हैं। सचिन तेंदुलकर से तुलना करने से किया इनकार जब पूर्व कप्तान से पूछा गया कि क्या उन्हें वैभव सूर्यवंशी और सचिन तेंदुलकर के बीच कोई समानता दिखाई देती है, तो उन्होंने साफ तौर पर तुलना से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान हैं। उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। वैभव सूर्यवंशी को वैभव सूर्यवंशी ही रहने दीजिए। कोई भी सचिन के आसपास नहीं पहुंच सकता।" हालांकि श्रीकांत ने यह जरूर माना कि वैभव भारतीय क्रिकेट का भविष्य बन सकते हैं और आने वाले वर्षों में टीम इंडिया के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
चेन्नई: भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा चुकी है और अब उसकी नजर 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर है। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। भारतीय टीम इस सीरीज में अब तक हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करती नजर आई है। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक, टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को लगातार दबाव में रखा है। ऐसे में चेपॉक में होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए सीरीज का शानदार समापन करने का मौका लेकर आया है। अफगानिस्तान के सामने मुश्किल चुनौती वनडे क्रिकेट में भारत के खिलाफ अफगानिस्तान का रिकॉर्ड बेहद कमजोर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक छह वनडे मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से पांच मैच भारत ने जीते हैं, जबकि एक मुकाबला 2018 एशिया कप में टाई रहा था। अफगानिस्तान अब तक भारत के खिलाफ अपनी पहली वनडे जीत की तलाश में है। यह सीरीज इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों देशों के बीच यह पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज है। चेपॉक की पिच और मौसम का हाल चेन्नई की चेपॉक पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन इस बार लाल मिट्टी वाली पिच पर तेज गेंदबाजों को भी अतिरिक्त उछाल और सहायता मिलने की उम्मीद है। मौसम की बात करें तो पिछले कुछ दिनों की बारिश के बाद अब आसमान साफ है। मैच से पहले मौसम सामान्य रहा, जिससे पूरे मुकाबले के बिना किसी रुकावट के संपन्न होने की संभावना बढ़ गई है। टॉस निभा सकता है अहम भूमिका एमए चिदंबरम स्टेडियम में अब तक 28 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 15 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को 12 बार सफलता मिली है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। इन आंकड़ों को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर खड़ा करने की रणनीति अपना सकती है। नीतीश रेड्डी की वापसी तय, हर्षित राणा को इंतजार जांघ की चोट से उबर चुके ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने नेट्स में पूरी फिटनेस के साथ गेंदबाजी की है और उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं, घुटने की सर्जरी के बाद टीम में लौटे तेज गेंदबाज हर्षित राणा फिलहाल बैकअप विकल्प के रूप में मौजूद हैं। लंबे समय बाद वापसी करने के कारण वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। संभावित प्लेइंग इलेवन भारत रोहित शर्मा यशस्वी जायसवाल शुभमन गिल (कप्तान) ईशान किशन (विकेटकीपर) श्रेयस अय्यर वॉशिंगटन सुंदर नीतीश रेड्डी हर्ष दुबे गुरनूर बरार प्रिंस यादव हर्षित राणा अफगानिस्तान रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर) इब्राहिम जादरान सेदिकुल्लाह अटल रहमत शाह हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान) दरविश रसूली राशिद खान नांगेलिया खरोटे मोहम्मद सलीम अल्लाह गजनफर बिलाल सामी भारत की नजर अब सिर्फ जीत पर नहीं, बल्कि अफगानिस्तान का पूरी तरह सफाया कर सीरीज को यादगार बनाने पर होगी। वहीं, अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने की कोशिश करेगा।
भारत और अफगानिस्तान के बीच 20 जून को खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए उन्हें अंतिम वनडे के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल किया। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद मिली एंट्री हर्षित राणा पिछले कुछ महीनों से चोट के कारण क्रिकेट से दूर थे। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में उनके दाएं घुटने में चोट लग गई थी। इसके बाद उन्हें लंबे समय तक बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। अब फिटनेस टेस्ट में सफल होने और मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलने के बाद उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है। वर्ल्ड कप और IPL 2026 से रहना पड़ा था बाहर चोट की वजह से हर्षित राणा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा नहीं ले सके थे। इतना ही नहीं, उन्हें आईपीएल 2026 भी मिस करना पड़ा था। ऐसे में उनकी वापसी भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में मिल सकता है मौका भारत पहले ही अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज अपने नाम कर चुका है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट तीसरे मुकाबले में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देकर 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को मजबूत करना चाहता है। हर्षित राणा की अचानक एंट्री से यह संकेत मिल रहे हैं कि उन्हें चेन्नई में होने वाले मुकाबले की प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। हालांकि टीम के मौजूदा तेज गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे अंतिम एकादश का चयन आसान नहीं होगा। इस सीरीज में तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन गेंदबाज प्रदर्शन गुरनूर बराड़ 2 मैच में 6 विकेट, सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज प्रिंस यादव डेब्यू मैच में 2 विकेट अर्शदीप सिंह 2 विकेट, सबसे अनुभवी पेसर हर्षित राणा तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान) रोहित शर्मा श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान) यशस्वी जायसवाल केएल राहुल ईशान किशन नितीश कुमार रेड्डी वॉशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव हर्ष दुबे अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा प्रिंस यादव गुरनूर बराड़ हर्षित राणा हर्षित राणा की वापसी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त मजबूती मिली है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि क्या उन्हें तीसरे वनडे की प्लेइंग-11 में मौका मिलता है या नहीं।
Shubman Gill Record: भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल शानदार फॉर्म में हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में उन्होंने 154 रनों की यादगार पारी खेलकर न सिर्फ टीम इंडिया को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि एक खास उपलब्धि हासिल करते हुए अपने आदर्श विराट कोहली की बराबरी भी कर ली। 154 रन की पारी से बने मैच के हीरो अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 110 गेंदों में 154 रन बनाए और भारतीय पारी की मजबूत नींव रखी। उनकी इस शानदार पारी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इससे पहले सीरीज के पहले मुकाबले में भी गिल ने नाबाद 84 रन बनाए थे। लगातार दूसरे मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद वह एक बार फिर चर्चा में हैं। विराट कोहली के रिकॉर्ड की की बराबरी शुभमन गिल कई बार सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि विराट कोहली उनके आदर्श हैं। अब उन्होंने अपने आइडल के एक खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। साल 2022 से अब तक शुभमन गिल 22 बार 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस मामले में उन्होंने विराट कोहली की बराबरी कर ली है, जिन्होंने इसी अवधि में 22 बार यह सम्मान हासिल किया था। 150+ स्कोर बनाने वाले खास भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल 154 रन की इस पारी के साथ शुभमन गिल वनडे क्रिकेट में 150 या उससे अधिक का स्कोर दो बार बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। इस सूची में शामिल भारतीय बल्लेबाज: रोहित शर्मा – 8 बार विराट कोहली – 5 बार सचिन तेंदुलकर – 5 बार शुभमन गिल – 2 बार गिल के नाम वनडे क्रिकेट में एक दोहरा शतक भी दर्ज है और वह लगातार बड़े स्कोर बनाने की क्षमता दिखा रहे हैं। भारत ने दर्ज की एकतरफा जीत मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 402 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। शुभमन गिल के अलावा ईशान किशन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 79 गेंदों में 125 रन बनाए। हालांकि आखिरी चरण में भारत ने तेजी से छह विकेट गंवाए, जिससे टीम 450 रन के संभावित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। 403 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम 44.3 ओवर में 232 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों में: अर्शदीप सिंह – 3 विकेट गुरनूर बराड़ – 3 विकेट डेब्यू कर रहे प्रिंस यादव – 2 विकेट भारत ने इस मुकाबले को बड़े अंतर से जीतकर सीरीज में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर शुभमन गिल अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में गिने जा रहे हैं और उनकी तुलना लगातार विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से की जा रही है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत करने जा रही है। धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जाने वाले पहले मुकाबले में टीम इंडिया कुछ नए संयोजनों के साथ मैदान पर उतर सकती है। विराट कोहली और हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी के कारण भारतीय टीम में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रोहित-गिल की जोड़ी करेगी पारी की शुरुआत पहले वनडे में कप्तान शुभमन गिल और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ओपनिंग करते नजर आ सकते हैं। शानदार फॉर्म में चल रहे यशस्वी जायसवाल को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है। नंबर-3 पर ईशान किशन की वापसी तय विराट कोहली के उपलब्ध नहीं होने के कारण नंबर-3 की जिम्मेदारी ईशान किशन को मिल सकती है। ईशान ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला भी अफगानिस्तान के खिलाफ ही खेला था। इंडियन प्रीमियर लीग और घरेलू क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन उन पर भरोसा जता सकता है। मध्यक्रम में अय्यर और राहुल पर जिम्मेदारी उपकप्तान श्रेयस अय्यर नंबर-4 और अनुभवी केएल राहुल नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। राहुल विकेटकीपर की भूमिका भी निभाएंगे। हार्दिक पंड्या की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। ऐसे में नंबर-6 पर युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को मौका मिल सकता है। उनके पास बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने का अवसर होगा। स्पिन विभाग में कुलदीप और वाशिंगटन स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर के कंधों पर होगी। दोनों खिलाड़ी मध्य ओवरों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रिंस यादव कर सकते हैं वनडे डेब्यू जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह संभालेंगे। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा भी नजर आ सकते हैं। तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में युवा प्रिंस यादव को डेब्यू का मौका मिलने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन रोहित शर्मा शुभमन गिल (कप्तान) ईशान किशन श्रेयस अय्यर (उपकप्तान) केएल राहुल (विकेटकीपर) नीतीश कुमार रेड्डी वाशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव अर्शदीप सिंह प्रिंस यादव प्रसिद्ध कृष्णा हार्दिक पंड्या और विराट कोहली की गैरमौजूदगी में युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया इस नई संयोजन के साथ सीरीज की शुरुआत किस अंदाज में करती है।
नई दिल्ली: अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए तैयार है। 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर यह सीरीज टीम इंडिया के लिए नए खिलाड़ियों को परखने और सही संयोजन तलाशने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। इस बीच भारतीय टीम से जुड़ी बड़ी खबर यह है कि अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे, जबकि रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या फिट होकर टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में किसे मिलेगा मौका? विराट कोहली की अनुपस्थिति में युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में टीम प्रबंधन उन्हें शीर्ष क्रम में मौका दे सकता है। रोहित शर्मा फिटनेस टेस्ट पास कर चुके हैं और उनके शुभमन गिल के साथ पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है। मिडिल ऑर्डर पर होगी बड़ी जिम्मेदारी मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनके साथ विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल टीम को मजबूती देंगे। हार्दिक पंड्या ऑलराउंडर की भूमिका में टीम का संतुलन बनाएंगे, जबकि वाशिंगटन सुंदर बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकते हैं। कुलदीप यादव संभालेंगे स्पिन विभाग स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी कुलदीप यादव के कंधों पर रहने की संभावना है। उनके साथ वाशिंगटन सुंदर दूसरे स्पिन विकल्प के तौर पर नजर आ सकते हैं। तेज गेंदबाजी विभाग में अर्शदीप सिंह के साथ प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिल सकता है। वहीं युवा खिलाड़ी गुरनूर ब्रार को भी डेब्यू का अवसर मिलने की चर्चा है। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की संभावित प्लेइंग XI रोहित शर्मा शुभमन गिल यशस्वी जायसवाल श्रेयस अय्यर केएल राहुल (विकेटकीपर) हार्दिक पंड्या वाशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव अर्शदीप सिंह गुरनूर ब्रार प्रसिद्ध कृष्णा कप्तानी को लेकर स्थिति रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रेयस अय्यर को सीमित ओवरों में नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, हालांकि अंतिम फैसला टीम प्रबंधन की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। सीरीज पर रहेंगी सभी की नजरें रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या की वापसी, विराट कोहली की गैरमौजूदगी और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी इस सीरीज को और दिलचस्प बना रही है। टीम इंडिया की नजरें न सिर्फ सीरीज जीतने पर होंगी, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत संयोजन तैयार करने पर भी रहेंगी।
रांची। जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारत का गौरव बढ़ाने वाले झारखंड के हॉकी खिलाड़ियों का मंगलवार को रांची पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। राजधानी स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के लिए खेल प्रेमियों, परिजनों, कोचों और हॉकी झारखंड के पदाधिकारियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। खिलाड़ियों के आगमन के साथ ही एयरपोर्ट परिसर देशभक्ति और खेल भावना से जुड़े नारों से गूंज उठा। पारंपरिक तरीके से किया गया अभिनंदन दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होने के बाद खिलाड़ी अपने गृह राज्य लौटे। एयरपोर्ट पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। खिलाड़ियों को फूल-मालाएं पहनाई गईं, ढोल-नगाड़ों के साथ उनका अभिनंदन किया गया और उपस्थित लोगों ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उत्साहवर्धन किया। पुरुष टीम ने जीता स्वर्ण, महिला टीम ने कांस्य पदक जापान के काकामीगाहारा में 29 मई से 6 जून तक आयोजित अंडर-18 एशिया कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं भारतीय महिला टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। दोनों टीमों की सफलता में झारखंड के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुरुष टीम में झारखंड के आशीष तनी पूर्ति और प्रेमचंद शामिल थे, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। महिला टीम में संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, सुगन सांगा, खिली कुमारी, नीलम टोपनो और श्रुति कुमारी ने भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम योगदान दिया। झारखंड की हॉकी परंपरा फिर हुई मजबूत हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि झारखंड हमेशा से हॉकी प्रतिभाओं की भूमि रहा है और यहां के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की है। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इन खिलाड़ियों की सफलता झारखंड के हजारों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। एयरपोर्ट पर "भारत माता की जय", "वंदे मातरम" और "हॉकी जिंदाबाद" के नारों के बीच खिलाड़ियों ने भी राज्यवासियों का आभार व्यक्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर झारखंड को भारतीय हॉकी के मजबूत गढ़ के रूप में स्थापित कर दिया है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Suryavanshi ने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण भी नहीं किया है, लेकिन उन्हें लेकर चर्चाएं लगातार तेज हैं। 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। इस बीच भारत के पूर्व कप्तान Sourav Ganguly ने वैभव को लेकर बड़ा बयान दिया है और क्रिकेट प्रशंसकों से धैर्य रखने की अपील की है। वैभव को समय देने की जरूरत: गांगुली सौरव गांगुली का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का बोझ नहीं डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें अपने खेल को विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। गांगुली के मुताबिक, आईपीएल में वैभव ने जिस आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, उससे उनकी प्रतिभा का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियां अलग होती हैं और युवा खिलाड़ी को परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का अवसर मिलना चाहिए। इंग्लैंड की परिस्थितियां होंगी बड़ी परीक्षा पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि इंग्लैंड और आयरलैंड के विकेट भारतीय परिस्थितियों से काफी अलग होते हैं। वहां गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है, जबकि उछाल भी ज्यादा रहता है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा सीखने और अनुभव हासिल करने का बड़ा अवसर होगा। गांगुली ने कहा कि युवा बल्लेबाज में अपार क्षमता है, लेकिन उनसे तुरंत असाधारण प्रदर्शन की उम्मीद करना उचित नहीं होगा। 'दुनिया जीत लेने की उम्मीद मत कीजिए' गांगुली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव को अपने खेल में जमने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है और वैभव भी उन्हीं में से एक हैं। लेकिन हर खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए समय चाहिए। उनका मानना है कि क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को वैभव के विकास की प्रक्रिया को समझना चाहिए और उन्हें बिना अनावश्यक दबाव के आगे बढ़ने देना चाहिए। एबी डिविलियर्स ने भी किया समर्थन दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज AB de Villiers ने भी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। डिविलियर्स का कहना है कि उम्र को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वैभव ने अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि कई लोग यह कह सकते हैं कि वैभव अभी बहुत छोटे हैं या उन्हें और अनुभव की जरूरत है, लेकिन उनके प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि वह इस अवसर के हकदार हैं। भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीद 15 साल की उम्र में राष्ट्रीय टीम में चयन हासिल कर वैभव सूर्यवंशी ने पहले ही इतिहास रच दिया है। अब सभी की निगाहें उनके संभावित डेब्यू पर टिकी हैं। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस युवा खिलाड़ी को समय और समर्थन दोनों की जरूरत होगी ताकि वह अपनी प्रतिभा को लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए उपयोगी बना सके।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने पहली पारी में मजबूत पकड़ बना ली है। भारतीय बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम इंडिया बड़ा स्कोर खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी से खेलते हुए टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचा दिया है। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही संभलकर खेलते हुए रन गति को बनाए रखा और धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाते रहें। दूसरे दिन के लंच तक भारतीय टीम ने 6 विकेट खोकर 475 रन बना लिए हैं। वाशिंगटन सुंदर 14 और मानव सुथर 9 रन बनाकर क्रीज़ पर डटे हुए हैं। अफगानिस्तान के तरफ से सलीम सफी 4 विकेट लेकर अभी तक सबसे सफल गेंदबाज हैं। भारत का लक्ष्य पहली पारी में 500 रन से अधिक का स्कोर खड़ा करना मैच के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत का लक्ष्य अब पहली पारी में 500 रन या उससे अधिक का स्कोर खड़ा करना है, जिससे गेंदबाजों को बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिल सके। शुभमन गिल खेले कप्तानी पारी टीम इंडिया के टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने 177 गेंद खेलकर 126 रनों की कप्तानी पारी खेली जिसके बदौलत टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।