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Gill Equals Kohli's Special Record with 154 Runs

विराट कोहली की राह पर चले शुभमन गिल, 154 रन की विस्फोटक पारी से की इस खास रिकॉर्ड की बराबरी

surbhi जून 18, 2026 0
Shubman Gill celebrates after scoring 154 runs against Afghanistan in the second ODI match.
Shubman Gill Equals Virat Kohli Record with 154 Runs

Shubman Gill Record: भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल शानदार फॉर्म में हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में उन्होंने 154 रनों की यादगार पारी खेलकर न सिर्फ टीम इंडिया को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि एक खास उपलब्धि हासिल करते हुए अपने आदर्श विराट कोहली की बराबरी भी कर ली।

154 रन की पारी से बने मैच के हीरो

अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 110 गेंदों में 154 रन बनाए और भारतीय पारी की मजबूत नींव रखी। उनकी इस शानदार पारी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

इससे पहले सीरीज के पहले मुकाबले में भी गिल ने नाबाद 84 रन बनाए थे। लगातार दूसरे मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद वह एक बार फिर चर्चा में हैं।

विराट कोहली के रिकॉर्ड की की बराबरी

शुभमन गिल कई बार सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि विराट कोहली उनके आदर्श हैं। अब उन्होंने अपने आइडल के एक खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

साल 2022 से अब तक शुभमन गिल 22 बार 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस मामले में उन्होंने विराट कोहली की बराबरी कर ली है, जिन्होंने इसी अवधि में 22 बार यह सम्मान हासिल किया था।

150+ स्कोर बनाने वाले खास भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल

154 रन की इस पारी के साथ शुभमन गिल वनडे क्रिकेट में 150 या उससे अधिक का स्कोर दो बार बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।

इस सूची में शामिल भारतीय बल्लेबाज:

  • रोहित शर्मा – 8 बार
  • विराट कोहली – 5 बार
  • सचिन तेंदुलकर – 5 बार
  • शुभमन गिल – 2 बार

गिल के नाम वनडे क्रिकेट में एक दोहरा शतक भी दर्ज है और वह लगातार बड़े स्कोर बनाने की क्षमता दिखा रहे हैं।

भारत ने दर्ज की एकतरफा जीत

मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 402 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

शुभमन गिल के अलावा ईशान किशन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 79 गेंदों में 125 रन बनाए। हालांकि आखिरी चरण में भारत ने तेजी से छह विकेट गंवाए, जिससे टीम 450 रन के संभावित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी।

403 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम 44.3 ओवर में 232 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारतीय गेंदबाजों में:

  • अर्शदीप सिंह – 3 विकेट
  • गुरनूर बराड़ – 3 विकेट
  • डेब्यू कर रहे प्रिंस यादव – 2 विकेट

भारत ने इस मुकाबले को बड़े अंतर से जीतकर सीरीज में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।

लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर शुभमन गिल अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में गिने जा रहे हैं और उनकी तुलना लगातार विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से की जा रही है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले अभ्यास मैच तीन दिन का हुआ, 7 अगस्त से कोलंबो में मुकाबला

कोलंबो, एजेंसियां। भारत और श्रीलंका के बीच आगामी टेस्ट सीरीज से पहले होने वाले अभ्यास मैच की अवधि में बदलाव किया गया है। भारतीय टेस्ट टीम और श्रीलंका की चयन समिति द्वारा चुनी गई टीम के बीच कोलंबो में 7 अगस्त से होने वाला अभ्यास मैच अब चार के बजाय तीन दिन का होगा। यह मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए श्रीलंका की परिस्थितियों में टेस्ट सीरीज से पहले तैयारी का अहम मौका होगा।   7 अगस्त से कोलंबो में अभ्यास मैच   भारतीय टीम का अभ्यास मैच 7 अगस्त से कोलंबो में शुरू होगा। पहले इसे चार दिवसीय मुकाबले के रूप में निर्धारित किया गया था, लेकिन अब इसे एक दिन कम कर दिया गया है। अभ्यास मैच में भारतीय टेस्ट टीम के खिलाड़ियों को श्रीलंकाई परिस्थितियों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।   15 अगस्त से शुरू होगा पहला टेस्ट   अभ्यास मैच के बाद भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। सीरीज का पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू होगा और 19 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में खेला जाएगा।   विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए अहम सीरीज   भारत और श्रीलंका की यह टेस्ट सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। दोनों टीमों के लिए सीरीज के मुकाबले महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनके नतीजे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका पर असर डालेंगे। भारत करीब नौ साल बाद श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने जा रहा है।   शुभमन गिल की कप्तानी में उतरेगी भारतीय टीम   भारतीय टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे, जबकि केएल राहुल उपकप्तान हैं। टीम में यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन की उपलब्धता फिटनेस मंजूरी पर निर्भर है।

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Khelo India
केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला, खेलों को बढ़ावा देने के लिए ₹36,441 करोड़ की विस्तारित ‘खेलो इंडिया’ योजना को मंजूरी

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने देश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विस्तारित ‘खेलो इंडिया’ योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक करीब ₹36,441 करोड़ के बजट प्रावधान को मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य देश में खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए मजबूत ढांचा तैयार करना है।   खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण और समर्थन   विस्तारित खेलो इंडिया योजना के तहत देशभर में उभरते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और आधुनिक खेल सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। योजना का फोकस जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर रहेगा।   खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर   सरकार इस योजना के माध्यम से खेल मैदानों, प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य खेल सुविधाओं के विकास पर ध्यान देगी। ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए खेल ढांचे को मजबूत किया जाएगा।   ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी को मिलेगा बढ़ावा   खेलो इंडिया योजना का विस्तार भारत के खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके तहत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विशेषज्ञ कोचिंग और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी।   युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल   केंद्र सरकार का कहना है कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं बल्कि युवाओं के स्वास्थ्य, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। विस्तारित खेलो इंडिया योजना से देश में खेल संस्कृति को और मजबूत करने तथा नए खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलेगा।   भारत को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में कदम   विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े बजट के साथ खेलो इंडिया योजना का विस्तार भारत के खेल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना और भारत को वैश्विक खेल शक्ति के रूप में स्थापित करना है।

abhishek singh अगस्त 1, 2026 0
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