हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले दोनों मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा चुकी टीम इंडिया अब क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरी है। टीम इंडिया में दो बदलाव भारतीय टीम ने तीसरे टी20 के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। दूसरे टी20 में चोटिल हुए प्रिंस यादव की जगह अशोक शर्मा को मौका दिया गया है। वहीं शिवम दुबे को आराम देते हुए उनकी जगह सूर्यांश शेडगे को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। दोनों खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला अपनी छाप छोड़ने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। क्लीन स्वीप पर भारत की नजर श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारतीय टीम शानदार लय में है। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद होगी, जबकि गेंदबाजी में अशोक शर्मा पर सभी की नजर रहेगी। भारत की कोशिश लगातार तीसरी जीत दर्ज कर सीरीज 3-0 से अपने नाम करने की होगी। जिम्बाब्वे सम्मान बचाने उतरा मैदान में सीरीज गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम अंतिम मुकाबले में जीत दर्ज कर सम्मान बचाने की कोशिश करेगी। कप्तान सिकंदर रज़ा की अगुआई में मेजबान टीम भारत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज का समापन जीत के साथ करना चाहेगी।
हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज (26 जुलाई) हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। अब कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम इंडिया की नजर जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर होगी, जबकि मेजबान टीम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। सीरीज जीत के बाद बेंच स्ट्रेंथ को मिल सकता है मौका दूसरे टी20 के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए थे कि अंतिम मुकाबले में टीम संयोजन में बदलाव हो सकता है। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की हैमस्ट्रिंग चोट के कारण उनकी उपलब्धता पर संशय बना हुआ है। ऐसे में भारतीय टीम कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका देकर अपनी बेंच स्ट्रेंथ भी आजमा सकती है। हालांकि टीम का लक्ष्य जीत का सिलसिला जारी रखते हुए सीरीज में क्लीन स्वीप करने का होगा। युवा खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें भारत के लिए इस सीरीज में ईशान किशन, तिलक वर्मा, वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी में भी युवा खिलाड़ियों ने प्रभावित किया है। तीसरे मुकाबले में भी इन खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जबकि जिम्बाब्वे अपने घरेलू मैदान पर आखिरी मैच जीतकर सीरीज का अंत सकारात्मक तरीके से करना चाहेगा।
हरारे, एजेंसियां। तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के लिए अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। 27 वर्षीय विदर्भ के इस तेज गेंदबाज को भारत की प्लेइंग इलेवन में मौका मिला और उन्होंने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी ने भारत की 90 रन की बड़ी जीत और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त में अहम भूमिका निभाई। घरेलू क्रिकेट और IPL में शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम यश ठाकुर लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में विदर्भ और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींच रहे थे। विकेट लेने की उनकी क्षमता और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी के कारण उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया था। दूसरे टी20 में डेब्यू कैप मिलने के साथ ही उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का सपना पूरा हो गया। डेब्यू मैच में दो अहम विकेट यश ठाकुर ने अपने पहले ही मैच में दबाव के बीच संयमित गेंदबाजी की। उन्होंने 4 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट लिए और जिम्बाब्वे की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम प्रबंधन ने भी उनके प्रदर्शन की सराहना की। भारत ने इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 219/5 का स्कोर बनाया और फिर जिम्बाब्वे को 129 रन पर समेटकर 90 रन से जीत दर्ज की। तीसरे टी20 में भी मिलेगी जिम्मेदारी दूसरे मैच में प्रभावशाली शुरुआत के बाद यश ठाकुर के तीसरे और अंतिम टी20 में भी भारतीय टीम का हिस्सा बने रहने की संभावना है। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की फिटनेस पर संशय के बीच टीम प्रबंधन यश ठाकुर पर भरोसा बनाए रख सकता है। यदि उन्हें लगातार मौके मिलते हैं तो वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में अपनी जगह मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।
हरारे, एजेंसियां। भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के बाद तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की चोट को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। अय्यर ने बताया कि प्रिंस यादव को मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में खिंचाव महसूस हुआ और मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने संकेत दिए कि तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में बदलाव देखने को मिल सकता है। "चोट ज्यादा गंभीर नहीं, लेकिन जोखिम नहीं लेंगे" मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने कहा कि प्रिंस यादव की चोट का मेडिकल मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "अभी स्कैन और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। हमें उम्मीद है कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं होगी, लेकिन अगर पूरी तरह फिट नहीं रहे तो हम कोई जोखिम नहीं लेंगे।" अय्यर ने साफ किया कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस को प्राथमिकता देगा। तीसरे टी20 में नए खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका भारत पहले ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। ऐसे में कप्तान अय्यर ने संकेत दिए कि अंतिम मुकाबले में कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है और बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका मिल सकता है। यदि प्रिंस यादव फिट नहीं हो पाते हैं, तो उनकी जगह किसी अन्य तेज गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला मैच से पहले फिटनेस रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा। सीरीज जीत के बाद अब क्लीन स्वीप पर नजर श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों ने दबाव में शानदार क्रिकेट खेली है। उन्होंने कहा कि सीरीज जीतने के बावजूद टीम का लक्ष्य तीसरा मैच जीतकर जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप करना है। कप्तान ने भरोसा जताया कि चाहे टीम में बदलाव हो या नहीं, भारतीय खिलाड़ी उसी आक्रामक सोच के साथ मैदान पर उतरेंगे।
हरारे, एजेंसियां। भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस जीत के साथ श्रेयस अय्यर ने भारतीय टी20 टीम के कप्तान के रूप में अपनी पहली द्विपक्षीय सीरीज जीत हासिल की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 219/5 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई। ईशान किशन और तिलक वर्मा ने खेली तूफानी पारियां भारत की ओर से ईशान किशन ने 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने नाबाद 60 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन की उपयोगी पारी खेली। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही और टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने 3 विकेट, जबकि यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने 2-2 विकेट लेकर मेजबान टीम की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अय्यर के लिए राहत की जीत, अब क्लीन स्वीप पर नजर श्रेयस अय्यर के लिए यह जीत खास मानी जा रही है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे की निराशा के बाद उन्होंने कप्तान के रूप में पहली टी20 सीरीज अपने नाम की है। भारत ने दो मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा कर लिया है और अब उसकी नजर तीसरे एवं अंतिम मुकाबले में जीत हासिल कर जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर होगी। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम आखिरी मैच जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश करेगी।
बेलफास्ट, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच दूसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पहले मैच में मिली 34 रन की हार के बाद भारतीय टीम सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरी है। प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे का डेब्यू इस मुकाबले में भारत ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला है। वहीं, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरे मैच में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली है, जिससे उनके डेब्यू का इंतजार और बढ़ गया है। पहले टी20 में आयरलैंड ने भारत को हराकर इतिहास रचा था। अब मेजबान टीम पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने की कोशिश करेगी, जबकि भारत के सामने सीरीज 1-1 से बराबर करने की चुनौती है।
Shubman Gill Record: भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल शानदार फॉर्म में हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में उन्होंने 154 रनों की यादगार पारी खेलकर न सिर्फ टीम इंडिया को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि एक खास उपलब्धि हासिल करते हुए अपने आदर्श विराट कोहली की बराबरी भी कर ली। 154 रन की पारी से बने मैच के हीरो अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 110 गेंदों में 154 रन बनाए और भारतीय पारी की मजबूत नींव रखी। उनकी इस शानदार पारी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इससे पहले सीरीज के पहले मुकाबले में भी गिल ने नाबाद 84 रन बनाए थे। लगातार दूसरे मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद वह एक बार फिर चर्चा में हैं। विराट कोहली के रिकॉर्ड की की बराबरी शुभमन गिल कई बार सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि विराट कोहली उनके आदर्श हैं। अब उन्होंने अपने आइडल के एक खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। साल 2022 से अब तक शुभमन गिल 22 बार 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस मामले में उन्होंने विराट कोहली की बराबरी कर ली है, जिन्होंने इसी अवधि में 22 बार यह सम्मान हासिल किया था। 150+ स्कोर बनाने वाले खास भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल 154 रन की इस पारी के साथ शुभमन गिल वनडे क्रिकेट में 150 या उससे अधिक का स्कोर दो बार बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। इस सूची में शामिल भारतीय बल्लेबाज: रोहित शर्मा – 8 बार विराट कोहली – 5 बार सचिन तेंदुलकर – 5 बार शुभमन गिल – 2 बार गिल के नाम वनडे क्रिकेट में एक दोहरा शतक भी दर्ज है और वह लगातार बड़े स्कोर बनाने की क्षमता दिखा रहे हैं। भारत ने दर्ज की एकतरफा जीत मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 402 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। शुभमन गिल के अलावा ईशान किशन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 79 गेंदों में 125 रन बनाए। हालांकि आखिरी चरण में भारत ने तेजी से छह विकेट गंवाए, जिससे टीम 450 रन के संभावित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। 403 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम 44.3 ओवर में 232 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों में: अर्शदीप सिंह – 3 विकेट गुरनूर बराड़ – 3 विकेट डेब्यू कर रहे प्रिंस यादव – 2 विकेट भारत ने इस मुकाबले को बड़े अंतर से जीतकर सीरीज में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर शुभमन गिल अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में गिने जा रहे हैं और उनकी तुलना लगातार विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से की जा रही है।
पटना, एजेंसियां। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संस्थापक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और मामले की निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आनी चाहिए। संजय झा ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रिंस यादव एक सक्षम कोचिंग संस्थान से जुड़े थे। चूंकि घटना नेपाल में हुई है, इसलिए संबंधित एजेंसियां और बिहार सरकार भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि हर कोई चाहता है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और घटना की वास्तविकता सामने आए। कोचिंग संस्थानों के माहौल पर उठाए सवाल संजय झा ने हाल के दिनों में कोचिंग संस्थानों से जुड़े हिंसक घटनाक्रम पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "हम लोग भी पढ़ाई के दौरान कोचिंग जाते थे, लेकिन उस समय कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि कोचिंग संस्थानों में गोली, बम या बारूद जैसी घटनाएं देखने को मिलेंगी। आज का माहौल चिंताजनक है।" उन्होंने अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में शिक्षक का सम्मान सर्वोपरि माना जाता था। "हम सरकारी स्कूल में पढ़ते थे और अपने शिक्षकों का सम्मान परिवार के सदस्यों से भी अधिक करते थे। आज शिक्षा संस्थानों से जुड़ी ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं," उन्होंने कहा। जांच जारी, CBI जांच की भी उठी मांग गौरतलब है कि 2 जून को एक कोचिंग संस्थान के बाहर कथित मारपीट और फायरिंग की घटना भी सामने आई थी, जिसकी जांच जारी है। वहीं, प्रिंस यादव की मौत के मामले में विपक्ष की ओर से सीबीआई जांच की मांग भी उठाई गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
पटना, एजेंसियां। ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के बाद गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले सुनियोजित तरीके से कानूनी मामलों में फंसाकर जेल भेजा गया और बाद में उनके भाई की हत्या कर दी गई। रौशन आनंद का आरोप है कि उनके परिवार को निशाना बनाकर यह पूरी साजिश रची गई। रौशन आनंद ने कहा रौशन आनंद ने कहा कि जेल में रहते समय उनकी हत्या की भी साजिश बनाई गई थी। उनका दावा है कि एक बॉडीगार्ड के जरिए उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन जेल प्रशासन की सतर्कता के कारण उनकी जान बच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो उनके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी। अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को हत्या बताते हुए रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में कुछ लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। रौशन आनंद ने यह भी आरोप लगाया रौशन आनंद ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें जेल भेजा गया और अब उनके भाई की संदिग्ध मौत हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच होने पर पूरे मामले का खुलासा होगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, CBI को जांच सौंपने तथा उनके भाई के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। रौशन आनंद का कहना है कि वे न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हालांकि, रौशन आनंद द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रविवार के मुकाबलों के बाद पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। खासतौर पर Prince Yadav ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पर्पल कैप की टॉप-3 लिस्ट में जगह बना ली है। पर्पल कैप: प्रिंस यादव का जलवा पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले में Punjab Kings ने 54 रन से जीत दर्ज की, जिसमें प्रिंस यादव ने 2 विकेट लेकर मैच में अहम भूमिका निभाई। इस सीजन में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतरीन रहा है–उन्होंने खेले गए सभी 6 मैचों में कम से कम एक विकेट जरूर लिया है। अब उनके नाम कुल 11 विकेट हो चुके हैं, जो Prasidh Krishna के बराबर हैं, लेकिन बेहतर इकॉनमी रेट के कारण वे उनसे आगे हैं। पर्पल कैप की रेस में फिलहाल Anshul Kamboj 13 विकेट के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Ravi Bishnoi 10 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा Bhuvneshwar Kumar और Jofra Archer भी इस रेस में मजबूती से बने हुए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के Kartik Tyagi ने 3/22 के शानदार प्रदर्शन के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है। ऑरेंज कैप: टॉप-3 में कोई बदलाव नहीं रनों की रेस यानी ऑरेंज कैप में टॉप-3 बल्लेबाजों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। Heinrich Klaasen, Shubman Gill और Virat Kohli क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स के Vaibhav Sooryavanshi ने 46 रन की पारी खेलकर चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया है। उभरते सितारे: कोनोली और आर्य का धमाका पंजाब किंग्स के Cooper Connolly ने 46 गेंदों में 87 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और अब वे 223 रन के साथ छठे स्थान पर हैं। उनके साथ शानदार तालमेल दिखाने वाले Priyansh Arya ने 37 गेंदों में 93 रन ठोककर 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया है और इस सीजन के उभरते सितारों में शामिल हो गए हैं। वहीं Yashasvi Jaiswal भी 223 रन के साथ बराबरी पर बने हुए हैं। क्या कहती है मौजूदा रेस? IPL 2026 अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां हर मैच के साथ लीडरबोर्ड बदल रहा है। गेंदबाजों में जहां प्रिंस यादव तेजी से उभरते नजर आ रहे हैं, वहीं बल्लेबाजों की रेस में भी युवा खिलाड़ियों का दबदबा बढ़ता दिख रहा है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।