बिहार

बिहार में पेपर लीक मामलों पर सख्ती, पटना-लखीसराय-पूर्णिया में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Bihar Paper Leak
Bihar Paper Leak

पटना। बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई की तैयारी की गई है। पटना, लखीसराय और पूर्णिया में पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

 

90 दिनों में मामलों के निपटारे का लक्ष्य

 

पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जा रहा है। इन अदालतों में परीक्षा से संबंधित धोखाधड़ी, प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी। लक्ष्य है कि ऐसे मामलों का निपटारा कम समय में किया जा सके।

 

पटना हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया कदम

 

यह पहल पटना हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सामने आई है। अदालत ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और पेपर लीक जैसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए त्वरित न्याय व्यवस्था की जरूरत बताई थी।

 

छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार सख्त

 

बिहार में पिछले कुछ समय से सरकारी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली है। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाया जा सके।

 

भर्ती परीक्षाओं की निगरानी बढ़ेगी

 

फास्ट ट्रैक कोर्ट के अलावा परीक्षा आयोजन प्रक्रिया में भी सुधार की तैयारी की जा रही है। प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और डिजिटल व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

बिहार

View more
Bihar Teacher Transfer
बिहार शिक्षक ट्रांसफर पोर्टल आज से शुरू, शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

पटना, एजेंसियां। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शिक्षा विभाग ने 29 जुलाई 2026 से शिक्षक ट्रांसफर पोर्टल शुरू कर दिया है। अब शिक्षक स्थानांतरण, समायोजन और पारस्परिक तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।   ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से होगा आवेदन   शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए अब विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। शिक्षक शिक्षा विभाग के ई-शिक्षा कोष पोर्टल के जरिए अपना आवेदन जमा कर सकेंगे।   29 जुलाई से 5 अगस्त तक आवेदन का मौका   शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया के पहले चरण में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक 29 जुलाई से 5 अगस्त तक पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे।   नई ट्रांसफर नीति से पारदर्शिता बढ़ेगी   बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के तहत शुरू की गई इस प्रक्रिया का उद्देश्य तबादले की व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाना है। ऑनलाइन सिस्टम से आवेदन, सत्यापन और प्रक्रिया की निगरानी अधिक बेहतर तरीके से की जा सकेगी।   शिक्षकों को मिलेगा अपनी पसंद के अनुसार आवेदन का विकल्प   नई व्यवस्था में शिक्षक अपनी परिस्थितियों और जरूरतों के आधार पर स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। विभाग का लक्ष्य है कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान समय पर किया जाए और स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता भी बनी रहे।

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Bihar Paper Leak

बिहार में पेपर लीक मामलों पर सख्ती, पटना-लखीसराय-पूर्णिया में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

Bihar weather alert for July 29 2026 with thunderstorms, rain and strong winds across 13 districts

Bihar Weather Alert: बिहार के 13 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, 40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा

NEET Paper Leak Case

NEET पेपर लीक विवाद: बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया, हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई शुरू

Bihar Teacher Transfer
बिहार शिक्षक ट्रांसफर: 29 जुलाई से शुरू होगी प्रक्रिया, ई-शिक्षाकोष पोर्टल से ऑनलाइन होगा आवेदन

पटना, एजेंसियां। बिहार में सरकारी शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर शिक्षा विभाग ने नई प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के तहत शिक्षकों का ट्रांसफर अब ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 29 जुलाई से ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल पर शुरू होगी।   5 साल की बाध्यता खत्म, शिक्षकों को मिलेगा विकल्प चुनने का मौका   नई ट्रांसफर नीति में शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई है। अब स्थानांतरण के लिए पहले जैसी 5 साल की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल और स्थान के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। शिक्षकों को रिक्त पदों की सूची देखकर अपनी प्राथमिकता के आधार पर विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प दे सकेंगे, जबकि जिला या प्रमंडल से बाहर स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षक कई जिलों को प्राथमिकता के रूप में चुन पाएंगे।   पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन   शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे पूरी तरह ऑनलाइन रखने का फैसला किया है। आवेदन, विकल्प चयन और आगे की प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।   महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्रावधान   नई नीति में महिला और पुरुष शिक्षकों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। महिला शिक्षकों को नजदीकी क्षेत्र में पोस्टिंग देने को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जबकि पुरुष शिक्षकों के लिए भी जिला स्तर पर सुविधाजनक स्थानांतरण के विकल्प रखे गए हैं। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों की व्यक्तिगत परेशानियों को कम करने के साथ-साथ स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को संतुलित करना है।   सितंबर में शुरू होगी पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया   सामान्य स्थानांतरण के बाद शिक्षकों के म्यूचुअल ट्रांसफर (आपसी स्थानांतरण) की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके लिए सितंबर में अलग चरण निर्धारित किया गया है, जिसमें जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर की समितियां आवेदन की जांच करेंगी। नई ट्रांसफर नीति से राज्य के लाखों सरकारी शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब शिक्षकों की नजर 29 जुलाई से शुरू होने वाली ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और आगे जारी होने वाले विभागीय दिशा-निर्देशों पर है।

abhishek singh जुलाई 28, 2026 0
Siwan AK-47

सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 लहराने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई, कांस्टेबल निलंबित

Govindpur-Chamarpur Road

भारी बारिश में बह गया गोविंदपुर-चमरपुर मार्ग, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

Bihar Bandh

बिहार बंद विवाद: तेजस्वी यादव ने न्यायिक जांच की मांग दोहराई, सरकार और सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

Bihar monsoon clouds with lightning and rain warning across 23 districts on July 28, 2026.
बिहार मौसम अपडेट: आज 23 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, तेज हवा चलने की भी संभावना

बिहार में मॉनसून की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है। जुलाई का महीना खत्म होने के करीब है, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश का इंतजार जारी है। इसी बीच मौसम विभाग ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 के लिए राज्य के 23 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन 23 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में मौसम बिगड़ सकता है, उनमें शामिल हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिमी चंपारण गोपालगंज सीवान सारण बक्सर भोजपुर अरवल कैमूर रोहतास औरंगाबाद सुपौल अररिया किशनगंज सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार खगड़िया भागलपुर मुंगेर बांका जमुई इन जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मॉनसूनी ट्रफ की स्थिति लगातार बदलने के कारण बिहार में मौसम अस्थिर बना हुआ है। नमी मौजूद होने के बावजूद व्यापक और लगातार बारिश नहीं हो पा रही है। दिन में तेज धूप के कारण उमस बढ़ जाती है, जबकि शाम या रात में अचानक बादल बनने से कुछ इलाकों में तेज हवा और हल्की बारिश देखने को मिल रही है। पटना का मौसम राजधानी पटना में आज भी मौसम सामान्य रहने की संभावना है। सुबह धूप खिली रही और दोपहर में उमस बढ़ सकती है। फिलहाल राजधानी में भारी बारिश के आसार नहीं हैं, हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 29, 30 और 31 जुलाई तक भी बिहार में ऐसा ही मिलाजुला मौसम बने रहने की संभावना है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और गरज-चमक हो सकती है, लेकिन फिलहाल राज्य में कहीं भी व्यापक या अत्यधिक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।  

surbhi जुलाई 28, 2026 0
मुजफ्फरपुर में बिहार के पर्यटन मंत्री के बेटे से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

बिहार: लॉरेंस गैंग के नाम पर मंत्री के बेटे से 50 लाख की रंगदारी, धमकी देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

बिहार: लॉरेंस गैंग के नाम पर मंत्री के बेटे से 50 लाख की रंगदारी, धमकी देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार   मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी कुमार से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 50 लाख रुपये

बिहार: पत्नी की विदाई को लेकर विवाद में खूनी खेल, दामाद ने धारदार हथियार से ससुर की हत्या की

Bihar Student Protest

बिहार में छात्र प्रदर्शन के बीच AK-47 फायरिंग का मामला, पुलिसकर्मी सस्पेंड; विभागीय जांच शुरू

0 Comments

Top week

Prime Minister Narendra Modi announces fast-track courts and strict action against those involved in paper leak cases.
राष्ट्रीय

PM मोदी का बड़ा ऐलान: पेपर लीक के दोषियों पर सख्ती, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा

kalpana जुलाई 23, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?