Bihar News

Sarkari Naukri Bihar
बिहार में 12वीं पास युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के बड़े अवसर

पटना, एजेंसियां। अगर आपने 12वीं पास कर ली है और सरकारी नौकरी की तैयारी करना चाहते हैं, तो बिहार में आपके लिए कई अच्छे अवसर मौजूद हैं। बिहार सरकार और विभिन्न भर्ती आयोग समय-समय पर पुलिस, क्लर्क, स्टेनोग्राफर, होमगार्ड और विधान परिषद जैसे पदों पर भर्तियां निकालते रहते हैं। सही रणनीति और नियमित तैयारी से उम्मीदवार इन नौकरियों में सफलता हासिल कर सकते हैं।   BSSC इंटर लेवल भर्ती बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की सेकंड इंटर लेवल भर्ती 12वीं पास अभ्यर्थियों के लिए सबसे लोकप्रिय भर्तियों में से एक है। इसके तहत लोअर डिवीजन क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ऑफिस असिस्टेंट, टाइपिस्ट और फील्ड असिस्टेंट जैसे पदों पर नियुक्तियां होती हैं। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, टाइपिंग या स्किल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन शामिल होता है।   बिहार पुलिस भर्ती में सुनहरा मौका बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल, हवलदार और ऑपरेटर सिपाही जैसे पदों पर नियमित भर्तियां निकलती हैं। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास रखी जाती है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट शामिल होते हैं। उम्मीदवारों को शारीरिक मानकों को भी पूरा करना जरूरी होता है।   स्टेनो और होमगार्ड भर्ती भी अहम विकल्प स्टेनोग्राफी और कंप्यूटर टाइपिंग जानने वाले उम्मीदवार बिहार स्टेनो भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के जरिए चयन होता है। वहीं बिहार होमगार्ड भर्ती भी युवाओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। चर्चा है कि करीब 13,500 पदों पर भर्ती जल्द आ सकती है। खास बात यह है कि इसमें लिखित परीक्षा नहीं होगी और चयन फिजिकल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा।   विधान परिषद में भी मिलती हैं नौकरियां बिहार विधान परिषद और विधानसभा में डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर और ऑफिस अटेंडेंट जैसे पदों पर इंटर पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इन भर्तियों के जरिए युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी पाने का अच्छा मौका मिलता है।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
BPSC TRE 4 protest
BPSC TRE-4 विज्ञापन की मांग पर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजधानी पटना में BPSC TRE-4 भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर गुरुवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया जब अभ्यर्थियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया।   घटना जेपी गोलंबर के पास हुई, जहां पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। कुछ अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया गया है। वहीं छात्र नेता दिलीप की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई है।   TRE-4 विज्ञापन जारी नहीं होने से नाराज हैं अभ्यर्थी अभ्यर्थियों का कहना है कि BPSC TRE-4 के तहत करीब 46,595 पदों पर भर्ती होनी है, लेकिन अब तक इसका विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि सरकार और आयोग लगातार केवल आश्वासन दे रहे हैं। छात्र नेता दिलीप ने कहा कि बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक ने 16 अप्रैल को एक पॉडकास्ट में कहा था कि TRE-4 का विज्ञापन तीन से चार दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा, लेकिन अब मई का दूसरा सप्ताह शुरू हो गया है और अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई।   नए शिक्षा मंत्री के सामने पहली बड़ी चुनौती बिहार में नए शिक्षा मंत्री के रूप में मिथिलेश तिवारी  ने हाल ही में शपथ ली है। ऐसे में TRE-4 अभ्यर्थियों का आंदोलन उनके लिए पहली बड़ी चुनौती माना जा रहा है। प्रदर्शनकारी जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
samrat chaudhary cabinet list
सम्राट चौधरी के कैबिनेट में किस जाति से बने कितने मंत्री? देखे पूरी लिस्ट

पटना, एजेंसियां। सम्राट चौधरी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 32 मंत्रियों को शपथ दिलाई। इसके साथ ही बिहार कैबिनेट में कुल 35 पद भर चुके हैं और केवल एक पद खाली बचा है। नए मंत्रिमंडल में सामाजिक और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।   EBC को सबसे ज्यादा तवज्जो कैबिनेट में सबसे अधिक ध्यान अति पिछड़ा वर्ग (EBC) पर दिया गया है। EBC कोटे से कुल 9 मंत्री बनाए गए हैं। इनमें रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, रामचंद्र प्रसाद, मदन सहनी, दामोदर रावत, बुलो मंडल और शीला मंडल जैसे नेता शामिल हैं। वहीं OBC और दलित समुदाय से 7-7 नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। यादव समाज से रामकृपाल यादव को शामिल किया गया, जबकि दलित चेहरों में लखेंद्र पासवान, नंद किशोर राम, सुनील कुमार, रत्नेश सदा, अशोक चौधरी, संजय पासवान और संतोष कुमार सुमन प्रमुख हैं।   सवर्ण समुदाय से कितने मंत्री? सम्राट कैबिनेट में सवर्ण समुदाय से कुल 11 मंत्री शामिल किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 4 मंत्री राजपूत समाज से हैं-संजय टाइगर, श्रेयसी सिंह, लेसी सिंह और संजय सिंह। इसके अलावा भूमिहार और ब्राह्मण समाज को भी प्रतिनिधित्व मिला है। ब्राह्मण समाज से मिथलेश तिवारी और नीतीश मिश्रा को जगह मिली, जबकि भूमिहार समाज से विजय कुमार सिन्हा और इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र शामिल हैं।   महिलाओं और सहयोगी दलों को भी महत्व नई कैबिनेट में कुल 5 महिला मंत्री बनाई गई हैं। जेडीयू से लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता और शीला कुमारी, जबकि भाजपा से रमा निषाद और श्रेयसी सिंह को मौका मिला। एलजेपी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देकर एनडीए ने राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Samrat Cabinet
सम्राट कैबिनेट: 32 मंत्रियों ने ली शपथ

पटना, एजेंसियां। सम्राट चौधरी के CM बनने के 22 दिन बाद आज गुरुवार को कैबिनेट का विस्तार किया गया। मेगा इवेंट में नीतीश के बेटे निशांत कुमार समेत 32 मंत्री सम्राट कैबिनेट में शामिल हुए। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15, जेडीयू से 13, LJP(R)-2, HAM और RLM से एक-एक मंत्री हैं। 25 मिनट चले इस कार्यक्रम में एक साथ 5-5 विधायकों ने शपथ ली है। निशांत पहली बार मंत्री बने पहली बार में निशांत कुमार, श्रवण कुमार, विजय सिन्हा, लेसी सिंह, और दिलीप जायसवाल ने शपथ ली। निशांत कुमार पहली बार मंत्री बने हैं। समारोह में PM मोदी भी शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार को अपने पास बुलाया। मंच पर उनसे हाथ मिलाया, इस दौरान नीतीश कुमार ने पीएम का कंधा पकड़कर हिला दिया। राष्ट्रगान पहले बजा कार्यक्रम की शुरुआत में सीधे राष्ट्रगान बजाया गया, जबकि प्रोटोकॉल के हिसाब से पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम् बजाया जाना था। दो बार बिहार के स्वास्थ्य मंत्री रहे मंगल पांडेय को इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली है, खबर है कि पार्टी में उन्हें बड़ी जगह दी जाएगी।   मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़े हाईलाइट्स JDU से 3 नए चेहरे- निशांत कुमार, बुलो मंडल और श्वेता गुप्ता मंत्री बने हैं।  बीजेपी से 5 नए चेहरे- मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र पासवान, अरूण शंकर प्रसाद, नंद किशोर राम और इंजीनियर शैलेंद्र मंत्री बने हैं।  सम्राट सरकार का जातीय समीकरण EBC- 9, OBC-9, दलित-7, सवर्ण-9 और मुस्लिम-1। सम्राट कैबिनेट में 5 महिला मंत्री, इनमें सबसे ज्यादा जदयू से 3 मंत्री हैं। गांधी मैदान में 3 स्टेज बनाए गए। बीजेपी ऑफिस के बाहर हरे राम-हरे कृष्ण का भजन-कीर्तन। पटना में पोस्टर लगे- भगवामय, अंग, बंग और कलिंग। बीजेपी ने 3 चेहरों को ड्रॉप किया सम्राट कैबिनेट में बीजेपी कोटे से 15 मंत्रियों ने शपथ ली है। इनमें 5 नए चेहरे हैं, वहीं तीन पुराने लोगों को इस बार मौका नहीं मिला। इनमें बीजेपी के सीनियर लीडर मंगल पांडेय, बेगूसराय के बछवाड़ा से विधायक सुरेंद्र मेहता और प. चंपारण से नारायण प्रसाद का नाम शामिल है। मंत्री पद नहीं मिलने के बाद मंगल पांडे को भाजपा संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। पूर्व मंत्री नितिन नवीन की टीम में शामिल होंगे। खबर है कि मंगल पांडे को भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है। साथ ही यूपी चुनाव में प्रभारी भी बनाए जा सकते हैं।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Bihar cabinet expansion
बिहार में आज कैबिनेट विस्तार, गांधी मैदान में 27 मंत्री लेंगे शपथ

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है, जब मुख्यमंत्री  के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का कैबिनेट विस्तार किया जाएगा। पटना के गांधी मैदान में दोपहर 12:10 बजे भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें कुल 27 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे।   बीजेपी कोटे से मंत्री पद के संभावित नाम   •    ई शैलेंद्र  •    संजय टाइगर  •    विजय सिन्हा  •    नीतीश मिश्रा  •    श्रेयसी सिंह  •    दिलीप जायसवाल  •    अरूण शंकर प्रसाद  •    प्रमोद चंद्रवंशी  •    लखेंद्र पासवान  •    मिथिलेश तिवारी   मंत्रिमंडल विस्तार का समीकरण सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और जदयू के बीच मंत्री पद का बंटवारा लगभग बराबरी पर तय किया गया है। संभावित रूप से बीजेपी को 12, जदयू को 11, एलजेपी (आर) को 2, जबकि हम और आरएलएम को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। हालांकि कुछ सीटें फिलहाल खाली रखी जा सकती हैं। राज्य में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं।   पीएम मोदी का मेगा रोड शो शपथ ग्रहण समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक मेगा रोड शो करेंगे। उनके स्वागत के लिए पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटने की संभावना है।   अमित शाह और अन्य नेताओं की मौजूदगी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार शाम पटना पहुंचे और उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह को बिहार की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Bihar Cabinet
बिहार में कैबिनेट विस्तार 7 मई को, मोदी-शाह शामिल होंगे शपथ ग्रहण में

पटना, एजेंसियां। बिहार में 7 मई को कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। इसमें बीजेपी के 12, जेडीयू के 11, लोजपा (रामविलास) के 2 और RLM–HAM के 1–1 मंत्री शपथ ले सकते हैं।  15 अप्रैल को बनी थी सरकारः बीते 15 अप्रैल को NDA सरकार के नए सीएम के रूप में सम्राट चौधरी ने शपथ ली थी। वह बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने। विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। गांधी मैदान में होगा शपथ ग्रहण राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैंदान में मंत्रिमंडल विस्तार का आयोजन किया जाएगा। इसमें कई नए चेहरों की एंट्री तय मानी जा रही है। राज्यपाल सय्यद अता हसनैन नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस मौके पर NDA के वरिष्ठ दिग्गज नेता शामिल रहेंगे।   तैयारियां जोरो पर हाल ही में सीएम सम्राट चौधरी दिल्ली गए थे। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात हुई थी। हालांकि उससे पहले उन्होंने राज्य के डीप्टी सीएम और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी। नए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गांधी मैंदान में तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है। सुरक्षा और प्रोटोकॉल की तैयारियां बखूबी हो रही है।

Anjali Kumari मई 5, 2026 0
Dhanbad road accident
धनबाद सड़क हादसा: ट्रेलर की टक्कर से महिला की मौत, 6 घायल

धनबाद। धनबाद के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जियलगोरा के समीप सोमवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। ऑटो और तेज रफ्तार ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।   शादी समारोह में जा रहा था परिवार जानकारी के अनुसार, सभी लोग Bokaro जिले के चंदनकियारी थाना क्षेत्र के अमलाबाद के निवासी हैं। परिवार सासाराम-डेहरी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकला था और धनबाद स्टेशन से ट्रेन पकड़ने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया।   तेज रफ्तार ट्रेलर ने मारी टक्कर घायल परिवार के मुखिया परमेश्वर ठाकुर ने बताया कि पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो में सवार लोग सड़क पर जा गिरे। इस हादसे में राजमणि देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत अन्य छह लोग घायल हो गए।   घायलों का अस्पताल में इलाज जारी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। दो घायलों का इलाज एसएनएमएमसीएच में चल रहा है, जबकि चार अन्य को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।   पुलिस जांच में जुटी जोड़ापोखर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

Anjali Kumari मई 4, 2026 0
Vikramshila Bridge collapse
बिहारः विक्रमशिला पुल ध्वस्त, 133 नंबर पाया  गंगा नदी में गिरा, जांच के आदेश

भागलपुर, एजेंसियां। बिहार में  भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु ध्वस्त हो गया है। रविवार देर रात करीब 12:45 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास सड़क का एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में गिर गया। इसके बाद पुल के भागलपुर छोर की ओर शुरुआती हिस्से में धंसान हुआ और बताया जा रहा है कि करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा में समा गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन ने तत्काल पुल पर आवागमन बंद कर दिया। इधर, सरकार ने घटना की जांच का आदेश दिया है।    पुल पर मौजूद वाहन सुरक्षित हटाए गए घटना के समय पुल पर कई वाहन मौजूद थे। हालांकि, मौके पर तैनात ट्रैफिक थानेदार और पुलिस बल की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी वाहनों को पीछे हटाया और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस घटना में किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है।   डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी मौके पर पहुंचे और पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को देखते हुए विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। डीएम ने बताया कि पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। डीएम नवल किशोर चौधरी ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।   यातायात डायवर्ट, वैकल्पिक मार्ग का निर्देश इस मामले को लेकर एसएसपी प्रमोद यादव ने बताया कि पुल पर यातायात पूरी तरह बंद है और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवगछिया की ओर जाने वाले वाहनों को सुल्तानगंज होते हुए मुंगेर पुल की ओर भेजा जा रहा है। इसके लिए आवश्यक पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। एसएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा बताए गए रास्ते का ही उपयोग करें।   प्रशासन की अपील प्रशासन ने भागलपुर वासियों और यात्रियों से अपील की है कि फिलहाल विक्रमशिला सेतु की ओर न जाएं। पुल की तकनीकी जांच पूरी होने और मरम्मत कार्य शुरू होने तक आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।

Anjali Kumari मई 4, 2026 0
Bihar police action
Bihar: शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा के घर छापा, पुलिस खंगाल रही दस्तावेज

सीवान, एजेंसियां। बिहार के सीवान में सोमवार सुबह अचानक बड़ी पुलिस कार्रवाई हुई। इससे राज्य में हड़कंप मच गया है। यहां सीवान में पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे और RJD विधायक ओसामा शहाब के आवास पर पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान DIG और SP समेत नगर थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही और पूरे इलाके को घेर लिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई एक पुराने जमीन विवाद और कब्जे के आरोपों से जुड़ी बताई जा रही है।  सर्च वारंट के साथ छापा शिकायत के आधार पर कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद टीम ने छापा मारा और घर के अंदर दस्तावेजों की जांच शुरू की। सुबह 8 बजे से शुरू हुई छापेमारी जानकारी के मुताबिक पुलिस टीम ने सुबह करीब 8 बजे ओसामा शहाब के नए आवास को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद घर के अंदर तलाशी अभियान चलाया गया और पूछताछ भी की गई। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस कार्रवाई में सीवान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद शामिल रहे।  DIG और SP के नेतृत्व में छापा DIG और SP की मौजूदगी में पूरी छापेमारी को अंजाम दिया गया, जिससे मामला और गंभीर माना जा रहा है। ओसामा शहाब पहले से ही कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं और हाल के दिनों में उन पर जमीन विवाद से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। अब इस ताजा रेड के बाद सीवान की राजनीति में फिर से हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने भी इस कार्रवाई पर नजर बना ली है। छापेमारी के दौरान इलाके में आम लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त बल तैनात रखा ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

Anjali Kumari मई 4, 2026 0
Bihar police action
Bihar: शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा के घर छापा, पुलिस खंगाल रही दस्तावेज

सीवान, एजेंसियां। बिहार के सीवान में सोमवार सुबह अचानक बड़ी पुलिस कार्रवाई हुई। इससे राज्य में हड़कंप मच गया है। यहां सीवान में पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे और RJD विधायक ओसामा शहाब के आवास पर पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान DIG और SP समेत नगर थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही और पूरे इलाके को घेर लिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई एक पुराने जमीन विवाद और कब्जे के आरोपों से जुड़ी बताई जा रही है।  सर्च वारंट के साथ छापा शिकायत के आधार पर कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद टीम ने छापा मारा और घर के अंदर दस्तावेजों की जांच शुरू की। सुबह 8 बजे से शुरू हुई छापेमारी जानकारी के मुताबिक पुलिस टीम ने सुबह करीब 8 बजे ओसामा शहाब के नए आवास को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद घर के अंदर तलाशी अभियान चलाया गया और पूछताछ भी की गई। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस कार्रवाई में सीवान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद शामिल रहे।  DIG और SP के नेतृत्व में छापा DIG और SP की मौजूदगी में पूरी छापेमारी को अंजाम दिया गया, जिससे मामला और गंभीर माना जा रहा है। ओसामा शहाब पहले से ही कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं और हाल के दिनों में उन पर जमीन विवाद से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। अब इस ताजा रेड के बाद सीवान की राजनीति में फिर से हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने भी इस कार्रवाई पर नजर बना ली है। छापेमारी के दौरान इलाके में आम लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त बल तैनात रखा ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

Anjali Kumari मई 4, 2026 0
CM Samrat Chaudhary
बिहार के CM सम्राट चौधरी मिले नीतीश कुमार से, कैबिनेट विस्तार पर हुई चर्चा

पटना, एजेंसियां। बिहार नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पूर्व सीएम नीतीश कुमार से उनके नए आवास 7 सर्कुलर रोड जाकर मुलाकात की। वहां दोनों नेताओं के बीच 25 से 30 मिनट तक बात हुई। इस दौरान मौके पर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। कैबिनेट विस्तार जल्द राज्य में नए कैबिनेट का विस्तार होना है। अब ऐसे में आज दोनों नेताओं के मुलाकात के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है कि अगले चार-पांच दिनों में सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों के बीच राज्य के विकास को लेकर कई मुद्दों पर बात-चीत हुई। हालांकि इससे पहले सीएम सम्राट चौधरी डीप्टी सीएम बिजेंद्र यादव के घर पर पहुंचे उसके बाद नीतीश कुमार से मुलाकात की।   सीएम सम्राट आज दिल्ली जा रहे आज शाम साढ़े 6 बजे सीएम सम्राट चौधरी दिल्ली जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वहां मुख्यमंत्री की मुलाकाक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हो सकती है। इसके अलावा वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात करेंगे। कैबिनेट विस्तार को लेकर एनडीए घटकों के बीच चर्चा हो सकती है।

Anjali Kumari मई 2, 2026 0
Rohtas road accident
रोहतास में भीषण सड़क हादसा, हाइवा-ट्रक टक्कर में चालक की मौत

पटना, एजेंसियां। बिहार के रोहतास जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में हाइवा चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना नटवार थाना क्षेत्र के महरोड़ गांव के समीप दिनारा-बिक्रमगंज पथ पर हुई, जहां गिट्टी लदे हाइवा और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाइवा के परखच्चे उड़ गए।   मृतक की पहचान, ट्रक चालक फरार हादसे में मृत चालक की पहचान कैमूर जिले के भभुआ अनुमंडल अंतर्गत चांद थाना क्षेत्र के खरांटी गांव निवासी 30 वर्षीय विजय यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह हाइवा लेकर बिक्रमगंज से दिनारा की ओर जा रहा था। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।   घटना के बाद सड़क पर लंबा जाम टक्कर के बाद दिनारा-बिक्रमगंज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों को सूचित किया और सड़क से क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर एक तरफ से यातायात बहाल कराया।   पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई नटवार थाना प्रभारी रंजय कुमार ने बताया कि हाइवा पर गिट्टी लदी थी और वह अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिजनों के बयान के आधार पर अज्ञात ट्रक चालक और वाहन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

Anjali Kumari मई 2, 2026 0
Fuel station display showing updated petrol and diesel prices across Indian cities on May 2, 2026
Petrol Diesel Price Today 2 May 2026: पटना में बढ़े दाम, गया में मिली राहत – जानिए आपके शहर का रेट

देशभर में 2 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और स्थानीय टैक्स के असर से अलग-अलग शहरों में दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जहां कुछ शहरों में राहत मिली है, वहीं कई जगह कीमतों में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। बड़े शहरों में क्या है हाल? राजधानी New Delhi और Mumbai जैसे महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल: 94.77 रुपये/लीटर मुंबई में पेट्रोल: 103.54 रुपये/लीटर बिहार में मिला-जुला असर Patna में पेट्रोल 19 पैसे बढ़कर 105.42 रुपये/लीटर हो गया है, जबकि डीजल 18 पैसे बढ़कर 91.67 रुपये/लीटर पहुंच गया है। वहीं Gaya में लोगों को राहत मिली है– पेट्रोल 50 पैसे घटकर 106.11 रुपये/लीटर डीजल 47 पैसे घटकर 92.31 रुपये/लीटर इसके अलावा भागलपुर में भी गिरावट दर्ज की गई, जबकि मुजफ्फरपुर में कीमतें बढ़ी हैं। झारखंड और यूपी में भी बदलाव Dhanbad में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम बढ़े हैं, जबकि Ranchi में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। Lucknow में पेट्रोल और डीजल दोनों में हल्की राहत मिली है, जबकि Noida में मामूली बढ़ोतरी हुई है। अन्य शहरों का हाल Bhopal में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि Kolkata में कीमतें स्थिर हैं। क्यों बदलते हैं दाम? पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोजाना अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, रुपये-डॉलर विनिमय दर और राज्य सरकारों के टैक्स के आधार पर तय होती हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।  

surbhi मई 2, 2026 0
Samrat Chaudhary
बुद्ध पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री का गयाजी दौरा, मंदिर में पूजा कर मांगी समृद्धि

पटना, एजेंसियां। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।   भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित की श्रद्धा मुख्यमंत्री ने मंदिर में भगवान श्रीहरि के चरणों में पुष्प अर्पित किए और विधिवत दुग्धाभिषेक किया। उन्होंने राज्य के विकास, खुशहाली और जनता के कल्याण के लिए प्रार्थना की। मंदिर प्रबंधन समिति ने इस मौके पर उन्हें भगवान के चरण चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।   देवघाट और विकास परियोजनाओं का लिया जायजा पूजा के बाद मुख्यमंत्री देवघाट पहुंचे, जहां उन्होंने गयाजी में बने रबर डैम का निरीक्षण किया। इसके साथ ही प्रस्तावित विष्णुपद कॉरिडोर और देवघाट क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा की। स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूह ‘जीविका दीदियों’ ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए।   कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने Gaya में संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और मंदिर परिसर में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए थे।इसके अलावा Mahabodhi Temple और बोधगया मठ परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।   शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ आयोजन प्रशासन के अनुसार, पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री का काफिला कार्यक्रम के बाद बोधगया के लिए रवाना हो गया।

Anjali Kumari मई 1, 2026 0
Nitish Kumar news
बिहारः नीतीश कुमार का बदला पता

पटना, एजेंसियां। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पता बदल गया है। शुक्रवार 1 मई को उन्होंने अपना ठिकाना बदल लिया है। दो दशकों तक बिहार की सत्ता का केंद्र रहा 1 अणे मार्ग स्थित सीएम आवास अब खाली हो गया है। पूर्व सीएम का सामान पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड आवास में शिफ्ट कर दिया गया है।     ट्रक्टर से ढोया गया सामान दरअसल सोशल मीडिया पर इसको लेकर तस्वीरें और वीडियो सामने आयी हैं, जिसमें साफ दिखा कि नीतीश कुमार का सामान ट्रैक्टर से 1 अणे मार्ग स्थित सीएम आवास से 7 सर्कुलर रोड आवास में शिफ्ट किया गया है। जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार नए आवास का कई बार निरीक्षण कर चुके हैं।  नए आवास पर कड़ी सुरक्षा 7 सर्कुलर रोड पटना के VIP और हाई सिक्योरिटी जोन में आता है। पूर्व सीएम के नए आवास गेट पर कड़ी सुरक्षा रहेगी। हर जगह सीसीटीवी कैमरे और पुलिस बल की तैनाती रहेगी। परिसर का हर कोना पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। बंगले के चारों ओर पेड़-पौधे और हरियाली से घिरा शांत वातावरण है।

Anjali Kumari मई 1, 2026 0
Samrat Chaudhary
सम्राट फैसलाः पटना जू और डेयरी से हटेगा संजय गांधी का नाम

पटना, एजेंसियां। पटना के दो प्रमुख संस्थानों पटना चिड़ियाखाना और डेयरी तकनीकी संस्थान से संजय गांधी के नाम को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। दोनों संस्थानों को मिला नया नाम पटना के मशहूर संजय गांधी जैविक उद्यान' को आधिकारिक तौर पर अब 'पटना जू' के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह, संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम बदलकर अब 'बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना' कर दिया गया है। देश का चौथा सबसे बड़ा चिड़ियाघर बता दें कि संजय गांधी जैविक उद्यान 1973 में खोला गया था। इसके लिए राजभवन ने 34 एकड़ जमीन दी थी। वर्तमान में लगभग 153 एकड़ में फैले इस उद्यान में 110 प्रजातियों के करीब 800 जीव-जंतु और 300 तरह के पेड़-पौधे मौजूद हैं। बताते चलें कि बड़े चिड़ियाघरों की श्रेणी में पटना जू का स्थान देश में चौथे नंबर पर है। अब इसके संचालन समिति का नाम बदलकर 'पटना जू प्रबंधन एवं विकास सोसाइटी' कर दिया गया है। डेयरी संस्थान का बदला स्वरूप 1980 में कांग्रेस शासनकाल के दौरान स्थापित संजय गांधी गव्य प्रावैधिकी संस्थान अब नए नाम से जाना जाएगा। यह संस्थान डेयरी टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और बिजनेस मैनेजमेंट जैसे विषयों में पेशेवर शिक्षा प्रदान करता है। 1982 में पूसा से शुरू होकर यह संस्थान 1986 में पटना स्थानांतरित हुआ था। वर्तमान में यह संस्थान बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्यरत है, जो राज्य में डेयरी शिक्षा का प्रमुख केंद्र है।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
Bihar ration card news
Bihar: 18 लाख लोग राशनकार्ड से होंगे वंचित, 12 लाख का पहले ही कट चुका नाम

पटना, एजेंसियां। बिहार में 18 लाख राशन कार्ड धारकों का नाम कटनेवाला है। इससे पहले 12 लाख अयोग्य राशन कार्ड धारकों का नाम कट चुका है। अब विभाग अगले कुछ दिनों में करीब 18 लाख और नाम काटने की तैयारी में है।  सरकार ने यह स्पष्ट किया था कि वैसे लोग जिनके पास चार पहिया वाहन हैं, जो बड़ी कंपनियों में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं, या फिर जो इनकम टैक्स भरते हैं, वे राशन कार्ड से राशन नहीं लेंगे। इससे जरुरतमंद लोग वंचित रह जाते हैं, बावजूद इसके लोग गलत तरीके से राशन कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। इसलिए सरकार द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है। इस बाबत खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सभी जिलों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।  दी सख्त चेतावनी दी गई केंद्र सरकार ने राज्य के 57 लाख परिवारों को संदिग्धों की श्रेणी में डाला था। फिर इन परिवारों की स्थानीय स्तर पर गहन जांच कराई गई।  इसमें 55 लाख परिवारों की जांच पूरी हो चुकी है। इस जांच में करीब 36 लाख परिवार अयोग्य पाए गए हैं। इसे लेकर विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सरकार के इस कदम से व्यव्स्था में पारदर्शिता आएगी। 

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
Samrat government
सम्राट सरकार में जल्द हो सकती है इन नए चेहरों की एंट्री !

पटना, एजेंसियां। बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी में है। इस विस्तार में कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है, खासकर भारतीय जनता पार्टी के कुछ युवा और प्रभावशाली विधायकों के नाम चर्चा में हैं।   बीजेपी के तीन प्रमुख दावेदार कैबिनेट में शामिल होने की रेस में सबसे चर्चित नामों में Anand Mishra, Kumar Shailendra और Sanjeev Chaurasia शामिल हैं। ये तीनों विधायक अपनी अलग पहचान और राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण पार्टी नेतृत्व की नजर में अहम माने जा रहे हैं।   आनंद मिश्रा: प्रशासनिक अनुभव और तेज छवि बक्सर से विधायक आनंद मिश्रा पूर्व आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं और असम कैडर में अपनी कड़क कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ की छवि और प्रशासनिक अनुभव उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है। राजनीति में आने के बाद उन्होंने अपनी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता से पार्टी नेतृत्व का ध्यान आकर्षित किया है।   कुमार शैलेंद्र: अनुभवी और प्रभावशाली नेता भागलपुर के बिहपुर से विधायक कुमार शैलेंद्र तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। उनकी मजबूत पकड़ और क्षेत्र में विकास कार्यों के कारण वे एक अनुभवी नेता के रूप में देखे जाते हैं। राजनीतिक बयानबाजी और स्पष्ट रुख के कारण भी वे अक्सर चर्चा में रहते हैं।   संजीव चौरसिया: लगातार जीत और संगठन से जुड़ाव दीघा से विधायक संजीव चौरसिया लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से उनके करीबी संबंध और मजबूत जनाधार उन्हें पार्टी के भीतर एक प्रभावशाली नेता बनाते हैं।   कैबिनेट विस्तार से नए समीकरण मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर यह भी माना जा रहा है कि सहयोगी दलों के साथ संतुलन साधने के लिए नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। इससे न केवल सरकार की कार्यशैली में नई ऊर्जा आएगी, बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक समीकरण भी मजबूत होंगे।

Anjali Kumari अप्रैल 27, 2026 0
JDU team controversy
जदयू की नई टीम में महिलाओं की कम भागीदारी पर उठे सवाल

पटना, एजेंसियां। बिहार की सियासत में एक बार फिर महिलाओं की भागीदारी को लेकर बहस तेज हो गई है। नीतीश कुमार की अगुवाई में बनी जनता दल (यू) की नई राष्ट्रीय टीम में 24 सदस्यों में से सिर्फ 3 महिलाओं को जगह मिली है। यह कुल मिलाकर करीब 12.5 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है, जो ‘आधी आबादी’ के अनुपात और 33 प्रतिशत हिस्सेदारी की अपेक्षा से काफी कम है।   महिलाओं को सीमित जिम्मेदारी नई टीम में कहकशां परवीन को महासचिव, जबकि रूही तागुंग और निवेदिता कुमारी को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा बाकी अधिकांश पद पुरुष नेताओं को दिए गए हैं। इस स्थिति ने पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब जदयू महिला सशक्तिकरण और नारी वंदन जैसे मुद्दों का समर्थन करती रही है।   भरोसेमंद नेताओं को अहम जिम्मेदारी पार्टी नेतृत्व ने अपने भरोसेमंद नेताओं को अहम पद सौंपे हैं। संजय झा को एक बार फिर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर संगठन में अति पिछड़े वर्ग की भागीदारी को मजबूत करने की कोशिश की गई है।   नई टीम में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण जदयू की इस टीम में कई अनुभवी नेताओं के साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। महासचिव पद पर रमेश सिंह कुशवाहा और सचिव पद पर दयानंद राय, रूही तागुंग और निवेदिता कुमारी जैसे नाम शामिल हैं।   प्रतिनिधित्व पर जारी बहस हालांकि, टीम के गठन के बाद महिलाओं की कम भागीदारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजनीतिक दल महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देंगे, तो ‘आधी आबादी’ की भागीदारी का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा।

Anjali Kumari अप्रैल 23, 2026 0
Bihar smart cities
Bihar में होगा 11 स्मार्ट सिटी, ‘नोएडा-गुरुग्राम’ जैसा विकास की तैयारी

पटना,एजेंसियां। बिहार सरकार राज्य में सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए 11 नई आधुनिक टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इन शहरों को नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जहां विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रत्येक टाउनशिप 800 से 1200 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसे भविष्य में और विस्तार दिया जा सकता है।   दो समूहों में बांटे गए शहर सरकार ने इन शहरों को दो समूहों में विभाजित किया है। पहले समूह में पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा और मुंगेर शामिल हैं, जबकि दूसरे समूह में सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर को रखा गया है। इन सभी शहरों में ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिससे आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार हो सके।   लैंड पुलिंग मॉडल से होगा विकास इस परियोजना में जमीन अधिग्रहण के लिए ‘लैंड पुलिंग’ मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें जमीन मालिकों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाया जाएगा। इससे विवाद कम होंगे और परियोजना तेजी से आगे बढ़ेगी।   जमीन खरीद-बिक्री पर रोक सरकार ने मास्टर प्लान तैयार होने तक इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अनियोजित कॉलोनियों और अवैध निर्माण को रोकने के लिए जरूरी है।   मास्टर प्लान की तय समयसीमा पहले समूह के शहरों के लिए मास्टर प्लान 31 मार्च 2027 तक तैयार किया जाएगा, जबकि दूसरे समूह के शहरों के लिए 30 जून 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है।   शहरीकरण को मिलेगी नई गति बिहार में वर्तमान शहरी आबादी लगभग 16% है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। इस परियोजना से न केवल शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह योजना राज्य को आधुनिक और व्यवस्थित विकास की दिशा में आगे ले जाने का बड़ा कदम मानी जा रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 23, 2026 0
land purchase ban Bihar
Bihar: 11 सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर प्रतिबं

पटना, एजेंसियां। बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी ने 11 सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगा दी है। उनके इस फैसले पर कैबिनेट ने भी मुहर लगा दी है।  11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित होंगे राज्य में सुनियोजित शहरीकरण के लिए 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। इस फैसले के साथ ही राजधानी पटना समेत राज्य के कई शहरों में जमीन के खरीद-बिक्री, ट्रांसफर, निर्माण और डेवलपमेंट पर सख्त रुख अपनाते हुए रोक लग गई। बता दें कि पाबंदी वर्ष 2027 तक प्रभावी रहेगी। शहरीकरण को बढ़ावा अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि हर टाउनशिप का शुरुआती दायरा 800 से 1200 एकड़ के बीच रहेगा। हालांकि भविष्य में इसे जरुरत के अनुसार 10 गुना तक बढ़ाया जा सकता है। सरकार का दावा है कि इस मेगा प्लान से सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मौजूदा शहरों पर दबाव कम होगा और नए आर्थिक हब तैयार होंगे। जमीन अधिग्रहण के लिए लैंड पुलिंग और अन्य आधुनिक तरीकों का सहारा लिया जाएगा, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा। आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित होंगे दरअसल सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण कार्य को रोकना है, ताकि भविष्य में इन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सके। हालांकि मास्टर प्लान पहले तैयार होने पर क्रय-विक्रय पर लगी रोक खत्म हो जाएगी। इस मेगा प्लान से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही आमलोगों को भी बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी।

Anjali Kumari अप्रैल 23, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Anjali Kumari मई 5, 2026 0