पटना

बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू करने को लेकर विचार करता शिक्षा विभाग
बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ-डे व्यवस्था वापस लाने पर विचार, 7 दिन में फैसला संभव

पटना, एजेंसियां। बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ-डे (आधा दिन) व्यवस्था फिर से लागू करने को लेकर शिक्षा विभाग में मंथन शुरू हो गया है। राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और अगले कुछ दिनों में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। यदि मंजूरी मिलती है तो शनिवार को स्कूलों के समय में बदलाव किया जा सकता है।   शिक्षा विभाग ने मांगी राय, शिक्षकों और छात्रों की सुविधा पर चर्चा   सरकार की ओर से शनिवार की पढ़ाई को लेकर नई व्यवस्था बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसमें छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखा जा रहा है। माना जा रहा है कि शनिवार को आधे दिन की कक्षाएं होने से छात्रों और शिक्षकों को राहत मिल सकती है। साथ ही स्कूलों में अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी समय मिल सकेगा।   पहले लागू थी हाफ-डे व्यवस्था   बिहार के कई सरकारी स्कूलों में पहले शनिवार को आधे दिन तक पढ़ाई की व्यवस्था रही है। बाद में स्कूलों के समय में बदलाव और शैक्षणिक कैलेंडर में संशोधन के कारण इस व्यवस्था में परिवर्तन किया गया था। अब इसे दोबारा लागू करने की मांग कई स्तरों पर उठ रही थी। इसी को देखते हुए सरकार इस पर विचार कर रही है।   7 दिन में लिया जा सकता है फैसला   रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में शिक्षा विभाग और सरकार के स्तर पर चर्चा चल रही है। अगले 7 दिनों के भीतर इस पर निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो स्कूलों के संचालन समय, पढ़ाई के घंटे और शिक्षकों की जिम्मेदारियों को लेकर नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।   शिक्षकों के संगठन भी रख सकते हैं अपनी मांगें   शनिवार की व्यवस्था में बदलाव को लेकर शिक्षक संगठनों की राय भी महत्वपूर्ण होगी। कुछ शिक्षक संगठन लंबे समय से स्कूलों के समय और कार्यदिवस को लेकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखते रहे हैं। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना है। अब सभी की नजर शिक्षा विभाग के अंतिम फैसले पर है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 25, 2026 0
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के समापन पर कार्यवाही के दौरान का दृश्य
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र खत्म, 20 विधेयक हुए पारित; विपक्ष के हंगामे के बीच कई मुद्दों पर हुई चर्चा

पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त हो गया है। सत्र के दौरान सदन में कुल 20 विधेयक पारित किए गए। सरकार ने जहां इसे राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण बताया, वहीं विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और सदन के अंदर विरोध प्रदर्शन भी किया।   कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मिली मंजूरी   मानसून सत्र के दौरान सरकार की ओर से पेश किए गए कई विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें मंजूरी दी गई। इन विधेयकों में प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षा, कानून और राज्य के विकास से जुड़े विषय शामिल रहे। सरकार का कहना है कि पारित किए गए विधेयकों से राज्य में बेहतर प्रशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।   छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा छाया रहा   सत्र के दौरान शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा में पारदर्शिता और छात्र संगठनों के प्रदर्शन का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी नेताओं ने मांग की कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और छात्रों की शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए।   विपक्ष ने सरकार पर लगाए कई आरोप   विधानसभा सत्र में विपक्ष ने कानून व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। कई बार सदन में नारेबाजी और हंगामे की स्थिति भी बनी। विपक्ष का आरोप था कि सरकार जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।   सरकार ने बताया सत्र को उपलब्धिपूर्ण   सत्र समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से कहा गया कि विधानसभा में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और आवश्यक कानूनों को मंजूरी दी गई। सत्तापक्ष ने कहा कि पारित किए गए विधेयक बिहार के विकास और प्रशासनिक सुधारों को गति देने में सहायक होंगे।   आगे विधानसभा में नए मुद्दों पर होगी चर्चा   मानसून सत्र समाप्त होने के बाद अब सरकार द्वारा पारित विधेयकों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं विपक्ष आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 25, 2026 0
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर को समर्थन देने का ऐलान करते जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर को दिया समर्थन, बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद बिहार की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है।   तेज प्रताप ने कहा- बदलाव के लिए प्रशांत किशोर का साथ   तेज प्रताप यादव ने कहा कि बांकीपुर सीट लंबे समय से एक ही राजनीतिक दल के प्रभाव में रही है और अब बदलाव की जरूरत है। उन्होंने प्रशांत किशोर को समर्थन देने की बात कही और जनता से उनके पक्ष में मतदान करने की अपील की।   JJD उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद लिया फैसला   तेज प्रताप यादव की पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने बांकीपुर उपचुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर को समर्थन देने का फैसला किया।   प्रशांत किशोर पहली बार चुनाव मैदान में   जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के जरिए पहली बार सीधे चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। उन्होंने बिहार की राजनीति में बदलाव और नई राजनीतिक व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए चुनाव लड़ने का फैसला किया है।   बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा   तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर का साथ आना बिहार की राजनीति में नए समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है। तेज प्रताप यादव पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़े रहे हैं और बाद में उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाई।   राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव में यह समर्थन प्रशांत किशोर के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि तेज प्रताप यादव की अपनी राजनीतिक पहचान और समर्थक वर्ग है।   आगे की रणनीति पर नजर   अब सभी की नजर इस बात पर है कि तेज प्रताप यादव का समर्थन चुनावी परिणामों को कितना प्रभावित करता है और क्या यह बिहार की राजनीति में भविष्य के नए गठजोड़ की शुरुआत है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 25, 2026 0
Bihar fancy number plate
बिहार में छाया फैंसी नंबर प्लेट का क्रेज, 5 साल में 37 हजार लोगों ने पसंदीदा नंबरों के लिए खर्च किए करोड़ों रुपये

पटना, एजेंसियां। बिहार में वाहनों के लिए फैंसी और वीआईपी नंबर प्लेट का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपने वाहन के लिए मनपसंद नंबर हासिल करने के लिए बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में करीब 37 हजार वाहन मालिकों ने फैंसी नंबर प्लेट के लिए आवेदन किया है।   0001, 0007, 0786 जैसे नंबरों की सबसे ज्यादा मांग   वाहन मालिकों में खास नंबरों को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह देखा जा रहा है। 0001, 0007, 9999, 0786 जैसे नंबरों को लोग स्टेटस सिंबल और शुभ अंक के तौर पर पसंद कर रहे हैं। इन नंबरों के लिए लोग ऑनलाइन बोली (ई-ऑक्शन) के जरिए अधिक कीमत तक देने को तैयार रहते हैं।   फैंसी नंबरों से सरकार को करोड़ों का राजस्व   बिहार परिवहन विभाग के लिए फैंसी नंबर प्लेट अब राजस्व का भी बड़ा स्रोत बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पसंदीदा नंबरों की नीलामी से सरकार को करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।   पटना में सबसे ज्यादा डिमांड   फैंसी नंबरों की मांग राज्य के बड़े शहरों में सबसे ज्यादा है। खासकर पटना, मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर जैसे जिलों में वाहन मालिक वीआईपी नंबरों के लिए अधिक रुचि दिखा रहे हैं।   ई-ऑक्शन से मिलता है पसंदीदा नंबर   परिवहन विभाग ने फैंसी नंबर आवंटन की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। वाहन मालिक परिवहन विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध नंबरों के लिए आवेदन करते हैं। अगर किसी नंबर के लिए एक से ज्यादा दावेदार होते हैं तो उसे ऑनलाइन बोली के माध्यम से दिया जाता है।   नंबर प्लेट अब पहचान और प्रतिष्ठा का हिस्सा   पहले जहां नंबर प्लेट सिर्फ वाहन की पहचान होती थी, वहीं अब कई लोग इसे अपनी व्यक्तिगत पहचान, जन्म तारीख, भाग्य अंक या प्रतिष्ठा से जोड़कर देखते हैं। इसी वजह से महंगे वाहनों के साथ आकर्षक नंबर लेने का चलन बढ़ रहा है।

anjali kumari जुलाई 25, 2026 0
Bihar Band
बिहार बंद के दौरान शिक्षा सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों का प्रदर्शन तेज

पटना, एजेंसियां। शिक्षा सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को बिहार बंद के दौरान छात्र संगठनों का प्रदर्शन तेज हो गया। विभिन्न छात्र संगठनों और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पटना सहित कई जिलों में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और सुरक्षा के मद्देनज़र बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।   इन मांगों को लेकर किया गया बिहार बंद   प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों ने NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।   पटना समेत कई जिलों में प्रदर्शन   बिहार बंद के दौरान पटना, आरा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और अन्य जिलों में प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और कई स्थानों पर सड़क जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए और कई इलाकों में यातायात को डायवर्ट किया।   सरकार ने शांति बनाए रखने की अपील की   प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम पहले ही शुरू किए जा चुके हैं।   राजनीतिक माहौल भी हुआ गर्म   बिहार बंद और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार का कहना है कि परीक्षा सुधारों के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

abhishek singh जुलाई 25, 2026 0
Bihar Police
बिहार में छात्र आंदोलन तेज, 18 जिलों तक पहुंचा प्रदर्शन; पुलिस हाई अलर्ट पर

पटना, एजेंसियां। बिहार में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों पर कार्रवाई और छात्रों की मांगों को लेकर चल रहा विरोध अब राज्य के कई जिलों तक फैल गया है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी किया है।   18 जिलों में पहुंचा आंदोलन, पुलिस की छुट्टियां रद्द   छात्र आंदोलन के विस्तार को देखते हुए बिहार पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 18 जिलों में प्रदर्शन की गतिविधियां सामने आई हैं। पुलिस बल को 24 घंटे अलर्ट रहने और सोशल मीडिया पर नजर रखने को कहा गया है।   पटना में प्रदर्शन के दौरान तनाव, पुलिस और छात्रों में टकराव   राजधानी पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की।   दरभंगा में पथराव, पुलिस अधिकारियों को लगी चोट   दरभंगा में छात्र प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना सामने आई। इस दौरान सिटी एसपी और एक पुलिसकर्मी के घायल होने की खबर है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।   पटना में कई FIR दर्ज, छात्रों पर कार्रवाई शुरू   प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामलों में पटना पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने कई थानों में FIR दर्ज की हैं और कुछ छात्र नेताओं समेत कई छात्रों को हिरासत में लिया गया है।   सरकार और छात्रों के बीच बातचीत पर नजर   छात्र संगठनों की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। वहीं सरकार की ओर से भी व्यवस्था सुधारने और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

abhishek singh जुलाई 24, 2026 0
Shravan Kumar
बिहार के हर पंचायत में बनेगा हाट, प्रखंड और जिला स्तर पर खुलेंगे मार्ट; ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए बड़ी योजना का ऐलान किया है। इसके तहत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीण हाट विकसित किए जाएंगे, जबकि प्रखंड और जिला स्तर पर हाट-मार्ट स्थापित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य गांव के उत्पादों को स्थानीय बाजार से जोड़ना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।   जीविका दीदियों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार   ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि इन हाट और मार्ट में जीविका समूहों से जुड़े उत्पादों की बिक्री को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर मंच मिलेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।   किसानों और छोटे कारोबारियों को होगा फायदा   सरकार की योजना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले हाट में किसानों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर ही बाजार उपलब्ध कराया जाए। इससे गांव के लोगों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।   स्थानीय रोजगार बढ़ाने पर जोर   सरकार का मानना है कि पंचायत स्तर पर बाजार विकसित होने से परिवहन खर्च कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खासकर कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, घरेलू उद्योग और महिला समूहों के बनाए सामान को बढ़ावा मिलेगा।   पर्यटन स्थलों पर भी जीविका उत्पादों की बिक्री की तैयारी   योजना के तहत राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी जीविका समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने की तैयारी है। इससे स्थानीय उत्पादों को राज्य के बाहर और पर्यटकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।   ग्रामीण बाजार को आधुनिक बनाने की पहल   बिहार सरकार की यह पहल ग्रामीण बाजार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। पंचायतों में हाट और प्रखंड स्तर पर मार्ट बनने से गांवों में खरीद-बिक्री की सुविधा बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जुलाई 24, 2026 0
BJP Bankipur Campaign
बांकीपुर में बीजेपी की नई रणनीति, ‘अपनी सरकार-अपना विधायक’ अभियान से मतदाताओं को साधने की कोशिश

पटना, एजेंसियां। बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव प्रचार को धार देते हुए नया अभियान शुरू किया है। पार्टी अब मतदाताओं के बीच ‘अपनी सरकार-अपना विधायक’ संदेश के साथ पहुंच रही है और विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।   स्थानीय विकास और सरकार के साथ तालमेल को बनाया मुद्दा   बीजेपी का फोकस इस बात पर है कि राज्य और केंद्र में उसकी सरकार होने से क्षेत्र के विकास कार्यों को गति मिल सकती है। पार्टी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं को यह संदेश देने में जुटे हैं कि सत्ता पक्ष का विधायक होने से क्षेत्र को योजनाओं और विकास परियोजनाओं का अधिक लाभ मिल सकता है।   प्रशांत किशोर की एंट्री से बदला चुनावी माहौल   बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है क्योंकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की सक्रियता ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। बीजेपी पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं प्रशांत किशोर नए मतदाताओं और बदलाव की राजनीति के मुद्दे के साथ मैदान में उतर रहे हैं।   कायस्थ बहुल सीट पर जातीय समीकरण भी अहम   बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। यहां शहरी मतदाता, युवा वोटर और जातीय समीकरण चुनाव परिणाम में अहम भूमिका निभाते हैं। बीजेपी जहां अपने पुराने प्रभाव को बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष नए मुद्दों के जरिए सेंध लगाने की रणनीति में जुटा है।   चुनाव प्रचार में रोजगार और विकास पर जोर   इस बार बांकीपुर चुनाव में रोजगार, शिक्षा, सड़क, यातायात और शहरी सुविधाएं प्रमुख मुद्दे बन रहे हैं। बीजेपी अपने विकास मॉडल को आगे रख रही है, जबकि विपक्ष सरकार से जुड़े सवालों और स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदाताओं के बीच जा रहा है।

anjali kumari जुलाई 24, 2026 0
Patna Student Protest
पटना छात्र प्रदर्शन मामले पर सियासत तेज, विधानसभा में सरकार और विपक्ष आमने-सामने

पटना, एजेंसियां। पटना में हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और छात्रों की मांगों को लेकर विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को जरूरी कदम बताया।   छात्रों के मुद्दों पर विपक्ष ने उठाए सवाल   विपक्षी दलों ने विधानसभा में छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों के साथ सख्ती नहीं होनी चाहिए।   नेताओं ने मांग की कि प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए।   सरकार ने कानून-व्यवस्था का दिया हवाला   सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार युवाओं के हितों को लेकर गंभीर है। हालांकि, किसी भी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।   सरकार की ओर से कहा गया कि यदि किसी छात्र या संगठन की कोई मांग है तो उसके लिए लोकतांत्रिक तरीके से बातचीत का रास्ता खुला है।   शिक्षा और रोजगार के मुद्दे बने केंद्र में   पटना छात्र प्रदर्शन के पीछे शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख बताए जा रहे हैं। युवाओं से जुड़े ये विषय बिहार की राजनीति में लगातार चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।   आगे की रणनीति पर नजर   छात्र प्रदर्शन को लेकर विपक्ष सरकार पर दबाव बनाए रखने की तैयारी में है, वहीं सरकार मामले को कानून-व्यवस्था के नजरिए से देख रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और सड़क दोनों जगहों पर चर्चा में रहने की संभावना है।

anjali kumari जुलाई 23, 2026 0
SBI Cyber Security Campaign
बिहार पुलिस-SBI का साइबर सुरक्षा अभियान, ऑनलाइन ठगी से बचाव पर जोर

पटना, एजेंसियां। बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए बिहार पुलिस और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मिलकर एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत आम लोगों को डिजिटल फ्रॉड, फर्जी कॉल, ऑनलाइन बैंकिंग ठगी और साइबर अपराध से बचने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।   लोगों को साइबर ठगी के तरीकों से किया जाएगा जागरूक   अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि साइबर अपराधी किस तरह फर्जी लिंक, OTP, बैंक अधिकारी बनकर कॉल और सोशल मीडिया के जरिए ठगी करते हैं। पुलिस और बैंक की टीमें लोगों को सावधानी बरतने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करने के लिए प्रेरित करेंगी।   बैंकिंग फ्रॉड रोकने पर विशेष ध्यान   बिहार में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। SBI के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य बैंक ग्राहकों को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के लिए प्रशिक्षित करना है।   लोगों को सलाह दी जाएगी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक डिटेल, ATM पिन, OTP या पासवर्ड साझा न करें।   पुलिस और बैंक मिलकर करेंगे काम   इस अभियान में बिहार पुलिस की साइबर सेल और SBI के अधिकारी मिलकर काम करेंगे। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूल, कॉलेज, ग्रामीण क्षेत्रों और आम नागरिकों तक साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जाएगी।   पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है।   साइबर अपराध की शिकायत के लिए अपील   बिहार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर वे किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होते हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।   डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में यह अभियान लोगों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों से बचने में मदद करेगा।

anjali kumari जुलाई 23, 2026 0
RJD Attack on Centre
RJD ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, बोले- युवाओं को चाहिए रोजगार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था

पटना, एजेंसियां। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने केंद्र सरकार पर युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की जरूरत है। RJD ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय केवल राजनीतिक दावों तक सीमित है।   रोजगार और परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल   RJD नेताओं ने कहा कि देश में बेरोजगारी युवाओं की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। उन्होंने सरकारी नौकरियों में देरी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा।   पार्टी का कहना है कि युवाओं को समय पर रोजगार मिले और परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।   NEET और छात्र मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला   NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए RJD ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों से मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है।   RJD ने मांग की कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनके साथ संवाद करे।   बिहार में भी रोजगार बना बड़ा चुनावी मुद्दा   बिहार की राजनीति में रोजगार और शिक्षा लंबे समय से प्रमुख मुद्दे रहे हैं। RJD लगातार युवाओं, नौकरी और पलायन के मुद्दे को उठाती रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी खत्म करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर काम करना चाहिए।   सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी   RJD के बयान के बाद बिहार में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दलों का कहना है कि केंद्र सरकार ने रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू की हैं, जबकि विपक्ष का आरोप है कि इन योजनाओं का लाभ युवाओं तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच रहा।   युवाओं से जुड़े रोजगार और शिक्षा के मुद्दे आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

anjali kumari जुलाई 23, 2026 0
सुधीर शर्मा की भाजपा में वापसी जनसुराज को झटका
सुधीर शर्मा की BJP में वापसी, प्रशांत किशोर की जनसुराज को बड़ा झटका

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जनसुराज से जुड़े रहे सुधीर शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में वापसी कर ली है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की राजनीतिक हलचल के बीच सुधीर शर्मा का बीजेपी में शामिल होना प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज के लिए झटका माना जा रहा है।   पहले BJP में रह चुके हैं सुधीर शर्मा   सुधीर शर्मा इससे पहले भी बीजेपी से जुड़े रहे हैं। बाद में उन्होंने प्रशांत किशोर के अभियान जनसुराज का साथ दिया और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। अब दोबारा बीजेपी में लौटने से बिहार की सियासत में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है।   बांकीपुर उपचुनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल   बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बिहार में पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। सुधीर शर्मा की वापसी को बीजेपी के लिए संगठन मजबूत करने और जनसुराज को कमजोर करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।   जनसुराज के लिए माना जा रहा बड़ा झटका   प्रशांत किशोर बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे समय में उनके साथ रहे नेता का बीजेपी में जाना जनसुराज के लिए चुनौती माना जा रहा है।   बिहार की राजनीति में नए समीकरण की चर्चा   सुधीर शर्मा की वापसी के बाद बीजेपी, जनसुराज और अन्य दलों की रणनीति पर नजर रहेगी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इसका असर बांकीपुर उपचुनाव और राज्य की राजनीति पर कितना पड़ता है।

ranjan kumar tiwari जुलाई 22, 2026 0
बिहार विधानसभा मानसून सत्र का तीसरा दिन
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन, विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में

पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में राजनीतिक गर्मी बढ़ने के आसार हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दों की तैयारी की है, जिनमें कानून व्यवस्था, रोजगार, परीक्षा में अनियमितता, महंगाई और जनहित से जुड़े मामले प्रमुख हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगी।   NEET और पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष हमलावर   विपक्ष की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी है। विपक्ष सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर सकता है।   कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर होगी चर्चा   सत्र के दौरान विपक्ष कानून व्यवस्था, युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याओं और सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा सकता है। विपक्ष का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से रखेगा।   सरकार विधेयक और विकास योजनाओं पर रखेगी पक्ष   वहीं, सरकार सदन में अपने कामकाज और विकास योजनाओं को सामने रखने की तैयारी में है। मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और सरकारी प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।   सत्र में हंगामे के आसार   छोटे कार्यकाल वाले इस मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है। दोनों पक्ष अपने-अपने मुद्दों को लेकर सदन में सक्रिय नजर आ रहे हैं।

ranjan kumar tiwari जुलाई 22, 2026 0
Bihar Vidhan Sabha
बिहार विधानसभा में एक साथ 7 विधेयक पेश, TRE-4 भर्ती और पंचायत टैक्स पर सरकार का बड़ा बयान

पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकार ने एक साथ सात महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए। जुआ कानून, जीएसटी संशोधन, भूमि दाखिल-खारिज, चिकित्सा, नर्सों के पंजीकरण और कृषि भूमि से जुड़े इन विधेयकों पर सदन में चर्चा शुरू हो गई। सरकार ने संकेत दिया कि बहस पूरी होने के बाद इन्हें पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।   सदन में पेश किए गए विधेयकों में बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026, बिहार माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक, 2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज संशोधन विधेयक, 2026, बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) संशोधन विधेयक, 2026, बिहार चिकित्सा संशोधन विधेयक, 2026, बिहार नर्सेस पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026 तथा बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजन के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।   सत्र के दौरान  सत्र के दौरान जदयू विधायक श्याम रजक ने इंदिरा आंबेडकर विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में करीब 62 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इस पर एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बताया कि शिक्षक नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को अधियाचना भेजी जा चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।    शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सदन में क्या घोषणा की  TRE-4 शिक्षक भर्ती को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सदन में घोषणा की कि इसकी अधिसूचना इसी महीने जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अगले पांच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाया जाएगा।   वहीं, विधान परिषद में ग्राम पंचायतों में होल्डिंग टैक्स वसूली का मुद्दा भी गरमाया। राजद एमएलसी सुनील सिंह ने गरीबों पर टैक्स लगाने का आरोप लगाया, जिस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार गरीबों पर कोई नया टैक्स नहीं लगा रही है और इस तरह की बातें पूरी तरह भ्रामक हैं।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Somnath Special Train
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1100 श्रद्धालुओं को लेकर सोमनाथ जाने वाली विशेष ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

पटना, एजेंसियां। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना के पाटलिपुत्र जंक्शन से सोमनाथ दर्शन स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विशेष ट्रेन से बिहार के करीब 1100 श्रद्धालु गुजरात स्थित भगवान सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना हुए।   पाटलिपुत्र स्टेशन से शुरू हुई धार्मिक यात्रा   सोमनाथ यात्रा के शुभारंभ के दौरान पाटलिपुत्र जंक्शन पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। स्टेशन परिसर में 'हर-हर महादेव' और 'जय सोमनाथ' के जयघोष के बीच मुख्यमंत्री ने ट्रेन को रवाना किया।   श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्था   बिहार सरकार की ओर से इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, यात्रा सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गुजरात पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के ठहरने और स्थानीय व्यवस्थाओं के लिए भी प्रबंध किए गए हैं।   धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर   मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि धार्मिक यात्राएं लोगों को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।   सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित यात्रा   यह विशेष यात्रा 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत आयोजित की गई है। यात्रा में बिहार के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालु शामिल हुए हैं। विशेष ट्रेन के माध्यम से श्रद्धालु सोमनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करेंगे।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Bihar Teacher Transfer
बिहार में शिक्षकों के तबादले के लिए 100 अंकों वाला ऑनलाइन सिस्टम लागू, 29 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने के लिए 100 अंकों वाला ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग के अनुसार, नई ट्रांसफर नीति के तहत 29 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।    मेरिट के आधार पर होगा तबादला   नई व्यवस्था में प्रत्येक शिक्षक को विभिन्न मानकों के आधार पर 100 अंकों का स्कोर दिया जाएगा। इनमें सेवा अवधि, कठिन क्षेत्र में कार्य, दिव्यांगता, गंभीर बीमारी, पति-पत्नी की नियुक्ति, महिला शिक्षकों की विशेष परिस्थितियां और अन्य निर्धारित मानदंड शामिल होंगे। अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरण का लाभ मिलेगा।    पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन   शिक्षा विभाग ने बताया कि आवेदन से लेकर प्राथमिकता सूची और स्थानांतरण आदेश तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।    29 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन   शिक्षक 29 जुलाई से विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की जांच के बाद निर्धारित अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार तबादला आदेश जारी किए जाएंगे।   पारदर्शिता बढ़ाने का दावा   शिक्षा विभाग का कहना है कि नई ट्रांसफर नीति का उद्देश्य शिक्षकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता लाना, शिकायतों को कम करना और जरूरतमंद शिक्षकों को प्राथमिकता देना है। विभाग ने सभी पात्र शिक्षकों से समय पर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Bihar Supplementary Budget
बिहार विधानसभा में ₹87,383 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, विकास योजनाओं और वेतन मद पर रहेगा बड़ा खर्च

पटना, एजेंसियां। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹87,383.4 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बजट पेश करते हुए कहा कि अतिरिक्त धनराशि का उपयोग विकास योजनाओं, वेतन, पेंशन और अन्य प्रतिबद्ध व्ययों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।   विकास योजनाओं पर सबसे अधिक खर्च   बजट दस्तावेजों के अनुसार, ₹57,077.95 करोड़ वार्षिक विकास योजनाओं पर खर्च किए जाएंगे। वहीं ₹30,265.99 करोड़ वेतन, पेंशन और अन्य प्रतिबद्ध व्ययों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए भी अलग से प्रावधान किया गया है।   मानसून सत्र में कई अहम विधेयक भी होंगे पेश   बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 से 24 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और वित्तीय प्रस्ताव भी सदन में पेश करेगी। अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा और मतदान आगामी बैठकों में होने की संभावना है।   विपक्ष ने उठाए खर्च और प्राथमिकताओं पर सवाल   अनुपूरक बजट पेश होने के बाद विपक्ष ने सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राज्य के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित संसाधन नहीं दिए गए हैं, जबकि सरकार ने बजट को विकास और जनकल्याण के लिए आवश्यक बताया।   राज्य के विकास कार्यों को मिलेगी गति   सरकार का कहना है कि अतिरिक्त बजट से चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और विभिन्न विभागों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद जताई गई है।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Bihar Monsoon Session
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, अनुपूरक बजट के साथ 13 विधेयक पेश करेगी सरकार

पटना, एजेंसियां। बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के इस पहले मानसून सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके अलावा सदन में 13 महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी है, जिनमें शिक्षा और भूमि प्रशासन से जुड़े बदलाव प्रमुख हैं।   पांच दिनों तक चलेगा मानसून सत्र   बिहार विधानसभा का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगा। सत्र के दौरान सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, जबकि विपक्ष कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।   13 विधेयकों में शिक्षा और जमीन से जुड़े प्रस्ताव शामिल   सरकार इस सत्र में बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) समेत 13 विधेयक पेश करेगी। इनमें शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और जमीन से जुड़े नियमों में संशोधन वाले प्रस्ताव शामिल हैं। इन विधेयकों के जरिए राज्य में प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।   अनुपूरक बजट पर होगी चर्चा   सत्र के पहले दिन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी। इसके बाद बजट पर चर्चा और विभागवार मांगों पर विचार किया जाएगा।   विपक्ष ने भी तैयार की रणनीति   मानसून सत्र छोटा होने के बावजूद इसके हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, आर्थिक स्थिति और अन्य मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी की है। वहीं, सरकार ने अपने विधायी कामकाज को पूरा कराने की रणनीति बनाई है।   सुरक्षा व्यवस्था कड़ी   विधानसभा सत्र को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। विधानसभा और सचिवालय क्षेत्र के आसपास विशेष इंतजाम किए गए हैं तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

anjali kumari जुलाई 20, 2026 0
Bihar River Linking Project
बिहार की पहली रिवर लिंक परियोजना शुरू: बेलवा से बूढ़ी गंडक तक पहुंचा बागमती का पानी, 50 लाख किसानों को होगा लाभ

पटना, एजेंसियां। बिहार ने जल प्रबंधन और सिंचाई के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य की पहली रिवर लिंक परियोजना के तहत बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल का शुभारंभ कर दिया गया है। इस परियोजना के जरिए पहली बार बागमती नदी का अतिरिक्त पानी बूढ़ी गंडक नदी तक पहुंचाया गया, जिससे बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और जल संरक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। परियोजना से राज्य के करीब 50 लाख किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है।   130.88 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई परियोजना   यह परियोजना 130.88 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है। लगभग 68.8 किलोमीटर लंबे बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल के माध्यम से मानसून के दौरान बागमती नदी के अतिरिक्त पानी को बूढ़ी गंडक में मोड़ा जाएगा। इससे बाढ़ की तीव्रता कम करने के साथ-साथ जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।   बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई को मिलेगा बड़ा लाभ   सरकार का कहना है कि यह परियोजना विशेष रूप से शिवहर, मुजफ्फरपुर और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत लेकर आएगी। अतिरिक्त पानी के बेहतर प्रबंधन से खेतों तक सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी और कृषि उत्पादन में भी सुधार होने की संभावना है।   50 लाख किसानों को होगा फायदा   राज्य सरकार के अनुसार, इस परियोजना से उत्तर बिहार के लाखों किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर जल उपलब्ध होगा। इससे खेती की लागत कम होगी, फसल उत्पादन बढ़ेगा और बाढ़ से होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।   जल संसाधन प्रबंधन में मील का पत्थर   विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार की यह पहली रिवर लिंक परियोजना राज्य में एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में अन्य नदियों को जोड़ने की योजनाओं को भी गति मिल सकती है।

anjali kumari जुलाई 20, 2026 0
Bihar Food Hub
बिहार के चार शहरों में बनेंगे मॉडर्न फूड हब

पटना, एजेंसियां। बिहार के चार शहरों मोकामा, मुंगेर, गया और बड़हिया को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस फूड हब की सौगात मिलने वाली है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और मोकामा नगर परिषद ने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ निर्माण के लिए जमीन भी उपलब्ध करा दी है। अब परियोजना को अंतिम प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति केंद्र सरकार से मिलनी बाकी है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।   आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे फूड हब प्रस्तावित फूड हब में आधुनिक फूड कोर्ट, स्वच्छ खानपान की व्यवस्था, पेयजल, आधुनिक शौचालय, पर्याप्त पार्किंग, बैठने की सुविधा और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन हब का उद्देश्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे जिलों से आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को भी बेहतर और व्यवस्थित खानपान की सुविधा उपलब्ध कराना है।   रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा यह परियोजना केवल खाने-पीने की सुविधाओं तक सीमित नहीं होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी। फूड हब बनने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, छोटे कारोबारियों और स्थानीय उद्यमियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही इन शहरों में पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।   चारों शहर बनेंगे नए फूड डेस्टिनेशन बिहार के 261 नगर निकायों में से इन चार शहरों का चयन फूड हब परियोजना के लिए किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद मोकामा, मुंगेर, गया और बड़हिया न केवल आधुनिक खानपान केंद्र के रूप में विकसित होंगे, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेंगे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह पहल इन शहरों को नई पहचान दिलाने के साथ क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती देगी। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी पर है, जिसके बाद इस बहुप्रतीक्षित मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू होगा।

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
Lalu Yadav Health Update
लालू प्रसाद की तबीयत बिगड़ी, बेहतर इलाज के लिए आज दिल्ली एम्स जाएंगे राजद सुप्रीमो

पटना, एजेंसियां। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए शनिवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया जाएगा। शुक्रवार शाम ब्लड प्रेशर में अचानक उतार-चढ़ाव की शिकायत के बाद उन्हें पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया।   राजद सांसद और लालू प्रसाद यादव राजद सांसद और लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती ने बताया कि आईजीआईएमएस में चिकित्सकों की टीम ने सभी जरूरी जांचें कीं। इलाज के बाद उनकी स्थिति सामान्य और स्थिर पाई गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल डॉक्टरों ने उन्हें घर पर निगरानी में रहने की सलाह दी है। हालांकि, उनके पुराने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड और विशेषज्ञ उपचार को ध्यान में रखते हुए आगे की चिकित्सा के लिए उन्हें शनिवार को एम्स, नई दिल्ली ले जाया जाएगा।   मीसा भारती ने कहा मीसा भारती ने कहा कि लालू प्रसाद पहले से ही एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज कराते रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह पर वहीं आगे की जांच और उपचार कराया जाएगा। उन्होंने समर्थकों और शुभचिंतकों से चिंता न करने की अपील करते हुए कहा कि फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। इस दौरान मीसा भारती ने पटना के कौटिल्य नगर स्थित नए आवास के आसपास की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इलाके में स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मुद्दे को उठाने पर लोग राजनीतिक अर्थ निकाल सकते हैं।   गौरतलब है कि करीब दो दशक तक 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रहने के बाद हाल ही में लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने निजी आवास, कौटिल्य नगर में शिफ्ट हुए हैं। अब उनके स्वास्थ्य पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजर बनी हुई है।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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