नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में हर दौर में एक ऐसा बल्लेबाज उभरकर सामने आया है जिसने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई। सुनील गावस्कर से शुरू हुई यह विरासत सचिन तेंदुलकर तक पहुंची और फिर विराट कोहली ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब जब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय क्रिकेट का अगला 'किंग' कौन होगा? मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस सवाल का सबसे मजबूत जवाब शुभमन गिल के रूप में सामने आ रहा है। भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे शुभमन गिल इन दिनों अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ लय में नजर आ रहे हैं। खासकर वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला पिछले सात महीनों से लगातार रन उगल रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 80 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के भी सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं। सात महीने से वनडे में शानदार फॉर्म शुभमन गिल ने साल 2026 की शुरुआत से ही वनडे क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो मैचों में उन्होंने लगातार 56-56 रन बनाए। तीसरे मुकाबले में 18 गेंदों पर 23 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में 84 रन बनाए, जबकि दूसरे मुकाबले में 154 रन की शानदार पारी खेलकर अपने करियर का दूसरा सबसे बड़ा वनडे स्कोर दर्ज किया। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी उन्होंने 75 गेंदों में 80 रन बनाकर भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। उनकी पिछली छह वनडे पारियों में पांच अर्धशतक इस बात का प्रमाण हैं कि फिलहाल उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए आसान नहीं है। इंग्लैंड के खिलाफ खेली मैच जिताऊ पारी बर्मिंघम में खेले गए पहले वनडे में भारत को 259 रन का लक्ष्य मिला था। कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। श्रेयस अय्यर (35) और केएल राहुल (1) भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। ऐसे मुश्किल समय में शुभमन गिल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 80 रन बनाए। हालांकि हैमस्ट्रिंग और ग्रॉइन में परेशानी के कारण उन्हें बीच में मैदान छोड़ना पड़ा, लेकिन तब तक वह भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। बाद में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल की अहम पारियों ने टीम इंडिया को जीत दिलाई। यदि गिल शुरुआती दबाव को संभालकर यह पारी नहीं खेलते तो मुकाबले का नतीजा भारत के पक्ष में आना मुश्किल हो सकता था। औसत के मामले में विराट कोहली से भी आगे वनडे क्रिकेट में कम से कम 3000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शुभमन गिल अब सबसे अधिक बल्लेबाजी औसत वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 65 वनडे मैचों में 3271 रन 60 से अधिक की औसत से बनाए हैं। वहीं विराट कोहली 58.50 की औसत के साथ 14,802 रन बनाकर दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि विराट कोहली के नाम अनुभव, रिकॉर्ड और बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन जैसी कई उपलब्धियां हैं, लेकिन शुरुआती करियर में जिस तरह शुभमन गिल लगातार रन बना रहे हैं, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया है। अगर गिल इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक नया 'किंग' मिल सकता है।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक का विकेट लेकर वनडे क्रिकेट में अपने 150 विकेट पूरे कर लिए। इस मैच में भले ही बुमराह को सिर्फ एक विकेट मिला, लेकिन उनकी सटीक गेंदबाजी ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। उन्होंने अपने 9 ओवर के स्पेल में केवल 31 रन खर्च किए। इस उपलब्धि के साथ बुमराह अब भारत की ओर से सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए हैं। सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज 1. मोहम्मद शमी – 4070 गेंदें भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इस सूची में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने साल 2022 में अपने करियर के 80वें वनडे मैच के दौरान सिर्फ 4070 गेंदों में 150 विकेट पूरे कर इतिहास रच दिया। उनकी लगातार विकेट लेने की क्षमता उन्हें भारत के सबसे घातक वनडे गेंदबाजों में शामिल करती है। 2. कुलदीप यादव – 4513 गेंदें चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने 2023 में 4513 गेंदों में अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए। 2017 में डेब्यू करने वाले कुलदीप भारत के लिए वनडे में दो हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज भी हैं। उनकी विविधता और टर्न ने कई मैचों में भारत को जीत दिलाई है। 3. जसप्रीत बुमराह – 4605 गेंदें जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने 91वें वनडे मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 4605 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए। चोटों के कारण कुछ समय क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद बुमराह ने अपनी घातक गेंदबाजी से लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अब इस प्रतिष्ठित सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। 4. अजीत अगरकर – 5027 गेंदें पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और मौजूदा टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर लंबे समय तक इस रिकॉर्ड के मालिक रहे। उन्होंने अपने 97वें वनडे मैच में 5027 गेंदों पर 150 विकेट पूरे किए थे। अपनी तेज गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी के लिए भी अगरकर जाने जाते थे। 5. इरफान पठान – 5131 गेंदें पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले गए मुकाबले के दौरान 5131 गेंदों में अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए थे। स्विंग गेंदबाजी के दम पर उन्होंने शुरुआती वर्षों में भारत को कई यादगार जीत दिलाईं। सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज रैंक गेंदबाज गेंदें 1 मोहम्मद शमी 4070 2 कुलदीप यादव 4513 3 जसप्रीत बुमराह 4605 4 अजीत अगरकर 5027 5 इरफान पठान 5131
भारत और अफगानिस्तान के बीच 20 जून को खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए उन्हें अंतिम वनडे के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल किया। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद मिली एंट्री हर्षित राणा पिछले कुछ महीनों से चोट के कारण क्रिकेट से दूर थे। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में उनके दाएं घुटने में चोट लग गई थी। इसके बाद उन्हें लंबे समय तक बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। अब फिटनेस टेस्ट में सफल होने और मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलने के बाद उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है। वर्ल्ड कप और IPL 2026 से रहना पड़ा था बाहर चोट की वजह से हर्षित राणा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा नहीं ले सके थे। इतना ही नहीं, उन्हें आईपीएल 2026 भी मिस करना पड़ा था। ऐसे में उनकी वापसी भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में मिल सकता है मौका भारत पहले ही अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज अपने नाम कर चुका है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट तीसरे मुकाबले में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देकर 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को मजबूत करना चाहता है। हर्षित राणा की अचानक एंट्री से यह संकेत मिल रहे हैं कि उन्हें चेन्नई में होने वाले मुकाबले की प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। हालांकि टीम के मौजूदा तेज गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे अंतिम एकादश का चयन आसान नहीं होगा। इस सीरीज में तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन गेंदबाज प्रदर्शन गुरनूर बराड़ 2 मैच में 6 विकेट, सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज प्रिंस यादव डेब्यू मैच में 2 विकेट अर्शदीप सिंह 2 विकेट, सबसे अनुभवी पेसर हर्षित राणा तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान) रोहित शर्मा श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान) यशस्वी जायसवाल केएल राहुल ईशान किशन नितीश कुमार रेड्डी वॉशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव हर्ष दुबे अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा प्रिंस यादव गुरनूर बराड़ हर्षित राणा हर्षित राणा की वापसी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त मजबूती मिली है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि क्या उन्हें तीसरे वनडे की प्लेइंग-11 में मौका मिलता है या नहीं।
Shubman Gill Record: भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल शानदार फॉर्म में हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में उन्होंने 154 रनों की यादगार पारी खेलकर न सिर्फ टीम इंडिया को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि एक खास उपलब्धि हासिल करते हुए अपने आदर्श विराट कोहली की बराबरी भी कर ली। 154 रन की पारी से बने मैच के हीरो अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 110 गेंदों में 154 रन बनाए और भारतीय पारी की मजबूत नींव रखी। उनकी इस शानदार पारी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इससे पहले सीरीज के पहले मुकाबले में भी गिल ने नाबाद 84 रन बनाए थे। लगातार दूसरे मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद वह एक बार फिर चर्चा में हैं। विराट कोहली के रिकॉर्ड की की बराबरी शुभमन गिल कई बार सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि विराट कोहली उनके आदर्श हैं। अब उन्होंने अपने आइडल के एक खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। साल 2022 से अब तक शुभमन गिल 22 बार 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस मामले में उन्होंने विराट कोहली की बराबरी कर ली है, जिन्होंने इसी अवधि में 22 बार यह सम्मान हासिल किया था। 150+ स्कोर बनाने वाले खास भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल 154 रन की इस पारी के साथ शुभमन गिल वनडे क्रिकेट में 150 या उससे अधिक का स्कोर दो बार बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। इस सूची में शामिल भारतीय बल्लेबाज: रोहित शर्मा – 8 बार विराट कोहली – 5 बार सचिन तेंदुलकर – 5 बार शुभमन गिल – 2 बार गिल के नाम वनडे क्रिकेट में एक दोहरा शतक भी दर्ज है और वह लगातार बड़े स्कोर बनाने की क्षमता दिखा रहे हैं। भारत ने दर्ज की एकतरफा जीत मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 402 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। शुभमन गिल के अलावा ईशान किशन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 79 गेंदों में 125 रन बनाए। हालांकि आखिरी चरण में भारत ने तेजी से छह विकेट गंवाए, जिससे टीम 450 रन के संभावित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। 403 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम 44.3 ओवर में 232 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों में: अर्शदीप सिंह – 3 विकेट गुरनूर बराड़ – 3 विकेट डेब्यू कर रहे प्रिंस यादव – 2 विकेट भारत ने इस मुकाबले को बड़े अंतर से जीतकर सीरीज में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर शुभमन गिल अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में गिने जा रहे हैं और उनकी तुलना लगातार विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से की जा रही है।
नई दिल्ली: मेहदी हसन मिराज की कप्तानी में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए 86 रन से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ बांग्लादेश ने वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लंबे इंतजार के बाद यादगार सफलता हासिल की। हालांकि, मुकाबले के दौरान मैदान पर एक ऐसा वाकया भी देखने को मिला जिसने मैच का रोमांच और बढ़ा दिया। नाहिद राणा और जोश इंग्लिस के बीच हुई तीखी नोकझोंक मुकाबले के 11वें ओवर में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जोश इंग्लिस को विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इंग्लिस के आउट होने के बाद राणा ने उत्साह में आक्रामक अंदाज दिखाते हुए बल्लेबाज को पवेलियन लौटने का इशारा किया। यह अंदाज ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को पसंद नहीं आया और ड्रेसिंग रूम की ओर जाते समय उन्होंने पीछे मुड़कर राणा को जवाब दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर तक तीखी बहस देखने को मिली। अंपायरों ने संभाली स्थिति मैदान पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अंपायरों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों खिलाड़ियों को शांत कराया। इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ा और खेल दोबारा सामान्य रूप से जारी रहा। जोश इंग्लिस 25 गेंदों में 19 रन बनाकर पवेलियन लौटे। बारिश बनी मैच की बाधा मैच के दौरान बारिश ने भी खेल में बाधा डाली। लगातार खराब मौसम के कारण मुकाबला दोबारा शुरू नहीं हो सका और अंततः अंपायरों ने डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के आधार पर बांग्लादेश को विजेता घोषित किया। बांग्लादेश का शानदार प्रदर्शन पूरे मैच में बांग्लादेश की टीम ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में ऑस्ट्रेलिया पर दबदबा बनाए रखा। मेहदी हसन मिराज की अगुआई में टीम ने हर मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया और ऐतिहासिक जीत अपने नाम की। हालांकि, मैदान पर हुई बहस के बावजूद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मुकाबले के बाद खेल भावना का परिचय दिया।
भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह खबर टीम इंडिया और करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है, क्योंकि इस सीरीज को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा था। आईपीएल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करनी थी वापसी विराट कोहली आईपीएल 2026 के बाद इस सीरीज के जरिए भारतीय टीम में वापसी करने वाले थे। हालांकि चोट के चलते उनकी वापसी फिलहाल टल गई है। 37 वर्षीय कोहली अपनी फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उनका अचानक टीम से बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। आईपीएल 2026 में रहा शानदार प्रदर्शन कोहली ने हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। पूरे सीजन में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 56.25 और स्ट्राइक रेट 165.84 रहा। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे स्थान पर रहे। बीसीसीआई सूत्र ने दी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक सूत्र ने पुष्टि की है कि हैमस्ट्रिंग चोट के कारण विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 13 जून से शुरू होने वाली है। मुकाबलों का आयोजन धर्मशाला में किया जाएगा। टीम इंडिया के लिए क्यों अहम थी यह सीरीज? अफगानिस्तान के खिलाफ यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का शुरुआती चरण नए खिलाड़ियों को आजमाने का मौका अनुभवी खिलाड़ियों के संयोजन को मजबूत करना बल्लेबाजी क्रम को स्थिर करना ऐसे में विराट कोहली जैसे वरिष्ठ और अनुभवी बल्लेबाज का बाहर होना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अब किसे मिल सकता है मौका? कोहली की अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन किसी युवा बल्लेबाज या रिजर्व खिलाड़ी को मौका दे सकता है। हालांकि उनकी जगह कौन लेगा, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। चयनकर्ता जल्द ही टीम में बदलाव की घोषणा कर सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।