नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय महिला क्रिकेट टीम का टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सफर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट की हार के साथ समाप्त हो गया। इस हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत पूरे टूर्नामेंट में अपने स्तर का क्रिकेट नहीं खेल सका और अब टीम को मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ अपनी रणनीति और प्रदर्शन पर गंभीरता से विचार करना होगा। हरमनप्रीत ने कहा कि कुछ समय तक मुकाबले में रहने के बावजूद टीम निर्णायक मौकों पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। 'अच्छी टीमों के खिलाफ बेहतर खेलना होगा' मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि भारतीय टीम ने 170 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया था और एक समय ऐसा लगा कि यह जीत के लिए पर्याप्त साबित हो सकता है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी और सटीक रणनीति के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान ने माना कि पूरे टूर्नामेंट में मजबूत टीमों के खिलाफ भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा, "सबसे अच्छी टीमों के खिलाफ आपका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सामने आना चाहिए, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके। हमें इस पर दोबारा सोचने और अपनी कमियों को दूर करने की जरूरत है।" हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं दिला सकी जीत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने कप्तान हरमनप्रीत कौर की 26 गेंदों में 56 रनों की विस्फोटक पारी की बदौलत 20 ओवर में 170/4 का मजबूत स्कोर बनाया। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ओर से एलिस पेरी (56) और एशले गार्डनर (नाबाद 53) की शानदार पारियों ने मैच का रुख बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 171 रन का लक्ष्य हासिल कर महिला टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। इस हार के साथ भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम चार में जगह बनाई। अब पहला सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच तथा दूसरा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा, जबकि फाइनल मुकाबला 5 जुलाई को लॉर्ड्स में आयोजित होगा।
बर्मिंघम, एजेंसियां। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के दौरान एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में पहला रन बनाते ही हरमनप्रीत टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। उन्होंने पूर्व कप्तान मिताली राज का लंबे समय से कायम रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। 10 वर्ल्ड कप खेलने का मिला इनाम हरमनप्रीत कौर ने 2009 से अब तक महिला टी20 वर्ल्ड कप के सभी 10 संस्करणों में हिस्सा लिया है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद उनके नाम 40 मुकाबलों में 762 रन दर्ज हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक भी लगाए हैं। भारत की ओर से महिला टी20 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची में अब हरमनप्रीत पहले स्थान पर हैं। उनके बाद मिताली राज (726 रन) और स्मृति मंधाना (592 रन) का नाम आता है। मुश्किल समय में खेली जिम्मेदार पारी भारत की शुरुआत इस मुकाबले में बेहद खराब रही। शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स जल्दी आउट हो गईं, जिससे टीम दबाव में आ गई। ऐसे समय में कप्तान हरमनप्रीत ने उपकप्तान स्मृति मंधाना के साथ पारी को संभाला। जहां मंधाना ने आक्रामक बल्लेबाजी की, वहीं हरमनप्रीत ने संयम से खेलते हुए स्ट्राइक रोटेट की और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने 35 गेंदों में 36 महत्वपूर्ण रन बनाए, जिससे भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब हरमनप्रीत का टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हाल ही में उन्होंने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4,000 रन पूरे किए थे और ऐसा करने वाली दुनिया की तीसरी बल्लेबाज बनी थीं। अब उनके नाम 177 पारियों में 4,111 रन दर्ज हैं। इसके साथ ही वह जल्द ही 200 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेलने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनने की दहलीज पर खड़ी हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों और बल्लेबाजों में अपनी पहचान और मजबूत करती जा रही हैं।
नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हराया। इस मुकाबले में भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि मैच के बाद एक और वजह चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि पाकिस्तान की हार तय होते ही वहां के सरकारी प्रसारक पीटीवी ने लाइव क्रिकेट मैच की जगह फीफा मुकाबले का प्रसारण शुरू कर दिया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वायरल वीडियो तथा सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर ही यह चर्चा सामने आई है। भारत ने दर्ज की बड़ी जीत पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 170 रन बनाए। टीम के लिए Smriti Mandhana ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान Harmanpreet Kaur ने 36 रन का योगदान दिया, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज Richa Ghosh ने डेथ ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों में 34 रन बनाए। आखिरी दो ओवर में भारतीय टीम ने 38 रन जोड़कर स्कोर को 170 तक पहुंचाया। दीप्ति शर्मा ने गेंद से मचाया कहर 171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई। भारतीय स्पिनर Deepti Sharma ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया। वहीं विश्व कप में पदार्पण कर रहीं Shree Charani ने भी दो विकेट अपने नाम किए। रनों के लिहाज से यह महिला टी20 विश्व कप में भारत की पांचवीं सबसे बड़ी जीत रही। पीटीवी को लेकर वायरल हुआ दावा सोशल मीडिया पर वायरल कुछ पोस्ट और वीडियो में दावा किया गया कि पाकिस्तान में महिला टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार रखने वाले पीटीवी ने मैच के अंतिम चरण में क्रिकेट प्रसारण हटाकर फीफा मुकाबला दिखाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में जर्मनी और कुराकाओ के बीच फुटबॉल मैच दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के दौरान भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरमनप्रीत ने अपनी पारी का पहला रन बनाते ही पूर्व कप्तान Mithali Raj का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया और महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। एक रन ने बदल दिया इतिहास मैच शुरू होने से पहले हरमनप्रीत कौर और मिताली राज दोनों के नाम महिला टी20 वर्ल्ड कप में 726-726 रन दर्ज थे। पाकिस्तान के खिलाफ पहला रन बनाते ही हरमनप्रीत 727 रन तक पहुंच गईं और उन्होंने इस प्रतिष्ठित रिकॉर्ड पर अकेले कब्जा कर लिया। अब महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड हरमनप्रीत कौर के नाम दर्ज हो गया है। महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी मैच रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर शतक/अर्धशतक हरमनप्रीत कौर 39 757* 103 1/4 मिताली राज 24 726 57 0/5 स्मृति मंधाना 26 550 87 0/4 जेमिमा रोड्रिग्स 20 408 59 0/2 पूनम राउत 15 375 56 0/3 शेफाली वर्मा 15 368 47 0/0 दीप्ति शर्मा 19 218 49* 0/0 ऋचा घोष 11 187 47* 0/0 सुलक्षणा नाइक 12 170 59 0/1 वेदा कृष्णमूर्ति 14 158 36* 0/0 कप्तान ने संभाली पारी, मंधाना का भी शानदार प्रदर्शन हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में 31 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल रहे। दूसरी ओर Smriti Mandhana ने शानदार अर्धशतक जड़कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। खबर लिखे जाने तक मंधाना 64 रन बनाकर नाबाद थीं। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और दो छक्के लगाए, जबकि भारतीय टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंच चुका था। ओवरऑल रिकॉर्ड अभी भी सूजी बेट्स के नाम अगर महिला टी20 वर्ल्ड कप के समग्र रिकॉर्ड की बात करें, तो सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की दिग्गज बल्लेबाज Suzie Bates के नाम है। उन्होंने 42 मुकाबलों में 1,216 रन बनाए हैं और वह इस सूची में शीर्ष स्थान पर कायम हैं। हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और यादगार अध्याय साबित हुई है और उन्होंने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी का दम दिखाया है।
नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 का 10वां संस्करण 12 जून से इंग्लैंड में शुरू होने जा रहा है। टूर्नामेंट के आगाज से पहले पिछले नौ संस्करणों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई गेंदबाजों ने अपनी धारदार गेंदबाजी से इतिहास रचा है। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में ऑस्ट्रेलिया की मेगान स्कट शीर्ष पर हैं, जबकि भारत की ओर से केवल पूनम यादव इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने में सफल रही हैं। महिला टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रैंक खिलाड़ी देश मैच विकेट 1 मेगान स्कट ऑस्ट्रेलिया 29 48 2 शबनम इस्माइल दक्षिण अफ्रीका 32 43 3 अन्या श्रूबसोल इंग्लैंड 27 41 4 एलिसे पेरी ऑस्ट्रेलिया 47 40 5 स्टेफनी टेलर वेस्टइंडीज 35 33 6 एमिलिया केर न्यूजीलैंड 18 32 7 मारिजेन कैप दक्षिण अफ्रीका 32 31 7 डियांड्रा डॉटिन वेस्टइंडीज 35 31 8 सोफी एक्लेस्टन इंग्लैंड 18 29 8 सोफी डिवाइन न्यूजीलैंड 38 29 9 पूनम यादव भारत 18 28 9 अफी फ्लेचर वेस्टइंडीज 23 28 9 निदा डार पाकिस्तान 33 28 10 नट सेवियर-ब्रंट इंग्लैंड 29 26 10 एश्ले गार्डनर ऑस्ट्रेलिया 23 26 पूनम यादव ने बढ़ाया भारत का मान इस सूची में भारत की ओर से केवल लेग स्पिनर पूनम यादव शामिल हैं। उन्होंने सिर्फ 18 मैचों में 28 विकेट हासिल किए और संयुक्त रूप से 9वें स्थान पर मौजूद हैं। अपनी विविधता और सटीक लाइन-लेंथ के दम पर पूनम ने कई बड़े मुकाबलों में भारतीय टीम को सफलता दिलाई। अब सभी की नजरें महिला टी20 विश्व कप 2026 पर होंगी, जहां नई स्टार गेंदबाजों के पास इन रिकॉर्ड्स को चुनौती देने का मौका होगा।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली 2-1 की हार के बाद स्वीकार किया है कि आगामी टी20 वर्ल्ड कप में टीम की सफलता काफी हद तक उनकी और ओपनिंग पार्टनर शेफाली वर्मा की शुरुआत पर निर्भर करेगी। मंधाना ने माना कि इंग्लैंड सीरीज में दोनों बल्लेबाज टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रहीं, लेकिन वर्ल्ड कप से पहले इस कमी को दूर करने के लिए वे कड़ी मेहनत करेंगी। इंग्लैंड सीरीज में नहीं चला ओपनिंग जोड़ी का बल्ला तीन मैचों की टी20 सीरीज में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की ओपनिंग साझेदारियां क्रमशः 19, 27 और 0 रन की रहीं। दोनों बल्लेबाज अच्छी लय में नजर आईं, लेकिन बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं हो सकीं। सीरीज के बाद मंधाना ने कहा कि वह और शेफाली टीम को तेज और मजबूत शुरुआत देने की जिम्मेदारी समझती हैं। "मैं और शेफाली गेंद को अच्छी तरह टाइम कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से टीम के लिए बड़ी पारियां नहीं खेल पाए। हम नेट्स में वापस जाएंगे, और ज्यादा मेहनत करेंगे तथा एक मजबूत ओपनिंग जोड़ी के रूप में वापसी करेंगे।" उन्होंने कहा कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में वर्ल्ड कप से पहले खेलने का अनुभव टीम की तैयारियों के लिए काफी अहम साबित होगा। वर्ल्ड कप से पहले भारत को मिले सकारात्मक संकेत हालांकि भारत सीरीज हार गया, लेकिन टीम को कई सकारात्मक संकेत भी मिले। चोट से वापसी करने वाली यस्तिका भाटिया शानदार फॉर्म में दिखीं और 119 रन बनाकर सीरीज की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। वहीं निर्णायक मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 40 गेंदों में नाबाद 56 रन की शानदार पारी खेली। जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा ने भी बल्लेबाजी में अच्छा योगदान दिया। मंधाना ने हरमनप्रीत की तारीफ करते हुए कहा कि जब कप्तान अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में होती हैं तो उन्हें बल्लेबाजी करते देखना किसी आनंद से कम नहीं होता। गेंदबाजी पर करना होगा काम निर्णायक मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 रन का मजबूत स्कोर बनाया था। जवाब में इंग्लैंड एक समय 38 रन पर 3 विकेट गंवाकर मुश्किल में था, लेकिन एलिस कैप्सी और हीथर नाइट की 137 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। मंधाना ने माना कि भारतीय गेंदबाज दबाव बनाने में नाकाम रहे और भविष्य में इस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टीम अब गेंदबाजी योजनाओं और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति पर दोबारा काम करेगी ताकि वर्ल्ड कप में ऐसी गलतियां दोहराई न जाएं। भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर क्या बोलीं मंधाना? टी20 वर्ल्ड कप में भारत अपना पहला मैच 14 जून को बर्मिंघम में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर मंधाना ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच को अलग से प्रचारित करने की जरूरत नहीं होती। उनके अनुसार, यह मुकाबला अपने आप में इतना बड़ा है कि स्टेडियम हमेशा दर्शकों से भर जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में भारतीय प्रशंसक टीम का समर्थन करने पहुंचेंगे। वर्ल्ड कप में भारत की चुनौती भारत को ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स के साथ रखा गया है। टीम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच भी खेलेगी। भारतीय टीम का लक्ष्य पिछले साल वनडे विश्व कप जीतने के बाद अब पहली बार महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करना होगा।
टॉनटन में होगा सीरीज का निर्णायक मुकाबला India Women's National Cricket Team और England Women's Cricket Team के बीच खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। सीरीज 1-1 की बराबरी पर है और आज खेला जाने वाला तीसरा मुकाबला ट्रॉफी का फैसला करेगा। भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur की अगुवाई वाली टीम सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि मेजबान इंग्लैंड भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर खिताब अपने नाम करना चाहेगा। दूसरे मैच की हार भुलाकर उतरेगा भारत सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। हालांकि दूसरे टी20 में टीम को निराशा हाथ लगी। 169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय 70/1 की मजबूत स्थिति में थी, लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने के कारण जीत हाथ से निकल गई। अब निर्णायक मुकाबले में टीम उस हार को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहेगी। इन खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज Smriti Mandhana और Shafali Verma से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी। इसके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर और मध्यक्रम की बल्लेबाजों की भूमिका भी बेहद अहम रहने वाली है। महिला टी20 विश्व कप से पहले यह सीरीज टीम संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर भी मानी जा रही है। कब और कहां खेला जाएगा मैच? मैच: भारत महिला बनाम इंग्लैंड महिला, तीसरा टी20 तारीख: 2 जून 2026 समय: रात 11:00 बजे (भारतीय समयानुसार) टॉस: रात 10:30 बजे स्थान: Cooper Associates County Ground कहां देखें लाइव मैच? क्रिकेट प्रशंसक इस मुकाबले का सीधा प्रसारण Sony Sports Network पर देख सकते हैं। वहीं ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग SonyLIV ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अहम मुकाबला महिला टी20 विश्व कप से पहले दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत जहां विदेशी परिस्थितियों में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम तलाश रहा है, वहीं इंग्लैंड घरेलू मैदान पर अपनी मजबूत दावेदारी साबित करना चाहेगा। ऐसे में टॉनटन में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ सीरीज जीतने का नहीं, बल्कि आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए आत्मविश्वास हासिल करने का भी अवसर होगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।