भारतीय शेयर बाजार में ताजा बड़े ट्रिगर्स की कमी के बीच कई स्टॉक्स ने अपने मजबूत प्राइस एक्शन और तकनीकी ब्रेकआउट की वजह से निवेशकों का ध्यान खींचा। 6 मई के कारोबार में कई शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली, जबकि कुछ स्टॉक्स 52-वीक हाई पर पहुंच गए। मजबूत तेजी वाले शेयरों में दिखा दम Indian Emulsifiers यह शेयर 8.05% चढ़कर 84 रुपये पर बंद हुआ। स्टॉक अपने 30-दिन और 50-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर कारोबार कर रहा है, जो निकट अवधि में मजबूत तेजी का संकेत देता है। हालांकि यह अभी भी 150-दिन और 200-दिन SMA से नीचे है, जिससे लंबी अवधि का ट्रेंड कमजोर माना जा रहा है। WE WIN WE WIN के शेयर में 7.88% की तेजी दर्ज की गई और यह 54.49 रुपये पर पहुंच गया। खास बात यह रही कि स्टॉक सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों में मजबूत तेजी को दर्शाता है। Ishan International यह शेयर 6.06% बढ़कर 0.70 रुपये पर पहुंचा। स्टॉक फिलहाल 30-दिन SMA के ऊपर है, लेकिन बाकी बड़े मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। इसका मतलब है कि फिलहाल खरीदारी का रुझान बढ़ा है, लेकिन लंबी अवधि की कमजोरी अभी खत्म नहीं हुई है। इन शेयरों में दिखी कमजोरी Emerald Tyre Manufacturers स्टॉक में 3.02% की गिरावट आई और यह 85 रुपये पर बंद हुआ। यह अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जो कमजोर ट्रेंड का संकेत है। TV Vision TV Vision के शेयर में 1.88% की गिरावट आई। स्टॉक सभी प्रमुख SMA के नीचे बना हुआ है, जिससे बाजार में कमजोर धारणा दिखाई दे रही है। Delta Autocorp यह शेयर 1.86% गिरकर 40 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि यह 50-दिन SMA से थोड़ा ऊपर है, लेकिन बाकी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है, जिससे लंबी अवधि में कमजोरी बनी हुई है। इन शेयरों में लगा अपर सर्किट कारोबार के दौरान कई शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और वे अपर सर्किट पर लॉक हो गए। इनमें शामिल रहे– Embassy Developments Apcotex Industries Cyber Media DCM Shriram Fine Chemicals Visa Steel Norben Tea and Exports अपर सर्किट आमतौर पर मजबूत मांग और सीमित सप्लाई का संकेत माना जाता है, जो निकट अवधि में तेजी की संभावना दिखाता है। 52-वीक हाई पर पहुंचे ये बड़े शेयर बाजार में बड़ी खबरों की कमी के बावजूद कई दिग्गज शेयरों ने नए 52-वीक हाई बनाए। इनमें शामिल रहे– Polycab J&K Bank GE Vernova T&D CG Power Hitachi Energy Syrma SGS Bajaj Auto Amber Enterprises HFCL Laurus Labs Tata Steel Lupin Adani Green Energy Aurobindo Pharma विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत तकनीकी संकेत और लगातार खरीदारी आने वाले दिनों में इन शेयरों में और तेजी ला सकती है। हालांकि निवेशकों को किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लेनी चाहिए।
ज्वेलरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Kalyan Jewellers India Ltd के शेयर में मंगलवार सुबह शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के मजबूत Q4 बिज़नेस अपडेट के बाद स्टॉक में करीब 3% तक की उछाल आई, हालांकि बाद में यह बढ़त कुछ कम हो गई। शुरुआती तेजी, फिर हल्की गिरावट शेयर ने इंट्राडे में ₹435 का हाई छुआ बाद में यह ₹425.5 पर ट्रेड करता दिखा (लगभग 1.3% की बढ़त) पिछले बंद भाव ₹420 के मुकाबले यह बढ़त दर्ज की गई Q4 में दमदार प्रदर्शन कंपनी के मार्च तिमाही (Q4) के आंकड़े काफी मजबूत रहे: भारत में रेवेन्यू ~64% YoY बढ़ा Same-store sales में 45% से ज्यादा की ग्रोथ यह दर्शाता है कि ज्वेलरी की मांग मजबूत बनी हुई है इंटरनेशनल बिजनेस भी मजबूत इंटरनेशनल रेवेन्यू ~45% बढ़ा वेस्ट एशिया बिजनेस में 39% की ग्रोथ कुल रेवेन्यू में ~11% योगदान हालांकि कंपनी ने यह भी बताया कि वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण मार्च के शुरुआती हफ्तों में ग्राहकों की संख्या प्रभावित हुई। विस्तार और ई-कॉमर्स ग्रोथ भारत में 28 नए शोरूम (नेट 24) खोले 14 Candere आउटलेट्स लॉन्च Candere ने 360% से ज्यादा YoY ग्रोथ दर्ज की सेक्टर को मिला सपोर्ट हाल ही में सोना-चांदी के बेस इंपोर्ट प्राइस में कमी से ज्वेलरी कंपनियों को फायदा मिला है, जिससे मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है। इसी वजह से पूरे सेक्टर में तेजी का माहौल है। एक साल का प्रदर्शन अभी भी कमजोर Kalyan Jewellers का शेयर पिछले 1 साल में ~13.6% गिरा जबकि Nifty 50 करीब 3.6% बढ़ा
सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Waaree Energies के शेयरों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली। कंपनी के बोर्ड द्वारा ₹3,900 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को मंजूरी देने और सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बढ़ाने के फैसले के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। BSE पर सुबह 09:18 बजे कंपनी का शेयर ₹3,140.25 पर ट्रेड कर रहा था, जो ₹54.40 या 1.76% की बढ़त को दर्शाता है। इससे पहले यह ₹3,085.85 पर बंद हुआ था। ग्लास मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा निवेश कंपनी के बोर्ड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Waaree Green Glass के जरिए 2,500 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता वाले ग्लास मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए ₹3,900 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश कर्ज (debt) और आंतरिक संसाधनों (internal accruals) के मिश्रण से किया जाएगा। यह कदम कंपनी की वैल्यू चेन को मजबूत करने और सोलर सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बढ़ी इसके साथ ही कंपनी ने अपनी एक अन्य सहायक इकाई Waaree Transpower में हिस्सेदारी 64.04% से बढ़ाकर 75.10% करने का फैसला किया है। इस कदम से कंपनी को संचालन पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और भविष्य की रणनीतिक योजनाओं को गति मिलेगी। शेयर का प्रदर्शन कंपनी का शेयर 12 सितंबर 2025 को ₹3,864.40 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था, जबकि 7 अप्रैल 2025 को ₹1,808.65 के निचले स्तर को छुआ था। वर्तमान में यह अपने हाई से 20.15% नीचे, लेकिन लो से 70.62% ऊपर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹88,761.67 करोड़ है, जो इसे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मजबूत कंपनियों में शामिल करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े निवेश और विस्तार योजनाएं कंपनी के दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को और मजबूत कर सकती हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Ceigall India के शेयरों में बुधवार को मजबूती देखने को मिली। कंपनी को ₹297 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने की खबर के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे शेयर करीब 3% तक उछल गया। BSE पर कंपनी का शेयर ₹273.95 पर ट्रेड करता नजर आया, जो ₹8.95 यानी 3.38% की बढ़त को दर्शाता है। इससे पहले के सत्र में यह ₹265.00 पर बंद हुआ था। दो बड़े प्रोजेक्ट्स से मिला बूस्ट कंपनी को Purvah Green Power से दो अहम ऑर्डर मिले हैं। पहला ऑर्डर ₹119.96 करोड़ का है, जिसमें 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन के सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन और सिविल वर्क समेत टर्नकी प्रोजेक्ट शामिल है। दूसरा और बड़ा ऑर्डर ₹177.93 करोड़ का है, जो आंध्र प्रदेश के रल्ला में 300.3 मेगावाट के हाइब्रिड (विंड) पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट में 91 विंड टर्बाइन जनरेटर (WTGs) के फाउंडेशन, एक्सेस रोड और अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। दोनों प्रोजेक्ट्स को कंपनी 10 महीने के भीतर पूरा करेगी, जिससे भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद बढ़ गई है। सब्सिडियरी को मिला झटका हालांकि, कंपनी की सहायक इकाई Ceigall Infra Projects को एक झटका भी लगा है। पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड का ₹207 करोड़ का टेंडर प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिया गया। फिर भी ऑर्डर बुक मजबूत इसके बावजूद कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है। हाल ही में National Highways Authority of India ने कंपनी की सब्सिडियरी को ₹603 करोड़ का प्रोजेक्ट दिया है। साथ ही, कंपनी की जॉइंट वेंचर ने Ministry of Road Transport and Highways से ₹274.08 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। शेयर का प्रदर्शन कंपनी का शेयर 10 फरवरी 2026 को ₹308.30 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था, जबकि 9 दिसंबर 2025 को ₹223.00 के निचले स्तर को छुआ था। वर्तमान में यह अपने हाई से 14.04% नीचे और लो से 18.83% ऊपर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹4,616.43 करोड़ है, जो निवेशकों के बीच इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। ब्रोकरेज फर्म Geojit Financial Services ने V-Guard Industries Ltd के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹392 तय किया है। रिपोर्ट में कंपनी के मजबूत ग्रोथ आउटलुक और आने वाले समय में बेहतर कमाई की उम्मीद जताई गई है। Q3 में अच्छा प्रदर्शन, लेकिन मार्जिन पर दबाव रिपोर्ट के अनुसार, Q3FY26 में कंपनी की आय में 11% सालाना (YoY) वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिकल सेगमेंट में 26% की मजबूत ग्रोथ केबल, वायर और अन्य प्रोडक्ट्स की डिमांड में बढ़ोतरी कॉपर की कीमत बढ़ने से भी रेवेन्यू को सपोर्ट हालांकि, ग्रॉस मार्जिन 35.9% पर आ गया (22 बेसिस पॉइंट की गिरावट) EBITDA मार्जिन 8.8% (60 बेसिस पॉइंट की गिरावट) इसका कारण महंगे इनपुट कॉस्ट और प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव बताया गया है। मुनाफे में उछाल, 31% की बढ़ोतरी एक बार के खर्च (one-off provisions) को छोड़कर कंपनी का एडजस्टेड प्रॉफिट (PAT) 31.5% YoY बढ़ा है। यह संकेत देता है कि कंपनी की मूल कमाई मजबूत बनी हुई है, भले ही मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा हो। Sunflame बिजनेस में गिरावट कंपनी के Sunflame सेगमेंट में 10% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे कारण बताए गए: बढ़ती प्रतिस्पर्धा डिस्ट्रीब्यूशन चैनल की कमजोरी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च में देरी हालांकि, FY27 से इसमें सुधार की उम्मीद जताई गई है। गर्मी बढ़ेगी तो बढ़ेगी बिक्री! रिपोर्ट में कहा गया है कि मौसम विभाग द्वारा तेज गर्मी के संकेत और शुरुआती गर्म मौसम के चलते Q4 में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। फैन, कूलर, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ेगी सीजनल सेल्स से रेवेन्यू में तेजी आएगी आगे क्या है ग्रोथ का प्लान? Geojit के अनुसार: FY26 से FY28 के बीच कंपनी की कमाई 24% CAGR से बढ़ सकती है प्राइस हाइक और वॉल्यूम ग्रोथ से फायदा टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से डिमांड सपोर्ट ₹392 का टारगेट, क्यों दिया ‘Buy’ रेटिंग? ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EPS पर 35x P/E वैल्यूएशन के आधार पर ₹392 का टारगेट तय किया है। हालांकि, मार्जिन में अस्थिरता बिजनेस इंटीग्रेशन से जुड़े जोखिम को देखते हुए वैल्यूएशन में हल्का डिस्काउंट भी रखा गया है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? कंपनी का ब्रांड मजबूत है इलेक्ट्रिकल सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है लंबी अवधि में ग्रोथ के अच्छे मौके
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।