Jana Nayagan

Jana Nayagan
'जन नायकन' की बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बरकरार, तीसरे दिन भारत में ₹92 करोड़ पार, दुनियाभर में ₹100 करोड़ क्लब की ओर तेज़ी से बढ़ी फिल्म

मुंबई, एजेंसियां। थलपति विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही 'जन नायकन' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के तीसरे दिन फिल्म ने कलेक्शन में जोरदार उछाल दर्ज किया और भारत में नेट कलेक्शन ₹92.35 करोड़ के पार पहुंच गया। फिल्म का प्रदर्शन खासकर तमिलनाडु में बेहद मजबूत बना हुआ है और सप्ताहांत का फायदा भी इसे मिल रहा है।   तीसरे दिन कमाई में आया उछाल   पहले दिन दमदार ओपनिंग के बाद दूसरे दिन फिल्म की कमाई में गिरावट आई थी, लेकिन तीसरे दिन दर्शकों की संख्या बढ़ने के साथ कलेक्शन में लगभग 35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन दोनों जगह फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि वीकेंड खत्म होने तक फिल्म भारत में 100 करोड़ रुपये के नेट क्लब में प्रवेश कर सकती है।   दुनियाभर में भी शानदार प्रदर्शन   फिल्म ने विदेशी बाजारों में भी अच्छी पकड़ बनाए रखी है। दो दिनों में ही 100 करोड़ रुपये से अधिक का वर्ल्डवाइड ग्रॉस हासिल करने के बाद तीसरे दिन भी कमाई में बढ़ोतरी देखने को मिली। शुरुआती ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का वैश्विक कारोबार लगातार बढ़ रहा है और यह विजय की सबसे सफल फिल्मों में शामिल होने की ओर बढ़ रही है।   विजय की विदाई फिल्म को मिल रहा दर्शकों का भरपूर प्यार   निर्देशक एच. विनोथ के निर्देशन में बनी इस फिल्म में थलपति विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, प्रकाश राज और ममिता बैजू अहम भूमिकाओं में हैं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले विजय की यह आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिसके चलते दर्शकों में इसे लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो फिल्म पहले सप्ताह में कई नए बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
फिल्म 'जन नायकन' (जन नेता) में थलापति विजय का सीन
'जन नायकन' रिव्यू: विजय का दमदार स्क्रीन प्रेजेंस भी नहीं बचा पाया कमजोर कहानी

मुंबई, एजेंसियां। तमिल सुपरस्टार थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित और बतौर अभिनेता आखिरी फिल्म 'जन नायकन' गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। हिंदी में 'जन नेता' नाम से रिलीज हुई इस फिल्म को समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म को 2.5 स्टार की रेटिंग देते हुए इसे विजय के प्रशंसकों के लिए भावनात्मक विदाई बताया गया है, लेकिन कमजोर कहानी, बिखरे स्क्रीनप्ले और साधारण निर्देशन को इसकी सबसे बड़ी कमजोरी माना गया है। फिल्म की कहानी थालपति वेत्री कोंडन (विजय) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो जेल से रिहा होने के बाद एक जेलर की बेटी की जिम्मेदारी संभालता है। इसी दौरान उसकी भिड़ंत खतरनाक अपराधी जॉन हेमलर (बॉबी देओल) से होती है और कहानी एक्शन, फैमिली ड्रामा और राजनीतिक घटनाक्रम के बीच आगे बढ़ती है। समीक्षा के अनुसार, फिल्म की सबसे बड़ी ताकत विजय का दमदार स्क्रीन प्रेजेंस, एक्शन सीक्वेंस, डांस और संवाद अदायगी है। उनकी एंट्री और कुछ भावनात्मक दृश्य दर्शकों को प्रभावित करते हैं। वहीं, ममिता बैजू के अभिनय की भी सराहना की गई है। हालांकि, निर्देशक एच. विनोद का निर्देशन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। फिल्म का स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ नजर आता है और क्लाइमैक्स तक पहुंचते-पहुंचते कहानी ओवरड्रामा और कमजोर वीएफएक्स के कारण प्रभाव खो देती है। बॉबी देओल के किरदार को भी पर्याप्त गहराई नहीं मिलती और उनके एक जैसे हाव-भाव फिल्म को कमजोर बनाते हैं। कुल मिलाकर, 'जन नायकन' विजय के स्टारडम और उनके प्रशंसकों के लिए यादगार पल तो देती है, लेकिन एक मजबूत विदाई फिल्म बनने का अवसर चूक जाती है। अभिनय और एक्शन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक बार देखी जा सकने वाली फिल्म है, जबकि मजबूत कहानी की उम्मीद रखने वाले दर्शकों को निराशा हाथ लग सकती है।

ranjan kumar tiwari जुलाई 23, 2026 0
Thalapathy Vijay and wife Sangeetha amid ongoing divorce case hearing delay reports
27 साल की शादी टूटने की कगार पर? विजय-संगीता तलाक मामले में फिर टली सुनवाई, अब 7 अगस्त पर टिकी नजर

जून की सुनवाई में नहीं निकला कोई समाधान, अगली तारीख 7 अगस्त बताई जा रही दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार Thalapathy Vijay और उनकी पत्नी Sangeetha Sornalingam के तलाक की खबरें एक बार फिर चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में 15 जून 2026 को अहम प्रगति की उम्मीद थी, लेकिन कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त 2026 को होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब तक न तो विजय और न ही संगीता की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। 1999 में हुई थी शादी, दो बच्चों के माता-पिता हैं दोनों विजय और संगीता की शादी 25 अगस्त 1999 को हुई थी। संगीता श्रीलंका मूल की तमिल हैं और एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से संबंध रखती हैं। दोनों ने हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया था। करीब 27 वर्षों के वैवाहिक जीवन में इस दंपति के दो बच्चे हुए— Jason Sanjay और Divya Sasha। तलाक की अर्जी और वैवाहिक विवाद की खबरें रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि संगीता ने तलाक की याचिका दायर की है। साथ ही उन्होंने आर्थिक सहायता और वैवाहिक घर में रहने के अधिकार की भी मांग की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों की आखिरी मुलाकात 9 नवंबर 2025 को हुई थी, लेकिन बातचीत किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। यह भी दावा किया गया कि संगीता का मानना है कि यह रिश्ता अब केवल कागजों पर ही बचा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। अप्रैल से जून और अब अगस्त तक पहुंचा मामला बताया जाता है कि मामले की सुनवाई पहले 20 अप्रैल 2026 को तय की गई थी। उस दिन विजय और संगीता दोनों व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए थे और उनकी ओर से प्रतिनिधि अदालत में पहुंचे थे। इसके बाद दोनों को 15 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों इस बार मौजूद रहे, लेकिन फिर भी कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका और सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। अभिनय से संन्यास के बाद अंतिम फिल्म का इंतजार कामकाज की बात करें तो विजय ने फिल्मों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है और अब उनकी अंतिम फिल्म Jana Nayagan का इंतजार किया जा रहा है। निर्देशक H. Vinoth की इस एक्शन ड्रामा फिल्म में Bobby Deol, Pooja Hegde और Mamitha Baiju भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को पहले पोंगल 2026 पर रिलीज किया जाना था, लेकिन कथित तौर पर प्रमाणन प्रक्रिया में देरी के कारण इसकी रिलीज आगे बढ़ गई। कुछ रिपोर्ट्स में विजय के जन्मदिन 22 जून के आसपास रिलीज की संभावना जताई गई है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।  

surbhi जून 16, 2026 0
Thalapathy Vijay in Jana Nayagan as fans await official release date announcement
‘जना नायकन’ की रिलीज डेट को लेकर बढ़ी हलचल, क्या 19 जून 2026 को सिनेमाघरों में आएगी थलापति विजय की आखिरी फिल्म?

Jana Nayagan को लेकर फैंस के बीच उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। Thalapathy Vijay की इस फिल्म को उनका आखिरी सिनेमाई प्रोजेक्ट माना जा रहा है और अब इसकी रिलीज डेट को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हाल ही में कई ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर फिल्म की रिलीज डेट 19 जून 2026 दिखाई देने लगी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हालांकि अब तक न तो विजय और न ही फिल्म मेकर्स की तरफ से इस तारीख की आधिकारिक पुष्टि की गई है। क्या 19 जून को रिलीज होगी फिल्म? रिपोर्ट्स के मुताबिक, KVN Productions की ओर से अभी तक रिलीज डेट पर अंतिम घोषणा नहीं की गई है। फिल्म फिलहाल सेंसर सर्टिफिकेट का इंतजार कर रही है। फिल्म के निर्माता Venkat K Narayana ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा: “हम सेंसर सर्टिफिकेट का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही सर्टिफिकेट मिलेगा, रिलीज डेट की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को दुनियाभर में बड़े स्तर पर रिलीज किया जाएगा। पहले जनवरी 2026 में रिलीज होने वाली थी फिल्म Jana Nayagan पहले 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर से जुड़ी देरी के कारण इसकी रिलीज टाल दी गई। इसके अलावा फिल्म से जुड़ी कुछ लीक रिपोर्ट्स ने भी मेकर्स की परेशानी बढ़ा दी थी। अब माना जा रहा है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द ही नई रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान हो सकता है। स्टारकास्ट और टीम H Vinoth के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विजय के साथ कई बड़े सितारे नजर आएंगे, जिनमें शामिल हैं: Pooja Hegde Bobby Deol Mamitha Baiju Gautham Vasudev Menon Prakash Raj Priyamani Sunil फिल्म का संगीत Anirudh Ravichander ने तैयार किया है। फैंस के लिए क्यों खास है ‘जना नायकन’? यह फिल्म इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इसे Thalapathy Vijay की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। राजनीति में सक्रिय होने की चर्चाओं के बीच विजय के फैंस इस फिल्म को उनके करियर की सबसे यादगार रिलीज मान रहे हैं। अब सभी की नजर मेकर्स की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।  

surbhi मई 25, 2026 0
Thalapathy Vijay in an intense action scene from Jana Nayagan leaked before the film’s release.
‘जन नायकन’ पर नया संकट: रिलीज से पहले लीक हुआ 5 मिनट का फुटेज, भड़के फैंस, कानूनी कार्रवाई की मांग तेज

साउथ सुपरस्टार Thalapathy Vijay की बहुप्रतीक्षित फिल्म Jana Nayagan एक बार फिर मुश्किलों में घिर गई है। लंबे समय से रिलीज में देरी का सामना कर रही इस फिल्म को अब एक नए विवाद ने घेर लिया है - रिलीज से पहले ही इसके शुरुआती पांच मिनट से ज्यादा का फुटेज ऑनलाइन लीक हो गया है। इस घटना ने न केवल मेकर्स बल्कि फैंस को भी झकझोर दिया है। टेस्ट स्क्रीनिंग से लीक हुआ वीडियो जानकारी के मुताबिक, करीब 5 मिनट 31 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ, जो कथित तौर पर फिल्म की टेस्ट स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर में रिकॉर्ड किया गया था। इस क्लिप में विजय का इंट्रोडक्शन सीन, एक्शन सीक्वेंस और टाइटल कार्ड तक शामिल हैं। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि उन्हें फिल्म के और भी कई सीन ऑनलाइन मिल गए हैं। इतना ही नहीं, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि फिल्म के गाने ‘थलपति कचेरी’ और सरप्राइज कैमियो वाले क्लिप्स भी लीक हुए हैं। ये वीडियो X (formerly Twitter), यूट्यूब, रेडिट और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए गए, हालांकि बाद में कई क्लिप्स को हटा दिया गया। फैंस का गुस्सा, सख्त कार्रवाई की मांग फिल्म के लीक होने के बाद फैंस का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर कई फैन पेजों ने चेतावनी दी है कि फिल्म से जुड़ा कोई भी कंटेंट शेयर करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुछ यूजर्स ने दावा किया है कि इस मामले में साइबर क्राइम शिकायत भी दर्ज कराई गई है और संबंधित अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। प्रोडक्शन हाउस की चुप्पी फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN Productions ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि इंडस्ट्री में इसे लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं फिल्म की रिलीज और बॉक्स ऑफिस पर असर डाल सकती हैं। बार-बार टल रही रिलीज Jana Nayagan का निर्देशन H. Vinoth ने किया है और इसे विजय के करियर की आखिरी फिल्म माना जा रहा है, क्योंकि वह अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam के जरिए सक्रिय राजनीति में कदम रख रहे हैं। फिल्म में Pooja Hegde, Mamitha Baiju और Bobby Deol जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसे पहले पोंगल के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन Central Board of Film Certification से सर्टिफिकेशन में देरी के चलते इसकी रिलीज टाल दी गई। राजनीति और विवाद का एंगल इस बीच विजय ने फिल्म की रिलीज में हो रही देरी को लेकर सत्ताधारी दलों पर ‘षड्यंत्र’ का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव से ठीक पहले उनके निजी जीवन से जुड़ी खबरों को भी जानबूझकर लीक किया गया, जिससे उनकी छवि प्रभावित हो। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मेकर्स लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाएंगे और क्या यह विवाद फिल्म की रिलीज को और प्रभावित करेगा।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 21, 2026 0