Kolkata Knight Riders के लिए आज का मुकाबला सीजन का सबसे अहम मैच साबित हो सकता है। आईपीएल 2026 का 65वां मुकाबला शाम 7:30 बजे कोलकाता के ईडन गार्डन्स में Mumbai Indians और केकेआर के बीच खेला जाएगा। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए कोलकाता को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। दूसरी तरफ मुंबई इंडियंस भले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हो, लेकिन वह केकेआर की राह मुश्किल करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। अंक तालिका में क्या है स्थिति? केकेआर ने अब तक 12 मुकाबलों में 11 अंक हासिल किए हैं और टीम फिलहाल आठवें स्थान पर है। वहीं मुंबई इंडियंस 8 अंकों के साथ नौवें नंबर पर मौजूद है। हालांकि मुंबई की प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं, लेकिन टीम अपने आखिरी मुकाबलों में जीत के साथ सीजन खत्म करना चाहेगी। प्लेऑफ की रेस इस समय बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद की टीमें पहले ही अंतिम चार में जगह बना चुकी हैं। चौथे स्थान के लिए पंजाब, राजस्थान, चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता के बीच कड़ी टक्कर जारी है। ऐसे में केकेआर के लिए अब हर मैच फाइनल जैसा बन गया है। हेड टू हेड में मुंबई भारी दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 36 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें मुंबई इंडियंस का दबदबा साफ नजर आता है। मुंबई ने 25 मैच जीते हैं, जबकि कोलकाता को सिर्फ 11 जीत मिली हैं। इस सीजन की पिछली भिड़ंत में भी मुंबई ने केकेआर को हराया था। हार्दिक पांड्या की वापसी से मुंबई को राहत Hardik Pandya चोट की वजह से पिछले तीन मैचों से बाहर थे, लेकिन अब उनकी वापसी की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने मंगलवार को नेट्स में बल्लेबाजी अभ्यास भी किया। हालांकि इस सीजन में हार्दिक का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 8 पारियों में सिर्फ 146 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में भी महंगे साबित हुए हैं। मुंबई को लगा दोहरा झटका मुंबई इंडियंस को मैच से पहले बड़ा नुकसान भी हुआ है। विकेटकीपर बल्लेबाज Quinton de Kock और ऑलराउंडर Raj Angad Bawa चोट के कारण बाकी सीजन से बाहर हो गए हैं। डी कॉक को बाएं हाथ की कलाई में चोट लगी। राज अंगद बावा के दाएं अंगूठे में चोट आई है। डी कॉक ने इस सीजन सिर्फ 3 मैच खेले लेकिन पंजाब के खिलाफ नाबाद 112 रन की शानदार पारी खेली थी। पिच रिपोर्ट Eden Gardens की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। यहां गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है और छोटी बाउंड्री के कारण बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिल सकती है, जबकि बाद में स्पिनर्स भी असर डाल सकते हैं। मौसम अपडेट कोलकाता में आज अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। शाम के समय हल्की बारिश की 25 प्रतिशत संभावना है, लेकिन मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। संभावित प्लेइंग-11 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी, कैमरन ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, सौरभ दुबे, वरुण चक्रवर्ती, मथीश पथिराना। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, रायन रिकेल्टन, नमन धीर, तिलक वर्मा, शेरफन रदरफोर्ड, विल जैक्स, रघु शर्मा, कॉर्बिन बॉश, शार्दूल ठाकुर, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह। मैच में किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें? Rinku Singh Sunil Narine Rohit Sharma Jasprit Bumrah इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन मैच का रुख तय कर सकता है। यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि प्लेऑफ की उम्मीदों और सम्मान की लड़ाई भी होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि केकेआर अपने घरेलू मैदान पर दबाव झेल पाती है या मुंबई एक बार फिर उसका खेल बिगाड़ देती है।
धर्मशाला में आज होगा अहम मुकाबला Indian Premier League 2026 का 58वां मुकाबला आज Punjab Kings और Mumbai Indians के बीच खेला जाएगा। यह मैच शाम 7:30 बजे धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में होगा। पंजाब किंग्स के लिए यह मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा माना जा रहा है। टीम अगर यह मैच हारती है तो उसका प्लेऑफ में पहुंचने का सपना लगभग खत्म हो सकता है। लगातार हार से मुश्किल में पंजाब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब टीम लगातार चार मैच हार चुकी है। टीम ने अब तक 11 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज की है और अंक तालिका में संघर्ष करती नजर आ रही है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए पंजाब को अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में कांटे की टक्कर पंजाब और मुंबई के बीच मुकाबला हमेशा रोमांचक रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 35 मैच खेले गए हैं, जिनमें दोनों ने 17-17 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा। आज जीतने वाली टीम न सिर्फ अंक तालिका में फायदा पाएगी, बल्कि आपसी रिकॉर्ड में भी बढ़त बना लेगी। पंजाब की गेंदबाजी बनी चिंता इस सीजन पंजाब की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी गेंदबाजी रही है। Arshdeep Singh की इकोनॉमी भी 9 से ऊपर रही है, जिससे टीम की परेशानी बढ़ी है। लॉकी फर्ग्यूसन और मार्को यानसन जैसे गेंदबाजों के बावजूद टीम रन रोकने में सफल नहीं हो रही। पिछले मैच में Yuzvendra Chahal को प्लेइंग-11 में शामिल करने के बावजूद उनसे गेंदबाजी नहीं कराई गई थी, जिसने फैंस को भी हैरान किया। मुंबई इंडियंस का सीजन भी निराशाजनक दूसरी ओर Mumbai Indians का प्रदर्शन भी इस सीजन बेहद खराब रहा है। टीम ने 11 में से सिर्फ 3 मुकाबले जीते हैं और अंक तालिका में निचले स्थान पर है। Jasprit Bumrah जैसे स्टार गेंदबाज की मौजूदगी के बावजूद मुंबई गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में संघर्ष करती दिखी है। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक कप्तान Hardik Pandya इस मैच में वापसी कर सकते हैं, जिससे टीम को मजबूती मिल सकती है। धर्मशाला में बारिश बन सकती है बाधा मौसम विभाग के अनुसार धर्मशाला में मैच के दौरान हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। तापमान 12 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि एचपीसीए स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम बेहतर माना जाता है, इसलिए बारिश के बाद भी मुकाबला जल्द शुरू होने की उम्मीद है। संभावित प्लेइंग-11 पंजाब किंग्स प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह, कूपर कोनोली, Shreyas Iyer (कप्तान), मार्कस स्टोयनिस, सूर्यांश शेडगे, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal, यश ठाकुर। इम्पैक्ट प्लेयर: शशांक सिंह मुंबई इंडियंस रायन रिकेल्टन, नमन धीर, Suryakumar Yadav, तिलक वर्मा, विल जैक्स, Hardik Pandya (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, अल्लाह गजनफर, Jasprit Bumrah। इम्पैक्ट प्लेयर: Rohit Sharma
मुंबई इंडियंस और हार्दिक के बीच सबकुछ ठीक नहीं? आईपीएल 2026 में खराब प्रदर्शन के बीच Hardik Pandya और Mumbai Indians के रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर हुई गतिविधियों ने फैंस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हार्दिक ने इंस्टाग्राम पर मुंबई इंडियंस को पहले अनफॉलो किया और फिर कुछ घंटे बाद दोबारा फॉलो कर लिया। इसके अलावा उन्होंने टीम से जुड़ी कई पोस्ट भी हटाई हैं। इस घटनाक्रम के बाद माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान के बीच सबकुछ सामान्य नहीं चल रहा। कप्तानी बदलने के बाद से बढ़ी थी नाराजगी गौरतलब है कि 2024 सीजन में मुंबई इंडियंस ने Rohit Sharma की जगह हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाया था। इस फैसले के बाद टीम के भीतर मतभेद की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। रोहित शर्मा लंबे समय तक टीम के सबसे सफल कप्तान रहे और उनकी कप्तानी में मुंबई ने पांच आईपीएल खिताब जीते थे। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी हार्दिक के बजाय रोहित के करीब माने जाते हैं। इनमें Suryakumar Yadav, Tilak Varma और Jasprit Bumrah के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई मुंबई आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। हार्दिक पिछले दो मुकाबलों में चोट के कारण नहीं खेले, जिसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव ने संभाली। सूत्रों के अनुसार हार्दिक ने सोशल मीडिया पर रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव को भी अनफॉलो किया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। RCB मैच में भी नहीं दिखे हार्दिक Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ मुकाबले में भी हार्दिक मैदान पर नजर नहीं आए। बताया गया कि पीठ में दर्द के कारण वह मैच के लिए फिट नहीं थे। हालांकि टीम के साथ रायपुर पहुंचे थे, लेकिन स्टेडियम में उनकी मौजूदगी नहीं दिखी। यह इस सीजन का तीसरा मैच था जिसमें हार्दिक हिस्सा नहीं ले सके। ऐसे में टीम और खिलाड़ी के बीच बढ़ती दूरी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब तक नहीं आया आधिकारिक बयान फिलहाल मुंबई इंडियंस या हार्दिक पांड्या की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन सोशल मीडिया पर फॉलो-अनफॉलो की गतिविधियों ने फैंस के बीच नई बहस छेड़ दी है कि क्या अगले सीजन में हार्दिक और मुंबई अलग-अलग रास्ते चुन सकते हैं।
आईपीएल 2026 में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में आया है–सनराइजर्स हैदराबाद के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज सलिल अरोड़ा। मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में उन्होंने जिस अंदाज में जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज पर “नो-लुक सिक्स” लगाया, उसने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। तेज तर्रार बल्लेबाजी और बेखौफ अंदाज के चलते सलिल अरोड़ा अब इस सीजन के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। बुमराह पर लगाया ‘नो-लुक’ सिक्स, मैच का टर्निंग मोमेंट मैच के 19वें ओवर में जब मुकाबला रोमांचक स्थिति में था, तब सलिल अरोड़ा ने Jasprit Bumrah की फुल लेंथ गेंद को बिना देखे ही लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से शानदार छक्के के लिए भेज दिया। यह शॉट इतना आत्मविश्वास से भरा था कि उन्होंने गेंद को बाउंड्री पार जाते हुए देखने तक की जहमत नहीं उठाई। इस आक्रामक पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कौन हैं सलिल अरोड़ा? सलिल अरोड़ा एक 23 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जो घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह पंजाब के अमृतसर से ताल्लुक रखते हैं और अपनी आक्रामक शैली के कारण तेजी से पहचान बना रहे हैं। आईपीएल 2026 नीलामी में उन्हें Indian Premier League की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने 1.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। घरेलू क्रिकेट में भी दिखा चुके हैं दम सलिल अरोड़ा का घरेलू रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट: मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में डेब्यू पर शतक (101 रन) टी20 क्रिकेट: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ 39 गेंदों में शतक और 125* रन की धमाकेदार पारी इन प्रदर्शन के चलते उन्होंने कम समय में ही चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आईपीएल 2026 में बढ़ता प्रदर्शन आईपीएल में सलिल ने अब तक सीमित मौकों में ही प्रभाव छोड़ा है। मुंबई के खिलाफ 10 गेंदों में 30 रनों की तेजतर्रार पारी उनकी अब तक की सबसे बड़ी आईपीएल इनिंग रही है। उनका स्ट्राइक रेट इस सीजन में बेहद आक्रामक रहा है, जो उन्हें फिनिशर की भूमिका में मजबूत दावेदार बनाता है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स की नजर क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सलिल अरोड़ा का सबसे बड़ा हथियार उनका निडर अंदाज और तेज रन बनाने की क्षमता है। हालांकि उन्हें निरंतरता पर काम करना होगा, लेकिन उनका फिनिशिंग टैलेंट टीम के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है।
आईपीएल 2026 में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया के दिग्गज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी चौंका दिया। महज 15 साल के इस युवा खिलाड़ी ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने मैच का रुख ही बदल दिया। गुवाहाटी में दिखा तूफानी खेल राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत से ही राजस्थान का दबदबा रहा। बारिश के कारण मैच 11 ओवर का कर दिया गया, लेकिन इस छोटे मुकाबले में भी बड़े रिकॉर्ड बन गए। वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 14 गेंदों में 39 रन ठोक दिए, जिसमें 5 शानदार छक्के शामिल थे। खास बात यह रही कि उन्होंने बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। जायसवाल के साथ मिलकर मचाया कहर यशस्वी जायसवाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 गेंदों में नाबाद 77 रन बनाए। दोनों की जोड़ी ने मिलकर सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़ दिए और टीम को 11 ओवर में 150 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। मुंबई की टीम रही बेबस 151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम कभी मैच में वापसी नहीं कर पाई और 9 विकेट खोकर सिर्फ 123 रन ही बना सकी। तीन मैच में वैभव का प्रदर्शन CSK के खिलाफ: 17 गेंद में 52 रन GT के खिलाफ: 18 गेंद में 31 रन MI के खिलाफ: 14 गेंद में 39 रन क्यों खास है ये पारी? इतनी कम उम्र में दुनिया के टॉप गेंदबाज के खिलाफ इस तरह की बल्लेबाजी ने वैभव सूर्यवंशी को रातों-रात स्टार बना दिया है। उनकी निडर बल्लेबाजी ने यह दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद मजबूत है।
आईपीएल 2026 में आज राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाला मुकाबला खास बन गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह है 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में शामिल जसप्रीत बुमराह के बीच संभावित सीधी भिड़ंत। यह मुकाबला केवल दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि आक्रामक बल्लेबाजी बनाम घातक गेंदबाजी की असली परीक्षा भी है। वैभव सूर्यवंशी: युवा सनसनी का तूफानी अंदाज महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अपनी बल्लेबाजी से सभी को चौंका दिया है। चेन्नई के खिलाफ 15 गेंदों में 50 रन गुजरात के खिलाफ तेज 31 रन कुल 9 मैचों में 335 रन स्ट्राइक रेट: 213 वैभव की खासियत है-तेज शुरुआत और मैच को पलट देने की क्षमता। उनकी आक्रामक शैली किसी भी गेंदबाज पर दबाव बना सकती है। जसप्रीत बुमराह: अनुभव और रणनीति का मास्टर दूसरी ओर, जसप्रीत बुमराह का नाम ही बल्लेबाजों के लिए चुनौती है। 147 मैचों में 183 विकेट इकॉनमी: 7.24 यॉर्कर और स्लो बॉल में महारत बुमराह की सबसे बड़ी ताकत है-स्थिति के अनुसार गेंदबाजी बदलने की कला। खासकर पावरप्ले और डेथ ओवरों में उनका प्रदर्शन मैच का रुख बदल सकता है। मुकाबले का विश्लेषण: किसका पलड़ा भारी? अगर वैभव शुरुआती ओवरों में टिक गए, तो वे बुमराह पर भी दबाव बना सकते हैं अगर बुमराह ने जल्दी विकेट ले लिया, तो मैच मुंबई की पकड़ में आ सकता है यह मुकाबला अनुभव बनाम युवा जोश की क्लासिक भिड़ंत है, जहां एक छोटी गलती भी खेल का नतीजा तय कर सकती है। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड अब तक दोनों टीमों के बीच 31 मुकाबले खेले गए हैं: मुंबई इंडियंस: 16 जीत राजस्थान रॉयल्स: 14 जीत क्या होगा आज का परिणाम? क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बुमराह अपनी लय में रहे तो उन्हें रोकना मुश्किल होगा। लेकिन वैभव की निडर बल्लेबाजी उन्हें चौंका भी सकती है। यही इस मुकाबले को बेहद रोमांचक बनाता है।
भारतीय क्रिकेट में सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट संरचना को लेकर एक अहम बदलाव देखने को मिला है, जिसका सीधा असर टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह पर पड़ा है। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने वार्षिक रिटेनरशिप सिस्टम में A+ कैटेगरी को समाप्त करने का निर्णय लिया, जिसके बाद अब बुमराह के कॉन्ट्रैक्ट की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। A+ कैटेगरी हटने से क्या बदला? अब तक A+ ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को सालाना ₹7 करोड़ की राशि मिलती थी। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए आरक्षित थी, जो तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और T20) में लगातार टीम का हिस्सा होते थे। A+ कैटेगरी समाप्त होने के बाद बुमराह को ग्रेड A में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां सालाना ₹5 करोड़ का प्रावधान है। इससे उनकी आय में करीब ₹2 करोड़ की कमी आई है। फैसले के पीछे की वजह इस बदलाव का मुख्य कारण टीम संयोजन में आया परिवर्तन है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा के T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद बुमराह ही ऐसे खिलाड़ी बचे थे, जो तीनों फॉर्मेट में नियमित रूप से खेल रहे थे। ऐसे में A+ कैटेगरी का संतुलन बिगड़ने लगा, जिसके चलते बोर्ड ने इसे समाप्त करना अधिक व्यावहारिक समझा। बुमराह के लिए विशेष योजना? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI के भीतर इस बात पर चर्चा चल रही है कि बुमराह जैसे अहम खिलाड़ी की आय में कमी होना उचित नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड वैकल्पिक उपायों पर विचार कर रहा है, जिससे उनके योगदान के अनुरूप आर्थिक संतुलन बनाए रखा जा सके। अन्य खिलाड़ियों पर भी असर इस संरचनात्मक बदलाव का प्रभाव केवल बुमराह तक सीमित नहीं है। अक्षर पटेल, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी भी विभिन्न ग्रेड में पुनर्व्यवस्थित किए गए हैं, जिससे उनकी सैलरी संरचना प्रभावित हुई है। आगे क्या संकेत? यदि BCCI बुमराह के लिए विशेष प्रावधान या संशोधित कॉन्ट्रैक्ट मॉडल लाता है, तो यह भविष्य में खिलाड़ियों के मूल्यांकन के तरीके को बदल सकता है। खासतौर पर उन खिलाड़ियों के लिए, जो एक से अधिक फॉर्मेट में टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुल मिलाकर, यह बदलाव भारतीय क्रिकेट में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को अधिक संतुलित और प्रदर्शन आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
T20 क्रिकेट में भारत एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच गया है। मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम अब ICC Men's T20 World Cup 2026 के फाइनल में पहुंच चुकी है और खिताब बचाने के साथ नया रिकॉर्ड बनाने से सिर्फ एक जीत दूर है। रविवार, 8 मार्च को India national cricket team का सामना New Zealand national cricket team से Narendra Modi Stadium, Ahmedabad में होगा। अगर भारत यह मैच जीत जाता है तो वह T20 वर्ल्ड कप का खिताब लगातार दूसरी बार जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन जाएगी। तीसरा खिताब जीतकर बना सकता है नया रिकॉर्ड भारतीय टीम के पास एक और बड़ा मौका है। अगर टीम फाइनल जीतती है तो वह T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में तीन बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। भारत ने इससे पहले ICC Men's T20 World Cup 2007 और ICC Men's T20 World Cup 2024 में खिताब जीता था। फिलहाल भारत दो-दो खिताब के साथ West Indies men's cricket team और England men's cricket team के बराबर है। टीम की कप्तानी इस बार स्टार बल्लेबाज Suryakumar Yadav कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में भारत पूरे टूर्नामेंट में मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। टूर्नामेंट की शुरुआत में कड़ी चुनौती भारत का पहला मुकाबला United States men's national cricket team से Mumbai में हुआ। इस मैच में टीम को कड़ी टक्कर मिली, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव की 49 गेंदों में नाबाद 84 रन की पारी ने भारत को 29 रन से जीत दिला दी। इसके बाद Namibia national cricket team के खिलाफ Delhi में खेले गए मैच में Ishan Kishan (61 रन) और Hardik Pandya (52 रन) की शानदार बल्लेबाजी से भारत ने 209 रन बनाए और मुकाबला आसानी से जीत लिया। पाकिस्तान पर बड़ी जीत ग्रुप चरण के सबसे चर्चित मुकाबले में भारत ने Pakistan national cricket team को Colombo में करारी शिकस्त दी। ईशान किशन की 77 रन की पारी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से पाकिस्तान की टीम सिर्फ 114 रन पर सिमट गई। इसके बाद Netherlands national cricket team के खिलाफ Shivam Dube के 66 रन और Varun Chakaravarthy की शानदार गेंदबाजी से भारत ने एक और जीत दर्ज की। सुपर-8 में लगा झटका सुपर-8 चरण में भारत को एकमात्र हार South Africa national cricket team के खिलाफ मिली। हालांकि Jasprit Bumrah ने 3 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई। दमदार वापसी से सेमीफाइनल में जगह हार के बाद भारत ने शानदार वापसी की। Zimbabwe national cricket team के खिलाफ Abhishek Sharma की तेज 55 रन की पारी और हार्दिक पंड्या के अर्धशतक से भारत ने 256 रन का बड़ा स्कोर बनाया। इसके बाद West Indies men's cricket team के खिलाफ Sanju Samson की 50 गेंदों में नाबाद 97 रन की पारी ने टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड के खिलाफ यादगार सेमीफाइनल सेमीफाइनल में भारत ने England men's cricket team को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। इस मैच में Sanju Samson ने 89 रन की अहम पारी खेली, जबकि Jasprit Bumrah ने डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी कर इंग्लैंड की टीम को रोक दिया। अब पूरा देश फाइनल मुकाबले का इंतजार कर रहा है, जहां भारतीय टीम के पास इतिहास रचने और T20 क्रिकेट में अपनी बादशाहत साबित करने का सुनहरा मौका है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।