रांची। झारखंड में पिछले कई दिनों से जारी बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन आज 20 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल, बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम केंद्र रांची के अनुसार, सुबह के समय कई स्थानों पर बारिश होगी, जबकि बाद में बारिश की गतिविधि में कमी आने और कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है। छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 20 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जतायी है। इसके अलावा झारखंड के सभी 24 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। इस दौरान करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। रांची में भी छाए रहेंगे बादल राजधानी रांची में आज दिनभर बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। सुबह बारिश के बाद इसकी तीव्रता में कमी आ सकती है। हालांकि, गरज-चमक और वज्रपात से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है। रांची का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। झारखंड में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश ताजा बारिश के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं राजधानी रांची में बारिश सामान्य से 7 फीसदी अधिक दर्ज की गयी है। कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी ज्यादा रही है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 फीसदी, सिमडेगा में 8 फीसदी, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी और पूर्वी सिंहभूम में 1 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गयी है। बुधवार को रांची में 0.6 मिमी बारिश हुई, जबकि लोहरदगा में 18 मिमी और मेदिनीनगर में 4 मिमी बारिश दर्ज की गयी। 24 जिलों में ऐसा रहेगा मौसम रांची, खूंटी, हजारीबाग और रामगढ़ में बादल और बारिश के साथ गरज-वज्रपात की संभावना है। गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और गढ़वा में सुबह भारी बारिश हो सकती है। चतरा, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में बादल छाए रहने के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बादल और हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। आगे कमजोर पड़ेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अगस्त की सुबह के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। 20 से 21 अगस्त के दौरान कई जगहों पर बारिश छिटपुट रहने की संभावना है, लेकिन गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। 20 से 23 अगस्त तक आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गयी है। मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की अपील की है।
रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विज्ञान केंद्र ने चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. तीन जिलों में रेड अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बारिश के साथ कई स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका है. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की सलाह दी गई है. खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि लगातार बारिश होने की स्थिति में जलजमाव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. गढ़वा-पलामू-लातेहार में ऑरेंज अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने गढ़वा, पलामू और लातेहार के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में भी तेज बारिश के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है. वहीं रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, बोकारो, धनबाद, कोडरमा और गिरिडीह में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में भी लोगों को मौसम को लेकर सावधान रहने की जरूरत है. 19 अगस्त को इन जिलों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 19 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य के अन्य हिस्सों में भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं. कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने और बारिश के बीच धूप निकलने की संभावना है. वहीं 21 अगस्त को भी कई जिलों में गरज, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है. रांची में छह मिमी बारिश दर्ज सोमवार को राजधानी रांची में दोपहर बाद बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार रांची में करीब छह मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा कोडरमा में सबसे अधिक 42 मिमी, बोकारो में 41 मिमी, जमशेदपुर में 16 मिमी, बहरागोड़ा में 16 मिमी और देवघर में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई. खूंटी में करीब एक मिमी बारिश हुई. झारखंड में अब भी सामान्य से 18 फीसदी कम बारिश बारिश के बावजूद झारखंड में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 जून से 17 अगस्त 2026 तक राज्य में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 35 प्रतिशत अधिक और सिमडेगा में करीब एक प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से चार प्रतिशत कम बारिश हुई है. लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने और वज्रपात के दौरान खुले मैदान में जाने से बचने की सलाह दी गई है.
रांची: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसून के कारण झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है. मौसम विभाग ने 13 से 15 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 13 अगस्त को इन जिलों में बारिश का अलर्ट 13 अगस्त को रांची, गुमला, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बारिश की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. 14 अगस्त को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट 14 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में तेज हवा, वज्रपात के साथ भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं रांची, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी और बोकारो में भी तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट है. 15 और 16 अगस्त को भी बारिश के आसार 15 अगस्त को रांची में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. 16 अगस्त को खूंटी, रांची के कुछ हिस्सों, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की संभावना जतायी गयी है. झारखंड में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 12 अगस्त तक झारखंड में सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं राजधानी रांची में बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम रही है. पश्चिमी सिंहभूम में स्थिति अलग है, जहां सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है.
रांची: झारखंड में मानसून की सक्रियता के बीच भारी बारिश और वज्रपात ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या में हादसे खेतों में काम करने के दौरान हुए। मौसम विज्ञान केंद्र ने भी राज्य के कई हिस्सों में 8 अगस्त तक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। ऐसे में खासकर खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को मौसम साफ होने तक अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दो से तीन घंटे की मूसलाधार बारिश मंगलवार दोपहर के बाद झारखंड के कई जिलों में अचानक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में दो से तीन घंटे तक झमाझम बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कांके में करीब 76 मिमी, लोहरदगा में 46 मिमी और रांची में 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिमडेगा में 23 मिमी, बोकारो में 12 मिमी, मेदिनीनगर में 10 मिमी और खूंटी में करीब 5 मिमी बारिश हुई। भारी बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हुईं। खेतों में काम कर रहे लोगों पर टूटा कहर राज्य में हुई मौतों में बड़ी संख्या उन लोगों की है जो बारिश के दौरान खेतों में काम कर रहे थे। ग्रामीण इलाकों में धान रोपाई और खेती से जुड़े काम के दौरान अचानक बिजली गिरने से कई परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया। पलामू के मोहम्मदगंज में 38 वर्षीय पुष्पा देवी की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव में 45 वर्षीय कदरून खातून की जान चली गई। लातेहार में भी वज्रपात से दो लोगों की मौत हुई है। सदर थाना क्षेत्र के जालिम निवासी शिवनाथ उरांव की मौत हो गई, जबकि होटवाग गांव में निर्मला देवी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। चंदवा प्रखंड के सुरली गांव में 18 वर्षीय उपेंद्र उरांव भी वज्रपात की चपेट में आ गए। दुमका और चतरा में भी हादसे दुमका के रामगढ़ क्षेत्र में धान रोपाई के दौरान गिदबन्ना गांव की 20 वर्षीय आलतामुनी मरांडी की मौत हो गई। इसके अलावा बाबूलाल हेंब्रम और रोहित कुंअर की भी खेत में काम करने के दौरान बिजली गिरने से मौत की जानकारी सामने आई है। इस घटना में कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी खबर है। चतरा के लावालौंग क्षेत्र के चानी गांव में 30 वर्षीय संजय भुईयां की भी वज्रपात से मौत हो गई। वहीं गिरिडीह में स्थिति और गंभीर रही। यहां ठनका गिरने की घटनाओं में चार किशोरों समेत 10 लोगों की मौत की खबर है, जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर मानसून के दौरान खुले खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 8 अगस्त तक कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। 5 अगस्त: गढ़वा, पलामू, लातेहार, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की चेतावनी है। रांची में भी एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 6 अगस्त: रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा में भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। 7 अगस्त: रांची, खूंटी, सिमडेगा, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, पलामू, गढ़वा, गुमला और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा बताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए 8 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या सावधानी बरतें? बारिश के दौरान बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम बिगड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। 18 मौतों ने बढ़ाई चिंता झारखंड में वज्रपात से हुई 18 मौतें मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की गंभीर चुनौती को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना और मौसम खराब होने पर खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 23 से 26 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। चार दिनों तक इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी 23 जुलाई: रांची, खूंटी, गुमला, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, लातेहार और लोहरदगा में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। 24 जुलाई: रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और बोकारो में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 25 जुलाई: रांची, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 26 जुलाई: रांची, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को कहां कितनी हुई बारिश? बुधवार को राज्य में सबसे अधिक बहरागोड़ा में 41 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा: रांची – 4 मिमी जमशेदपुर – 12 मिमी मेदिनीनगर – 1 मिमी बोकारो – 3 मिमी खूंटी – 13 मिमी हजारीबाग – 10 मिमी सरायकेला – 20 मिमी जगन्नाथपुर – 4 मिमी अब भी सामान्य से कम हुई है बारिश राज्य में मानसून सक्रिय होने के बावजूद अब तक सामान्य से 28 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 22 जुलाई के बीच जहां सामान्य वर्षा 414.9 मिमी होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 299.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में दर्ज हुई है। वहीं राजधानी रांची में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। लोगों के लिए सलाह खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।
रांची: झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 जुलाई से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव (Low Pressure Area) का असर झारखंड के मौसम पर पड़ने की संभावना है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई को रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग ने किसानों और आम लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के मुताबिक 16 जुलाई को रांची, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 17 जुलाई को गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा के कई हिस्सों में तेज बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। लगातार हो रही मौसमी गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। रांची समेत कई इलाकों में हुई बारिश मंगलवार को राजधानी रांची सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बहरागोड़ा में 22 मिमी जबकि जमशेदपुर में 4.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो मंगलवार को: रांची का अधिकतम तापमान 32.1°C जमशेदपुर का 32.4°C मेदिनीनगर का 35.4°C बोकारो का 32.1°C दर्ज किया गया। अब भी सामान्य से 41% कम हुई बारिश हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच राज्य में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां सामान्य रूप से 326 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 193.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। राजधानी रांची की बात करें तो यहां भी सामान्य से 22 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। 14 जुलाई तक रांची में सामान्यतः 336.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक केवल 263.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी प्रणाली के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है, जिससे वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
रांची। झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। सोमवार सुबह से राजधानी रांची में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। इन 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने रांची, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा, पलामू, चतरा और हजारीबाग जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में जलभराव, कम दृश्यता और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी बारिश के साथ राज्य के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। 7 और 8 जुलाई को भी जारी रहेगा असर 7 जुलाई को उत्तर-पूर्वी झारखंड, विशेषकर धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं 8 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है। उत्तर-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का असर मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने गहरे निम्न दबाव के डिप्रेशन में बदलने से झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। यही मौसम प्रणाली राज्य में लगातार बारिश का प्रमुख कारण है। तापमान रहेगा स्थिर, लोगों को मिलेगी राहत लगातार बारिश और बादलों के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य रहेगा और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 और 3 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 और 4 जुलाई को भी अधिकांश क्षेत्रों में मौसम का यही रुख बना रहेगा। इसके अलावा 5 जुलाई को रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जगह हुई अच्छी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट आई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को रामगढ़ में 60.5 मिमी, कोडरमा में 20 मिमी, जमशेदपुर में 4 मिमी और बहरागोड़ा में सर्वाधिक 84.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, 1 जून से 1 जुलाई तक राज्य में सामान्य 197.8 मिमी के मुकाबले केवल 99.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम है। रांची में अब भी 13 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जबकि गढ़वा और साहिबगंज में सबसे कम बारिश होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सबसे अधिक 54.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोलेबिरा में 40.2 मिमी, पपुनकी में 30.8 मिमी, नोआमुंडी में 23.6 मिमी, राजधनवार में 23.2 मिमी और पालकोट में 14.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रांची में भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं, डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वज्रपात ने ली पांच लोगों की जान बारिश के बीच आकाशीय बिजली का कहर भी जारी है। शनिवार और रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के सदाबे डुमरटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से ढाई वर्षीय अंकिता उरांव की मौत हो गई। गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के दुधवल गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय शहबाज अंसारी और 12 वर्षीय फैजुन खातून की जान चली गई। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 29 जून: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना। 30 जून: राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा चल सकती है। कोडरमा, गिरिडीह और धनबाद सहित उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार। 1 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।
रांची। झारखंड में मानसून सक्रिय होने के साथ ही मौसम विभाग ने आज राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, गुमला, सिमडेगा और रामगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह प्रशासन ने किसानों से खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी है। वहीं आम लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की अपील की गई है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। अगले 48 घंटे तक मौसम रहेगा सक्रिय मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटे तक झारखंड के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है, जिससे तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे अपना दायरा बढ़ा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों के दौरान मॉनसून राज्य के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, अगले दो दिनों तक इसकी रफ्तार कुछ कमजोर रहने की संभावना है। इस बीच 16 और 17 जून को राज्य के कई जिलों में तेज हवा, वज्रपात और बारिश का अनुमान जताया गया है। कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 16 जून को उत्तर-पश्चिमी झारखंड को छोड़कर राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में आंशिक से घने बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं 17 जून को रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, रामगढ़, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह के मौसम की संभावना है। मॉनसून का बढ़ा दायरा, अलनीनो पर नजर मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मॉनसून धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, गिरिडीह के कुछ हिस्सों तथा पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रांची और रामगढ़ के कई इलाकों तक पहुंच चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि परिस्थितियां अनुकूल रहने पर अगले कुछ दिनों में मॉनसून का विस्तार और होगा। इस बीच प्रशांत महासागर में अलनीनो के बनने की पुष्टि हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसका प्रभाव बढ़ता है, तो इसका असर मानसूनी बारिश और कृषि पर पड़ सकता है। फिलहाल इसकी तीव्रता का आकलन किया जा रहा है। गर्मी भी बनी रही बरकरार सोमवार को राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मेदिनीनगर और जमशेदपुर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं रामगढ़ में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि कांके में पिछले 24 घंटों के दौरान 86.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के साथ मौसम ने करवट ले ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। सबसे अधिक 46.4 मिमी बारिश कोडरमा के तिलैया में रिकॉर्ड की गई, जबकि चंदवा में 45.2 मिमी और रांची के कांके में 42.5 मिमी वर्षा हुई। पूर्वी सिंहभूम सहित कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी रांची में रविवार को दिनभर तेज धूप और लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने के बाद शाम छह बजे अचानक मौसम बदला। तेज बारिश और गरज के साथ हुई वर्षा देर रात तक जारी रही। भारी बारिश के कारण सेवा सदन पथ, जयपाल सिंह स्टेडियम, मेन रोड और स्टेशन रोड जैसे इलाकों में जलजमाव हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर कई क्षेत्रों में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। मौसम विभाग के अनुसार मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी एवं पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की भी आशंका है। लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने के कारण उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विज्ञान विभाग का हैं कहना? मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि राज्य में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। झारखंड से गुजर रही मौसमी ट्रफ के प्रभाव से अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।
रांची। झारखंड में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार 12 जून को 18 जिलों में बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। विभाग ने 13 जून तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना जताई है। 12 जून को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट शुक्रवार को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और रामगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 14, 15 और 16 जून को भी बारिश का अलर्ट इन जिलो में गर्जन के साथ तेज हवा (50-60 किलोमीटर प्रति घंटा) और वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। 14, 15 और 16 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी झारखंड के कई जिलों में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
रांची: झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में आंधी, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, झारखंड में मानसून के अगले चार दिनों में संताल परगना के रास्ते प्रवेश करने की उम्मीद जताई गई है। बुधवार शाम राजधानी रांची समेत कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के क्षेत्रों में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। 11 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 12 जून को भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
झारखंड में भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और आने वाले कुछ दिनों तक कई जिलों में बारिश, मेघ गर्जन और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा और लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलेगी। कई जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में नमी बढ़ने और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की स्थितियां बन रही हैं। इससे दिन के तापमान में राहत मिल सकती है, हालांकि उमस का असर कुछ इलाकों में बना रह सकता है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज हवा के साथ बिजली चमकने और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले तीन दिनों में बढ़ सकता है तापमान हालांकि बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है और मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है। 3 से 8 जून तक येलो अलर्ट जारी मौसम केंद्र ने 3 जून से 8 जून के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 3 जून: कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना। 4 और 5 जून: पूर्वी झारखंड, विशेषकर संताल परगना क्षेत्र और राजधानी रांची सहित आसपास के इलाकों में तेज हवा चलने का अनुमान। 6 जून: उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं की आशंका। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
रांची। झारखंड में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिलनी शुरू हो गई है। बुधवार से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। राजधानी रांची समेत कई जिलों में बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम सुहाना होने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि Medininagar में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। खूंटी में सबसे ज्यादा बारिश बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। खूंटी में सबसे अधिक 30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बोकारों में 16 मिमी और जमशेदपुर में करीब पांच मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। रांची के कई इलाकों में भी हल्की बारिश हुई, जिससे उमस और गर्मी में कमी आई। अगले पांच दिनों तक खराब मौसम के आसार मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक के अनुसार, अगले पांच दिनों तक झारखंड में मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। साथ ही कई जिलों में गर्जन, वज्रपात और बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश और ठंडी हवाओं की वजह से अधिकतम तापमान में और गिरावट आएगी। मेदिनीनगर अब भी सबसे गर्म राज्य में सबसे ज्यादा तापमान मेदिनीनगर में दर्ज किया गया। वहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर रांची के तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि एक-दो दिनों में मेदिनीनगर में भी तापमान कम होगा। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
रांची। झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 10 मई तक आंधी-बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में 13 मई तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। आठ मई को उत्तर और पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। 9 और 10 मई को ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार नौ और 10 मई को रांची, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा और गुमला समेत कई जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने, बारिश होने और वज्रपात की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी खराब मौसम को लेकर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
रांची। झारखंड में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। India Meteorological Department (मौसम विभाग) ने 6 से 10 मई तक राज्य में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। तापमान में आई गिरावट, लोगों को राहत बारिश के चलते गर्मी से काफी राहत मिली है। Ranchi में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 29.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं Medininagar में तापमान में 5.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। 6 से 10 मई तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में आंशिक से घने बादल छाए रहेंगे। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि वज्रपात की भी आशंका है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन मौसम पूरी तरह साफ होने में समय लगेगा। तेनुघाट में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों में तेनुघाट में सबसे अधिक 82.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांके में 50.2 मिमी और पश्चिमी सिंहभूम में लगभग 8 मिमी वर्षा हुई है। अन्य जिलों का तापमान जमशेदपुर में 34.2 डिग्री, बोकारो में 32.5 डिग्री, चाईबासा में 32.4 डिग्री, कोडरमा में 31.4 डिग्री और गुमला में 30.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं लातेहार और लोहरदगा में तापमान 28 डिग्री के आसपास रहा।
भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रांची सहित कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन इसके साथ ही जनजीवन भी प्रभावित हुआ। गुरुवार दोपहर बाद करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई जगहों पर पेड़ उखाड़ दिए, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। बारिश के दौरान रांची में लगभग 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। वहीं, वज्रपात की चपेट में आने से बरियातु क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। तापमान में भारी गिरावट, लोगों को मिली राहत अचानक बदले मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में 7.9 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जबकि न्यूनतम तापमान में 6.6 डिग्री की गिरावट देखी गई। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए झारखंड के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। विभाग के अनुसार, राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। अन्य क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। आने वाले दिनों में भी राहत के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 4 मई के बीच राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में हुई बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ ही कई जगहों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आज के लिए राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश से तापमान में गिरावट, मिली राहत राज्य के अलग-अलग जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। खूंटी: 34.5 मिमी बोकारो: 32.4 मिमी रांची: 2.0 मिमी कांके: 12.2 मिमी इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली है। बदले मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें जहां एक ओर बारिश ने राहत दी, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया। बेड़ो क्षेत्र में फसलों को आंशिक नुकसान सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित ओरमांझी के कुकुई गांव में पेड़ की डाल गिरने से दो छात्राएं घायल यह घटनाएं बताती हैं कि अचानक मौसम परिवर्तन के साथ सावधानी बरतना जरूरी है। बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा असर तेज आंधी और बारिश के दौरान कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। नामकुम-सिकिदरी हाई वोल्टेज लाइन ट्रिप हटिया-कांके अंडरग्राउंड केबल पंक्चर इससे कई क्षेत्रों में अस्थायी बिजली कटौती देखने को मिली। इन जिलों में तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और रांची में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और गरज के साथ बारिश हो सकती है।
रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे राज्य के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम केंद्र, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 28 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। सुबह से ही राजधानी रांची में इसका असर देखने को मिला, जहां बादल छाने के साथ तेज हवाएं चलीं और कई इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। इन जिलों में रहेगा मौसम का असर मध्य झारखंड के रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में मौसम बदला हुआ रहेगा। वहीं दक्षिणी जिलों जैसे पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भी बारिश के आसार हैं। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार तथा उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई गई है। येलो अलर्ट जारी, तेज हवा और वज्रपात का खतरा मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि अन्य स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति रहने की संभावना है। इसके साथ ही वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगले पांच दिनों तक राहत के संकेत 29 अप्रैल से 3 मई तक राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इस मौसम परिवर्तन का असर तापमान पर भी पड़ेगा और अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।