July 31 2026

Horoscope prediction for July 31 2026 highlighting five lucky zodiac signs and positive planetary combinations
राशिफल 31 जुलाई 2026: मेष, मिथुन, तुला समेत इन 5 राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा महीने का आखिरी दिन, बन रहे हैं कई शुभ योग

31 जुलाई 2026 को जुलाई महीने का आखिरी दिन होगा और इसी दिन सावन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि भी रहेगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र से कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इसके साथ ही कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिनका प्रभाव अलग-अलग राशियों के जातकों पर देखने को मिल सकता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार इस दिन सौभाग्य योग के साथ वासी और सम योग का भी प्रभाव रहेगा। चंद्रमा और शुक्र के बीच समसप्तक योग बनने की स्थिति भी बताई जा रही है। वहीं सूर्य और गुरु कर्क राशि में रहेंगे, जबकि बुध मिथुन राशि में सूर्य से द्वादश भाव में स्थित होंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन ग्रह स्थितियों का सबसे सकारात्मक प्रभाव मेष, मिथुन, तुला, धनु और मकर राशि के जातकों पर पड़ सकता है। किसी को आर्थिक लाभ मिल सकता है, किसी के करियर में प्रगति के संकेत हैं तो किसी को परिवार और रिश्तों में सहयोग मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं 31 जुलाई को इन पांच राशियों के लिए दिन कैसा रहने वाला है और कौन से उपाय करना शुभ माना जा सकता है। मेष राशि: कमाई बढ़ेगी, परिवार में खुशी का माहौल मेष राशि के जातकों के लिए महीने का आखिरी दिन आर्थिक रूप से उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है। धन प्राप्ति के योग बनने से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है और इसका असर आपके आत्मविश्वास पर भी दिखाई देगा। पारिवारिक जीवन में सुखद माहौल रहेगा और अपनों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिल सकता है। हालांकि, जरूरी काम दिन के पहले हिस्से में निपटा लेना बेहतर रहेगा। शाम के समय अचानक आने वाली किसी जिम्मेदारी के कारण आपकी योजनाओं में बदलाव हो सकता है। उपाय: शहद मिले दूध से भगवान शिव का अभिषेक करें। मिथुन राशि: अप्रत्याशित लाभ और कार्यक्षेत्र में सम्मान मिथुन राशि वालों के लिए 31 जुलाई आर्थिक दृष्टि से खास रह सकता है। आपकी बनाई गई आर्थिक योजनाओं का लाभ मिल सकता है और कोई ऐसा फायदा भी सामने आ सकता है जिसकी आपने उम्मीद नहीं की थी। माता का स्नेह और सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी के साथ प्रेम और आपसी सामंजस्य बना रहेगा। परिवार के किसी महत्वपूर्ण मामले में आपको अपनों का समर्थन मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी निर्णय क्षमता और प्रभावशाली वाणी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण अवसर के साथ सम्मान मिलने की संभावना भी बन रही है। उपाय: श्रीसूक्त का पाठ करें और माता लक्ष्मी की आराधना करें। तुला राशि: करियर में तेजी, आर्थिक स्थिति रहेगी संतुलित तुला राशि के जातकों के लिए 31 जुलाई करियर और कारोबार के लिहाज से सकारात्मक रह सकता है। काम की गति बढ़ेगी और व्यापार में आय बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आपकी रचनात्मक क्षमता और प्रतिभा का भी आपको फायदा मिलेगा। खर्च के साथ कमाई बनी रहने के कारण आर्थिक स्थिति संतुलित रह सकती है। परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों को आप अच्छी तरह निभा पाएंगे। कोई बड़ा अवसर सामने आ सकता है। बच्चों और परिवार के साथ मनोरंजक समय बिताने का मौका मिलेगा। दोस्तों का सहयोग भी प्राप्त हो सकता है। उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें और 108 चावल के दाने 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें। धनु राशि: आर्थिक लाभ के साथ अधूरे काम होंगे पूरे धनु राशि वालों के लिए महीने का अंतिम दिन उत्साह और उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। लंबे समय से अटका कोई महत्वपूर्ण काम पूरा होने की संभावना है। जरूरी कार्यों को दिन के पहले हिस्से में पूरा कर लेना आपके लिए बेहतर रहेगा। आर्थिक लाभ मिलने से खुशी होगी और आप अपने लिए किसी पसंदीदा वस्तु की खरीदारी भी कर सकते हैं। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग मिलेगा। शाम को दोस्तों या परिवार के साथ मनोरंजन का अवसर मिल सकता है। यात्रा के भी योग बन सकते हैं। उपाय: जरूरतमंद बच्चों को कॉपी और कलम का दान करें। मकर राशि: ज्ञान, अनुभव और समझदारी से मिलेगा फायदा मकर राशि वालों के लिए 31 जुलाई सामान्य से बेहतर दिन रह सकता है। चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में होने के कारण आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर बन सकते हैं। आप अपनी समझदारी और व्यावहारिक सोच से विपरीत परिस्थितियों को भी अपने पक्ष में करने में सफल हो सकते हैं। तकनीकी ज्ञान और पुराने अनुभव का फायदा मिलेगा। किसी नए विषय को सीखने या अध्ययन करने की इच्छा भी बढ़ सकती है। आपके सम्मान और प्रभाव में वृद्धि हो सकती है। प्रेम संबंधों में रोमांस और आपसी समझ बनी रहेगी। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर भी मिल सकता है। उपाय: धार्मिक कार्यों में हिस्सा लें और जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करें। 31 जुलाई को इन 5 राशियों के लिए क्यों खास है दिन? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 31 जुलाई को बनने वाले सौभाग्य, वासी और सम योग का प्रभाव कई राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है। मेष को आर्थिक लाभ, मिथुन को अप्रत्याशित फायदा और सम्मान, तुला को करियर में गति, धनु को आर्थिक लाभ और अधूरे काम पूरे होने का अवसर, जबकि मकर को ज्ञान, अनुभव और आर्थिक मामलों में फायदा मिल सकता है। हालांकि, ज्योतिषीय भविष्यफल व्यक्तिगत कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए इसे सामान्य ज्योतिषीय मार्गदर्शन के रूप में देखना उचित है।  

surbhi जुलाई 31, 2026 0
Numerology prediction for July 31, 2026 showing lucky numbers and colors for Mulank 1 to 9
अंक ज्योतिष 31 जुलाई 2026: मूलांक 4 वालों को मेहनत का मिलेगा फल, मूलांक 6 खुद के लिए निकालें समय; जानें आज का भविष्यफल

31 जुलाई 2026 का दिन अनुशासन, धैर्य, मेहनत और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का संदेश दे रहा है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज मूलांक 4 की ऊर्जा प्रभावी रहेगी, जो व्यवस्था, जिम्मेदारी, निरंतर प्रयास और व्यावहारिक सोच से जुड़ी मानी जाती है। वहीं वर्ष 2026 का मूलांक 3 नई सोच, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है। इन दोनों ऊर्जाओं का मेल बताता है कि आज केवल बड़े सपने देखना पर्याप्त नहीं होगा। किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सही योजना बनाना, छोटे-छोटे कदम उठाना और लगातार मेहनत करते रहना अधिक महत्वपूर्ण रहेगा। कुछ लोगों के लिए आज पुराने काम पूरे करने और योजनाओं को व्यवस्थित करने का दिन हो सकता है, जबकि कुछ लोगों को परिवार और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाने की जरूरत महसूस होगी। आइए जानते हैं जन्मतिथि के आधार पर 1 से 9 तक सभी मूलांक वालों के लिए 31 जुलाई का दिन कैसा रहेगा। मूलांक 1: योजना बनाकर आगे बढ़ें मूलांक 1 वालों के लिए आज इच्छाशक्ति और अनुशासन का अच्छा मेल बन सकता है। लंबे समय से अटके कामों को पूरा करने और अपनी योजनाओं को व्यवस्थित करने का यह अच्छा समय है। हालांकि, तुरंत बड़े परिणाम की उम्मीद करने के बजाय लगातार प्रयास करते रहें। काम के दबाव के बीच अपनी सेहत और आराम को नजरअंदाज न करें। लकी नंबर: 1, 4 लकी रंग: गोल्ड, ग्रे मूलांक 2: शांति और धैर्य से सुलझेंगे मामले आज का अनुशासित माहौल आपको थोड़ा दबावपूर्ण महसूस हो सकता है, लेकिन आपका शांत स्वभाव मुश्किल परिस्थितियों को संभालने में मदद करेगा। योजना बनाने, दस्तावेजी या जरूरी कागजी काम निपटाने के लिए दिन अनुकूल रह सकता है। दूसरों की छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने से बचें। परिवार और करीबी लोगों से बातचीत में सरलता और अपनापन बनाए रखें। लकी नंबर: 2, 4 लकी रंग: व्हाइट, ग्रे मूलांक 3: काम के साथ सेहत का भी रखें ध्यान आज आपकी रचनात्मक सोच को अनुशासन की सही दिशा मिल सकती है। कोई अधूरा काम पूरा करने, किसी योजना को व्यवस्थित करने या तय समय सीमा के भीतर काम खत्म करने के लिए दिन उपयोगी रहेगा। हालांकि, लगातार काम करने के कारण थकान हो सकती है। इसलिए आराम, खान-पान और अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है। कोशिश करें कि जरूरी कामों को अधूरा न छोड़ें। लकी नंबर: 3, 4 लकी रंग: येलो, ग्रे मूलांक 4: लगातार प्रयास से सफलता मिलेगी मूलांक 4 वालों के लिए आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। योजना बनाना, बजट तैयार करना, काम को व्यवस्थित करना और बारीकी की जरूरत वाले कार्यों को पूरा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आज की ऊर्जा आपको धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। बिना रुके किए गए लगातार प्रयास सफलता की दिशा में ले जा सकते हैं। हालांकि, काम के साथ रिश्तों पर भी ध्यान दें और अपनों के प्रति स्नेह और खुलापन बनाए रखें। लकी नंबर: 4, 3 लकी रंग: ग्रे, ब्लू मूलांक 5: पुराने काम निपटाने का समय मूलांक 5 वालों के लिए आज की स्थिर और व्यवस्थित ऊर्जा थोड़ी अलग महसूस हो सकती है। फिर भी पुराने कामों को पूरा करने, लंबित योजनाओं की समीक्षा करने और बिखरी चीजों को व्यवस्थित करने के लिए दिन अच्छा रह सकता है। जल्दबाजी से बचें और काम को छोटे हिस्सों में बांटकर पूरा करें। रिश्तों में भरोसा और निरंतरता बनाए रखना आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। लकी नंबर: 5, 4 लकी रंग: हरा, ग्रे मूलांक 6: दूसरों के साथ खुद का भी ख्याल रखें आज परिवार, घर और जिम्मेदारियां आपके ध्यान के केंद्र में रह सकती हैं। प्रबंधन, योजना बनाने और घर से जुड़े कामों में आपकी समझ और व्यावहारिक सोच काम आएगी। लेकिन दूसरों की देखभाल करते-करते खुद को नजरअंदाज न करें। अपने लिए भी कुछ समय निकालें। परिवार में लंबे समय से चले आ रहे किसी मामले को बातचीत और समझदारी से सुलझाने की कोशिश करें। लकी नंबर: 6, 4 लकी रंग: पिंक, ग्रे मूलांक 7: सोच-समझकर फैसले लेने का दिन मूलांक 7 वालों के लिए आज किसी विषय की गहराई से पड़ताल करने, तकनीकी कार्यों पर ध्यान देने और शांत मन से योजनाओं को आगे बढ़ाने का समय हो सकता है। आपकी गहरी सोच और आज की अनुशासित ऊर्जा का मेल सही निर्णय लेने में मदद कर सकता है। मानसिक शांति के लिए कुछ समय एकांत में बिताएं और लगातार स्क्रीन देखने से ब्रेक लें। अपने करीबियों से मन की बात साझा करने से भी राहत मिल सकती है। लकी नंबर: 7, 4 लकी रंग: इंडिगो, ग्रे मूलांक 8: मेहनत अब रंग ला सकती है मूलांक 8 वालों का ध्यान आज करियर, आर्थिक मामलों और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित रह सकता है। अनुशासित ऊर्जा आपकी व्यावहारिक सोच के साथ तालमेल बैठा सकती है, जिससे कामकाज और वित्तीय मामलों से जुड़े निर्णयों में मदद मिल सकती है। आपकी लगातार मेहनत के सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद बन सकती है। हालांकि, सिर्फ काम में व्यस्त रहने के बजाय परिवार और प्रियजनों के लिए भी समय निकालें। लकी नंबर: 8, 4 लकी रंग: नेवी ब्लू, ग्रे मूलांक 9: धैर्य और लगन से पूरे होंगे अटके काम मूलांक 9 वालों के लिए आज इच्छाशक्ति और लगन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। लंबे समय से रुका हुआ कोई काम आगे बढ़ाने या पूरा करने का मौका मिल सकता है। अपनी बात दूसरों के सामने रखने में भी आसानी हो सकती है। यदि किसी योजना में अपेक्षा से ज्यादा समय लग रहा है तो धैर्य बनाए रखें। गुस्से और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा। लकी नंबर: 9, 4 लकी रंग: रेड, ग्रे आज का अंक ज्योतिष क्या संकेत देता है? 31 जुलाई की अंक ज्योतिषीय ऊर्जा का मुख्य संदेश है कि सफलता के लिए केवल विचार नहीं, बल्कि अनुशासन और निरंतर प्रयास भी जरूरी हैं। आज जल्दबाजी के बजाय योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना अधिक लाभदायक हो सकता है। मूलांक 4 वालों के लिए मेहनत और व्यवस्था पर जोर रहेगा, जबकि मूलांक 6 वालों को दूसरों की जिम्मेदारियों के बीच अपने लिए भी समय निकालने की जरूरत होगी। बाकी मूलांकों के लिए भी आज का दिन धैर्य, संतुलन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है।  

surbhi जुलाई 31, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Smoke rises after reported airstrikes in Iraq as regional tensions escalate in West Asia
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US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0