नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में अपनी बल्लेबाजी का कौशल दिखाते हुए पहली पारी में रनों का अम्बार लगा दिया। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी 127 ओवरों में 8 विकेट खोकर 564 रनों के विशाल स्कोर पर घोषित की। भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी केएल राहुल ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं जिससे भारतीय टीम 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ी कर सकी। टॉप भारतीय बल्लेबाजों का कमाल अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भारत की शुरुआत अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (24 रन) के जल्दी आउट होने के बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने टीम इंडिया के पारी को संभाला। राहुल ने बेहद सधे हुए अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 165 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से शानदार 100 रन बनाए। वहीं, नंबर तीन पर आए साई सुदर्शन ने उनका बखूबी साथ निभाया और 104 गेंदों में 13 चौकों की मदद से 81 रनों की आक्रामक पारी खेली। इन दोनों के बीच हुई बेहतरीन साझेदारी ने टीम इंडिया के बड़े स्कोर की मजबूत नींव रखी। कप्तान शुभमन गिल का एक और शतक इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने 177 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके और 1 छक्के की बदौलत 126 रनों की कप्तानी पारी खेली। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने भी मध्यक्रम में तेजी से रन बटोरे और मात्र 121 गेंदों में 6 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के लगाते हुए 81 रन ठोक दिए। हालांकि, ध्रुव जुरेल (19 रन) बड़ी पारी नहीं खेल पाए लेकिन निचले क्रम में वाशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रनों का बहुमूल्य योगदान देकर भारत का स्कोर 550 के पार पहुंचाया। अंत में मानव सुथार (28 रन) और मोहम्मद सिराज (22 रन) ने भी छोटे लेकिन उपयोगी कैमियो खेले। मोहम्मद सलीम सैफी बने संकटमोचक दूसरी तरफ,अफगानिस्तान के गेंदबाजी लाइनअप पर एक नजर डालें तो तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सैफी अफगानिस्तान टीम के इकलौते संकटमोचक बनकर इस मैच में उभरे। सैफी ने 27 ओवरों में 140 रन खर्च कर 6 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इनके अलावा जियाउर रहमान शरिफी और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी को 1-1 विकेट मिली।
न्यू चंडीगढ़, एजेंसियां। भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर बैटिंग करने का फैसला लिया है। शनिवार को मैच का पहला दिन है और पहले सेशन का खेल जारी है। टीम इंडिया ने पहली पारी में बिना नुकसान के 15 रन बना लिए हैं। यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल क्रीज पर हैं।
Indian Premier League के लीग स्टेज के खत्म होते ही पर्पल कैप और ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। प्लेऑफ से पहले खिलाड़ियों के बीच रन और विकेट की जंग तेज हो चुकी है। रविवार को खेले गए मुकाबलों के बाद दोनों लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जोफ्रा आर्चर ने पर्पल कैप रेस में लगाई लंबी छलांग Jofra Archer ने Mumbai Indians के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इस दमदार प्रदर्शन के बाद Rajasthan Royals के स्टार तेज गेंदबाज पर्पल कैप की रेस में सीधे तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। आर्चर अब इस सीजन 14 मैचों में 21 विकेट ले चुके हैं। उन्होंने Anshul Kamboj को पीछे छोड़ते हुए टॉप-3 में जगह बनाई। पर्पल कैप पर अब भी भुवनेश्वर कुमार का कब्जा Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar अभी भी पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। उन्होंने 14 मैचों में 24 विकेट झटके हैं। वहीं Gujarat Titans के Kagiso Rabada भी 24 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। विकेटों की संख्या बराबर होने के बावजूद इकॉनमी और औसत के आधार पर भुवनेश्वर आगे हैं। IPL 2026 Purple Cap Top 5 Bhuvneshwar Kumar – 24 विकेट Kagiso Rabada – 24 विकेट Jofra Archer – 21 विकेट Anshul Kamboj – 20 विकेट Rashid Khan – 19 विकेट ऑरेंज कैप में साई सुदर्शन सबसे आगे ऑरेंज कैप फिलहाल Sai Sudharsan के पास है। Gujarat Titans के इस युवा बल्लेबाज ने 14 मैचों में 638 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157 का रहा है। उनके साथ ओपनिंग करने वाले कप्तान Shubman Gill भी शानदार फॉर्म में हैं और 616 रन बनाकर दूसरे नंबर पर मौजूद हैं। केएल राहुल की टॉप-5 में एंट्री Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने Kolkata Knight Riders के खिलाफ 60 रनों की शानदार पारी खेली। इस प्रदर्शन के बाद राहुल ऑरेंज कैप की रेस में चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। वहीं Sunrisers Hyderabad के Heinrich Klaasen 606 रनों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। IPL 2026 Orange Cap Top 5 Sai Sudharsan – 638 रन Shubman Gill – 616 रन Heinrich Klaasen – 606 रन KL Rahul – 593 रन Vaibhav Suryavanshi – 583 रन प्लेऑफ में और रोमांचक होगी रेस अब जबकि लीग स्टेज खत्म हो चुका है, प्लेऑफ मुकाबलों में पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस और दिलचस्प होने वाली है। खासकर भुवनेश्वर कुमार, रबाडा, साई सुदर्शन और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली कैपिटल्स ने रविवार को दूसरे मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से हरा दिया। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में राजस्थान ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 193 रन बनाए। दिल्ली ने 194 रन का टारगेट 19.2 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह राजस्थान की लगातार तीसरी हार रही। इस हार के बाद राजस्थान के प्लेऑफ में पहुंचने का इंतजार लंबा हो गया। वहीं, दिल्ली की उम्मीद अभी कायम है। राहुल-पोरेल के बीच 105 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप अभिषेक पोरेल और केएल राहुल ने दिल्ली को तेज शुरुआत दिलाई। राहुल ने 42 गेंदों पर 56 और पोरेल ने 31 गेंदों में 51 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रन जोड़कर मैच दिल्ली की पकड़ में ला दिया। मिडिल ओवर्स में जोफ्रा आर्चर और ब्रिजेश शर्मा ने विकेट निकालकर राजस्थान की वापसी कराने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने 18 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाकर टीम को संभाले रखा। आखिर में आशुतोष शर्मा ने सिर्फ 5 गेंदों में 18 रन ठोकते हुए चौका और छक्का लगाकर दिल्ली को जीत दिला दी। राजस्थान के लिए जोफ्रा आर्चर और बृजेश शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। दासुन शनाका को 1 विकेट मिला। जुरेल-पराग के अर्धशतक इससे पहले राजस्थान के लिए ध्रुव जुरेल ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए, जबकि कप्तान रियान पराग ने 26 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी 21 गेंदों पर 46 रन बनाए। राजस्थान ने 14 ओवर तक मजबूत स्थिति बना ली थी, लेकिन डेथ ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम 200 रन का आंकड़ा नहीं छू सकी। दिल्ली के लिए मिचेल स्टार्क ने 4 विकेट झटके। लुंगी एनगिडी और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट लिए।
Delhi Capitals ने आईपीएल 2026 के 62वें मुकाबले में Rajasthan Royals को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है। इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स अंकतालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गई, जबकि राजस्थान रॉयल्स की राह अब और कठिन हो गई है। अब राजस्थान को प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अपने बाकी दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। राजस्थान की पारी: जुरेल और पराग ने संभाला मोर्चा टॉस जीतकर दिल्ली ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और यशस्वी जायसवाल सिर्फ 12 रन बनाकर आउट हो गए। टीम का पहला विकेट 19 रन पर गिरा। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी हुई। सूर्यवंशी 46 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद ध्रुव जुरेल और रियान पराग ने तीसरे विकेट के लिए 72 रन जोड़कर राजस्थान को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। रियान पराग ने 51 रन की शानदार पारी खेली, जबकि जुरेल ने 53 रन बनाए। हालांकि आखिरी ओवरों में राजस्थान की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 193 रन ही बना सकी। दिल्ली के लिए गेंदबाजी में: मिचेल स्टार्क ने 4 विकेट लुंगी एनगिडी ने 2 विकेट माधव तिवारी ने 2 विकेट हासिल किए। दिल्ली की शानदार शुरुआत 194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत बेहद मजबूत रही। अभिषेक पोरेल और केएल राहुल ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर राजस्थान के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। अभिषेक पोरेल ने 51 रन की अहम पारी खेली। इसके बाद साहिर पारख सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए। केएल राहुल ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 56 रन बनाए। उनके आउट होने तक दिल्ली मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। अक्षर पटेल और आशुतोष शर्मा ने दिलाई जीत मध्यक्रम में डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जल्दी आउट हो गए, लेकिन कप्तान अक्षर पटेल एक छोर पर टिके रहे। उन्होंने नाबाद 34 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। अंत में आशुतोष शर्मा ने तेज 18 रन बनाकर दिल्ली को 5 विकेट से यादगार जीत दिला दी। राजस्थान की ओर से: जोफ्रा आर्चर ने 2 विकेट बृजेश शर्मा ने 2 विकेट लिए। प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक इस जीत के बाद दिल्ली कैपिटल्स ने प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है। वहीं राजस्थान रॉयल्स के लिए अब हर मुकाबला फाइनल जैसा हो गया है। आने वाले मैच तय करेंगे कि कौन सी टीम अंतिम चार में जगह बना पाएगी।
Indian Premier League में प्लेऑफ की रेस के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की जंग भी बेहद दिलचस्प होती जा रही है। Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के बाद ऑरेंज कैप की सूची में एक स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। हालांकि राहुल इस मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके और सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनके कुल रन 477 हो गए हैं। उन्होंने इस सीजन 12 पारियों में 177.98 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। ऑरेंज कैप की रेस में कांटे की टक्कर KL Rahul अब ऑरेंज कैप की दौड़ में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं, लेकिन उनकी यह स्थिति ज्यादा सुरक्षित नहीं मानी जा रही। Sunrisers Hyderabad के विस्फोटक बल्लेबाज Abhishek Sharma 475 रन के साथ बेहद करीब हैं, जबकि Gujarat Titans के कप्तान Shubman Gill 462 रन के साथ पीछे चल रहे हैं। ऑरेंज कैप फिलहाल Heinrich Klaasen के पास है। Sunrisers Hyderabad के इस बल्लेबाज ने 11 पारियों में 494 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का रहा है। Orange Cap टॉप बल्लेबाज स्थान खिलाड़ी टीम रन पारी स्ट्राइक रेट 1 Heinrich Klaasen सनराइजर्स हैदराबाद 494 11 157.32 2 KL Rahul दिल्ली कैपिटल्स 477 12 177.98 3 Abhishek Sharma सनराइजर्स हैदराबाद 475 11 - 4 Shubman Gill गुजरात टाइटंस 462 11 - पर्पल कैप में भुवनेश्वर कुमार का जलवा गेंदबाजी में Bhuvneshwar Kumar ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज ने Mumbai Indians के खिलाफ 23 रन देकर 4 विकेट झटके और पर्पल कैप की दौड़ में अपनी बढ़त मजबूत कर ली। 36 साल के भुवनेश्वर इस सीजन लगातार शानदार लय में नजर आ रहे हैं। यह इस सीजन उनका छठा तीन विकेट हॉल था और पहली बार उन्होंने चार विकेट लेने का कारनामा किया। अब उनके नाम 21 विकेट हो चुके हैं। पर्पल कैप की रेस भी बेहद दिलचस्प Kagiso Rabada 18 विकेट के साथ भुवनेश्वर के पीछे बने हुए हैं। वहीं Anshul Kamboj ने Chennai Super Kings के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 19 विकेट पूरे कर लिए हैं और कुछ समय के लिए वह शीर्ष पर भी पहुंच गए थे। सीजन के आखिरी चरण में अब बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच यह मुकाबला और रोमांचक होने वाला है।
Delhi Capitals vs Kolkata Knight Riders मुकाबले के बाद Orange और Purple Cap की रेस में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन शनिवार को Rajasthan Royals और Gujarat Titans के बीच होने वाला मुकाबला तस्वीर बदल सकता है। दिल्ली पर आसान जीत के बाद Kolkata Knight Riders के खिलाड़ियों ने जरूर असर डाला, लेकिन अब सबसे ज्यादा नजरें उन खिलाड़ियों पर हैं जो शनिवार रात Orange और Purple Cap की दौड़ को पूरी तरह पलट सकते हैं। Orange Cap की रेस में कौन आगे? रनों की सूची में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। KL Rahul ने 23 रन की पारी खेलकर अपना कुल स्कोर 468 तक पहुंचा दिया है और वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Abhishek Sharma 475 रन के साथ दूसरे और Heinrich Klaasen 494 रन के साथ Orange Cap की रेस में शीर्ष पर हैं। अब सबकी नजरें Vaibhav Sooryavanshi पर होंगी, जिन्होंने इस सीजन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 404 रन बना लिए हैं और फिलहाल पांचवें स्थान पर हैं। इसके अलावा B Sai Sudharsan 385 रन के साथ सातवें और Shubman Gill 378 रन के साथ दसवें नंबर पर मौजूद हैं। अगर शनिवार के मैच में बड़ा स्कोर बनता है तो Orange Cap की टेबल में बड़ा बदलाव संभव है। Purple Cap की रेस में बढ़ा रोमांच Kartik Tyagi लगातार विकेट लेकर चर्चा में हैं। Kolkata Knight Riders के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले चार मैचों में 8 विकेट झटके हैं। दिल्ली के खिलाफ भी उन्होंने दो विकेट लिए, जिससे उनका कुल विकेट आंकड़ा 13 पहुंच गया। हालांकि Purple Cap की टॉप-5 सूची फिलहाल जस की तस बनी हुई है। Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Prince Yadav – 16 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट आज की रात बदल सकती है Purple Cap की तस्वीर शनिवार को सबसे ज्यादा नजरें Kagiso Rabada और Jofra Archer पर रहेंगी। रबाडा ने पिछले छह मैचों में 12 विकेट लेकर शानदार फॉर्म दिखाई है। अगर वह इसी लय को जारी रखते हैं, तो शनिवार रात तक Purple Cap उनके सिर पर हो सकती है। दूसरी ओर Jofra Archer 15 विकेट के साथ टॉप खिलाड़ियों के बेहद करीब हैं। सिर्फ दो विकेट उन्हें शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकते हैं। पावरप्ले में रबाडा और आर्चर की गेंदबाजी इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकती है।
Indian Premier League 2026 में हर मुकाबले के साथ Orange Cap और Purple Cap की रेस और रोमांचक होती जा रही है। Sunrisers Hyderabad की Punjab Kings पर 33 रन की जीत के बाद बल्लेबाजों और गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हैदराबाद की जीत के साथ टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गई, जबकि उसके स्टार बल्लेबाजों ने Orange Cap की रेस में भी दबदबा बना लिया। Orange Cap की रेस में क्लासेन नंबर-1 Heinrich Klaasen इस सीजन लगातार शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। पंजाब के खिलाफ उन्होंने 69 रन की दमदार पारी खेली, जो इस सीजन उनका पांचवां अर्धशतक रहा। इसी के साथ क्लासेन 494 रनों के साथ Orange Cap लिस्ट में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का है, जो दिखाता है कि वह SRH के मिडिल ऑर्डर की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर कायम Abhishek Sharma ने पंजाब के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में 35 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। वह अब 475 रनों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। पूरे सीजन में अभिषेक और क्लासेन लगातार टॉप-3 बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं और SRH की सफलता में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ईशान किशन ने लगाई लंबी छलांग Ishan Kishan ने 32 गेंदों में 55 रन की विस्फोटक पारी खेली और अब 409 रनों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। तीसरे नंबर पर KL Rahul बने हुए हैं, जिनके नाम 445 रन हैं। हालांकि पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। 400 रन क्लब में शामिल ये बल्लेबाज इस सीजन अब तक कई बल्लेबाज 400 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं– Vaibhav Suryavanshi – 404 रन Sanju Samson – 402 रन वहीं पंजाब किंग्स के लिए शानदार फॉर्म में चल रहे Cooper Connolly ने SRH के खिलाफ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। इस शतक के बाद वह 377 रनों के साथ 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। Purple Cap की रेस भी हुई रोमांचक गेंदबाजों की सूची में टॉप-5 नामों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन Eshan Malinga ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Purple Cap की रेस को और दिलचस्प बना दिया है। पंजाब के कप्तान Shreyas Iyer का विकेट लेने के बाद मलिंगा के अब 16 विकेट हो गए हैं। वह विकेटों के मामले में Kagiso Rabada की बराबरी पर पहुंच गए हैं, हालांकि इकॉनमी रेट के कारण पीछे हैं। Purple Cap टॉप-5 Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट Jofra Archer – 15 विकेट IPL 2026 जैसे-जैसे प्लेऑफ की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे Orange Cap और Purple Cap की रेस और भी रोमांचक होती जा रही है।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Delhi Capitals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Rajasthan Royals को 7 विकेट से हराकर जोरदार जीत दर्ज की। मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन अंत में दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी ने राजस्थान के बड़े स्कोर को भी बौना साबित कर दिया। दिल्ली की आक्रामक शुरुआत ने तय किया मैच 225 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को KL Rahul (75 रन) और Pathum Nissanka (62 रन) ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों की संयमित और आक्रामक पारी ने मैच का रुख शुरू में ही दिल्ली की ओर मोड़ दिया। टीम ने लक्ष्य को 5 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया, जो उनकी बल्लेबाजी की मजबूती को दर्शाता है। रियान पराग की कप्तानी पारी गई बेकार इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 6 विकेट के नुकसान पर 225 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान Riyan Parag ने शानदार 90 रन की पारी खेली, जबकि अंत में Donovan Ferreira ने सिर्फ 14 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। हार के बाद भावुक हुए पराग मैच के बाद रियान पराग काफी भावुक नजर आए। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने स्वीकार किया कि टीम मिडिल ओवर्स में बेहतर गेंदबाजी कर सकती थी। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि यह एक अच्छा स्कोर है, करीब 200 का स्कोर पर्याप्त होता है, लेकिन हम उसे बचा नहीं सके।” चोट पर भी दिया अपडेट पराग मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए थे। उन्होंने बताया कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और वह एक हफ्ते के ब्रेक के बाद वापसी कर सकते हैं। आलोचकों को दिया जवाब अपनी पारी पर बोलते हुए पराग ने कहा कि उन्हें आलोचकों को जवाब देने की जरूरत नहीं है, लेकिन टीम की हार उन्हें सबसे ज्यादा खल रही है।
आईपीएल 2026 में रविवार का दिन गेंदबाजों के नाम रहा, जहां दो मुकाबलों में कुल 26 विकेट गिरे और गेंदबाजों ने मैच पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा। इस शानदार प्रदर्शन के बीच Kagiso Rabada ने पर्पल कैप की दौड़ में बड़ी छलांग लगाई। रबाडा का शानदार स्पेल, GT को दिलाई जीत Gujarat Titans के तेज गेंदबाज रबाडा ने Chennai Super Kings के खिलाफ 4 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट झटके। उनकी तेज रफ्तार (145 किमी/घंटा) और अतिरिक्त बाउंस ने बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। चेन्नई के चेपॉक में पिच पर मौजूद नमी का उन्होंने पूरा फायदा उठाया और विपक्षी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। इस प्रदर्शन के बाद रबाडा अब 8 पारियों में 13 विकेट के साथ पर्पल कैप लिस्ट में संयुक्त तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे Anshul Kamboj और Eshan Malinga हैं, जिनके नाम 14-14 विकेट दर्ज हैं। ऑरेंज कैप की रेस में जबरदस्त उतार-चढ़ाव जहां गेंदबाजों ने चमक बिखेरी, वहीं बल्लेबाजी रैंकिंग में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिला। Virat Kohli, जो पहले नंबर पर थे, एक ही दिन में पांचवें स्थान पर खिसक गए। दिल्ली में KL Rahul ने नाबाद 152 रन की पारी खेलकर टॉप पोजिशन हासिल की, लेकिन उनकी बादशाहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई। जयपुर में युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi ने सिर्फ 37 गेंदों में 103 रन बनाकर बराबरी कर ली और बेहतर स्ट्राइक रेट के चलते ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। इसके कुछ ही देर बाद Abhishek Sharma ने 29 गेंदों में 57 रन बनाकर 380 रन के साथ टॉप पोजिशन पर कब्जा कर लिया। वहीं Heinrich Klaasen (349 रन), Shubman Gill (330 रन) और कोहली (328 रन) टॉप-5 में बने हुए हैं। मुकाबला अब और दिलचस्प आईपीएल 2026 में पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस लगातार रोमांचक होती जा रही है। गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों ही अपनी-अपनी कैटेगरी में टॉप पर पहुंचने के लिए जोर लगा रहे हैं, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच और बढ़ गया है।
आईपीएल 2026 के बेहद रोमांचक मुकाबले में Delhi Capitals को Gujarat Titans के खिलाफ सिर्फ 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह मैच आखिरी गेंद तक गया, लेकिन अंत में एक छोटी सी गलती ने दिल्ली से जीत छीन ली। इस हार के केंद्र में रहे David Miller, जिनके ‘ब्रेन फेड’ फैसले ने मैच का रुख बदल दिया। आखिरी पलों में क्या हुई चूक? दिल्ली को जीत के लिए अंतिम दो गेंदों पर सिर्फ 2 रन चाहिए थे। ऐसे में प्रसिद्ध कृष्णा की दूसरी आखिरी गेंद पर मिलर के पास सिंगल लेने का मौका था, जिससे स्कोर बराबर हो सकता था और मैच सुपर ओवर में जा सकता था। लेकिन मिलर ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में सिंगल लेने से इनकार कर दिया। आखिरी गेंद पर भी वह बड़ा शॉट नहीं लगा पाए और दबाव में चूक गए। इसके बाद रन लेने की कोशिश में Kuldeep Yadav रन आउट हो गए, जहां Jos Buttler ने विकेट के पीछे शानदार भूमिका निभाई। इस तरह दिल्ली की टीम जीत के बेहद करीब पहुंचकर भी हार गई। राहुल की पारी गई बेकार इस मैच में KL Rahul ने 52 गेंदों में 92 रनों की शानदार पारी खेली थी, जबकि Pathum Nissanka ने 41 रन बनाकर अच्छी शुरुआत दिलाई। वहीं मिलर ने भी 40+ की उपयोगी पारी खेली, लेकिन अंत का एक फैसला भारी पड़ गया। गुजरात की दमदार बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात के कप्तान Shubman Gill ने 70 रन की शानदार पारी खेली। उनके अलावा Jos Buttler (52 रन) और Washington Sundar (55 रन) ने टीम को 210 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। क्रिकेट में एक छोटी सी गलती भी मैच का नतीजा बदल सकती है और इस मुकाबले में वही देखने को मिला। डेविड मिलर का यह फैसला लंबे समय तक चर्चा में रहेगा और दिल्ली के लिए यह हार एक बड़ा सबक बन सकती है।
आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में भले ही दिल्ली को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन KL Rahul ने अपनी शानदार बल्लेबाज़ी से इतिहास रच दिया। गुजरात के खिलाफ खेले गए इस मैच में राहुल ने 92 रनों की दमदार पारी खेलते हुए एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया, जिसने Virat Kohli को पीछे छोड़ दिया। दरअसल, राहुल अब आईपीएल इतिहास में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा बार एक पारी में 4 या उससे अधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 18 बार किया है, जबकि कोहली 17 बार ऐसा कर पाए हैं। इस सूची में Shubman Gill (11 बार) और Virender Sehwag (10 बार) भी शामिल हैं। 92 रनों की विस्फोटक पारी राहुल ने 52 गेंदों में 11 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 92 रन बनाए। उन्होंने Pathum Nissanka के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 76 रन की मजबूत साझेदारी की। निसांका ने भी 24 गेंदों में 41 रन की तेज पारी खेली। हालांकि, राहुल अपने शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए और 17वें ओवर में Mohammed Siraj की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद मैच में दिल्ली की उम्मीदें काफी हद तक कमजोर हो गईं। 1 रन से हार, लेकिन दिल जीत लिया 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम आखिरी ओवर तक मुकाबले में बनी रही। David Miller ने 20 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया, लेकिन अंत में टीम 1 रन से मुकाबला हार गई। आखिरी ओवर में 13 रन की जरूरत थी, लेकिन नाटकीय अंत में कुलदीप यादव रन आउट हो गए और दिल्ली की जीत की उम्मीद टूट गई। भले ही मैच का नतीजा दिल्ली के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन केएल राहुल की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उनका यह रिकॉर्ड आईपीएल इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।
आईपीएल 2026 के 14वें मुकाबले में Delhi Capitals और Gujarat Titans आमने-सामने होंगे, लेकिन इस हाई-वोल्टेज मैच से पहले सबसे बड़ा सवाल मौसम को लेकर है। हाल ही में बारिश के कारण कई मुकाबले प्रभावित हुए हैं, ऐसे में फैंस की नजरें अब दिल्ली के आसमान पर टिकी हैं। यह मुकाबला Arun Jaitley Stadium में खेला जाएगा, जहां बीती रात तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार दोपहर 1 बजे के आसपास बारिश की संभावना करीब 47% तक पहुंच सकती है, खासकर 1 से 3 बजे के बीच हल्की से मध्यम बारिश की आशंका जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि शाम के समय मौसम के साफ रहने की उम्मीद है। मैच के दौरान बारिश की संभावना काफी कम बताई जा रही है, लेकिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। तापमान 17 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। दिल्ली की नजरें जीत की हैट्रिक पर Delhi Capitals इस मैच में जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से उतरेगी। टीम के लिए समीर रिजवी शानदार फॉर्म में हैं, जबकि KL Rahul और नीतीश राणा की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। गेंदबाजी में मुकेश कुमार और कुलदीप यादव ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। गुजरात को पहली जीत की तलाश दूसरी ओर Gujarat Titans इस सीजन में अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाई है। टीम को अपने कप्तान Shubman Gill की वापसी से मजबूती मिलने की उम्मीद है। साई सुदर्शन ने बल्ले से प्रभावित किया है, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिल पाया। गेंदबाजी में राशिद खान और मोहम्मद सिराज जैसे बड़े नाम अब तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं, जिससे टीम दबाव में है। क्या पूरा मैच होगा? मौसम के मौजूदा पूर्वानुमान को देखें तो फैंस को पूरा 20 ओवर का मैच देखने को मिल सकता है। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए हल्की देरी या बाधा से इनकार नहीं किया जा सकता।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।