स्पोर्ट्स

Archer Climbs, Rahul Enters Top 5 in IPL 2026 Cap Race

IPL 2026: पर्पल कैप की रेस में बड़ा उलटफेर, जोफ्रा आर्चर पहुंचे तीसरे नंबर पर; ऑरेंज कैप लिस्ट में केएल राहुल की एंट्री

surbhi मई 25, 2026 0
Jofra Archer celebrates wicket as IPL 2026 Purple and Orange Cap race intensifies
IPL 2026 Purple Cap Race Jofra Archer

Indian Premier League के लीग स्टेज के खत्म होते ही पर्पल कैप और ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। प्लेऑफ से पहले खिलाड़ियों के बीच रन और विकेट की जंग तेज हो चुकी है। रविवार को खेले गए मुकाबलों के बाद दोनों लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला।

जोफ्रा आर्चर ने पर्पल कैप रेस में लगाई लंबी छलांग

Jofra Archer ने Mumbai Indians के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इस दमदार प्रदर्शन के बाद Rajasthan Royals के स्टार तेज गेंदबाज पर्पल कैप की रेस में सीधे तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।

आर्चर अब इस सीजन 14 मैचों में 21 विकेट ले चुके हैं। उन्होंने Anshul Kamboj को पीछे छोड़ते हुए टॉप-3 में जगह बनाई।

पर्पल कैप पर अब भी भुवनेश्वर कुमार का कब्जा

Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar अभी भी पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। उन्होंने 14 मैचों में 24 विकेट झटके हैं।

वहीं Gujarat Titans के Kagiso Rabada भी 24 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। विकेटों की संख्या बराबर होने के बावजूद इकॉनमी और औसत के आधार पर भुवनेश्वर आगे हैं।

IPL 2026 Purple Cap Top 5

  1. Bhuvneshwar Kumar – 24 विकेट
  2. Kagiso Rabada – 24 विकेट
  3. Jofra Archer – 21 विकेट
  4. Anshul Kamboj – 20 विकेट
  5. Rashid Khan – 19 विकेट

ऑरेंज कैप में साई सुदर्शन सबसे आगे

ऑरेंज कैप फिलहाल Sai Sudharsan के पास है। Gujarat Titans के इस युवा बल्लेबाज ने 14 मैचों में 638 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157 का रहा है।

उनके साथ ओपनिंग करने वाले कप्तान Shubman Gill भी शानदार फॉर्म में हैं और 616 रन बनाकर दूसरे नंबर पर मौजूद हैं।

केएल राहुल की टॉप-5 में एंट्री

Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने Kolkata Knight Riders के खिलाफ 60 रनों की शानदार पारी खेली। इस प्रदर्शन के बाद राहुल ऑरेंज कैप की रेस में चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं।

वहीं Sunrisers Hyderabad के Heinrich Klaasen 606 रनों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

IPL 2026 Orange Cap Top 5

  1. Sai Sudharsan – 638 रन
  2. Shubman Gill – 616 रन
  3. Heinrich Klaasen – 606 रन
  4. KL Rahul – 593 रन
  5. Vaibhav Suryavanshi – 583 रन

प्लेऑफ में और रोमांचक होगी रेस

अब जबकि लीग स्टेज खत्म हो चुका है, प्लेऑफ मुकाबलों में पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस और दिलचस्प होने वाली है। खासकर भुवनेश्वर कुमार, रबाडा, साई सुदर्शन और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

स्पोर्ट्स

View more
Hemang Badani reacts after Delhi Capitals miss IPL 2026 playoffs despite strong start
IPL 2026: “हमने मौके गंवा दिए” - दिल्ली कैपिटल्स के खराब सीजन पर हेमंग बदानी का बड़ा बयान

Delhi Capitals का Indian Premier League में सफर एक बार फिर प्लेऑफ से पहले खत्म हो गया। लगातार पांचवें सीजन टीम टॉप-4 में जगह बनाने में नाकाम रही। इस बार टीम ने शुरुआत तो शानदार की थी, लेकिन पूरे सीजन में छोटे-छोटे मौकों को भुनाने में असफल रहने का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। सीजन खत्म होने के बाद दिल्ली कैपिटल्स के कोच Hemang Badani ने माना कि टीम कई ऐसे मैच हार गई, जिन्हें आसानी से जीता जा सकता था। “कई मैच हमारे हाथ में थे” KKR के खिलाफ आखिरी मैच जीतने के बाद बदानी ने कहा कि टीम ने कई अहम मौकों पर गलतियां कीं। उनके मुताबिक: Gujarat Titans के खिलाफ टीम सिर्फ 1 रन से हार गई Punjab Kings के खिलाफ 264 रन का विशाल स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई Chennai Super Kings और Sunrisers Hyderabad के खिलाफ महत्वपूर्ण कैच छोड़े गए बदानी ने कहा कि यही छोटी गलतियां आखिरकार टीम को प्लेऑफ से दूर ले गईं। विकेट लेने में रही बड़ी परेशानी दिल्ली कैपिटल्स ने पूरे सीजन में 14 मैचों में सिर्फ 64 विकेट लिए, जो लीग की सबसे खराब गेंदबाजी परफॉर्मेंस में शामिल रहा। Mitchell Starc का शुरुआती नौ मैचों में उपलब्ध न होना भी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। स्टार्क ने सिर्फ 6 मैच खेले और 11 विकेट लिए। हालांकि बदानी ने साफ कहा कि सिर्फ स्टार्क की गैरमौजूदगी को बहाना नहीं बनाया जा सकता। उनके अनुसार: “हमारे पास मौके थे, लेकिन हम उन छोटे अंतर को अपने पक्ष में नहीं बदल सके। आईपीएल छोटे मार्जिन का खेल है।” अक्षर पटेल ने कप्तानी को लेकर कही बड़ी बात टीम के कप्तान Axar Patel ने भी माना कि टीम लगातार संघर्ष करती रही, लेकिन अंत तक लड़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि कप्तानी के दौरान सबसे बड़ा सबक उन्हें मानसिक संतुलन बनाए रखने का मिला। अक्षर पटेल ने कहा: कप्तान के तौर पर खुद का शांत रहना बेहद जरूरी है निराशा में लिए गए फैसले टीम पर गलत असर डाल सकते हैं पहले खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखना जरूरी है IPL 2026 में अक्षर पटेल का प्रदर्शन: 13 पारियां बल्लेबाजी औसत 20 से कम 11 विकेट दिल्ली कैपिटल्स के लिए आगे क्या? अब अगले सीजन से पहले फ्रेंचाइजी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले दो वर्षों के लिए टीम का संचालन फिर से JSW Sports के हाथों में जाएगा, जबकि पिछले समय में कंट्रोल GMR Sports के पास था। दिल्ली कैपिटल्स के लिए IPL 2026 एक बार फिर “क्या होता अगर…” वाला सीजन बनकर रह गया। टीम में चेहरे बदल सकते हैं, लेकिन सवाल अब भी वही बने हुए हैं। कुछ अहम मौकों पर हार, कमजोर गेंदबाजी और दबाव में गलत फैसले - यही इस सीजन की सबसे बड़ी कहानी रही।  

surbhi मई 25, 2026 0
French Open 2026

French Open 2026: नोवाक जोकोविच ने तोड़ा रोजर फेडरर का रिकॉर्ड , रचा इतिहास

Aaron Finch discusses potential KKR releases ahead of IPL 2027 auction strategy

IPL 2026: KKR से रिलीज हो सकते हैं ये बड़े खिलाड़ी? आरोन फिंच ने बताए 2 चौंकाने वाले नाम

Jofra Archer celebrates wicket as IPL 2026 Purple and Orange Cap race intensifies

IPL 2026: पर्पल कैप की रेस में बड़ा उलटफेर, जोफ्रा आर्चर पहुंचे तीसरे नंबर पर; ऑरेंज कैप लिस्ट में केएल राहुल की एंट्री

Virat Kohli and Travis Head during post-match handshake line after SRH vs RCB IPL 2026 clash
SRH vs RCB: ट्रेविस हेड से हाथ मिलाए बिना आगे बढ़े विराट कोहली, वीडियो हुआ वायरल

Indian Premier League 2026 में शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने Royal Challengers Bengaluru को 55 रन से हराया। लेकिन मैच खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा Virat Kohli और Travis Head के बीच हुए एक पल की हो रही है। मैच के बाद जब दोनों टीमों के खिलाड़ी पारंपरिक हैंडशेक के लिए लाइन में खड़े थे, तब विराट कोहली ने Pat Cummins और Abhishek Sharma से हाथ मिलाया, लेकिन ट्रेविस हेड को नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ गए। उस समय हेड ने हाथ बढ़ाया हुआ था, लेकिन कोहली बिना प्रतिक्रिया दिए अगले खिलाड़ी की ओर बढ़ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मैच के दौरान भी हुई थी बहस आरसीबी की बल्लेबाजी के दौरान Virat Kohli और Travis Head के बीच मैदान पर कुछ बातचीत और बहस होती दिखाई दी थी। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया कि दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव किस बात को लेकर हुआ। 255 रन के लक्ष्य के सामने संघर्ष करती दिखी RCB Sunrisers Hyderabad ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/4 का बड़ा स्कोर बनाया था। जवाब में Royal Challengers Bengaluru की टीम 200/4 तक ही पहुंच सकी। RCB को टॉप-2 में जगह पक्की करने के लिए कम से कम 166 रन बनाने थे, जबकि पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए 178 रन जरूरी थे। टीम ने जीत से ज्यादा नेट रन रेट और टॉप-2 पर फोकस किया, लेकिन लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। ओपनिंग करने उतरे Virat Kohli ने 11 गेंदों में सिर्फ 15 रन बनाए और Sakib Hussain की गेंद पर आउट हो गए। अब क्वालिफायर-1 में भिड़ेगी RCB हार के बावजूद Royal Challengers Bengaluru ने प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर लिया है। अब टीम 26 मई को धर्मशाला में क्वालिफायर-1 में Gujarat Titans का सामना करेगी। वहीं Sunrisers Hyderabad तीसरे स्थान पर रही और 27 मई को न्यू चंडीगढ़ में एलिमिनेटर मुकाबला खेलेगी। चौथे प्लेऑफ स्थान के लिए Rajasthan Royals, Punjab Kings, Kolkata Knight Riders और Delhi Capitals के बीच मुकाबला जारी है।  

surbhi मई 23, 2026 0
Sakib Hussain celebrates after dismissing Virat Kohli during IPL 2026 match between SRH and RCB

विराट कोहली का विकेट लेने के बाद क्या बोले साकिब हुसैन? बयान हुआ वायरल

IPL- 2026

IPL में हाई वोल्टेज ड्रामा, विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच दिखी तीखी बहस

Punjab Kings players prepare for crucial IPL 2026 clash against Lucknow Super Giants in Lucknow

IPL 2026: पंजाब किंग्स के लिए आज प्लेऑफ का बड़ा इम्तिहान, लखनऊ के खिलाफ रिकॉर्ड मजबूत

Hockey World Cup Japan
जापान में दिखेगा झारखंड का दम, भारतीय महिला U-18 हॉकी टीम में 6 बेटियों का चयन

रांची। झारखंड की बेटियों ने एक बार फिर भारतीय हॉकी में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। हॉकी इंडिया द्वारा जापान के काकामिगाहारा में 29 मई से 6 जून तक आयोजित होने वाले महिला अंडर-18 एशिया कप के लिए घोषित भारतीय टीम में झारखंड की 6 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इस उपलब्धि से पूरे राज्य में खुशी और गर्व का माहौल है।   भारतीय टीम में चयनित खिलाड़ियों में मिडफील्डर पुष्पा मांझी और श्रुति कुमारी, फॉरवर्ड संदीपा कुमारी, डिफेंडर सुगन सांगा और नीलम टोपनो, तथा गोलकीपर खिल्ली कुमारी शामिल हैं। सभी खिलाड़ी झारखंड सरकार द्वारा संचालित खेल प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। इन खिलाड़ियों ने पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय सब-जूनियर हॉकी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा साबित की है।   भोपाल में चला विशेष प्रशिक्षण शिविर एशिया कप की तैयारी के लिए भारतीय महिला U-18 टीम ने भोपाल में एक महीने का विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया था। यहां खिलाड़ियों ने फिटनेस, रणनीति और टीम संयोजन पर विशेष अभ्यास किया। टीम को पूर्व भारतीय कप्तान और स्टार खिलाड़ी Rani Rampal का मार्गदर्शन भी मिला। तैयारी के तहत भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की अभ्यास सीरीज भी खेली।   30 मई को मलेशिया से पहला मुकाबला भारत को प्रतियोगिता के पूल-A में रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 30 मई को मलेशिया के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद टीम कोरिया और सिंगापुर से भिड़ेगी। टीम की कप्तानी स्वीटी कुजूर को सौंपी गई है। हॉकी झारखंड के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि झारखंड की बेटियां जापान में शानदार प्रदर्शन कर देश और राज्य का नाम रोशन करेंगी।

Anjali Kumari मई 23, 2026 0
IPL 2026 updates

हारकर भी बेंगलुरु टॉप पर, गुजरात के खिलाफ क्वालिफायर-1 खेलेगी, हैदराबाद 55 रन से जीती

Ipl 2026

Ipl 2026: आज तय होगा क्वालीफायर-1 का गणित, SRH और RCB आमने-सामने

Sai Sudharsan and Kagiso Rabada lead IPL 2026 Orange and Purple Cap race after Gujarat Titans win

IPL 2026 Orange-Purple Cap Race: साई सुदर्शन फिर बने नंबर-1, रबाडा ने भुवनेश्वर की बराबरी की

0 Comments