आईपीएल 2026 में भले ही Rajasthan Royals का सफर क्वालिफायर-2 में समाप्त हो गया हो, लेकिन युवा सनसनी Vaibhav Sooryavanshi ने पूरे सीजन में अपने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया कि ऑरेंज कैप की दौड़ में सभी को पीछे छोड़ दिया। गुजरात टाइटंस के खिलाफ 47 गेंदों में 96 रन की विस्फोटक पारी खेलने के बाद वैभव ने अपना सीजन 776 रनों के साथ समाप्त किया। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जो इस सीजन के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में उनकी पहचान को और मजबूत करता है। 100 से चूके, लेकिन रिकॉर्ड बना गए क्वालिफायर-2 में वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर धमाकेदार बल्लेबाजी की। पिछले मैच में वह 97 रन पर आउट होकर सबसे तेज आईपीएल शतक का रिकॉर्ड बनाने से चूक गए थे, जबकि इस बार 96 रन बनाकर शतक से सिर्फ चार रन दूर रह गए। इसके बावजूद उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में मजबूत बढ़त बना ली। शुभमन गिल ने बढ़ाया रोमांच Shubman Gill ने भी बड़े मैच में कप्तानी पारी खेलते हुए 53 गेंदों में 104 रन बनाए और गुजरात टाइटंस को फाइनल में पहुंचा दिया। इस शतक के बाद गिल के कुल रन 722 हो गए हैं। वह अब वैभव से सिर्फ 54 रन पीछे हैं और उनके पास फाइनल मुकाबले में यह अंतर खत्म करने का मौका होगा। अगर गिल फाइनल में 55 या उससे ज्यादा रन बना लेते हैं, तो वे ऑरेंज कैप अपने नाम कर सकते हैं। साई सुदर्शन भी दौड़ में बरकरार B Sai Sudharsan भी ऑरेंज कैप की रेस से बाहर नहीं हुए हैं। उन्होंने क्वालिफायर-2 में 32 गेंदों पर 58 रन बनाए और गिल के साथ पहले विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी की। इस पारी के बाद उनके कुल रन 710 हो गए हैं। फाइनल में बड़ी पारी खेलकर वह भी ऑरेंज कैप जीतने की दौड़ में बने हुए हैं। ऑरेंज कैप टॉप दावेदार Vaibhav Sooryavanshi – 776 रन (सीजन समाप्त) Shubman Gill – 722 रन B Sai Sudharsan – 710 रन Virat Kohli – 600 रन फाइनल में गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों के पास वैभव का रिकॉर्ड तोड़ने का आखिरी मौका होगा। पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव जहां ऑरेंज कैप की रेस रोमांचक बनी हुई है, वहीं पर्पल कैप की सूची में नया नंबर-1 मिल गया है। Kagiso Rabada ने राजस्थान के खिलाफ दो विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम कर ली। रबाडा ने: ध्रुव जुरेल का विकेट लिया वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी का अंत किया इन दो विकेटों के साथ उनके विकेटों की संख्या 28 हो गई। भुवनेश्वर कुमार पीछे हुए Bhuvneshwar Kumar अब 26 विकेटों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि फाइनल मुकाबले में रबाडा और भुवनेश्वर आमने-सामने होंगे, जिससे पर्पल कैप की लड़ाई भी आखिरी मैच तक जारी रहेगी। जोफ्रा आर्चर ने भी छोड़ी छाप Jofra Archer ने क्वालिफायर-2 में एक विकेट लिया और 25 विकेटों के साथ सीजन समाप्त किया। वह पर्पल कैप सूची में तीसरे स्थान पर रहे। फाइनल में दांव पर होंगे दो बड़े अवॉर्ड अब आईपीएल 2026 के फाइनल में Gujarat Titans और Royal Challengers Bengaluru आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले में सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि: ऑरेंज कैप पर्पल कैप दोनों पुरस्कारों की तस्वीर भी साफ होगी। फिलहाल वैभव सूर्यवंशी ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन शुभमन गिल और साई सुदर्शन के पास इतिहास बदलने का आखिरी मौका मौजूद है।
Indian Premier League के लीग स्टेज के खत्म होते ही पर्पल कैप और ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। प्लेऑफ से पहले खिलाड़ियों के बीच रन और विकेट की जंग तेज हो चुकी है। रविवार को खेले गए मुकाबलों के बाद दोनों लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जोफ्रा आर्चर ने पर्पल कैप रेस में लगाई लंबी छलांग Jofra Archer ने Mumbai Indians के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इस दमदार प्रदर्शन के बाद Rajasthan Royals के स्टार तेज गेंदबाज पर्पल कैप की रेस में सीधे तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। आर्चर अब इस सीजन 14 मैचों में 21 विकेट ले चुके हैं। उन्होंने Anshul Kamboj को पीछे छोड़ते हुए टॉप-3 में जगह बनाई। पर्पल कैप पर अब भी भुवनेश्वर कुमार का कब्जा Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar अभी भी पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। उन्होंने 14 मैचों में 24 विकेट झटके हैं। वहीं Gujarat Titans के Kagiso Rabada भी 24 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। विकेटों की संख्या बराबर होने के बावजूद इकॉनमी और औसत के आधार पर भुवनेश्वर आगे हैं। IPL 2026 Purple Cap Top 5 Bhuvneshwar Kumar – 24 विकेट Kagiso Rabada – 24 विकेट Jofra Archer – 21 विकेट Anshul Kamboj – 20 विकेट Rashid Khan – 19 विकेट ऑरेंज कैप में साई सुदर्शन सबसे आगे ऑरेंज कैप फिलहाल Sai Sudharsan के पास है। Gujarat Titans के इस युवा बल्लेबाज ने 14 मैचों में 638 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157 का रहा है। उनके साथ ओपनिंग करने वाले कप्तान Shubman Gill भी शानदार फॉर्म में हैं और 616 रन बनाकर दूसरे नंबर पर मौजूद हैं। केएल राहुल की टॉप-5 में एंट्री Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने Kolkata Knight Riders के खिलाफ 60 रनों की शानदार पारी खेली। इस प्रदर्शन के बाद राहुल ऑरेंज कैप की रेस में चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। वहीं Sunrisers Hyderabad के Heinrich Klaasen 606 रनों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। IPL 2026 Orange Cap Top 5 Sai Sudharsan – 638 रन Shubman Gill – 616 रन Heinrich Klaasen – 606 रन KL Rahul – 593 रन Vaibhav Suryavanshi – 583 रन प्लेऑफ में और रोमांचक होगी रेस अब जबकि लीग स्टेज खत्म हो चुका है, प्लेऑफ मुकाबलों में पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस और दिलचस्प होने वाली है। खासकर भुवनेश्वर कुमार, रबाडा, साई सुदर्शन और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
Indian Premier League 2026 में प्लेऑफ की जंग जितनी रोमांचक होती जा रही है, उतनी ही दिलचस्प ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस भी हो गई है। गुरुवार को Gujarat Titans ने Chennai Super Kings को 89 रन से हराकर सिर्फ प्लेऑफ की अपनी स्थिति मजबूत नहीं की, बल्कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों लीडरबोर्ड पर कब्जा भी जमा लिया। ऑरेंज कैप की रेस में गुजरात टाइटंस का दबदबा Shubman Gill और Sai Sudharsan ने CSK के खिलाफ शानदार ओपनिंग साझेदारी करते हुए ऑरेंज कैप की रेस को और रोमांचक बना दिया। मैच से पहले: साई सुदर्शन – 554 रन शुभमन गिल – 552 रन मैच के दौरान गिल ने 37 गेंदों में 64 रन बनाकर कुछ देर के लिए ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। लेकिन बाद में साई सुदर्शन ने 53 गेंदों में 84 रन की शानदार पारी खेलकर फिर नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया। IPL 2026 ऑरेंज कैप टॉप-5 Sai Sudharsan – 638 रन Shubman Gill – 616 रन Vaibhav Suryavanshi – 579 रन Mitchell Marsh – 563 रन Heinrich Klaasen – 555 रन विराट कोहली और क्लासन पर रहेंगी नजरें शुक्रवार को Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के मुकाबले में ऑरेंज कैप की रेस फिर बदल सकती है। इन बल्लेबाजों पर खास नजर रहेगी: Virat Kohli – 542 रन Heinrich Klaasen – 555 रन Abhishek Sharma – 507 रन Ishan Kishan – 490 रन पर्पल कैप की रेस भी हुई दिलचस्प गेंदबाजी में Kagiso Rabada ने CSK के खिलाफ 3/32 का शानदार स्पेल डालकर पर्पल कैप की रेस में बड़ी छलांग लगाई। अब: Kagiso Rabada – 24 विकेट Bhuvneshwar Kumar – 24 विकेट दोनों बराबरी पर पहुंच गए हैं। हालांकि बेहतर इकॉनमी रेट होने की वजह से पर्पल कैप अभी भी Bhuvneshwar Kumar के पास है। गुजरात के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन CSK के खिलाफ गुजरात के तीन गेंदबाजों ने तीन-तीन विकेट झटके: Mohammed Siraj – 3 विकेट Kagiso Rabada – 3 विकेट Rashid Khan – 3 विकेट इस प्रदर्शन के बाद: Rashid Khan – 19 विकेट के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए Mohammed Siraj – 17 विकेट के साथ टॉप-7 में शामिल हो गए पर्पल कैप टॉप गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar – 24 विकेट Kagiso Rabada – 24 विकेट Anshul Kamboj – 21 विकेट Rashid Khan – 19 विकेट Jofra Archer / Kartik Tyagi – 18 विकेट प्लेऑफ से पहले और रोमांचक होगी रेस अब लीग स्टेज के आखिरी मुकाबलों में: ऑरेंज कैप की रेस में बल्लेबाजों के बीच कांटे की टक्कर होगी पर्पल कैप के लिए गेंदबाजों की जंग और तेज होगी हर मैच के साथ लीडरबोर्ड बदलने की संभावना बनी हुई है।
Chennai Super Kings के लिए आईपीएल 2026 का सीजन बेहद निराशाजनक साबित हुआ। Gujarat Titans के खिलाफ मिली 89 रन की करारी हार के साथ टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। इसके तुरंत बाद Board of Control for Cricket in India ने स्लो ओवर रेट के मामले में कप्तान Ruturaj Gaikwad और पूरी टीम पर भारी जुर्माना लगा दिया। रुतुराज गायकवाड़ पर लगा 24 लाख का जुर्माना बीसीसीआई के अनुसार यह इस सीजन में दूसरा मौका था जब Chennai Super Kings ने स्लो ओवर रेट नियमों का उल्लंघन किया। नियमों के तहत: कप्तान Ruturaj Gaikwad पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया प्लेइंग इलेवन के बाकी खिलाड़ियों और इम्पैक्ट प्लेयर कार्तिक शर्मा पर 6 लाख रुपये या मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया लगातार दूसरी बार नियम टूटने की वजह से सजा और ज्यादा कड़ी हो गई। गुजरात टाइटंस ने खड़ा किया विशाल स्कोर अहमदाबाद में खेले गए मुकाबले में Chennai Super Kings ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन यह दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया। Sai Sudharsan और Shubman Gill ने गुजरात को शानदार शुरुआत दिलाई। साई सुदर्शन – 84 रन शुभमन गिल – 64 रन दोनों ने पहले विकेट के लिए 125 रन की बड़ी साझेदारी की। इसके बाद Jos Buttler ने सिर्फ 27 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाकर टीम को 4 विकेट पर 229 रन तक पहुंचा दिया। CSK की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी 230 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी Chennai Super Kings की शुरुआत बेहद खराब रही। Sanju Samson पहली ही गेंद पर Mohammed Siraj का शिकार बन गए और गोल्डन डक पर आउट हो गए। इसके बाद टीम लगातार विकेट गंवाती रही। मिडिल ऑर्डर में सिर्फ Shivam Dube ने संघर्ष करते हुए: 17 गेंदों में 47 रन की तेज पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। पूरी टीम 13.4 ओवर में सिर्फ 140 रन पर सिमट गई। गुजरात के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन Gujarat Titans की ओर से गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। Mohammed Siraj – 3 विकेट Kagiso Rabada – 3 विकेट Rashid Khan – 3 विकेट तीनों गेंदबाजों ने मिलकर चेन्नई की बल्लेबाजी पूरी तरह ध्वस्त कर दी। CSK के लिए भूलने वाला सीजन पांच बार की चैंपियन Chennai Super Kings के लिए यह सीजन बेहद खराब रहा। टीम न तो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकी और न ही प्लेऑफ तक पहुंच पाई। अब इस हार और जुर्माने के बाद टीम मैनेजमेंट और कप्तानी को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
Gujarat Titans ने आईपीएल 2026 के 56वें मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए Sunrisers Hyderabad को 82 रनों से हराकर अंक तालिका में बड़ा बदलाव कर दिया है। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस अब 16 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर पहुंच गई है और टीम का प्लेऑफ में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं इस हार के बाद सनराइजर्स हैदराबाद को बड़ा नुकसान हुआ है। टीम दूसरे स्थान से खिसककर तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। अब हैदराबाद के 12 मैचों में 7 जीत और 14 अंक हैं। हालांकि टीम के अभी दो मुकाबले बाकी हैं, जिससे प्लेऑफ की उम्मीद बरकरार है। RCB दूसरे और पंजाब चौथे स्थान पर अंक तालिका में फिलहाल दूसरे स्थान पर Royal Challengers Bengaluru की टीम मौजूद है, जिसके 11 मैचों में 14 अंक हैं। वहीं चौथे नंबर पर Punjab Kings की टीम बनी हुई है। इसके अलावा Chennai Super Kings और Rajasthan Royals भी प्लेऑफ की रेस में मजबूती से बनी हुई हैं। IPL 2026 Updated Points Table स्थान टीम मैच जीत हार बेनतीजा अंक नेट रन रेट 1 गुजरात टाइटंस 12 8 4 0 16 +0.551 2 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 11 7 4 0 14 +1.103 3 सनराइजर्स हैदराबाद 12 7 5 0 14 +0.331 4 पंजाब किंग्स 11 6 4 1 13 +0.428 5 चेन्नई सुपर किंग्स 11 6 5 0 12 +0.185 6 राजस्थान रॉयल्स 11 6 5 0 12 +0.082 7 दिल्ली कैपिटल्स 12 5 7 0 10 -0.993 8 कोलकाता नाइट राइडर्स 10 4 5 1 9 -0.169 9 मुंबई इंडियंस (बाहर) 11 3 8 0 6 -0.585 10 लखनऊ सुपर जायंट्स (बाहर) 11 3 8 0 6 -0.907 ऐसा रहा मुकाबला अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस ने 5 विकेट के नुकसान पर 168 रन बनाए। टीम के लिए Sai Sudharsan ने शानदार 61 रन बनाए, जबकि Washington Sundar ने 50 रनों की अहम पारी खेली। 169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद की टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 86 रनों पर ऑलआउट हो गई। बल्लेबाज शुरुआत से ही संघर्ष करते नजर आए। टीम के लिए कप्तान Pat Cummins ने सबसे ज्यादा 19 रन बनाए। गुजरात की ओर से Kagiso Rabada और Jason Holder ने 3-3 विकेट झटके। वहीं Prasidh Krishna ने भी 2 विकेट हासिल किए। प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक आईपीएल 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। गुजरात की जीत के बाद टॉप-4 की लड़ाई और भी दिलचस्प हो गई है। जहां गुजरात ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, वहीं बाकी टीमों के लिए आने वाले मुकाबले करो या मरो जैसे साबित हो सकते हैं।
आईपीएल 2026 के 34वें मुकाबले में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब Sai Sudharsan ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। Gujarat Titans के इस युवा सलामी बल्लेबाज ने Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ खेलते हुए लीग में सबसे तेज 2000 रन पूरे करने का कारनामा किया। बेंगलुरु के M. Chinnaswamy Stadium में खेले गए इस मुकाबले में सुदर्शन ने 58 गेंदों में 100 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 11 चौके और 5 छक्के जड़े और अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। 11 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा साई सुदर्शन ने IPL इतिहास में सबसे तेज 2000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो पहले Chris Gayle के नाम था। सुदर्शन: 47 पारियां गेल: 48 पारियां गेल ने यह उपलब्धि 2015 में हासिल की थी और अब 11 साल बाद सुदर्शन ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। खास उपलब्धि: गुजरात टाइटंस के दूसरे बल्लेबाज सुदर्शन, Gujarat Titans के लिए 2000 रन पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि टीम के कप्तान Shubman Gill ने हासिल की थी। शानदार करियर आंकड़े 24 वर्षीय सुदर्शन ने 2022 में आईपीएल डेब्यू किया था और अब तक 47 मैचों की 47 पारियों में 2028 रन बना चुके हैं। औसत: 47 स्ट्राइक रेट: 147 शतक: 3 अर्धशतक: 13 उन्होंने 2025 सीजन में 759 रन बनाकर ऑरेंज कैप भी अपने नाम की थी। मैच का हाल टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस को सुदर्शन और शुभमन गिल ने जबरदस्त शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 128 रनों की साझेदारी की। हालांकि, सुदर्शन की शानदार पारी के बावजूद मैच Royal Challengers Bengaluru ने 5 विकेट से जीत लिया।
आईपीएल 2026 में Gujarat Titans की बल्लेबाज़ी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। Mumbai Indians के खिलाफ 99 रनों की करारी हार के बाद टीम का मिडिल ऑर्डर निशाने पर आया, लेकिन टीम के बैटिंग कोच Matthew Hayden ने साफ किया कि असली समस्या उससे कहीं ऊपर–टॉप ऑर्डर में है। पावरप्ले में हार गई बाज़ी गुजरात की पारी की शुरुआत ही खराब रही। Shubman Gill, Sai Sudharsan और Jos Buttler सिर्फ 4.4 ओवर में पवेलियन लौट गए। इस शुरुआती झटके ने पूरी टीम पर दबाव बना दिया, जिसका असर मिडिल ऑर्डर पर साफ दिखा। मैथ्यू हेडन ने कहा, “पावरप्ले में आप मैच जीत नहीं सकते, लेकिन हार जरूर सकते हैं–और हम वहीं हार गए।” मिडिल ऑर्डर पर बढ़ा दबाव मिडिल ऑर्डर में Rahul Tewatia, Shahrukh Khan, Glenn Phillips और Washington Sundar ने मिलकर सिर्फ 57 रन बनाए। फिलिप्स और तेवतिया ने मिलकर 19 गेंदों में सिर्फ 14 रन बनाए शाहरुख खान इस सीजन में 25 गेंदों पर 35 रन ही बना सके हैं तेवतिया के नाम 42 गेंदों पर 49 रन हैं हेडन के मुताबिक, इन खिलाड़ियों की भूमिका “फिनिशर” की है, न कि लंबे समय तक बल्लेबाज़ी करने की। उन्होंने कहा, “हमें इन खिलाड़ियों को ज्यादा गेंदें खेलने ही नहीं देनी चाहिए। यही उनकी भूमिका नहीं है।” 2025 जैसा नहीं रहा प्रदर्शन पिछले सीजन में टीम की सफलता काफी हद तक टॉप ऑर्डर पर निर्भर थी: साई सुदर्शन: 759 रन शुभमन गिल: 717 रन जोस बटलर: 538 रन इसी वजह से मिडिल ऑर्डर को ज्यादा जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ी। लेकिन इस सीजन में टॉप ऑर्डर की फॉर्म गिरने से मिडिल ऑर्डर “एक्सपोज़” हो गया है। एक्सपर्ट्स की राय: क्या बदलाव जरूरी? पूर्व खिलाड़ी Faf du Plessis ने मिडिल ऑर्डर पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं दिखता जो मुश्किल हालात में शतक जैसी पारी खेल सके। वहीं Abhinav Mukund ने टीम के बेंच स्ट्रेंथ की ओर इशारा किया। उन्होंने Kumar Kushagra और Nishant Sindhu जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका देने की बात कही, जो मिडिल ऑर्डर की समस्या का समाधान बन सकते हैं।
अहमदाबाद: Kolkata Knight Riders (KKR) को Gujarat Titans (GT) के खिलाफ मिली हार के बाद टीम के कप्तान Ajinkya Rahane ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस हार के लिए किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। साथ ही उन्होंने GT के कप्तान Shubman Gill और ओपनर Sai Sudharsan की शानदार बल्लेबाजी की जमकर सराहना की। गिल की तूफानी पारी ने पलटा मैच अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मुकाबले में Shubman Gill ने 50 गेंदों पर 86 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनकी इस पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे, जिसकी बदौलत GT ने 181 रन का लक्ष्य 19.4 ओवर में हासिल कर लिया। सुदर्शन ने दी मजबूत शुरुआत Sai Sudharsan ने भले ही 22 रन बनाए, लेकिन पावरप्ले में उनकी भूमिका अहम रही। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जिससे मैच का रुख शुरू से ही GT के पक्ष में झुक गया। ‘पावरप्ले में विकेट नहीं लेना पड़ा भारी’ मैच के बाद Ajinkya Rahane ने स्वीकार किया कि 180 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी था, लेकिन पावरप्ले में विकेट न निकाल पाना टीम के लिए महंगा साबित हुआ। उन्होंने कहा कि पिच थोड़ी धीमी थी और ओस का असर भी था, लेकिन यह हार का बहाना नहीं हो सकता। ग्रीन की पारी बनी KKR के लिए पॉजिटिव हालांकि हार के बावजूद रहाणे ने Cameron Green की बल्लेबाजी को टीम के लिए बड़ा सकारात्मक पहलू बताया। ग्रीन ने दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए 55 गेंदों पर 79 रन बनाए और टीम को 180 के स्कोर तक पहुंचाया। लगातार तीसरी जीत के साथ GT का दबदबा इस जीत के साथ Gujarat Titans ने मौजूदा सीजन में लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। इससे पहले टीम Delhi Capitals और Lucknow Super Giants को भी मात दे चुकी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।