स्पोर्ट्स

GT Top Order Under Fire

IPL 2026: गुजरात टाइटंस की बल्लेबाज़ी पर सवाल–मिडिल ऑर्डर नहीं, टॉप ऑर्डर बना बड़ी चिंता

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Gujarat Titans top order collapses against Mumbai Indians raising batting concerns in IPL 2026
Gujarat Titans Batting Concern IPL 2026

आईपीएल 2026 में Gujarat Titans की बल्लेबाज़ी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। Mumbai Indians के खिलाफ 99 रनों की करारी हार के बाद टीम का मिडिल ऑर्डर निशाने पर आया, लेकिन टीम के बैटिंग कोच Matthew Hayden ने साफ किया कि असली समस्या उससे कहीं ऊपर–टॉप ऑर्डर में है।

पावरप्ले में हार गई बाज़ी

गुजरात की पारी की शुरुआत ही खराब रही। Shubman Gill, Sai Sudharsan और Jos Buttler सिर्फ 4.4 ओवर में पवेलियन लौट गए। इस शुरुआती झटके ने पूरी टीम पर दबाव बना दिया, जिसका असर मिडिल ऑर्डर पर साफ दिखा।

मैथ्यू हेडन ने कहा, “पावरप्ले में आप मैच जीत नहीं सकते, लेकिन हार जरूर सकते हैं–और हम वहीं हार गए।”

मिडिल ऑर्डर पर बढ़ा दबाव

मिडिल ऑर्डर में Rahul Tewatia, Shahrukh Khan, Glenn Phillips और Washington Sundar ने मिलकर सिर्फ 57 रन बनाए।

  • फिलिप्स और तेवतिया ने मिलकर 19 गेंदों में सिर्फ 14 रन बनाए
  • शाहरुख खान इस सीजन में 25 गेंदों पर 35 रन ही बना सके हैं
  • तेवतिया के नाम 42 गेंदों पर 49 रन हैं

हेडन के मुताबिक, इन खिलाड़ियों की भूमिका “फिनिशर” की है, न कि लंबे समय तक बल्लेबाज़ी करने की। उन्होंने कहा, “हमें इन खिलाड़ियों को ज्यादा गेंदें खेलने ही नहीं देनी चाहिए। यही उनकी भूमिका नहीं है।”

2025 जैसा नहीं रहा प्रदर्शन

पिछले सीजन में टीम की सफलता काफी हद तक टॉप ऑर्डर पर निर्भर थी:

  • साई सुदर्शन: 759 रन
  • शुभमन गिल: 717 रन
  • जोस बटलर: 538 रन

इसी वजह से मिडिल ऑर्डर को ज्यादा जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ी। लेकिन इस सीजन में टॉप ऑर्डर की फॉर्म गिरने से मिडिल ऑर्डर “एक्सपोज़” हो गया है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या बदलाव जरूरी?

पूर्व खिलाड़ी Faf du Plessis ने मिडिल ऑर्डर पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं दिखता जो मुश्किल हालात में शतक जैसी पारी खेल सके।

वहीं Abhinav Mukund ने टीम के बेंच स्ट्रेंथ की ओर इशारा किया। उन्होंने Kumar Kushagra और Nishant Sindhu जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका देने की बात कही, जो मिडिल ऑर्डर की समस्या का समाधान बन सकते हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

स्पोर्ट्स

View more
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: आज से फुटबॉल की सबसे बड़ी जंग, मेसी-रोनाल्डो के रिकॉर्ड पर दुनिया की नजर

मेक्सिको सिटी, एजेंसियां। फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ FIFA World Cup 2026 का आगाज आज 11 जून से होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट कई मायनों में ऐतिहासिक है। पहली बार विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जबकि इससे पहले 32 टीमें भाग लेती थीं। संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको इसकी मेजबानी कर रहे हैं। 39 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे, जिसके बाद नए विश्व चैंपियन का फैसला होगा।   मेसी और रोनाल्डो के लिए हो सकता है आखिरी विश्व कप दुनिया के दो महान फुटबॉलरों Lionel Messi और Cristiano Ronaldo के लिए यह संभवतः आखिरी फीफा विश्व कप हो सकता है। दोनों दिग्गज कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने के करीब हैं। मेसी के नाम विश्व कप में सबसे अधिक 26 मैच खेलने का रिकॉर्ड है, जबकि रोनाल्डो 226 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ टूर्नामेंट में उतर रहे हैं। दोनों खिलाड़ी छह-छह विश्व कप खेलने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बनने जा रहे हैं।   एमबाप्पे और मेसी की नजर गोल रिकॉर्ड पर विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा 16 गोल करने का रिकॉर्ड Miroslav Klose के नाम दर्ज है। मेसी 13 गोल और Kylian Mbappe 12 गोल के साथ इस रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं। ऐसे में इस बार गोलों के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना भी काफी मजबूत मानी जा रही है।   भव्य होगी उद्घाटन समारोह की शाम टूर्नामेंट का उद्घाटन मेक्सिको सिटी में रंगारंग समारोह के साथ होगा। समारोह में Shakira, Burna Boy, J Balvin समेत कई वैश्विक कलाकार प्रस्तुति देंगे। फीफा विश्व कप 2026 के आधिकारिक गीतों का लाइव प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।   क्या बनेगा नया इतिहास? फीफा विश्व कप के 96 साल के इतिहास में ब्राजील, जर्मनी, इटली और अर्जेंटीना जैसी टीमों का दबदबा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या कोई नया देश इतिहास रचेगा या फिर ट्रॉफी एक बार फिर किसी पारंपरिक फुटबॉल महाशक्ति के हाथों में जाएगी। दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें अब इस रोमांचक टूर्नामेंट पर टिकी हैं।

anjali kumari जून 11, 2026 0
LPL MS DHONI Invitation

लोहरदगा में क्रिकेट को मिलेगी नई उड़ान, LPL के लिए धोनी को भेजा गया निमंत्रण

Ben Stokes Night Club Controversy

इंग्लैंड के कप्तान स्टोक्स दूसरे टेस्ट से बाहर, संन्यास की अटकलें तेज

Jharkhand T20 League

Jharkhand T20 League : लो स्कोरिंग मैच में रांची ने छोटानागपुर को 5 रन से हराया,युवराज का ऑलराउंड प्रदर्शन

Harry Brook
इंग्लैंड के ब्रूक नंबर-1 टेस्ट बैटर, गिल 8वें नंबर पर, बॉलर्स में बुमराह टॉप पर

दुबई, एजेंसियां। इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ICC टेस्ट बैटर रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने करियर में दूसरी बार यह पोजिशन हासिल की है। बुधवार को जारी रैंकिंग में उन्होंने इंग्लैंड के ही जो रूट को पीछे छोड़ा। ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड दूसरे और जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा हुआ है। वे 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में 126 रन की पारी खेली थी। ब्रूक को अर्धशतक का फायदा मिला न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में ब्रूक ने अर्धशतक जड़ा था। इंग्लैंड ने यह मैच 115 रनों से जीता। इस प्रदर्शन का फायदा ब्रूक को रैंकिंग में मिला। दिसंबर 2024 में भी हैरी ब्रूक पहली बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने थे। ट्रेविस हेड दूसरे स्थान पर पहुंचे लॉर्ड्स टेस्ट में जो रूट का बल्ला शांत रहा था। वे दोनों पारियों में 1 और 8 रन ही बना सके। इस प्रदर्शन के चलते रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड अब दुनिया के दूसरे नंबर के टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। भारतीय स्टार शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा ताजा रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों को भी फायदा हुआ है। अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जड़ने वाले शुभमन गिल दो पायदान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के बेन डकेट तीन स्थान के सुधार के साथ 15वें नंबर पर आ गए हैं। जेमी स्मिथ 5 पायदान चढ़कर 23वें और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स 15 स्थान चढ़कर 40वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में गस एटकिंसन की टॉप-10 में एंट्री बॉलर्स में भारत के जसप्रीत बुमराह नंबर 1 पोजिशन पर कायम हैं। लॉर्ड्स टेस्ट की आखिरी पारी में 30 रन देकर 5 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को फायदा हुआ है। वे टेस्ट रैंकिंग में 7 पायदान ऊपर चढ़कर 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वे ऑलराउंडर्स की लिस्ट में भी दो स्थान के सुधार के साथ छठे नंबर पर आ गए हैं। लंबे ब्रेक के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे काइल जैमीसन 22वें और ओली रॉबिन्सन 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि नाथन स्मिथ 16 पायदान चढ़कर 43वें नंबर पर पहुंच गए हैं।   वनडे रैंकिंग: पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर ICC की ताजा वनडे (ODI) रैंकिंग में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद ने 6 विकेट चटकाए, जिससे वे वनडे गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। शाहीन शाह अफरीदी भी 7 विकेट लेने के बाद चार पायदान चढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं।   ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस 13 स्थान के सुधार के साथ 31वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मीरपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के नाहिद राणा 23 पायदान चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे बल्लेबाजों में श्रीलंका के कुसल मेंडिस 12वें, जनिथ लियानगे 22वें और बांग्लादेश के तंजीद हसन 33वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

abhishek singh जून 10, 2026 0
Hardik Pandya Fitness

हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर, फिटनेस टेस्ट के दौरान चोट लगी

JSCA Stadium

JPL के आगाज पर JSCA स्टेडियम में उमड़ा क्रिकेट प्रेमियों का सैलाब, धोनी की एक झलक पाने को बेताब दिखे फैंस

Rohit Sharma and Hardik Pandya during a training session before India's ODI series against Afghanistan.

IND vs AFG: रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या की वापसी, विराट कोहली बाहर! अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसी हो सकती है भारत की प्लेइंग XI

Nahid Rana celebrates Josh Inglis' wicket during the Bangladesh vs Australia ODI amid on-field tension.
BAN vs AUS: नाहिद राणा और जोश इंग्लिस के बीच तीखी बहस, मैदान पर हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा

नई दिल्ली: मेहदी हसन मिराज की कप्तानी में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए 86 रन से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ बांग्लादेश ने वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लंबे इंतजार के बाद यादगार सफलता हासिल की। हालांकि, मुकाबले के दौरान मैदान पर एक ऐसा वाकया भी देखने को मिला जिसने मैच का रोमांच और बढ़ा दिया। नाहिद राणा और जोश इंग्लिस के बीच हुई तीखी नोकझोंक मुकाबले के 11वें ओवर में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जोश इंग्लिस को विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इंग्लिस के आउट होने के बाद राणा ने उत्साह में आक्रामक अंदाज दिखाते हुए बल्लेबाज को पवेलियन लौटने का इशारा किया। यह अंदाज ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को पसंद नहीं आया और ड्रेसिंग रूम की ओर जाते समय उन्होंने पीछे मुड़कर राणा को जवाब दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर तक तीखी बहस देखने को मिली। अंपायरों ने संभाली स्थिति मैदान पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अंपायरों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों खिलाड़ियों को शांत कराया। इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ा और खेल दोबारा सामान्य रूप से जारी रहा। जोश इंग्लिस 25 गेंदों में 19 रन बनाकर पवेलियन लौटे। बारिश बनी मैच की बाधा मैच के दौरान बारिश ने भी खेल में बाधा डाली। लगातार खराब मौसम के कारण मुकाबला दोबारा शुरू नहीं हो सका और अंततः अंपायरों ने डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के आधार पर बांग्लादेश को विजेता घोषित किया। बांग्लादेश का शानदार प्रदर्शन पूरे मैच में बांग्लादेश की टीम ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में ऑस्ट्रेलिया पर दबदबा बनाए रखा। मेहदी हसन मिराज की अगुआई में टीम ने हर मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया और ऐतिहासिक जीत अपने नाम की। हालांकि, मैदान पर हुई बहस के बावजूद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मुकाबले के बाद खेल भावना का परिचय दिया।  

surbhi जून 10, 2026 0
Suryakumar Yadav and Hardik Pandya during an IPL match amid speculation over their relationship.

पोस्ट डिलीट, अनफॉलो और अफवाहों का दौर! क्या सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या के बीच सब कुछ ठीक नहीं?

Chhota Nagpur Royals

छोटानागपुर रॉयल्स ने लॉन्च की नई जर्सी और टीम एंथम

Rohit Sharma Hardik Pandya

रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेंगे

0 Comments

Top week

US President Donald Trump speaks about Iran talks, nuclear concerns, and a possible diplomatic agreement.
दुनिया

ट्रंप बोले- समझौते से हो या सैन्य कार्रवाई से, अंत में अमेरिका ही जीतेगा

Deepshikha जून 5, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?