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Stock Market: शेयर बाजार में हल्की तेजी, सेंसेक्स 178 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,600 के पार

नई दिल्ली, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार में हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। बेहतर पहली तिमाही के नतीजों, मजबूत घरेलू मांग और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।   सेंसेक्स 78,676 के स्तर तक पहुंचा   शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 177.81 अंक यानी 0.22 फीसदी चढ़कर 78,676 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी करीब 50 अंक यानी 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 24,620 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।   फार्मा और आईटी शेयरों में खरीदारी   सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी फार्मा 0.72 फीसदी की बढ़त के साथ मजबूत प्रदर्शन करने वाला प्रमुख सूचकांक रहा। हेल्थकेयर इंडेक्स में भी तेजी रही। वहीं, निफ्टी आईटी 0.53 फीसदी और मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम इंडेक्स 0.58 फीसदी चढ़ा।   इसके अलावा निजी बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.27 फीसदी और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.21 फीसदी नीचे रहा।   बेहतर तिमाही नतीजों से निवेशकों का भरोसा मजबूत   बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनियों के पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों और मजबूत घरेलू मांग ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा है। कमाई के सीजन में कई कंपनियों ने अनुमान से बेहतर आय वृद्धि दर्ज की है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।   FII की खरीदारी से भी बाजार को सहारा   विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई में विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार रहे और अगस्त में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला है।   कच्चे तेल की कीमतों में तेजी चिंता   हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी से अधिक बढ़कर 84.73 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.59 फीसदी चढ़कर 79.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी का असर बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

anjali kumari अगस्त 10, 2026 0
Stock Market
Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स हरे निशान में

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स में तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स करीब 0.2% बढ़कर 78,762.54 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 50 में शुरुआती गिरावट दर्ज की गई।   सेंसेक्स में बढ़त, निफ्टी पर दबाव   आज के कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों की चाल अलग-अलग रही। सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी 50 करीब 0.67% गिरकर 24,607.90 पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी में जोरदार तेजी आई थी।   वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल पर नजर   बाजार की दिशा पर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के संकेतों का असर बना हुआ है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों से भारतीय बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली थी।   LIC के शेयर में तेज गिरावट   आज LIC के शेयर में करीब 8% की गिरावट ने बाजार का ध्यान खींचा। सरकार की कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने की योजना की खबर के बाद LIC के शेयर पर दबाव बढ़ा।

anjali kumari अगस्त 4, 2026 0
Indian stock market rallies as Sensex jumps 800 points and IT stocks lead early trading gains
Stock Market Opening: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला; IT शेयरों में फिर आया जोश

Share Market Opening, 29 July 2026: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कारोबार की शुरुआत मजबूत तेजी के साथ की। पिछले सत्र की मामूली कमजोरी के बाद आज शुरुआती कारोबार में खरीदारी का जोर दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 800 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी 24,200 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा मजबूती IT शेयरों में देखने को मिली। सुबह करीब 9:40 बजे BSE Sensex 777.71 अंक यानी 1.01% की बढ़त के साथ 77,543.63 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 218.85 अंक यानी 0.91% चढ़कर 24,204.20 पर पहुंच गया। घरेलू बाजार को वैश्विक संकेतों के साथ-साथ सेक्टरल खरीदारी से भी सपोर्ट मिला। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार के लिए एक अहम जोखिम बनी हुई है। IT शेयरों में जोरदार खरीदारी शुरुआती कारोबार में IT सेक्टर निवेशकों के पसंदीदा क्षेत्रों में रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर बढ़त के साथ खुले। Infosys सबसे मजबूत शेयरों में रहा और शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 3.5% की तेजी दिखी। इसके अलावा L&T, HUL, TCS, Tech Mahindra, Bharti Airtel और Bajaj Finance जैसे शेयरों में भी खरीदारी रही। करीब 9:30 बजे प्रमुख शेयरों की स्थिति: Infosys: +3.23% L&T: +2.90% HUL: +2.58% Bharti Airtel: +1.61% TCS: +1.54% HDFC Bank: +1.50% HCL Tech: +1.34% Tech Mahindra: +1.21% ITC: +1.12% M&M: +1.06% Bajaj Finance: +0.95% वहीं BEL, Indigo, Asian Paints, Power Grid, Trent और Titan जैसे कुछ शेयर दबाव में रहे। Nifty में भी खरीदारी का जोर Nifty 50 में Infosys, L&T और Eternal शुरुआती कारोबार में प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे। ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक माहौल दिखा। Nifty Midcap करीब 0.54% और Nifty Smallcap करीब 0.66% ऊपर कारोबार कर रहे थे। सेक्टर की बात करें तो Nifty IT और Nifty Chemical ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि Nifty Realty और Nifty Oil & Gas कमजोर नजर आए। रुपये में भी शुरुआती मजबूती शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे मजबूत होकर 95.70 के स्तर पर खुला। हालांकि, मुद्रा बाजार और शेयर बाजार दोनों पर वैश्विक घटनाक्रमों का असर बना रह सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल चिंता का विषय बाजार की तेजी के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच Brent crude की कीमत में करीब 5% की तेजी आई और यह लगभग $88 प्रति बैरल तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी रहने से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। इसलिए बाजार की आगे की दिशा में तेल की कीमतें भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। निवेशकों की नजर अब आगे के संकेतों पर बुधवार की शुरुआती तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल जरूर बना है, लेकिन वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। IT शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। अब देखना होगा कि शुरुआती तेजी कारोबार के दौरान कायम रहती है या बाजार ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का सामना करता है।  

surbhi जुलाई 29, 2026 0
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Stock Market: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुले; निवेशकों की नजर फेड बैठक और तिमाही नतीजों पर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सपाट रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक, जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिल रहे संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।   आईटी शेयरों में खरीदारी, बैंकिंग शेयरों में दबाव   शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में हल्का दबाव बना रहा। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।   आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर   बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आज HDFC Bank, Hindustan Unilever (HUL), Larsen & Toubro (L&T), Tata Power, Coal India, IndiGo, Coforge और Happiest Minds जैसे शेयर फोकस में रह सकते हैं। इन कंपनियों से जुड़े नतीजों और कॉर्पोरेट अपडेट का असर कारोबार पर देखने को मिल सकता है।   वैश्विक संकेतों पर टिकी बाजार की नजर   अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, वैश्विक टेक कंपनियों के तिमाही नतीजे और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इस सप्ताह भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाक्रमों के स्पष्ट होने तक घरेलू बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।

anjali kumari जुलाई 28, 2026 0
Stock market display showing Sensex and Nifty surging after five days of losses as investors return to buying.
Share Market Opening: 5 दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 600 अंक उछला, निफ्टी 23,900 के पार

लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक दबाव में रहने के बाद सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की। सोमवार सुबह कारोबार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई, जहां बीएसई सेंसेक्स करीब 600 अंक तक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बाजार ने पकड़ी रफ्तार सुबह लगभग 9:23 बजे बीएसई सेंसेक्स 565.08 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,624.85 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 163.75 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,931.20 अंक पर पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले सप्ताह शेयर बाजार लगातार पांचों कारोबारी दिनों में गिरावट दर्ज कर चुका था। ऐसे में सप्ताह की शुरुआत निवेशकों के लिए राहत भरी रही। सेंसेक्स के लगभग सभी शेयरों में खरीदारी शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के लगभग सभी प्रमुख शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। सबसे ज्यादा तेजी एविएशन कंपनी इंडिगो के शेयर में देखने को मिली, जिसमें 3 प्रतिशत से अधिक उछाल दर्ज किया गया। इसके अलावा इंफोसिस, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, ट्रेंट, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक, एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, एनटीपीसी, एसबीआई, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, शुरुआती कारोबार में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर हल्की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। निफ्टी के सेक्टरों में भी रही हरियाली एनएसई पर निफ्टी 50 इंडेक्स में इंटरग्लोबल एविएशन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और इटरनल सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में सबसे मजबूत तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत तक की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, ऑयल एंड गैस सेक्टर में अपेक्षाकृत सीमित बढ़त दर्ज की गई। रुपये में भी आई मजबूती शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा में भी मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 0.4 प्रतिशत मजबूत होकर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में जहां रुपया 96.5625 के स्तर पर बंद हुआ था, वहीं सोमवार सुबह यह 96.1475 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बढ़ा बाजार का भरोसा बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दो सप्ताह तक चली सैन्य कार्रवाई के बाद हमले रुकने से पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ है। इससे कूटनीतिक बातचीत की उम्मीद बढ़ी और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4.5 प्रतिशत गिरकर लगभग 92.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि पिछले सप्ताह यह 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गई थी। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को भारत जैसे आयातक देशों के लिए सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात लागत पर दबाव कम हो सकता है। निवेशकों के लिए राहत भरी शुरुआत लगातार पांच दिनों की गिरावट के बाद सोमवार की तेजी ने निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक बहाल किया है। हालांकि, आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कॉरपोरेट नतीजे और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।  

surbhi जुलाई 27, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex and Nifty falling during early trading amid weak global market sentiment.
Share Market Opening: लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,900 के नीचे

Share Market Opening: घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी दिन भी जारी रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर निवेशकों की धारणा पर साफ दिखाई दिया। गुरुवार सुबह कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 350 अंक से अधिक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,900 के नीचे पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल सुबह 9:28 बजे तक: बीएसई सेंसेक्स 296.65 अंक (0.39%) गिरकर 76,458.40 पर कारोबार कर रहा था। एनएसई निफ्टी 50 69.15 अंक (0.29%) टूटकर 23,927.10 पर पहुंच गया। वहीं, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.1% मजबूत होकर 96.49 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.5650 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के अधिकांश शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: इंडिगो अल्ट्राटेक सीमेंट सन फार्मा एशियन पेंट्स भारती एयरटेल बजाज फिनसर्व पावरग्रिड इंफोसिस रिलायंस इंडस्ट्रीज महिंद्रा एंड महिंद्रा बढ़त वाले प्रमुख शेयर: इटरनल टाटा स्टील अडानी पोर्ट्स बजाज फाइनेंस मारुति सुजुकी सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप लगभग 0.54% फिसला। निफ्टी स्मॉलकैप करीब 0.75% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। सबसे कमजोर सेक्टर: निफ्टी फार्मा निफ्टी रियल्टी निफ्टी हेल्थकेयर बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर: निफ्टी एफएमसीजी निफ्टी ऑटो बाजार पर दबाव की वजह विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।  

surbhi जुलाई 23, 2026 0
ATL Saathi
Google ने भारत के शिक्षकों के लिए 'ATL Saathi' AI प्लेटफॉर्म का किया विस्तार, क्लाउड और AI टूल्स को भी मिला अपग्रेड

नई दिल्ली, एजेंसियां। टेक दिग्गज Google ने भारत में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'ATL Saathi' AI प्लेटफॉर्म का विस्तार करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल लर्निंग टूल्स का बेहतर प्रशिक्षण और उपयोग उपलब्ध कराया जाएगा।   शिक्षकों को मिलेगा AI का प्रशिक्षण   Google के अनुसार, प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षकों को AI आधारित कंटेंट तैयार करने, स्मार्ट क्लासरूम चलाने और छात्रों के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग अनुभव विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे डिजिटल शिक्षा को नई गति मिलने की उम्मीद है।   क्लाउड और AI टूल्स हुए अपग्रेड   कंपनी ने 'ATL Saathi' में कई नए AI फीचर्स और Google Cloud आधारित सेवाएं जोड़ी हैं। इनकी मदद से शिक्षक लेसन प्लान तैयार करने, क्विज़ बनाने, असाइनमेंट तैयार करने और छात्रों की प्रगति का बेहतर विश्लेषण कर सकेंगे।   अटल टिंकरिंग लैब्स को मिलेगा फायदा   यह पहल अटल इनोवेशन मिशन (AIM) के तहत संचालित अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) से जुड़े स्कूलों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाएगी। Google का लक्ष्य छात्रों में AI, रोबोटिक्स, कोडिंग और नवाचार से जुड़ी कौशल विकसित करना है।   डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा   विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित शिक्षा प्लेटफॉर्म के विस्तार से भारत के स्कूलों में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। इससे शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और छात्रों को आधुनिक तकनीकों के साथ सीखने का अवसर मिलेगा।   नई शिक्षा नीति के अनुरूप पहल   Google ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों के अनुरूप है और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से छात्रों को AI एवं डिजिटल स्किल्स से लैस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

abhishek singh जुलाई 16, 2026 0
Indian stock market display showing Sensex and Nifty trading higher during opening session
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,150 के पार

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी मजबूती देखने को मिली। एशियाई बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 250 अंक से अधिक उछल गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 24,150 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मामूली मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बाजार की स्थिति सुबह करीब 9:24 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 242.70 अंक (0.31%) की बढ़त के साथ 77,428.13 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 62.35 अंक (0.26%) की तेजी के साथ 24,140.85 अंक पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 130.49 अंक और निफ्टी 26.45 अंक की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा था। रुपये में भी मामूली मजबूती शेयर बाजार की तेजी के बीच भारतीय मुद्रा में भी हल्की मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसे मजबूत होकर 96.24 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। सेंसेक्स के इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान 20 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। सबसे ज्यादा तेजी एचसीएल टेक में देखने को मिली, जिसके शेयर करीब 2.6% तक उछल गए। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाइटन, मारुति सुजुकी, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स और ट्रेंट जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों पर रहा दबाव दूसरी ओर बैंकिंग और कुछ अन्य सेक्टर के शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई। एक्सिस बैंक, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और एनटीपीसी के शेयर शुरुआती कारोबार में लाल निशान में कारोबार करते दिखे। निफ्टी में आईटी शेयरों का दबदबा निफ्टी 50 इंडेक्स में एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी और विप्रो सबसे अधिक बढ़त वाले शेयर रहे। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर दबाव में रहा और इसमें सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निवेशकों का रुझान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.02% जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.34% की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों की नजर आगे किन बातों पर रहेगी? विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और रुपये की चाल पर बनी रहेगी। यदि आईटी और ऑटो सेक्टर में खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को आगे भी मजबूती मिल सकती है।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty rising sharply with strong gains in banking and aviation stocks.
Share Market Opening: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, बैंकिंग और एविएशन शेयरों में शानदार खरीदारी

मुंबई: पिछले कारोबारी सत्र की बड़ी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 24,200 के करीब पहुंच गया। एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के चलते घरेलू बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटता दिखा। सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 500.85 अंक (0.65%) की बढ़त के साथ 77,555.79 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 141.75 अंक (0.59%) चढ़कर 24,193.80 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में आई थी बड़ी गिरावट मंगलवार को बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। उस दौरान: सेंसेक्स 561.46 अंक गिरकर 77,054.94 पर बंद हुआ था। निफ्टी 158.95 अंक टूटकर 24,052.05 पर बंद हुआ था। आज की तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी है। इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स के 30 शेयरों में से अधिकांश हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। सबसे ज्यादा बढ़त वाले प्रमुख शेयर: बजाज फाइनेंस (+2.33%) एक्सिस बैंक (+1.92%) इंडिगो (+1.75%) इटरनल (+1.64%) अल्ट्राटेक सीमेंट (+1.47%) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ICICI बैंक एशियन पेंट्स रिलायंस इंडस्ट्रीज HDFC बैंक बजाज फिनसर्व अडानी पोर्ट्स बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, सीमेंट और एविएशन सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों पर रहा दबाव बाजार में तेजी के बावजूद आईटी सेक्टर के कुछ बड़े शेयरों में कमजोरी बनी रही। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: TCS इंफोसिस टेक महिंद्रा पावर ग्रिड NTPC हिंदुस्तान यूनिलीवर टाटा स्टील आईटी इंडेक्स अन्य सेक्टरों की तुलना में कमजोर बना रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी मजबूती केवल लार्जकैप ही नहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग 0.39% चढ़ा। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 0.39% की तेजी दर्ज की गई। सेक्टरवार प्रदर्शन में आईटी को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सेक्टर सकारात्मक दायरे में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक संकेतों का मिला सहारा बाजार को वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक संकेत मिले। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20% ट्रांजिट शुल्क नहीं लगाया जाएगा, जिससे वैश्विक निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रही और ब्रेंट क्रूड लगभग 1.16% बढ़कर 85.71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। रुपये की चाल भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग स्थिर रहा। रुपया 96.1725 प्रति डॉलर पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.20 पर बंद हुआ था। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल बाजार वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कॉर्पोरेट नतीजों पर नजर बनाए हुए है। यदि बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी जारी रहती है, तो बाजार में आगे भी सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Devotees gather around ISKCON's grand Rath Yatra chariot in Kolkata as preparations are completed for the 55th annual procession of Lord Jagannath, Balabhadra and Subhadra.
कोलकाता में इस्कॉन की रथयात्रा आज, सीएम शुभेंदु अधिकारी करेंगे शुभारंभ; अमित शाह को भी भेजा गया न्योता

कोलकाता: कोलकाता में इस्कॉन (ISKCON) की 55वीं ऐतिहासिक रथयात्रा बुधवार, 16 जुलाई को भव्य रूप से निकाली जाएगी। इस वर्ष पहली बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे। वहीं, इस्कॉन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री करेंगे रथयात्रा का शुभारंभ इस्कॉन के अनुसार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सुबह करीब 11:45 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। वह भगवान जगन्नाथ, बलराम और देवी सुभद्रा के दर्शन करने के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे। नई सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर होगा, जब मुख्यमंत्री इस्कॉन की कोलकाता रथयात्रा में शामिल होंगे। 55वें वर्ष में प्रवेश कर रही रथयात्रा इस्कॉन कोलकाता द्वारा आयोजित यह रथयात्रा पिछले 54 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है। इस वर्ष का मुख्य विषय "भारत-मंदिर संस्कृति की विरासत" रखा गया है। आयोजकों के अनुसार चीन, रूस, यूक्रेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेने के लिए कोलकाता पहुंचे हैं। इस मार्ग से गुजरेगी रथयात्रा रथयात्रा की शुरुआत इस्कॉन मंदिर, 3सी अल्बर्ट रोड से होगी। इसके बाद यात्रा सरत बोस रोड, एक्साइड चौराहा, हंगरफोर्ड स्ट्रीट, एजेसी बोस रोड, हाजरा रोड, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड, जवाहरलाल नेहरू रोड और आउटराम रोड से होते हुए ब्रिगेड परेड ग्राउंड स्थित मौसी बाड़ी पहुंचेगी, जहां परंपरा के अनुसार भगवान का रथ ठहरेगा। 24 जुलाई को निकलेगी बहुदा यात्रा भगवान जगन्नाथ की वापसी यात्रा यानी बहुदा (उल्टा) रथयात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। यह यात्रा ब्रिगेड परेड ग्राउंड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। 17 से 23 जुलाई तक लगेगा श्री जगन्नाथ महामेला रथयात्रा के अगले दिन से 17 जुलाई से 23 जुलाई तक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में श्री जगन्नाथ महामेला आयोजित किया जाएगा। यहां तिरुपति बालाजी मंदिर की स्थापत्य शैली पर आधारित गुंडिचा मंदिर की प्रतिकृति बनाई जाएगी, जहां सात दिनों तक भगवान जगन्नाथ, बलराम और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। शांति और सद्भाव का संदेश देगी रथयात्रा आयोजकों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव और संघर्ष के दौर में इस वर्ष की रथयात्रा शांति, प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देने का प्रयास करेगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं।  

Deepshikha जुलाई 15, 2026 0
Stock Market
Stock Market: आज शेयर बाजार में इन शेयरों पर रहेगी नजर, पहली तिमाही के नतीजों और कॉरपोरेट अपडेट्स से बढ़ सकती है हलचल

मुंबई, एजेंसियां। आज के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर निवेशकों के रडार पर रहेंगे। पहली तिमाही के नतीजे, कॉरपोरेट घोषणाएं और सेक्टर से जुड़े अपडेट्स के चलते इन कंपनियों के शेयरों में अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है। बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को इन शेयरों पर खास नजर रखने की सलाह दी है।   इन शेयरों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर   आज दिवीज़ लैबोरेट्रीज़ , बजाज फिनसर्व, भारत फोर्ज और कोफोर्ज प्रमुख फोकस में रहेंगे। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इन कंपनियों में तकनीकी संकेत और कारोबारी संभावनाएं बेहतर दिखाई दे रही हैं।   कॉरपोरेट अपडेट वाले शेयर भी चर्चा में   इसके अलावा टाटा एलेक्सी , एचसीएल टेक , ICICI Prudential AMC, बायोकॉन, और स्पाइसजेट भी आज निवेशकों की निगाह में रहेंगे। इन कंपनियों से जुड़े ताज़ा कॉरपोरेट घटनाक्रम और कारोबारी अपडेट्स के कारण इनमें उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।   अदाणी समूह के शेयरों पर भी फोकस   बाजार में अदाणी एंटरप्राइजेज भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। हाल के दिनों में कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली है और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज भी इस शेयर में अच्छी गतिविधि बनी रह सकती है।   बाजार की दिशा पर इन कारकों की नजर   विश्लेषकों के अनुसार आज के कारोबार में अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और पहली तिमाही के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले बाजार की चाल और कंपनियों के ताज़ा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 14, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 500 अंक टूटा; निफ्टी 24,100 के नीचे फिसला

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 500 अंक तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 24,100 के नीचे फिसल गया। बाजार पर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर साफ दिखाई दिया।   तेल की कीमतों ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता   विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगे कच्चे तेल से महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी वजह से निवेशकों ने बाजार खुलते ही बिकवाली शुरू कर दी।   इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट   शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। वहीं फार्मा सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और कुछ दवा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी दर्ज की गई। आईटी शेयरों में भी मिला-जुला रुख रहा।   आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति बाजार की दिशा तय करेंगी। यदि वैश्विक तनाव कम होता है तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है, लेकिन फिलहाल उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

anjali kumari जुलाई 14, 2026 0
Stock Market
Stock Market: भारी गिरावट के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

मुंबई, एजेंसियां। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 606.04 अंक टूटकर 76,963.35 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी 167 अंक लुढ़ककर 24,039 पर पहुंच गया। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और निवेशकों की बढ़ती सतर्कता ने बाजार पर दबाव बनाया।   बाजार में सबसे ज्यादा दबाव रिटेल सेक्टर के शेयरों पर दिखा। Trent Ltd के शेयर पहली तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद 12 प्रतिशत से अधिक टूट गए। इसके अलावा कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का माहौल रहा।   एशियाई बाजारों और वॉल स्ट्रीट पर भी दबाव वैश्विक बाजारों में भी तनाव का असर देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 करीब 0.70 प्रतिशत गिर गया, जबकि अमेरिकी शेयर वायदा बाजार भी लाल निशान में कारोबार करता दिखा। डाऊ जोन्स फ्यूचर्स 135 अंक, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत और नैस्डैक-100 फ्यूचर्स 0.5 प्रतिशत तक नीचे रहे। निवेशक मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंतित हैं।   क्रूड ऑयल और डॉलर में तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 4.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 79.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 74.57 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा। घरेलू वायदा बाजार में भी कच्चे तेल की कीमत करीब 177 रुपये बढ़कर 6,991 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.18 प्रतिशत बढ़कर 101.13 पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर और महंगे तेल से रुपये पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में वैश्विक और भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0
Indian stock market opens higher as Sensex surges over 500 points, led by gains in Infosys and Adani Enterprises.
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, Infosys और Adani Enterprises में शानदार बढ़त

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत की। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक तक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 24,150 अंक के करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी शेयरों में देखने को मिली, जबकि व्यापक बाजार (Broader Market) में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत सुबह करीब 9:40 बजे तक— बीएसई सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64% की बढ़त के साथ 77,416.35 अंक पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 143.85 अंक यानी 0.60% चढ़कर 24,149.70 अंक पर पहुंच गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। Infosys के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सेंसेक्स के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा— HCL Technologies TCS Tech Mahindra के शेयरों में भी लगभग 2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। आईटी शेयरों में आई इस तेजी ने पूरे बाजार की धारणा को मजबूत किया। Adani Enterprises सहित कई दिग्गज शेयरों में बढ़त आईटी कंपनियों के अलावा Adani Enterprises सहित कई अन्य प्रमुख शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। Bajaj Finance के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह सेंसेक्स में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी मजबूती केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.3% मजबूत रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी लगभग 0.3% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो— निफ्टी आईटी लगभग 3% चढ़ा। निफ्टी रियल्टी में करीब 1% की तेजी रही। निफ्टी मेटल इंडेक्स भी लगभग 1% मजबूत हुआ। एनएसई पर कारोबार के दौरान लगभग— 1,818 शेयरों में तेजी, 586 शेयरों में गिरावट, जबकि 99 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए। यह आंकड़े बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत देते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला समर्थन विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 1.06 प्रतिशत गिरकर 70.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में जारी वार्ता से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। दोनों देशों के प्रतिनिधि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से संचालित करने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही कारक आगे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Stock Market
The Bonus Market Update: तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 109 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,050 के पार बंद

मुंबई, एजेंसियां। 25 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार का समापन किया। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की खरीदारी से बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ 77,100.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 34.35 अंक चढ़कर 24,056.00 के स्तर पर पहुंच गया।   बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान ऑटो, रियल्टी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और सीमेंट सेक्टर के शेयरों का रहा। खासतौर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति के शेयर करीब 4-4 फीसदी तक उछले, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती दी।   मेटल और मीडिया सेक्टर में दिखी मुनाफावसूली हालांकि बाजार का समग्र रुख सकारात्मक रहा, लेकिन मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसके चलते इन सेक्टरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जबकि अन्य प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी बनी रही।   वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी भारतीय बाजार को समर्थन मिला। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। जापान का टोपिक्स इंडेक्स बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे।   विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी जैसे प्रमुख सेक्टरों में लगातार निवेश यह संकेत देता है कि निवेशकों का भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं पर भरोसा बरकरार है। ऐसे में निकट भविष्य में बाजार का रुख सकारात्मक बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

anjali kumari जून 26, 2026 0
Stock Market
Stock Market: गिरावट के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत नकारात्मक रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 350 अंक तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इससे बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ती दिखाई दी।   सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा हाल सुबह 9:25 बजे तक सेंसेक्स 302.16 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,965.18 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 105 अंक यानी 0.45 प्रतिशत गिरकर 23,277.60 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के अधिकांश प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर असर पड़ा।   एशियाई बाजारों का भी कमजोर प्रदर्शन भारतीय बाजारों के साथ-साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण अधिकांश एशियाई सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इसका असर घरेलू बाजार की निवेशक धारणा पर भी पड़ा।   रुपये में हल्की मजबूती शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद भारतीय मुद्रा रुपये ने मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे मजबूत होकर 95.03 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।   निवेशकों के लिए संकेत विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों के रुख और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता बरतने और गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जा रही है। लगातार पांच दिनों की गिरावट ने बाजार की कमजोर धारणा को उजागर किया है, हालांकि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह अवसर भी साबित हो सकता है।

Unknown जून 2, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, 75200 के पार पहुंचा सेंसेक्‍स, निफ्टी भी 100 अंक उछला

मुंबई, एजेंसियां। जून 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने दमदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 440 अंकों की बढ़त के साथ 75,200 के स्तर को पार कर गया, जबकि एनएसई निफ्टी 100 अंकों से अधिक उछलकर 23,650 के करीब पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है और पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी देखने को मिली है।   वैश्विक बाजारों की मजबूती का मिला समर्थन भारतीय बाजार में तेजी का प्रमुख कारण वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख माना जा रहा है। अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मजबूती दर्ज की गई थी, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के चलते घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और खरीदारी का माहौल बना।   बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी सोमवार की तेजी में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा आईटी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी मांग देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली। ऑटो सेक्टर के कई प्रमुख शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।   पिछले सप्ताह की गिरावट से उबरा बाजार शुक्रवार को विदेशी निवेशकों की बिकवाली और MSCI रीबैलेंसिंग के कारण बाजार में दबाव देखा गया था। हालांकि, सोमवार को निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का अवसर देखा, जिससे बाजार ने तेजी से वापसी की। इस रिकवरी ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाने का काम किया है।   आगे किन कारकों पर रहेगी नजर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, मानसून की प्रगति और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। जानकारों के अनुसार, यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रहकर मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 1, 2026 0
Stock market
Stock market: तेजी के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर खुले। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को मजबूती दी।   सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 450 अंकों से अधिक उछलकर 75,850 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी बढ़त के साथ 23,750 के पार कारोबार करता नजर आया। निवेशकों की मजबूत खरीदारी से बाजार में उत्साह का माहौल रहा।   आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, टाइटन, बजाज फाइनेंस और मारुति सुजुकी के शेयर भी बढ़त में रहे। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट देखी गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट और एशियन पेंट्स भी नुकसान में कारोबार करते नजर आए।   ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की बढ़ोतरी का असर भी बाजार पर दिखाई दिया। चार साल बाद हुई इस बढ़ोतरी के चलते तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाकर मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।   वैश्विक बाजारों से मिला समर्थन अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को करीब एक फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ा। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने भी बाजार की तेजी को समर्थन दिया।

Unknown मई 15, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0