Motorcycle News

Hero Karizma XMR 250 sports bike spotted during testing with sporty design, LED lighting, and premium suspension.
Hero Karizma XMR 250 जल्द होगी लॉन्च! 250cc इंजन, स्पोर्टी डिजाइन और प्रीमियम फीचर्स के साथ युवाओं को लुभाने की तैयारी

नई दिल्ली: भारतीय युवाओं की कभी सबसे पसंदीदा स्पोर्ट्स बाइक रही Hero Karizma एक बार फिर नए और दमदार अवतार में वापसी करने जा रही है। Hero MotoCorp की आगामी Karizma XMR 250 को हाल ही में भारत में टेस्टिंग के दौरान बिना किसी कैमोफ्लाज के देखा गया है। सामने आई तस्वीरों से साफ संकेत मिलते हैं कि बाइक लगभग प्रोडक्शन-रेडी है और कंपनी इसे जल्द भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है। नई Karizma XMR 250 को आकर्षक स्पोर्टी डिजाइन, 250cc लिक्विड-कूल्ड इंजन और आधुनिक फीचर्स के साथ पेश किए जाने की उम्मीद है। लॉन्च के बाद इसका मुकाबला KTM, Yamaha और Suzuki की लोकप्रिय 250cc स्पोर्ट्स बाइक्स से हो सकता है। प्रोडक्शन-रेडी डिजाइन ने बढ़ाई उत्सुकता टेस्टिंग के दौरान दिखी Hero Karizma XMR 250 ब्लैक कलर और रेड ग्राफिक्स के साथ नजर आई। इसका डिजाइन पहले प्रदर्शित किए गए कॉन्सेप्ट मॉडल से काफी मिलता-जुलता दिखाई देता है। बाइक के फ्रंट में सुपरस्पोर्ट स्टाइलिंग दी गई है, जिसमें बड़ी विंडस्क्रीन, ट्विन LED DRLs और बीच में प्रोजेक्टर LED हेडलाइट इसे प्रीमियम लुक देते हैं। इसके अलावा फेयरिंग पर दिए गए एयरो-स्टाइल विंगलेट्स, पतले LED इंडिकेटर्स और गोल्डन USD (Upside Down) फ्रंट फोर्क्स इसकी स्पोर्टी पहचान को और मजबूत बनाते हैं। मिलेगा दमदार 250cc लिक्विड-कूल्ड इंजन रिपोर्ट्स के अनुसार नई Karizma XMR 250 में वही 250cc, सिंगल-सिलेंडर, DOHC, लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया जा सकता है, जो Hero Xtreme 250R में इस्तेमाल किया गया है। संभावित इंजन स्पेसिफिकेशन: 250cc सिंगल-सिलेंडर इंजन DOHC तकनीक लिक्विड-कूलिंग सिस्टम लगभग 30 HP की पावर करीब 25 Nm का टॉर्क 6-स्पीड गियरबॉक्स यह इंजन शहर की रोजमर्रा की राइडिंग के साथ-साथ हाईवे पर भी बेहतर प्रदर्शन देने के लिए तैयार किया गया है। हार्डवेयर में भी मिलेगा प्रीमियम पैकेज Hero इस बाइक में प्रीमियम सस्पेंशन और ब्रेकिंग सिस्टम देने की तैयारी कर रही है। संभावित हार्डवेयर फीचर्स: गोल्डन USD फ्रंट फोर्क्स प्रीलोड एडजस्टेबल रियर मोनोशॉक फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक डुअल-चैनल ABS स्विचेबल ABS (संभावित) स्विचेबल ABS फीचर अलग-अलग सड़क और राइडिंग परिस्थितियों में बेहतर कंट्रोल देने में मदद कर सकता है। फीचर्स के मामले में भी होगी पूरी तरह आधुनिक Hero Karizma XMR 250 में कई एडवांस टेक्नोलॉजी फीचर्स मिलने की उम्मीद है। संभावित फीचर्स: फुल LED लाइटिंग डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर Bluetooth कनेक्टिविटी Turn-by-Turn Navigation USB चार्जिंग पोर्ट Lap Timer Drag Timer एडजस्टेबल क्लिप-ऑन हैंडलबार स्प्लिट सीट मस्कुलर फ्यूल टैंक स्पोर्टी राइडिंग पोजिशन ये सभी फीचर्स इसे युवा राइडर्स और परफॉर्मेंस पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प बना सकते हैं। किन बाइक्स से होगा मुकाबला? लॉन्च के बाद Hero Karizma XMR 250 का मुकाबला भारतीय 250cc स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट की कई लोकप्रिय मोटरसाइकिलों से होने की संभावना है, जिनमें प्रमुख रूप से: KTM 250 Duke Suzuki Gixxer 250 Yamaha R15 (प्रीमियम स्पोर्ट्स सेगमेंट) Hero Xtreme 250R लॉन्च को लेकर क्या है अपडेट? फिलहाल Hero MotoCorp ने Karizma XMR 250 की लॉन्च डेट और कीमत का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। हालांकि, बिना कैमोफ्लाज के टेस्टिंग के दौरान दिखाई देने से माना जा रहा है कि कंपनी आने वाले महीनों में इसे भारतीय बाजार में पेश कर सकती है। अगर Hero इस बाइक को प्रतिस्पर्धी कीमत पर लॉन्च करती है, तो यह 250cc स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में ग्राहकों के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकती है।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Modern motorcycle with self-start system highlighting the absence of a traditional kick starter.
क्या आपकी बाइक में नहीं है किक स्टार्ट? जानिए सेल्फ स्टार्ट की वो कमजोरियां, जो मुश्किल समय में बढ़ा सकती हैं परेशानी

नई दिल्ली: आधुनिक बाइक्स और स्कूटर्स में अब किक स्टार्ट तेजी से गायब होता जा रहा है और उसकी जगह इलेक्ट्रिक स्टार्ट यानी सेल्फ स्टार्ट ने ले ली है। बटन दबाते ही इंजन चालू होने की सुविधा ने राइडिंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ ऐसी कमजोरियां भी जुड़ी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। कैसे काम करता है किक स्टार्ट सिस्टम? किक स्टार्ट पूरी तरह मैकेनिकल तकनीक पर आधारित होता है। इसमें किसी बैटरी या इलेक्ट्रिकल पावर की जरूरत नहीं पड़ती। जब राइडर किक लीवर पर पैर से दबाव डालता है, तो यह इंजन के क्रैंकशाफ्ट को घुमाता है और पिस्टन के जरिए फ्यूल में दहन की प्रक्रिया शुरू होती है। इसी से इंजन स्टार्ट हो जाता है। यही वजह है कि बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बावजूद किक स्टार्ट वाली बाइक आसानी से चालू की जा सकती है। इसी कारण इसे लंबे समय तक सबसे भरोसेमंद सिस्टम माना जाता रहा है। सेल्फ स्टार्ट का विज्ञान क्या है? इलेक्ट्रिक स्टार्ट या सेल्फ स्टार्ट पूरी तरह बैटरी पर निर्भर करता है। स्टार्ट बटन दबाने पर बैटरी से करंट स्टार्टर मोटर तक पहुंचता है, जो इंजन के गियर को घुमाकर उसे चालू कर देती है। यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है और इसमें किसी शारीरिक मेहनत की जरूरत नहीं होती। यही कारण है कि नई पीढ़ी की ज्यादातर बाइक्स और स्कूटर्स में केवल सेल्फ स्टार्ट सिस्टम ही दिया जा रहा है। खराब मौसम में सामने आती हैं कमजोरियां हालांकि दोनों सिस्टम की अपनी सीमाएं हैं। किक स्टार्ट कड़ाके की ठंड में कई बार ज्यादा मेहनत मांगता है। लंबे समय तक खड़ी रहने वाली बाइक को किक से स्टार्ट करना मुश्किल हो सकता है। दूसरी तरफ, सेल्फ स्टार्ट का सबसे बड़ा दुश्मन कमजोर या डेड बैटरी है। भारी बारिश, जलभराव या अत्यधिक ठंड में बैटरी की क्षमता कम हो सकती है, जिससे बाइक स्टार्ट नहीं होती। इलेक्ट्रिकल सिस्टम में नमी आने पर शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है। बैटरी पूरी तरह खत्म हो जाए तो क्या करें? अगर आपकी बाइक में किक स्टार्ट नहीं है और बैटरी डेड हो जाए, तो आपके पास दो विकल्प बचते हैं— जंप स्टार्ट: किसी दूसरी गाड़ी की बैटरी की मदद से शुरुआती पावर देकर बाइक स्टार्ट की जा सकती है। पुश स्टार्ट: मैनुअल गियरबॉक्स वाली बाइक्स में धक्का देकर दूसरे गियर में इंजन चालू किया जा सकता है। हालांकि यह तरीका ऑटोमैटिक स्कूटरों में काम नहीं करता। कौन सा सिस्टम ज्यादा भरोसेमंद? विशेषज्ञों के अनुसार, रोजमर्रा की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक स्टार्ट सबसे बेहतर विकल्प है, लेकिन आपात स्थिति में किक स्टार्ट एक मजबूत बैकअप साबित होता है। यही कारण है कि कई राइडर्स आज भी किक स्टार्ट वाली बाइक्स को अधिक भरोसेमंद मानते हैं।  

surbhi जून 22, 2026 0
TVS Raider 125 sport motorcycle showcased with sporty design and digital features for young riders
5.8 सेकेंड में 60 की रफ्तार पकड़ने वाली TVS Raider 125 बनी युवाओं की पहली पसंद, बिक्री 19 लाख यूनिट्स के पार

भारतीय टू-व्हीलर बाजार में 125cc सेगमेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और इसी दौड़ में TVS Motor Company की स्पोर्टी बाइक TVS Raider 125 ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। दमदार डिजाइन, शानदार परफॉर्मेंस और बजट फ्रेंडली कीमत की वजह से यह बाइक युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई है। अब लॉन्च के करीब पांच साल के भीतर इसकी कुल बिक्री 19 लाख यूनिट्स के आंकड़े को पार कर चुकी है। सितंबर 2021 में लॉन्च हुई TVS Raider 125 को शुरुआत से ही एक स्पोर्टी और फीचर-लोडेड कम्यूटर बाइक के रूप में पेश किया गया था। कम कीमत में स्पोर्ट्स बाइक जैसा लुक और आधुनिक फीचर्स मिलने के कारण कॉलेज स्टूडेंट्स और युवा राइडर्स ने इसे हाथोंहाथ लिया। यही वजह है कि यह बाइक लगातार 125cc सेगमेंट की टॉप सेलिंग मोटरसाइकिल्स में शामिल बनी हुई है। भारत के साथ विदेशों में भी बढ़ी मांग SIAM के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 तक TVS Raider 125 की कुल बिक्री 19 लाख यूनिट्स से अधिक हो चुकी है। इनमें घरेलू बाजार और एक्सपोर्ट दोनों के आंकड़े शामिल हैं। भारत में इसकी 16 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं, जबकि लगभग 2.86 लाख यूनिट्स विदेशी बाजारों में एक्सपोर्ट की गई हैं। बाइक की बढ़ती लोकप्रियता यह साबित करती है कि अब ग्राहक सिर्फ माइलेज नहीं, बल्कि डिजाइन, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। Raider 125 ने इन सभी जरूरतों को संतुलित तरीके से पूरा किया है। हर साल बढ़ती गई Raider 125 की बिक्री पिछले कुछ वर्षों में Raider 125 की बिक्री लगातार मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2024 कंपनी के लिए सबसे सफल वर्षों में से एक साबित हुआ, जब इसकी 4.78 लाख से अधिक यूनिट्स बिकीं। इसके बाद भी इसकी डिमांड कम नहीं हुई और FY2026 में बाइक की बिक्री 4.26 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गई। स्पोर्टी स्टाइल, बेहतर फीचर्स और आकर्षक कीमत ने इसे युवाओं की पसंदीदा बाइक बना दिया है। यही कारण है कि 125cc सेगमेंट में इसकी पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। कीमत और फीचर्स ने बनाया खास TVS Raider 125 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 82,860 रुपये है, जबकि इसका टॉप वेरिएंट लगभग 98,550 रुपये तक जाता है। कंपनी इसे कई आकर्षक कलर ऑप्शंस में बेचती है, जिनमें रेड और येलो जैसे स्पोर्टी रंग खासतौर पर युवाओं को पसंद आ रहे हैं। फीचर्स की बात करें तो बाइक में डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, स्मार्ट कनेक्टिविटी, LED लाइटिंग और आरामदायक सीट जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। इसका डिजाइन पारंपरिक कम्यूटर बाइक्स से काफी अलग और अधिक प्रीमियम नजर आता है। 5.8 सेकेंड में 60 की स्पीड TVS Raider 125 में 125cc का इंजन दिया गया है, जो 11.75Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 0 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड सिर्फ 5.8 सेकेंड में पकड़ सकती है। तेज एक्सीलरेशन, स्मूद राइडिंग और बेहतर कंट्रोल की वजह से यह बाइक शहर की सड़कों के साथ हाईवे पर भी अच्छा अनुभव देती है। यही परफॉर्मेंस इसे इस सेगमेंट की दूसरी बाइक्स से अलग पहचान दिलाती है। 125cc सेगमेंट में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा भारतीय बाजार में 125cc सेगमेंट तेजी से विस्तार कर रहा है। ग्राहक अब माइलेज के साथ स्पोर्टी डिजाइन और एडवांस फीचर्स भी चाहते हैं। ऐसे में TVS Raider 125 ने अपने टेक्नोलॉजी पैकेज और स्टाइलिश अपील के दम पर मजबूत ग्राहक आधार तैयार कर लिया है। आने वाले समय में इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है, लेकिन फिलहाल Raider 125 की रिकॉर्ड बिक्री TVS Motor Company के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।  

surbhi मई 26, 2026 0
2026 TVS Apache RTR 160 4V motorcycle with updated design, LED lights and sporty styling on road
2026 TVS Apache RTR 160 4V लॉन्च: नए डिजाइन और प्रीमियम फीचर्स के साथ और दमदार हुई बाइक

भारतीय टू-व्हीलर बाजार में TVS Apache RTR 160 4V का 2026 मॉडल लॉन्च हो गया है। TVS Motor Company ने इस अपडेटेड वर्जन में डिजाइन और फीचर्स को बड़ा अपग्रेड दिया है, जिससे यह 160cc सेगमेंट में और भी मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। फीचर्स में बड़ा अपग्रेड नई Apache RTR 160 4V के कई वेरिएंट्स में अब प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं, जो पहले केवल टॉप मॉडल तक सीमित थे। क्लास-D प्रोजेक्टर हेडलैंप के साथ LED DRLs फुल LED लाइटिंग सेटअप असिस्ट और स्लिपर क्लच (स्मूद डाउनशिफ्टिंग के लिए) ये अपडेट्स राइडिंग एक्सपीरियंस को ज्यादा आरामदायक और सेफ बनाते हैं। टॉप वेरिएंट में एडवांस टेक्नोलॉजी टॉप वेरिएंट में पहले की तरह हाई-एंड फीचर्स मौजूद हैं: USD फ्रंट फोर्क्स TFT डिजिटल डिस्प्ले ट्रैक्शन कंट्रोल अब इनमें से कुछ फीचर्स को निचले वेरिएंट्स में भी शामिल किया गया है, जिससे यह बाइक ज्यादा वैल्यू-फॉर-मनी बनती है। इंजन और परफॉर्मेंस नई Apache RTR 160 4V में 160cc का इंजन दिया गया है, जो 17.55 bhp की पावर जनरेट करता है। इसमें तीन राइडिंग मोड्स-Sport, Urban और Rain-दिए गए हैं, जिससे अलग-अलग रोड कंडीशन्स में बेहतर कंट्रोल मिलता है। स्मार्ट और प्रैक्टिकल फीचर्स TVS SmartXonnect (नेविगेशन और कॉल अलर्ट) रेडियल टायर्स (बेहतर ग्रिप के लिए) हाइड्रोफॉर्म्ड हैंडलबार (बेहतर हैंडलिंग) कीमत और उपलब्धता 2026 Apache RTR 160 4V की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹1,25,440 रखी गई है। यह बाइक देशभर में डीलरशिप्स पर उपलब्ध है। क्यों है यह अपडेट खास? इस अपडेट के साथ Apache RTR 160 4V अब न केवल ज्यादा फीचर-लोडेड हो गई है, बल्कि अपने सेगमेंट में बेहतर टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस का संतुलन भी पेश करती है। यह युवाओं और डेली राइडर्स दोनों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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anjali kumari जुलाई 11, 2026 0