NTA

Education Minister Dharmendra Pradhan reviewing NEET 2026 preparations amid the paper leak controversy.
NEET 2026: पेपर लीक दोषियों की सजा बने मिसाल, PM मोदी खुद रख रहे हैं नजर- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि पेपर लीक में शामिल दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य में दूसरों के लिए मिसाल बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है ताकि जल्द फैसला हो सके। 21 जून को होने वाले NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। मंगलवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA मुख्यालय पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और रिजल्ट प्रक्रिया का जायजा लिया। दोषियों पर होगी सबसे कड़ी कार्रवाई धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर तैयार करने और अनुवाद प्रक्रिया से जुड़े जिन लोगों ने देश के करोड़ों छात्रों का भरोसा तोड़ा है, उनके खिलाफ न केवल आपराधिक कार्रवाई होगी बल्कि नागरिक दायित्व (Civil Liability) के तहत भी कार्रवाई की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई को निर्देश दिया गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित की जाए ताकि जल्द फैसला सामने आ सके। शिक्षा मंत्री ने कहा, "दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो आने वाले समय में किसी के लिए भी चेतावनी और मिसाल बने।" PM मोदी भी कर रहे हैं निगरानी धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं और छात्रों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि NTA कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है ताकि उन संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। री-एग्जाम की तैयारियां अंतिम चरण में NTA पहले ही NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर चुका है। अब जल्द ही एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। कुछ छात्रों द्वारा परीक्षा केंद्र बदलने की मांग की गई है, जिस पर एजेंसी विचार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी फैसले छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। संसदीय समिति ने अधिकारियों को तलब किया बुधवार को संसद की स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, NTA और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की सुधार योजनाओं पर सवाल-जवाब करेगी। CUET-UG रिजल्ट भी जल्द NTA CUET-UG 2026 का रिजल्ट भी जल्द जारी करने की तैयारी में है। 7 जून को परीक्षा समाप्त होने के बाद 9 जून को प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी गई थी। छात्र 11 जून तक प्रति प्रश्न 200 रुपये शुल्क देकर आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इस वर्ष 243 विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश CUET स्कोर के आधार पर होगा। साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस सरकार ने NTA के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर के नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके अलावा IB, CBI और साइबर सुरक्षा एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।  

surbhi जून 10, 2026 0
Digvijay SIngh Letter
NEET-UG विवाद पर दिग्विजय सिंह का PM मोदी को पत्र, श्वेत पत्र जारी करने की मांग

नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को पत्र लिखा है। उन्होंने केंद्र सरकार से पिछले आठ वर्षों में NTA  द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि पिछले पेपर लीक मामलों की जांच किस प्रकार हुई और उसके परिणाम क्या रहे। जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न होने के कारण छात्रों में असमंजस और अविश्वास का माहौल बना हुआ है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई सार्वजनिक करने की मांग संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल पेपर लीक मामलों में सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई का कोई समेकित सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार एक श्वेत पत्र जारी करे, जिसमें प्रत्येक मामले का विवरण, गिरफ्तार आरोपियों के नाम, आरोपपत्र या क्लोजर रिपोर्ट की स्थिति और मुकदमों की वर्तमान प्रगति का उल्लेख हो। 2024 के मामलों का भी किया जिक्र दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में 2024 के नीट-यूजी पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ मुखिया के जमानत पर होने और कुछ मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने को लेकर छात्रों के बीच सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में स्पष्ट जानकारी न मिलने से अफवाहों को बढ़ावा मिल रहा है। 21 जून को होगी पुनर्परीक्षा गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा, जो 3 मई को आयोजित होनी थी, पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी। मामले की जांच सीबीआई कर रही है और परीक्षा की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है। दिग्विजय सिंह का मानना है कि पारदर्शिता बढ़ाने से छात्रों का परीक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थानों पर विश्वास दोबारा मजबूत हो सकेगा।

Unknown जून 5, 2026 0
Students entering NEET UG examination center as NTA finalizes re-exam arrangements nationwide
NEET UG 2026 री-एग्जाम: कब मिलेगा एडमिट कार्ड, कहां होगा सेंटर? NTA ने तैयारियों को दी अंतिम रूपरेखा

NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी और इसके लिए शिक्षा मंत्रालय तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। इस बार सबसे बड़ा फोकस छात्रों को उनके गृह क्षेत्र या पसंदीदा शहर के नजदीक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने पर है। इसी उद्देश्य से देशभर में नए परीक्षा केंद्रों की पहचान की जा रही है। 3.5 लाख छात्रों ने बदला परीक्षा शहर NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए करीब साढ़े तीन लाख छात्रों ने अपने परीक्षा शहर में बदलाव के लिए आवेदन किया है। छात्रों को दो शहरों का विकल्प देने का मौका मिला था। NTA सूत्रों के अनुसार, कोशिश की जा रही है कि अधिकतम छात्रों को उनकी पहली पसंद वाले शहर में परीक्षा देने का अवसर मिले। हालांकि, यदि किसी शहर में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक हो जाती है तो उसी क्षेत्र के नजदीकी शहर में सेंटर आवंटित किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी छात्र ने देहरादून को परीक्षा शहर चुना है और वहां सीटों की उपलब्धता कम है, तो उसे नजदीकी शहर जैसे रुड़की में केंद्र दिया जा सकता है। कब जारी होगी एग्जाम सिटी स्लिप? NTA की योजना के अनुसार 14 जून से पहले सभी उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा सिटी की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे छात्रों को यह पता चल जाएगा कि उन्हें किस शहर में परीक्षा देनी है। एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी होने के बाद छात्र अपनी यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी समय रहते कर सकेंगे। एडमिट कार्ड कब मिलेगा? री-एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड 16 जून तक जारी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। एडमिट कार्ड में छात्रों को परीक्षा केंद्र का पूरा पता, रिपोर्टिंग समय और परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाएंगे। छात्रों को सलाह दी गई है कि एडमिट कार्ड जारी होते ही उसमें दर्ज सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें। किन राज्यों में सबसे ज्यादा सेंटर? सूत्रों के मुताबिक इस बार उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, क्योंकि यहां से सबसे ज्यादा उम्मीदवार आवेदन करते हैं। इसके बाद महाराष्ट्र और राजस्थान उन राज्यों में शामिल हैं जहां बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि छात्रों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े। अफवाहों और फर्जी दावों पर NTA की सख्ती NEET UG 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और दावों की भी जांच की जा रही है। NTA के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा से जुड़ी हर सूचना पर नजर रखी जा रही है और छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। CUET-UG 2026 पर भी बड़ा अपडेट इस बीच CUET-UG 2026 परीक्षा कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। लगभग 60 हजार छात्रों की परीक्षा अब 6 और 7 जून को आयोजित होगी। 6 जून: सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक 7 जून: दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक NTA ने इन परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं। कई छात्रों के अन्य परीक्षाओं के साथ टकराव को देखते हुए शेड्यूल में यह बदलाव किया गया है। NEET UG 2026 री-एग्जाम में इस बार लगभग 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल होने वाले हैं। ऐसे में NTA की सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा को सुचारु, निष्पक्ष और विवाद-मुक्त तरीके से आयोजित करना होगी।  

surbhi जून 3, 2026 0
Security tightened for NEET re-test as Indian Army and Air Force oversee question paper transport
NEET री-टेस्ट के लिए बदली सुरक्षा व्यवस्था, अब सेना और वायुसेना की निगरानी में पहुंचेगा प्रश्नपत्र

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है। गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई हाईलेवल बैठक में तय किया गया कि अब परीक्षा के प्रश्नपत्रों के परिवहन और सुरक्षा में सेना और भारतीय वायुसेना की मदद ली जाएगी। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का उद्देश्य इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। यूपीएससी जैसी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर मजबूत बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को मल्टी-लेयर निगरानी में रखा जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए सेना और वायुसेना की सहायता देने पर सहमति जताई है। अब एयरफोर्स की मदद से प्रश्नपत्रों को संवेदनशील और दूरस्थ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों का भरोसा बहाल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बैठक के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछली परीक्षाओं में डाक विभाग और गृह मंत्रालय की भूमिका प्रमुख थी, लेकिन इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों और अभिभावकों का भरोसा वापस जीतना है। इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी निगरानी में रखा जाएगा। फीस रिफंड के लिए बैंक डिटेल जमा करने की तारीख बढ़ी NEET री-टेस्ट को लेकर NTA ने छात्रों को राहत देते हुए फीस रिफंड प्रक्रिया की डेडलाइन भी बढ़ा दी है। अब उम्मीदवार 22 जून रात तक अपने बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकेंगे। पहले यह अंतिम तिथि 27 मई निर्धारित की गई थी। बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों की मांग के बाद एजेंसी ने समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया। प्रधानमंत्री खुद रख रहे तैयारियों पर नजर सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET री-टेस्ट की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जा रही है। सरकार इस बार किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहती है, क्योंकि पेपर लीक विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा खड़ा कर दिया है। कोएम्प्ट एजूटेक कंपनी पर भी उठे सवाल विवाद के बीच सीबीएसई की ओर से OSM कॉन्ट्रैक्ट पाने वाली कंपनी Coempt Edutech भी जांच के घेरे में आ गई है। यह कंपनी पहले Globarena नाम से जानी जाती थी और तेलंगाना बोर्ड परीक्षा से जुड़े विवादों में उसका नाम सामने आया था। बताया जा रहा है कि 2019 और 2023 में परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विवादों के दौरान कई छात्रों ने आत्महत्या की थी। अब विपक्ष इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी ने छात्र के परिवार से मुलाकात कर सरकार पर साधा निशाना कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को NEET की तैयारी कर रहे छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात की। प्रदीप ने कथित तौर पर परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और ‘क्वेश्चन बैंक’ लीक की खबरों के बाद आत्महत्या कर ली थी। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि एक भ्रष्ट और टूट चुकी परीक्षा व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “मोदी-प्रधान की जोड़ी इस परिवार के सामने जवाबदेह है।” CBI की जांच तेज, अब तक 13 गिरफ्तार NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने कार्रवाई तेज कर दी है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह को 1 जून तक CBI हिरासत में भेज दिया है। वहीं प्रह्लाद कुलकर्णी और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 10 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। CBI ने देशभर में अब तक 49 स्थानों पर छापेमारी की है और कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप तथा मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को रद्द करना पड़ा NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। NTA के अनुसार, 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। अब 21 जून को री-टेस्ट आयोजित किया जाएगा।  

surbhi मई 29, 2026 0
CBI officials escort NEET-UG paper leak accused Manisha Mandhare after court hearing in Delhi.
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन, ‘मास्टरमाइंड’ मनीषा मंधारे 14 दिन की हिरासत में

Central Bureau of Investigation ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए NTA पैनलिस्ट और वनस्पति विज्ञान विशेषज्ञ Manisha Mandhare को गिरफ्तार किया है। दिल्ली की Rouse Avenue Court ने रविवार को उन्हें 14 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। अदालत ने आरोपी को 30 मई 2026 को दोबारा पेश करने का निर्देश दिया है। पेपर लीक साजिश में शामिल होने का आरोप सीबीआई के अनुसार, मनीषा मंधारे ने आरोपी मनीषा वाघमारे और प्रह्लाद विट्ठल राव कुलकर्णी समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री छात्रों तक पहुंचाने की साजिश रची। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में भारी रकम का लेन-देन हुआ। मंधारे NTA के विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा थीं और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल थीं। इसी दौरान उन्हें अंतिम प्रश्न सेट तक पहुंच मिली, जिसे कथित तौर पर बाद में लीक किया गया। मथुरा के होटल से हुई गिरफ्तारी सीबीआई ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद डिप्टी एसपी पवन कुमार कौशिक ने उन्हें अदालत में पेश किया। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वीके पाठक और लोक अभियोजक दर्शन लाल ने अदालत में दलील दी कि यह मामला एक बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा है और कई आरोपी अभी भी फरार हैं। एजेंसी ने कहा कि नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने के लिए 14 दिनों की हिरासत जरूरी है। अदालत ने माना गंभीर साजिश का मामला विशेष न्यायाधीश कोलेट रश्मी कुजूर ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच से यह एक बड़े संगठित रैकेट का हिस्सा प्रतीत होता है। अदालत ने माना कि कई अन्य सदस्य अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं और उनकी पहचान के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने आदेश में कहा कि “तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी को चिकित्सा परीक्षण के अधीन 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा जाता है।” डिजिटल सबूत और पैसों के लेन-देन की जांच सीबीआई ने अदालत को बताया कि अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि आरोपी को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाकर पूछताछ करनी होगी ताकि पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। बचाव पक्ष ने हिरासत का किया विरोध मनीषा मंधारे की ओर से अधिवक्ता करण मान, आकाश चौहान और निखिल सरोहा अदालत में पेश हुए। बचाव पक्ष ने 14 दिन की हिरासत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी 57 वर्ष की हैं, पेशे से लेक्चरर हैं और जांच में सहयोग कर रही हैं। वकीलों ने कहा कि आरोपी पहले ही दो बार जांच में शामिल हो चुकी हैं और उनके घर से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि केवल पुणे ले जाकर पूछताछ करनी है तो इतनी लंबी हिरासत की जरूरत नहीं है। CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग बचाव पक्ष ने अदालत में मामले से संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई है। अदालत ने इस पर सीबीआई से जवाब मांगा है। देशभर में जारी है जांच NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई इस पूरे संगठित नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।  

surbhi मई 18, 2026 0
Rahul Gandhi and BJP leaders clash over NEET-UG paper leak controversy and student future concerns.
NEET-UG पेपर लीक पर सियासी घमासान तेज, बीजेपी का राहुल गांधी पर पलटवार

Bharatiya Janata Party और Indian National Congress के बीच NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लाखों छात्रों के भविष्य से ऊपर “तुच्छ राजनीति” को तरजीह दी है। दरअसल, राहुल गांधी ने NEET-UG पेपर लीक विवाद, CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया और तीन-भाषा नीति को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan पर छात्रों को “विफल” करने का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री Narendra Modi से लाखों छात्रों का भविष्य “बर्बाद” करने के लिए माफी मांगने की मांग की थी। बीजेपी का जवाब- “छात्रों के भविष्य पर राजनीति” भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Gaurav Bhatia ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष छात्रों की चिंता करने के बजाय राजनीतिक अवसरवाद में लगा हुआ है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर छात्रों के भविष्य के बजाय तुच्छ राजनीति को चुना है।” भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस रचनात्मक सुझाव देने की बजाय केवल राजनीतिक नैरेटिव मजबूत करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दूसरों को जवाबदेही का पाठ पढ़ाने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुए पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और संस्थागत विफलताओं का जवाब देना चाहिए। “मोदी सरकार ने की त्वरित कार्रवाई” भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि मोदी सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में तेजी से कार्रवाई की है और जांच एजेंसियों ने कथित मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में चल रही कार्रवाई यह साबित करती है कि सरकार अपराधियों को संरक्षण नहीं देती। गौरव भाटिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “कांग्रेस की रणनीति छात्रों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना है।” उन्होंने आगे कहा, “यह कोई लीपापोती नहीं है, न ही चुप्पी। यह निर्णायक और संस्थागत कार्रवाई है।” शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ा राजनीतिक दबाव NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बनी हुई है। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, जबकि केंद्र सरकार और भाजपा दावा कर रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा व्यवस्था दोनों में बड़ा बहस का विषय बना रह सकता है।  

surbhi मई 18, 2026 0
Education Minister Dharmendra Pradhan addressing media on NEET paper leak controversy and re-exam announcement
NEET Paper Leak: ‘गलती हुई, जिम्मेदारी हमारी’, धर्मेंद्र प्रधान बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने माना कि परीक्षा व्यवस्था में चूक हुई है और सरकार इसकी जिम्मेदारी लेती है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। 21 जून को होगा NEET री-एग्जाम शिक्षा मंत्री ने बताया कि NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ कराया जाएगा ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा, “हम सभी छात्रों की चिंता और परेशानी को समझते हैं, लेकिन देशहित और ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए परीक्षा रद्द करने का फैसला लेना पड़ा।” ‘गेस पेपर’ की आड़ में लीक हुआ असली पेपर धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि 3 मई को परीक्षा होने के बाद 7 मई को National Testing Agency यानी NTA को शिकायत मिली थी कि कुछ ‘गेस पेपर’ में वही सवाल मौजूद थे, जो असली परीक्षा में पूछे गए। इसके बाद हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने तुरंत जांच शुरू की और मामला सरकारी एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई तक जांच में यह पुष्टि हो गई कि ‘गेस पेपर’ के नाम पर असली प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इसी के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। ‘काबिल छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे’ शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई मेहनती और योग्य छात्र एग्जाम माफिया या फर्जी अभ्यर्थियों की वजह से नुकसान उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली गड़बड़ियों के बाद बनाई गई राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को लागू किया गया था, इसके बावजूद यह घटना हुई। उन्होंने कहा, “जो भी गलतियां हुई हैं, उसकी जिम्मेदारी सरकार लेती है। हमारी नीति गलत कामों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की है।” CBI कर रही जांच मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation यानी CBI को सौंप दी गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कई सोशल मीडिया हैंडल्स गलत जानकारी फैलाकर सिस्टम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि CBI जल्द दोषियों को सामने लाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगले साल से CBT मोड में होगी परीक्षा शिक्षा मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि अगले साल से NEET परीक्षा CBT यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। री-एग्जाम के लिए नहीं लगेगी फीस NTA ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। छात्रों को परीक्षा केंद्र चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की अवधि भी 15 मिनट बढ़ा दी गई है। अब परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी।  

surbhi मई 15, 2026 0
Bihar Police investigating NEET UG 2026 solver gang linked to paper leak and MBBS student mastermind.
NEET UG 2026 रद्द: बिहार में 60 लाख की सेटिंग का खुलासा, MBBS छात्र निकला सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड

National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। एजेंसी ने कहा कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया। अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी, जिसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। इस बीच बिहार और राजस्थान से सामने आए खुलासों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। बिहार में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें एक MBBS छात्र को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। बिहार में सक्रिय था सॉल्वर गैंग Bihar के Nalanda जिले में पुलिस ने NEET परीक्षा से पहले एक संगठित सॉल्वर गैंग का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पास कराने के नाम पर 50 से 60 लाख रुपये तक की डील करता था। पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य आरोपी विम्स मेडिकल कॉलेज का MBBS छात्र अवधेश कुमार है। अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गाड़ी चेकिंग के दौरान खुला पूरा नेटवर्क 3 मई की रात पावापुरी थाना पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान स्कॉर्पियो-एन और ब्रेजा जैसी दो लग्जरी गाड़ियों को रोका गया। तलाशी के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध दस्तावेज, पहचान पत्र और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री मिली। इसके बाद तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। मुख्य आरोपी अवधेश कुमार के मोबाइल फोन की जांच में कई अहम चैट, कॉन्टैक्ट और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मिले। इसके बाद पुलिस ने Muzaffarpur, Jamui और Aurangabad समेत कई जिलों में छापेमारी की। 50-60 लाख रुपये में तय होती थी डील पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह असली उम्मीदवार की जगह सॉल्वर बैठाने की तैयारी करता था। इसके लिए पहले 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे, जबकि पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये तक में तय होती थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह इस नेटवर्क के प्रमुख सदस्य थे। डॉक्टर का बेटा समेत कई आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में Sitamarhi के डॉक्टर नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज भी शामिल है। इसके अलावा मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार समेत कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े कई लोग अब भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। राजस्थान से भी मिले पेपर लीक के संकेत Rajasthan में भी NEET पेपर लीक को लेकर बड़े संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों को कुछ छात्रों के पास हाथ से लिखे गए सवाल मिले, जो कथित तौर पर असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। Rajasthan Special Operations Group (SOG) ने Dehradun, Sikar और Jhunjhunu में कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही करीब 600 नंबर के सवाल छात्रों तक पहुंच गए थे। जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कथित क्वेश्चन बैंक केरल के एक मेडिकल छात्र के जरिए राजस्थान तक कैसे पहुंचा। NTA ने क्यों लिया परीक्षा रद्द करने का फैसला? NTA के अनुसार 8 मई से ही पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी। जांच रिपोर्ट में परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। एजेंसी ने कहा कि लाखों छात्रों के हित और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए री-एग्जाम जरूरी था। छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा NTA ने साफ किया है कि छात्रों को फिर से रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी। पुराने परीक्षा केंद्रों को ही बरकरार रखा जाएगा और नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही परीक्षा शुल्क वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। एजेंसी जल्द ही नई परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जारी करेगी।  

surbhi मई 13, 2026 0
Students checking NEET UG papers amid investigation into leaked PDF and matching exam questions controversy.
120 सवाल मैच होने के बाद खुला NEET UG ‘गेस पेपर’ का खेल, राजस्थान जांच में बड़ा खुलासा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा पहले ही रद्द की जा चुकी है, वहीं अब राजस्थान से सामने आए एक नए खुलासे ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। जांच में एक ऐसा “गेस पेपर” सामने आया है, जिसके करीब 120 सवाल असली परीक्षा से मेल खाते बताए जा रहे हैं। इस खुलासे के बाद पूरे मामले को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं। राजस्थान SOG को छात्रों के मोबाइल में मिला PDF Rajasthan Special Operations Group (SOG) की जांच के दौरान कुछ छात्रों के मोबाइल फोन से एक PDF दस्तावेज बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि यह करीब 150 पेज का दस्तावेज था, जिसमें 400 से ज्यादा सवाल शामिल थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस PDF में कुल करीब 410 सवाल थे और इनमें से लगभग 120 सवाल सीधे NEET UG 2026 परीक्षा में देखने को मिले। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह PDF परीक्षा से कई हफ्ते पहले ही WhatsApp के जरिए शेयर किया जा रहा था। आखिर इतने सवाल कैसे हुए मैच? आमतौर पर किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में गेस पेपर से कुछ सवाल मिल जाना सामान्य माना जाता है, लेकिन यहां मामला अलग बताया जा रहा है। जांच अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर सवालों का मेल होना संदेह पैदा करता है। इसी वजह से अब यह जांच की जा रही है कि क्या यह सिर्फ गेस पेपर था या फिर किसी संगठित नेटवर्क के जरिए असली प्रश्नपत्र से जुड़े इनपुट पहले ही लीक किए गए थे। ADGP विशाल बंसल ने क्या कहा? Vishal Bansal ने कहा कि मामला सामान्य पेपर लीक जैसा नहीं दिख रहा है। उनके मुताबिक आमतौर पर पेपर लीक करने वाले लोग प्रश्नों को सीमित लोगों तक रखते हैं ताकि आर्थिक फायदा उठाया जा सके, लेकिन इस मामले में सवालों वाला PDF बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच चुका था। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। NTA ने रद्द की परीक्षा विवाद बढ़ने के बाद National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। साथ ही दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा भी कर दी गई है। केंद्र सरकार ने मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी है। सुरक्षा के बावजूद कैसे हुआ लीक? NTA का दावा है कि परीक्षा के दौरान हाई-लेवल सिक्योरिटी का इस्तेमाल किया गया था। इसमें GPS ट्रैकिंग, AI आधारित CCTV निगरानी और बायोमेट्रिक जांच जैसी तकनीकों को शामिल किया गया था। इसके बावजूद सवालों के कथित लीक और गेस पेपर से बड़े स्तर पर मैच होने के बाद एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा में चूक आखिर कहां हुई।  

surbhi मई 13, 2026 0
Students protest against NEET-UG 2026 cancellation amid paper leak controversy and nationwide demonstrations.
NEET-UG 2026 रद्द: दिल्ली से केरल तक छात्रों का प्रदर्शन, नासिक से पेपर लीक आरोपी गिरफ्तार

NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। अब मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी गई है और जांच पूरी होने के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद छात्रों का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। दिल्ली से लेकर केरल तक छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दिल्ली में NSUI का प्रदर्शन, केरल में पुलिस से झड़प दिल्ली में National Students' Union of India (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। वहीं Thiruvananthapuram में Students' Federation of India (SFI) ने कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़कर परिसर में घुस गए, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। नासिक से पेपर लीक का आरोपी गिरफ्तार पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। महाराष्ट्र के Nashik से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान शुभम खैरनार के रूप में हुई है। नासिक क्राइम ब्रांच ने राजस्थान पुलिस के अनुरोध पर यह कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। विपक्ष ने सरकार पर बोला हमला कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने कहा कि “NEET अब परीक्षा नहीं, बल्कि नीलामी बन चुकी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के सपनों के लिए मौजूदा व्यवस्था सबसे बड़ा खतरा बन गई है। वहीं Arvind Kejriwal ने दावा किया कि देश में पेपर लीक एक संगठित नेटवर्क के तहत हो रहा है। उन्होंने छात्रों से अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने की अपील की। तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल Tejashwi Yadav ने कहा कि NEET परीक्षा रद्द होने से करीब 23 लाख छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक घटनाएं प्रशासनिक विफलता को दिखाती हैं। NTA महानिदेशक बोले- सभी दोषियों को जेल भेजेंगे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक Abhishek Singh ने कहा कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष होगी और छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसे सामने आया पेपर लीक का मामला अभिषेक सिंह के मुताबिक 7 मई की रात एजेंसी को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि परीक्षा से पहले कुछ प्रश्न व्हाट्सएप पर साझा किए गए थे। जांच में पाया गया कि 3 मई की परीक्षा से पहले कुछ मोबाइल फोन पर प्रश्नपत्र की पीडीएफ फाइलें भेजी गई थीं। जांच के दौरान कई सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए, जिसके बाद पेपर लीक की आशंका मजबूत हो गई। अब CBI यह पता लगाने में जुटी है कि 1 और 2 मई को ये फाइलें किन-किन लोगों तक पहुंची थीं और पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।  

surbhi मई 13, 2026 0
Students checking NEET UG 2026 admit card on laptop before medical entrance exam
NEET UG 2026 Admit Card जारी: लाखों छात्रों का इंतजार खत्म, 3 मई को होगी परीक्षा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए यह एक अहम अपडेट है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए अनिवार्य दस्तावेज है। बिना हॉल टिकट के किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसकी सभी जानकारी ध्यान से जांच लें। ऐसे करें NEET UG 2026 एडमिट कार्ड डाउनलोड सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं। होमपेज पर “NEET UG 2026 Admit Card” लिंक पर क्लिक करें। अब अपना Application Number, Date of Birth और Security Pin दर्ज करें। Submit बटन पर क्लिक करते ही आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिख जाएगा। सभी विवरण ध्यान से चेक करें और इसे डाउनलोड कर प्रिंटआउट निकाल लें। परीक्षा से जुड़ी अहम जानकारी NEET UG 2026 परीक्षा का आयोजन 3 मई 2026 को किया जाएगा। इससे पहले 13 अप्रैल को एग्जाम सिटी स्लिप जारी की गई थी, जिससे उम्मीदवारों को उनके परीक्षा शहर की जानकारी मिल चुकी है। अब एडमिट कार्ड जारी होने के बाद परीक्षा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना चाहिए और एडमिट कार्ड के साथ एक वैध पहचान पत्र भी जरूर ले जाना चाहिए।  

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
Students appearing for JEE Main 2026 exam amid controversy over provisional answer key errors
JEE Main 2026 Answer Key विवाद: 300 से ज्यादा सवालों पर आपत्ति, शिक्षा मंत्रालय सख्त

  इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 को लेकर इस बार बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सेशन-2 की प्रोविजनल आंसर-की में भारी गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं, जहां 300 से अधिक सवालों के जवाबों को छात्रों ने चुनौती दी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए Ministry of Education ने सख्त रुख अपनाया है और जांच के निर्देश दिए हैं। क्या है पूरा मामला? सूत्रों के अनुसार, 5 अप्रैल को हुई शिफ्ट-2 के केमिस्ट्री पेपर की आंसर-की में कई गलतियां पाई गईं। छात्रों ने बड़े पैमाने पर इन उत्तरों को चुनौती दी, जिसके बाद National Testing Agency (NTA) हरकत में आया। कुल 9 शिफ्ट में परीक्षा आयोजित हुई हर शिफ्ट में 75 सवाल कुल मिलाकर 675 सवालों की आंसर-की जारी हुई इनमें से लगभग आधे सवालों पर आपत्ति दर्ज की गई एक्सपर्ट कमेटी करेगी समीक्षा NTA ने एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है, जो: सभी चैलेंज किए गए सवालों की समीक्षा करेगी सही जवाब तय करेगी और उसी आधार पर फाइनल आंसर-की जारी की जाएगी शिक्षा मंत्रालय ने साफ कहा है कि फाइनल आंसर-की में किसी भी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए। हर साल क्यों उठता है विवाद? JEE Main में आंसर-की विवाद कोई नया मुद्दा नहीं है। हर साल: बड़ी संख्या में छात्र उत्तरों को चुनौती देते हैं कुछ सवाल ड्रॉप किए जाते हैं और कई बार आंसर-की में बदलाव भी होता है इस साल भी पहले सेशन में: मैथ्स के 2 सवाल फिजिक्स के 7 सवाल ड्रॉप किए गए थे, जबकि 5 उत्तरों में बदलाव किया गया था। रिजल्ट और आगे की प्रक्रिया JEE Main 2026 सेशन-2 का रिजल्ट 20 अप्रैल तक जारी हो सकता है इसके बाद JEE Advanced के लिए आवेदन शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन: 23 अप्रैल से 2 मई तक परीक्षा तिथि: 17 मई 2026 JEE Main के फाइनल रिजल्ट के आधार पर लगभग 2.5 लाख उम्मीदवार JEE Advanced के लिए क्वालिफाई करेंगे।

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Jamshid Ghomi accused of exporting sensitive US technology to Iran in sanctions case
दुनिया

अमेरिका में ईरान कनेक्शन का खुलासा, प्रतिबंधित टेक्नोलॉजी सप्लाई के आरोप में CEO गिरफ्तार

Deepshikha जून 4, 2026 0