Hashmatullah Shahidi Resigns: भारत के खिलाफ हाल ही में खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से हार झेलने के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। टीम के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने वनडे टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। 2022 में कप्तानी संभालने वाले 31 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ने लगभग तीन साल तक टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान अफगानिस्तान को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं। भारत के खिलाफ सीरीज के बाद लिया फैसला अफगानिस्तान ने भारत दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली, लेकिन टीम एक भी मुकाबला जीतने में सफल नहीं रही। भारतीय टीम ने सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। इसी सीरीज के बाद शाहिदी ने वनडे कप्तानी छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि बल्लेबाजी में उन्होंने सीरीज के अंतिम मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। कैसा रहा हशमतुल्लाह शाहिदी का कप्तानी रिकॉर्ड? हशमतुल्लाह शाहिदी को वर्ष 2022 में अफगानिस्तान की वनडे टीम की कमान सौंपी गई थी। उनकी कप्तानी में टीम ने कुल 55 वनडे मुकाबले खेले, जिनमें 27 मैचों में जीत दर्ज की। उनकी कप्तानी की प्रमुख उपलब्धियां: 2023 एशिया कप में टीम का नेतृत्व 2023 ODI वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में कप्तानी वर्ल्ड कप 2023 में इंग्लैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों को हराया टीम सेमीफाइनल की दौड़ में आखिर तक बनी रही बल्लेबाजी में भी छोड़ी मजबूत छाप 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले हशमतुल्लाह शाहिदी अफगानिस्तान के भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। अब तक उनके ODI करियर के प्रमुख आंकड़े: मैच: 96 रन: 2607 औसत: 33 पहला वनडे शतक: भारत के खिलाफ उन्होंने कई मौकों पर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने वाली पारियां भी खेलीं। कप्तानी में मिली कई ऐतिहासिक सीरीज जीत शाहिदी की कप्तानी में अफगानिस्तान ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया। टीम ने: बांग्लादेश को तीन वनडे सीरीज में हराया जिम्बाब्वे को दो बार सीरीज में मात दी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यादगार सीरीज जीती आयरलैंड को भी वनडे सीरीज में हराया 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड को हराकर बड़ा उलटफेर किया चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। यदि वह मैच पूरा होता और अफगानिस्तान जीतता, तो टीम सेमीफाइनल में पहुंच सकती थी। अब आगे क्या? 2027 ODI वर्ल्ड कप से पहले अफगानिस्तान को नया वनडे कप्तान चुनना होगा। टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती कप्तानी में स्थिरता बनाए रखने और आगामी ICC टूर्नामेंटों की तैयारी करने की होगी।
WI vs NZ 5th ODI Highlights: वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला भी बेहद रोमांचक रहा। बारबाडोस के ब्रिजटाउन में खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को 2 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। हालांकि, न्यूजीलैंड पहले ही सीरीज में बढ़त बना चुका था और 3-2 से सीरीज अपने नाम करने में सफल रहा। न्यूजीलैंड ने बनाए 268 रन टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट पर 268 रन बनाए। टीम ने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने दबाव में शानदार बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। हेटमायर और रदरफोर्ड ने संभाली पारी 269 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत उतार-चढ़ाव भरी रही। लेकिन शिमरोन हेटमायर और शेरफेन रदरफोर्ड ने टीम की वापसी कराई। शिमरोन हेटमायर: 69 रन (64 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) शेरफेन रदरफोर्ड: 61 रन दोनों बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को जीत की राह पर ला दिया। आखिरी ओवरों में बढ़ा रोमांच 41वें ओवर में माइकल ब्रेसवेल ने शेरफेन रदरफोर्ड को आउट कर दिया। उस समय वेस्टइंडीज को 58 गेंदों में 51 रन चाहिए थे और निचले क्रम के बल्लेबाज क्रीज पर आने लगे। इसके बाद: गुडाकेश मोती – 4 रन मैथ्यू फोर्डे – 8 रन अल्जारी जोसेफ – 0 रन जायडेन सील्स – 5* रन दूसरे छोर पर हेटमायर डटे रहे और उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को 48वें ओवर में, 15 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। न्यूजीलैंड ने जीती सीरीज भले ही आखिरी मुकाबले में न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन शुरुआती मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन की बदौलत उसने 5 मैचों की वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली। मैच का नतीजा न्यूजीलैंड: 268/9 (50 ओवर) वेस्टइंडीज: 269/8 (48 ओवर) वेस्टइंडीज 2 विकेट से विजेता सीरीज: न्यूजीलैंड ने 3-2 से जीती
भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला गुरुवार, 16 जुलाई को खेला जाएगा। पहले मैच में जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम की नजर इस मुकाबले को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर होगी। वहीं मेजबान इंग्लैंड वापसी करते हुए सीरीज को 1-1 से बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दूसरे वनडे को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। भारतीय टीम के लिए कप्तान शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली से बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी, जबकि इंग्लैंड की कप्तानी कर रहे हैरी ब्रूक अपनी टीम को घरेलू परिस्थितियों का फायदा दिलाने की कोशिश करेंगे। कब खेला जाएगा दूसरा वनडे? भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा वनडे मुकाबला 16 जुलाई (गुरुवार) को खेला जाएगा। कहां खेला जाएगा मैच? यह मुकाबला एजबेस्टन, बर्मिंघम में आयोजित होगा। मैच कितने बजे शुरू होगा? टॉस: भारतीय समयानुसार शाम 5:00 बजे मैच शुरू: भारतीय समयानुसार 5:30 बजे टीवी पर लाइव टेलीकास्ट कहां देखें? भारत और इंग्लैंड के दूसरे वनडे मैच का सीधा प्रसारण निम्नलिखित चैनलों पर देखा जा सकता है— Sony Sports Ten 1 Sony Sports Ten 1 HD Sony Sports Ten 3 Sony Sports Ten 4 ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग कहां देखें? यदि आप मोबाइल, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी पर मैच देखना चाहते हैं, तो इसकी लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा क्रिकेट फैंस JioHotstar पर भी मुकाबले का आनंद ले सकते हैं। फ्री में कैसे देखें मैच? अगर आपके पास Sony LIV या JioHotstar का सब्सक्रिप्शन नहीं है, तब भी आप यह मुकाबला मुफ्त में देख सकते हैं। भारत और इंग्लैंड के दूसरे वनडे का लाइव प्रसारण DD Sports चैनल पर उपलब्ध रहेगा। इसके लिए किसी अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता नहीं होगी। भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव। इंग्लैंड टीम हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर (विकेटकीपर), जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट और जोश टंग। सीरीज के लिहाज से यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। जहां भारत जीत के साथ ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड के लिए सीरीज बचाने की चुनौती होगी। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक मुकाबला देखने की पूरी उम्मीद है।
चेन्नई: भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा चुकी है और अब उसकी नजर 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर है। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। भारतीय टीम इस सीरीज में अब तक हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करती नजर आई है। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक, टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को लगातार दबाव में रखा है। ऐसे में चेपॉक में होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए सीरीज का शानदार समापन करने का मौका लेकर आया है। अफगानिस्तान के सामने मुश्किल चुनौती वनडे क्रिकेट में भारत के खिलाफ अफगानिस्तान का रिकॉर्ड बेहद कमजोर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक छह वनडे मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से पांच मैच भारत ने जीते हैं, जबकि एक मुकाबला 2018 एशिया कप में टाई रहा था। अफगानिस्तान अब तक भारत के खिलाफ अपनी पहली वनडे जीत की तलाश में है। यह सीरीज इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों देशों के बीच यह पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज है। चेपॉक की पिच और मौसम का हाल चेन्नई की चेपॉक पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन इस बार लाल मिट्टी वाली पिच पर तेज गेंदबाजों को भी अतिरिक्त उछाल और सहायता मिलने की उम्मीद है। मौसम की बात करें तो पिछले कुछ दिनों की बारिश के बाद अब आसमान साफ है। मैच से पहले मौसम सामान्य रहा, जिससे पूरे मुकाबले के बिना किसी रुकावट के संपन्न होने की संभावना बढ़ गई है। टॉस निभा सकता है अहम भूमिका एमए चिदंबरम स्टेडियम में अब तक 28 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 15 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को 12 बार सफलता मिली है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। इन आंकड़ों को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर खड़ा करने की रणनीति अपना सकती है। नीतीश रेड्डी की वापसी तय, हर्षित राणा को इंतजार जांघ की चोट से उबर चुके ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने नेट्स में पूरी फिटनेस के साथ गेंदबाजी की है और उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं, घुटने की सर्जरी के बाद टीम में लौटे तेज गेंदबाज हर्षित राणा फिलहाल बैकअप विकल्प के रूप में मौजूद हैं। लंबे समय बाद वापसी करने के कारण वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। संभावित प्लेइंग इलेवन भारत रोहित शर्मा यशस्वी जायसवाल शुभमन गिल (कप्तान) ईशान किशन (विकेटकीपर) श्रेयस अय्यर वॉशिंगटन सुंदर नीतीश रेड्डी हर्ष दुबे गुरनूर बरार प्रिंस यादव हर्षित राणा अफगानिस्तान रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर) इब्राहिम जादरान सेदिकुल्लाह अटल रहमत शाह हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान) दरविश रसूली राशिद खान नांगेलिया खरोटे मोहम्मद सलीम अल्लाह गजनफर बिलाल सामी भारत की नजर अब सिर्फ जीत पर नहीं, बल्कि अफगानिस्तान का पूरी तरह सफाया कर सीरीज को यादगार बनाने पर होगी। वहीं, अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने की कोशिश करेगा।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत करने जा रही है। धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जाने वाले पहले मुकाबले में टीम इंडिया कुछ नए संयोजनों के साथ मैदान पर उतर सकती है। विराट कोहली और हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी के कारण भारतीय टीम में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रोहित-गिल की जोड़ी करेगी पारी की शुरुआत पहले वनडे में कप्तान शुभमन गिल और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ओपनिंग करते नजर आ सकते हैं। शानदार फॉर्म में चल रहे यशस्वी जायसवाल को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है। नंबर-3 पर ईशान किशन की वापसी तय विराट कोहली के उपलब्ध नहीं होने के कारण नंबर-3 की जिम्मेदारी ईशान किशन को मिल सकती है। ईशान ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला भी अफगानिस्तान के खिलाफ ही खेला था। इंडियन प्रीमियर लीग और घरेलू क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन उन पर भरोसा जता सकता है। मध्यक्रम में अय्यर और राहुल पर जिम्मेदारी उपकप्तान श्रेयस अय्यर नंबर-4 और अनुभवी केएल राहुल नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। राहुल विकेटकीपर की भूमिका भी निभाएंगे। हार्दिक पंड्या की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। ऐसे में नंबर-6 पर युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को मौका मिल सकता है। उनके पास बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने का अवसर होगा। स्पिन विभाग में कुलदीप और वाशिंगटन स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर के कंधों पर होगी। दोनों खिलाड़ी मध्य ओवरों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रिंस यादव कर सकते हैं वनडे डेब्यू जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह संभालेंगे। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा भी नजर आ सकते हैं। तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में युवा प्रिंस यादव को डेब्यू का मौका मिलने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन रोहित शर्मा शुभमन गिल (कप्तान) ईशान किशन श्रेयस अय्यर (उपकप्तान) केएल राहुल (विकेटकीपर) नीतीश कुमार रेड्डी वाशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव अर्शदीप सिंह प्रिंस यादव प्रसिद्ध कृष्णा हार्दिक पंड्या और विराट कोहली की गैरमौजूदगी में युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया इस नई संयोजन के साथ सीरीज की शुरुआत किस अंदाज में करती है।
नई दिल्ली: अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए तैयार है। 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर यह सीरीज टीम इंडिया के लिए नए खिलाड़ियों को परखने और सही संयोजन तलाशने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। इस बीच भारतीय टीम से जुड़ी बड़ी खबर यह है कि अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे, जबकि रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या फिट होकर टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में किसे मिलेगा मौका? विराट कोहली की अनुपस्थिति में युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में टीम प्रबंधन उन्हें शीर्ष क्रम में मौका दे सकता है। रोहित शर्मा फिटनेस टेस्ट पास कर चुके हैं और उनके शुभमन गिल के साथ पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है। मिडिल ऑर्डर पर होगी बड़ी जिम्मेदारी मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनके साथ विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल टीम को मजबूती देंगे। हार्दिक पंड्या ऑलराउंडर की भूमिका में टीम का संतुलन बनाएंगे, जबकि वाशिंगटन सुंदर बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकते हैं। कुलदीप यादव संभालेंगे स्पिन विभाग स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी कुलदीप यादव के कंधों पर रहने की संभावना है। उनके साथ वाशिंगटन सुंदर दूसरे स्पिन विकल्प के तौर पर नजर आ सकते हैं। तेज गेंदबाजी विभाग में अर्शदीप सिंह के साथ प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिल सकता है। वहीं युवा खिलाड़ी गुरनूर ब्रार को भी डेब्यू का अवसर मिलने की चर्चा है। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की संभावित प्लेइंग XI रोहित शर्मा शुभमन गिल यशस्वी जायसवाल श्रेयस अय्यर केएल राहुल (विकेटकीपर) हार्दिक पंड्या वाशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव अर्शदीप सिंह गुरनूर ब्रार प्रसिद्ध कृष्णा कप्तानी को लेकर स्थिति रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रेयस अय्यर को सीमित ओवरों में नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, हालांकि अंतिम फैसला टीम प्रबंधन की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। सीरीज पर रहेंगी सभी की नजरें रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या की वापसी, विराट कोहली की गैरमौजूदगी और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी इस सीरीज को और दिलचस्प बना रही है। टीम इंडिया की नजरें न सिर्फ सीरीज जीतने पर होंगी, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत संयोजन तैयार करने पर भी रहेंगी।
भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह खबर टीम इंडिया और करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है, क्योंकि इस सीरीज को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा था। आईपीएल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करनी थी वापसी विराट कोहली आईपीएल 2026 के बाद इस सीरीज के जरिए भारतीय टीम में वापसी करने वाले थे। हालांकि चोट के चलते उनकी वापसी फिलहाल टल गई है। 37 वर्षीय कोहली अपनी फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उनका अचानक टीम से बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। आईपीएल 2026 में रहा शानदार प्रदर्शन कोहली ने हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। पूरे सीजन में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 56.25 और स्ट्राइक रेट 165.84 रहा। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे स्थान पर रहे। बीसीसीआई सूत्र ने दी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक सूत्र ने पुष्टि की है कि हैमस्ट्रिंग चोट के कारण विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 13 जून से शुरू होने वाली है। मुकाबलों का आयोजन धर्मशाला में किया जाएगा। टीम इंडिया के लिए क्यों अहम थी यह सीरीज? अफगानिस्तान के खिलाफ यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का शुरुआती चरण नए खिलाड़ियों को आजमाने का मौका अनुभवी खिलाड़ियों के संयोजन को मजबूत करना बल्लेबाजी क्रम को स्थिर करना ऐसे में विराट कोहली जैसे वरिष्ठ और अनुभवी बल्लेबाज का बाहर होना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अब किसे मिल सकता है मौका? कोहली की अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन किसी युवा बल्लेबाज या रिजर्व खिलाड़ी को मौका दे सकता है। हालांकि उनकी जगह कौन लेगा, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। चयनकर्ता जल्द ही टीम में बदलाव की घोषणा कर सकते हैं।
पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआती मुकाबले में करारी हार झेलने के बाद युवा और अनुभवहीन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा वनडे जीत लिया और सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। अब लाहौर में होने वाला तीसरा और अंतिम मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा। इस सीरीज की सबसे बड़ी खासियत बल्लेबाजों की परीक्षा लेने वाली धीमी और स्पिन-अनुकूल पिचें रही हैं। आधुनिक वनडे क्रिकेट के हाई-स्कोरिंग दौर में यह सीरीज 1990 के दशक की क्रिकेट की याद दिला रही है, जहां बल्लेबाजों को हर रन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और स्पिन गेंदबाज मैच का रुख तय कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की जुझारू बल्लेबाजी ने बदला माहौल दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने 231 रन का स्कोर खड़ा किया, जो इन परिस्थितियों में काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। कप्तान जोश इंग्लिस और कैमरून ग्रीन ने मुश्किल हालात में धैर्य दिखाते हुए पारी को संभाला। ग्रीन की अर्धशतकीय पारी खास रही। वह शुरुआत में लय तलाशते नजर आए, लेकिन दबाव के बीच उन्होंने महत्वपूर्ण रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद मैट रेनशॉ और 19 वर्षीय ओली पीक ने अंतिम ओवरों में तेज रन जोड़कर पाकिस्तान पर दबाव बना दिया। रेनशॉ का प्रदर्शन पूरी सीरीज में शानदार रहा है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी बेहतरीन शॉट चयन और स्ट्राइक रोटेशन से खुद को ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में साबित किया है। नाथन एलिस और स्पिनरों ने पाकिस्तान को किया परेशान गेंदबाजी में नाथन एलिस ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े मैच विनर साबित हुए। धीमी और पकड़ वाली पिच पर उन्होंने शानदार लाइन-लेंथ के साथ करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। स्पिन विभाग ने भी अहम भूमिका निभाई। मैट शॉर्ट ने तीन विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को झटका दिया, जबकि एडम जम्पा और टैनवीर संघा ने भी रन गति पर अंकुश बनाए रखा। पाकिस्तान के लिए बढ़ी चिंता पाकिस्तान के लिए इस सीरीज में कुछ सकारात्मक संकेत जरूर मिले हैं। युवा ऑलराउंडर अराफात मिन्हास ने बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया है, जबकि गाजी घोरी ने भी अपने प्रदर्शन से भविष्य की उम्मीदें जगाई हैं। हालांकि टीम की कई कमजोरियां अभी भी सामने आ रही हैं। बल्लेबाजी लगातार दबाव में नजर आई है और मध्यक्रम स्थिरता नहीं दिखा सका। शादाब खान ने दूसरे वनडे में 71 रन बनाकर टीम को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन गेंदबाजी में उनका संघर्ष जारी है। पाकिस्तान ने 2015 के बाद से अपने घर में सिर्फ एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज गंवाई है। ऐसे में अगर वह निर्णायक मुकाबला हारता है तो हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ मिली सीरीज हार के बाद टीम पर सवाल और गहरे हो सकते हैं। नजरें इन खिलाड़ियों पर साहिबजादा फरहान टी20 क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके फरहान वनडे में अभी तक प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। उन्होंने कुछ अच्छी शुरुआत की हैं लेकिन उन्हें बड़ी पारी में बदलने में असफल रहे हैं। निर्णायक मुकाबले में पाकिस्तान को उनसे मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। मैट रेनशॉ ऑस्ट्रेलिया के लिए रेनशॉ इस सीरीज के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे हैं। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने लगातार रन बनाए हैं। उनकी फॉर्म ऑस्ट्रेलिया के लिए निर्णायक मुकाबले में सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। टीम संयोजन पर नजर पाकिस्तान अब तक बिना बदलाव के उतरा है और संभावना है कि निर्णायक मुकाबले में भी वही संयोजन बरकरार रहेगा। हालांकि स्पिनर सुफियान मोकीम को मौका देने की मांग तेज हो रही है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए मार्नस लाबुशेन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम प्रबंधन उन्हें एक और मौका दे सकता है। पिच और मौसम रिपोर्ट लाहौर में एक बार फिर धीमी और स्पिन-अनुकूल पिच देखने को मिल सकती है। बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए धैर्य और समझदारी दिखानी होगी। मौसम गर्म रहने की संभावना है, हालांकि हल्की बारिश मुकाबले में थोड़ी भूमिका निभा सकती है। रिकॉर्ड पर नजर एडम जम्पा को वनडे क्रिकेट में 200 विकेट पूरे करने के लिए सिर्फ 3 विकेट की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया ने 1998 के बाद पाकिस्तान में कोई वनडे सीरीज नहीं जीती है। नाथन एलिस ने सिर्फ 5 वनडे में बाबर आजम को 3 बार आउट किया है, जो इस प्रारूप में किसी भी गेंदबाज द्वारा बाबर के खिलाफ संयुक्त रूप से सबसे अधिक है। निर्णायक मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम होगा। ऑस्ट्रेलिया 28 साल बाद पाकिस्तान में वनडे सीरीज जीतने का सपना पूरा करना चाहेगा, जबकि पाकिस्तान घरेलू सरजमीं पर अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए मैदान में उतरेगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।