नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत सरकार ने चांदी के आयात नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली चांदी की सिल्लियों और अर्ध-निर्मित चांदी उत्पादों को प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। इस फैसले के बाद बाजार में चांदी की सप्लाई प्रभावित होने और कीमतों में तेज उछाल आने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में घरेलू बाजार में चांदी और महंगी हो सकती है। क्या है सरकार का नया फैसला? सरकार ने 16 मई 2026 से चांदी की सिल्लियों और अन्य सेमी-फिनिश्ड सिल्वर उत्पादों के आयात पर सख्ती लागू कर दी है। पहले इनका आयात आसानी से हो जाता था, लेकिन अब केवल चुनिंदा एजेंसियों को ही आयात की अनुमति होगी। इनमें RBI से जुड़े बैंक, DGFT-अनुमोदित संस्थाएं और बुलियन एक्सचेंज से संबद्ध एजेंसियां शामिल हैं। क्यों उठाया गया यह कदम? सरकार का उद्देश्य बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा पर दबाव को कम करना है। मिडिल ईस्ट तनाव, डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी के कारण भारत का आयात खर्च तेजी से बढ़ा है। व्यापार मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने चांदी आयात पर करीब 12 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 4.8 अरब डॉलर था। अप्रैल में आयात में भारी उछाल अप्रैल 2026 में चांदी आयात में 157 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारत मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और चीन से चांदी आयात करता है। क्या महंगी होगी चांदी? कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई सीमित होने से घरेलू बाजार में प्रीमियम बढ़ सकता है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। फिलहाल भारत में 1 किलो चांदी की कीमत लगभग ₹2.80 लाख तक पहुंच चुकी है। मई 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। 16 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हफ्तेभर की तेज उतार-चढ़ाव के बाद बाजार फिलहाल थोड़ा शांत नजर आ रहा है। आज कितना सस्ता हुआ सोना? आज सोने की कीमत में मामूली 1 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट देखी गई है। आज का गोल्ड रेट कैरेट आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट (1 ग्राम) ₹15,790 ₹15,791 -₹1 22 कैरेट (1 ग्राम) ₹14,474 ₹14,475 -₹1 18 कैरेट (1 ग्राम) ₹11,842 ₹11,843 -₹1 शहरों में 22 कैरेट सोने का भाव शहर आज का रेट बदलाव Patna ₹14,479 -₹1 Lucknow ₹14,489 -₹1 Ranchi ₹14,474 -₹1 New Delhi ₹14,489 -₹1 Mumbai ₹14,474 -₹1 Kolkata ₹14,474 -₹1 चांदी में भी दिखी हल्की गिरावट चांदी की कीमतों में भी आज नरमी देखने को मिली है। 1 किलो चांदी का भाव 100 रुपये घटकर ₹2,89,900 पर पहुंच गया है। आज का सिल्वर रेट यूनिट आज का रेट कल का रेट बदलाव 1 ग्राम ₹289.90 ₹290 -₹0.10 10 ग्राम ₹2,899 ₹2,900 -₹1 1 किलो ₹2,89,900 ₹2,90,000 -₹100 शहरों में चांदी का भाव शहर आज का रेट (1Kg) बदलाव Patna ₹2,89,900 -₹100 Lucknow ₹2,89,900 -₹100 Ranchi ₹2,89,900 -₹100 New Delhi ₹2,89,900 -₹100 Mumbai ₹2,89,900 -₹100 अभी खरीदना सही रहेगा? विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल स्थिर नजर आ रहा है। छोटी खरीदारी करने वालों के लिए यह अच्छा मौका माना जा सकता है। हालांकि बड़ी खरीदारी करने वाले निवेशक 1-2 दिन बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर नजर रख सकते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। बुधवार को जारी आदेश में यह फैसला लिया गया। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ने की आशंका वहीं, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ सकती है। इससे पहले जब ड्यूटी कम की गई थी, तब स्मगलिंग में कमी आई थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार ने करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) को काबू में रखने के लिए यह कदम उठाया है। पहले से ही ऊंची कीमतों के बीच यह फैसला मांग को प्रभावित कर सकता है। क्या बदलाव हुआ? नया टैक्स: बीते दिनों सोने और चांदी के आयात पर 3% IGST लगाया गया। इसके बाद अब सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी। बैंकों स्थिति: IGST लगने के बाद बैंक इस बात को लेकर उलझन में थे कि यह टैक्स कैसे भरना है, इसलिए उन्होंने करीब एक महीने तक सोना मंगाना ही बंद कर दिया। नतीजा: अप्रैल में होने वाला आयात मात्र 15 टन रहने का अनुमान है, जो कोविड काल को छोड़कर पिछले तीन दशकों में किसी भी महीने के लिए सबसे कम है। सरकार ने ऐसा क्यों किया? भारत में लोग सोना बहुत खरीदते हैं। हमारा देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सोने की मांग को पूरा करने करने के लिए हमे इसे विदेश से मंगाना पड़ता है। इसके लिए डॉलर खर्च होते हैं। जब देश से ज्यादा पैसा बाहर जाने लगता है, तो देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। इसी 'आयात' को कम करने के लिए सरकार ने टैक्स के नियम कड़े किए हैं। आम आदमी पर इसका क्या असर होगा? कीमतों में बढ़ोतरी: जब सरकार टैक्स या ड्यूटी बढ़ाती है, तो सोने की 'लैंडिंग कॉस्ट' यानी भारत पहुंचने की कीमत बढ़ जाती है। यानी सोना पहले के मुकाबले महंगा मिलेगा। सप्लाई में कमी: टैक्स के झमेले और ऊंची कीमतों के कारण थोक व्यापारी कम सोना मंगाएंगे। बाजार में सोने की उपलब्धता कम होने से भी कीमतें बढ़ सकती हैं। अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा? इस फैसले से देश का व्यापार घाटा कम हो सकता है और रुपए को कुछ सहारा मिल सकता है। रुपया कल यानी 12 मई को डॉलर के मुकाबले 95.50 के ऑलटाइम लो पर चला गया था। संक्षेप में कहें तो, यह फैसला लंबी अवधि के लिए देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाने वाला है। पीएम ने दो बार कहा- एक साल तक सोना न खरीदे पीएम मोदी लगातार दो दिन (10 और 11 मई को) देशवासियों से 1 साल तक सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं। पीएम ने कहा था- एक समय था, जब संकट आने पर देशहित में लोग सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी।
देशभर के सर्राफा बाजार में एक बार फिर रौनक लौट आई है। Akshaya Tritiya और शादी के सीजन की वजह से सोने-चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर कीमतों पर देखने को मिल रहा है। 16 अप्रैल 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दोनों धातुओं के भाव में लगातार बढ़त दर्ज की गई है। सोने के दाम में लगातार तेजी ताजा रुझानों के मुताबिक: 24 कैरेट सोना ₹15,536 प्रति ग्राम तक पहुंच गया यानी ₹1,55,360 प्रति 10 ग्राम पिछले दो दिनों में 100 ग्राम पर करीब ₹29,000 तक की बढ़त शादी-ब्याह और त्योहारों के कारण बाजार में खरीदारी तेज है, जिससे कीमतों को मजबूती मिल रही है। आज का सोना भाव (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट: ₹1,55,360 (+₹10) 22 कैरेट: ₹1,42,410 (+₹10) 18 कैरेट: ₹1,16,520 (+₹10) प्रमुख शहरों में सोने के दाम (प्रति ग्राम) Delhi: ₹15,551 (24K) Mumbai: ₹15,536 (24K) Chennai: ₹15,623 (24K) Kolkata: ₹15,536 (24K) Patna: ₹15,698 (24K) चांदी भी रिकॉर्ड स्तर पर Silver की कीमतों में भी तेजी जारी है: 1 ग्राम: ₹270.10 1 किलो: ₹2,70,100 इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल मार्केट की हलचल के चलते चांदी इस महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। शहरों में चांदी के दाम (1 किलो) Delhi / Mumbai: ₹2,70,100 Chennai: ₹2,75,100 Patna / Ranchi: ₹2,75,000 क्या आगे और बढ़ेंगे दाम? विशेषज्ञों का मानना है कि: अंतरराष्ट्रीय तनाव त्योहारों की मजबूत मांग इन कारणों से Gold के दाम आगे और बढ़ सकते हैं। अनुमान है कि आने वाले समय में सोना ₹1.60 लाख से ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। खरीदारी का सही समय? अगर आप निवेश या ज्वेलरी के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा तेजी को ध्यान में रखते हुए सही समय पर निर्णय लेना अहम होगा। अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर खरीदारी को पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है, जिससे मांग और बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में कमजोरी के बीच कीमती धातुओं में हलचल तेज हो गई है। 15 अप्रैल 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी के दामों में मामूली गिरावट देखने को मिली। निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ने से सोना एक बार फिर चमकता नजर आ रहा है। सोने की कीमतों में क्यों आई तेजी? ग्लोबल मार्केट में Gold की कीमतें मजबूती के साथ करीब 4,850 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई हैं। इसके पीछे प्रमुख वजह अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की उम्मीदें और डॉलर का कमजोर होना है। भारतीय बाजार में भी इसका असर साफ दिखा: 24 कैरेट सोना: ₹1,53,940 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 22 कैरेट सोना: ₹1,41,110 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 18 कैरेट सोना: ₹1,15,460 प्रति 10 ग्राम (+₹10) प्रमुख शहरों में सोने के रेट (प्रति ग्राम) दिल्ली: ₹15,409 (24K), ₹14,126 (22K) मुंबई: ₹15,394 (24K), ₹14,111 (22K) पटना: ₹15,556 (24K), ₹14,260 (22K) यह बढ़त भले ही मामूली हो, लेकिन बाजार के रुख को दर्शाती है कि निवेशक अभी भी सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। चांदी में भारत में नरमी, ग्लोबल बाजार में मजबूती जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Silver की कीमत 1.6% बढ़कर करीब 81 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई, वहीं भारतीय बाजार में चांदी के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। आज का चांदी भाव: 1 किलोग्राम: ₹2,54,900 (₹100 की गिरावट) 100 ग्राम: ₹25,490 1 ग्राम: ₹254.90 शहरों में चांदी के रेट (1 किलो) दिल्ली/मुंबई/कोलकाता: ₹2,54,900 पटना/रांची: ₹2,65,000
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर United States और Iran के बीच जारी तनातनी के बीच सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, अनिश्चितता के माहौल में सेफ-हेवन निवेश के तौर पर इनकी मांग अभी भी बनी हुई है, जिससे बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना फिलहाल सीमित नजर आ रही है। सोने के दाम में मामूली गिरावट आज 24 कैरेट सोने की कीमत में हल्की नरमी देखने को मिली। प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,52,830 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले दिन के मुकाबले ₹10 कम है। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव में भी ₹10 की गिरावट दर्ज की गई है। रिटेल बाजार में मांग स्थिर बनी हुई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम है। सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट: ₹1,52,830 (– ₹10) 22 कैरेट: ₹1,40,090 (– ₹10) 18 कैरेट: ₹1,14,620 (– ₹10) शहरों में सोने के दाम देश के प्रमुख शहरों में सोने के रेट में मामूली अंतर देखने को मिला: मुंबई: 24K ₹15,283 | 22K ₹14,009 (प्रति ग्राम) दिल्ली: 24K ₹15,298 | 22K ₹14,024 चेन्नई: 24K ₹15,381 | 22K ₹14,099 कोलकाता: 24K ₹15,283 | 22K ₹14,009 Bengaluru: 24K ₹15,283 | 22K ₹14,009 पटना: 24K ₹15,447 | 22K ₹14,160 रांची: 24K ₹15,447 | 22K ₹14,160 चांदी में भी आई हल्की गिरावट चांदी की कीमतों में भी सोमवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई। 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹2,59,900 पर आ गया है, जो पिछले दिन से ₹100 कम है। हालांकि, अप्रैल महीने के शुरुआती रुझानों को देखें तो चांदी अब भी करीब 1.92% की बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में बनी हुई है। औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी इसे सहारा दे रही है। चांदी का भाव 1 किलो: ₹2,59,900 (– ₹100) 100 ग्राम: ₹25,990 (– ₹10) 10 ग्राम: ₹2,599 (– ₹1) शहरों में चांदी के रेट मुंबई: ₹2,599 (10g) | ₹2,59,900 (1kg) दिल्ली: ₹2,599 | ₹2,59,900 चेन्नई: ₹2,649 | ₹2,64,900 कोलकाता: ₹2,599 | ₹2,59,900 Bengaluru: ₹2,599 | ₹2,59,900 पटना: ₹2,650 | ₹2,65,000 रांची: ₹2,650 | ₹2,65,000 निवेशकों के लिए क्या संकेत? मौजूदा वैश्विक हालात में सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश विकल्प बने हुए हैं। हालांकि कीमतों में हल्की गिरावट अल्पकालिक है, लेकिन लंबे समय में इनकी स्थिरता बनी रह सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करें।
भारतीय सर्राफा बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। 11 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। ऐसे में अगर आप आज ज्वेलरी खरीदने या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो ताजा रेट्स जानना बेहद जरूरी हो जाता है। सोने के दाम में हल्की बढ़त आज सोने की कीमतों में प्रति ग्राम करीब 1 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 24 कैरेट सोना अब 15,236 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और बदलते भू-राजनीतिक हालात ने सोने को सहारा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोना अब भी सुरक्षित निवेश बना हुआ है, हालांकि आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। 10 ग्राम सोने का ताजा भाव 24 कैरेट: ₹1,52,360 (₹10 की बढ़त) 22 कैरेट: ₹1,39,660 (₹10 की बढ़त) 18 कैरेट: ₹1,14,270 (₹10 की बढ़त) प्रमुख शहरों में सोने का रेट (प्रति ग्राम) मुंबई: ₹15,236 दिल्ली: ₹15,251 चेन्नई: ₹15,410 कोलकाता: ₹15,236 बेंगलुरु: ₹15,236 पटना: ₹15,464 रांची: ₹15,464 चांदी की कीमत में भी उछाल चांदी के दाम में भी आज तेजी देखने को मिली है। कीमत में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के साथ चांदी 2,60,100 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर चांदी की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। चांदी का ताजा रेट 1 ग्राम: ₹260.10 100 ग्राम: ₹26,010 1 किलोग्राम: ₹2,60,100 शहरों में चांदी का भाव मुंबई/दिल्ली/कोलकाता/बेंगलुरु: ₹2,60,100 प्रति किलो चेन्नई: ₹2,65,100 प्रति किलो पटना/रांची: ₹2,65,000 प्रति किलो क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों में यह तेजी वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों के सुरक्षित विकल्प की ओर झुकाव को दर्शाती है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
गुड फ्राइडे के मौके पर सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय तनाव और डॉलर की मजबूती का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आ रहा है। देश में सोने के ताजा भाव (3 अप्रैल) दिल्ली: ₹1,49,110 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) मुंबई: ₹1,48,960 प्रति 10 ग्राम एक दिन पहले दिल्ली में सोना ₹1,51,500 प्रति 10 ग्राम था, यानी करीब ₹3,500 की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल हाजिर सोना: $4,591.52 प्रति औंस वैश्विक स्तर पर भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। क्यों सस्ता हुआ सोना? एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं: 🇺🇸 डॉलर मजबूत हुआ (0.5% बढ़कर 99–100 स्तर) कच्चे तेल की कीमतों में उछाल इजरायल-अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की आशंका होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने का खतरा इन सभी कारणों से निवेशकों का रुख बदला, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा। चांदी का भी गिरा भाव सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली, हालांकि विस्तृत रेट अलग-अलग शहरों में अलग हो सकते हैं। क्या आगे और गिरेंगे दाम? विशेषज्ञों का मानना है कि: अगर डॉलर और मजबूत होता है, तो सोना और सस्ता हो सकता है लेकिन भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर कीमतें फिर उछल सकती हैं
पिछले कारोबारी सत्र में तेज गिरावट के बाद मंगलवार, 10 मार्च को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में फिर से बढ़त देखने को मिली। पश्चिम एशिया में जारी Iran–Israel conflict से जुड़े घटनाक्रमों और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच दिल्ली में दोनों कीमती धातुओं के दाम हल्की तेजी के साथ खुले। बुलियन मार्केट के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में मामूली सुधार हुआ, जबकि चांदी ने भी गिरावट के बाद मजबूती दिखाते हुए फिर से ₹2.90 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया। 24 कैरेट सोने के दाम में बढ़त दिल्ली में 10 मार्च 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹70 प्रति ग्राम बढ़कर ₹16,253 हो गई। एक दिन पहले यानी 9 मार्च को यह ₹16,183 प्रति ग्राम पर थी, जब इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई थी। 8 ग्राम 24K सोना: ₹1,30,024 (₹560 की बढ़त) 10 ग्राम 24K सोना: ₹1,62,530 (₹700 की बढ़त) 100 ग्राम 24K सोना: ₹16,25,300 (₹7,000 की बढ़त) 22 कैरेट गोल्ड भी हुआ महंगा 22 कैरेट सोने की कीमत में भी मंगलवार को तेजी दर्ज की गई। 1 ग्राम: ₹14,900 (₹65 की बढ़त) 8 ग्राम: ₹1,19,200 (₹520 की बढ़त) 10 ग्राम: ₹1,49,000 (₹650 की बढ़त) 100 ग्राम: ₹14,90,000 (₹6,500 की बढ़त) इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई थी, जब एक ही सत्र में 100 ग्राम सोने का भाव करीब ₹19,700 तक गिर गया था। 18 कैरेट सोने के ताज़ा रेट सर्राफा बाजार में 18 कैरेट सोने के दाम में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई। 1 ग्राम: ₹12,194 (₹53 की बढ़त) 8 ग्राम: ₹97,552 (₹424 की बढ़त) 10 ग्राम: ₹1,21,940 (₹530 की बढ़त) 100 ग्राम: ₹12,19,400 (₹5,300 की बढ़त) चांदी के दाम में भी तेज उछाल सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। दिल्ली में चांदी का भाव ₹10 प्रति ग्राम बढ़कर ₹290 हो गया। 8 ग्राम चांदी: ₹2,320 (₹80 की बढ़त) 10 ग्राम चांदी: ₹2,900 (₹100 की बढ़त) 100 ग्राम चांदी: ₹29,000 (₹1,000 की बढ़त) 1 किलोग्राम चांदी: ₹2,90,000 (₹10,000 की बढ़त) विशेषज्ञों की राय कमोडिटी बाजार विशेषज्ञ Ross Maxwell, जो VT Markets में ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड हैं, का कहना है कि चांदी की कीमतों को लंबी अवधि में औद्योगिक मांग, इलेक्ट्रिफिकेशन, रिन्यूएबल एनर्जी और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता से समर्थन मिल सकता है। हालांकि मौजूदा समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।