RCB vs GT

Rajat Patidar celebrates explosive innings as RCB defeats Gujarat Titans in IPL Qualifier
लगातार दूसरी बार IPL फाइनल में पहुंची RCB, गुजरात टाइटंस को 92 रन से रौंदा

Royal Challengers Bengaluru ने आईपीएल 2026 के पहले क्वालीफायर में दमदार प्रदर्शन करते हुए Gujarat Titans को 92 रन से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ आरसीबी लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में पहुंचने में सफल रही है। वहीं हार के बावजूद गुजरात टाइटंस के पास अब भी फाइनल में पहुंचने का एक और मौका रहेगा। धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन आरसीबी के बल्लेबाजों ने इस फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। विराट और पडिक्कल ने संभाली पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और Venkatesh Iyer 19 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद Virat Kohli और Devdutt Padikkal ने टीम की पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच 72 रन की अहम साझेदारी हुई। विराट कोहली ने 43 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि देवदत्त पडिक्कल 30 रन बनाकर आउट हुए। रजत पाटीदार ने मचाया तूफान मध्यक्रम में कप्तान Rajat Patidar ने ऐसी बल्लेबाजी की जिसने मैच का पूरा रुख बदल दिया। उन्होंने Krunal Pandya के साथ मिलकर 95 रन की शानदार साझेदारी की। क्रुणाल पांड्या 43 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन पाटीदार एक छोर पर डटे रहे और गुजरात के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 छक्के और 5 चौके शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत आरसीबी ने 20 ओवर में 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गुजरात की ओर से Kagiso Rabada और Jason Holder ने 2-2 विकेट हासिल किए। पावरप्ले में बिखरी गुजरात की बल्लेबाजी 255 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद खराब रही। Sai Sudharsan 14 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कप्तान Shubman Gill सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद Jos Buttler 29 रन बनाकर आउट हुए। निशांत सिंधु 5 रन और जेसन होल्डर बिना खाता खोले आउट हो गए। पावरप्ले में ही गुजरात ने 5 विकेट गंवा दिए और वहीं से मुकाबला लगभग आरसीबी की पकड़ में चला गया। राहुल तेवतिया ने लड़ी अकेली लड़ाई लगातार विकेट गिरने के बीच Rahul Tewatia ने जरूर संघर्ष किया और 68 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास समर्थन नहीं मिला। Gujarat Titans की पूरी टीम 162 रन पर सिमट गई और आरसीबी ने मुकाबला 92 रन से अपने नाम कर लिया। आरसीबी की ओर से Jacob Duffy ने 3 विकेट लिए। Rasikh Salam, Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya ने 2-2 विकेट चटकाए, जबकि Josh Hazlewood को 1 सफलता मिली। अब ट्रॉफी से सिर्फ एक कदम दूर RCB लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने के बाद आरसीबी का आत्मविश्वास काफी ऊंचा होगा। टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभाग शानदार लय में नजर आ रहे हैं। अब फैंस को उम्मीद होगी कि इस बार बेंगलुरु की टीम अपना पहला आईपीएल खिताब जीतने में सफल हो सके।  

surbhi मई 27, 2026 0
Virat Kohli and Shubman Gill face off in IPL 2026 Qualifier 1 between RCB and Gujarat Titans
IPL 2026 Qualifier-1: विराट कोहली बनाम शुभमन गिल, आंकड़ों में कौन किस पर भारी?

आईपीएल 2026 अब अपने सबसे रोमांचक चरण में पहुंच चुका है। धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में आज Royal Challengers Bengaluru और Gujarat Titans के बीच क्वालीफायर-1 खेला जाएगा। इस मुकाबले की विजेता टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम को क्वालीफायर-2 में एक और मौका मिलेगा। लेकिन यह मैच सिर्फ दो टीमों के बीच की भिड़ंत नहीं है। क्रिकेट फैंस की नजरें खास तौर पर Virat Kohli और Shubman Gill की टक्कर पर टिकी हैं। एक तरफ अनुभव, निरंतरता और बड़े मैचों के खिलाड़ी विराट कोहली हैं, तो दूसरी ओर युवा कप्तान शुभमन गिल, जो इस सीजन गुजरात के सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं। इम्पैक्ट इंडेक्स में शुभमन गिल आगे अगर IPL 2026 में दोनों खिलाड़ियों के ओवरऑल इम्पैक्ट की बात करें, तो Shubman Gill इस सीजन थोड़ा आगे नजर आते हैं। WPA इम्पैक्ट इंडेक्स के अनुसार गिल ने 13 मैचों में कुल 2048.27 इम्पैक्ट पॉइंट्स हासिल किए हैं, जो उन्हें पूरे सीजन में दूसरे स्थान पर रखता है। वहीं Virat Kohli के नाम 14 मैचों में 1361.53 इम्पैक्ट पॉइंट्स हैं। गिल को कप्तानी के कारण अतिरिक्त पॉइंट्स भी मिले हैं, लेकिन सिर्फ बल्लेबाजी प्रदर्शन की तुलना में भी वह कोहली से आगे बने हुए हैं। रन और स्ट्राइक रेट में कांटे की टक्कर इस सीजन शुभमन गिल ने 381 गेंदों में 161.68 के स्ट्राइक रेट से 616 रन बनाए हैं। दूसरी ओर विराट कोहली ने 339 गेंदों में 164.31 के स्ट्राइक रेट से 557 रन बनाए हैं। यानी रन बनाने के मामले में गिल आगे हैं, जबकि स्ट्राइक रेट में कोहली का पलड़ा थोड़ा भारी है। गिल की पिछली पांच पारियों में 84, 85 और 63 रन की विस्फोटक पारियां शामिल हैं, जो उनके शानदार फॉर्म को दिखाती हैं। पावरप्ले में दोनों का प्रदर्शन लगभग बराबर पहले छह ओवरों में दोनों बल्लेबाजों का प्रदर्शन लगभग समान रहा है। Virat Kohli ने पावरप्ले में 176 गेंदों पर 165.34 के स्ट्राइक रेट से 291 रन बनाए हैं, जबकि Shubman Gill ने 175 गेंदों पर 165.14 के स्ट्राइक रेट से 289 रन बनाए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि दोनों बल्लेबाज शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेलने में भरोसा रखते हैं और अपनी टीम को तेज शुरुआत दिलाने में माहिर हैं। हेड टू हेड में विराट कोहली का पलड़ा भारी इस सीजन जब Royal Challengers Bengaluru और Gujarat Titans आमने-सामने आए, तब विराट कोहली ने गुजरात के गेंदबाजों के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की। कोहली ने GT के खिलाफ दो मैचों में 191.23 के स्ट्राइक रेट से 109 रन बनाए, जिसमें 81 रन की शानदार पारी भी शामिल रही। दूसरी ओर शुभमन गिल ने RCB के खिलाफ दो मैचों में 178.57 के स्ट्राइक रेट से 75 रन बनाए। दोनों बल्लेबाज दो-दो बार आउट हुए, लेकिन मैच पर प्रभाव डालने के मामले में विराट कोहली ज्यादा खतरनाक साबित हुए। मैच में कहां बदल सकता है खेल? गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी Virat Kohli को शुरुआती ओवरों में रोकना। इस सीजन कोहली ने फुल लेंथ गेंदों पर जमकर रन बनाए हैं। ऐसे में GT के गेंदबाज ऑफ स्टंप के बाहर हार्ड लेंथ गेंदों की रणनीति अपना सकते हैं। वहीं Royal Challengers Bengaluru के गेंदबाजों का फोकस शुभमन गिल को शुरुआत में बांधकर रखने पर होगा। आंकड़े बताते हैं कि ऑफ स्टंप के बाहर गुड लेंथ गेंदों पर गिल थोड़ा संघर्ष करते हैं। अगर RCB शुरुआती 15 गेंदों तक गिल को खुलकर खेलने से रोक देती है, तो मैच का रुख बदल सकता है। फैंस को मिलेगा हाई-वोल्टेज मुकाबला एक तरफ अनुभवी विराट कोहली हैं, जो बड़े मुकाबलों में अक्सर अलग स्तर का प्रदर्शन करते हैं। दूसरी ओर शुभमन गिल हैं, जो इस सीजन कप्तान और बल्लेबाज दोनों भूमिकाओं में शानदार नजर आए हैं। ऐसे में धर्मशाला में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ क्वालीफायर-1 नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के वर्तमान और भविष्य की भी टक्कर माना जा रहा है।  

surbhi मई 26, 2026 0
Virat Kohli and Shubman Gill ahead of IPL 2026 Qualifier 1 in Dharamshala
IPL 2026 Qualifier-1: धर्मशाला में आज RCB और GT के बीच महामुकाबला, फाइनल की जंग होगी बेहद रोमांचक

आईपीएल 2026 अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है। मंगलवार को धर्मशाला के खूबसूरत हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में Royal Challengers Bengaluru और Gujarat Titans के बीच क्वालीफायर-1 खेला जाएगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम को क्वालीफायर-2 में एक और मौका मिलेगा। क्रिकेट फैंस की नजरें इस मुकाबले पर टिकी हुई हैं क्योंकि दोनों टीमें इस सीजन शानदार फॉर्म में रही हैं। एक तरफ विराट कोहली की अनुभवी बल्लेबाजी है तो दूसरी तरफ शुभमन गिल की कप्तानी में गुजरात टाइटंस का संतुलित प्रदर्शन। RCB के लिए चोटें बनी चिंता Royal Challengers Bengaluru के लिए प्लेऑफ से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। इंग्लैंड के ऑलराउंडर Jacob Bethell उंगली की चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। यह आरसीबी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने मध्यक्रम में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज Phil Salt की फिटनेस पर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। वह लंबे समय से उंगली की चोट से जूझ रहे हैं और मैच से पहले उनकी उपलब्धता पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अगर साल्ट फिट नहीं होते हैं तो आरसीबी को अपने बैटिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव करना पड़ सकता है। गुजरात टाइटंस पूरी ताकत के साथ तैयार दूसरी ओर Gujarat Titans के लिए अच्छी खबर यह है कि कप्तान Shubman Gill के पास पूरी तरह फिट स्क्वाड मौजूद है। टीम अपने विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी में है। गुजरात की बल्लेबाजी इस सीजन काफी मजबूत नजर आई है। शुभमन गिल के अलावा Jos Buttler और Sai Sudharsan ने लगातार रन बनाए हैं। वहीं गेंदबाजी में Rashid Khan, Mohammed Siraj और Kagiso Rabada टीम की सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं। संभावित प्लेइंग 11 RCB संभावित प्लेइंग 11 Royal Challengers Bengaluru: Virat Kohli, Phil Salt (यदि फिट), देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, जितेश शर्मा, Tim David, रोमारियो शेफर्ड, Krunal Pandya, सुयश शर्मा, Bhuvneshwar Kumar, रसिक सलाम डार, Josh Hazlewood। GT संभावित प्लेइंग 11 Gujarat Titans: Shubman Gill, Sai Sudharsan, Jos Buttler, Washington Sundar, निशांत सिंधु, Jason Holder, Rahul Tewatia, Rashid Khan, Kagiso Rabada, Mohammed Siraj, अरशद खान, Prasidh Krishna। मैच की सबसे बड़ी टक्कर धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है। ऐसे में मुकाबले की शुरुआत बेहद रोमांचक हो सकती है। आरसीबी के लिए Josh Hazlewood और Bhuvneshwar Kumar की जोड़ी शुरुआती ओवरों में शुभमन गिल को रोकने की कोशिश करेगी। वहीं गुजरात की तरफ से Mohammed Siraj और Kagiso Rabada के सामने Virat Kohli की परीक्षा होगी। इसके अलावा मध्य ओवरों में राशिद खान की स्पिन और टिम डेविड की फिनिशिंग इस मुकाबले का रुख बदल सकती है। कौन पहुंचाएगा फाइनल में जगह? दोनों टीमें संतुलित नजर आ रही हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस को फिट स्क्वाड होने का फायदा मिल सकता है। दूसरी ओर विराट कोहली जैसे बड़े मैच खिलाड़ी की मौजूदगी आरसीबी को अतिरिक्त मजबूती देती है। ऐसे में धर्मशाला में होने वाला यह मुकाबला आईपीएल 2026 के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है।  

surbhi मई 26, 2026 0
Shubman Gill celebrates Gujarat Titans victory over RCB in IPL 2026 Ahmedabad
IPL 2026: गुजरात टाइटंस की दमदार जीत, शुभमन गिल बोले–RCB को 155 पर रोकना रहा निर्णायक

अहमदाबाद में खेले गए Indian Premier League 2026 के रोमांचक मुकाबले में Gujarat Titans ने Royal Challengers Bangalore को 4 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच के बाद कप्तान Shubman Gill ने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को 155 रन पर रोकना इस जीत की सबसे बड़ी कुंजी रही। RCB की बल्लेबाजी रही फीकी, पहली बार ऑल आउट टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी Royal Challengers Bangalore की टीम मेजबान गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और 19.2 ओवर में 155 रन पर सिमट गई। यह इस सीजन में RCB का पहला ऑल आउट था, जो टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गिल और बटलर ने दिलाई तेज शुरुआत लक्ष्य का पीछा करने उतरी Gujarat Titans को कप्तान Shubman Gill (18 गेंदों में 43 रन) और Jos Buttler (19 गेंदों में 39 रन) ने तेज और मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में ही मैच का रुख तय कर दिया। अंत में Rahul Tewatia की नाबाद 27 रन की उपयोगी पारी की बदौलत टीम ने 15.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 158 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। गिल बोले–टीम ने की शानदार वापसी मैच के बाद Shubman Gill ने कहा, “ऐसे विकेट पर Royal Challengers Bangalore जैसी मजबूत टीम को 155 रन पर रोकना बड़ी उपलब्धि है। हमारी फील्डिंग पूरे टूर्नामेंट में हमेशा अच्छी नहीं रही, लेकिन दूसरे ओवर के बाद टीम की ऊर्जा शानदार रही और हमने जबरदस्त वापसी की।” बल्लेबाजी में आत्मविश्वास दिखा अपनी बल्लेबाजी को लेकर गिल ने कहा कि शुरुआत में उन्हें थोड़ी किस्मत का साथ मिला, लेकिन इसके बाद वह पूरी तरह आत्मविश्वास में आ गए। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य गेंदबाजों पर दबाव बनाना था और उसी रणनीति ने टीम को जीत दिलाई। गिल ने Rahul Tewatia की तारीफ करते हुए उन्हें टीम का अहम खिलाड़ी बताया और कहा कि उन्होंने मैच को शानदार अंदाज में खत्म किया, भले ही बीच में कुछ विकेट जल्दी गिर गए थे।  

surbhi मई 1, 2026 0
Shubman Gill reacts after Gujarat Titans lose to RCB in IPL thriller at Chinnaswamy Stadium
RCB vs GT: आखिरी ओवरों में ढह गई गुजरात की रणनीति, शुभमन गिल ने बताई हार की असली वजह

एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से मात देकर शानदार जीत दर्ज की। यह मैच शुरुआत से ही हाई-स्कोरिंग और उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन अंत के ओवरों में गुजरात की कमजोर बल्लेबाजी और आरसीबी की सधी हुई गेंदबाजी ने पूरा खेल बदल दिया। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने हार के बाद खुलकर अपनी टीम की खामियों को स्वीकार किया और बताया कि आखिर कहां मैच हाथ से निकल गया। आखिरी ओवर बने हार की सबसे बड़ी वजह: शुभमन गिल शुभमन गिल ने कहा कि गुजरात टाइटंस 16वें से 19वें ओवर के बीच पूरी तरह मैच पर पकड़ खो बैठी। उन्होंने बताया कि: 17वें, 18वें और 19वें ओवर में एक भी बाउंड्री नहीं लग सकी इसी वजह से टीम का स्कोर उम्मीद से काफी कम रह गया टीम जिस टोटल की ओर बढ़ रही थी, वह पूरा नहीं हो सका गिल के मुताबिक, यही वह निर्णायक मोड़ था जिसने मैच का रुख बदल दिया। मिडिल ओवर्स में भी नहीं मिला जरूरी ब्रेकथ्रू गिल ने गेंदबाजी विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पावरप्ले के बाद टीम सही स्थिति में थी, लेकिन विकेट निकालने में नाकाम रही। उन्होंने स्वीकार किया कि: शुरुआती ओवर्स में प्रदर्शन ठीक रहा लेकिन मिडिल ओवर्स में दबाव बनाए नहीं रखा जा सका विकेट न मिलने की वजह से आरसीबी को वापसी का मौका मिल गया विराट कोहली का जीवनदान साबित हुआ टर्निंग पॉइंट मैच का एक अहम मोड़ तब आया जब विराट कोहली को शुरुआती ओवरों में जीवनदान मिला। वाशिंगटन सुंदर ने मोहम्मद सिराज की गेंद पर उनका आसान कैच छोड़ दिया, तब कोहली बिना खाता खोले खेल रहे थे। इसके बाद कोहली ने अपनी पारी को संभालते हुए आरसीबी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। साई सुदर्शन की शतकीय पारी, फिर भी नहीं मिला फायदा गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 205/3 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा: साई सुदर्शन का 58 गेंदों पर शानदार 100 रन एक समय GT 16 ओवर में 170/2 पर थी और 220+ स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी, लेकिन 16वें ओवर में सुदर्शन के आउट होने के बाद रनगति धीमी पड़ गई। आरसीबी की गेंदबाजी ने पलटा मैच आरसीबी के गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में कमाल का प्रदर्शन किया। सुयश शर्मा भुवनेश्वर कुमार जोश हेजलवुड इन तीनों ने मिलकर अगले ओवरों में गुजरात को पूरी तरह रोक दिया और लगातार तीन ओवरों में एक भी बाउंड्री नहीं दी, जिससे दबाव पूरी तरह आरसीबी की ओर चला गया।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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