road accident

Jaipur Police arrest accused in the murder of a woman allegedly killed by her daughter in a contract killing disguised as a road accident.
जयपुर में बेटी ने रची मां की हत्या की साजिश, नौकरी और संपत्ति के लालच में दिलाई सुपारी

सड़क हादसे का रूप देकर हत्या छिपाने की कोशिश, पुलिस जांच में खुली साजिश; बेटी समेत 7 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार नौकरी और संपत्ति के लालच में बेटी ने कराई मां की हत्या राजस्थान की राजधानी जयपुर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 23 वर्षीय युवती ने सरकारी नौकरी और संपत्ति पाने के लिए अपनी ही मां की सुपारी देकर हत्या करवा दी। आरोपियों ने वारदात को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। मामले में आरोपी बेटी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। पहले सड़क हादसा माना गया मामला पुलिस के अनुसार, प्रताप नगर के रविंद्र नगर निवासी 45 वर्षीय नीरज शर्मा की 3 जुलाई को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन मृतका के भाई राकेश शर्मा ने अपनी भांजी पर शक जताते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। अनुकंपा नौकरी और जायदाद बना हत्या का कारण जांच में सामने आया कि नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा अदालत में कनिष्ठ लिपिक (एलडीसी) थे। करीब एक वर्ष पहले उनके निधन के बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। पुलिस के मुताबिक, उनकी बेटी आयुषी चाहती थी कि यह सरकारी नौकरी उसे मिले। जब उसकी मां ने नौकरी छोड़ने से इनकार कर दिया और स्वयं कार्यभार संभाल लिया, तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आयुषी ने नौकरी और मां की संपत्ति हासिल करने के लिए हत्या की साजिश रची। ताऊ और रिश्तेदारों के साथ मिलकर बनाई योजना पुलिस जांच में पता चला कि आयुषी ने अपने ताऊ और उनके बेटे के साथ मिलकर मां की हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने कुछ लोगों को सुपारी देकर नीरज शर्मा को वाहन से कुचलने की साजिश रची ताकि मामला सामान्य सड़क हादसा लगे और किसी को हत्या का संदेह न हो। योजना के तहत 3 जुलाई को स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर नीरज शर्मा की हत्या कर दी गई। पुलिस ने खोला पूरा राज पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य सबूतों के आधार पर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ। मामले में मुख्य आरोपी बेटी आयुषी, उसके ताऊ और अन्य सहयोगियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार, इस मामले का एक आरोपी अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस कर रही आगे की जांच जांच एजेंसियां अब आरोपियों के बीच हुई बातचीत, आर्थिक लेन-देन और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।  

Deepshikha जुलाई 9, 2026 0
Rescue teams work at the site where a passenger bus plunged into a deep ravine in Pakistan's Khyber Pakhtunkhwa province, killing dozens of people.
पाकिस्तान में दर्दनाक सड़क हादसा: खैबर पख्तूनख्वा में बस खाई में गिरी, महिलाओं-बच्चों समेत 40 की मौत

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब यात्रियों से भरी एक बस गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में आठ यात्रियों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दुर्गम मोड़ पर अनियंत्रित होकर खाई में गिरी बस प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस बलूचिस्तान के शेरानी जिले से होते हुए पेशावर जा रही थी। जैसे ही वाहन डेरा इस्माइल खान जिले में पहुंचा, पहाड़ी क्षेत्र के एक खतरनाक मोड़ पर चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और बस गहरी खाई में जा गिरी। अधिकारियों का मानना है कि ब्रेक फेल होने की वजह से यह हादसा हुआ, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। हादसे की जांच शुरू प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाकों में खराब सड़कें, दुर्गम भूभाग, प्रतिकूल मौसम और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण अक्सर गंभीर सड़क हादसे होते रहते हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई या चालक की लापरवाही भी इसकी वजह बनी। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने जताया शोक पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और हर संभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ रहे सड़क हादसे खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के पहाड़ी इलाकों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब सड़क ढांचा, पुराने वाहन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ऐसे हादसों की प्रमुख वजह हैं। हालिया दुर्घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
A private bus and a truck engulfed in flames after a collision on the Delhi-Mumbai Expressway near Dausa, Rajasthan.
राजस्थान: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, बस-ट्रक टक्कर के बाद लगी आग, 7 लोगों की मौत

दौसा: राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। उत्तराखंड के ऋषिकेश से मध्य प्रदेश के इंदौर जा रही एक निजी बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए। धनावड़ा के पास हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, दुर्घटना कोलवा थाना क्षेत्र के धनावड़ा के पास हुई। दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य की सिर में गंभीर चोट लगने से जान चली गई। उन्होंने बताया कि हंस ट्रेवल्स की बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी। इसी दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया हादसे के बाद स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। हादसे का वीडियो आया सामने इस भीषण दुर्घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बस और ट्रक आग की लपटों में घिरे दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है, वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।  

Deepshikha जुलाई 1, 2026 0
Koderma road accident
कोडरमा में बड़ा सड़क हादसा टला, टोटो को बचाने के प्रयास में डिवाइडर से टकराकर हवा में उछली कार

कोडरमा। जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र स्थित चंदवारा बाजार में शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार कार टोटो और मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार डिवाइडर से टकराने के बाद हवा में उछल गई। राहत की बात यह रही कि कार में सवार सभी चार लोग सुरक्षित बच गए। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।   टोटो चालक की लापरवाही बनी हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टोटो चालक सवारी बैठाने के बाद बिना आगे-पीछे का ट्रैफिक देखे अचानक चार लेन हाईवे पर मुड़ गया। उसी समय तेज रफ्तार से आ रही कार के चालक ने टोटो और बाइक को बचाने की कोशिश की, लेकिन वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सीधे डिवाइडर से टकरा गई और गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद टोटो चालक मौके से फरार हो गया।   पटना जा रहे थे कार सवार कार में सवार लोगों ने बताया कि वे पटना जा रहे थे। अचानक सामने टोटो आने के कारण दुर्घटना से बचने के लिए कार मोड़ी गई, लेकिन संतुलन बिगड़ने से हादसा हो गया। हालांकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बावजूद किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।   यातायात नियमों के पालन की उठी मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बढ़ती लापरवाही पर चिंता जताई। उनका कहना है कि बिना ट्रैफिक देखे सड़क पार करना और नियमों की अनदेखी लगातार हादसों का कारण बन रही है। लोगों ने प्रशासन से चंदवारा बाजार क्षेत्र में प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था, गति नियंत्रण के उपाय और आवश्यकता अनुसार स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

anjali kumari जून 20, 2026 0
Pakur accident
पाकुड़ में बारातियों से भरी बस पलटी, दो की मौत, 33 घायल

रांची। झारखंड के पाकुड़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बारातियों से भरी बस पलट गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि 33 लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना अमड़ापाड़ा प्रखंड के मालीपाड़ा गांव के पास देर रात करीब एक बजे हुई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान 64 वर्षीय ओलेन मुर्मू और 16 वर्षीय राजेश टुडू के रूप में हुई है। हादसे में घायल हुए सभी लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।   बारात से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, महेशपुर प्रखंड के परियारदाहा गांव से एक बारात गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी गांव गई थी। बारात से लौटते समय अमड़ापाड़ा-सिंगारसी मुख्य सड़क पर मालीपाड़ा गांव के निकट चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया, जिसके बाद बस सड़क किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के अनुसार बस तेज रफ्तार में चल रही थी। अचानक संतुलन बिगड़ने से बस पलट गई और कई यात्री सीटों तथा बस के अन्य हिस्सों के नीचे दब गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर यात्रियों को बाहर निकाला।   पांच गंभीर घायलों को किया गया रेफर अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगरा ने बताया कि दुर्घटना में 33 महिलाएं और पुरुष घायल हुए हैं। सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इनमें से पांच लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए दुमका अस्पताल रेफर किया गया है। हालांकि चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल फिलहाल खतरे से बाहर हैं।   पुलिस की तत्परता से बचीं कई जानें स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों के अनुसार यदि समय पर राहत कार्य नहीं होता तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

anjali kumari जून 10, 2026 0
Double-decker bus overturned on Agra-Lucknow Expressway in Unnao, rescue teams assisting injured passengers
दिल्ली से बिहार जा रही बस उन्नाव में पलटी, सब-इंस्पेक्टर और कैदी समेत 6 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के Unnao में मंगलवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से बिहार जा रही एक डबल डेकर बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा मंगलवार (26 मई) सुबह करीब 5 बजे Agra-Lucknow Expressway पर औरास थाना क्षेत्र के किलोमीटर 262 के पास हुआ। पुलिस के मुताबिक, तेज रफ्तार बस अचानक रेलिंग से टकराई और पलट गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सब-इंस्पेक्टर और कैदी की भी मौत हादसे में मरने वालों में बिहार पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रामचंद्र और कैदी छत्रपाल भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर रामचंद्र बिहार के सिवान से कैदी को लेकर दिल्ली गए थे और वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बस हादसे का शिकार हो गई। 30 यात्री थे सवार Unnao Fire & Emergency Services ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि बस में करीब 30 यात्री सवार थे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हटवाया और रास्ता साफ कराया। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती आशंका चालक को झपकी आने या तेज रफ्तार को हादसे की वजह मान रही है।  

surbhi मई 26, 2026 0
Telugu actor K Bharat Kanth and cinematographer Sai Trilok died in Hyderabad road accident
हैदराबाद में दर्दनाक सड़क हादसा, 31 साल के तेलुगु अभिनेता K Bharat Kanth की मौत

Outer Ring Road पर हुआ भीषण एक्सीडेंट K Bharat Kanth और उनके दोस्त G Sai Trilok की हैदराबाद में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा रविवार तड़के शहर के Outer Ring Road (ORR) पर आदिबटला इलाके के पास हुआ। पुलिस के मुताबिक दोनों की उम्र 31 साल थी और वे आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के रहने वाले थे। हादसे के समय वे हैदराबाद की ओर जा रहे थे। कंटेनर से टकराई कार, मौके पर गई जान आदिबटला पुलिस के अनुसार कार चला रहे K Bharat Kanth ने कथित तौर पर वाहन से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद उनकी कार आगे चल रहे या सड़क किनारे खड़े कंटेनर ट्रक से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को आशंका है कि तेज रफ्तार और ड्राइवर की थकान इस दुर्घटना की वजह हो सकती है। फिलहाल मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया और शॉर्ट फिल्मों से मिली थी पहचान K Bharat Kanth तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता, डांसर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर पहचान बना चुके थे। उन्होंने ‘Tenant’ और ‘Gramam’ जैसी फिल्मों और शॉर्ट फिल्मों में काम किया था। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग थी। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 40 हजार फॉलोअर्स और यूट्यूब पर लगभग 30 हजार सब्सक्राइबर थे। सिनेमैटोग्राफर थे Sai Trilok G Sai Trilok डिजिटल और फिल्म प्रोजेक्ट्स में सिनेमैटोग्राफर के तौर पर काम करते थे। वे यूट्यूब पर भी सक्रिय थे और कंटेंट क्रिएशन से जुड़े हुए थे। दोनों की अचानक मौत से तेलुगु मनोरंजन जगत और उनके फैंस में शोक की लहर है।  

surbhi मई 11, 2026 0
Spirit Airlines faces lawsuit after dementia patient passenger died in a road accident near Texas airport
स्पिरिट एयरलाइंस पर गंभीर लापरवाही का आरोप, डिमेंशिया पीड़ित बुजुर्ग यात्री की सड़क हादसे में मौत

अमेरिका की विमानन कंपनी स्पिरिट एयरलाइंस पर एक डिमेंशिया पीड़ित बुजुर्ग यात्री को एयरपोर्ट पर असहाय छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि एयरलाइन की लापरवाही के कारण बुजुर्ग रास्ता भटक गए और बाद में सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। मामले को लेकर एयरलाइन के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। मृतक की पहचान 75 वर्षीय मार्कोस हम्बर्टो विंडेल ओसोरियो के रूप में हुई है। वह होंडुरास के पाल्मेरोला इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अमेरिका अपने परिवार से मिलने के लिए रवाना हुए थे। उनका विमान टेक्सास के जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल एयरपोर्ट पर उतरा था। परिवार के अनुसार, यात्रा से पहले ही एयरलाइन को बता दिया गया था कि ओसोरियो डिमेंशिया से पीड़ित हैं और उन्हें एयरपोर्ट पर विशेष सहायता की जरूरत होगी। इसके बावजूद एयरलाइन ने जरूरी मदद उपलब्ध नहीं कराई। एयरपोर्ट से लापता होने के बाद हाईवे पर मिला शव परिवार एयरपोर्ट के आगमन क्षेत्र में उनका इंतजार करता रहा, लेकिन ओसोरियो वहां तक नहीं पहुंच सके। काफी देर तक संपर्क न होने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी। बाद में उसी रात एयरपोर्ट से करीब आठ मिनट की दूरी पर हाईवे पर उनका शव मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें कई वाहनों ने टक्कर मारी थी। परिवार ने एयरलाइन पर लगाया गंभीर आरोप परिवार की ओर से दायर मुकदमे में कहा गया है कि स्पिरिट एयरलाइंस ने वादा किए गए सहयोग की व्यवस्था नहीं की और एक मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग यात्री को अकेले अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बाहर निकलने के लिए छोड़ दिया। परिवार का कहना है कि यही उनकी मौत की मुख्य वजह बनी। मुकदमे में यह भी कहा गया है कि ओसोरियो को हल्का डिमेंशिया था, जो तनावपूर्ण परिस्थितियों में बढ़ जाता था। ऐसे में उन्हें निगरानी और सहायता की जरूरत थी। अमेरिकी कानून क्या कहता है? अमेरिका में एयर कैरियर एक्सेस एक्ट के तहत एयरलाइंस के लिए दिव्यांग या मानसिक बीमारी से पीड़ित यात्रियों को सहायता देना अनिवार्य है। इसमें यात्रियों को गेट तक पहुंचाने, विमान में चढ़ाने और उतरने तक मदद करना शामिल है। अब ओसोरियो का परिवार मानसिक पीड़ा, अंतिम संस्कार के खर्च और अन्य नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई 17 जुलाई को होगी।  

surbhi मई 9, 2026 0
Rescue teams inspect jeep wreckage after deadly Nepal cliff crash in Rolpa district during heavy rain
नेपाल में दर्दनाक हादसा: 700 मीटर गहरी खाई में गिरी जीप, 17 श्रद्धालुओं की मौत; बारिश और खराब सड़क बनी वजह

नेपाल के पहाड़ी जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। रोल्पा जिला में गुरुवार को श्रद्धालुओं से भरी एक जीप गहरी खाई में गिर गई, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब सभी लोग बैसाख पूर्णिमा के मौके पर धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने जा रहे थे। हादसे का पूरा घटनाक्रम पुलिस के अनुसार, जीप थवांग ग्रामीण नगरपालिका के जलजला इलाके की तरफ बढ़ रही थी। लगातार हो रही बारिश से सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल चुकी थी पहाड़ी मोड़ों पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया अचानक जीप फिसली और करीब 700 मीटर गहरी खाई में जा गिरी हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। धार्मिक यात्रा पर निकले थे सभी लोग पुलिस इंस्पेक्टर सुनील थापा नेपाली ने बताया कि जीप में सवार लोग स्थानीय निवासी थे, जिन्होंने वाहन किराए पर लिया था। सभी श्रद्धालु बैसाख पूर्णिमा के अवसर पर जलजला तीर्थस्थल जा रहे थे यह क्षेत्र धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है हर साल यहां बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं इस बार यह यात्रा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गई। मौत का आंकड़ा और आशंका अब तक: 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है कई शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में मिले यात्रियों की कुल संख्या अभी भी स्पष्ट नहीं है अधिकारियों का कहना है कि मलबे और कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण पूरी जानकारी जुटाने में समय लग सकता है। बचाव कार्य में बड़ी चुनौतियां हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन परिस्थितियां बेहद कठिन हैं: लगातार बारिश से रास्ते फिसलन भरे खाई की गहराई और दुर्गम इलाका मशीनरी पहुंचाने में मुश्किल स्थानीय लोग और पुलिस मिलकर रेस्क्यू में जुटे मुख्य जिला अधिकारी गंगा बहादुर छेत्री ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और सभी एजेंसियों को मौके पर भेजा गया। नेपाल में सड़क हादसों का कड़वा सच नेपाल के पहाड़ी इलाकों में इस तरह के हादसे बार-बार सामने आते हैं। इसके पीछे कई वजहें हैं: संकरी और बिना सुरक्षा रेलिंग वाली सड़कें खराब मौसम, खासकर बारिश और भूस्खलन पुराने और ओवरलोडेड वाहन ट्रैफिक नियमों का कमजोर पालन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक ऐसे हादसे रोकना मुश्किल है। स्थानीय लोगों में शोक और गुस्सा घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। कई परिवारों ने अपने एक से ज्यादा सदस्य खो दिए ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी देखी जा रही है लोग बेहतर सड़क और सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती यह हादसा सरकार और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। जरूरी है कि: पहाड़ी सड़कों की स्थिति सुधारी जाए वाहनों की नियमित जांच हो धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएं

surbhi मई 1, 2026 0
Car submerged in well in Nashik after tragic accident killing nine family members including children
महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के नासिक जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक कार के कुएं में गिर जाने से एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल हैं। कैसे हुआ हादसा? यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। परिवार के सभी लोग एक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे इसी दौरान उनकी कार संतुलन खोकर पास के कुएं में गिर गई रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दो क्रेन और तैराकों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया आधी रात तक कार और सभी लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया मृतकों की पहचान पुलिस के अनुसार, सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार से थे। मृतकों में शामिल हैं: सुनील दत्तु दरगुडे (32) उनकी पत्नी रेशमा आशा अनिल दरगुडे (32) परिवार के 6 बच्चे (7 से 14 वर्ष आयु वर्ग) 5 लड़कियां 1 लड़का जांच जारी सभी शवों को डिंडोरी सरकारी अस्पताल भेजा गया है पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है हादसे के कारणों की जांच जारी है इलाके में शोक की लहर इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

India vs England Series
स्पोर्ट्स

इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0