महाराष्ट्र के नासिक जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक कार के कुएं में गिर जाने से एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल हैं।
यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर इलाके में हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं।
पुलिस के अनुसार, सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार से थे।
मृतकों में शामिल हैं:
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
भाजपा नेता और ‘एक देश, एक चुनाव’ पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष P. P. Chaudhary ने शुक्रवार को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रस्ताव का जोरदार समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से शासन व्यवस्था में होने वाले व्यवधान कम होंगे और देश को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों का असर केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, प्रशासन और औद्योगिक उत्पादन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी पड़ता है। गांधीनगर और अहमदाबाद में हुई बैठकें पीपी चौधरी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में Gandhinagar और Ahmedabad में ‘एक देश, एक चुनाव’ को लेकर कई अहम बैठकें आयोजित की गईं। उन्होंने कहा, “लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का प्रधानमंत्री मोदी का विजन विकसित भारत के निर्माण से जुड़ा हुआ है। इसका उद्देश्य देश में स्थिर शासन और तेज विकास सुनिश्चित करना है।” “बार-बार चुनाव से विकास प्रभावित” भाजपा नेता के मुताबिक, लगातार अलग-अलग राज्यों में चुनाव होने से सरकारी मशीनरी लंबे समय तक चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहती है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बच्चों की शिक्षा बिना बाधा के चलती रहे, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों और प्रशासनिक कार्यों में रुकावट न आए। चौधरी ने कहा, “जब बार-बार चुनाव होते हैं तो आचार संहिता लागू हो जाती है, जिससे कई नीतिगत फैसले और विकास परियोजनाएं प्रभावित होती हैं।” “7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत संभव” आर्थिक पहलू पर बात करते हुए पीपी चौधरी ने दावा किया कि अगर लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं तो देश की अर्थव्यवस्था को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत हो सकती है। उनके अनुसार, चुनावों पर होने वाला भारी खर्च, प्रशासनिक संसाधनों का उपयोग और विकास कार्यों में देरी देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा बोझ डालते हैं। “1967 तक साथ होते थे चुनाव” चौधरी ने कहा कि भारत में पहले लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ ही कराए जाते थे। उन्होंने बताया कि 1967 तक देश में चार आम चुनाव एक साथ हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद के वर्षों में कांग्रेस सरकारों के दौरान कई राज्य विधानसभाओं को समय से पहले भंग किया गया, राष्ट्रपति शासन लगाया गया और आपातकाल जैसी परिस्थितियों के कारण चुनावी चक्र टूट गया। उन्होंने कहा, “1967-68 के दौरान सात राज्य विधानसभाओं को उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले भंग कर दिया गया। इसके बाद धीरे-धीरे लोकसभा और विधानसभा चुनाव अलग-अलग होने लगे।” चुनावी सुधार की जरूरत पर जोर भाजपा नेता ने बताया कि संयुक्त संसदीय समिति ने इस मुद्दे पर कई हितधारकों से बातचीत की है। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, बैंकिंग क्षेत्र, नौकरशाह, मंत्री, कानूनी विशेषज्ञ और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोगों ने बार-बार होने वाले चुनावों से पैदा होने वाले आर्थिक और प्रशासनिक बोझ को लेकर चिंता जताई है। पीपी चौधरी ने कहा, “देश की अर्थव्यवस्था और शासन व्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। इसलिए आज भारत को इस तरह के चुनावी सुधार की सख्त जरूरत है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मंत्रिपरिषद की एक अहम बैठक में देश की एनर्जी सिक्योरिटी, आर्थिक सुधारों और “विकसित भारत 2047” के विजन को लेकर बड़ा संदेश दिया। चार घंटे से ज्यादा चली इस हाई लेवल बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव, होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े जोखिम और भारत की ऊर्जा जरूरतों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। माना जा रहा है कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने से पहले यह बैठक सरकार की योजनाओं और नीतियों की समीक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण थी। “विकसित भारत 2047” सिर्फ नारा नहीं : पीएम मोदी बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि सरकार की बड़ी प्रतिबद्धता है। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि अब सरकार का पूरा फोकस योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने और सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का सीधा फायदा जनता तक समय पर पहुंचना चाहिए और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी खत्म की जानी चाहिए। होर्मुज स्ट्रेट तनाव पर हुई चर्चा बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दरअसल, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल और गैस आयात पर निर्भर है और पश्चिम एशिया में किसी भी तरह का संकट सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए भारत को अपनी ऊर्जा रणनीति में तेजी से बदलाव करना होगा। उन्होंने बायोगैस, ग्रीन एनर्जी और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों पर तेजी से काम करने पर जोर दिया। अल्टरनेटिव फ्यूल पर बढ़ेगा फोकस प्रधानमंत्री ने कहा कि तेल और गैस पर अत्यधिक निर्भरता भविष्य में भारत के लिए चुनौती बन सकती है। इसलिए देश को बायोगैस, सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना होगा। सरकार का मानना है कि इससे न केवल एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत होगी, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम होगी और वैश्विक संकटों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीमित रहेगा। लालफीताशाही खत्म करने पर जोर बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रशासनिक सुधारों पर भी खास जोर दिया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी फाइलें “एक टेबल से दूसरी टेबल” तक बेवजह नहीं घूमनी चाहिए। उन्होंने प्रक्रियाओं को आसान बनाने और फैसलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने योजनाओं की निगरानी और फीडबैक सिस्टम को मजबूत करने पर भी बल दिया, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके। नौ अहम क्षेत्रों की समीक्षा बैठक में अर्थव्यवस्था, कृषि, श्रम, ऊर्जा, विदेश नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापार और कॉरपोरेट मामलों समेत नौ महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिए गए। सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन, योजनाओं की प्रगति और उनके जमीनी असर की समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक बेहतर तरीके से कैसे पहुंचाई जाए। राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा यह बैठक ऐसे समय हुई है जब कैबिनेट फेरबदल और बीजेपी संगठन में बदलाव की अटकलें भी तेज हैं। हालांकि बैठक का मुख्य फोकस शासन, विकास और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर रहा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे भविष्य की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
मेष राशि - आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. अचानक मिली कोई अच्छी ख़बर आपका उत्साह बढ़ा देगी। परिवार के लोगों के साथ इसे बांटना आपको उल्लास से भर देगा। आज का दिन रोमांस से भरपूर होने की पूरी संभावना है। नई परियोजनाओं और कामों को अमली जामा पहनाने के लिए बेहतरीन दिन है। आज टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देखने में आप इतना व्यस्त हो सकते हैं कि आप जरुरी कामों को करना भी भूल जाएंगे। ऐसा लगता है कि आपके जीवनसाथी आज आपके ऊपर ख़ास ध्यान देंगे। उपाय :- सूर्य अनुशासन प्रिय ग्रह है, इसलिए यथासंभव अनुशासित जीवन जीने से फैमिली लाइफ अच्छी रहेगी। वृषभ राशि - किसी सज्जन पुरुष की दैवीय बातें आपको संतोष और ढांढस बंधाएंगी। आज आप अपने घर के वरिष्ठ जनों से पैसे की बचत करने को लेकर कोई सलाह ले सकते हैं और उस सलाह को जिंदगी में जगह भी दे सकते हैं. ऐसे विवादास्पद मुद्दों पर बहस करने से बचें, जो आपके और प्रियजनों के बीच गतिरोध पैदा कर सकते हैं। प्रेम भगवान की पूजा की ही तरह पवित्र है। यह आपको सच्चे अर्थों में धर्म व आध्यात्मिकता की ओर भी ले जा सकता है। मुश्किल मामलों से बचने के लिए आपको अपने संपर्क उपयोग करने की ज़रूरत है। आज अपनेे विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही घर के लोगों से बातें करें अगर आप ऐसा नहीं करते तो बेवजह के झगड़ों की वजह से आपका समय खराब हो सकता है। आपका वैवाहिक जीवन इससे अधिक रंगों से भरा कभी नहीं रहा है। उपाय :- मिटटी का खाली घड़ा ढक्कन सहित बहते जल में प्रवाहित करने से पारिवारिक जीवन की बाधाएं दूर होंगी। मिथुन राशि - आपका ऊर्जा-स्तर ऊँचा रहेगा। अगर आप यात्रा पर जाने वाले हैं तो अपने कीमती सामान का ध्यान रखें उसके चोरी होने की संभावना है। खासकर अपने पर्स को आज बहुत संभालकर रखें। छोटे बच्चे आपको व्यस्त रखेंगे और दिली सुकून देंगे। आपको अपनी तरफ़ से सबसे बेहतर तरीक़े से बर्ताव करने की ज़रूरत है – क्योंकि आज आपका प्रिय जल्दी ही नाराज़ हो सकता है। आज फ़ायदा हो सकता है, बशर्ते आप अपनी बात भली-भांति रखें और काम में लगन व उत्साह दिखाएँ। दिन के अंत में आज आप अपने घर के लोगों को वक्त देना चाहेंगे लेकिन इस दौरान घर के किसी करीबी के साथ आपकी कहासुनी हो सकती है और आपका मूड खराब हो सकता है. आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है। उपाय :- सोने का छल्ला अनामिका अँगुली में धारण करने से लव लाइफ स्मूथ चलेगी। कर्क राशि - सिर्फ़ आप जानते हैं कि आपके लिए क्या बेहतर है, इसलिए मज़बूत और स्पष्टवादी बनें तथा फ़ैसले तुरन्त लें और उनके परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहें। आज आपको अपने उन रिश्तेदारों को पैसा उधार नहीं देना चाहिए जिन्होंने आपका पिछला उधार अब तक वापस नहीं किया है। ऐसे कामों में सहभागिता करने के लिए अच्छा समय है, जिसमें युवा लोग जुड़े हों। आपकी ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा- क्योंकि आपका प्रिय आपने लिए बहुत सारी ख़ुशी की वजह साबित होगा। नए कामों को पूरा करने में महिला सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलेगा। आज घर के लोगों के साथ बातचीत करते दौरान आपके मुंह से कोई ऐसी बात निकल सकती है जिससे घर के लोग नाराज हो सकते हैं। इसके बाद घर के लोगों को मनाने में आपका काफी समय जा सकता है। थोड़ी-सी कोशिश करें तो यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे विशेष दिनों में से एक हो सकता है। उपाय :- अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए खाने से काली मिर्च का प्रयोग किसी न किसी रूप में अवश्य करें। सिंह राशि - दोस्तों के साथ शाम सुखद रहेगी लेकिन ज़्यादा खाने और मदिरापान से बचें। आज आपको अपने उन रिश्तेदारों को पैसा उधार नहीं देना चाहिए जिन्होंने आपका पिछला उधार अब तक वापस नहीं किया है। दोस्तों को अपने उदार स्वभाव का ग़लत फ़ायदा न उठाने दें। आपकी शोहरत बढ़ेगी और आप आसानी से दूसरे लिंग के लोगों को अपनी तरफ़ आकर्षित करेंगे। मुश्किल मामलों से बचने के लिए आपको अपने संपर्क उपयोग करने की ज़रूरत है। आपको अपने दायरे से बाहर निकलकर ऐसे लोगों से मिलने-जुलने की ज़रूरत है, जो ऊँची जगहों पर हों। जीवन साथी की किसी बात को गंभीरता से न लेने की स्थिति में विवाद हो सकता है। उपाय :- पारिवारिक खुशियों की प्राप्ति के लिए अपने पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए। कन्या राशि - धैर्य बनाए रखें, क्योंकि आपकी समझदारी और प्रयास आपको सफलता ज़रूर दिलाएंगे। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। शाम को साथियों का साथ मज़ेदार रहेगा। आप जहाँ हैं वहीं रहेंगे, बावजूद इसके प्यार आपको एक नए और अनोखे लोक में ले जाएगा। साथ ही आज आप रोमानी सफ़र पर भी जा सकते हैं। मुश्किल मामलों से बचने के लिए आपको अपने संपर्क उपयोग करने की ज़रूरत है। बातचीत में कुशलता आज आपका मज़बूत पक्ष साबित होगी। शादी के बाद वैवाहिक जीवन में प्यार सुनने में मुश्किल ज़रूर लगता है, लेकिन आप आज महसूस करेंगे कि यह मुमकिन है। उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में उन्नति के लिए घर में तिल के तेल का दीपक जलाएं। तुला राशि - आप ख़ुद को ऊर्जा से सराबोर महसूस करेंगे- लेकिन काम का बोझ आपमें खीज पैदा करेगा। आज सिर्फ़ बैठने की बजाय कुछ ऐसा कीजिए जो आपकी कमाई में इज़ाफ़ा कर सके। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आपकी ओर से की गयी लापरावाही महंगी साबित हो सकती है। आज के दिन रोमांस के नज़रिए से कोई ख़ास आशा नहीं की जा सकती है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रतिद्वन्द्वियों को अपने ग़लत कामों का फल मिलेगा। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। अपने जीवनसाथी के किसी काम की वजह से आप कुछ शर्मिन्दगी महसूस कर सकते हैं। लेकिन बाद में आपको महसूस होगा कि जो हुआ, अच्छे के लिए ही हुआ। उपाय :- प्रेमी/प्रेमिका को पीले वस्त्र भेंट करने से प्रेम सम्बन्ध मजबूत होंगे। वृश्चिक राशि - ज़रूरत से ज़्यादा खाने से बचें और सेहतमंद रहने के लिए नियमित व्यायाम करें। आप घूमने-फिरने और पैसे ख़र्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। ऐसे विवादास्पद मुद्दों पर बहस करने से बचें, जो आपके और प्रियजनों के बीच गतिरोध पैदा कर सकते हैं। अपनी व्यक्तिगत भावनाएँ और गोपनीय बातें अपने प्रिय से बाँटने का सही समय नहीं है। आज आपने जो नई जानकारी हासिल की है, वह आपको अपने प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिलाएगी। आज अपने लिए वक्त निकालकर अपने जीवनसाथी के साथ आप कहीं घूमने जा सकते हैं। हालांकि इस दौरान आप दोनों के बीच थोड़ी बहुत कहासुनी हो सकती है। सम्भव है कि आपके जीवनसाथी की वजह से आपकी प्रतिष्ठा को थोड़ी ठेस पहुँचे। उपाय :- ॐ भौमाय नमः इस मंत्र का 11 बार उच्चारण करने से लव लाइफ ठीक रहेगी। धनु राशि - दूसरों के साथ ख़ुशी बांटने से सेहत और खिलेगी। जिन लोगों को आप जानते हैं, उनके ज़रिए आपको आमदनी के नए स्रोत मिलेंगे। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। आज आप अपने दोस्त की महक उसकी अनुपस्थिति में महसूस करेंगे। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। आपका आकर्षक और चुम्बकीय व्यक्तित्व सभी के दिलों को अपनी तरफ़ खींचेगा। कोई पुराना दोस्त आपके और आपके जीवनसाथी की साझा यादों को तरोताज़ा कर सकता है। उपाय :- समय-समय पर अपने प्रेमी/प्रेमिका को लाल वस्त्र गिफ्ट में दें, इससे प्रेम में वृद्धि होगी। मकर राशि - मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे। आपके माता पिता आपकी फिजूलखर्ची को देखकर आज चिंतित हो सकते हैं और इसलिए आपको उनके गुस्से का शिकार भी होना पड़ सकता है। दोस्त और रिश्तेदार साथ में ज़्यादा वक़्त बिताने की मांग करेंगे लेकिन यह सभी दरवाज़े बन्द करके राजसी आनन्द लेने का समय है। आज का दिन रोमांस से भरपूर होने की पूरी संभावना है। अगर आप अपनी योजनाओं को सबके सामने खोलने में बिल्कुल नहीं हिचकते, तो आप अपनी परियोजना को ख़राब कर सकते हैं। घर के कामों को पूरा करने के बाद इस राशि की गृहणियां आज के दिन फुर्सत में टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देख सकती हैं। आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे। उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में तरक्की के लिए घर के प्रवेश द्वार पर सात लोहे की कील लगवाएं। कुम्भ राशि - आपको जल्द-से-जल्द अपने जज़्बात को क़ाबू में करने और डर से आज़ादी पाने की ज़रूरत है, क्योंकि ये आपकी सेहत पर ख़राब असर डाल सकते हैं और अच्छी सेहत का मज़ा लेने से आपको वंचित कर सकते हैं। निश्चित तौर पर वित्तीय स्थिति में सुधार आएगा- लेकिन साथ ही ख़र्चों में भी इज़ाफ़ा होगी। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। आपकी थकी और उदास ज़िन्दगी आपके जीवन-साथी को तनाव दे सकती है। अगर आप अपने काम पर ध्यान एकाग्र करें, तो आप अपनी उत्पादकता दोगुनी कर सकते हैं। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। ज़्यादा ख़र्चे की वजह से जीवनसाथी से खट-पट हो सकती है। उपाय :- एक दूध की कटोरी किसी कुत्ते को पिलाएं इससे लव लाइफ में रिलेशन और मजबूत होंगे। मीन राशि - बच्चों के साथ खेलना बहुत अच्छा और सुकून देने वाला अनुभव रहेगा। आज आपको किसी अज्ञात स्रोत से पैसा प्राप्त हो सकता है जिससे आपकी कई आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। परिवार के लोगों से अपनी परेशानियां साझा करके आप हल्का महसूस करते हैं, लेकिन कई बार आप अपने अहम को आगे रखकर घर वालों को जरुरी बातें नहीं बताते। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसा करके परेशानी और भी बढ़ेगी कम नहीं होगी। किसी छोटी-मोटी बात को लेकर भी आपके प्रिय से आपकी नोंक-झोंक हो सकती है। आप लम्बे समय से दफ़्तर में किसी से बात करना चाह रहे थे। आज ऐसा होना मुमकिन है। समय का सदुपयोग करना सीेखें। यदि आपके पास खाली वक्त है तो कुछ रचनात्मक करने की कोशिश करें। वक्त को बर्बाद करना अच्छी बात नहीं है। जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद होने की काफ़ी संभावना है। उपाय :- काली गाय की सेवा करने से प्रेम सम्बन्ध अच्छे चलेंगे। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनूष उत्तरदायी नहीं हैं।