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RSS office petrol bomb incident
महज 18 घंटे के अंदर RSS कार्यालय में पेट्रोल बम कांड के आरोपी गिरफ्तार

रांची। राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर ज्वलनशील वस्तु फेंकने के मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घटना के महज 18 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों से फिलहाल गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।   देर रात हुई थी वारदात मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय परिसर में मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने जलती हुई ज्वलनशील वस्तु फेंकी और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। RSS के स्थानीय पदाधिकारियों ने इसे पेट्रोल बम हमला बताया, जबकि पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस्तेमाल की गई सामग्री की पुष्टि की जा सकेगी।   SIT ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंच बनाई घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची के एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे संदिग्ध मोटरसाइकिल की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने पहले घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की और फिर शहर छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।   घटनास्थल से मिले अहम सबूत पुलिस ने घटनास्थल से कांच की टूटी हुई बोतलों के टुकड़े और धागा बरामद किया है। बम निरोधक दस्ते ने भी मौके का निरीक्षण किया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में केवल दो लोग शामिल थे या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की भूमिका है।   राजनीतिक बयानबाजी भी तेज घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा ने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बड़ी साजिश की आशंका जताई है। वहीं पुलिस ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। पूछताछ और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

anjali kumari जून 18, 2026 0
Khan Sir Surrenders
खान सर ने पटना कोर्ट में किया सरेंडर, आर्म्स एक्ट समेत गंभीर आरोप

पटना, एजेंसियां। पटना से बड़ी खबर आ रही है। ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर ने पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इसके साथ ही उनके वकील ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। खान सर पर हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट का आरोप लगा है। आत्मरक्षा में की गई थी फायरिंग कोर्ट में खान सर के वकील ने कहा कि खान सर के गार्डस ने किसी को हानि पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। फायरिंग में किसी को भी कोई चोट नहीं आई थी। फिलहाल सरेंडर का प्रोसेस किया जा रहा है। इसके बाद एंट्रीसिपेट्री बेल के लिए आवेदन दिया जाएगा।

Unknown जून 6, 2026 0
Police Attempt to Arrest Khan Sir
खान सर की गिरफ्तारी के लिए हाथ मार रही पुलिस

पटना, एजेंसियां। पटना के मशहूर कोचिंग टीचर और यूट्यूबर खान सर के कोचिंग सेंटर के बहार हुए मामले में रोज नया ट्विस्ट सामने आ रहा है। दरअसल 2 जून 2026 की रात उनके कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसक घटना ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर मामला कोचिंग सेंटर पर हमले का बताया गया था, लेकिन बाद में एक वायरल वीडियो और पुलिस जांच के बाद खुद खान सर के खिलाफ भी मामला दर्ज हो गया है।   क्या है मामला? बात दे 2 जून की रात पटना के कदमकुआं-मुसल्लहपुर इलाके में स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हंगामा हुआ। आरोप है कि कुछ लोगों ने कोचिंग सेंटर पर हमला किया, पत्थरबाजी की और एक सुरक्षा गार्ड को घायल कर दिया। शुरुआती बयान में खान सर ने दावा किया था कि उनके संस्थान के बाहर 8 –10 राउंड फायरिंग हुई और इसके पीछे प्रतिद्वंद्वी कोचिंग से जुड़े लोगों का हाथ बताया गया।पुलिस ने शुरुआती जांच में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया, जिनमें एक प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान का संचालक भी शामिल था। लेकिन बाद में 3 जून की सुबह खान सर मीडिया  से बातचीत के दौरान फायरिंग की बात से पलट गए। और कहा कि बीते रात मौके  पर बहुत अफरा तफरी मच गई थी इसलिए वे स्तिथि को समझ नहीं पाए।  लेकिन बड़ा ट्विस्ट तब आया जब घटना के कुछ समय बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें कथित तौर पर खान सर के दो गार्ड हवा में फायरिंग करते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को हिरासत में लेकर पूछताछ कि। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ में दोनों गार्डों ने बताया    कि फायरिंग उन्होंने खान सर के कहने पर की थी। पुलिस के अनुसार गार्डों ने बयान दिया कि खान सर ने उनसे कहा था, "तुम फायर करो, बाकी मैं संभाल लूंगा।" इसी बयान के आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ FIR दर्ज की।   खान सर पर कौन-कौन से आरोप लगे हैं?   हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) से संबंधित धाराएं, आर्म्स एक्ट के प्रावधान, और कथित रूप से उकसाने/निर्देश देने से जुड़े आरोप लगाए हैं। हालांकि अंतिम दोष सिद्ध होना अदालत और जांच पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह आरोप हैं, साबित अपराध नहीं।   फिलहाल क्या है स्तिथि? वर्तमान स्तिथि की बात करे तो खान सर पर आर्म्स एक्ट और हत्या की कोशिश के तहत केस दर्ज किया गया है। इस बीच माना जा रहा है कि कभी भी खान सर की गिरफ्तारी हो सकती है। शुक्रवार को मामला दर्ज होने के बाद ही उनकी गिरफ्तारी होने की संभावना थी। लेकिन शुक्रवार को पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी।    जानकारी के मुताबिक जानकारी के मुताबिक, खान सर की कोचिंग के बाहर शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार की सुबह तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। लेकिन पुलिस अब तक खान सर को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। खान सर की कोचिंग के बाहर शुक्रवार की रात ही बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। इस दौरान कदमकुआं थाने की पुलिस भी पहुंची थी। पुलिस ने छात्रों से घर जाने की अपील की।  लेकिन छात्र कोचिंग के बाहर सुबह तक डटे रहे।  रातभर में 4 से 5 बार कदमकुआं थाने की पुलिस आई। लेकिन खान सर की गिरफ्तारी के लिए नहीं बल्कि छात्रों को समझाने के लिए। कई बार पुलिस ने आकर अनाउंसमेंट किया- हट जाइए, लौट जाइए। लेकिन छात्र नहीं माने। इससे पहले भी शुक्रवार को लॉ एंड ऑर्डर को लेकर आईजी ऑफिस में हाई लेवल मीटिंग हुई थी। इसके बाद छात्रों से अपील की गई थी कि वे किसी के भी बहकावे में ना आएं। ऐसे में आज मामले में क्या कुछ एक्शन लिया जाता है, यह देखने वाली बात होगी

Unknown जून 6, 2026 0
Amritsar Firing
कपिल शर्मा के अमृतसर घर के बाहर फायरिंग की खबर, जांच में जुटी पुलिस

अनृतसर, एजेंसियां। मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा  के अमृतसर स्थित घर के बाहर कथित फायरिंग की घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात कुछ बाइक सवार बदमाशों ने होली सिटी इलाके में स्थित उनके घर के बाहर गोलियां चलाईं। घटना के समय कपिल शर्मा का परिवार घर के अंदर मौजूद था, जबकि कपिल मुंबई में शूटिंग के सिलसिले में थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।   पुलिस ने साधी चुप्पी, जांच जारी घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की जांच शुरू की गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से इनकार किया है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और सहायक पुलिस आयुक्त कमलप्रीत सिंह से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान करने में जुटी हुई है।   कनाडा हमले से भी जोड़ा जा रहा मामला इस घटना को कनाडा में हाल ही में हुई एक फायरिंग घटना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार कनाडा स्थित एक कैफे, जो कथित तौर पर कपिल शर्मा से जुड़ा बताया जाता है, वहां भी कुछ समय पहले फायरिंग हुई थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह मामला किसी तरह की धमकी या रंगदारी से जुड़ा हो सकता है। हालांकि पुलिस ने इस एंगल पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।   परिवार और फैंस में चिंता घटना की खबर सामने आने के बाद कपिल शर्मा के प्रशंसकों और परिवार के करीबी लोगों में चिंता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी लोग कॉमेडियन और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।

Unknown मई 25, 2026 0
HIV Positive in Dhanbad
धनबाद में समवैंगिक संबंधों के जरिए HIV पॉजिटिव बनाने का गंदा खेल!

रांची। धनबाद में सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए युवकों को अपने संपर्क में लेकर HIV संक्रमण फैलाने का गंभीर मामला सामने आया है। धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के एआरटी सेंटर में काउंसिलिंग के दौरान कई ऐसे मामलों की जानकारी मिली, जिसने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। मामले को HIV की रोकथाम और जागरूकता के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कुछ HIV संक्रमित लोग सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवकों से संपर्क स्थापित कर रहे थे। लंबी बातचीत, वीडियो कॉल और मुलाकातों के जरिए पहले भरोसा बनाया जाता था, जिसके बाद समलैंगिक संबंध स्थापित किए जाने की बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में संक्रमित व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य स्थिति छिपाकर संपर्क में आए। जांच के दौरान हुआ खुलासा एआरटी सेंटर से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि काउंसिलिंग के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कुछ पीड़ितों को तब संदेह हुआ जब उनकी तबीयत खराब होने लगी या उन्हें जांच कराने की सलाह दी गई। मेडिकल जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें पूरी स्थिति का पता चला। कई युवकों ने यह भी बताया कि उन्हें सामने वाले की वास्तविक पहचान और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी नहीं थी।   लगातार सामने आ रहे नए मामले अधिकारियों के मुताबिक जिले में हर महीने दो से तीन नए एमएसएम (पुरुषों के साथ संबंध रखने वाले पुरुष) वर्ग से जुड़े HIV संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें शिक्षित और अच्छे परिवारों से आने वाले युवक भी शामिल हैं।  स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ता संपर्क एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप के जरिए बने संबंधों में सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित व्यवहार, समय पर जांच और सही जानकारी ही HIV संक्रमण को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। साथ ही लोगों से किसी भी तरह के लक्षण या संदेह होने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।

Unknown मई 25, 2026 0
IAS Transfer Jharkhand
झारखंड में कई IAS अधिकारियों का तबादला

रांची। हेमंत सोरेन सरकार ने फिर एक बार प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई IAS अधिकारियों का तबादला और नई पोस्टिंग की है। इससे जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी अधिसूचना के मुताबिक 2012 बैच के IAS अधिकारी संदीप सिंह को नया उत्पाद कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं 2013 बैच के IAS अधिकारी आदित्य आनंद को लेबर कमिश्नर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा 2015 बैच की IAS अधिकारी जाधव विजया नारायण राव को योजना एवं विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। प्रशासनिक हलकों में इस बदलाव को सरकार की नई रणनीति और विभागीय कार्यों में तेजी लाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। इन्हें मिला अतिरिक्त प्रभार वहीं बोकारो के डीसी अजय नाथ झा को जियाडा के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

Unknown मई 25, 2026 0
bihar bus fare hike
बिहार में बढ़ेगा सरकारी बसों का किराया

पटना, एजेंसियां। Bihar State Road Transport Corporation यानी बीएसआरटीसी की बसों में सफर करना जल्द महंगा हो सकता है। डीजल की बढ़ती कीमतों के बाद परिवहन विभाग और बीएसआरटीसी अधिकारियों ने सरकारी बसों के किराये में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार विभिन्न रूटों पर 10 से 15 प्रतिशत तक किराया बढ़ाया जा सकता है।   परिवहन विभाग और बीएसआरटीसी की बैठक शनिवार को परिवहन विभाग और बीएसआरटीसी अधिकारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर बैठक हुई। बैठक में बढ़ती परिचालन लागत और डीजल की कीमतों पर चर्चा की गई। अधिकारियों के मुताबिक किराया बढ़ाने पर मौखिक सहमति बन चुकी है। हालांकि अंतिम फैसला क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) द्वारा लिया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद नई दरें लागू कर दी जाएंगी।   लंबे समय से उठ रही थी मांग बीएसआरटीसी पिछले साल से किराया बढ़ाने की मांग कर रहा था। निगम का कहना था कि लंबे समय से बस किराये में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि ईंधन, रखरखाव और संचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। उस समय विभाग की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फैसला टल गया था, लेकिन अब डीजल की नई कीमतों ने सरकार को इस दिशा में कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है।   निजी बसों ने पहले ही बढ़ाया किराया डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का असर निजी बस सेवाओं पर भी पड़ा है। निजी बस ऑपरेटर पहले ही 20 से 25 प्रतिशत तक किराया बढ़ा चुके हैं। ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ने भी इस मुद्दे पर परिवहन विभाग को ज्ञापन देने का फैसला किया है।   यात्रियों पर बढ़ेगा असर यदि प्रस्ताव लागू होता है तो रोजाना सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। खासकर लंबी दूरी के यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा असर झेलना पड़ सकता है।

Unknown मई 19, 2026 0
Cm Samrat Chaudhary
बिहार में 30 दिन में शिकायत नहीं सुलझी तो अफसर सस्पेंड: सीएम सम्राट

पटना,एजेंसियां। बिहार में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू हुए ‘सहयोग शिविर’ अभियान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। सोनपुर प्रखंड के डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित पहले शिविर में उन्होंने साफ कहा कि यदि 30 दिनों के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा। 67 शिकायतें, मौके पर समाधान का दावा शिविर में कुल 67 शिकायतें सामने आईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के भरोसे पर बनी है और लोगों की समस्याओं का समाधान उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का तय समय में निपटारा सुनिश्चित किया जाए।   हर महीने पंचायतों में लगेंगे शिविर सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि अब हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में सहयोग शिविर लगाएंगे। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करना है, ताकि जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।   अस्पतालों के रेफर सिस्टम पर सख्ती मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिला और अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को बिना वजह रेफर करने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 अगस्त तक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें अनावश्यक रेफर करने पर सिविल सर्जन (CS) के खिलाफ कार्रवाई हो सके। हालांकि गंभीर मरीजों को इससे अलग रखा जाएगा।   विकास योजनाओं का भी ऐलान मुख्यमंत्री ने सोनपुर क्षेत्र के विकास को लेकर कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि बाबा हरिहरनाथ के नाम पर नई टाउनशिप बनाई जाएगी। साथ ही पटना के गंगा पथ की तर्ज पर छपरा में ‘गंगा-अंबिका पथ’ का निर्माण किया जाएगा, जिससे यातायात और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

Unknown मई 19, 2026 0
chakradharpur encounter
चक्रधरपुर पोड़ाहाट जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़

चक्रधरपुर। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अनुमंडल के पोड़ाहाट जंगल में केड़ाबीर के पास मंगलवार की सुबह सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच घंटों मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में अब तक किसी नक्सली के मारे जाने की खबर सामने नहीं आई है। यह घटना सोनुवा थाना अंतर्गत केड़ाबीर इलाके में हुई। नक्सलियों का भारी सामान बरामद सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने जानकारी दी है कि मुठभेड़ स्थल की गहन तलाशी के दौरान नक्सलियों के दैनिक उपयोग की कई सामग्री और जरूरी सामान बरामद किए गए हैं। आईजी ने स्पष्ट किया कि इस मुठभेड़ में फिलहाल किसी भी नक्सली के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। मिसिर बेसरा के दस्ते की तलाश खुफिया जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ प्रतिबंधित नक्सली संगठन के मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ हुई है। लंबे समय से पोड़ाहाट और कोल्हान के जंगलों में मिसिर बेसरा के दस्ते की सक्रियता देखी जा रही थी, जिसे देखते हुए सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस इस दस्ते की तलाश में लगातार अभियान चला रही है।

Unknown मई 19, 2026 0
Maharashtra crime news
महाराष्ट्र में 4 साल की बच्ची से रेप-मर्डर के बाद बवाल 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

पुणे, एजेंसियां। महाराष्ट्र के पुणे जिले में शुक्रवार को 65 साल के एक व्यक्ति ने 4 साल की बच्ची से रेप के बाद पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग के लिए लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। लोगों ने थाने का घेराव कर दिया है और हंगामा कर रहे हैं।  नानी के यहां आई थी बच्ची बच्ची पुणे के भोर तहसील के नसरापुर गांव में रहने वाली अपनी नानी के यहां गर्मी की छुट्टियां बिताने आई थी। शुक्रवार को वह घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान दोपहर करीब दो बजे 65 साल का भीमराव कांबले उसे बहला-फुसलाकर अपने घर के पास बने पशुओं के तबेले में ले गया। इसी तबेले में उसने बच्ची के साथ हैवानियत की। इसके बाद उसने शव को तबेले में पड़े गाय के गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया, ताकि किसी को शक न हो।   तबेले से मिला बच्ची का शव काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांवभर में खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच कुछ लोगों ने तबेले में भी बच्ची को तलाशा, तो उसका शव बरामद हुआ। बच्ची की हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया। सीसीटीवी फुटेज से पकड़ाया आरोपी घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की तलाश की तो एक फुटेज में आरोपी बच्ची को तबेले की ओर ले जाता हुआ दिखा। पुलिस ने तुरंत भीमराव कांबले को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।   तबेले के सामने जमा हैं गांववाले वारदात के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और आरोपी को उन्हें सौंप देने की मांग करने लगे। गांव वाले का कहना है कि जब तक आरोपी उनके हवाले नहीं कर दिया जाता, तब तक पुलिस को बच्ची का शव नहीं देंगे। पुलिस समझाने में विफल गांव वालों ने तबेले के सामने कैंप लगा लिया है। पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे गए हैं और लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। हालात के मद्देनजर पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर चक्काजाम घटना के बाद गांव के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि इस मामले में 15 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।

Unknown मई 2, 2026 0
Religion dispute mumbai
मुंबई में नाम-धर्म पूछने के बाद हमले का आरोप, मीरा रोड में तनाव

मुंबई, एजेंसियां। मुंबई के मीरा रोड के नया नगर इलाके में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने दो सुरक्षाकर्मियों पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी ने पहले गार्डों से उनका नाम और धर्म पूछा, फिर उन्हें कलमा पढ़ने को कहा। मना करने पर उसने दोनों पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिया। घटना रविवार सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है। घायल सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।   सीसीटीवी के आधार पर आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान 31 वर्षीय जुबैर अंसारी के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तारी की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमला एक निर्माणाधीन इमारत में ड्यूटी कर रहे गार्डों पर किया गया।   ATS कर रही गहन जांच, संदिग्ध नोट बरामद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच Mumbai ATS को सौंप दी गई है। आरोपी के पास से एक नोट बरामद हुआ है, जिसमें ‘लोन वुल्फ’, ‘जिहाद’, ‘गाजा’ और अन्य उग्र विचारों का जिक्र पाया गया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हमला किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था या आरोपी ने इसे अकेले अंजाम दिया।   डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की जांच जारी एजेंसियां आरोपी के मोबाइल, ब्राउजिंग हिस्ट्री और संपर्कों की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी संगठन से जुड़ा था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।   घटना से इलाके में दहशत का माहौल इस वारदात के बाद इलाके में डर का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के असली मकसद का खुलासा हो पाएगा।

Unknown अप्रैल 28, 2026 0
KTM Duke 350cc and 399cc bikes comparison showing design, performance and sporty street styling
KTM Duke 390 खरीदने से पहले समझें 350cc vs 399cc का फर्क, कौन सा वेरिएंट है आपके लिए बेहतर?

स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में अपनी अलग पहचान रखने वाली KTM Duke 390 अब नए विकल्प के साथ बाजार में उपलब्ध है। कंपनी ने अपने लोकप्रिय मॉडल में 350cc वेरिएंट जोड़कर ग्राहकों को एक किफायती विकल्प दिया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि 350cc और 399cc में से कौन सा वर्जन खरीदना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा। 350cc vs 399cc: पावर और कीमत का खेल स्टैंडर्ड 399cc Duke 390 जहां करीब 46 हॉर्सपावर देता है, वहीं नया 350cc वेरिएंट लगभग 41.5 हॉर्सपावर जेनरेट करता है। पावर में अंतर मामूली लग सकता है, लेकिन कीमत में बड़ा फर्क देखने को मिलता है। 399cc मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत करीब ₹3.39 लाख है, जबकि 350cc वेरिएंट लगभग ₹2.77 लाख के आसपास उपलब्ध हो सकता है। यही वजह है कि 350cc मॉडल “वैल्यू फॉर मनी” के रूप में उभरकर सामने आता है। अगर प्रति हॉर्सपावर लागत देखें, तो 350cc वर्जन ज्यादा किफायती साबित होता है। इसके साथ ही कम इंजन कैपेसिटी का फायदा टैक्स, इंश्योरेंस और मेंटेनेंस लागत में भी मिलता है, जो लंबे समय में आपकी जेब पर कम दबाव डालता है। फीचर्स में नहीं हुआ समझौता कीमत कम होने के बावजूद कंपनी ने फीचर्स, सस्पेंशन और ब्रेकिंग सिस्टम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब यह है कि आपको 350cc वेरिएंट में भी लगभग वही प्रीमियम राइडिंग एक्सपीरियंस मिलेगा, जिसके लिए Duke 390 जानी जाती है। इंजन में क्या बदलाव किए गए? 350cc वेरिएंट के लिए कंपनी ने पूरी तरह नया इंजन विकसित नहीं किया, बल्कि मौजूदा इंजन को री-ट्यून किया है। स्ट्रोक की लंबाई कम करके इंजन कैपेसिटी घटाई गई है, जबकि इसका बेस आर्किटेक्चर पहले जैसा ही रखा गया है। इसका फायदा यह है कि बाइक की हाई-रेविंग नेचर काफी हद तक बरकरार रहती है। हालांकि, टॉप पावर और टॉर्क में हल्की कमी महसूस हो सकती है, खासकर हाई RPM पर। किसके लिए कौन सा वेरिएंट बेहतर? 350cc वेरिएंट चुनें अगर: आप बजट में KTM का अनुभव चाहते हैं बाइक का इस्तेमाल रोजमर्रा के काम के लिए करना है कम लागत और बेहतर माइलेज प्राथमिकता है 399cc वेरिएंट चुनें अगर: आपको ज्यादा पावर और स्पोर्टी परफॉर्मेंस चाहिए हाईवे राइडिंग और स्पीड आपके लिए ज्यादा मायने रखती है बजट आपके लिए बड़ी चिंता नहीं है  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Mohsina Kidwai portrait, senior Congress leader who passed away at age 94
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई का निधन, 94 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस - राजनीति ने खोया अनुभवी चेहरा

भारतीय राजनीति से एक युग का अंत हो गया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Mohsina Kidwai का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार सुबह नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। परिवार के अनुसार, वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर Mohsina Kidwai का जन्म 1932 में उत्तर प्रदेश के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उन्होंने शुरुआती दौर से ही राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और Indian National Congress के साथ जुड़कर अपने राजनीतिक करियर को मजबूती दी। वे कई बार लोकसभा और राज्यसभा की सदस्य रहीं और केंद्र सरकार में अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। Rajiv Gandhi की सरकार में उन्होंने शहरी विकास, पर्यटन और आवास जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई नीतिगत फैसलों में अहम योगदान दिया। संगठन में भी निभाई अहम भूमिका किदवई कांग्रेस कार्यसमिति और केंद्रीय चुनाव समिति जैसी अहम इकाइयों की भी सदस्य रहीं। पार्टी के भीतर उनकी पहचान एक अनुभवी, संतुलित और मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में थी। राजनीतिक जगत में शोक की लहर उनके निधन को भारतीय राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। उनका जीवन समर्पण, सेवा और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।  

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
Assam Police and Delhi Police at Congress leader Pawan Khera’s residence during questioning
पवन खेड़ा के घर पहुंची असम पुलिस, बढ़ा सियासी विवाद

दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पर असम पुलिस की टीम पहुंची है। उनके साथ दिल्ली पुलिस भी मौजूद है और खेड़ा से पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर लगाए गए आरोपों के बाद हुई है। क्या है पूरा मामला? पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि CM हिमंता सरमा की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं उन्होंने दावा किया कि उनके पास “विदेश से मिले दस्तावेज” हैं, जो बड़ा खुलासा कर सकते हैं CM हिमंता का जवाब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को- झूठा और मनगढ़ंत बताया राजनीतिक साजिश करार दिया उन्होंने कहा था: 48 घंटे के अंदर आपराधिक और दीवानी मानहानि केस दर्ज करेंगे अब क्या कार्रवाई हुई? 48 घंटे के भीतर ही असम पुलिस दिल्ली में पवन खेड़ा के घर पहुंच गई उनसे पूछताछ जारी है तलाशी भी ली जा रही है इससे साफ है कि मामला अब कानूनी लड़ाई में बदल चुका है क्यों बढ़ा विवाद? मामला सीधे एक सीएम के परिवार से जुड़ा है आरोप बेहद गंभीर हैं (विदेशी पासपोर्ट, दस्तावेज) दोनों पक्षों में तीखा राजनीतिक टकराव

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Fatal truck collision on Delhi-Dehradun Highway in Haridwar kills one driver, two injured
हरिद्वार: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भीषण हादसा, दो ट्रकों की टक्कर में चालक की मौत

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा? घटना भगवानपुर क्षेत्र में पुहाना पावर ग्रिड के पास हुई दोनों ट्रक रुड़की की ओर आ रहे थे पीछे से आ रहे ट्रक ने आगे चल रहे ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी चालक की मौके पर मौत हादसे में पीछे वाले ट्रक के चालक जुनैद (पुत्र जावेद) की मौके पर ही मौत हो गई वह मुजफ्फरनगर (सुजडू, थाना खालापार) का निवासी था दो लोग घायल आगे वाले ट्रक में सवार नोमान और सहिम घायल हो गए दोनों बागपत (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं घायलों को 108 एंबुलेंस से उपजिला अस्पताल रुड़की भेजा गया पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रुड़की सिविल अस्पताल में रखवा दिया है मामले की जांच जारी है

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Car submerged in well in Nashik after tragic accident killing nine family members including children
महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के नासिक जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक कार के कुएं में गिर जाने से एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल हैं। कैसे हुआ हादसा? यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। परिवार के सभी लोग एक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे इसी दौरान उनकी कार संतुलन खोकर पास के कुएं में गिर गई रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दो क्रेन और तैराकों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया आधी रात तक कार और सभी लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया मृतकों की पहचान पुलिस के अनुसार, सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार से थे। मृतकों में शामिल हैं: सुनील दत्तु दरगुडे (32) उनकी पत्नी रेशमा आशा अनिल दरगुडे (32) परिवार के 6 बच्चे (7 से 14 वर्ष आयु वर्ग) 5 लड़कियां 1 लड़का जांच जारी सभी शवों को डिंडोरी सरकारी अस्पताल भेजा गया है पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है हादसे के कारणों की जांच जारी है इलाके में शोक की लहर इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Rajnath Singh addressing public event warning Pakistan amid Iran conflict and rising geopolitical tensions
ईरान युद्ध के बीच राजनाथ सिंह की चेतावनी: “पाकिस्तान ने हरकत की तो मिलेगा करारा जवाब”

नई दिल्ली/केरल: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान युद्ध की आड़ में पाकिस्तान कोई “गलत हरकत” करता है, तो भारत उसे पहले से भी ज्यादा कड़ा और निर्णायक जवाब देगा। “पड़ोसी देश साजिश कर सकता है” केरल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा: “मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी देश साजिश कर सकता है, लेकिन भारत पूरी तरह तैयार है।” ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की दिलाई याद राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाते हुए कहा: भारतीय सेना ने सिर्फ 22 मिनट में जवाबी कार्रवाई की थी पाकिस्तान के अंदर घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को सीज़फायर की मांग करनी पड़ी यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले (25 पर्यटकों की मौत) के बाद शुरू हुआ था। ऊर्जा संकट पर भी दिया भरोसा रक्षा मंत्री ने साफ किया कि: देश में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है भारत किसी भी ऊर्जा संकट से निपटने के लिए तैयार है होर्मुज जलडमरूमध्य पर नजर उन्होंने बताया कि: भारतीय नौसेना होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों की सुरक्षा कर रही है सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है कूटनीतिक मोर्चे पर भी सक्रिय भारत राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए खाड़ी क्षेत्र में भारत के हितों की रक्षा कर रहे हैं। पाकिस्तान के दावों पर सवाल पाकिस्तान खुद को अमेरिका-ईरान विवाद में मध्यस्थ बता रहा है लेकिन ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया, जिससे पाकिस्तान की स्थिति कमजोर दिख रही है

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
फर्जी बम धमकी मामले में गिरफ्तार आरोपी और जांच का दृश्य
फर्जी बम धमकियां फैलाने वाला आरोपी कर्नाटक से गिरफ्तार

नई दिल्ली,एजेंसियां। देशभर के स्कूल, अदालत और सरकारी कार्यालयों को बम धमकी भेजकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और स्थानीय टीम ने संयुक्त अभियान में आरोपी को उसके किराए के मकान से दबोचा। आरोपी की पहचान 47 वर्षीय श्रीनिवास लुइस के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बेंगलुरु का रहने वाला है।   जांच में क्या आया सामने ? जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ईमेल और अन्य माध्यमों से 1,100 से अधिक फर्जी बम धमकी संदेश भेजे थे। इन धमकियों के कारण देश के कई राज्यों में हड़कंप मच गया था और स्कूलों, अदालतों व सरकारी कार्यालयों को खाली कराना पड़ा। अलग-अलग राज्यों में इस मामले में कई प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।   सूत्रों के अनुसार सूत्रों के अनुसार, आरोपी स्नातकोत्तर तक पढ़ा हुआ है, लेकिन फिलहाल बेरोजगार था और अपनी मां के साथ रहता था, जो सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी मानसिक तनाव से गुजर रहा था। पूछताछ के दौरान उसने खुद ही देशभर में धमकी भरे संदेश भेजने की बात स्वीकार की।   दिल्ली पुलिस आरोपी के डिजिटल उपकरणों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई और व्यक्ति या नेटवर्क तो नहीं था। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आरोपी के मनोवैज्ञानिक स्थिति पर भी ध्यान दे रही हैं।   पुलिस क्या है कहना  ? पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से देशभर में स्कूलों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों को झेलनी पड़ी दहशत को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि फर्जी धमकियों के इस मामले का पैमाना असामान्य रूप से बड़ा था।

Unknown अप्रैल 1, 2026 0
पुलिस जांच और साइबर अपराध से जुड़ा प्रतीकात्मक दृश्य
झारखंड पुलिस बम धमकियों के मास्टरमाइंड से पूछताछ करने दिल्ली रवाना

रांची। झारखंड समेत देशभर के स्कूल, अदालत और सरकारी दफ्तरों को बम धमकी देने वाले 47 वर्षीय आरोपी श्रीनिवास लुईस से पूछताछ के लिए झारखंड पुलिस दिल्ली रवाना हो गई है। आरोपी को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया गया था। अब डिजिटल साक्ष्यों और धमकी संदेशों की विस्तृत जांच की जा रही है। धमकी देकर आतंक का माहौल बनाता थाः दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने देशभर में स्कूलों, अदालतों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की झूठी धमकियां देकर आतंक का माहौल बनाने की कोशिश की। आरोपी 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया गया, जहां से उसने 1,000 से भी अधिक फर्जी धमकी भरे ई मेल और मैसेज भेजे थे। जांच में पता चला है कि उसने कई हाईकोर्ट, स्कूल, सरकारी कार्यालय और संवेदनशील संस्थानों को ई मेल तथा अन्य माध्यमों से धमकियां दीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को विस्तृत जांच और सतर्कता बरतनी पड़ी। इन धमकियों के कारण कई स्थानों पर सुरक्षा उपाय कड़े किए गए और जांच टीमों को सक्रिय रहना पड़ा। झारखंड पुलिस की एक टीम आरोपी से पूछताछ के लिए दिल्ली के लिए गई है, ताकि इस तकनीकी अपराध के पीछे की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

Unknown अप्रैल 1, 2026 0
हाईवे टोल प्लाजा, ट्रेन और फ्लाइट से जुड़े नए नियमों का प्रतीकात्मक चित्र
20 लाख रुपए तक की संपत्ति की रजिस्ट्री में पैन कार्ड जरूरी नहीं

रांची। नया वित्त वर्ष बुधवार यानि 1 अप्रैल से शुरू हो गया है। बैंकिंग, इनकम टैक्स, रेलवे टिकट और फास्टैग से जुड़ी कई व्यवस्थाओं के नियम बुधवार से बदल गये हैं। भुवनेश्वर-धनबाद-भुवनेश्वर स्पेशल 1 अप्रैल से और हटिया-दुर्ग-हटिया स्पेशल द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन नियमित एक्सप्रेस के रूप में 2 अप्रैल से चलेंगी। एक अप्रैल से टोल में भी लगभग 3-7% तक वृद्धि होगी, जबकि कई टोल प्लाजा पर यह बढ़ोतरी करीब 5% के आसपास रहेगी। जमशेदपुर-रांची हाईवे पर कार का टोल 120 रुपए से बढ़कर 125 रुपए हो जाएगा। पैन कार्ड के साथ देना होगा अतिरिक्त दस्तावेजः एक अप्रैल से पैन कार्ड बनवाने के लिए पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड के अलावा एक अतिरिक्त दस्तावेज देना जरूरी होगा। अब 20 लाख रुपए तक की संपत्ति रजिस्ट्री में पैन कार्ड जरूरी नहीं होगा, पहले यह सीमा 10 लाख थी। सभी प्रकार की इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रों का बेसलाइन असेसमेंट अनिवार्यः झारखंड के सरकारी स्कूलों में नए सेशन की शुरुआत पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि पहले आकलन फिर पढ़ाई के फॉर्मूले पर होगी। इसके तहत पहली से 12वीं तक के हर छात्र की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति का आकलन कर उसी स्तर के अनुसार दो महीने पढ़ाई कराने का प्लान है। जेईपीसी ने आधारभूत आरंभिक कक्षाओं को लेकर गाइडलाइन भी जारी किया है। राज्य परियोजना निदेशक द्वारा सीएम एक्सीलेंस समेत राज्य के सभी जिलों दिए गए निर्देश में कहा है कि 4 अप्रैल तक सभी छात्रों का बेसलाइन असेसमेंट अनिवार्य रुप से तैयार कर लेना है। कोलकाता के लिए 2 फ्लाइट फिर शुरूः रांची एयरपोर्ट ने समर शेड्यूल के तहत विमानों की नई समय सारिणी जारी की है। इसके तहत कई उड़ानों के आगमन और प्रस्थान समय में 10 मिनट से लेकर 2 घंटे तक का बदलाव किया गया है। इंडिगो की कोलकाता जाने वाली दो फ्लाइट्स, जो क्राइसिस के दौरान बंद कर दी गई थीं, उन्हें फिर से शुरू किया गया है। दोपहर में हैदराबाद और बेंगलुरु जाने वाली उड़ानों में करीब दो घंटे की देरी की गई है। इसके अलावा शाम के समय दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है। कुछ बदलाव 29 मार्च से ही लागू हो गए हैं।   आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया सरल : एक अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू हो जाएगा। टैक्स दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। नई टैक्स व्यवस्था को जारी रखा गया है। इसके अलावा, आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है और संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है।

Unknown अप्रैल 1, 2026 0
Worms found in curd served on Vande Bharat Express train
वंदे भारत में खाने में कीड़े मिलने पर बड़ा एक्शन: IRCTC पर 10 लाख का जुर्माना, ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट खत्म

नई दिल्ली। देश की प्रीमियम ट्रेन सेवा वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर खाने की गुणवत्ता को लेकर विवादों में आ गई है। पटना-टाटानगर रूट पर चलने वाली इस ट्रेन में एक यात्री को परोसे गए भोजन में कीड़े मिलने का मामला सामने आने के बाद रेल मंत्रालय ने कड़ा एक्शन लिया है। वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप यह मामला 15 मार्च 2026 का है, जब पटना के कंटेंट क्रिएटर रितेश कुमार सिंह ने ट्रेन में परोसे गए खाने का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में दही के कटोरे में साफ तौर पर कीड़े दिखाई दे रहे थे। उन्होंने तुरंत ट्रेन मैनेजर को शिकायत भी दर्ज कराई। दूसरे वीडियो में रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच करते नजर आए। टॉर्च की रोशनी में दही की बारीकी से जांच की गई, जबकि आसपास मौजूद अन्य यात्री भी इस घटना को देखकर हैरान रह गए। यात्रियों में नाराजगी, सोशल मीडिया पर उठा मुद्दा वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से वायरल हो गया। सहयात्रियों ने भी मौके पर शिकायत दर्ज कराने और मामले को सार्वजनिक करने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। रेलवे का सख्त रुख मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाते हुए उसका कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त करने का आदेश दिया गया। रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल यह घटना एक बार फिर ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम ट्रेनों में इस तरह की घटनाएं यात्रियों के भरोसे को कमजोर कर सकती हैं।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0