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bihar bus fare hike
बिहार में बढ़ेगा सरकारी बसों का किराया

पटना, एजेंसियां। Bihar State Road Transport Corporation यानी बीएसआरटीसी की बसों में सफर करना जल्द महंगा हो सकता है। डीजल की बढ़ती कीमतों के बाद परिवहन विभाग और बीएसआरटीसी अधिकारियों ने सरकारी बसों के किराये में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार विभिन्न रूटों पर 10 से 15 प्रतिशत तक किराया बढ़ाया जा सकता है।   परिवहन विभाग और बीएसआरटीसी की बैठक शनिवार को परिवहन विभाग और बीएसआरटीसी अधिकारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर बैठक हुई। बैठक में बढ़ती परिचालन लागत और डीजल की कीमतों पर चर्चा की गई। अधिकारियों के मुताबिक किराया बढ़ाने पर मौखिक सहमति बन चुकी है। हालांकि अंतिम फैसला क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) द्वारा लिया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद नई दरें लागू कर दी जाएंगी।   लंबे समय से उठ रही थी मांग बीएसआरटीसी पिछले साल से किराया बढ़ाने की मांग कर रहा था। निगम का कहना था कि लंबे समय से बस किराये में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि ईंधन, रखरखाव और संचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। उस समय विभाग की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फैसला टल गया था, लेकिन अब डीजल की नई कीमतों ने सरकार को इस दिशा में कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है।   निजी बसों ने पहले ही बढ़ाया किराया डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का असर निजी बस सेवाओं पर भी पड़ा है। निजी बस ऑपरेटर पहले ही 20 से 25 प्रतिशत तक किराया बढ़ा चुके हैं। ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ने भी इस मुद्दे पर परिवहन विभाग को ज्ञापन देने का फैसला किया है।   यात्रियों पर बढ़ेगा असर यदि प्रस्ताव लागू होता है तो रोजाना सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। खासकर लंबी दूरी के यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा असर झेलना पड़ सकता है।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
Cm Samrat Chaudhary
बिहार में 30 दिन में शिकायत नहीं सुलझी तो अफसर सस्पेंड: सीएम सम्राट

पटना,एजेंसियां। बिहार में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू हुए ‘सहयोग शिविर’ अभियान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। सोनपुर प्रखंड के डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित पहले शिविर में उन्होंने साफ कहा कि यदि 30 दिनों के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा। 67 शिकायतें, मौके पर समाधान का दावा शिविर में कुल 67 शिकायतें सामने आईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के भरोसे पर बनी है और लोगों की समस्याओं का समाधान उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का तय समय में निपटारा सुनिश्चित किया जाए।   हर महीने पंचायतों में लगेंगे शिविर सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि अब हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में सहयोग शिविर लगाएंगे। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करना है, ताकि जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।   अस्पतालों के रेफर सिस्टम पर सख्ती मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिला और अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को बिना वजह रेफर करने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 अगस्त तक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें अनावश्यक रेफर करने पर सिविल सर्जन (CS) के खिलाफ कार्रवाई हो सके। हालांकि गंभीर मरीजों को इससे अलग रखा जाएगा।   विकास योजनाओं का भी ऐलान मुख्यमंत्री ने सोनपुर क्षेत्र के विकास को लेकर कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि बाबा हरिहरनाथ के नाम पर नई टाउनशिप बनाई जाएगी। साथ ही पटना के गंगा पथ की तर्ज पर छपरा में ‘गंगा-अंबिका पथ’ का निर्माण किया जाएगा, जिससे यातायात और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
chakradharpur encounter
चक्रधरपुर पोड़ाहाट जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़

चक्रधरपुर। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अनुमंडल के पोड़ाहाट जंगल में केड़ाबीर के पास मंगलवार की सुबह सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच घंटों मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में अब तक किसी नक्सली के मारे जाने की खबर सामने नहीं आई है। यह घटना सोनुवा थाना अंतर्गत केड़ाबीर इलाके में हुई। नक्सलियों का भारी सामान बरामद सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने जानकारी दी है कि मुठभेड़ स्थल की गहन तलाशी के दौरान नक्सलियों के दैनिक उपयोग की कई सामग्री और जरूरी सामान बरामद किए गए हैं। आईजी ने स्पष्ट किया कि इस मुठभेड़ में फिलहाल किसी भी नक्सली के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। मिसिर बेसरा के दस्ते की तलाश खुफिया जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ प्रतिबंधित नक्सली संगठन के मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ हुई है। लंबे समय से पोड़ाहाट और कोल्हान के जंगलों में मिसिर बेसरा के दस्ते की सक्रियता देखी जा रही थी, जिसे देखते हुए सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस इस दस्ते की तलाश में लगातार अभियान चला रही है।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
Maharashtra crime news
महाराष्ट्र में 4 साल की बच्ची से रेप-मर्डर के बाद बवाल 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

पुणे, एजेंसियां। महाराष्ट्र के पुणे जिले में शुक्रवार को 65 साल के एक व्यक्ति ने 4 साल की बच्ची से रेप के बाद पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग के लिए लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। लोगों ने थाने का घेराव कर दिया है और हंगामा कर रहे हैं।  नानी के यहां आई थी बच्ची बच्ची पुणे के भोर तहसील के नसरापुर गांव में रहने वाली अपनी नानी के यहां गर्मी की छुट्टियां बिताने आई थी। शुक्रवार को वह घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान दोपहर करीब दो बजे 65 साल का भीमराव कांबले उसे बहला-फुसलाकर अपने घर के पास बने पशुओं के तबेले में ले गया। इसी तबेले में उसने बच्ची के साथ हैवानियत की। इसके बाद उसने शव को तबेले में पड़े गाय के गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया, ताकि किसी को शक न हो।   तबेले से मिला बच्ची का शव काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांवभर में खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच कुछ लोगों ने तबेले में भी बच्ची को तलाशा, तो उसका शव बरामद हुआ। बच्ची की हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया। सीसीटीवी फुटेज से पकड़ाया आरोपी घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की तलाश की तो एक फुटेज में आरोपी बच्ची को तबेले की ओर ले जाता हुआ दिखा। पुलिस ने तुरंत भीमराव कांबले को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।   तबेले के सामने जमा हैं गांववाले वारदात के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और आरोपी को उन्हें सौंप देने की मांग करने लगे। गांव वाले का कहना है कि जब तक आरोपी उनके हवाले नहीं कर दिया जाता, तब तक पुलिस को बच्ची का शव नहीं देंगे। पुलिस समझाने में विफल गांव वालों ने तबेले के सामने कैंप लगा लिया है। पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे गए हैं और लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। हालात के मद्देनजर पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर चक्काजाम घटना के बाद गांव के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि इस मामले में 15 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।

Anjali Kumari मई 2, 2026 0
Religion dispute mumbai
मुंबई में नाम-धर्म पूछने के बाद हमले का आरोप, मीरा रोड में तनाव

मुंबई, एजेंसियां। मुंबई के मीरा रोड के नया नगर इलाके में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने दो सुरक्षाकर्मियों पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी ने पहले गार्डों से उनका नाम और धर्म पूछा, फिर उन्हें कलमा पढ़ने को कहा। मना करने पर उसने दोनों पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिया। घटना रविवार सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है। घायल सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।   सीसीटीवी के आधार पर आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान 31 वर्षीय जुबैर अंसारी के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तारी की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमला एक निर्माणाधीन इमारत में ड्यूटी कर रहे गार्डों पर किया गया।   ATS कर रही गहन जांच, संदिग्ध नोट बरामद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच Mumbai ATS को सौंप दी गई है। आरोपी के पास से एक नोट बरामद हुआ है, जिसमें ‘लोन वुल्फ’, ‘जिहाद’, ‘गाजा’ और अन्य उग्र विचारों का जिक्र पाया गया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हमला किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था या आरोपी ने इसे अकेले अंजाम दिया।   डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की जांच जारी एजेंसियां आरोपी के मोबाइल, ब्राउजिंग हिस्ट्री और संपर्कों की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी संगठन से जुड़ा था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।   घटना से इलाके में दहशत का माहौल इस वारदात के बाद इलाके में डर का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के असली मकसद का खुलासा हो पाएगा।

Anjali Kumari अप्रैल 28, 2026 0
KTM Duke 350cc and 399cc bikes comparison showing design, performance and sporty street styling
KTM Duke 390 खरीदने से पहले समझें 350cc vs 399cc का फर्क, कौन सा वेरिएंट है आपके लिए बेहतर?

स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में अपनी अलग पहचान रखने वाली KTM Duke 390 अब नए विकल्प के साथ बाजार में उपलब्ध है। कंपनी ने अपने लोकप्रिय मॉडल में 350cc वेरिएंट जोड़कर ग्राहकों को एक किफायती विकल्प दिया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि 350cc और 399cc में से कौन सा वर्जन खरीदना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा। 350cc vs 399cc: पावर और कीमत का खेल स्टैंडर्ड 399cc Duke 390 जहां करीब 46 हॉर्सपावर देता है, वहीं नया 350cc वेरिएंट लगभग 41.5 हॉर्सपावर जेनरेट करता है। पावर में अंतर मामूली लग सकता है, लेकिन कीमत में बड़ा फर्क देखने को मिलता है। 399cc मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत करीब ₹3.39 लाख है, जबकि 350cc वेरिएंट लगभग ₹2.77 लाख के आसपास उपलब्ध हो सकता है। यही वजह है कि 350cc मॉडल “वैल्यू फॉर मनी” के रूप में उभरकर सामने आता है। अगर प्रति हॉर्सपावर लागत देखें, तो 350cc वर्जन ज्यादा किफायती साबित होता है। इसके साथ ही कम इंजन कैपेसिटी का फायदा टैक्स, इंश्योरेंस और मेंटेनेंस लागत में भी मिलता है, जो लंबे समय में आपकी जेब पर कम दबाव डालता है। फीचर्स में नहीं हुआ समझौता कीमत कम होने के बावजूद कंपनी ने फीचर्स, सस्पेंशन और ब्रेकिंग सिस्टम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब यह है कि आपको 350cc वेरिएंट में भी लगभग वही प्रीमियम राइडिंग एक्सपीरियंस मिलेगा, जिसके लिए Duke 390 जानी जाती है। इंजन में क्या बदलाव किए गए? 350cc वेरिएंट के लिए कंपनी ने पूरी तरह नया इंजन विकसित नहीं किया, बल्कि मौजूदा इंजन को री-ट्यून किया है। स्ट्रोक की लंबाई कम करके इंजन कैपेसिटी घटाई गई है, जबकि इसका बेस आर्किटेक्चर पहले जैसा ही रखा गया है। इसका फायदा यह है कि बाइक की हाई-रेविंग नेचर काफी हद तक बरकरार रहती है। हालांकि, टॉप पावर और टॉर्क में हल्की कमी महसूस हो सकती है, खासकर हाई RPM पर। किसके लिए कौन सा वेरिएंट बेहतर? 350cc वेरिएंट चुनें अगर: आप बजट में KTM का अनुभव चाहते हैं बाइक का इस्तेमाल रोजमर्रा के काम के लिए करना है कम लागत और बेहतर माइलेज प्राथमिकता है 399cc वेरिएंट चुनें अगर: आपको ज्यादा पावर और स्पोर्टी परफॉर्मेंस चाहिए हाईवे राइडिंग और स्पीड आपके लिए ज्यादा मायने रखती है बजट आपके लिए बड़ी चिंता नहीं है  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Mohsina Kidwai portrait, senior Congress leader who passed away at age 94
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई का निधन, 94 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस - राजनीति ने खोया अनुभवी चेहरा

भारतीय राजनीति से एक युग का अंत हो गया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Mohsina Kidwai का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार सुबह नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। परिवार के अनुसार, वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर Mohsina Kidwai का जन्म 1932 में उत्तर प्रदेश के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उन्होंने शुरुआती दौर से ही राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और Indian National Congress के साथ जुड़कर अपने राजनीतिक करियर को मजबूती दी। वे कई बार लोकसभा और राज्यसभा की सदस्य रहीं और केंद्र सरकार में अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। Rajiv Gandhi की सरकार में उन्होंने शहरी विकास, पर्यटन और आवास जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई नीतिगत फैसलों में अहम योगदान दिया। संगठन में भी निभाई अहम भूमिका किदवई कांग्रेस कार्यसमिति और केंद्रीय चुनाव समिति जैसी अहम इकाइयों की भी सदस्य रहीं। पार्टी के भीतर उनकी पहचान एक अनुभवी, संतुलित और मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में थी। राजनीतिक जगत में शोक की लहर उनके निधन को भारतीय राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। उनका जीवन समर्पण, सेवा और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।  

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
Assam Police and Delhi Police at Congress leader Pawan Khera’s residence during questioning
पवन खेड़ा के घर पहुंची असम पुलिस, बढ़ा सियासी विवाद

दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पर असम पुलिस की टीम पहुंची है। उनके साथ दिल्ली पुलिस भी मौजूद है और खेड़ा से पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर लगाए गए आरोपों के बाद हुई है। क्या है पूरा मामला? पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि CM हिमंता सरमा की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं उन्होंने दावा किया कि उनके पास “विदेश से मिले दस्तावेज” हैं, जो बड़ा खुलासा कर सकते हैं CM हिमंता का जवाब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को- झूठा और मनगढ़ंत बताया राजनीतिक साजिश करार दिया उन्होंने कहा था: 48 घंटे के अंदर आपराधिक और दीवानी मानहानि केस दर्ज करेंगे अब क्या कार्रवाई हुई? 48 घंटे के भीतर ही असम पुलिस दिल्ली में पवन खेड़ा के घर पहुंच गई उनसे पूछताछ जारी है तलाशी भी ली जा रही है इससे साफ है कि मामला अब कानूनी लड़ाई में बदल चुका है क्यों बढ़ा विवाद? मामला सीधे एक सीएम के परिवार से जुड़ा है आरोप बेहद गंभीर हैं (विदेशी पासपोर्ट, दस्तावेज) दोनों पक्षों में तीखा राजनीतिक टकराव

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Fatal truck collision on Delhi-Dehradun Highway in Haridwar kills one driver, two injured
हरिद्वार: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भीषण हादसा, दो ट्रकों की टक्कर में चालक की मौत

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा? घटना भगवानपुर क्षेत्र में पुहाना पावर ग्रिड के पास हुई दोनों ट्रक रुड़की की ओर आ रहे थे पीछे से आ रहे ट्रक ने आगे चल रहे ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी चालक की मौके पर मौत हादसे में पीछे वाले ट्रक के चालक जुनैद (पुत्र जावेद) की मौके पर ही मौत हो गई वह मुजफ्फरनगर (सुजडू, थाना खालापार) का निवासी था दो लोग घायल आगे वाले ट्रक में सवार नोमान और सहिम घायल हो गए दोनों बागपत (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं घायलों को 108 एंबुलेंस से उपजिला अस्पताल रुड़की भेजा गया पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रुड़की सिविल अस्पताल में रखवा दिया है मामले की जांच जारी है

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Car submerged in well in Nashik after tragic accident killing nine family members including children
महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के नासिक जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक कार के कुएं में गिर जाने से एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल हैं। कैसे हुआ हादसा? यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। परिवार के सभी लोग एक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे इसी दौरान उनकी कार संतुलन खोकर पास के कुएं में गिर गई रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दो क्रेन और तैराकों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया आधी रात तक कार और सभी लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया मृतकों की पहचान पुलिस के अनुसार, सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार से थे। मृतकों में शामिल हैं: सुनील दत्तु दरगुडे (32) उनकी पत्नी रेशमा आशा अनिल दरगुडे (32) परिवार के 6 बच्चे (7 से 14 वर्ष आयु वर्ग) 5 लड़कियां 1 लड़का जांच जारी सभी शवों को डिंडोरी सरकारी अस्पताल भेजा गया है पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है हादसे के कारणों की जांच जारी है इलाके में शोक की लहर इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Rajnath Singh addressing public event warning Pakistan amid Iran conflict and rising geopolitical tensions
ईरान युद्ध के बीच राजनाथ सिंह की चेतावनी: “पाकिस्तान ने हरकत की तो मिलेगा करारा जवाब”

नई दिल्ली/केरल: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान युद्ध की आड़ में पाकिस्तान कोई “गलत हरकत” करता है, तो भारत उसे पहले से भी ज्यादा कड़ा और निर्णायक जवाब देगा। “पड़ोसी देश साजिश कर सकता है” केरल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा: “मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी देश साजिश कर सकता है, लेकिन भारत पूरी तरह तैयार है।” ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की दिलाई याद राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाते हुए कहा: भारतीय सेना ने सिर्फ 22 मिनट में जवाबी कार्रवाई की थी पाकिस्तान के अंदर घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को सीज़फायर की मांग करनी पड़ी यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले (25 पर्यटकों की मौत) के बाद शुरू हुआ था। ऊर्जा संकट पर भी दिया भरोसा रक्षा मंत्री ने साफ किया कि: देश में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है भारत किसी भी ऊर्जा संकट से निपटने के लिए तैयार है होर्मुज जलडमरूमध्य पर नजर उन्होंने बताया कि: भारतीय नौसेना होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों की सुरक्षा कर रही है सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है कूटनीतिक मोर्चे पर भी सक्रिय भारत राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए खाड़ी क्षेत्र में भारत के हितों की रक्षा कर रहे हैं। पाकिस्तान के दावों पर सवाल पाकिस्तान खुद को अमेरिका-ईरान विवाद में मध्यस्थ बता रहा है लेकिन ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया, जिससे पाकिस्तान की स्थिति कमजोर दिख रही है

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
फर्जी बम धमकी मामले में गिरफ्तार आरोपी और जांच का दृश्य
फर्जी बम धमकियां फैलाने वाला आरोपी कर्नाटक से गिरफ्तार

नई दिल्ली,एजेंसियां। देशभर के स्कूल, अदालत और सरकारी कार्यालयों को बम धमकी भेजकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और स्थानीय टीम ने संयुक्त अभियान में आरोपी को उसके किराए के मकान से दबोचा। आरोपी की पहचान 47 वर्षीय श्रीनिवास लुइस के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बेंगलुरु का रहने वाला है।   जांच में क्या आया सामने ? जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ईमेल और अन्य माध्यमों से 1,100 से अधिक फर्जी बम धमकी संदेश भेजे थे। इन धमकियों के कारण देश के कई राज्यों में हड़कंप मच गया था और स्कूलों, अदालतों व सरकारी कार्यालयों को खाली कराना पड़ा। अलग-अलग राज्यों में इस मामले में कई प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।   सूत्रों के अनुसार सूत्रों के अनुसार, आरोपी स्नातकोत्तर तक पढ़ा हुआ है, लेकिन फिलहाल बेरोजगार था और अपनी मां के साथ रहता था, जो सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी मानसिक तनाव से गुजर रहा था। पूछताछ के दौरान उसने खुद ही देशभर में धमकी भरे संदेश भेजने की बात स्वीकार की।   दिल्ली पुलिस आरोपी के डिजिटल उपकरणों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई और व्यक्ति या नेटवर्क तो नहीं था। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आरोपी के मनोवैज्ञानिक स्थिति पर भी ध्यान दे रही हैं।   पुलिस क्या है कहना  ? पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से देशभर में स्कूलों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों को झेलनी पड़ी दहशत को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि फर्जी धमकियों के इस मामले का पैमाना असामान्य रूप से बड़ा था।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
पुलिस जांच और साइबर अपराध से जुड़ा प्रतीकात्मक दृश्य
झारखंड पुलिस बम धमकियों के मास्टरमाइंड से पूछताछ करने दिल्ली रवाना

रांची। झारखंड समेत देशभर के स्कूल, अदालत और सरकारी दफ्तरों को बम धमकी देने वाले 47 वर्षीय आरोपी श्रीनिवास लुईस से पूछताछ के लिए झारखंड पुलिस दिल्ली रवाना हो गई है। आरोपी को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया गया था। अब डिजिटल साक्ष्यों और धमकी संदेशों की विस्तृत जांच की जा रही है। धमकी देकर आतंक का माहौल बनाता थाः दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने देशभर में स्कूलों, अदालतों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की झूठी धमकियां देकर आतंक का माहौल बनाने की कोशिश की। आरोपी 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया गया, जहां से उसने 1,000 से भी अधिक फर्जी धमकी भरे ई मेल और मैसेज भेजे थे। जांच में पता चला है कि उसने कई हाईकोर्ट, स्कूल, सरकारी कार्यालय और संवेदनशील संस्थानों को ई मेल तथा अन्य माध्यमों से धमकियां दीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को विस्तृत जांच और सतर्कता बरतनी पड़ी। इन धमकियों के कारण कई स्थानों पर सुरक्षा उपाय कड़े किए गए और जांच टीमों को सक्रिय रहना पड़ा। झारखंड पुलिस की एक टीम आरोपी से पूछताछ के लिए दिल्ली के लिए गई है, ताकि इस तकनीकी अपराध के पीछे की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
हाईवे टोल प्लाजा, ट्रेन और फ्लाइट से जुड़े नए नियमों का प्रतीकात्मक चित्र
20 लाख रुपए तक की संपत्ति की रजिस्ट्री में पैन कार्ड जरूरी नहीं

रांची। नया वित्त वर्ष बुधवार यानि 1 अप्रैल से शुरू हो गया है। बैंकिंग, इनकम टैक्स, रेलवे टिकट और फास्टैग से जुड़ी कई व्यवस्थाओं के नियम बुधवार से बदल गये हैं। भुवनेश्वर-धनबाद-भुवनेश्वर स्पेशल 1 अप्रैल से और हटिया-दुर्ग-हटिया स्पेशल द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन नियमित एक्सप्रेस के रूप में 2 अप्रैल से चलेंगी। एक अप्रैल से टोल में भी लगभग 3-7% तक वृद्धि होगी, जबकि कई टोल प्लाजा पर यह बढ़ोतरी करीब 5% के आसपास रहेगी। जमशेदपुर-रांची हाईवे पर कार का टोल 120 रुपए से बढ़कर 125 रुपए हो जाएगा। पैन कार्ड के साथ देना होगा अतिरिक्त दस्तावेजः एक अप्रैल से पैन कार्ड बनवाने के लिए पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड के अलावा एक अतिरिक्त दस्तावेज देना जरूरी होगा। अब 20 लाख रुपए तक की संपत्ति रजिस्ट्री में पैन कार्ड जरूरी नहीं होगा, पहले यह सीमा 10 लाख थी। सभी प्रकार की इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रों का बेसलाइन असेसमेंट अनिवार्यः झारखंड के सरकारी स्कूलों में नए सेशन की शुरुआत पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि पहले आकलन फिर पढ़ाई के फॉर्मूले पर होगी। इसके तहत पहली से 12वीं तक के हर छात्र की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति का आकलन कर उसी स्तर के अनुसार दो महीने पढ़ाई कराने का प्लान है। जेईपीसी ने आधारभूत आरंभिक कक्षाओं को लेकर गाइडलाइन भी जारी किया है। राज्य परियोजना निदेशक द्वारा सीएम एक्सीलेंस समेत राज्य के सभी जिलों दिए गए निर्देश में कहा है कि 4 अप्रैल तक सभी छात्रों का बेसलाइन असेसमेंट अनिवार्य रुप से तैयार कर लेना है। कोलकाता के लिए 2 फ्लाइट फिर शुरूः रांची एयरपोर्ट ने समर शेड्यूल के तहत विमानों की नई समय सारिणी जारी की है। इसके तहत कई उड़ानों के आगमन और प्रस्थान समय में 10 मिनट से लेकर 2 घंटे तक का बदलाव किया गया है। इंडिगो की कोलकाता जाने वाली दो फ्लाइट्स, जो क्राइसिस के दौरान बंद कर दी गई थीं, उन्हें फिर से शुरू किया गया है। दोपहर में हैदराबाद और बेंगलुरु जाने वाली उड़ानों में करीब दो घंटे की देरी की गई है। इसके अलावा शाम के समय दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है। कुछ बदलाव 29 मार्च से ही लागू हो गए हैं।   आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया सरल : एक अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू हो जाएगा। टैक्स दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। नई टैक्स व्यवस्था को जारी रखा गया है। इसके अलावा, आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है और संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Worms found in curd served on Vande Bharat Express train
वंदे भारत में खाने में कीड़े मिलने पर बड़ा एक्शन: IRCTC पर 10 लाख का जुर्माना, ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट खत्म

नई दिल्ली। देश की प्रीमियम ट्रेन सेवा वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर खाने की गुणवत्ता को लेकर विवादों में आ गई है। पटना-टाटानगर रूट पर चलने वाली इस ट्रेन में एक यात्री को परोसे गए भोजन में कीड़े मिलने का मामला सामने आने के बाद रेल मंत्रालय ने कड़ा एक्शन लिया है। वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप यह मामला 15 मार्च 2026 का है, जब पटना के कंटेंट क्रिएटर रितेश कुमार सिंह ने ट्रेन में परोसे गए खाने का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में दही के कटोरे में साफ तौर पर कीड़े दिखाई दे रहे थे। उन्होंने तुरंत ट्रेन मैनेजर को शिकायत भी दर्ज कराई। दूसरे वीडियो में रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच करते नजर आए। टॉर्च की रोशनी में दही की बारीकी से जांच की गई, जबकि आसपास मौजूद अन्य यात्री भी इस घटना को देखकर हैरान रह गए। यात्रियों में नाराजगी, सोशल मीडिया पर उठा मुद्दा वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से वायरल हो गया। सहयात्रियों ने भी मौके पर शिकायत दर्ज कराने और मामले को सार्वजनिक करने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। रेलवे का सख्त रुख मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाते हुए उसका कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त करने का आदेश दिया गया। रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल यह घटना एक बार फिर ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम ट्रेनों में इस तरह की घटनाएं यात्रियों के भरोसे को कमजोर कर सकती हैं।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
Langar preparation during Amarnath Yatra affected due to LPG gas shortage
अमरनाथ यात्रा पर गैस संकट: वडोदरा के लंगर आयोजकों की बढ़ी चिंता, हजार सिलेंडरों की मांग

नई दिल्ली/वडोदरा। आगामी अमरनाथ यात्रा से पहले एक गंभीर चुनौती सामने आई है। वडोदरा के लंगर आयोजक रसोई गैस की भारी कमी से जूझ रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सेवा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था हेतु कम से कम 1000 एलपीजी सिलेंडरों की तत्काल आवश्यकता है, जबकि मौजूदा आपूर्ति बेहद सीमित है। आस्था के बीच बढ़ी अनिश्चितता हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस कठिन यात्रा पर निकलते हैं। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए लंगर श्रद्धालुओं के लिए जीवनरेखा साबित होते हैं। लेकिन इस बार स्थिति अलग है—भक्ति के साथ चिंता भी जुड़ गई है। एक लंगर आयोजक ने बताया कि बिना पर्याप्त गैस आपूर्ति के चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था करना संभव नहीं होगा। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे को प्राथमिकता देने की अपील की है। ठंड में भोजन की कमी बन सकती है खतरा अमरनाथ यात्रा के दौरान ऊंचाई, कठिन मार्ग और कड़ाके की ठंड में गर्म भोजन और पानी अत्यंत आवश्यक होते हैं। ऐसे में गैस की कमी केवल सेवा को प्रभावित नहीं करेगी, बल्कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है। एक श्रद्धालु ने चिंता जताते हुए कहा कि उनकी यात्रा सरकार के फैसलों पर निर्भर है और उम्मीद है कि उन्हें बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार से विशेष कोटा की मांग स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आयोजकों ने राज्य और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अमरनाथ यात्रा को विशेष श्रेणी में रखते हुए एलपीजी सिलेंडरों का अलग कोटा सुनिश्चित किया जाए, ताकि लंगर सेवा निर्बाध रूप से जारी रह सके। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन समय रहते समाधान न निकलने पर यह संकट यात्रा की व्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकता है।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
Long queues at petrol pumps in Prayagraj and Hyderabad due to fuel shortage rumors
पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच हकीकत: प्रयागराज से हैदराबाद तक पंपों पर भीड़, सरकार ने कहा—सप्लाई पूरी तरह सामान्य

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रयागराज से लेकर हैदराबाद तक लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कमी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन और रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। अफवाहों से बढ़ी भीड़, सरकार ने की अपील सरकार के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण लोग घबराहट में पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं और एलपीजी की पैनिक बुकिंग कर रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भीड़ न लगाएं। अधिकारियों का कहना है कि देश की सभी रिफाइनरी पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और सप्लाई चेन पूरी तरह सुचारू है।   PNG कनेक्शन पर सरकार का बड़ा फैसला सरकार ने एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सीमित की जा सकती है ग्राहकों को नोटिस देकर 3 महीने में PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा सकता है आवासीय क्षेत्रों में 3 दिन के भीतर PNG कनेक्शन देने का निर्देश गैस एजेंसियों को 48 घंटे में कनेक्शन देने की बाध्यता इस कदम का उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक सुचारू और सुरक्षित बनाना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राहत होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात में भी सुधार हुआ है। ईरान ने भारत सहित कई देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी है। इससे खाड़ी देशों से भारत को तेल और गैस की सप्लाई में किसी बड़े संकट की आशंका फिलहाल टल गई है।   कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई बढ़ी, कार्रवाई भी तेज होटल और रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई 50% तक बढ़ाई गई पैनिक बुकिंग 85 लाख से घटकर 50-55 लाख पर आई जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ 2700 से अधिक छापे 2000 सिलेंडर जब्त, 155 गिरफ्तारियां सरकार का कहना है कि हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
Burnt private bus after collision with truck near Markapuram in Andhra Pradesh
आंध्र प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: बस-ट्रक टक्कर के बाद लगी आग, 12 की मौत, 20 घायल

आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम के पास गुरुवार तड़के एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। यात्रियों से भरी एक निजी ट्रैवल बस और तेज रफ्तार ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर के बाद बस आग के गोले में तब्दील हो गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 12 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 20 यात्री घायल हो गए हैं। कैसे हुआ हादसा? प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस तेलंगाना के जगित्याल/निर्मल इलाके से नेल्लोर की ओर जा रही थी। सुबह करीब 5:45 बजे, रेयावरम के पास एक तेज रफ्तार ट्रक से इसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में तुरंत आग लग गई, जिससे कई यात्री अंदर ही फंस गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। 20 यात्रियों ने बचाई जान हादसे के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। करीब 20 यात्रियों ने किसी तरह खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच के आदेश एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल स्थिति की जानकारी ली और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए। साथ ही, हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए हैं। वहीं, राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना पर शोक जताते हुए कहा कि यात्रियों का इस तरह जलकर मौत का शिकार होना बेहद दुखद है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा अपनी नन्ही फैन के साथ
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने जीता दिल, नन्ही फैन को घर बुलाकर दिया खास तोहफा

बेंगलुरू, एजेंसियां। साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी फिल्म या शादी नहीं, बल्कि एक प्यारी सी फैन के लिए किया गया खास gesture है। दोनों कलाकारों ने अपनी एक नन्ही फैन की ख्वाहिश पूरी कर उसे अपने घर लंच पर आमंत्रित किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है।   वायरल वीडियो से शुरू हुई कहानी दरअसल, “Urs Lucky Thalli” नाम के इंस्टाग्राम चैनल पर एक छोटी बच्ची ने 8 मार्च को एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उसने रश्मिका और विजय को शादी की बधाई दी, लेकिन साथ ही उन्हें शादी में न बुलाने की क्यूट शिकायत भी कर डाली। बच्ची का यह मासूम वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लाखों लोगों का दिल जीत लिया।   सितारों ने निभाया वादा जब यह वीडियो रश्मिका और विजय तक पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बच्ची को अपने घर पर लंच के लिए आमंत्रित किया। हाल ही में सामने आए वीडियो में देखा गया कि दोनों स्टार्स ने न सिर्फ बच्ची का गर्मजोशी से स्वागत किया, बल्कि उसे उसका पसंदीदा खाना भी खिलाया।वीडियो में रश्मिका मंदाना बच्ची को लड्डू खिलाते हुए नजर आ रही हैं, वहीं विजय देवरकोंडा उसे गोद में उठाकर खेलते दिखाई दे रहे हैं। इस भावुक और प्यारे पल ने फैंस का दिल जीत लिया है।   सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस लगातार इस स्टार कपल की तारीफ कर रहे हैं। लोग इसे स्टार्स का डाउन-टू-अर्थ व्यवहार और अपने फैंस के प्रति सम्मान का शानदार उदाहरण बता रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे “दिल जीत लेने वाला पल” और “सच्चा स्टारडम” कहा।   दोस्ती से शादी तक का सफर रश्मिका और विजय की जोड़ी लंबे समय से चर्चा में रही है। दोनों की दोस्ती 2018 की सुपरहिट फिल्म गीता गोविंदम के दौरान शुरू हुई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई। कई सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद इस कपल ने 26 फरवरी 2026 को शादी कर ली।शादी के बाद भी दोनों अपने काम में व्यस्त हैं, लेकिन इस घटना ने दिखा दिया कि वे अपने फैंस के लिए कितना खास स्थान रखते हैं।   फैंस के लिए खास संदेश इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित किया कि सच्ची लोकप्रियता केवल फिल्मों से नहीं, बल्कि इंसानियत और फैंस के प्रति सम्मान से भी मिलती है। रश्मिका और विजय का यह कदम उनके लाखों चाहने वालों के लिए एक यादगार पल बन गया है।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 21, 2026 0
कैलकुलेटर और TAX लिखा हुआ ब्लॉक, नए टैक्स और वित्तीय बदलाव का संकेत
1 अप्रैल से देशभर में लागू होंगे ये 15 बड़े बदलाव, जानिए क्या होगा महंगा-क्या सस्ता ?

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारत में 1 अप्रैल 2026 से एक नए वित्तीय और प्रशासनिक दौर की शुरुआत होने जा रही है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लागू किए जा रहे ये बदलाव आम लोगों, व्यापारियों और नौकरीपेशा वर्ग की जिंदगी पर सीधा असर डालेंगे। सबसे बड़ा बदलाव Income Tax Act 2025 के रूप में सामने आ रहा है, जो दशकों पुराने कानून की जगह लेगा।   नया आयकर कानून और टैक्स सिस्टम में बदलाव 1961 से लागू पुराने आयकर कानून की जगह अब नया और सरल टैक्स सिस्टम लागू होगा। इसमें धाराओं की संख्या घटाकर नियमों को समझना आसान बनाया गया है। इसके साथ ही शेयर बायबैक को अब कैपिटल गेन्स माना जाएगा, जिससे निवेशकों को केवल मुनाफे पर टैक्स देना होगा।   शेयर बाजार और निवेश पर असर शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी, क्योंकि सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। वहीं सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में टैक्स छूट अब केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगी, जिन्होंने सीधे सरकार से बॉन्ड खरीदे हैं।   PAN कार्ड से जुड़े नए नियम सरकार ने PAN Card को लेकर भी कई अहम बदलाव किए हैं। अब 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश ट्रांजैक्शन, 20 लाख से अधिक की प्रॉपर्टी खरीद, और महंगी गाड़ियों की खरीद पर पैन अनिवार्य होगा। वहीं होटल बिल की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है।   टोल प्लाजा पर कैश खत्म देशभर के नेशनल हाईवे पर अब कैश पेमेंट पूरी तरह बंद हो जाएगा। सभी टोल प्लाजा पर केवल FASTag या UPI के जरिए भुगतान करना होगा। इससे ट्रैफिक जाम और लंबी कतारों में कमी आने की उम्मीद है।   विदेश यात्रा और पढ़ाई सस्ती विदेश यात्रा और शिक्षा पर राहत देते हुए सरकार ने TCS (Tax Collected at Source) की दर घटाकर 2% कर दी है। इससे विदेश घूमने, पढ़ाई और इलाज का खर्च कम होगा।   सामाजिक और राज्य स्तर के बदलाव दिव्यांगों और शहीदों के परिवारों को टैक्स में राहत दी गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में अंडों पर एक्सपायरी डेट अनिवार्य होगी। राजस्थान में मजदूरी नियमों को पारदर्शी बनाया जाएगा, जबकि मध्य प्रदेश में नई फैमिली पेंशन योजना लागू होगी।   डिजिटल और पर्यावरणीय सुधार सरकार ने Solid Waste Management Rules 2026 लागू कर कचरा प्रबंधन को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाया है। कंपनियों को अब हर प्रक्रिया की ऑनलाइन जानकारी देनी होगी।   आम आदमी पर असर इन सभी बदलावों से साफ है कि सरकार का फोकस डिजिटल इकोनॉमी, पारदर्शिता और सरल नियमों पर है। जहां एक ओर टैक्स सिस्टम आसान होगा, वहीं डिजिटल भुगतान और नए नियमों से आम लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 21, 2026 0
स्कूल में छात्राओं के लिए मेंस्ट्रुअल हेल्थ सेंटर और सैनिटरी नैपकिन सुविधा
CBSE का बड़ा फैसला: अब हर स्कूल में बनेगा लड़कियों मेंस्ट्रुअल हेल्थ सेंटर

नई दिल्ली,एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को मेंस्ट्रुअल हेल्थ सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी झिझक के अपनी जरूरतों का ध्यान रख सकें।   सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लिया गया निर्णय यह फैसला Supreme Court of India के 20 जनवरी 2026 के आदेश के बाद लिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना हर लड़की का मौलिक अधिकार है। इन सुविधाओं की कमी से छात्राओं की पढ़ाई और आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।   सेंटर में मिलेंगी जरूरी सुविधाएं मेंस्ट्रुअल हेल्थ सेंटर में छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा और इस्तेमाल किए गए नैपकिन के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था भी होगी। कुछ स्कूलों में इन केंद्रों को MHM (Menstrual Hygiene Management) कॉर्नर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाएगी।   जागरूकता और शिक्षा पर जोर CBSE ने केवल सुविधाएं देने तक ही सीमित न रहते हुए जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। स्कूलों को नियमित रूप से हेल्थ सेशन, प्यूबर्टी एजुकेशन और जेंडर सेंसिटिव चर्चाएं आयोजित करनी होंगी। इसका उद्देश्य छात्रों के बीच मेंस्ट्रुएशन से जुड़ी झिझक और गलत धारणाओं को दूर करना है।   रिपोर्टिंग सिस्टम भी लागू बोर्ड ने इस पहल की निगरानी के लिए रिपोर्टिंग सिस्टम भी लागू किया है। स्कूलों को हर महीने अपनी तैयारियों और सुविधाओं की जानकारी देनी होगी। पहली रिपोर्ट 31 मार्च 2026 तक और दूसरी 30 अप्रैल 2026 तक जमा करनी होगी।   सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल की ओर कदम यह पहल स्कूलों में ऐसा वातावरण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहां लड़कियां खुलकर अपनी जरूरतों के बारे में बात कर सकें और बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 21, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0