लंदन, एजेंसियां। दिग्गज टेक कंपनी Samsung आज अपने बड़े इवेंट Galaxy Unpacked 2026 का आयोजन कर रही है। इस इवेंट में कंपनी की नई पीढ़ी के फोल्डेबल स्मार्टफोन, AI आधारित फीचर्स और स्मार्ट डिवाइस पेश किए जाने की उम्मीद है। कंपनी ने इस बार का फोकस "AI और नए फॉर्म फैक्टर" पर रखा है। Galaxy Z Fold 8 और Galaxy Z Flip 8 पर सबकी नजर Samsung के इस इवेंट में सबसे ज्यादा चर्चा Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Flip 8 और संभावित Galaxy Z Fold 8 Ultra को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए फोल्डेबल फोन में बेहतर डिजाइन, ज्यादा मजबूत डिस्प्ले और पिछले मॉडल की तुलना में बेहतर परफॉर्मेंस देखने को मिल सकती है। AI फीचर्स होंगे लॉन्च का मुख्य आकर्षण कंपनी नए Galaxy डिवाइस में AI क्षमताओं को और विस्तार देने की तैयारी में है। Samsung का फोकस ऐसे AI फीचर्स पर है जो यूजर के रोजमर्रा के काम को आसान बना सकें, जैसे स्मार्ट असिस्टेंस, बेहतर फोटो एडिटिंग और पर्सनलाइज्ड अनुभव। Galaxy Watch और अन्य स्मार्ट डिवाइस भी हो सकते हैं पेश स्मार्टफोन के अलावा Samsung इस इवेंट में नई Galaxy Watch सीरीज और अन्य स्मार्ट डिवाइस की घोषणा भी कर सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में AI आधारित स्मार्ट ग्लासेस की झलक दिखाए जाने की संभावना भी जताई गई है। भारत में भी बढ़ी लॉन्च को लेकर उत्सुकता Samsung ने भारत समेत कई बाजारों में नए Galaxy डिवाइस के लिए प्री-रिजर्वेशन शुरू कर दिए थे। भारतीय यूजर्स की नजर खास तौर पर नए फोल्डेबल फोन की कीमत, उपलब्धता और AI फीचर्स पर रहेगी।
Apple का अगला फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro सितंबर 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है। टेक रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी का यह लॉन्च शेड्यूल केवल परंपरा नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति हो सकता है। इससे Apple को Samsung और Google जैसे Android ब्रांड्स की नई डिवाइसों के बाजार प्रदर्शन का आकलन करने और उसी हिसाब से अपनी रणनीति बनाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, Apple ने अभी तक iPhone 18 Series की लॉन्च डेट, कीमत या फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सितंबर लॉन्च से Apple को क्या फायदा? हर साल Samsung और Google अपने प्रीमियम स्मार्टफोन जुलाई-अगस्त के दौरान लॉन्च करते हैं। इसके बाद सितंबर में Apple अपनी नई iPhone Series पेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे Apple को कई फायदे मिलते हैं: प्रतिस्पर्धी कंपनियों की कीमतों और उपभोक्ता प्रतिक्रिया का विश्लेषण करने का समय मिलता है। त्योहारी सीजन से पहले iPhone की बिक्री शुरू हो जाती है। कैरियर और नेटवर्क कंपनियां नए iPhone के साथ आकर्षक ऑफर्स लॉन्च करती हैं। प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में ग्राहकों का ध्यान तेजी से iPhone की ओर शिफ्ट हो जाता है। iOS 27 से मिलेगा बेहतर अनुभव? रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple iOS 27 का पब्लिक बीटा जल्द जारी कर सकता है। बताया जा रहा है कि नया अपडेट मुख्य रूप से: सिस्टम परफॉर्मेंस सुधार, Apple Intelligence फीचर्स, Siri AI अपग्रेड, बेहतर स्थिरता पर केंद्रित होगा। Apple की खास बात यह है कि नया iOS एक साथ कई पुराने iPhone मॉडल्स तक पहुंचता है, जबकि Android में अलग-अलग कंपनियों के कारण अपडेट अलग समय पर मिलते हैं। AI फीचर्स पर रहेगा फोकस टेक रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro में Apple का नया AI हार्डवेयर और ऑन-डिवाइस Apple Intelligence फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। कंपनी की रणनीति क्लाउड आधारित AI के बजाय प्राइवेसी को प्राथमिकता देते हुए अधिक AI प्रोसेसिंग सीधे डिवाइस पर उपलब्ध कराने की हो सकती है। हालांकि इन फीचर्स की आधिकारिक जानकारी लॉन्च के समय ही सामने आएगी। बढ़ सकती है iPhone 18 Pro की कीमत रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मेमोरी और स्टोरेज कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के कारण प्रीमियम स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ रही हैं। यदि Samsung और Google पहले अपने नए फ्लैगशिप की कीमत बढ़ाते हैं, तो Apple के लिए भी iPhone 18 Pro की ऊंची कीमत तय करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। हालांकि Apple ने अभी तक कीमतों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। Android से मुकाबले में क्या होगी रणनीति? विश्लेषकों का मानना है कि सितंबर में लॉन्च होने से Apple को यह देखने का अवसर मिलता है कि: ग्राहक किस तरह के AI फीचर्स पसंद कर रहे हैं। बाजार में किन फीचर्स की सबसे अधिक मांग है। प्रतिस्पर्धी कंपनियों की मार्केटिंग रणनीति कितनी सफल रही। इसके बाद Apple अपने iPhone 18 Pro की मार्केटिंग और सेवाओं को उसी हिसाब से पेश कर सकता है। अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार फिलहाल iPhone 18 Pro से जुड़ी अधिकांश जानकारी लीक्स और उद्योग विशेषज्ञों की रिपोर्ट्स पर आधारित है। लॉन्च के बाद ही फोन की वास्तविक कीमत, स्पेसिफिकेशन और उपलब्धता की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
Vietnam Boat Accident: वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों के शव जल्द भारत लाए जाएंगे। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने बताया है कि सभी पार्थिव शरीरों को आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द से जल्द भारत भेजा जाएगा। इस बीच वियतनाम सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। भारतीय दूतावास ने जारी किया अपडेट भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में मारे गए 15 भारतीयों के शव हो ची मिन्ह सिटी ले जाए जा रहे हैं। वहां पहचान और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद पार्थिव शरीरों को भारत भेजने की व्यवस्था की जाएगी। दूतावास ने कहा कि वह वियतनामी प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वियतनाम सरकार ने जांच के दिए आदेश स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने हादसे की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि दुर्घटना के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में रखे गए शव आन जियांग प्रांत के अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए पांच शवों को कीन जियांग जनरल अस्पताल में रखा गया है। वहीं, अन्य 10 शवों को हो ची मिन्ह सिटी के चो रे अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी पहचान और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। लावा मोबाइल कंपनी की ट्रिप के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई नाव में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय नागरिक और नाव के चालक दल के सदस्य शामिल थे। बताया गया है कि लावा मोबाइल कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए वियतनाम की यात्रा आयोजित की थी। कंपनी के करीब 110 कर्मचारी छुट्टियां मनाने के लिए वियतनाम पहुंचे थे। हादसे में जान गंवाने वाले सभी भारतीय दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद परिवारों में शोक नाव हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है। भारतीय दूतावास, स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां शवों को जल्द भारत पहुंचाने और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं। वहीं, हादसे के कारणों की जांच जारी है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। टेक दिग्गज Google अपनी अगली फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज Google Pixel 11 को लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी ने 12 अगस्त 2026 को "Made by Google" इवेंट आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें नई Pixel सीरीज पेश किए जाने की उम्मीद है। इस इवेंट में Pixel 11, Pixel 11 Pro और अन्य Pixel डिवाइस लॉन्च किए जा सकते हैं। AI फीचर्स पर रहेगा Google का फोकस Google Pixel 11 सीरीज में कंपनी अपने Gemini AI को और ज्यादा बेहतर तरीके से इंटीग्रेट कर सकती है। नए स्मार्टफोन में AI आधारित कैमरा फीचर्स, स्मार्ट एडिटिंग, बेहतर वॉयस असिस्टेंट और ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है। नए Tensor G6 प्रोसेसर की चर्चा रिपोर्ट्स के मुताबिक Pixel 11 सीरीज में नया Tensor G6 चिपसेट दिया जा सकता है। यह प्रोसेसर बेहतर परफॉर्मेंस, तेज AI प्रोसेसिंग और पावर एफिशिएंसी के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा कैमरा और डिस्प्ले में भी बड़े अपग्रेड मिलने की संभावना जताई जा रही है। Pixel 11 Pro और Fold मॉडल भी हो सकते हैं लॉन्च Google इस बार Pixel 11 सीरीज के साथ Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold जैसे मॉडल भी पेश कर सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी तक सभी डिवाइस की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। कीमत में बढ़ोतरी की संभावना लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, Pixel 11 सीरीज की कीमत पिछली पीढ़ी की तुलना में ज्यादा हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Google बेस मॉडल में ज्यादा स्टोरेज विकल्प दे सकता है, जिसके कारण कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। लॉन्च के बाद बढ़ेगी AI स्मार्टफोन की प्रतिस्पर्धा Pixel 11 सीरीज के जरिए Google का लक्ष्य स्मार्टफोन में AI अनुभव को और मजबूत करना है। कंपनी Apple और Samsung जैसे प्रतिस्पर्धियों को टक्कर देने के लिए कैमरा, सॉफ्टवेयर और AI क्षमताओं पर बड़ा दांव लगा रही है।
लंदन, एजेंसियां। दक्षिण कोरियाई टेक कंपनी Samsung ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसका अगला Galaxy Unpacked 2026 इवेंट 22 जुलाई को लंदन में आयोजित होगा। कंपनी ने "A New Shape Unfolds" थीम के साथ टीज़र जारी किया है। इस इवेंट में अगली पीढ़ी के फोल्डेबल स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच और AI आधारित डिवाइस पेश किए जाने की उम्मीद है। Galaxy Z Fold 8 और Flip 8 होंगे मुख्य आकर्षण रिपोर्ट्स के मुताबिक, Samsung इस इवेंट में Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Flip 8 लॉन्च कर सकता है। नए फोल्डेबल फोनों में पहले से पतला डिज़ाइन, अधिक चौड़ी डिस्प्ले, नया Snapdragon प्रोसेसर, बेहतर कैमरा और उन्नत Galaxy AI फीचर्स मिलने की संभावना है। Galaxy Glass और नई Watch Series से भी उठेगा पर्दा स्मार्टफोन्स के अलावा Samsung Galaxy Watch 9, Galaxy Watch Ultra 2 और लंबे समय से चर्चा में रहे Galaxy Glass (स्मार्ट ग्लास) की भी पहली झलक दिखा सकता है। माना जा रहा है कि Galaxy Glass में Google Gemini AI का सपोर्ट मिलेगा और यह Meta के स्मार्ट ग्लास को टक्कर देगा। AI पर रहेगा सबसे बड़ा फोकस Samsung का कहना है कि आने वाले सभी Galaxy डिवाइस अधिक पर्सनल, स्मार्ट और AI-संचालित अनुभव देंगे। कंपनी के अनुसार, Galaxy AI को नए हार्डवेयर के साथ और बेहतर तरीके से एकीकृत किया जाएगा, जिससे फोल्डेबल स्मार्टफोन और वियरेबल डिवाइस का अनुभव पहले से कहीं अधिक उन्नत होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सैमसंग ने भारत में अपनी लोकप्रिय Galaxy M सीरीज के नए स्मार्टफोन Samsung Galaxy M47 5G के लॉन्च की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। कंपनी ने इस स्मार्टफोन के लिए एक समर्पित माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी है, जिससे इसके डिजाइन, कुछ प्रमुख फीचर्स और उपलब्धता की जानकारी सामने आई है। Galaxy M47 5G को 2023 में लॉन्च हुए Galaxy M44 का सक्सेसर माना जा रहा है और इसकी बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon के जरिए की जाएगी। प्रीमियम डिजाइन और नया कैमरा मॉड्यूल Galaxy M47 5G का डिजाइन पहले के मुकाबले अधिक प्रीमियम बनाया गया है। फोन के पीछे फ्लैट बैक पैनल दिया गया है, जबकि पिल-शेप रियर कैमरा मॉड्यूल इसे नया लुक देता है। इस मॉड्यूल में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और LED फ्लैश मिलेगा। डिजाइन की झलक हाल ही में लॉन्च हुए Galaxy A57 और Galaxy A37 से मिलती-जुलती है। फोन के दाईं ओर पावर बटन और वॉल्यूम रॉकर दिए गए हैं। कंपनी ने फिलहाल रेड कलर वेरिएंट की पुष्टि की है। Snapdragon 6 Gen 3 और Android 16 का मिलेगा साथ लीक जानकारी के अनुसार Galaxy M47 5G को Geekbench पर मॉडल नंबर SM-M476B के साथ देखा गया है। इसमें Qualcomm का Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर मिलने की उम्मीद है, जिसमें 2.4GHz तक की स्पीड वाले परफॉर्मेंस कोर और 1.8GHz एफिशिएंसी कोर होंगे। ग्राफिक्स के लिए Adreno 710 GPU और कम से कम 8GB रैम मिलने की संभावना है। यह स्मार्टफोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलेगा। Geekbench AI के OpenCL टेस्ट में इसे 2,256 अंक मिले हैं, जो इसकी बेहतर ग्राफिक्स क्षमता का संकेत देते हैं। लॉन्च डेट और कीमत का इंतजार Samsung ने Galaxy M47 5G को "Next Level Monster" टैगलाइन के साथ टीज किया है, जिससे इसके दमदार प्रदर्शन और लंबी बैटरी लाइफ का संकेत मिलता है। हालांकि कंपनी ने अभी इसकी लॉन्च डेट, कीमत और बाकी स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में फोन से जुड़ी सभी अहम जानकारियां आधिकारिक रूप से सामने आ जाएंगी।
Samsung, Xiaomi, Vivo और Realme समेत कई कंपनियों ने बढ़ाए दाम भारत में बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन खरीदना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है। पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे सीमित बजट वाले ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। जिन स्मार्टफोन्स को कुछ समय पहले तक 18,000 से 20,000 रुपये के बीच खरीदा जा सकता था, वे अब 25,000 रुपये या उससे अधिक की कीमत में उपलब्ध हैं। बाजार में बढ़ती कीमतों का असर केवल एक या दो ब्रांड तक सीमित नहीं है। Samsung, Xiaomi, Vivo, Oppo, Realme और Nothing जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने कई लोकप्रिय मॉडलों की कीमतों में इजाफा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे वैश्विक तकनीकी बदलाव, AI सेक्टर की बढ़ती मांग और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां प्रमुख कारण हैं। AI क्रांति का असर स्मार्टफोन बाजार पर स्मार्टफोन महंगे होने की सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर का तेजी से विस्तार माना जा रहा है। दुनिया भर में AI आधारित सर्वर, डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम्स की मांग बढ़ रही है। इन तकनीकों को बड़ी मात्रा में उन्नत मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है। इसी कारण Samsung, Micron और SK Hynix जैसे बड़े मेमोरी चिप निर्माताओं ने अपना ध्यान AI सेक्टर की ओर अधिक केंद्रित कर दिया है। नतीजतन स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली DRAM और NAND मेमोरी चिप्स की उपलब्धता प्रभावित हुई है और उनकी कीमतों में भारी उछाल आया है। उद्योग से जुड़े जानकारों के अनुसार कई मामलों में इन चिप्स की कीमतें 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। यही वजह है कि कुछ विश्लेषक इस बढ़ती लागत को “AI टैक्स” तक कहने लगे हैं, क्योंकि AI की बढ़ती मांग का बोझ आखिरकार स्मार्टफोन उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। बजट और मिड-रेंज ग्राहकों पर सबसे ज्यादा मार भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में से एक है और यहां सबसे अधिक बिक्री बजट तथा मिड-रेंज सेगमेंट में होती है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार Xiaomi के कुछ मॉडलों की कीमतों में लगभग 32 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। Samsung के कुछ फोन करीब 36 प्रतिशत, Vivo के लगभग 40 प्रतिशत और Realme के कुछ मॉडल 50 प्रतिशत से अधिक महंगे हो चुके हैं। इसके साथ ही कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स में भी कमी देखने को मिल रही है। इसका परिणाम यह है कि ग्राहक अब नया स्मार्टफोन खरीदने से पहले पहले की तुलना में अधिक सोच-विचार कर रहे हैं। लोग पुराने फोन को ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर रहे महंगे होते स्मार्टफोन का असर उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां कई लोग हर एक या दो साल में नया स्मार्टफोन खरीद लेते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपने पुराने फोन को रिपेयर करवाकर अधिक समय तक इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं। 2026 की शुरुआती बाजार रिपोर्ट्स में स्मार्टफोन बिक्री में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि ग्राहक अब खर्च को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। यदि पुराना फोन संतोषजनक प्रदर्शन कर रहा है, तो लोग नया डिवाइस खरीदने की जल्दबाजी नहीं कर रहे। बढ़ती शिपिंग लागत और वैश्विक तनाव भी जिम्मेदार स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों के पीछे केवल मेमोरी चिप्स की कमी ही जिम्मेदार नहीं है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती शिपिंग लागत और विभिन्न क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भी इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की लागत बढ़ा दी है। कंपनियों को अब कच्चा माल और तैयार उत्पाद विभिन्न देशों तक पहुंचाने में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी और कई इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स की सीमित उपलब्धता ने भी उत्पादन लागत बढ़ाई है। इन अतिरिक्त खर्चों का बड़ा हिस्सा अब सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट क्यों है अपेक्षाकृत सुरक्षित? दिलचस्प रूप से बढ़ती कीमतों का असर प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार पर अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रहा है। Apple के iPhone और Samsung Galaxy S-Series जैसे फ्लैगशिप डिवाइस खरीदने वाले ग्राहक आमतौर पर कीमत को लेकर कम संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन अधिक मजबूत और स्थिर मानी जाती है, जिससे वे लागत बढ़ने के प्रभाव को बेहतर तरीके से संभाल पाती हैं। यही कारण है कि बजट और मिड-रेंज सेगमेंट में कीमतों का दबाव ज्यादा दिखाई दे रहा है, जबकि प्रीमियम श्रेणी फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है। आगे और बढ़ सकते हैं दाम उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI सेक्टर में मेमोरी चिप्स की मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले महीनों में स्मार्टफोन की कीमतों में और इजाफा हो सकता है। विशेष रूप से बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को इसका सबसे अधिक असर झेलना पड़ सकता है। ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता निकट भविष्य में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहा है, तो अत्यधिक इंतजार करना उसके लिए फायदे का सौदा नहीं भी हो सकता, क्योंकि बाजार में कीमतों के और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
टेक कंपनी Huawei ने अपने आगामी फोल्डेबल स्मार्टफोन Huawei Pura X Max को लेकर बड़ा संकेत दिया है। यह नया “वाइड फोल्डेबल” डिजाइन के साथ आ रहा है, जो मौजूदा स्मार्टफोन्स से बिल्कुल अलग अनुभव देने का दावा करता है। कंपनी ने इसकी लॉन्च डेट 20 अप्रैल तय की है और चीन में इसके लिए प्री-ऑर्डर भी शुरू कर दिए गए हैं। क्या है ‘Wide Foldable’ डिजाइन का खास मकसद? Huawei Pura X Max पारंपरिक फोल्डेबल फोन से अलग है। जहां ज्यादातर फोल्डेबल फोन लंबे और संकरे होते हैं, वहीं यह डिवाइस ज्यादा चौड़े डिजाइन के साथ आएगा। इसका फायदा: वीडियो देखने में बेहतर अनुभव मल्टीटास्किंग आसान गेमिंग ज्यादा इमर्सिव अनफोल्ड करने पर यह एक कॉम्पैक्ट टैबलेट जैसा अनुभव दे सकता है, जो इसे बाजार में अलग पहचान देगा। डिस्प्ले और डिजाइन की झलक लीक्स के मुताबिक: इनर डिस्प्ले: लगभग 7.6–7.69 इंच आउटर डिस्प्ले: करीब 5.5 इंच फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और इनर-आउटर दोनों स्क्रीन पर पंच-होल कैमरा मिल सकता है। इसके अलावा फ्लैट फ्रेम और बेहतर हिंज डिजाइन इसे ज्यादा टिकाऊ बना सकते हैं। दमदार परफॉर्मेंस की उम्मीद Huawei Pura X Max में Kirin 9030 चिपसेट मिलने की संभावना है, जो इसे फ्लैगशिप परफॉर्मेंस देगा। यह स्मार्टफोन कई स्टोरेज वेरिएंट्स में आ सकता है: 12GB + 256GB 12GB + 512GB 16GB + 512GB (Collector’s Edition) 16GB + 1TB (Collector’s Edition) Apple और Samsung को सीधी चुनौती Huawei का यह नया डिजाइन सीधे तौर पर Samsung और Apple जैसे दिग्गज ब्रांड्स को चुनौती देता नजर आ रहा है, जो खुद भी वाइड फोल्डेबल टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं। अगर Huawei का यह एक्सपेरिमेंट सफल होता है, तो फोल्डेबल स्मार्टफोन इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड शुरू हो सकता है। फोल्डेबल का भविष्य बदल सकता है यह डिजाइन Huawei Pura X Max सिर्फ एक नया स्मार्टफोन नहीं, बल्कि फोल्डेबल टेक्नोलॉजी में एक नई सोच का संकेत है। अब सबकी नजर 20 अप्रैल के लॉन्च इवेंट पर है, जहां इसकी कीमत और पूरी स्पेसिफिकेशन सामने आएंगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।