Sensex Today

Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा; निफ्टी 24,200 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी 50 ने 24,200 का स्तर पार कर लिया। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से निवेशकों का रुझान बेहतर हुआ है।    GIFT Nifty ने दिए थे तेजी के संकेत   बाजार खुलने से पहले ही GIFT Nifty करीब 24,220-24,228 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले निफ्टी फ्यूचर्स बंद स्तर से करीब 90-138 अंक ऊपर था। इससे घरेलू बाजार में गैप-अप शुरुआत के संकेत मिले थे।    पिछले सात दिनों की गिरावट के बाद राहत   बुधवार को निफ्टी लगातार सातवें सत्र में गिरकर 24,078.30 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 325.78 अंक टूटकर 76,909.68 पर रहा था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया के तनाव और बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड ने बाजार पर दबाव बनाया था।    अमेरिकी बाजार और एशियाई संकेतों का सहारा   अमेरिकी बाजार में बुधवार को मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने वैश्विक जोखिम धारणा को सहारा दिया। एशियाई बाजारों में भी अधिकांश प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जिसका असर भारतीय बाजार की शुरुआती चाल पर पड़ा।    आज बाजार के लिए अहम स्तर   निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,200 के आसपास शुरुआती प्रतिरोध देखा जा रहा है। बाजार में आज तेजी के बावजूद कच्चे तेल और पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

anjali kumari अगस्त 20, 2026 0
Gold Price
Gold Price: सोने-चांदी के दामों में उछाल, सोना ₹1.55 लाख के पार; चांदी में भी तेजी

मुंबई, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के बीच भारत में सोने और चांदी के भाव में जोरदार उछाल देखने को मिला है। मंगलवार, 11 अगस्त को MCX पर सोना ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर के ऊपर पहुंच गया था। चांदी में भी मजबूत तेजी दर्ज हुई।   सोने की कीमत में तेजी   MCX पर सोने की कीमत में तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में बुलियन की मजबूत मांग और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुख प्रमुख वजहों में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।   सोने में तेजी से घरेलू बाजार में ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों और निवेशकों की लागत बढ़ गई है। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों पर बाजार की नजर बनी हुई है।   चांदी में भी जोरदार तेजी   सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। चांदी में औद्योगिक मांग के साथ निवेश मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालिया कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 65 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। भारत में MCX चांदी की कीमत पहले ही ₹2 लाख प्रति किलोग्राम से ऊपर के ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रही है।   क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के भाव?   कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों में अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग शामिल हैं। बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं।   हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद मुनाफावसूली से कीमतों में अचानक गिरावट भी आ सकती है। इसलिए केवल तेजी देखकर निवेश करने के बजाय कीमत और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव; कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में आज 12 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 0.34% गिरकर 77,888 के आसपास, जबकि निफ्टी 50 करीब 0.31% टूटकर 24,396 के स्तर पर आ गया। बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और निवेशकों की सतर्कता को प्रमुख वजह माना जा रहा है।   कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता   अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। मध्य-पूर्व में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए महंगा क्रूड भारतीय कंपनियों की लागत और देश के आयात बिल पर दबाव डाल सकता है।   16 में से 11 सेक्टर इंडेक्स लाल   आज शुरुआती कारोबार में बाजार की कमजोरी व्यापक रही। 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 11 गिरावट में कारोबार करते दिखे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा।   वहीं Godrej Consumer Products के शेयर में करीब 8% की तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के CEO सुधीर सीतापति के दोबारा नियुक्ति के कुछ ही समय बाद इस्तीफा देने से निवेशकों की चिंता बढ़ी।   निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों पर   बाजार की दिशा पर अब घरेलू और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का भी असर पड़ सकता है। निवेशक ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।  

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत, सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 24,550 के नीचे

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 24,550 के नीचे चला गया। वैश्विक बाजारों में कमजोर संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।   सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में   बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स में करीब 300 अंकों तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 24,550 के स्तर से नीचे चला गया। इससे शुरुआती कारोबार में निवेशकों की धारणा कमजोर नजर आई।   सोमवार को सेंसेक्स 43.27 अंक बढ़कर 80,293.95 पर और निफ्टी 50 13.15 अंक बढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ था। इसके मुकाबले मंगलवार की शुरुआत कमजोर रही।   कच्चे तेल की तेजी बनी बड़ी चिंता   वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार की धारणा पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल बाजार में आपूर्ति संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं।   महंगे कच्चे तेल का भारत पर सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इससे आयात बिल और डॉलर की मांग बढ़ने की आशंका रहती है।   एयरटेल और इंडिगो समेत कई शेयरों पर दबाव   शुरुआती कारोबार में Bharti Airtel और IndiGo प्रमुख दबाव वाले शेयरों में रहे। दूसरी ओर, कुछ अडानी समूह के शेयरों में तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।   निवेशकों की नजर आज वैश्विक बाजारों के रुख, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और अमेरिका की महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर बनी हुई है। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है।

anjali kumari अगस्त 11, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में हल्की तेजी, Sensex 200 अंक चढ़ा; Nifty 24,600 के ऊपर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 200 अंक चढ़कर 78,782 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 0.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,641 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह तेजी अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक प्रगति और कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों के बीच आई है।   वैश्विक संकेतों से बाजार को मिला सहारा   बाजार में शुरुआती तेजी के पीछे वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक संकेतों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर उम्मीद बढ़ने से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावना बनी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है और Brent crude 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।   9:15 बजे तक Sensex-Nifty की स्थिति   शुरुआती कारोबार में Nifty 50 करीब 24,641 और Sensex करीब 78,782 के स्तर पर पहुंचा। Reuters के अनुसार 9:15 बजे तक Nifty में करीब 0.07% और Sensex में करीब 0.26% की बढ़त थी। इस दौरान 16 प्रमुख सेक्टरों में से 9 सेक्टर बढ़त में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी कुछ हद तक व्यापक नजर आई।   तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर   बाजार की दिशा तय करने में कंपनियों के जून तिमाही के वित्तीय नतीजों की भी अहम भूमिका है। अब तक आए कई नतीजों ने निवेशकों की धारणा को सहारा दिया है। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतें भी आज के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण संकेतक रहेंगी।   आगे बाजार की चाल पर नजर   विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में फिलहाल सकारात्मक रुख है, लेकिन Nifty के ऊपरी स्तरों पर टिके रहने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के नतीजों से दिन के दौरान बाजार की दिशा बदल सकती है।

anjali kumari अगस्त 6, 2026 0
Stock Market
Stock Market: Sensex में शुरुआती तेजी के बाद नरमी, Nifty 24,600 के आसपास; RBI के फैसले पर बाजार की नजर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 5 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन बाद में प्रमुख सूचकांकों में नरमी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 450 अंक चढ़ा, जबकि Nifty 50 ने 24,600 का स्तर पार किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर आज होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के फैसले पर टिकी हुई है।   शुरुआत में Sensex और Nifty में तेजी   सुबह के शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 0.8 फीसदी बढ़कर 79,055 के आसपास पहुंच गया था। वहीं Nifty 50 करीब 0.22 फीसदी की बढ़त के साथ 24,669 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि बाद के अपडेट में Nifty करीब 24,606 के आसपास आ गया, जिससे शुरुआती तेजी कुछ कम हुई।   RBI के फैसले से पहले निवेशक सतर्क   आज बाजार के लिए सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर RBI की MPC बैठक का फैसला है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे। बाजार में फिलहाल रेपो रेट को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की उम्मीद है, लेकिन निवेशक गवर्नर के रुख और आगे की ब्याज दरों को लेकर संकेतों पर खास नजर रखेंगे।   कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों का भी असर   कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी भारतीय बाजार की धारणा को कुछ सहारा दिया है। शुरुआती कारोबार के दौरान Brent crude करीब 1.1 फीसदी गिरकर 78.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। इसके अलावा वैश्विक बाजारों के सकारात्मक संकेतों का भी घरेलू शेयर बाजार पर असर देखने को मिला।   आगे बाजार की दिशा RBI के फैसले से तय होगी   निवेशकों की नजर अब RBI के फैसले के साथ-साथ महंगाई, आर्थिक विकास और मौद्रिक नीति के भविष्य के रुख पर रहेगी। आज के कारोबार में Sensex और Nifty में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। इसलिए फिलहाल बाजार में शुरुआती तेजी के बाद सावधानीपूर्ण कारोबार देखने को मिल रहा है।

anjali kumari अगस्त 5, 2026 0
Indian stock market opens higher as Sensex gains 500 points and Nifty crosses 24,500 amid falling crude oil prices
Share Market Opening: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार में रौनक, सेंसेक्स 500 अंक उछला; निफ्टी 24,500 के पार

नई दिल्ली: अगस्त के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बीच घरेलू बाजार में खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 500 अंक से अधिक चढ़ गया, जबकि NSE Nifty 50 ने 24,500 का स्तर पार कर लिया। बाजार में यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है जब प्रमुख सूचकांकों में तेजी देखने को मिली है। निवेशकों के सेंटीमेंट को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती से भी सहारा मिला। सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 491.33 अंक यानी 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ 78,585.97 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 150.40 अंक यानी 0.62 फीसदी चढ़कर 24,534 अंक के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर बढ़त के साथ खुले। इससे बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत मिला। IndiGo समेत इन शेयरों में तेजी शुरुआती कारोबार में IndiGo सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले सेंसेक्स शेयरों में रहा। इसके अलावा ITC, Tata Steel, TCS, Bajaj Finance, Infosys, Bajaj Finserv, Asian Paints और BEL जैसे प्रमुख शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी तरफ Titan और Sun Pharma दबाव में रहे। बाद के शुरुआती कारोबार में Maruti Suzuki और Sun Pharma में भी कमजोरी दर्ज की गई। ITC, Bajaj Finance और IndiGo टॉप गेनर्स में सुबह करीब 9:30 बजे के आंकड़ों के मुताबिक Sensex में ITC करीब 3.88 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे आगे था। Bajaj Finance में करीब 2.60 फीसदी, Bajaj Finserv में 2.59 फीसदी और IndiGo में करीब 2.49 फीसदी तेजी रही। TCS, L&T, Asian Paints, Eternal, Infosys और Mahindra & Mahindra समेत कई बड़े शेयर भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं Sun Pharma करीब 2.31 फीसदी और Maruti Suzuki करीब 1.93 फीसदी नीचे था। Broader Market में भी खरीदारी सिर्फ बड़े शेयरों तक ही तेजी सीमित नहीं रही। शुरुआती कारोबार में Nifty Midcap करीब 0.42 फीसदी और Nifty Smallcap करीब 0.54 फीसदी मजबूत रहा। सेक्टर की बात करें तो FMCG और Metal शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि Media सेक्टर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में निवेशकों की भागीदारी केवल चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों तक सीमित नहीं थी। रुपये को भी मिला सहारा शेयर बाजार की तेजी के साथ भारतीय रुपये में भी मजबूती देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 0.25 फीसदी मजबूत होकर 95.1450 के स्तर पर खुला। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.38 के स्तर पर बंद हुआ था। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। कच्चे तेल में करीब 5 फीसदी की गिरावट बाजार की तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट एक अहम वजह रही। अमेरिका की ओर से ईरान के साथ बातचीत शुरू होने की उम्मीद के बीच तेल बाजार में दबाव देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, Brent crude करीब 5 फीसदी गिरकर 83.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं WTI crude करीब 5.67 फीसदी गिरकर 79.87 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और चालू खाते पर दबाव कम होने की संभावना रहती है। निवेशकों की नजर अब आगे के संकेतों पर हालांकि शुरुआती तेजी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन निवेशकों के लिए आगे भी कई वैश्विक और घरेलू कारक महत्वपूर्ण रहेंगे। पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए शुरुआती तेजी को देखते हुए निवेशकों के लिए बाजार में जल्दबाजी के बजाय जोखिम और अपनी निवेश रणनीति को ध्यान में रखना जरूरी है।  

surbhi अगस्त 3, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक से अधिक उछला; IT शेयरों की खरीदारी से निफ्टी 24,200 के करीब

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 800 अंक से अधिक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,200 के करीब पहुंच गया। आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को मजबूती दी। निवेशकों की खरीदारी से बाजार का माहौल पूरे दिन सकारात्मक बना रहा।   आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी   बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों का सबसे अहम योगदान रहा। टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने भी बाजार को सहारा दिया।    वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके चलते बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी देखने को मिली।    निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर   अब बाजार की नजर प्रमुख कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहे तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में मजबूती का रुख जारी रह सकता है।

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुले; निवेशकों की नजर फेड बैठक और तिमाही नतीजों पर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सपाट रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक, जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिल रहे संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।   आईटी शेयरों में खरीदारी, बैंकिंग शेयरों में दबाव   शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में हल्का दबाव बना रहा। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।   आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर   बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आज HDFC Bank, Hindustan Unilever (HUL), Larsen & Toubro (L&T), Tata Power, Coal India, IndiGo, Coforge और Happiest Minds जैसे शेयर फोकस में रह सकते हैं। इन कंपनियों से जुड़े नतीजों और कॉर्पोरेट अपडेट का असर कारोबार पर देखने को मिल सकता है।   वैश्विक संकेतों पर टिकी बाजार की नजर   अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, वैश्विक टेक कंपनियों के तिमाही नतीजे और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इस सप्ताह भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाक्रमों के स्पष्ट होने तक घरेलू बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।

anjali kumari जुलाई 28, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक से अधिक टूटा; निफ्टी 23,700 के नीचे फिसला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 700 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।   आईटी और एविएशन शेयरों में दबाव, सभी सेक्टर लाल निशान में   शुक्रवार के कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी कंपनी इन्फोसिस और एविएशन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के कमजोर तिमाही नतीजों के बाद उनके शेयरों में गिरावट आई, जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा। बैंकिंग, ऑटो, मेटल और फार्मा सेक्टर में भी बिकवाली हावी रही, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी नुकसान के साथ कारोबार करते रहे।   कच्चे तेल और वैश्विक तनाव से बढ़ी चिंता   विशेषज्ञों के अनुसार ईरान-अमेरिका तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली, रुपये में कमजोरी और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

anjali kumari जुलाई 24, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex and Nifty falling during early trading amid weak global market sentiment.
Share Market Opening: लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,900 के नीचे

Share Market Opening: घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी दिन भी जारी रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर निवेशकों की धारणा पर साफ दिखाई दिया। गुरुवार सुबह कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 350 अंक से अधिक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,900 के नीचे पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल सुबह 9:28 बजे तक: बीएसई सेंसेक्स 296.65 अंक (0.39%) गिरकर 76,458.40 पर कारोबार कर रहा था। एनएसई निफ्टी 50 69.15 अंक (0.29%) टूटकर 23,927.10 पर पहुंच गया। वहीं, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.1% मजबूत होकर 96.49 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.5650 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के अधिकांश शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: इंडिगो अल्ट्राटेक सीमेंट सन फार्मा एशियन पेंट्स भारती एयरटेल बजाज फिनसर्व पावरग्रिड इंफोसिस रिलायंस इंडस्ट्रीज महिंद्रा एंड महिंद्रा बढ़त वाले प्रमुख शेयर: इटरनल टाटा स्टील अडानी पोर्ट्स बजाज फाइनेंस मारुति सुजुकी सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप लगभग 0.54% फिसला। निफ्टी स्मॉलकैप करीब 0.75% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। सबसे कमजोर सेक्टर: निफ्टी फार्मा निफ्टी रियल्टी निफ्टी हेल्थकेयर बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर: निफ्टी एफएमसीजी निफ्टी ऑटो बाजार पर दबाव की वजह विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।  

surbhi जुलाई 23, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 350 अंकों से अधिक टूटा और निफ्टी 23,900 के नीचे फिसला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 350 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,900 के नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और आईटी तथा वित्तीय शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा।   आईटी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली   कारोबार के दौरान आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और ऑटो सेक्टर के कई प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली की, जिससे बाजार का रुख कमजोर हो गया। हालांकि एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा देने की कोशिश की।   वैश्विक संकेतों का पड़ा असर   एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके चलते विदेशी निवेशकों का रुख भी सतर्क बना हुआ है।   रुपये और बॉन्ड बाजार पर भी नजर   विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव का भी घरेलू बाजार पर असर पड़ रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है।   कॉरपोरेट नतीजों का रहेगा असर   बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे, आरबीआई की नीतिगत दिशा, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि प्रमुख कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है।   निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह   विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों पर ध्यान देने और बाजार की अस्थिरता के दौरान संयम बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

anjali kumari जुलाई 23, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी पर बढ़ा दबाव

मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रुपये की कमजोरी के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 48.69 अंक (0.06%) की मामूली गिरावट के साथ 77,659.83 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 13.75 अंक (0.06%) की हल्की बढ़त के साथ 24,252.25 के स्तर पर बना रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया।   बड़े शेयरों पर दबाव, चुनिंदा स्टॉक्स में रहेगा फोकस शुरुआती कारोबार में एचडीएफसी बैंक और पेटीएम जैसे प्रमुख शेयरों में करीब एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पहली तिमाही (Q1) के कॉरपोरेट नतीजों के चलते आने वाले दिनों में इंडेक्स की तुलना में स्टॉक-स्पेसिफिक गतिविधियां अधिक देखने को मिलेंगी। मजबूत परिणाम देने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है।   वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का टॉपिक्स सूचकांक 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ मजबूत रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 और हांगकांग का हैंगसेंग क्रमशः 0.1 और 0.6 प्रतिशत फिसले। चीन का शंघाई कंपोजिट 0.2 प्रतिशत चढ़ा, जबकि यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में 0.4 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में हल्की बढ़त देखी गई।   आगे की रणनीति विश्लेषकों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का 88 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहना, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और एफआईआई की बिकवाली बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे। जब तक वैश्विक परिस्थितियों में सुधार नहीं होता, तब तक भारतीय शेयर बाजार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। ऐसे माहौल में निवेशकों को गुणवत्ता वाले शेयरों और कॉरपोरेट नतीजों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Stock Market Crash
ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार धड़ाम: सेंसेक्स 600+ अंक टूटा, निफ्टी 24,200 के नीचे

मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 600 अंक से अधिक की गिरावट के साथ खुला, जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 24,200 के नीचे आ गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।   कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से बढ़ा दबाव   विश्लेषकों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा।   बैंकिंग और आईटी शेयरों में बिकवाली   कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, TCS और इंफोसिस जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव बना रहा, जिससे बाजार का व्यापक रुख कमजोर रहा।   विदेशी निवेशकों का रुख भी चिंता का कारण   बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है। इससे भारतीय बाजारों में पूंजी निकासी का दबाव बढ़ा है और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हुई है।   आगे बाजार की दिशा इन कारकों पर निर्भर   विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है तो बाजार में फिर से रिकवरी देखने को मिल सकती है।

anjali kumari जुलाई 20, 2026 0
Indian Stock Market Today
Stock Market: आईटी शेयरों के दम पर शेयर बाजार में तेजी, निवेशकों की नजर रिलायंस, HDFC बैंक और ICICI बैंक के नतीजों पर

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुले। बाजार में तेजी की अगुवाई आईटी शेयरों ने की, जबकि निवेशकों की नजर दिन के दौरान आने वाले Reliance Industries, HDFC Bank और ICICI Bank के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है।   आईटी सेक्टर ने संभाली बाजार की कमान   शुरुआती कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बेहतर तिमाही प्रदर्शन और रुपये में कमजोरी से आईटी कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद के चलते निवेशकों का रुझान इस सेक्टर की ओर बढ़ा। हालांकि, कुछ कंपनियों के शेयरों में नतीजों के बाद हल्का दबाव भी देखने को मिला।   रिलायंस समेत दिग्गज कंपनियों के नतीजों पर फोकस   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आज आने वाले Reliance Industries, HDFC Bank और ICICI Bank के वित्तीय नतीजे पूरे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशक इन कंपनियों की आय, मुनाफे और भविष्य के कारोबारी अनुमान पर खास नजर रखे हुए हैं।   वैश्विक संकेतों का भी असर   अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड में तेजी देखी गई, जिसका असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी पड़ रहा है।   विशेषज्ञों की राय   विश्लेषकों का कहना है कि यदि प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो बाजार में तेजी और मजबूत हो सकती है। वहीं, कमजोर नतीजों की स्थिति में मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों की निगाह कॉर्पोरेट अर्निंग्स और वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।

anjali kumari जुलाई 17, 2026 0
Investors monitor stock market screens as Sensex surges on strong TCS earnings and rally in IT stocks.
Sensex Today: सेंसेक्स 800 अंक उछला, TCS के शानदार नतीजों और IT शेयरों की तेजी से बाजार में लौटी रौनक

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ा दिया। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में राहत ने बाजार की तेजी को मजबूती दी। सुबह करीब 9:20 बजे बीएसई सेंसेक्स 676.12 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,417.94 पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 50 196.30 अंक यानी 0.82 प्रतिशत चढ़कर 24,159.10 के स्तर पर पहुंच गया। TCS के शानदार नतीजों से IT सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी बाजार की तेजी का सबसे बड़ा कारण आईटी शेयरों में आई मजबूती रही। जून तिमाही के नतीजों में TCS ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे पूरे आईटी सेक्टर में सकारात्मक माहौल बन गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 3 प्रतिशत से अधिक उछल गया। Tech Mahindra, TCS, HCLTech और Infosys जैसे प्रमुख शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा L&T Technology Services और Coforge के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। मुनाफे और ऑर्डर बुक दोनों में मजबूत प्रदर्शन TCS ने जून तिमाही में 13,349 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की आय बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश देने का भी ऐलान किया। कंपनी की ऑर्डर बुक 9.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं AI कारोबार का वार्षिक रन रेट बढ़कर 2.6 अरब डॉलर हो गया, जो इस क्षेत्र में बढ़ती मांग का संकेत माना जा रहा है। 9 हजार से ज्यादा नई भर्तियों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा TCS ने जून तिमाही के दौरान 9,279 नए कर्मचारियों की नियुक्ति की, जो पिछले एक साल से अधिक समय में सबसे ज्यादा तिमाही भर्ती है। इसे भविष्य की मांग को लेकर कंपनी के भरोसे का संकेत माना जा रहा है। कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन ने भी आने वाली तिमाहियों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उनका कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग और लाइफ साइंस सेक्टर में टेक्नोलॉजी खर्च बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि AI कारोबार के लिए खतरा नहीं बल्कि नए अवसर लेकर आ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों से भी मिली राहत बाजार को एक और बड़ी राहत कच्चे तेल की कीमतों से मिली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद ब्रेंट क्रूड करीब 76.52 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड लगभग 72.29 डॉलर प्रति बैरल पर बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चा तेल 80 से 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंचता तो भारत की अर्थव्यवस्था, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता था। फिलहाल कीमतों के नियंत्रण में रहने से निवेशकों की चिंता कम हुई है। लगभग सभी सेक्टरों में लौटी तेजी आईटी के अलावा बैंकिंग और अन्य सेक्टरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक, ऑटो, एफएमसीजी, मीडिया और रियल्टी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी रही। वहीं बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया VIX 5 प्रतिशत से अधिक गिर गया, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर? विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार की दिशा दो अहम कारकों पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक घटनाक्रम और दूसरा, जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे। TCS ने कमाई के सीजन की सकारात्मक शुरुआत की है। अब निवेशकों की नजर अन्य बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो आने वाले दिनों में शेयर बाजार की अगली चाल तय कर सकते हैं। नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
Stock Market
Stock Market: गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार , सेंसेक्स 550 अंक टूटा, निफ्टी 24250 से नीचे

मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते बुधवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार भारी दबाव में नजर आया। सेंसेक्स 550 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,250 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा।   बाजार में इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्या है? सुबह करीब 9:32 बजे सेंसेक्स 549.79 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,630.93 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 173.71 अंक यानी 0.71 प्रतिशत टूटकर 24,225.00 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।   सबसे ज्यादा दबाव तेल और एविएशन सेक्टर के शेयरों पर देखा गया। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) का शेयर करीब चार प्रतिशत तक लुढ़क गया। वहीं, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों में भी लगभग दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल के महंगा होने से एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की लागत बढ़ने की आशंका ने एयरलाइन कंपनियों के शेयरों पर दबाव बनाया।   वैश्विक बाजारों  का हाल क्या है? वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का टोपिक्स और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स गिरावट में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। अमेरिकी और यूरोपीय फ्यूचर्स में सीमित उतार-चढ़ाव रहा।   बाजार विश्लेषकों का क्या है कहना? बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव का असर है। आगे बाजार की दिशा जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति और मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों ने निवेशकों को घबराहट में निर्णय लेने से बचने और दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी है।

anjali kumari जुलाई 8, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार ने की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 150 अंक से अधिक चढ़ा, निफ्टी 24,450 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 150 अंक से अधिक चढ़कर 78,450 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 24,450 का स्तर पार कर लिया। बाजार में यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र है, जब प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।   विदेशी निवेश और मजबूत तिमाही अपडेट से बाजार को सहारा   विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों  की लगातार खरीदारी, कंपनियों के मजबूत पहली तिमाही कारोबारी अपडेट और कच्चे तेल की स्थिर कीमतों ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा है। शुरुआती कारोबार में अधिकांश सेकोरों में खरीदारी देखने को मिली।   रिलायंस, टाइटन और बैंकिंग शेयरों में तेजी   कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, प्रमुख बैंकिंग शेयरों और चुनिंदा मिडकैप कंपनियों में अच्छी खरीदारी देखी गई। हालांकि, ट्रेंट के शेयर कमजोर तिमाही राजस्व वृद्धि के कारण दबाव में रहे।   पहली तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों की नजर अब आईटी, बैंकिंग और उपभोक्ता क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के आगामी परिणामों पर रहेगी।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 500 अंक से अधिक उछला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 500 अंक से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती से बना रहा।   आईटी शेयरों ने बाजार को दी मजबूती   बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा। एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टीसीएस के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके अलावा कुछ बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती दी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी भी बाजार के पक्ष में रही।   इन शेयरों पर रही निवेशकों की नजर   आज के कारोबार में बजाज फाइनेंस, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), मारिको, अडानी एंटरप्राइजेज और पीबी फिनटेक जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। कंपनियों के तिमाही कारोबारी अपडेट और बेहतर प्रदर्शन के संकेतों से इन शेयरों में गतिविधि बढ़ी है।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी मौजूदा स्तरों के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Today Stock Market
Stock Market: सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक उछला, निफ्टी 24,100 के पार; आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गयी। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखा। बाजार में तेजी की अगुवाई आईटी और बैंकिंग शेयरों ने की।   क्यों आई बाजार में तेजी?   विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति की खबरों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला।   आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती   आज के कारोबार में Infosys, TCS और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार को समर्थन दिया।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहे और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रही, तो आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500–25,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Stock market news
Stock Market: गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 250 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। मासिक एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव के बीच मिडकैप, स्मॉलकैप और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।   सेंसेक्स और निफ्टी दोनों फिसले कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक यानी 0.32 प्रतिशत गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 23,865.75 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ, जिससे निवेशकों की सतर्कता बढ़ी।   आईटी शेयरों में बिकवाली, हेल्थकेयर और रियल्टी में तेजी बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर का रहा। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, आईटीसी और टाटा स्टील जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, हेल्थकेयर, केमिकल्स, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी का रुझान बना रहा। मारुति, टाइटन, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और एनटीपीसी जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।   नई ईवी पॉलिसी से इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को फायदा दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी का सकारात्मक असर ईवी कंपनियों के शेयरों पर दिखा। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 8 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि एथर एनर्जी में भी 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही। इसके विपरीत, आयशर मोटर्स, भारत फोर्ज और हीरो मोटोकॉर्प जैसे पारंपरिक ऑटो शेयर दबाव में रहे।   रुपया कमजोर, लेकिन बाजार को लेकर उम्मीद बरकरार डॉलर के मुकाबले रुपया 94.66 पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में कमजोर रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट मुनाफावसूली और कंसोलिडेशन का हिस्सा है, न कि दीर्घकालिक ट्रेंड में बदलाव। मिडकैप, स्मॉलकैप और ईवी सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी यह संकेत देती है कि बाजार में सकारात्मक धारणा अभी भी बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र और वैश्विक संकेतों पर रहेगी।

anjali kumari जून 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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शेयर बाजार में गिरावट, Sensex 71 अंक टूटा; Nifty 24,400 के नीचे बंद

abhishek singh अगस्त 14, 2026 0