नई दिल्ली/विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, कृषि और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 19 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद इन समझौतों की घोषणा की गई। इनका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि, बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली, एक्जिम बैंक के माध्यम से व्यापक ऋण सुविधा, और सेशेल्स के नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों से जुड़े समझौतों पर सहमति बनी है। सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा को मिलेगा भारत का सहयोग भारत ने सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। भारत सेशेल्स को एक तेज गश्ती पोत (Fast Patrol Vessel) उपहार में देगा। इसके अलावा सेशेल्स रक्षा बल को 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल श्रेणी की नौकाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भारत ने यह भी घोषणा की कि सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत पीएस जोरोस्टर के पुनर्निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही सेशेल्स के लिए उपलब्ध कराए गए डोर्नियर विमान को आधुनिक ग्लास कॉकपिट प्रणाली से अपग्रेड किया जाएगा। विकास परियोजनाओं को भी मिला बढ़ावा भारत ने विकास सहयोग के तहत सेशेल्स को छह एंबुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक स्मारक लोगो जारी किया गया। दोनों देशों ने व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा केंद्र की आधारशिला का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन भी किया। सेशेल्स में लागू होगी UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली डिजिटल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और सेशेल्स के केंद्रीय बैंक के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत सेशेल्स में भारत की यूपीआई (UPI) आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को लागू किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। जन औषधि योजना के तहत मिलेंगी सस्ती भारतीय दवाएं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड और सेशेल्स के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच हुए समझौते के तहत जन औषधि योजना के माध्यम से सेशेल्स के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती भारतीय दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों को लेकर भी समझौता हुआ है। शिक्षा, कृषि और अंतरिक्ष सहयोग का होगा विस्तार भारत और सेशेल्स ने विदेश सेवा प्रशिक्षण, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा, नाविकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन की पारस्परिक मान्यता तथा बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उसके शांतिपूर्ण उपयोग से जुड़े कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन समझौतों से दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग और क्षमता निर्माण को नई गति मिलेगी। 50 वर्षों की दोस्ती को मिली नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन 19 समझौतों के बाद भारत और सेशेल्स के संबंध केवल विकास सहयोग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री सहयोग और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए दौर की शुरुआत भी करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान राजधानी विक्टोरिया स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनयगर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान का वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री पूरे श्रद्धाभाव के साथ मंदिर में पूजा करते नजर आ रहे हैं। यह मंदिर सेशेल्स का एकमात्र तमिल हिंदू मंदिर माना जाता है और भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा ने भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी नई मजबूती दी है। पूरे विधि-विधान से की गणपति की पूजा डीडी न्यूज द्वारा साझा किए गए वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर में प्रवेश करते ही भगवान गणेश के समक्ष नतमस्तक होते दिखाई देते हैं। उनके हाथ में पूजा सामग्री से भरी टोकरी भी नजर आती है। मंदिर के पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री से पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार पूजा करवाई। पूजा के बाद आरती की गई, जिसे प्रधानमंत्री ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया और भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया। सेशेल्स का प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल राजधानी विक्टोरिया में स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनयगर मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है। अपनी आकर्षक द्रविड़ शैली की वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ भारतीय मूल के समुदाय के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर सेशेल्स में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जीवंत पहचान माना जाता है। भारत-सेशेल्स के सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी की मंदिर यात्रा को भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही यह यात्रा केवल रणनीतिक और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत को भी रेखांकित करती है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मंदिर में पूजा-अर्चना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा करते और भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
नई दिल्ली: एक ओर क्रिकेट में भारतीय टीम को हालिया मुकाबलों में निराशा मिली, वहीं दूसरी ओर भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफआईएच प्रो लीग के अपने आखिरी मैच में इंग्लैंड को रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर जीत के साथ अभियान का समापन किया। निर्धारित 60 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला 0-0 से बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद शूटआउट में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम कर ली। गोलकीपरों और डिफेंस ने बचाई टीम मैच की शुरुआत से ही इंग्लैंड ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआती मिनटों में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया। हालांकि भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने शानदार बचाव करते हुए मेजबान टीम को बढ़त लेने से रोक दिया। पहले क्वार्टर में भारत को भी गोल करने का मौका मिला, लेकिन अभिषेक उसे भुना नहीं सके। पहले 15 मिनट का खेल गोलरहित रहा। हाफ टाइम तक दोनों टीमें बराबरी पर दूसरे क्वार्टर में इंग्लैंड लगातार भारतीय सर्कल में दबाव बनाता रहा, लेकिन भारतीय डिफेंस मजबूती से खड़ा रहा। दूसरी ओर भारत ने भी जवाबी हमले किए। जरमनप्रीत सिंह का दमदार प्रयास इंग्लैंड के गोलकीपर ने शानदार बचाव के साथ रोक दिया। हाफ टाइम तक दोनों टीमों का स्कोर 0-0 रहा। तीसरे क्वार्टर में बढ़ा रोमांच तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने ज्यादा आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान हार्दिक सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए मंदीप सिंह के लिए मौका तैयार किया, लेकिन गोल नहीं हो सका। इसके बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम बढ़त हासिल नहीं कर पाई। इसी दौरान इंग्लैंड को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारत ने वीडियो रेफरल लिया। रिप्ले में भारतीय खिलाड़ी का टैकल सही पाया गया, जिसके बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया। यह मैच का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अंतिम क्वार्टर में भी नहीं टूटा गतिरोध आखिरी क्वार्टर में दोनों टीमों ने लगातार हमले किए, लेकिन दोनों गोलकीपरों और डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने भी कई महत्वपूर्ण बचाव किए। भारत और इंग्लैंड दोनों को पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। शूटआउट में भारत ने मारी बाजी निर्धारित समय के बाद मुकाबला शूटआउट में पहुंचा, जहां भारत ने 3-2 से जीत दर्ज की। भारत की ओर से शूटआउट में गोल करने वाले खिलाड़ी रहे— अभिषेक शिलानंद लाकड़ा हार्दिक सिंह भारतीय डिफेंस के अहम खिलाड़ी संजय को पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। विश्व कप से पहले बढ़ा आत्मविश्वास एफआईएच प्रो लीग का यह मुकाबला आगामी हॉकी विश्व कप से पहले भारतीय टीम का आखिरी मैच था। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबाव में हासिल की गई यह जीत टीम के आत्मविश्वास को निश्चित रूप से मजबूती देगी।
नई दिल्ली: भारत का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब अफ्रीकी द्वीपीय देश सेशेल्स तक पहुंचने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच UPI को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के बाद सेशेल्स भी उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां भारतीय यात्री UPI आधारित डिजिटल भुगतान का लाभ उठा सकेंगे। किन देशों में पहले से उपलब्ध है UPI? सेशेल्स के शामिल होने के बाद भारतीय UPI नेटवर्क का दायरा और बढ़ गया है। इससे पहले भारतीय पर्यटक निम्न देशों में UPI के जरिए मर्चेंट पेमेंट कर सकते हैं— सिंगापुर नेपाल भूटान श्रीलंका मॉरीशस संयुक्त अरब अमीरात कतर फ्रांस कंबोडिया अब इस सूची में सेशेल्स भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सेशेल्स यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। इनमें UPI लागू करने, जन औषधि सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी शामिल है। भारतीय यात्रियों को क्या होगा फायदा? इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों को मिलेगा। मुख्य फायदे: नकद रखने की जरूरत कम होगी। डिजिटल भुगतान पहले से अधिक आसान होगा। भुगतान प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक बनेगी। भारत और सेशेल्स के बीच फिनटेक सहयोग मजबूत होगा। सेशेल्स हिंद महासागर का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष हजारों भारतीय पर्यटक छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं। भारतीयों के लिए वीजा-फ्री डेस्टिनेशन भारतीय नागरिकों को सेशेल्स यात्रा के लिए पहले से वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, पर्यटन उद्देश्य से पहुंचने वाले यात्रियों को आगमन पर Visitor Permit लेना होता है। सेशेल्स में भारतीय मूल के लोगों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है। भारत से वहां चावल, दवाइयां, वस्त्र, वाहन, मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स और प्लास्टिक उत्पादों का निर्यात किया जाता है। भारत की डिजिटल ताकत को मिल रही वैश्विक पहचान पिछले कुछ वर्षों में UPI दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में से एक बनकर उभरा है। अब इसका विस्तार लगातार नए देशों तक हो रहा है, जिससे सीमा पार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ भारत की फिनटेक क्षमता को भी वैश्विक पहचान मिल रही है।
विक्टोरिया (सेशेल्स): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सेशेल्स दौरे के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, आर्थिक विकास और रणनीतिक साझेदारी को लेकर बड़ा संदेश दिया। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों का साझा घर है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा समृद्धि सुनिश्चित करना भारत और सेशेल्स की साझा जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक प्रगति, ब्लू इकोनॉमी और क्षेत्रीय सहयोग को भी समान प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि यही सोच भारत के 'महासागर (MAHASAGAR) विजन' का आधार है। सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी सेशेल्स सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों में शामिल 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' (Guardian of the Blue Horizon) से सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने इसे भारत के 1.4 अरब नागरिकों का सम्मान बताते हुए कहा कि वह इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष पूरे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे कर रहा है और भारत-सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की भी स्वर्ण जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में दोनों देशों के रिश्ते भरोसे, साझेदारी और जन-कल्याण पर आधारित मजबूत संबंधों में बदल गए हैं। सदियों से हिंद महासागर ने दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत किया है। सेशेल्स में लागू होगा भारत का UPI तकनीकी सहयोग को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि अब सेशेल्स में भी भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लागू किया जाएगा। इसके लिए दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी और भुगतान प्रणाली को मजबूत करने से व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही पूर्वी अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र के साथ संपर्क और सहयोग भी बढ़ेगा। भारत की मदद से बनेगा नया राष्ट्रीय अस्पताल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारत के सहयोग से सेशेल्स में नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण की दिशा में भी सहमति बनी है। इसके अलावा तीन सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम का उद्घाटन किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने भारत को संकट के समय हमेशा साथ खड़े रहने वाला विश्वसनीय मित्र बताया। उन्होंने भारत के सहयोग से बने प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर को देश के युवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे उन्हें विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि नई साझेदारियों के माध्यम से विदेश सेवा, स्वास्थ्य, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और प्रत्यर्पण जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा। प्रमुख समझौते सेशेल्स में भारत के UPI सिस्टम को लागू करने पर सहमति। भारत के सहयोग से नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण का फैसला। तीन सोलर वॉटर पंपिंग परियोजनाओं का उद्घाटन। समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति। अंतरिक्ष, कृषि, स्वास्थ्य और प्रत्यर्पण संधि सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर। डिजिटल कनेक्टिविटी और आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर। भारत और सेशेल्स के बीच हुए ये समझौते हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' (Guardian of the Blue Horizon) से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और टिकाऊ विकास (Sustainable Development) के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। इसके साथ ही किसी भी विदेशी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया यह 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान बन गया है। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल अपनी उपलब्धि नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझ रहे छोटे द्वीपीय और विकासशील देशों को समर्पित बताया। जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे देशों को समर्पित किया सम्मान सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान उन सभी देशों के नाम है, जो जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास वैश्विक प्राथमिकता होनी चाहिए तथा इस दिशा में सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। पर्यावरण और ग्रीन डेवलपमेंट के लिए मिला सम्मान सेशेल्स सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान पर्यावरण-अनुकूल विकास, समुद्री संरक्षण, जलवायु न्याय और ग्रीन ग्रोथ को बढ़ावा देने में उनके नेतृत्व को देखते हुए प्रदान किया है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance), अक्षय ऊर्जा, हरित विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई वैश्विक पहल शुरू की हैं। इन्हीं प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सराहना मिलती रही है। 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान सेशेल्स का यह सर्वोच्च सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी भी विदेशी देश द्वारा दिया गया 34वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है। इससे पहले भी उन्हें विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें कृषि सुधार, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित 'एग्रीकोला मेडल' (Agricola Medal) से सम्मानित किया था। पहले भी मिल चुके हैं कई वैश्विक सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को वर्ष 2018 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' (Champions of the Earth) पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी वर्ष उन्हें 'सियोल शांति पुरस्कार' (Seoul Peace Prize) भी प्रदान किया गया था। यह सम्मान वैश्विक आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया था। भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई मजबूती प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान दोनों देशों के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका का भी प्रतीक है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा के दौरान विशाल एल्डब्रा कछुओं (Aldabra Giant Tortoise) से मुलाकात के बाद दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन (Jonathan) की चर्चा फिर तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया गया कि पीएम मोदी ने जोनाथन से मुलाकात की, लेकिन यह दावा सही नहीं है। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में एल्डब्रा विशाल कछुओं को देखा था, जबकि जोनाथन वर्तमान में सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है। इस यात्रा ने दुनिया के सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले इस अद्भुत कछुए को फिर सुर्खियों में ला दिया है। लगभग 194 वर्ष की उम्र पार कर चुका जोनाथन आज भी वैज्ञानिकों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 1832 में हुआ था जन्म, आज भी है जीवित जोनाथन का जन्म वर्ष 1832 के आसपास माना जाता है। इसी आधार पर वर्ष 2026 में उसकी अनुमानित उम्र करीब 194 वर्ष आंकी गई है। उसका नाम दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जानवर के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि जोनाथन का जन्म सेशेल्स में हुआ था, लेकिन वर्ष 1882 में उसे तीन अन्य विशाल कछुओं के साथ ब्रिटेन के अधीन सेंट हेलेना द्वीप भेज दिया गया था। तब से वह वहीं रह रहा है। दो सदियों का इतिहास देख चुका है जोनाथन जोनाथन ने अपने लंबे जीवनकाल में दुनिया के कई बड़े ऐतिहासिक बदलाव देखे हैं। उसने औद्योगिक क्रांति के बाद का दौर, दो विश्व युद्ध, भारत की स्वतंत्रता, आधुनिक तकनीक का विकास और इंटरनेट युग तक का सफर देखा है। यही वजह है कि वैज्ञानिक उसे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को समझने का एक अनोखा उदाहरण मानते हैं। पीएम मोदी ने किस कछुए से की मुलाकात? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में मौजूद एल्डब्रा विशाल कछुओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रजाति पृथ्वी की सबसे बड़ी और सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली प्रजातियों में शामिल है और इनमें से कुछ कछुए दो शताब्दियों से अधिक समय तक जीवित रहते हैं। प्रधानमंत्री ने अपनी किसी भी आधिकारिक पोस्ट में जोनाथन का नाम नहीं लिया। कई मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि उन्होंने जोनाथन से मुलाकात की, लेकिन यह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है क्योंकि जोनाथन सेशेल्स में नहीं बल्कि सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है। कैसे तय हुई जोनाथन की उम्र? जोनाथन की वास्तविक जन्मतिथि दर्ज नहीं है। उसकी उम्र का अनुमान इस आधार पर लगाया गया कि जब वह वर्ष 1882 में सेंट हेलेना पहुंचा, तब वह पूरी तरह वयस्क था। पशु चिकित्सकों और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसी आधार पर उसका जन्म वर्ष 1832 के आसपास माना है। कुछ ऐतिहासिक दस्तावेजों में यह दावा भी मिलता है कि यदि पुराने अभिलेखों में उल्लेखित कछुआ वही था, तो उसकी वास्तविक उम्र 250 वर्ष से भी अधिक हो सकती है। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आज भी स्वस्थ है जोनाथन करीब दो शताब्दियों की उम्र पार करने के बावजूद जोनाथन अच्छी सेहत में है। बढ़ती उम्र के कारण उसे मोतियाबिंद हो गया है और उसकी देखने तथा सूंघने की क्षमता कमजोर हो चुकी है। उसकी देखभाल विशेष आहार और नियमित चिकित्सकीय निगरानी के साथ की जाती है। जोनाथन आज भी सेंट हेलेना स्थित प्लांटेशन हाउस के परिसर में रहता है और वहां के सबसे लोकप्रिय आकर्षणों में शामिल है। स्थानीय लोग उसे प्यार से 'जोनो' भी कहते हैं। उसकी तस्वीर सेंट हेलेना के 5 पेंस के सिक्के पर भी अंकित है। क्यों खास है एल्डब्रा विशाल कछुआ? एल्डब्रा विशाल कछुआ दुनिया की सबसे बड़ी स्थलीय कछुआ प्रजातियों में से एक है। यह मुख्य रूप से सेशेल्स के एल्डब्रा एटोल में पाया जाता है और अपनी असाधारण लंबी उम्र के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपनी यात्रा के दौरान इस अनोखी प्रजाति का विशेष उल्लेख किया।
विक्टोरिया, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में शामिल 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री शासन के क्षेत्र में उनके योगदान और नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके तीन दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान प्रदान किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए मिला सर्वोच्च सम्मान सेशेल्स सरकार ने कहा कि 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' देश का सर्वोच्च सम्मान है, जो उन वैश्विक नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने समुद्री संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और सतत विकास को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान भारत की ग्रीन ग्रोथ, ब्लू इकोनॉमी और जलवायु कार्रवाई से जुड़ी पहलों के लिए दिया गया है। पीएम मोदी ने दुनिया को किया सम्मान समर्पित सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सतत विकास के लिए काम करते रहेंगे। कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ब्लू इकोनॉमी, क्षमता निर्माण और विकास साझेदारी से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल 'PS LESPWAR' भी सौंपा, जिससे हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सहयोग और मजबूत होगा। भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई मजबूती प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे पर सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करेगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, साइबर सुरक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह दौरा दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देना है। समुद्री सुरक्षा रहेगा सबसे बड़ा एजेंडा भारत और सेशेल्स के बीच वार्ता में हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, समुद्री निगरानी, समुद्री डकैती (Piracy) रोकने, अवैध मछली पकड़ने पर नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमत हो सकते हैं। रक्षा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच रक्षा प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, तटरक्षक बलों के सहयोग और रक्षा उपकरणों की आपूर्ति को लेकर भी समझौते हो सकते हैं। भारत पहले भी सेशेल्स को डोर्नियर विमान, हेलीकॉप्टर और गश्ती पोत उपलब्ध कराता रहा है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल (PS LESPWAR) भी सौंपा, जिससे समुद्री निगरानी क्षमता और मजबूत होगी। व्यापार और ब्लू इकोनॉमी पर भी जोर रक्षा सहयोग के अलावा व्यापार, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी, ब्लू इकोनॉमी, नवीकरणीय ऊर्जा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी। दोनों देश समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम करेंगे। हिंद महासागर में भारत की रणनीति को मिलेगा बल विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। ऐसे में यह दौरा भारत की SAGAR (Security and Growth for All in the Region) और MAHASAGAR नीति को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 50 साल के रिश्तों को मिलेगी नई दिशा प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।