मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स 303.73 अंकों की तेजी के साथ 74,222.49 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 85.40 अंक चढ़कर 23,327.50 के स्तर को पार कर गया। बाजार में सकारात्मक माहौल के चलते निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। रिलायंस और बैंकिंग शेयरों ने दिया सहारा बाजार की मजबूती में प्रमुख ब्लू-चिप शेयरों का अहम योगदान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स और ट्रेंट के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊंचाई पर पहुंचाने में मदद की। दूसरी ओर टाटा स्टील, अदानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा और इटरनल लिमिटेड के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की नरमी बनी बाजार के लिए राहत वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 91.90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रही हैं, जो हाल के उच्च स्तरों से नीचे है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत की खबर है। इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होने की संभावना रहती है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है। रुपये पर दबाव, डॉलर के मुकाबले कमजोरी शेयर बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर नजर आया। शुरुआती कारोबार में रुपया 15 पैसे टूटकर 95.56 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी रहेगी। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो भारतीय बाजार में आगे भी तेजी का माहौल बना रह सकता है।
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई रोकने और समझौते की उम्मीद जताने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। आईटी और अदाणी समूह के शेयरों में उछाल बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 367 अंक चढ़कर 75,706 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,760 के पार कारोबार करता दिखा। बाजार की तेजी में आईटी कंपनियों और अदाणी समूह के शेयरों की बड़ी भूमिका रही। Infosys, HCLTech, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। वहीं, अदाणी समूह की कंपनियों में तेजी अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा Gautam Adani और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाने की खबर के बाद आई। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा और समूह के शेयर मजबूत हुए। कच्चे तेल में गिरावट से मिला समर्थन वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब दो फीसदी गिरकर 109.9 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भी सोमवार को 2,813 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार की धारणा मजबूत बनी रही। निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जबकि अमेरिकी बाजार भी मिश्रित संकेतों के साथ बंद हुए। इसके बावजूद भारतीय बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 380 अंकों की बढ़त के साथ 78,339 के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान 78,000 के पार बना रहा। वहीं एनएसई निफ्टी भी 67 अंकों की तेजी के साथ 24,398 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल देखने को मिला। कंपनियों के नतीजों पर नजर आज बाजार में डाबर, बायोकॉन, पिडिलाइट और भारत फोर्ज जैसी बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं। इस वजह से इन कंपनियों के शेयरों में खास हलचल देखने की उम्मीद है। निवेशक नतीजों के आधार पर अपनी रणनीति तय कर रहे हैं। एशियाई और वैश्विक बाजारों में तेजी एशियाई बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 4% से ज्यादा उछलकर 62,000 के पार पहुंच गया। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 1% से अधिक मजबूत रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी बढ़त में रहा। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को मजबूती के साथ बंद हुए, जहां एसएंडपी 500, नैस्डैक और डाउ जोंस सभी में तेजी दर्ज की गई। कच्चे तेल और डॉलर का असर वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है, जबकि WTI भी बढ़त में रहा। डॉलर इंडेक्स में मामूली मजबूती देखी गई, वहीं रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 94.61 पर बंद हुआ। बाजार में सकारात्मक माहौल अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है, जहां लगातार तेजी का रुख बना हुआ है।
मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली और दिन का कारोबार हरे निशान में बंद हुआ। BSE Sensex 940.73 अंकों की उछाल के साथ 77,958.52 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 298.15 अंक चढ़कर 24,330.95 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। वैश्विक संकेतों से बाजार को मिला सहारा बाजार में इस उछाल के पीछे वैश्विक कारकों का बड़ा योगदान रहा। अमेरिका की ओर से ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव पर नरम रुख अपनाने के संकेत मिले, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया और खरीदारी का रुख मजबूत हुआ। रुपये में भी आई मजबूती शेयर बाजार की तेजी के साथ भारतीय मुद्रा में भी सुधार दर्ज किया गया। Indian Rupee डॉलर के मुकाबले 56 पैसे मजबूत होकर 94.62 (अस्थायी) पर बंद हुआ। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय अर्थव्यवस्था पर बना हुआ है। सेक्टरों में रही व्यापक खरीदारी आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए बाजार में सक्रियता दिखाई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी का रुख रहा। आगे की राह विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और विदेशी निवेश का प्रवाह जारी रहता है, तो बाजार में यह तेजी आगे भी बनी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
नई दिल्ली: देश के पांच राज्यों–पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुड्डुचेरी–में विधानसभा चुनावों की मतगणना के बीच घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 900 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि Nifty 50 24,250 के स्तर को पार कर गया। सुबह करीब 9:50 बजे सेंसेक्स 923.85 अंक यानी 1.20% की बढ़त के साथ 77,837.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 272.50 अंक यानी 1.14% चढ़कर 24,270.05 पर पहुंच गया। इस दौरान रुपये में हल्की कमजोरी देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 0.04% गिरकर 94.95 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 94.91 पर बंद हुआ था। किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी? बाजार की इस तेजी में ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने अहम भूमिका निभाई। Maruti Suzuki India और Adani Ports के शेयरों में करीब 4% तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Hindustan Unilever, Larsen & Toubro, IndiGo, Bajaj Finance, Mahindra & Mahindra, HDFC Bank, State Bank of India और Tata Steel में भी 1% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली। हालांकि, Kotak Mahindra Bank के शेयरों में करीब 4% की गिरावट आई, जबकि ‘इटरनल’ में भी कमजोरी दर्ज की गई। सेक्टरवाइज प्रदर्शन कैसा रहा? निफ्टी के सेक्टरल इंडेक्स की बात करें तो: ऑटो, रियल्टी और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, आईटी और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में गिरावट ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती दिखी–निफ्टी मिडकैप 0.73% और स्मॉलकैप 0.89% चढ़े। बाजार की तेजी के पीछे क्या वजह? विशेषज्ञों के मुताबिक, चुनावी नतीजों के बीच स्थिर सरकार की उम्मीद और निवेशकों की सकारात्मक धारणा ने बाजार को सपोर्ट दिया है। इसके अलावा वैश्विक संकेतों और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव का भी असर देखने को मिला। कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी हलचल रही। Donald Trump द्वारा ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ की घोषणा के बाद शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड में 2.45% की गिरावट आई। हालांकि बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली और कीमत 0.46% बढ़कर 108.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। यह कदम Strait of Hormuz के आसपास फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने से जुड़ा है, जिससे सप्लाई चेन को राहत मिलने की उम्मीद है।
घरेलू शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 2700 अंक से ज्यादा उछल गया, वहीं निफ्टी 800 अंक चढ़कर नई ऊंचाई के करीब पहुंच गया। बाजार खुलते ही खरीदारी की ऐसी लहर आई कि निवेशकों की संपत्ति में ₹13 लाख करोड़ से ज्यादा का इजाफा हो गया। बाजार का ताजा हाल सेंसेक्स: +2716 अंक (3.64%) ➝ 77,332 के करीब निफ्टी 50: +797 अंक (3.45%) ➝ 23,921 के करीब मार्केट कैप: ₹13.74 लाख करोड़ की बढ़त हर सेक्टर में तेजी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी तेजी? 1. ईरान-अमेरिका सीजफायर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 2 हफ्ते के संघर्ष विराम पर सहमति जताई इससे ग्लोबल टेंशन कम हुआ और एशियाई बाजारों में तेजी आई 2. कच्चे तेल में भारी गिरावट WTI क्रूड में करीब 19% गिरावट ब्रेंट क्रूड में 16% तक की कमी भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह बड़ी राहत है, जिससे बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना। 3. RBI MPC फैसले का इंतजार निवेशकों को उम्मीद है कि RBI कोई सपोर्टिव पॉलिसी ला सकता है इसी उम्मीद में बाजार में पहले से खरीदारी बढ़ी निवेशकों को कितना फायदा? 7 अप्रैल: मार्केट कैप ➝ ₹4.29 लाख करोड़ करोड़ 8 अप्रैल: मार्केट कैप ➝ ₹4.43 लाख करोड़ करोड़ यानी सिर्फ एक दिन में ₹13.74 लाख करोड़ का फायदा मार्केट ब्रेड्थ (Market Breadth) कुल शेयर ट्रेड: 2679 तेजी वाले शेयर: 2408 गिरावट वाले: 178 36 शेयर: 1 साल के हाई पर 123 शेयर: अपर सर्किट में सेंसेक्स के सभी 30 शेयर ग्रीन जोन में
मुंबई,एजेंसियां। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद शानदार रही। बुधवार को घरेलू बाजार जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 1,186.77 अंक यानी 1.65 प्रतिशत उछलकर 73,134.32 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 348.00 अंक की मजबूती के साथ 22,679.40 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर कारोबार के दौरान बाजार में मजबूत खरीदारी का माहौल बना रहा। विशेषज्ञों के अनुसार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों में आई तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इससे भारतीय बाजारों में भी राहत की लहर देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 73,964.58 तक पहुंच गया था, जो दिन की बड़ी तेजी को दर्शाता है। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, अदानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इटरनल जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। वहीं एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल के शेयरों में कुछ कमजोरी देखी गई। वैश्विक बाजारों का भी भारतीय बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई कंपोजिट और हैंग सेंग मजबूती के साथ बंद हुए। वहीं, यूरोपीय बाजारों और अमेरिकी वॉल स्ट्रीट में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता बढ़ी है और अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव में और कमी आती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 325.72 अंक या 0.44 प्रतिशत बढ़कर 74,532.96 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 112.35 अंक या 0.49 प्रतिशत चढ़कर 23,114.50 पर बंद हुआ।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।