stock market today

Stock market display board showing Sensex and Nifty surging sharply during morning trade
शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला; निफ्टी 23,900 के पार

BSE Sensex और NIFTY 50 ने सोमवार, 25 मई 2026 को शानदार शुरुआत की। ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। शुरुआती कारोबार में बाजार ने पकड़ी रफ्तार कारोबार शुरू होते ही: BSE Sensex करीब 800 अंक चढ़कर 76,241.44 पर पहुंच गया NIFTY 50 लगभग 240 अंकों की बढ़त के साथ 23,959.20 के स्तर तक पहुंच गया बाजार में खरीदारी का माहौल खासतौर पर बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में देखने को मिला। बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह क्या है? इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट मानी जा रही है। Brent Crude करीब 5.4% टूटकर 95-97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती शांति वार्ता की उम्मीदों ने बाजार का सेंटिमेंट मजबूत किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक: ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर सैद्धांतिक सहमति दे सकता है अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने की दिशा में भी बातचीत आगे बढ़ रही है इन खबरों से वैश्विक निवेशकों को राहत मिली है और जोखिम लेने की भावना मजबूत हुई है। एशियाई बाजारों में भी दिखी हरियाली तेल की कीमतों में गिरावट का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशियाई बाजारों में देखने को मिला। Nikkei 225 में 3% से ज्यादा तेजी ताइवान इंडेक्स करीब 2.9% मजबूत दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग सपाट रहा वहीं तेल कीमतों में नरमी के चलते डॉलर की मांग भी घटी, जिससे भारतीय रुपया मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 95.42 के स्तर तक पहुंच गया। आगे बाजार की दिशा क्या हो सकती है? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार का सेंटिमेंट सकारात्मक बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार: अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर टिकता है, तो जल्द 24,000 से 24,200 तक पहुंच सकता है निफ्टी के लिए 23,600 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है सेंसेक्स के लिए 75,100 अहम सपोर्ट लेवल रहेगा NIFTY Bank में भी तेजी जारी रह सकती है और यह 54,500 तक जा सकता है हालांकि निवेशकों को अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी में जल्दबाजी से बचना जरूरी है। मजबूत फंडामेंटल वाले सेक्टर्स और क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश फिलहाल बेहतर रणनीति हो सकती है। साथ ही ग्लोबल घटनाक्रमों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।  

surbhi मई 25, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 350 अंक चढ़ा

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई रोकने और समझौते की उम्मीद जताने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।   आईटी और अदाणी समूह के शेयरों में उछाल बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 367 अंक चढ़कर 75,706 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,760 के पार कारोबार करता दिखा। बाजार की तेजी में आईटी कंपनियों और अदाणी समूह के शेयरों की बड़ी भूमिका रही। Infosys, HCLTech, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। वहीं, अदाणी समूह की कंपनियों में तेजी अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा Gautam Adani और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाने की खबर के बाद आई। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा और समूह के शेयर मजबूत हुए।   कच्चे तेल में गिरावट से मिला समर्थन वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब दो फीसदी गिरकर 109.9 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भी सोमवार को 2,813 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार की धारणा मजबूत बनी रही।   निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जबकि अमेरिकी बाजार भी मिश्रित संकेतों के साथ बंद हुए। इसके बावजूद भारतीय बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। सुबह 9:22 बजे बीएसई सेंसेक्स 448.92 अंकों की बढ़त के साथ 75,057.90 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 139.11 अंक चढ़कर 23,551.70 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हालांकि, बाजार खुलने के कुछ समय बाद मुनाफावसूली के चलते बढ़त सीमित हो गई। 10:01 बजे तक सेंसेक्स 83 अंक और निफ्टी 52 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।   अदाणी समूह और बैंकिंग-ऑटो शेयरों में खरीदारी   शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 25 से अधिक शेयरों में तेजी देखने को मिली। खासकर अदाणी समूह के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर बीएसई पर 5.3 प्रतिशत तक उछलकर 2,634 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और ट्रेंट जैसे शेयरों में भी 1.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा एनटीपीसी, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में अच्छी खरीदारी रही।   आईटी शेयरों पर दबाव, वैश्विक संकेतों से उम्मीद   दूसरी ओर आईटी सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच होने वाली शिखर वार्ता से निवेशकों में उम्मीद बढ़ी है। माना जा रहा है कि व्यापार और तकनीकी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत वैश्विक बाजारों को स्थिरता दे सकती है। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 4,703 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,869 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।

Anjali Kumari मई 14, 2026 0
Stock Market
Stock Market: भारी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। BSE Sensex और Nifty 50 में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,312.91 अंक टूटकर 76,015.28 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360.30 अंक गिरकर 23,815.85 पर पहुंच गया।   विश्लेषकों के मुताबिक विश्लेषकों के मुताबिक, प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल में किफायत बरतने की अपील, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।   रुपये में ऐतिहासिक गिरावट शेयर बाजार में गिरावट के साथ-साथ मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये पर भारी दबाव देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 85 पैसे टूटकर 95.34 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी मुद्रा निकासी और डॉलर की मजबूती के कारण रुपये में यह कमजोरी आई है।   निवेशकों की चिंता बढ़ी   दलाल स्ट्रीट पर बैंकिंग, मेटल और ज्वैलरी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। बढ़ती महंगाई और ऊर्जा आयात लागत को लेकर भी निवेशकों में चिंता बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं।   हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियां अभी मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात बाजार में अस्थिरता बढ़ा सकते हैं। फिलहाल निवेशकों की नजर आने वाले दिनों में रुपये की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी हुई है।

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Traders monitor falling Sensex and Nifty screens amid crude oil surge and market selloff
शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1000 अंक टूटा; कच्चे तेल और PM मोदी के बयान से बढ़ी चिंता

शुरुआती कारोबार में बाजार में बड़ी बिकवाली सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9:39 बजे Sensex 1016 अंक गिरकर 76,311 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 करीब 23,879 अंक पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह क्या है? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार पर इस समय दो बड़े दबाव बने हुए हैं– पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रिपोर्ट्स के अनुसार Brent Crude Oil की कीमत फिर 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। इससे भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, गैरजरूरी विदेश यात्रा से बचने और सोना, खाद्य तेल व उर्वरक जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटाने की बात कही थी। बाजार इसे सरकार की आर्थिक चिंता और बढ़ते आयात बिल के संकेत के तौर पर देख रहा है। किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव? गिरावट का असर कई सेक्टरों में साफ दिखाई दिया। ज्वेलरी और कंजम्प्शन सेक्टर Titan Company के शेयर करीब 5.6 प्रतिशत टूट गए। बाजार को डर है कि सोने की मांग में कमी आने से ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। एविएशन सेक्टर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों पर दबाव बढ़ा। InterGlobe Aviation के शेयर 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बैंकिंग सेक्टर बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी रही– State Bank of India करीब 3% टूटा HDFC Bank में 1% से ज्यादा गिरावट ICICI Bank और Axis Bank भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे ऑटो और एनर्जी कंपनियां भी दबाव में Maruti Suzuki, Bajaj Auto और Reliance Industries के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में दिखी मजबूती? बाजार की भारी गिरावट के बीच कुछ डिफेंसिव सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। Tata Consumer Products के शेयरों में तेजी रही। इसके अलावा फार्मा सेक्टर अपेक्षाकृत स्थिर दिखा। Sun Pharmaceutical Industries और Cipla जैसे शेयर बाजार की कमजोरी के बावजूद संभले रहे। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहती हैं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब– कच्चे तेल की कीमतों पश्चिम एशिया की स्थिति रुपये की चाल सरकार के अगले आर्थिक संकेतों पर बनी रहेगी।  

surbhi मई 11, 2026 0
Sensex and Nifty fall sharply amid rising crude oil prices and market selloff
शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1000 अंक टूटा; कच्चे तेल और PM मोदी के बयान से बढ़ी चिंता

शुरुआती कारोबार में बाजार में बड़ी बिकवाली सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9:39 बजे Sensex 1016 अंक गिरकर 76,311 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 करीब 23,879 अंक पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह क्या है? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार पर इस समय दो बड़े दबाव बने हुए हैं– पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रिपोर्ट्स के अनुसार Brent Crude Oil की कीमत फिर 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। इससे भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, गैरजरूरी विदेश यात्रा से बचने और सोना, खाद्य तेल व उर्वरक जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटाने की बात कही थी। बाजार इसे सरकार की आर्थिक चिंता और बढ़ते आयात बिल के संकेत के तौर पर देख रहा है। किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव? गिरावट का असर कई सेक्टरों में साफ दिखाई दिया। ज्वेलरी और कंजम्प्शन सेक्टर Titan Company के शेयर करीब 5.6 प्रतिशत टूट गए। बाजार को डर है कि सोने की मांग में कमी आने से ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। एविएशन सेक्टर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों पर दबाव बढ़ा। InterGlobe Aviation के शेयर 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बैंकिंग सेक्टर बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी रही– State Bank of India करीब 3% टूटा HDFC Bank में 1% से ज्यादा गिरावट ICICI Bank और Axis Bank भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे ऑटो और एनर्जी कंपनियां भी दबाव में Maruti Suzuki, Bajaj Auto और Reliance Industries के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में दिखी मजबूती? बाजार की भारी गिरावट के बीच कुछ डिफेंसिव सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। Tata Consumer Products के शेयरों में तेजी रही। इसके अलावा फार्मा सेक्टर अपेक्षाकृत स्थिर दिखा। Sun Pharmaceutical Industries और Cipla जैसे शेयर बाजार की कमजोरी के बावजूद संभले रहे। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहती हैं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब– कच्चे तेल की कीमतों पश्चिम एशिया की स्थिति रुपये की चाल सरकार के अगले आर्थिक संकेतों पर बनी रहेगी।  

surbhi मई 11, 2026 0
Stock Market
Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। हफ्ते के कारोबारी सत्र का समापन लाल निशान पर हुआ। सेंसेक्स 516.33 (0.66%) अंक टूटकर 77,328.19 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 150.50 (0.62%) अंक गिरकर 24,176.15 के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 25 पैसे गिरकर 94.47 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Investors tracking falling Sensex and Nifty amid crude oil surge and global market tensions
तेल संकट से कांपा शेयर बाजार, सेंसेक्स 550 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

ग्लोबल तनाव का भारतीय बाजार पर बड़ा असर BSE Sensex और NIFTY 50 में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते बाजार की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 553 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 100 अंकों से ज्यादा फिसल गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,400 और निफ्टी 24,213 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आज के कारोबार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। HDFC Bank, ICICI Bank और Reliance Industries जैसे दिग्गज शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार की गिरावट की बड़ी वजह बन रही है। हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर में कुछ खरीदारी देखने को मिली, लेकिन वह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को तेज कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई, रुपये और शेयर बाजार पर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशकों में घबराहट बढ़ी हुई है। बाजार को अब किस बात का इंतजार? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रहेगी। अगर वैश्विक तनाव कम होता है, तो भारतीय बाजार और रुपये को राहत मिल सकती है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) और रिटेल निवेशक अभी भी बाजार में सक्रिय हैं, जिसकी वजह से मिडकैप और पावर सेक्टर के कुछ शेयर मजबूती दिखा रहे हैं।  

surbhi मई 8, 2026 0
Stock Market
Stock Market: गिरवाट के साथ खुला शेयर बाजार

तेहरान/वाशिंगटन, एजेंसियां। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। होर्मुज स्ट्रेट में गोलीबारी की खबरों के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई, जिसके चलते घरेलू बाजार लाल निशान में खुला। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए।   सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा टूटा बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 212 अंकों की गिरावट के साथ 77,631 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई का निफ्टी 93 अंक टूटकर 24,233 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में कोल इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में बिकवाली देखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। खासकर होर्मुज स्ट्रेट में हालात बिगड़ने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है।   कच्चे तेल की कीमतों में उछाल तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। वहीं WTI क्रूड भी करीब 97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में तेजी चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई और व्यापार घाटे पर असर पड़ सकता है।   एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी दबाव एशियाई बाजारों में भी गिरावट का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 1.9 फीसदी गिर गया, जबकि जापान का निक्केई भी कमजोर बंद हुआ। हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स में भी दबाव देखा गया। अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500, Nasdaq Composite और Dow Jones Industrial Average सभी लाल निशान में बंद हुए।   निवेशकों में बढ़ी चिंता विश्लेषकों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे माहौल में निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Stock Market
Stock Market: चुनावी रुझानों के बीच शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 900 अंक पार

मुंबई, एजेंसियां। चुनावी नतीजों के शुरुआती रुझानों के बीच भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। BSE Sensex खुलते ही करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ 77,400 के पार पहुंच गया और कुछ ही देर में 900 अंकों से ज्यादा उछल गया। वहीं Nifty 50 भी करीब 193 अंकों की तेजी के साथ 24,190 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।   बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में जोरदार खरीदारी बाजार में तेजी का असर अलग-अलग सेक्टरों में भी देखने को मिला। Nifty Bank करीब 325 अंक चढ़कर 55,188 पर पहुंच गया, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। ऑटो सेक्टर में 2% से ज्यादा की तेजी रही, वहीं FMCG शेयर भी 1% से अधिक ऊपर कारोबार करते नजर आए।   चुनावी रुझानों का असर विश्लेषकों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों में सत्तारूढ़ दल को बढ़त मिलने के संकेत से बाजार में सकारात्मक माहौल बना। राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे खरीदारी में तेजी आई।   अधिकांश शेयर हरे निशान में शेयर बाजार में आज व्यापक तेजी देखने को मिली। कुल 903 शेयरों में ट्रेडिंग शुरू हुई, जिनमें से 742 शेयर बढ़त में रहे, जबकि केवल 107 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 69 शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जो बाजार में मजबूत रुझान का संकेत है।   तेजी के संकेत बरकरार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चुनावी नतीजे इसी दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। फिलहाल निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।

Anjali Kumari मई 4, 2026 0
Stock Market Today
Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार,सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार उछाल

मुंबई, एजेंसियां। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 358 अंकों की बढ़त के साथ 77,245 के पार पहुंच गया, जबकि Nifty 50 भी 100 अंकों से ज्यादा चढ़कर 24,096 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।   ईरान-अमेरिका तनाव में नरमी का असर पश्चिम एशिया में Iran और United States के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार को सहारा मिला। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सैन्य गतिविधियों में कमी के संकेतों ने निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाया है, जिससे बाजार में तेजी लौटी।   मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखी गई। आईटी, ऑटो और ऊर्जा सेक्टर के शेयरों में खासतौर पर खरीदारी रही। Reliance Industries, Infosys और Maruti Suzuki जैसे दिग्गज शेयरों में उछाल दर्ज किया गया।   कच्चे तेल और एफआईआई की चिंता बरकरार हालांकि बाजार में तेजी के बावजूद जोखिम बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं, जो भारत के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव डाल रही है।   रुपया कमजोर, डॉलर मजबूत शुरुआती कारोबार में भारतीय मुद्रा Indian Rupee 11 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.79 पर पहुंच गई। आयातकों की बढ़ती डॉलर मांग और विदेशी पूंजी की निकासी इसके मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।   आगे क्या रहेगा रुख? विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की आगे की दिशा वैश्विक घटनाक्रम, खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिकी नीतियों पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।  

Anjali Kumari अप्रैल 29, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोमवार को मजबूत वापसी देखने को मिली। BSE Sensex 639 अंकों की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ, जबकि Nifty 50 24,050 के स्तर को पार कर गया। इस तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना दिया।   RIL और IT शेयरों में तेजी से बाजार को सहारा दिनभर के कारोबार में Reliance Industries और Wipro के शेयरों में करीब 3% तक की बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार को मजबूती प्रदान की। आईटी सेक्टर में कुछ कमजोर नतीजों के बावजूद आकर्षक वैल्युएशन के कारण निवेशकों की रुचि बनी रही।   मजबूत तिमाही नतीजों से लौटा निवेशकों का भरोसा विशेषज्ञों के अनुसार, चौथी तिमाही के बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों में सुधार से बाजार को समर्थन मिला। अमेरिका-ईरान वार्ता दोबारा शुरू होने की उम्मीद ने भी निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाया। बैंकिंग, एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे घरेलू सेक्टरों ने बाजार की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई।   कच्चे तेल और महंगाई बनी चिंता हालांकि बाजार में तेजी के बावजूद कुछ जोखिम बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जो महंगाई पर दबाव बढ़ा सकती हैं। निवेशक अब Federal Reserve की आगामी ब्याज दर नीति पर नजर बनाए हुए हैं।   आगे की राह पर नजर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत बने रहते हैं, तो बाजार में आगे भी सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है। फिलहाल, निवेशकों के लिए यह राहत की खबर है कि गिरावट का सिलसिला टूट गया है और बाजार ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है।

Anjali Kumari अप्रैल 27, 2026 0
Stock Market
Stock Market: गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां।  हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में बाजार लाल निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई।   सेंसेक्स 330 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 330 अंक गिरकर 77,334 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 93 अंक फिसलकर 24,079.75 पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में भारी गिरावट रही थी, जब सेंसेक्स 852 अंक टूटकर 77,664 पर और निफ्टी 205 अंक गिरकर 24,173 पर बंद हुआ था।   विदेशी निवेश और तेल कीमतों का दबाव बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। गुरुवार को ही विदेशी निवेशकों ने करीब 3,254 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट का खतरा बढ़ रहा है।   रुपया भी दबाव में, लगातार कमजोरी जारी डॉलर के मुकाबले रुपये में भी गिरावट देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार में रुपया 24 पैसे कमजोर होकर 94.25 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता, तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी पूंजी निकासी इसके प्रमुख कारण हैं।   वैश्विक तनाव से बढ़ी चिंता विश्लेषकों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिर स्थिति ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका असर सीधे शेयर बाजार और मुद्रा पर पड़ रहा है।   आगे क्या रहेगा रुख विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत स्थिर नहीं होते और विदेशी निवेश की बिकवाली रुकती नहीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 24, 2026 0
Stock Market
Stock Market: लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लुढ़के

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट देखने को मिली, जिससे पिछले तीन दिनों से जारी तेजी थम गई। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आईटी सेक्टर में बिकवाली ने बाजार की दिशा बदल दी। निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल साफ नजर आया। BSE Sensex 756.84 अंक (0.95%) गिरकर 78,516.49 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 198.50 अंक (0.81%) की गिरावट के साथ 24,378.10 पर आ गया। बाजार की शुरुआत ही कमजोर रही और पूरे सत्र में दबाव बना रहा।   गिरावट की मुख्य वजहें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया। Donald Trump के ईरान को लेकर सख्त रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बयान से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया। आईटी सेक्टर में भी भारी बिकवाली देखी गई। कमजोर तिमाही नतीजों और वैश्विक मांग में सुस्ती की आशंका के चलते निवेशकों ने इस सेक्टर से दूरी बनाई। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत रद्द होने की खबरों ने भी बाजार का सेंटीमेंट खराब किया।   मिडकैप और स्मॉलकैप में दिखी मजबूती हालांकि, व्यापक बाजार में कुछ मजबूती देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी जारी रही, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक चुनिंदा अवसर तलाश रहे हैं।   आगे की राह पर नजर विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,500–24,600 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि यह 24,300 के सपोर्ट से नीचे जाता है, तो और गिरावट संभव है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी।

Anjali Kumari अप्रैल 22, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में शानदार उछाल, सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,450 के पार

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। BSE Sensex में शुरुआती कारोबार के दौरान 400 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 24,450 के अहम स्तर को पार कर गया। सेंसेक्स 445.82 अंक चढ़कर 78,966.12 पर पहुंचा, वहीं निफ्टी 121.15 अंक बढ़कर 24,486 पर कारोबार करता नजर आया।   बैंकिंग और इंफ्रा शेयरों में खरीदारी बाजार की इस तेजी में बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों का अहम योगदान रहा। Adani Ports और ICICI Bank के शेयरों में करीब 2% तक की बढ़त देखी गई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एनटीपीसी भी लाभ में रहे। हालांकि, आईटी और सीमेंट सेक्टर में दबाव बना रहा, जहां Infosys और Tata Consultancy Services जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों से मिला सहारा बाजार में इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारकों की बड़ी भूमिका रही। अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की खबरों से निवेशकों में सकारात्मक भावना बनी है। साथ ही Brent Crude Oil की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से भी बाजार को मजबूती मिली है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।   रुपये में कमजोरी, लेकिन बाजार मजबूत इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 93.32 पर आ गया। हालांकि विदेशी निवेश और घरेलू बाजार की मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर है और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 21, 2026 0
Stock Market
Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ बाजार शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह के कारोबार में मजबूत शुरुआत के बाद अंत तक बाजार अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका और गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 122.56 अंकों की गिरावट के साथ 77,988.68 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 34.55 अंक फिसलकर 24,196.75 के स्तर पर आ गया।   दिनभर 1000 अंकों से ज्यादा का उतार-चढ़ाव कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 78,730.32 का उच्चतम स्तर छुआ, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के चलते 77,674.93 तक गिर गया। इस तरह पूरे दिन में बाजार में 1,000 अंकों से अधिक की अस्थिरता देखी गई। यह दर्शाता है कि निवेशकों के बीच अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।   बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर दबाव शुरुआती तेजी के बाद बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी हो गई। HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank और Bajaj Finance जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा ONGC और Titan Company भी नुकसान में रहे।   कुछ शेयरों में रही मजबूती हालांकि, गिरावट के बीच कुछ कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। Infosys, Adani Ports, Bharat Electronics और ट्रेंट जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला।   मुनाफावसूली और वैश्विक संकेत बने कारण विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बना। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कुछ कमी आई है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।   विदेशी निवेशकों का रुख और आगे का संकेत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र में खरीदारी की थी, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला था। हालांकि, गुरुवार को निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। जानकारों का मानना है कि बाजार फिलहाल स्थिरता की तलाश में है और आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Stock market
Stock market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 550 अंक और निफ्टी 23350 के पार पहुंचा

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत देखने को मिली। BSE Sensex 550 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला, जबकि Nifty 50 23,350 के पार पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखा।   शुरुआती कारोबार में तेजी कायम सुबह कारोबार के दौरान सेंसेक्स 78,600 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने भी तेजी दिखाते हुए 24,300 के ऊपर कारोबार किया। कुछ समय के लिए सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा चढ़कर 78,700 के पार भी पहुंच गया। बाजार की इस तेजी से निवेशकों को अच्छा फायदा मिला।   किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल बाजार में तेजी के बीच Infosys, Tech Mahindra, Bajaj Finance और Tata Steel जैसे दिग्गज शेयर टॉप गेनर्स रहे। वहीं Sun Pharma और Titan Company के शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई।   बाजार में तेजी की बड़ी वजह विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीदों ने बाजार को सहारा दिया है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है।   वैश्विक बाजारों से मिला सपोर्ट एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।   आगे का आउटलुक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और विदेशी निवेशकों का भरोसा बना रहता है, तो बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। फिलहाल निवेशकों के लिए बाजार का रुख सकारात्मक नजर आ रहा है।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Stock Market
Stock Market: भारी गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार,सेंसेक्स 927 अंक गिरा

मुंबई, एजेंसियां। शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 926.92 अंक गिरकर 74,346.53 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 280.95 अंक टूटकर 23,025.50 पर आ गया। बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुख जोखिम से बचने वाला बना हुआ है।   रुपया भी दबाव में शेयर बाजार की कमजोरी के साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव दिखा। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर 94.24 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कमजोर रुपया और महंगा कच्चा तेल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता बढ़ाने वाले संकेत हैं।   गिरावट की बड़ी वजहें विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहना बाजार पर दबाव डाल रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 106.8 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इससे मुद्रास्फीति, आयात लागत और कॉर्पोरेट मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।   किन शेयरों पर सबसे ज्यादा असर सेंसेक्स की 30 कंपनियों में बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, एटर्नल और इंटरग्लोब एविएशन प्रमुख गिरावट वाले शेयर रहे। वहीं टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और ट्रेंट बढ़त में रहे।   वैश्विक संकेत भी कमजोर एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी कमजोर रहे, जबकि शंघाई और हांगकांग के बाजार हल्की मजबूती में थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई थी।   एफआईआई बनाम डीआईआई बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,429.78 करोड़ रुपये की खरीदारी की। कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल अस्थिरता और दबाव का माहौल बना हुआ है।

Anjali Kumari मार्च 27, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Giridih hospital incident
झारखंड

क्या है 14 साल की बच्ची के मां बनने का सच?

Anjali Kumari मई 23, 2026 0