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Markets Rally for Third Straight Day on IT Gains

ईरान-अमेरिका शांति समझौते से बाजार में जोश, लगातार तीसरे दिन चढ़ा शेयर बाजार; आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

surbhi जून 16, 2026 0
Indian stock market rises for third straight day as IT stocks lead gains
Indian stock market rises for third straight day as IT stocks lead gains

वैश्विक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमत घटने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा

घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ, जिससे बाजार की शुरुआत हरे निशान में हुई।

शुरुआती कारोबार में S&P BSE Sensex 306.22 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,570.55 पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 72.95 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ़कर 23,926.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

ईरान-अमेरिका समझौते से कच्चे तेल में गिरावट

बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक शांति समझौते की खबर रही। इससे लंबे समय तक चलने वाले भू-राजनीतिक संघर्ष की आशंकाएं कम हुईं और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।

ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसलकर 82.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड करीब 80.74 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट देश के लिए राहत की खबर मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई, चालू खाता घाटा और रुपये पर दबाव कम हो सकता है।

रुपये में मजबूती से बाजार को मिला सहारा

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती बाजार को समर्थन दे रही है।

हाल के दिनों में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.96 के निचले स्तर से सुधरकर 94.71 तक पहुंच गया है। इससे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली पर भी कुछ हद तक रोक लग सकती है।

हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में AI आधारित निवेश थीम की मजबूती के कारण विदेशी निवेश का कुछ हिस्सा भारत से बाहर जा सकता है।

आईटी सेक्टर बना बाजार का स्टार

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली।

  • निफ्टी आईटी : +1.43%
  • निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स : +0.91%
  • निफ्टी मीडिया : +0.64%
  • निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज : +0.42%

वहीं मेटल शेयरों पर दबाव बना रहा और निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टर साबित हुआ।

इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में आईटी कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया।

सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर:

  • HCLTech (+3.11%)
  • Bajaj Finserv (+1.61%)
  • Bajaj Finance (+1.60%)
  • Hindustan Unilever (+1.55%)
  • Tech Mahindra (+1.46%)
  • Tata Consultancy Services (+1.44%)

इसके अलावा Infosys, Bharti Airtel, HDFC Bank और Larsen & Toubro में भी खरीदारी देखने को मिली।

इन शेयरों पर रहा दबाव

दूसरी ओर कुछ बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

  • Axis Bank (-1.10%)
  • UltraTech Cement (-0.56%)
  • Tata Steel (-0.48%)
  • Power Grid Corporation of India (-0.42%)
  • Bharat Electronics Limited (-0.40%)

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बनी रही तेजी

बाजार की मजबूती केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार में भी निवेशकों की खरीदारी जारी रही।

  • निफ्टी मिडकैप 50 : +0.35%
  • निफ्टी मिडकैप 100 : +0.31%
  • निफ्टी स्मॉलकैप 100 : +0.42%

इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा बाजार के विभिन्न वर्गों में बना हुआ है।

आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?

विश्लेषकों के अनुसार, हालिया तेजी को समर्थन जरूर मिला है, लेकिन आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कई अहम कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक AI रैली, घरेलू वैल्यूएशन, मानसून की प्रगति और महंगाई के आंकड़े प्रमुख रहेंगे।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार , सेंसेक्स 254 अंक चढ़ा, निफ्टी 24150 के पार

नई दिल्ली, एजेंसियां। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को शानदार वापसी दर्ज की। शुरुआती गिरावट के बाद मजबूत खरीदारी के दम पर बाजार लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.32%) की बढ़त के साथ 77,409.98 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 82.30 अंक (0.34%) चढ़कर 24,168 के स्तर के पार पहुंच गया।   सुबह दबाव में खुला बाजार, दिन में हुई तेज रिकवरी   कारोबार की शुरुआत में बाजार लाल निशान में खुला था, जिसका कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियां और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका रही। हालांकि, जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, निवेशकों की चौतरफा खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी और शुरुआती दबाव पूरी तरह खत्म हो गया।   सेक्टोरल प्रदर्शन रहा मिश्रित लेकिन मजबूत बाजार में अधिकतर सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। रियल्टी, हेल्थकेयर, केमिकल्स और फार्मा सेक्टर ने तेजी को सबसे अधिक सपोर्ट दिया। बैंकिंग सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को स्थिरता प्रदान की। हालांकि, आईटी सेक्टर आज सबसे बड़ा पिछड़ने वाला क्षेत्र रहा, जहां भारी बिकवाली के कारण दबाव बना रहा।   इन स्टॉक्स ने दिखाया दम कुछ प्रमुख शेयरों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया। मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में करीब 6% की तेजी देखी गई, जबकि इंडिगो के शेयरों में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई।   कच्चे तेल में गिरावट से मिला सपोर्ट बाजार की मजबूती का एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी रहा। इससे घरेलू अर्थव्यवस्था को राहत मिली और निवेशकों का भरोसा बढ़ा। सस्ते तेल और चुनिंदा खरीदारी ने बाजार को वैश्विक दबाव से बचाने में अहम भूमिका निभाई। लगातार पांचवें दिन की तेजी इस बात का संकेत है कि घरेलू बाजार की बुनियाद मजबूत बनी हुई है और निवेशक अभी भी भारतीय इक्विटी में भरोसा बनाए हुए हैं।

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मुंबई, एजेंसियां। गुरुवार, 18 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बाजार सकारात्मक रुख के साथ खुला, लेकिन दिनभर खरीदारी और बिकवाली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। साप्ताहिक एक्सपायरी के चलते बाजार में अस्थिरता और अधिक देखने को मिली। कारोबार के दौरान निफ्टी 24,058.85 से 24,133.35 और सेंसेक्स 77,044.39 से 77,281.83 के दायरे में कारोबार करता नजर आया।   HDFC Bank और L&T ने बाजार को दिया सहारा बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। खासकर HDFC Bank और Larsen & Toubro (L&T) के शेयरों में मजबूती ने बाजार को गिरावट से बचाए रखा। इन दिग्गज कंपनियों में निवेशकों की खरीदारी ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।   RIL और Infosys की कमजोरी बनी दबाव की वजह दूसरी ओर Reliance Industries (RIL) और Infosys जैसे भारी-भरकम शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इन दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट का सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा, जिससे बाजार में तेजी सीमित रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिग्गज शेयरों में कमजोरी के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।   वैश्विक संकेतों पर टिकी निवेशकों की नजर विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर भी बाजार की चाल निर्भर करेगी।   निवेशकों के लिए सलाह बाजार में लगातार कई दिनों की तेजी के बाद कुछ शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। ऐसे में विशेषज्ञ जल्दबाजी में निवेश से बचने और मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों पर ही ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। निवेशकों को बाजार की मौजूदा अस्थिरता के बीच सोच-समझकर निवेश करना चाहिए।

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Gold jewellery and silver bars displayed as precious metal prices decline in Indian markets.
Gold Silver Price: 800 रुपये तक सस्ता हुआ सोना, चांदी में भी बड़ी गिरावट, जानिए आपके शहर का ताजा भाव

नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और शांति की उम्मीद बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। इससे महंगाई के दबाव में कमी आने की संभावना बढ़ी है, जिसका असर अब कीमती धातुओं के बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। एमसीएक्स (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे। सोने की कीमत में करीब 800 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी 1,300 रुपये से अधिक फिसल गई। MCX पर क्या रहे भाव? 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1,53,091 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बुधवार सुबह इसकी शुरुआत 1,52,800 रुपये से हुई और शुरुआती कारोबार में यह 1,52,301 रुपये तक लुढ़क गया। सुबह करीब 10:45 बजे सोना 541 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी की कीमत शुरुआती कारोबार में 1,328 रुपये गिरकर 2,48,777 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। बाद में यह 202 रुपये की कमजोरी के साथ 2,49,903 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड करती दिखाई दी। प्रमुख शहरों में सोने का ताजा रेट शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट दिल्ली ₹1,51,250 ₹1,38,650 ₹1,13,470 मुंबई ₹1,51,100 ₹1,38,500 ₹1,13,320 कोलकाता ₹1,51,100 ₹1,38,500 ₹1,13,320 चेन्नई ₹1,53,060 ₹1,40,300 ₹1,17,500 लखनऊ ₹1,51,250 ₹1,38,650 ₹1,13,470 कानपुर ₹1,51,250 ₹1,38,650 ₹1,13,470 पटना ₹1,51,150 ₹1,38,550 ₹1,13,370 जयपुर ₹1,51,250 ₹1,38,650 ₹1,13,470 इंदौर ₹1,51,150 ₹1,38,550 ₹1,13,370 भोपाल ₹1,51,150 ₹1,38,550 ₹1,13,370 सर्राफा बाजार में भी नरमी घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना: ₹270 सस्ता होकर ₹1,51,100 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना: ₹250 गिरकर ₹1,38,500 प्रति 10 ग्राम 18 कैरेट सोना: ₹210 की गिरावट के साथ ₹1,13,320 प्रति 10 ग्राम चांदी: ₹2,65,000 प्रति किलो पर स्थिर विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कम होता है तथा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

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