Sensex

Indian stock market opens higher as Nifty crosses 23,500 and MGL shares gain after CNG price hike
शेयर बाजार में शानदार शुरुआत, निफ्टी 23,500 के पार; CNG महंगी होते ही MGL शेयर में उछाल

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, फार्मा और मेटल शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 339 अंकों की तेजी के साथ 74,947.12 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 118 अंकों की बढ़त लेकर 23,530.25 पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही निवेशकों का रुझान चुनिंदा स्टॉक्स में खरीदारी की ओर दिखा, जिससे कई शेयरों में जोरदार हलचल रही। फार्मा शेयरों में खरीदारी, IT सेक्टर दबाव में शुरुआती कारोबार में फार्मा सेक्टर ने बाजार को सपोर्ट दिया। सिप्ला समेत कई दवा कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जिसके चलते निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 1.26 फीसदी मजबूत हुआ। दूसरी ओर आईटी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। HCL Tech, TCS, Tech Mahindra और Infosys जैसे बड़े आईटी स्टॉक्स में बिकवाली हावी रही। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 0.83 फीसदी तक फिसल गया। डॉलर के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ खुला रुपया विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ खुला। गुरुवार को रुपया 95.73 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.71 पर बंद हुआ था। यानी शुरुआती कारोबार में रुपये में 2 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। CNG महंगी होते ही MGL शेयर में तेजी महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई महानगर क्षेत्र में CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें लागू होने के बाद अब मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में CNG की कीमत 84 रुपये प्रति किलो हो गई है। इस फैसले का असर कंपनी के शेयर पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में MGL का स्टॉक करीब 1.5 फीसदी उछलकर 1,059 रुपये के आसपास पहुंच गया। Kaynes Technology के शेयर में भारी गिरावट आज के कारोबार में Kaynes Technology के शेयर निवेशकों के लिए चिंता का कारण बने रहे। कंपनी के मार्च तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहने के बाद स्टॉक में बड़ी गिरावट आई। करीब 10 बजे तक कंपनी का शेयर लगभग 18 फीसदी टूटकर 3,431.70 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, वैश्विक ब्रोकरेज फर्म JPMorgan द्वारा रेटिंग घटाने से भी निवेशकों की धारणा कमजोर हुई। वेदांता के शेयर में जोरदार उछाल मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में स्टॉक 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 335 रुपये के पार पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कमोडिटी कीमतों में सुधार और मजबूत मांग के संकेतों से मेटल शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फार्मा और मेटल शेयरों में फिलहाल मजबूती दिख रही है, जबकि आईटी सेक्टर पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक संकेत, डॉलर की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।  

surbhi मई 14, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty gains amid falling crude oil prices and global market rally
कच्चे तेल में गिरावट से शेयर बाजार को राहत, सेंसेक्स-निफ्टी में लौटी तेजी

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन मजबूती देखने को मिली। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों बढ़त के साथ खुले। बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदें मानी जा रही हैं। वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसकी वजह से निफ्टी 24,400 के करीब पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 78,300 के पार खुलने में सफल रहा। बाजार में क्यों दिखी हल्की अस्थिरता? शुरुआती तेजी के बाद बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। GIFT Nifty के संकेतों और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने बाजार पर दबाव बनाया। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी चिंता का विषय बनी हुई है। बुधवार को FIIs ने 5,834 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 6,836 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की। कच्चे तेल और ग्लोबल मार्केट का असर Brent Crude की कीमतें गिरकर करीब 101 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिलती है क्योंकि इससे आयात बिल कम होने की संभावना रहती है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो अमेरिकी बाजारों में भी शानदार तेजी दर्ज की गई। Nasdaq Composite S&P 500 दोनों इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। इसका असर एशियाई बाजारों में भी दिखा, जहां Nikkei 225 में 5% से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई। डॉलर की मांग में कमी आने से भारतीय रुपये को भी मजबूती मिली है, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो बाजार 24,700 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर निफ्टी 24,250 के सपोर्ट लेवल से नीचे फिसलता है, तो बाजार में दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में– बैंकिंग सेक्टर फार्मा सेक्टर कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयर इनमें अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है। अब निवेशकों की नजर पूरी तरह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है।  

surbhi मई 7, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों हरे निशान पर

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 20 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। BSE Sensex और NSE Nifty 50 दोनों ही हरे निशान पर खुले, जिससे निवेशकों में उत्साह देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 139 अंकों की बढ़त के साथ करीब 78,632 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 लगभग 38 अंकों की तेजी के साथ 24,391 के पार पहुंच गया।   शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद संभला बाजार हालांकि बाजार में शुरुआत के कुछ मिनटों में हल्की गिरावट भी देखी गई, लेकिन जल्द ही रिकवरी हो गई। सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 55 अंकों की बढ़त के साथ 78,549 पर कारोबार कर रहा था, वहीं निफ्टी 24,360 के आसपास ट्रेड करता दिखा। इससे साफ है कि बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।   इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल बीएसई के प्रमुख शेयरों में ट्रेंट, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, अडानी पोर्ट्स और एलएंडटी टॉप गेनर्स रहे। वहीं, एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक, रिलायंस और टाटा स्टील जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी और मिडकैप शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि आईटी सेक्टर थोड़ा दबाव में रहा।   पिछले सत्र का असर भी दिखा इससे पहले शुक्रवार (17 अप्रैल) को भी बाजार में जोरदार तेजी रही थी। सेंसेक्स 504 अंकों की छलांग लगाकर 78,493 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 156 अंकों की बढ़त के साथ 24,353 के स्तर पर क्लोज हुआ था। इस सकारात्मक ट्रेंड का असर सोमवार के कारोबार में भी देखने को मिला।   निवेशकों की नजर आगे की चाल पर विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों की गतिविधियों के आधार पर बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 20, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex surge after Trump’s statement boosting investor sentiment.
₹9.25 लाख करोड़ की तेजी से बाजार गुलजार: ट्रंप के बयान के बाद सेंसेक्स 1,300 अंक उछला

वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के बीच बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ। शुरुआती कारोबार में जोरदार उछाल बुधवार सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex 1,300 अंक से अधिक उछलकर 78,166.50 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 24,224.35 पर कारोबार करता दिखा। पिछले सत्र में आई गिरावट के बाद यह उछाल बाजार में मजबूत रिकवरी का संकेत देता है। निवेशकों को ₹9.25 लाख करोड़ का फायदा इस तेजी का सीधा असर बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹9.25 लाख करोड़ बढ़कर ₹457.73 लाख करोड़ हो गया। यह निवेशकों के लिए एक दिन में बड़ी ‘कमाई’ जैसा साबित हुआ। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी? आज सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में खुले। खासतौर पर: IndiGo में 4% की तेजी UltraTech Cement Asian Paints Larsen & Toubro Infosys State Bank of India इन सभी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। रुपये में भी मजबूती भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 0.2% मजबूत होकर 93.17 पर खुला। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक लौट रहा है। तेजी की मुख्य वजह क्या? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने बाजार को बड़ा ट्रिगर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के करीब है और समझौते की संभावना बढ़ रही है। इस बयान से निवेशकों में सकारात्मक भावना बनी और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी। सेक्टर और ब्रॉडर मार्केट का हाल निफ्टी मिडकैप: +2.09% निफ्टी स्मॉलकैप: +2.10% निफ्टी PSU बैंक और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी फार्मा सेक्टर में कमजोरी ग्लोबल मार्केट का असर एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा, जबकि अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। S&P 500 और Nasdaq 100 दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Bombay Stock Exchange building, symbolizing market closure on Ambedkar Jayanti.
Ambedkar Jayanti पर शेयर बाजार बंद: BSE और NSE में आज नहीं होगा कारोबार, कल से फिर शुरू होगी ट्रेडिंग

Ambedkar Jayanti के मौके पर आज भारतीय शेयर बाजार में कारोबार पूरी तरह बंद है। देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज Bombay Stock Exchange (BSE) और National Stock Exchange (NSE) में 14 अप्रैल को किसी भी सेगमेंट में ट्रेडिंग नहीं हो रही है। एक्सचेंज के अनुसार, इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स–सभी सेगमेंट आज बंद रहेंगे। हालांकि, कमोडिटी डेरिवेटिव्स में आंशिक राहत है, जहां सुबह का सत्र (9:00 बजे से 5:00 बजे तक) बंद रहेगा, जबकि शाम का सत्र (5:00 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) खुला रहेगा। अब बाजार में सामान्य ट्रेडिंग 15 अप्रैल (बुधवार) से फिर शुरू होगी। वैश्विक संकेतों से बाजार पर दबाव छुट्टी से पहले 13 अप्रैल को भारतीय बाजार दबाव में रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बेनतीजा रहने से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स 702.68 अंक गिरकर 76,847.57 पर बंद हुआ निफ्टी 207.95 अंक गिरकर 23,842.65 पर बंद हुआ सेक्टरवार प्रदर्शन में पावर, डिफेंस और टेलीकॉम को छोड़कर अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। FMCG, ऑटो, IT, एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में रही हलचल निफ्टी में HDFC Life, Adani Enterprises, ICICI Bank और NTPC जैसे शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं Maruti Suzuki, Reliance Industries, Bajaj Finance और InterGlobe Aviation में गिरावट रही। ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी रही, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेंचमार्क की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और करीब 0.5% की गिरावट के साथ बंद हुए। तकनीकी नजरिया: सपोर्ट-रेजिस्टेंस पर बाजार मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हालिया गिरावट के बावजूद बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। निफ्टी का अहम सपोर्ट: 23,500 तत्काल रेजिस्टेंस: 24,100 विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी इस सपोर्ट स्तर को बनाए रखता है, तो निकट भविष्य में बाजार में फिर तेजी देखी जा सकती है। रुपये पर भी दबाव जारी इस बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है और डॉलर के मुकाबले 65 पैसे गिरकर 93.38 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, USD/INR फिलहाल 92.70 के सपोर्ट और 93.65 के रेजिस्टेंस के बीच कारोबार कर रहा है। निवेशक अब महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Stock market screen showing Sensex decline amid rising crude oil prices and global tensions
कच्चे तेल में उछाल से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, अडानी पोर्ट्स-इन्फोसिस दबाव में

वैश्विक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर बढ़ते विवाद के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे गुरुवार को बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में करीब 500 अंक तक गिर गया, जबकि Nifty 50 भी दबाव में नजर आया। यह गिरावट उस तेजी के ठीक एक दिन बाद आई है, जब सीजफायर की खबरों से बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। पश्चिम एशिया तनाव और बाजार पर असर ईरान द्वारा अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जहां ब्रेंट क्रूड करीब 2.9% उछलकर 97.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। ऊर्जा कीमतों में यह तेजी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनती है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। शुरुआती कारोबार का हाल सुबह करीब 9:38 बजे: BSE Sensex: 407.54 अंक (0.53%) गिरकर 77,155.36 पर Nifty 50: 91.35 अंक (0.38%) गिरकर 23,906 पर सेंसेक्स के 19 शेयर गिरावट के साथ खुले, जो बाजार में कमजोर धारणा को दर्शाता है। किन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव? आज के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई: Adani Ports and Special Economic Zone Infosys Bajaj Finance ICICI Bank Kotak Mahindra Bank InterGlobe Aviation इन शेयरों में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में दिखी मजबूती? गिरते बाजार के बीच कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली: NTPC Hindustan Unilever Bharti Airtel TCS ITC Limited State Bank of India ब्रॉडर मार्केट का रुख मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में हल्की मजबूती रही: निफ्टी मिडकैप: 0.28% की बढ़त निफ्टी स्मॉलकैप: 0.57% की बढ़त सेक्टर के स्तर पर: मेटल और मीडिया सेक्टर में तेजी आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty surge with investors gaining massive wealth in bullish rally
सेंसेक्स 2700 अंक उछला, निफ्टी 800 अंक चढ़ा; निवेशकों की दौलत ₹13 लाख करोड़ बढ़ी

घरेलू शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 2700 अंक से ज्यादा उछल गया, वहीं निफ्टी 800 अंक चढ़कर नई ऊंचाई के करीब पहुंच गया। बाजार खुलते ही खरीदारी की ऐसी लहर आई कि निवेशकों की संपत्ति में ₹13 लाख करोड़ से ज्यादा का इजाफा हो गया। बाजार का ताजा हाल सेंसेक्स: +2716 अंक (3.64%) ➝ 77,332 के करीब निफ्टी 50: +797 अंक (3.45%) ➝ 23,921 के करीब मार्केट कैप: ₹13.74 लाख करोड़ की बढ़त हर सेक्टर में तेजी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी तेजी? 1. ईरान-अमेरिका सीजफायर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 2 हफ्ते के संघर्ष विराम पर सहमति जताई इससे ग्लोबल टेंशन कम हुआ और एशियाई बाजारों में तेजी आई 2. कच्चे तेल में भारी गिरावट WTI क्रूड में करीब 19% गिरावट ब्रेंट क्रूड में 16% तक की कमी भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह बड़ी राहत है, जिससे बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना। 3. RBI MPC फैसले का इंतजार निवेशकों को उम्मीद है कि RBI कोई सपोर्टिव पॉलिसी ला सकता है इसी उम्मीद में बाजार में पहले से खरीदारी बढ़ी निवेशकों को कितना फायदा? 7 अप्रैल: मार्केट कैप ➝ ₹4.29 लाख करोड़ करोड़ 8 अप्रैल: मार्केट कैप ➝ ₹4.43 लाख करोड़ करोड़ यानी सिर्फ एक दिन में ₹13.74 लाख करोड़ का फायदा मार्केट ब्रेड्थ (Market Breadth) कुल शेयर ट्रेड: 2679 तेजी वाले शेयर: 2408 गिरावट वाले: 178 36 शेयर: 1 साल के हाई पर 123 शेयर: अपर सर्किट में सेंसेक्स के सभी 30 शेयर ग्रीन जोन में  

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
Indian stock market sees sharp volatility with Sensex down 544 points, Nifty at 22,683 amid global tensions.
Stock Market Updates: भारी गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स 544 अंक नीचे, निफ्टी 22683 पर

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार ने जोरदार गिरावट के साथ शुरुआत की। हालांकि, दिन के दौरान कुछ रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिली। शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट सोमवार को बाजार खुलते ही भारी दबाव में नजर आया: सेंसेक्स 1018 अंक गिरकर 72,565 पर खुला निफ्टी 269 अंक टूटकर 22,549 पर ओपन हुआ यह गिरावट साफ तौर पर ग्लोबल नेगेटिव संकेतों और निवेशकों के कमजोर सेंटिमेंट का असर दिखाती है। बाद में आई रिकवरी हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की खरीदारी देखने को मिली: सेंसेक्स अब 544 अंक नीचे 73,038 पर ट्रेड कर रहा है निफ्टी 136 अंक गिरकर 22,683 के आसपास बना हुआ है इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर कुछ निवेशक खरीदारी कर रहे हैं। गिरावट की बड़ी वजहें (डिटेल में) 1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ी है निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं इक्विटी मार्केट से पैसा निकलकर सुरक्षित निवेश (Gold, Bonds) की ओर जा रहा है 2. कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक तेजी ब्रेंट क्रूड 115–120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया फरवरी के मुकाबले इसमें करीब 59% उछाल भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बेहद चिंताजनक है क्योंकि: महंगाई बढ़ने का खतरा कंपनियों की लागत बढ़ेगी चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है 3. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली मार्च 2026 में अब तक 1,13,810 करोड़ रुपये की बिकवाली इससे बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है और लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है। 4. रुपये की रिकॉर्ड गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 के स्तर पर पहुंच गया इसका असर: आयात महंगा विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर बाजार में और बिकवाली का दबाव एशियाई बाजारों में हाहाकार भारतीय बाजार ही नहीं, पूरे एशिया में गिरावट का माहौल: निक्केई 225 (जापान): ~3.97% गिरावट टॉपिक्स: ~3.9% नीचे कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 5% से ज्यादा टूटा कोस्डैक: ~3.97% गिरावट हैंग सेंग फ्यूचर्स: भी दबाव में यह दर्शाता है कि गिरावट पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड का हिस्सा है। अमेरिकी बाजार से भी नेगेटिव संकेत शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई: डाऊ जोन्स: 793 अंक (1.73%) गिरावट S&P 500: 1.67% गिरकर 7 महीने के निचले स्तर पर नैस्डेक: 2.15% टूटा अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल ब्रेंट क्रूड: 115.55 डॉलर/बैरल COMEX क्रूड: 102.59 डॉलर/बैरल 27 फरवरी के बाद से तेल में तेज उछाल युद्ध के चलते सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सेक्टोरल असर (कौन प्रभावित?) सबसे ज्यादा दबाव में: ऑटो सेक्टर (महंगा ईंधन) एविएशन (फ्यूल कॉस्ट बढ़ी) पेंट और केमिकल कंपनियां कुछ सेक्टर सुरक्षित: आईटी (डॉलर मजबूत होने से फायदा) फार्मा (डिफेंसिव सेक्टर) निवेशकों के लिए सलाह फिलहाल बाजार में हाई वोलैटिलिटी बनी रहेगी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सतर्कता जरूरी लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट को बायिंग ऑपर्च्युनिटी मान सकते हैं क्रूड ऑयल और ग्लोबल न्यूज पर नजर रखें

surbhi मार्च 30, 2026 0
Sensex and Nifty surge after oil prices fall
तेज गिरावट के बाद शेयर बाजार में सुधार: सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल, तेल कीमतों में नरमी से राहत

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को आंशिक सुधार दिखाया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से निवेशकों को राहत मिली और बाजार में खरीदारी का माहौल बना। सुबह कारोबार के दौरान Nifty50 करीब 1.05% बढ़कर 23,243 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि BSE Sensex 1% से ज्यादा चढ़कर 74,958 के आसपास कारोबार करता दिखा। तेल कीमतों में गिरावट से बाजार को सहारा मध्य पूर्व में जारी तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड, जो गुरुवार को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, अब घटकर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे यूरोपीय देशों और जापान द्वारा समुद्री मार्गों की सुरक्षा के प्रयास और अमेरिका द्वारा सप्लाई बढ़ाने के संकेत अहम माने जा रहे हैं। सभी सेक्टरों में दिखी तेजी शुक्रवार को बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली और सभी 16 प्रमुख सेक्टर हरे निशान में रहे। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी मजबूती रही, जहां क्रमशः 0.8% और 1.3% की बढ़त दर्ज की गई। PSU बैंक और मेटल शेयरों में उछाल पब्लिक सेक्टर बैंकिंग शेयरों में जोरदार वापसी देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 3.2% की तेजी आई, जबकि State Bank of India के शेयर करीब 3% चढ़े। मेटल सेक्टर में भी तेजी रही और इसमें करीब 2.2% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं Tata Steel के शेयर लगभग 4% उछले, जिसका कारण ब्रोकरेज द्वारा टारगेट प्राइस बढ़ाना बताया जा रहा है। IT और अन्य सेक्टरों में भी सुधार आईटी सेक्टर में भी 1.7% की बढ़त देखी गई, जो गुरुवार की गिरावट के बाद रिकवरी का संकेत है। हालांकि, HDFC Bank के शेयरों पर दबाव बना रहा और इसमें और गिरावट दर्ज की गई। रुपया कमजोर, निवेशकों में सतर्कता इस बीच भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जो बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की चाल फिलहाल मध्य पूर्व के घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। IPO की हलचल भी तेज इसी बीच SBI Funds Management ने IPO के लिए आवेदन किया है, जिसमें State Bank of India और Amundi अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। यह कदम बाजार में नई हलचल पैदा कर सकता है। आगे कैसा रहेगा बाजार? विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आती है और वैश्विक तनाव कम होता है, तो बाजार में तेजी जारी रह सकती है। लेकिन निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Indian stock market surge with Sensex and Nifty showing strong gains on trading screens
शेयर बाजार में जोरदार वापसी: सेंसेक्स 700 अंक उछला, निफ्टी 23,200 के पार

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की। गुरुवार को भारी गिरावट के बाद आज बाजार हरे निशान में खुला। Nifty50 23,200 के ऊपर खुला, जबकि BSE Sensex में 700 अंकों से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में तेजी सुबह 9:16 बजे के आसपास निफ्टी 23,229 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो करीब 227 अंक यानी लगभग 1% की बढ़त है। वहीं सेंसेक्स 74,945 के स्तर पर पहुंच गया, जिसमें करीब 738 अंकों की तेजी दर्ज की गई। यह उछाल गुरुवार की 3% से ज्यादा गिरावट के बाद निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। बाजार में ‘उम्मीद बनाम डर’ का माहौल बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। एक तरफ वैश्विक तनाव और महंगाई की चिंता है, तो दूसरी तरफ राहत की उम्मीद भी दिख रही है। हाल के बयानों से संकेत मिला है कि पश्चिम एशिया में तनाव कुछ कम हो सकता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई है। इसका सकारात्मक असर बाजार पर पड़ा है। किन सेक्टरों में दिखी मजबूती आज के कारोबार में खासकर बैंकिंग, फाइनेंशियल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुवार की गिरावट के बाद इन सेक्टरों में ‘बाउंस बैक’ की संभावना पहले से ही थी, जो अब दिखने लगी है। वैश्विक संकेतों का असर एशियाई बाजारों में भी आज तेजी का माहौल रहा, जिससे भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी बाजारों में सुधार ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मजबूत डॉलर के कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी गुरुवार को विदेशी निवेशकों (FII) ने करीब 7,558 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बना। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,864 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक संभाला। आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो बाजार में और सुधार देखने को मिल सकता है। लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, शुक्रवार की शुरुआत ने यह संकेत जरूर दिया है कि गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी की ताकत मौजूद है, लेकिन आगे का रास्ता अभी भी वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहेगा।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
stock market starts flat
शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, जानें सेंसेक्स-निफ्टी का हाल

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को सपाट खुला। वहीं पिछले दिन शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1470.50  अंक गिरकर 74,563.92 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 488.05 अंक गिरकर 23,151.10 अंक पर बंद हुआ था।आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ खुला। बाजार में उठापटक की स्थिति देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 24.79 अंक चढ़कर 74,588.71 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 29.20 अंक या 23,180.30 अंक पर आ गया।

Anjali Kumari मार्च 16, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0