Stock market update

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Stock Market: शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 200 अंक से अधिक उछला, निफ्टी 24,000 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया है। बीएसई सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक चढ़कर 77,000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 24,000 का स्तर पार कर लिया है। पिछले कारोबारी सत्र में हुई गिरावट के बाद आज बाजार में रिकवरी देखने को मिली है।   बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी   आज के कारोबार में HDFC Bank, Maruti Suzuki और अन्य बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HDFC Bank में प्रबंधन स्तर पर हुए बदलाव और Maruti Suzuki के शेयरों में करीब 3% की तेजी ने बाजार को मजबूती दी है। बैंकिंग इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करता रहा।   वैश्विक संकेतों से मिला सहारा   एशियाई बाजारों में मजबूती, अमेरिकी टेक शेयरों में रिकवरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।   इन शेयरों पर रही खास नजर   आज के कारोबार में HDFC Bank, Bajaj Auto, BPCL, Hindustan Unilever, Tata Motors, JSW Energy, Biocon, BHEL और City Union Bank जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सत्रों में इन शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।   निवेशकों की नजर आगे क्या?   विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों (FII) के निवेश और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि सकारात्मक माहौल बना रहा तो बाजार में तेजी आगे भी जारी रह सकती है।

anjali kumari जून 30, 2026 0
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Stock Market: शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स फिसला

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 29 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त और मिले-जुले रुख के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने के बाद बीएसई सेंसेक्स लाल निशान में फिसल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बने रहने में सफल रहा। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रुख अपनाया, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।   सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 47.96 अंक यानी 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 77,052.51 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 13.55 अंक यानी 0.06 फीसदी की बढ़त के साथ 24,069.55 पर बना रहा। इस दौरान इटरनल और ट्रेंट के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए टॉप गेनर्स की सूची में जगह बनाई।   ईरान-अमेरिका तनाव का बाजार पर असर बाजार की सुस्त शुरुआत के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव रहा। सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली। तेल महंगा होने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिसका असर घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत पर भी दिखाई दिया।   विशेषज्ञों का नजरिया अब भी सकारात्मक हालांकि बाजार की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार की दीर्घकालिक और निकट अवधि की तस्वीर अब भी मजबूत बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहने की संभावना है। उनका मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और भारतीय रुपये में मजबूती बनी रहती है, तो बाजार को आगे भी समर्थन मिलता रहेगा।   वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले संकेत भी निवेशकों के लिए उत्साहजनक रहे। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स करीब 1.9 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे मजबूत रहा। चीन का शंघाई कंपोजिट और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी बढ़त में कारोबार करते दिखे। वहीं, अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी मजबूती दर्ज की गई।   कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि यही बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

anjali kumari जून 29, 2026 0
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The Bonus Market Update: तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 109 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,050 के पार बंद

मुंबई, एजेंसियां। 25 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार का समापन किया। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की खरीदारी से बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ 77,100.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 34.35 अंक चढ़कर 24,056.00 के स्तर पर पहुंच गया।   बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान ऑटो, रियल्टी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और सीमेंट सेक्टर के शेयरों का रहा। खासतौर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति के शेयर करीब 4-4 फीसदी तक उछले, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती दी।   मेटल और मीडिया सेक्टर में दिखी मुनाफावसूली हालांकि बाजार का समग्र रुख सकारात्मक रहा, लेकिन मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसके चलते इन सेक्टरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जबकि अन्य प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी बनी रही।   वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी भारतीय बाजार को समर्थन मिला। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। जापान का टोपिक्स इंडेक्स बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे।   विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी जैसे प्रमुख सेक्टरों में लगातार निवेश यह संकेत देता है कि निवेशकों का भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं पर भरोसा बरकरार है। ऐसे में निकट भविष्य में बाजार का रुख सकारात्मक बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

anjali kumari जून 26, 2026 0
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Stock Market: तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार,सेंसेक्स 544 अंक उछला

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे कारोबारी दिन मजबूत बढ़त दर्ज की। टेक्नोलॉजी और घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर्स में जोरदार खरीदारी के दम पर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। निवेशकों की सकारात्मक धारणा के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी तेजी देखने को मिली।   सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत बढ़त बीएसई सेंसेक्स 544.15 अंक यानी 0.71% की छलांग लगाकर 76,808.48 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 135.25 अंक यानी 0.57% की बढ़त के साथ 23,989.15 पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र है जब भारतीय बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ है, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।   आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में तेजी बाजार की इस तेजी में आईटी सेक्टर ने सबसे अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही मीडिया सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर्स ने भी मामूली बढ़त के साथ बाजार को सहारा दिया। हिंदुस्तान यूनिलीवर और एनटीपीसी के शेयरों में करीब 2% की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट मिला।   कुछ सेक्टर्स में दबाव भी रहा जहां एक ओर बाजार में तेजी रही, वहीं मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और सीमेंट सेक्टर्स में कमजोरी देखने को मिली। इन सेक्टर्स में बिकवाली के दबाव ने बाजार की बढ़त को कुछ हद तक सीमित रखा।   ग्लोबल बाजारों का मिला-जुला रुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आज मिला-जुला रुझान देखने को मिला। एशियाई बाजारों में जापान और हांगकांग में गिरावट रही, जबकि कुछ अन्य इंडेक्स स्थिर रहे। यूरोपीय बाजार भी लगभग सपाट बंद हुए। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू मांग और मजबूत सेक्टोरल सपोर्ट के दम पर बेहतर प्रदर्शन किया।   बाजार में घरेलू मांग का बढ़ता असर विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय बाजार अब वैश्विक सुस्ती के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था और टेक सेक्टर्स के दम पर मजबूती दिखा रहा है। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में भी चुनिंदा सेक्टर्स बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

anjali kumari जून 16, 2026 0
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Stock Market: गिरावट के  साथ शुरू हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 23,200 के नीचे फिसला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स कारोबार के दौरान 700 अंक से अधिक टूटकर 73,597.83 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,200 के नीचे फिसलकर लगभग 23,166.90 पर कारोबार करता दिखा। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक स्तर पर बढ़े जोखिम से बचने के रुझान ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।   आईटी, ऑटो और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली गिरावट का सबसे अधिक असर आईटी, रियल्टी, मेटल और ऑटो सेक्टर पर दिखाई दिया। इन क्षेत्रों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। दूसरी ओर, फार्मा, हेल्थकेयर और मीडिया जैसे डिफेंसिव सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत रहे और उन्होंने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।   रुपये पर भी दबाव विदेशी बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कारण रुपया शुरुआती कारोबार में 17 पैसे कमजोर होकर 95.35 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इससे विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ी।   ग्लोबल बाजारों में घबराहट एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट देखने को मिली। जापान के निक्केई फ्यूचर्स में 4.2 प्रतिशत, टोपिक्स में 2.7 प्रतिशत और हांगकांग के हैंग सेंग में 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। चीन और ऑस्ट्रेलिया के बाजार भी दबाव में रहे। यूरोप में यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स कमजोर रहे, जबकि अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में सीमित बदलाव दिखा।   पश्चिम एशिया तनाव और तेल कीमतों का असर विश्लेषकों के अनुसार, लेबनान और इजरायल से जुड़ी घटनाओं तथा ईरान-इजरायल तनाव ने वैश्विक जोखिम बढ़ाया है। ब्रेंट क्रूड करीब 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे ऊर्जा आयातक देशों के लिए चिंता बढ़ी। साथ ही, अमेरिकी टेक शेयरों की एआई-आधारित रैली कमजोर पड़ने और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा 8,776 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली ने भारतीय बाजार के मनोबल को और कमजोर किया

Unknown जून 8, 2026 0
Indian stock market screens showing Sensex and Nifty volatility amid global geopolitical tensions
पश्चिम एशिया तनाव के बीच शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, शुरुआती गिरावट के बाद संभला सेंसेक्स, इटरनल और टाइटन में तेजी

वैश्विक बाजारों में कमजोर संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को भारी गिरावट के साथ शुरुआत की। हालांकि कारोबार आगे बढ़ने के साथ बाजार ने कुछ हद तक रिकवरी दिखाई और शुरुआती नुकसान की भरपाई करने की कोशिश की। शुरुआत में 500 अंकों से ज्यादा टूटा सेंसेक्स कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 284.51 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,061.66 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 67.25 अंक यानी 0.29 प्रतिशत टूटकर 23,338.35 अंक पर पहुंच गया। हालांकि दिन चढ़ने के साथ खरीदारी लौटने लगी और बाजार में सुधार देखने को मिला। बाद में सेंसेक्स करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। इन शेयरों में दिखी मजबूती शुरुआती कमजोरी के बावजूद कुछ प्रमुख शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इनमें शामिल रहे— इटरनल टाइटन अडानी पोर्ट्स एशियन पेंट्स टेक महिंद्रा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स टीसीएस एनटीपीसी हिंदुस्तान यूनिलीवर इन शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई। इन दिग्गज शेयरों पर रहा दबाव सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 शेयर गिरावट के साथ खुले। सबसे ज्यादा दबाव ट्रेंट पर देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे— ट्रेंट इन्फोसिस एचडीएफसी बैंक बजाज फिनसर्व इंडिगो सन फार्मा कोटक महिंद्रा बैंक एचसीएल टेक व्यापक बाजार का हाल मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी कमजोरी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.22 प्रतिशत की गिरावट निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक में 0.15 प्रतिशत की गिरावट सेक्टोरल सूचकांकों में सूचना प्रौद्योगिकी, रियल्टी और निजी बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखा गया। वहीं दूसरी ओर— उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र तेल एवं गैस क्षेत्र रसायन क्षेत्र में सकारात्मक कारोबार देखने को मिला। रुपये में हल्की मजबूती इस बीच भारतीय मुद्रा में भी मामूली सुधार देखने को मिला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 95.69 के स्तर पर खुला। बाजार में गिरावट की वजह क्या रही? विश्लेषकों के अनुसार बाजार पर सबसे बड़ा दबाव पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का रहा। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हैं, जिसका असर शेयर बाजारों पर दिखाई देता है। इसके अलावा निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों पर भी टिकी हुई है। ब्याज दरों और आर्थिक वृद्धि को लेकर आने वाले फैसले बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में वैश्विक घटनाक्रम बाजार की चाल को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय मजबूत कंपनियों और दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।  

surbhi जून 4, 2026 0
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Stock Market: गिरावट के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत नकारात्मक रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 350 अंक तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इससे बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ती दिखाई दी।   सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा हाल सुबह 9:25 बजे तक सेंसेक्स 302.16 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,965.18 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 105 अंक यानी 0.45 प्रतिशत गिरकर 23,277.60 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के अधिकांश प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर असर पड़ा।   एशियाई बाजारों का भी कमजोर प्रदर्शन भारतीय बाजारों के साथ-साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण अधिकांश एशियाई सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इसका असर घरेलू बाजार की निवेशक धारणा पर भी पड़ा।   रुपये में हल्की मजबूती शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद भारतीय मुद्रा रुपये ने मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे मजबूत होकर 95.03 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।   निवेशकों के लिए संकेत विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों के रुख और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता बरतने और गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जा रही है। लगातार पांच दिनों की गिरावट ने बाजार की कमजोर धारणा को उजागर किया है, हालांकि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह अवसर भी साबित हो सकता है।

Unknown जून 2, 2026 0
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Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, लेकिन दिनभर के कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ने से प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। इसके साथ ही बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज करने में सफल रहा।   सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट कारोबार समाप्त होने पर BSE Sensex 508.40 अंक यानी 0.67 प्रतिशत गिरकर 74,267.34 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 165.16 अंक यानी 0.70 प्रतिशत टूटकर 23,382.60 पर पहुंच गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ी कमी दर्ज की गई। विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 12 पैसे कमजोर होकर 94.97 के स्तर पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।   एचयूएल और श्रीराम फाइनेंस समेत कई शेयरों में कमजोरी दिन के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। Hindustan Unilever Limited और Shriram Finance के शेयरों में करीब तीन प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार की बात करें तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध 2,201 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि केवल 1,151 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। 99 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।   गिरावट के पीछे क्या हैं कारण? विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में जारी कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। दोनों देशों से जुड़े घटनाक्रमों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो रही है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं।   आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल? विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है और विदेशी निवेश की वापसी होती है, तो बाजार में फिर से स्थिरता देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता बरतने और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 1, 2026 0
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Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, 75200 के पार पहुंचा सेंसेक्‍स, निफ्टी भी 100 अंक उछला

मुंबई, एजेंसियां। जून 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने दमदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 440 अंकों की बढ़त के साथ 75,200 के स्तर को पार कर गया, जबकि एनएसई निफ्टी 100 अंकों से अधिक उछलकर 23,650 के करीब पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है और पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी देखने को मिली है।   वैश्विक बाजारों की मजबूती का मिला समर्थन भारतीय बाजार में तेजी का प्रमुख कारण वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख माना जा रहा है। अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मजबूती दर्ज की गई थी, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के चलते घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और खरीदारी का माहौल बना।   बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी सोमवार की तेजी में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा आईटी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी मांग देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली। ऑटो सेक्टर के कई प्रमुख शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।   पिछले सप्ताह की गिरावट से उबरा बाजार शुक्रवार को विदेशी निवेशकों की बिकवाली और MSCI रीबैलेंसिंग के कारण बाजार में दबाव देखा गया था। हालांकि, सोमवार को निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का अवसर देखा, जिससे बाजार ने तेजी से वापसी की। इस रिकवरी ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाने का काम किया है।   आगे किन कारकों पर रहेगी नजर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, मानसून की प्रगति और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। जानकारों के अनुसार, यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रहकर मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 1, 2026 0
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Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, रुपये की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद घरेलू बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान खरीदारी और बिकवाली के बीच जोरदार खींचतान देखने को मिली, लेकिन आखिर में बिकवाली का दबाव भारी पड़ गया।   कारोबारी सत्र के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 141.90 अंक यानी 0.18% गिरकर 75,867.80 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 6.55 अंक यानी 0.03% टूटकर 23,907.15 पर आ गया। हालांकि रुपये में मामूली मजबूती देखने को मिली और डॉलर के मुकाबले यह 95.69 पर स्थिर रहा।   एचडीएफसी बैंक सबसे बड़ा लूजर बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर पर दिखा। HDFC Bank के शेयर करीब 3% तक टूट गए और यह सेंसेक्स का सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। बताया जा रहा है कि ब्याज भुगतान से जुड़ी आंतरिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ी।   ब्रॉडर मार्केट ने दिखाई मजबूती मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद ब्रॉडर मार्केट ने अपेाकृत मजबूत प्रदर्शन किया। कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में पूरी तरह निराशा का माहौल नहीं बना।   इंडिया VIX में गिरावट से राहत बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX करीब 6% गिरकर 15.24 पर आ गया। यह संकेत देता है कि वैश्विक तनाव के बावजूद निवेशकों में बहुत ज्यादा घबराहट नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय तनाव कम नहीं होता और रुपये को मजबूती नहीं मिलती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि ब्रॉडर मार्केट की मजबूती निवेशकों के लिए राहत की बात मानी जा रही है।

Unknown मई 27, 2026 0
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Stock Market: उतार-चढ़ाव के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 479 अंक गिरा, निफ्टी 23900 के करीब

मुंबई, एजेंसियां। BSE Sensex और Nifty 50 में बुधवार को कमजोर शुरुआत देखने को मिली। अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 479 अंक टूटकर 76,009 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 118 अंक गिरकर 23,913 के करीब कारोबार करता दिखा। निवेशकों में भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को लेकर चिंता बनी हुई है।   बैंकिंग और आईटी शेयरों पर दबाव बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों पर देखा गया। HDFC Bank के शेयर करीब 2 प्रतिशत टूट गए। इसके अलावा Infosys, Reliance Industries, Axis Bank और InterGlobe Aviation के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, NTPC, Power Grid Corporation of India और UltraTech Cement के शेयर बढ़त में रहे।   विदेशी बिकवाली से बढ़ा दबाव विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने 2,400 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। वैश्विक निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।   कच्चे तेल की कीमतों पर नजर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 1.5 प्रतिशत गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं तो भारतीय बाजार को कुछ राहत मिल सकती है।   निवेशकों के लिए सतर्कता जरूरी बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

Unknown मई 27, 2026 0
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Stock Market: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 800 अंक चढ़ा; निफ्टी 24 हजार के करीब

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ, जिसका असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 863 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,278 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 256 अंकों की बढ़त लेकर 23,975 के करीब कारोबार करता दिखा। कुछ समय बाद सेंसेक्स 900 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी भी 24 हजार के करीब पहुंच गया।   ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, लार्सन एंड टुब्रो और इंटरग्लोब एविएशन जैसे शेयरों में मजबूत तेजी दर्ज की गई। वहीं टीसीएस और सन फार्मा के शेयरों में हल्की कमजोरी देखने को मिली।   कच्चे तेल में गिरावट बनी बड़ी वजह विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है। ब्रेंट क्रूड करीब 5.5 प्रतिशत टूटकर 97 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। हाल के दिनों में यह 100-105 डॉलर के स्तर पर बना हुआ था। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से तेल बाजार में नरमी आई है।   विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल के दाम घटने से भारत को बड़ा फायदा हो सकता है। इससे महंगाई का दबाव कम होगा, आयात लागत घटेगी और कंपनियों के मुनाफे में सुधार होगा।   वैश्विक बाजारों का भी मिला समर्थन एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया और चीन के बाजार भी बढ़त में रहे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका-ईरान वार्ता सफल रहती है और कच्चे तेल की कीमतें नीचे बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी तेजी जारी रह सकती है।

Unknown मई 25, 2026 0
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Stock Market: हरे निशान पर बंद हुआ  शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार का अंत बढ़त के साथ हुआ। शुरुआती कमजोरी और बिकवाली के दबाव के बावजूद निवेशकों की खरीदारी लौटने से बाजार हरे निशान पर बंद होने में सफल रहा। बीएसई का BSE Sensex 117.54 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,318.39 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का Nifty 50 41 अंक यानी 0.17 प्रतिशत चढ़कर 23,659 पर बंद हुआ।   दिनभर बाजार में रहा दबाव कारोबार की शुरुआत कमजोर रही थी। सेंसेक्स 394 अंकों की गिरावट के साथ 74,806.49 पर खुला, जबकि निफ्टी 160 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,457.25 पर पहुंच गया था। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने शुरुआती कारोबार में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी। विशेषज्ञों के मुताबिक महंगाई को लेकर बढ़ती आशंकाएं और विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भी घरेलू बाजार पर देखने को मिला।   रिलायंस और हिंडाल्को में जोरदार तेजी दिन के कारोबार में कई दिग्गज शेयरों ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई। Reliance Industries के शेयर करीब 3 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए, जबकि Hindalco Industries में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। धातु और ऊर्जा सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।   रुपये में कमजोरी जारी शेयर बाजार में सुधार के बावजूद भारतीय मुद्रा पर दबाव बना रहा। रुपया डॉलर के मुकाबले 13 पैसे कमजोर होकर 96.83 (अस्थायी) पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता रुपये पर दबाव बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।

Unknown मई 20, 2026 0
Stock market investors tracking Sensex and Nifty gains amid rising crude oil prices and weak rupee
Stock Market Update: रुपये में गिरावट और महंगे कच्चे तेल के बीच भी शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला

घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और एशियाई बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। सुबह के कारोबार में BSE Sensex 400 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि NIFTY 50 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बाजार का हाल सुबह 10 बजे तक: सेंसेक्स 348.65 अंक यानी 0.46% बढ़कर 75,747.37 पर पहुंच गया निफ्टी 102.70 अंक यानी 0.43% चढ़कर 23,792.30 पर ट्रेड करता दिखा पिछले सत्र में भी बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई थी। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी? सेंसेक्स में सबसे ज्यादा तेजी इन कंपनियों के शेयरों में देखी गई: Adani Ports and Special Economic Zone Infosys Tata Consultancy Services Power Grid Corporation of India HCL Technologies Tech Mahindra Maruti Suzuki India आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। किन शेयरों में आई गिरावट? दूसरी ओर कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे: State Bank of India Asian Paints UltraTech Cement Reliance Industries इनमें करीब 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। रुपया फिर कमजोर भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शुरुआती कारोबार में 29 पैसे टूटकर 95.93 तक पहुंच गया। कमजोर रुपये का असर आमतौर पर आयात लागत और विदेशी निवेश धारणा पर पड़ता है। कच्चे तेल में फिर तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रही। ब्रेंट क्रूड: 107 डॉलर प्रति बैरल तेजी: 1.22% कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय मानी जाती हैं। विदेशी निवेशकों का रुख बदला विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को: 187 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे यह लगातार सात दिनों की बिकवाली के बाद पहली खरीदारी रही, जिसने बाजार सेंटीमेंट को मजबूत किया। एशियाई बाजारों में दबाव एशियाई बाजारों में गिरावट का माहौल रहा: दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3% से ज्यादा टूटा जापान का निक्केई 1% से ज्यादा गिरा हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी लाल निशान में रहा चीन का शंघाई कंपोजिट हल्की बढ़त में दिखा इसके विपरीत अमेरिकी और यूरोपीय बाजार पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे।  

surbhi मई 15, 2026 0
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Stock Market: हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार हरे निशान पर बंद होने में सफल रहा। पश्चिम एशिया संकट के बाद बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। घरेलू बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दिनभर के कारोबार के बाद हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे। हालांकि, इस दौरान भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 49.74 (0.06%) अंकों की बढ़त के साथ 74,608.98 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 46.46 (0.20%) अंक मजबूत होकर 23,426.00 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 95.80 पर पहुंच गया।

Unknown मई 13, 2026 0
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Stock Market: उतार-चढ़ाव के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता का असर बुधवार, 13 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। शुरुआती कारोबार में तेजी के बावजूद बाजार जल्द ही दबाव में आ गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण इक्विटी बाजारों में चौथे दिन भी कमजोरी बनी रही। BSE Sensex शुरुआती बढ़त के बाद फिसलकर 70.46 अंक (0.09%) की गिरावट के साथ 74,488.78 पर बंद हुआ। वहीं NIFTY 50 में 18.11 अंक (0.08%) की मामूली बढ़त दर्ज हुई और यह 23,397.65 पर पहुंच गया।   विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव बाजार में लगातार बिकवाली का मुख्य कारण ग्लोबल अनिश्चितता और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (risk aversion) रही। निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे इक्विटी बाजार पर दबाव बढ़ा। बैंकिंग और कुछ बड़े सेक्टर्स में भी हल्की कमजोरी देखी गई।   कमोडिटी बाजार में तेज उछाल शेयर बाजार के विपरीत कमोडिटी मार्केट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सरकार द्वारा सोने और चांदी के आयात पर कस्टम ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% करने के फैसले ने कीमतों में भारी उछाल ला दिया। Multi Commodity Exchange of India पर जून 2026 डिलीवरी वाला सोना 9,206 रुपये (6%) बढ़कर 1,62,648 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं चांदी 16,743 रुपये (6%) की तेजी के साथ 2,95,805 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।   आगे का रुख विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक घटनाओं, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

Unknown मई 13, 2026 0
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Stock Market: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भी कमजोरी का सिलसिला जारी रहा। सप्ताह की शुरुआत से जारी गिरावट के बीच निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 525 अंकों से ज्यादा टूटकर 75,489 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 164 अंक गिरकर 23,651 के करीब कारोबार करता दिखा। सोमवार को भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।   पश्चिम एशिया तनाव का असर विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ने के बाद वैश्विक निवेशकों में डर का माहौल है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद बाजार में दबाव और बढ़ गया।   कच्चे तेल और रुपये पर दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे भारतीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। वहीं रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे टूटकर 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की कमजोरी को बढ़ाया। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 8,400 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की।   आईटी और फाइनेंशियल शेयरों में बड़ी गिरावट सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में आईटी और वित्तीय सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। Infosys, Tata Consultancy Services, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक में भारी गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर Bharti Airtel और NTPC Limited के शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।   निवेशकों में बढ़ी चिंता बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

Unknown मई 12, 2026 0
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Stock Market: हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोमवार को मजबूत वापसी देखने को मिली। BSE Sensex 639 अंकों की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ, जबकि Nifty 50 24,050 के स्तर को पार कर गया। इस तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना दिया।   RIL और IT शेयरों में तेजी से बाजार को सहारा दिनभर के कारोबार में Reliance Industries और Wipro के शेयरों में करीब 3% तक की बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार को मजबूती प्रदान की। आईटी सेक्टर में कुछ कमजोर नतीजों के बावजूद आकर्षक वैल्युएशन के कारण निवेशकों की रुचि बनी रही।   मजबूत तिमाही नतीजों से लौटा निवेशकों का भरोसा विशेषज्ञों के अनुसार, चौथी तिमाही के बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों में सुधार से बाजार को समर्थन मिला। अमेरिका-ईरान वार्ता दोबारा शुरू होने की उम्मीद ने भी निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाया। बैंकिंग, एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे घरेलू सेक्टरों ने बाजार की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई।   कच्चे तेल और महंगाई बनी चिंता हालांकि बाजार में तेजी के बावजूद कुछ जोखिम बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जो महंगाई पर दबाव बढ़ा सकती हैं। निवेशक अब Federal Reserve की आगामी ब्याज दर नीति पर नजर बनाए हुए हैं।   आगे की राह पर नजर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत बने रहते हैं, तो बाजार में आगे भी सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है। फिलहाल, निवेशकों के लिए यह राहत की खबर है कि गिरावट का सिलसिला टूट गया है और बाजार ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है।

Unknown अप्रैल 27, 2026 0
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Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां।  गुरुवार, 23 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया। दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा और अंततः प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।   सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट BSE Sensex 852.49 अंक यानी 1.09% गिरकर 77,664 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 205 अंक (0.84%) लुढ़ककर 24,173 पर आ गया। इस गिरावट से निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए और बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया।   गिरावट के पीछे मुख्य कारण विशेषज्ञों के मुताबिक, गिरावट की सबसे बड़ी वजह Brent Crude Oil की कीमतों में उछाल है, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचकर करीब 103 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और Iran-United States के बीच शांति वार्ता में रुकावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी खबरों ने भी बाजार पर दबाव डाला।   सेक्टरवार प्रदर्शन बाजार में लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली। ऑटो और PSU बैंक सेक्टर में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। आईटी और रियल्टी सेक्टर भी कमजोर रहे। हालांकि इस गिरावट के बीच फार्मा सेक्टर ने मजबूती दिखाई और करीब 2% की बढ़त के साथ बंद हुआ।   कमोडिटी और एशियाई बाजारों का हाल कमोडिटी बाजार में भी उतार-चढ़ाव रहा। सोने की कीमत हल्की गिरावट के साथ 1,51,870 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि चांदी 2.53% गिरकर 2,42,072 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही, जहां जापान, हांगकांग और सिंगापुर के प्रमुख सूचकांक गिरावट में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का बाजार बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।

Unknown अप्रैल 23, 2026 0
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Stock Market: लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लुढ़के

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट देखने को मिली, जिससे पिछले तीन दिनों से जारी तेजी थम गई। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आईटी सेक्टर में बिकवाली ने बाजार की दिशा बदल दी। निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल साफ नजर आया। BSE Sensex 756.84 अंक (0.95%) गिरकर 78,516.49 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 198.50 अंक (0.81%) की गिरावट के साथ 24,378.10 पर आ गया। बाजार की शुरुआत ही कमजोर रही और पूरे सत्र में दबाव बना रहा।   गिरावट की मुख्य वजहें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया। Donald Trump के ईरान को लेकर सख्त रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बयान से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया। आईटी सेक्टर में भी भारी बिकवाली देखी गई। कमजोर तिमाही नतीजों और वैश्विक मांग में सुस्ती की आशंका के चलते निवेशकों ने इस सेक्टर से दूरी बनाई। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत रद्द होने की खबरों ने भी बाजार का सेंटीमेंट खराब किया।   मिडकैप और स्मॉलकैप में दिखी मजबूती हालांकि, व्यापक बाजार में कुछ मजबूती देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी जारी रही, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक चुनिंदा अवसर तलाश रहे हैं।   आगे की राह पर नजर विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,500–24,600 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि यह 24,300 के सपोर्ट से नीचे जाता है, तो और गिरावट संभव है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी।

Unknown अप्रैल 22, 2026 0
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Stock Market: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांक BSE Sensex 494.12 अंक गिरकर 78,779.21 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 142.2 अंक टूटकर 24,434.40 पर आ गया। इससे पहले मंगलवार को बाजार में तेज बढ़त दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 753 अंक चढ़कर 79,273 के करीब बंद हुआ था।   आईटी और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली बाजार में गिरावट का मुख्य कारण आईटी और बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली रही। प्रमुख कंपनियों जैसे इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में दबाव देखने को मिला। एचसीएल टेक के कमजोर तिमाही संकेतों के बाद उसके शेयरों में भी करीब 9% की गिरावट दर्ज की गई।   रुपये पर दबाव, 31 पैसे कमजोर विदेशी बाजारों में अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे गिरकर 93.75 पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र था जब रुपया दबाव में रहा।   वैश्विक बाजार और कच्चे तेल का असर एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जबकि अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। कच्चे तेल के वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 98.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही। पश्चिम एशिया में तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने तेल बाजार को प्रभावित किया।   निवेशकों में सतर्कता का माहौल विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और कॉरपोरेट नतीजों की अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। इसके चलते बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

Unknown अप्रैल 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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