Taurus Horoscope

Illustration of the zodiac wheel showing daily horoscope predictions for all 12 zodiac signs on June 9, 2026.
आज आपकी किस्मत देगी साथ या बढ़ेंगी मुश्किलें? पढ़ें 9 जून 2026 का राशिफल

09 जून 2026, मंगलवार को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 8:54 बजे तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि आरंभ होगी। आज चंद्रमा मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। बुध मिथुन राशि में रहकर बुद्धि और संवाद क्षमता को मजबूत बना रहे हैं, जबकि सूर्य वृषभ राशि में स्थित हैं। गुरु और शुक्र की कर्क राशि में युति शुभ फल प्रदान करने वाली मानी जा रही है। वहीं मंगल मेष राशि में ऊर्जा का संचार कर रहे हैं और शनि मीन राशि में चंद्रमा के साथ स्थित हैं। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा। ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा से जानिए आज का राशिफल। मेष राशि आज का दिन कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में दबाव रहेगा, लेकिन आपकी समझदारी आपको सफलता दिलाएगी। खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। प्रेम संबंधों में मतभेद की स्थिति बन सकती है। आंखों और पैरों से जुड़ी समस्याओं के प्रति सतर्क रहें। बड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। वृषभ राशि आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। करियर में सफलता और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ के अवसर बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रेम जीवन में खुशियां रहेंगी और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। निवेश के लिए समय अनुकूल है। मिथुन राशि आज आपको करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारिक साझेदारी में पारदर्शिता बनाए रखें। पुराने मुद्दों को लेकर जीवनसाथी या साथी से चर्चा हो सकती है। तनाव और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। कानूनी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करें। कर्क राशि भाग्य का साथ मिलेगा और नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है। विदेश से जुड़े कार्यों में लाभ के योग हैं। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अच्छी खबर मिल सकती है। धार्मिक या सामाजिक कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। सिंह राशि आज सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सतर्क रहें। बड़े निवेश से बचना बेहतर होगा। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। लंबी यात्रा फिलहाल टालें। कन्या राशि आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। करियर में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। व्यापारिक साझेदारों का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी और विवाह योग्य लोगों के लिए अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। तुला राशि दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहयोग कम मिल सकता है, इसलिए अपने काम पर खुद ध्यान दें। अनावश्यक खर्चों से बचें। प्रेम संबंधों में छोटी-मोटी तकरार संभव है। स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतें और लेन-देन में सतर्क रहें। वृश्चिक राशि आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और व्यापार में लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन रोमांटिक रहेगा। परिवार से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। छात्रों के लिए दिन प्रगति और सफलता का संकेत दे रहा है। धनु राशि आज व्यस्तता अधिक रह सकती है। करियर में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। व्यापार में किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। माताजी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। संपत्ति या वाहन खरीदने का विचार कुछ समय के लिए टालना बेहतर होगा। मकर राशि आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे। व्यापार में लाभ के योग हैं। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। भाइयों और मित्रों का सहयोग मिलेगा और छोटी यात्रा के भी संकेत हैं। कुम्भ राशि आज आर्थिक मामलों में लाभ के योग बन रहे हैं। आपकी वाणी और व्यवहार लोगों को प्रभावित करेंगे। प्रेम संबंधों में बहस से बचें। गले और दांतों से जुड़ी समस्या हो सकती है। आर्थिक लेन-देन सोच-समझकर करें। मीन राशि आज का दिन आपके लिए विशेष रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी क्षमता की प्रशंसा होगी। व्यापार विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। प्रेम जीवन सुखद रहेगा और परिवार का सहयोग मिलेगा। छात्रों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।  

surbhi जून 9, 2026 0
Weekly career and finance horoscope for all zodiac signs from June 1 to 7, 2026
साप्ताहिक आर्थिक और करियर राशिफल (1 से 7 जून 2026): वृषभ और सिंह राशि के लिए शानदार सप्ताह, जानें आपकी राशि का हाल

जून 2026 का पहला सप्ताह करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रहा है। इस सप्ताह चंद्रमा का गोचर धनु, मकर और फिर कुंभ राशि में होगा, जिससे कार्यक्षेत्र, निवेश और वित्तीय निर्णयों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। वहीं 2 जून को गुरु का कर्क राशि में प्रवेश दीर्घकालिक योजनाओं और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने का संकेत दे रहा है। बुध और शुक्र की युति कम्युनिकेशन, नेटवर्किंग और बिजनेस डील्स में सकारात्मक परिणाम दे सकती है। आइए जानते हैं 1 से 7 जून 2026 तक सभी 12 राशियों का साप्ताहिक करियर और आर्थिक राशिफल। मेष राशि यह सप्ताह नई संभावनाएं लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में आपकी सोच स्पष्ट होगी और नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि 4 जून के बाद जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का दबाव रहेगा। आर्थिक मामलों में शुरुआती दिनों में खर्च बढ़ सकता है, लेकिन संपत्ति और घरेलू निवेश से भविष्य में लाभ मिलने के संकेत हैं। वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह सप्ताह भाग्यशाली साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। शिक्षण, मैनेजमेंट और कंसल्टिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें और जोखिम भरे निवेश टालें। सप्ताह के मध्य से वित्तीय योजनाएं मजबूत होंगी। मिथुन राशि व्यापार और साझेदारी के लिए यह सप्ताह बेहद अनुकूल रहेगा। आपकी बातचीत और व्यक्तित्व लोगों को प्रभावित करेगा। हालांकि सप्ताह के मध्य में आर्थिक लेन-देन को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। यात्रा और प्रोफेशनल गतिविधियों पर खर्च बढ़ सकता है, लेकिन भविष्य के लिए बचत के नए अवसर भी मिलेंगे। कर्क राशि कामकाज का दबाव इस सप्ताह थोड़ा अधिक रह सकता है। छोटी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। हालांकि 2 जून के बाद गुरु का आपकी राशि में प्रवेश आत्मविश्वास और करियर ग्रोथ के नए रास्ते खोलेगा। भविष्य में बड़े अवसर मिलने की संभावना बनेगी। पार्टनरशिप वाले कामों में भी सफलता मिल सकती है। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह सप्ताह शानदार रहने वाला है। नेटवर्किंग और संपर्कों के जरिए नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली लोगों को प्रभावित करेगी। आर्थिक मामलों में भविष्य के लिए बचत और निवेश की नई योजनाएं बन सकती हैं। सप्ताहांत में साझेदारी से जुड़े मामलों में लाभ की संभावना है। कन्या राशि यह सप्ताह उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ाने वाला रहेगा। परिवार की किसी चिंता के कारण ध्यान भटक सकता है, लेकिन आपकी योजना और संवाद क्षमता आपको आगे बढ़ाएगी। रचनात्मक और प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है। प्रभावशाली लोगों से संपर्क आर्थिक लाभ दिला सकता है। तुला राशि करियर में प्रगति और पेशेवर संबंधों को मजबूत करने के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। मीटिंग्स, प्रेजेंटेशन और चर्चाओं में आपका प्रदर्शन शानदार रहेगा। हालांकि घर और दफ्तर के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आर्थिक रूप से नौकरीपेशा लोगों को स्थिरता मिलने के संकेत हैं। वृश्चिक राशि यह सप्ताह आर्थिक मजबूती और करियर में प्रगति का संकेत दे रहा है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा और टारगेट हासिल करने में सफलता मिलेगी। पुराने निवेश या साझेदारी से अचानक लाभ हो सकता है। आपकी व्यावहारिक सोच आर्थिक फैसलों को मजबूत बनाएगी। धनु राशि सप्ताह की शुरुआत से ही आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। बड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी मिल सकती है। टीमवर्क और बिजनेस पार्टनरशिप मजबूत होंगे। आर्थिक मामलों में बचत और निवेश की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। सप्ताहांत में नए संपर्कों से लाभ मिलने के योग हैं। मकर राशि शुरुआत में मानसिक तनाव और काम का दबाव महसूस हो सकता है। हालांकि 4 जून के बाद आत्मविश्वास लौटेगा और रुके हुए काम तेजी से पूरे होने लगेंगे। बड़े खर्चों में सावधानी बरतें। बिजनेस पार्टनरशिप में समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। कुंभ राशि सहयोगियों और प्रोफेशनल नेटवर्क से अच्छा सहयोग मिलेगा। आपकी रचनात्मकता और सामाजिक प्रभाव बढ़ेगा। सप्ताह के मध्य में तनाव और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट पर ध्यान दें। सप्ताहांत में चंद्रमा का आपकी राशि में गोचर आपको अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने में मदद करेगा। मीन राशि यह सप्ताह करियर और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर फोकस करने का समय है। कार्यक्षेत्र में आपकी छवि मजबूत होगी। पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण कुछ व्यवधान आ सकते हैं, लेकिन सामाजिक संपर्क और टीमवर्क आपको लाभ पहुंचाएंगे। निवेश और रचनात्मक कार्यों से भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। इस सप्ताह की भाग्यशाली राशियां इस सप्ताह विशेष रूप से वृषभ, सिंह, धनु और वृश्चिक राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। वहीं कर्क और मकर राशि वालों को धैर्य और योजना के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।  

surbhi जून 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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