रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन राज्य के सभी जिलों में अभी तक समान रूप से बारिश नहीं हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 जुलाई के दौरान बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 जुलाई को इन 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 2 जुलाई को राज्य के पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इनमें शामिल हैं— लातेहार लोहरदगा गुमला सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 से 6 जुलाई तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 और 4 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी। 5 जुलाई को राजधानी रांची सहित कई जिलों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं— रांची खूंटी लोहरदगा गुमला पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां सिमडेगा इसके अलावा अन्य जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। रांची में बढ़ा तापमान, जल्द मिलेगी राहत पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। रामगढ़ और बहरागोड़ा में अच्छी बारिश बुधवार को राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— रामगढ़ – 60.5 मिमी कोडरमा – 20 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी चाईबासा – 2 मिमी लोहरदगा – 2 मिमी गुमला – 1 मिमी सरायकेला – 1 मिमी सबसे अधिक वर्षा बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटों में 84.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 1 जुलाई तक झारखंड में कुल 99.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 197.8 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, दुमका ऐसा जिला है जहां सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी गढ़वा और साहिबगंज जिलों में दर्ज की गई है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की गई है।
पटना: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में फिलहाल दो तरह की परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। एक ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं उत्तर और मध्य बिहार के कई इलाकों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करने की अपील की है। इन 14 जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया में आज हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इन जिलों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। इन जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें शामिल जिले हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण शिवहर सीतामढ़ी मधुबनी सुपौल अररिया किशनगंज गोपालगंज सारण सीवान मुजफ्फरपुर वैशाली दरभंगा समस्तीपुर सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार इन इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 25 जून से कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 30 जून तक उत्तर बिहार, सीमांचल और कोसी क्षेत्र में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट के आसार लगातार बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पटना में देर रात हुई झमाझम बारिश राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में बुधवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। करीब 20 मिनट तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
झारखंड में मॉनसून के सक्रिय होने के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, वहीं वज्रपात और एक हादसे में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए 25 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा वर्षा शुक्रवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 18 मिमी बारिश पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में सुबह और शाम के दौरान लगभग 3 मिमी बारिश हुई, जबकि मेदिनीनगर में करीब 2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वज्रपात और हादसों में चार लोगों की मौत मौसम की मार सबसे ज्यादा गढ़वा, गुमला, लातेहार और कोडरमा जिलों में देखने को मिली। गढ़वा के धुरकी थाना क्षेत्र के तेतमा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 18 वर्षीय चंदा कुमारी की मौत हो गई। टेढ़ी हरैया गांव के तौहीद अंसारी घायल हो गए। कोडरमा के डोमचांच क्षेत्र के फुलवरिया गांव में ईंट की दीवार गिरने से 40 वर्षीय आरती देवी की जान चली गई। लातेहार के मारी गांव में वज्रपात से 35 वर्षीय सरोज गंझू की मौत हो गई। गुमला जिले के चिरोडीह गांव में वृद्ध सैबू भोगता की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं पलामू के पाटन साप्ताहिक बाजार में वज्रपात से पांच लोग घायल हो गए। 25 जून तक येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 25 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में: मेघ गर्जन वज्रपात हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाएं चलने की संभावना है। गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में तापमान बढ़ सकता है, जबकि बाकी इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश 1 जून से 19 जून तक झारखंड में केवल 37.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 83.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। तापमान में भी आई गिरावट मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.8 डिग्री कम हुआ। रांची का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसमें 3.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
Jharkhand Weather News: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से राज्य में मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते रांची समेत 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 और 19 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 18 और 19 जून को दोपहर के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। रांची के अलावा खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट राज्य के शेष सात जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां तेज हवा, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं वज्रपात हो सकता है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची का तापमान कैसा रहेगा? मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय मौसम सुहावना होने की संभावना है। 20 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर पूर्वानुमान के मुताबिक 20 जून को भी झारखंड के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जून में सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में 67 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक वर्षा सामान्य से 56 प्रतिशत कम रही। ऐसे में मॉनसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवा के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें। मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
रांची। झारखंड में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार 12 जून को 18 जिलों में बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। विभाग ने 13 जून तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना जताई है। 12 जून को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट शुक्रवार को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और रामगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 14, 15 और 16 जून को भी बारिश का अलर्ट इन जिलो में गर्जन के साथ तेज हवा (50-60 किलोमीटर प्रति घंटा) और वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। 14, 15 और 16 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी झारखंड के कई जिलों में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
रांची: झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में आंधी, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, झारखंड में मानसून के अगले चार दिनों में संताल परगना के रास्ते प्रवेश करने की उम्मीद जताई गई है। बुधवार शाम राजधानी रांची समेत कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के क्षेत्रों में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। 11 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 12 जून को भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, वज्रपात और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, 15 से 17 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के झारखंड में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 जून को 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 11 जून के लिए राज्य के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, वज्रपात होने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिले हैं: रांची खूंटी रामगढ़ धनबाद हजारीबाग कोडरमा गिरिडीह देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। 12 जून को भी जारी रहेगा असर 12 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि ऐसी स्थिति 15 जून तक बनी रह सकती है। मॉनसून की स्थिति क्या है? दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में मॉनसून पहुंच सकता है। झारखंड में मॉनसून का प्रवेश संताल परगना क्षेत्र से होने की संभावना जताई गई है।
भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 17 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश की संभावना है। हालांकि उससे पहले भी अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं और कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। आज इन जिलों में बारिश की संभावना 9 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रामगढ़, बोकारो, रांची, गुमला और खूंटी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 10 जून को इन इलाकों में तेज हवाओं का अनुमान 10 जून को उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 11 और 12 जून से मौसम में बड़ा बदलाव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 11 जून से झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 11 जून को धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में— 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात, और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 जून से अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। 24 घंटे में बढ़ा तापमान बारिश की संभावना के बावजूद सोमवार को राज्य के कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रांची: 37.2°C (2.6 डिग्री की बढ़ोतरी) मेदिनीनगर: 43.1°C (2.2 डिग्री की बढ़ोतरी) जमशेदपुर: 41.3°C (4.5 डिग्री की बढ़ोतरी) बोकारो: 37.1°C (0.6 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा: 40.8°C (4 डिग्री की बढ़ोतरी) हालांकि रामगढ़ में सोमवार को 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। 17 जून तक मॉनसून की दस्तक की उम्मीद मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 17 जून तक मॉनसून झारखंड में प्रवेश कर सकता है। मॉनसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। गुरुवार को तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। राज्य के कई हिस्सों में 5 और 6 जून को बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। बढ़ते तापमान ने बढ़ाई परेशानी गुरुवार को राजधानी Ranchi का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं Medininagar में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। Jamshedpur में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी, हालांकि रात में कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। 5 जून को बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही: वज्रपात की आशंका 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश राजधानी रांची सहित कई जिलों में शाम के समय मौसम सुहावना हो सकता है। 6 जून को भी बारिश के संकेत मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। 7 और 8 जून का पूर्वानुमान 7 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश कई जगहों पर गर्जन के साथ बारिश बादल छाए रहने की संभावना 8 जून पूर्वी और मध्य भागों में वज्रपात की संभावना 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश मानसून के लिए अभी करना होगा इंतजार हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, लेकिन झारखंड पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में मानसून 17 से 20 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते प्रवेश कर सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, जिसका असर पूर्वी भारत के अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है। क्या कह रहे हैं मौसम वैज्ञानिक? मौसम वैज्ञानिक Abhishek Anand के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। हालांकि गरज वाले बादल बनने और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों को बीच-बीच में राहत मिलती रहेगी।
रांची। झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जबकि कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम केंद्र रांची ने 2 जून से 5 जून तक के लिए चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड में मौसम के बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसमी तंत्र काम कर रहे हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के साथ-साथ तमिलनाडु तक फैली ट्रफ लाइन और पाकिस्तान से पश्चिम बंगाल तक गुजर रही दूसरी ट्रफ लाइन का प्रभाव राज्य पर पड़ रहा है। इसके कारण वातावरण में नमी बढ़ी है और बारिश तथा गरज-चमक की स्थिति बन रही है। 5 जून तक जारी रहेगा असर 2 और 3 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है। 4 और 5 जून को भी पूर्वी और मध्य भागों में इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा, धनबाद, देवघर, दुमका, गिरीडीह, गोड्डा और जामताड़ा समेत कई जिलों में इसका असर देखने को मिल सकता है। तापमान में भी रहेगा उतार-चढ़ाव मौसम में बदलाव के बावजूद गर्मी से पूरी राहत मिलने की संभावना नहीं है। रांची में 2 जून को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जो 6 जून तक बढ़कर 37 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री के बीच रहेगा। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, धनबाद, दुमका और पाकुड़ में अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। चाईबासा और पलामू सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल रहेंगे, जहां तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
Jharkhand में आने वाले दिनों में मौसम राहत लेकर आ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राज्य के कई जिलों में 1 जून से 6 जून तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। एक सप्ताह तक बदल सकता है मौसम India Meteorological Department के रांची मौसम केंद्र के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। हालांकि बारिश और बादलों की वजह से तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है। गरज-चमक और वज्रपात का भी खतरा मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। राजधानी Ranchi और आसपास के इलाकों में 2 जून से आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान: खुले मैदानों में जाने से बचें पेड़ों के नीचे खड़े न हों बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें वज्रपात के समय सुरक्षित भवन या घर के अंदर रहें मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखें डालटनगंज रहा सबसे गर्म रविवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान Daltonganj में दर्ज किया गया, जहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान: रांची: 33.0°C जमशेदपुर: 34.4°C बोकारो: 35.5°C देवघर: 33.4°C डालटनगंज: 39.2°C वहीं रांची का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं के कारण सावधानी बरतना भी जरूरी होगा।
झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम अब करवट लेने जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में जहां तेज गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं आने वाले दिनों में बारिश, आंधी और गर्जन की संभावना जताई गई है। Jharkhand के मौसम विज्ञान केंद्र ने पलामू प्रमंडल के जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है, जबकि रांची और संताल परगना समेत कई इलाकों में 25 से 28 मई के बीच मौसम बदलने का अनुमान है। डालटनगंज सबसे गर्म, 44 डिग्री पहुंचा पारा रविवार को Daltonganj राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा: Jamshedpur : 40.5°C Bokaro : 42.1°C Chaibasa : 40°C Ranchi : 39°C अधिकतम, 26.6°C न्यूनतम तापमान राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा, हालांकि बहरागोड़ा में चार मिमी बारिश दर्ज की गई। पलामू-गढ़वा और चतरा में लू का खतरा मौसम विभाग ने Palamu, Garhwa और Chatra सहित उत्तर-पश्चिमी जिलों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। 25 से 28 मई तक बारिश और तेज हवा की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 25 से 28 मई के बीच राज्य के कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विशेष रूप से: 25 मई को संताल परगना क्षेत्र में तेज हवा और वज्रपात की आशंका 26 और 27 मई को कई जिलों में गर्जन के साथ बारिश तेज हवाएं चलने की भी संभावना इस बदलाव से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है। रांची में भी बदलता रहेगा मौसम Ranchi और आसपास के इलाकों में अगले पांच दिनों तक मौसम लगातार बदलता रहेगा। 25 और 27 मई को गर्जन वाले बादल बनने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक राजधानी का अधिकतम तापमान घटकर करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री तक पहुंच सकता है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेते रहें बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें आंधी और वज्रपात के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों
Jharkhand में इस बार मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। मई के महीने में जहां आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है, वहीं इस साल राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान को सामान्य से नीचे बनाए रखा है। मौसम विभाग के मुताबिक 1 मार्च से अब तक राज्य के 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञ इसे क्लाइमेट चेंज का संकेत मान रहे हैं। आने वाले दिनों में भी राहत मिलने के आसार नहीं हैं, क्योंकि 23 मई तक तेज हवा, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। अप्रैल में गर्मी, मई में बदला मौसम मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल की शुरुआत में झारखंड में भीषण गर्मी पड़ी थी और कई जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। मई में ज्यादातर जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा और पूरे राज्य का औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इसी वजह से लोगों को इस बार सामान्य मई जैसी तेज गर्मी महसूस नहीं हो रही है। किन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य के छह जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है: बोकारो हजारीबाग लातेहार रामगढ़ रांची सिमडेगा वहीं चतरा, गढ़वा, लोहरदगा और साहिबगंज में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। 23 मई तक खराब रहेगा मौसम India Meteorological Department के मौसम केंद्र ने अनुमान जताया है कि मई के अंतिम सप्ताह तक मौसम इसी तरह बदला रहेगा। 19 और 20 मई को संताल परगना, मध्य झारखंड, Ranchi और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ बारिश, गर्जन और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक ने दी चेतावनी रांची मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक झारखंड में मौसम का यह बदलता पैटर्न क्लाइमेट चेंज का असर हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले बारिश सामान्य होती थी, लेकिन अब तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। वज्रपात के समय मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने और सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह भी दी गई है।
तेज आंधी और बारिश ने मचाई तबाही Uttar Pradesh में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अलग-अलग जिलों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने की घटनाओं में 96 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और प्रयागराज मंडल के जिलों में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भदोही और प्रयागराज में सबसे ज्यादा मौतें मृतकों में सबसे अधिक 18 लोगों की जान Bhadohi में गई, जबकि Prayagraj में 17 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा मिर्जापुर में 15, फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6, प्रतापगढ़ और बरेली में 4-4 लोगों की जान गई। कई अन्य जिलों में भी मौतों की खबर सामने आई है। गांवों में ज्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों में तेज तूफान के कारण कच्चे मकान और टीन शेड उड़ गए। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ और कई मार्गों पर लंबा जाम लग गया। किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने दिए राहत के निर्देश Yogi Adityanath ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और राहत एजेंसियों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है। गर्मी और तूफान दोनों से परेशान लोग एक तरफ जहां बारिश और आंधी से कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिली, वहीं बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के कई जिले भीषण गर्मी से बेहाल रहे। Banda प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी, हमीरपुर और प्रयागराज में भी तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। रेलवे सेवाएं भी प्रभावित आंधी का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रूट करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। कानपुर होकर गुजरने वाली करीब 22 ट्रेनें प्रभावित हुईं। वहीं प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर भी पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। मौसम विभाग ने दी चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना अभी बनी हुई है।
रांची। देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 19 मई के बीच झारखंड समेत पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। कई इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। झारखंड में 19 मई तक खराब रहेगा मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में 14 से 19 मई तक आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। खासतौर पर 14 से 17 मई के बीच राज्य के उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। दक्षिण भारत और पूर्वी राज्यों में भी असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में 14 मई को बारिश हो सकती है। वहीं केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 14 से 17 मई तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। तेलंगाना में भी 14 और 15 मई को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 16 मई तक तथा गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 14 मई को बारिश का अनुमान है। बिहार में 15 और 17 मई को तथा ओडिशा में 14 और 15 मई को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली में दो दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14 और 15 मई को आंशिक बादल छाए रहेंगे और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हल्की बारिश और गरज-चमक से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन 16 मई से मौसम साफ होते ही तापमान फिर बढ़ने की संभावना है।
Jharkhand में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में 17 मई तक तेज गर्मी के बाद दोपहर और शाम के समय आंधी, वज्रपात और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश और हिमालयी क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके कारण राज्य में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 12 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 12 मई को Ranchi, Khunti, Ramgarh, Hazaribagh, Koderma, Giridih, Dhanbad, Deoghar, Jamtara, Dumka, Godda, Sahibganj और Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। वहीं Palamu और Garhwa को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई को भी खराब रहेगा मौसम 13 मई को भी मौसम का असर कम होने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, West Singhbhum, East Singhbhum, Seraikela, Ramgarh, Bokaro, Dhanbad, Jamtara, Giridih, Deoghar और Dumka में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज हवाओं के साथ आंधी, वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। 14 और 15 मई को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 14 मई को Garhwa, Palamu, Chatra और Latehar को छोड़कर बाकी जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 15 मई को पूरे Jharkhand में आंधी, बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने राज्यभर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों और आम नागरिकों को बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
Jharkhand में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 9 मई को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार Ranchi, Hazaribagh, Ramgarh, Khunti और Bokaro में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट राज्य के अन्य जिलों में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। 14 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 14 मई तक Jharkhand के अधिकांश जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। इस दौरान आकाश में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। कई जिलों में हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Ranchi में करीब 2 मिमी और Jamshedpur में लगभग 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा 25 मिमी बारिश Chaibasa में हुई। इसके अलावा Koderma, Giridih, Deoghar, Jamtara, Godda, Dumka, Pakur और Sahibganj के कई इलाकों में देर रात तेज हवा और बारिश देखने को मिली। रांची के तापमान में गिरावट बारिश और बादलों की वजह से Ranchi के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं Medininagar राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
Jharkhand में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। बीते कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में हुई बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अब मौसम विभाग ने 12 मई तक राज्यभर में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के अलग-अलग जिलों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। सिमडेगा में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा बारिश Simdega में दर्ज की गई। यहां 34.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं Gumla में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि बारिश के बावजूद कई जिलों में तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। Ranchi का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा Medininagar में 36.2 डिग्री सेल्सियस Jamshedpur में 34.8 डिग्री सेल्सियस Bokaro में 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया 7 और 8 मई को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक 7 और 8 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि Garhwa, Chatra, Palamu और Latehar को छोड़कर बाकी इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 12 मई तक बादलों का असर मौसम विभाग ने बताया है कि 12 मई तक राज्य के लगभग सभी जिलों में बादल छाए रहेंगे। 9 और 10 मई को कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है 11 मई को उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश के आसार हैं 12 मई को भी कई इलाकों में हल्की बारिश जारी रह सकती है विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव के कारण लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवा और गरज के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रांची सहित कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन इसके साथ ही जनजीवन भी प्रभावित हुआ। गुरुवार दोपहर बाद करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई जगहों पर पेड़ उखाड़ दिए, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। बारिश के दौरान रांची में लगभग 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। वहीं, वज्रपात की चपेट में आने से बरियातु क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। तापमान में भारी गिरावट, लोगों को मिली राहत अचानक बदले मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में 7.9 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जबकि न्यूनतम तापमान में 6.6 डिग्री की गिरावट देखी गई। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए झारखंड के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। विभाग के अनुसार, राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। अन्य क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। आने वाले दिनों में भी राहत के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 4 मई के बीच राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में हुई बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ ही कई जगहों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आज के लिए राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश से तापमान में गिरावट, मिली राहत राज्य के अलग-अलग जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। खूंटी: 34.5 मिमी बोकारो: 32.4 मिमी रांची: 2.0 मिमी कांके: 12.2 मिमी इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली है। बदले मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें जहां एक ओर बारिश ने राहत दी, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया। बेड़ो क्षेत्र में फसलों को आंशिक नुकसान सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित ओरमांझी के कुकुई गांव में पेड़ की डाल गिरने से दो छात्राएं घायल यह घटनाएं बताती हैं कि अचानक मौसम परिवर्तन के साथ सावधानी बरतना जरूरी है। बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा असर तेज आंधी और बारिश के दौरान कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। नामकुम-सिकिदरी हाई वोल्टेज लाइन ट्रिप हटिया-कांके अंडरग्राउंड केबल पंक्चर इससे कई क्षेत्रों में अस्थायी बिजली कटौती देखने को मिली। इन जिलों में तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और रांची में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और गरज के साथ बारिश हो सकती है।
भीषण गर्मी से जूझ रहे Jharkhand के लोगों के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसके साथ सतर्क रहने की भी जरूरत है। मौसम विभाग ने आज से राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने के संकेत दिए हैं और तेज आंधी, बारिश, मेघ गर्जन व वज्रपात को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज से शुरू होगा बदलाव राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में शुक्रवार दोपहर के बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। 25 अप्रैल: कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में मौसम ज्यादा बिगड़ सकता है। रांची के अलावा गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में: 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा गर्जन और वज्रपात ओलावृष्टि की संभावना इन हालात को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 26 अप्रैल: 9 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी 26 अप्रैल को गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। बाकी जिलों में भी आंधी और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 27 अप्रैल: लगातार तीसरे दिन खराब मौसम 27 अप्रैल को भी Ranchi सहित कई जिलों में खराब मौसम जारी रहने के संकेत हैं। ओलावृष्टि तेज हवा वज्रपात हल्की से मध्यम बारिश कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य में येलो अलर्ट लागू रहेगा। लोगों के लिए जरूरी सलाह आंधी और बिजली के दौरान खुले स्थान पर न रहें पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें मोबाइल पर मौसम अपडेट लगातार चेक करते रहें
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।