Thunderstorm Alert

Jharkhand Weather Today
Jharkhand Weather Today: बारिश से अभी पूरी तरह राहत नहीं, 24 जिलों में गरज-वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में पिछले कई दिनों से जारी बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन आज 20 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल, बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम केंद्र रांची के अनुसार, सुबह के समय कई स्थानों पर बारिश होगी, जबकि बाद में बारिश की गतिविधि में कमी आने और कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है।   छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट   मौसम विभाग ने 20 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जतायी है। इसके अलावा झारखंड के सभी 24 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। इस दौरान करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।   रांची में भी छाए रहेंगे बादल   राजधानी रांची में आज दिनभर बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। सुबह बारिश के बाद इसकी तीव्रता में कमी आ सकती है। हालांकि, गरज-चमक और वज्रपात से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है। रांची का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।   झारखंड में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश   ताजा बारिश के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं राजधानी रांची में बारिश सामान्य से 7 फीसदी अधिक दर्ज की गयी है। कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी ज्यादा रही है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 फीसदी, सिमडेगा में 8 फीसदी, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी और पूर्वी सिंहभूम में 1 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गयी है।   बुधवार को रांची में 0.6 मिमी बारिश हुई, जबकि लोहरदगा में 18 मिमी और मेदिनीनगर में 4 मिमी बारिश दर्ज की गयी।   24 जिलों में ऐसा रहेगा मौसम   रांची, खूंटी, हजारीबाग और रामगढ़ में बादल और बारिश के साथ गरज-वज्रपात की संभावना है। गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और गढ़वा में सुबह भारी बारिश हो सकती है। चतरा, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में बादल छाए रहने के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बादल और हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी हुई है।   आगे कमजोर पड़ेगा बारिश का दौर   मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अगस्त की सुबह के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। 20 से 21 अगस्त के दौरान कई जगहों पर बारिश छिटपुट रहने की संभावना है, लेकिन गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। 20 से 23 अगस्त तक आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गयी है।   मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की अपील की है।

anjali kumari अगस्त 20, 2026 0
Heavy Rain Alert
Weather Alert: 19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, 90 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। 12 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल समेत 19 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।   दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट   राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज भारी बारिश और आंधी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।   उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मौसम बिगड़ेगा   उत्तर प्रदेश के मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाएं चल सकती हैं।   बिहार के पटना, गया, चंपारण, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। यहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।   झारखंड और पहाड़ी राज्यों में बढ़ा खतरा   झारखंड के रांची, पलामू, लातेहार, गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, रामगढ़, हजारीबाग समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अनुमान है। रांची में अधिकतम तापमान करीब 31 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।   उत्तराखंड के नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर सहित कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, बिलासपुर और सिरमौर में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।   जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में भी बारिश   जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी, अनंतनाग, बारामुला, गांदरबल, किश्तवाड़, डोडा, कठुआ और सांबा में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने की संभावना है। पंजाब के कई जिलों में 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। वहीं राजस्थान के बूंदी, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर समेत कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है।   मध्य प्रदेश, बंगाल समेत इन राज्यों में भी अलर्ट   मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, विदिशा, छिंदवाड़ा, कटनी और कई अन्य जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, दार्जिलिंग, नदिया, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर और कलिम्पोंग समेत कई इलाकों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है।   क्यों सक्रिय हुआ मानसून?   मौसम में बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास का चक्रवाती परिसंचरण तथा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अहम माना जा रहा है। इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।   लोगों को बरतनी होगी सावधानी   तेज हवाओं और आंधी के दौरान लोगों को खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसानों और मछुआरों को भी स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
Bihar weather forecast warns of thunderstorms, lightning, strong winds and light rain across 18 districts.
बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 18 जिलों में आंधी-बिजली का अलर्ट; पटना में बादल और हल्की बारिश के आसार

बिहार में मॉनसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर जरूर हुई हैं, लेकिन मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। बुधवार, 12 अगस्त को राज्य के 18 जिलों में आंधी, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इन जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले 24 घंटे के दौरान बिहार के किसी भी हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। 18 जिलों में आंधी और वज्रपात का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरजते बादलों के साथ बिजली चमकने और करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। सीमावर्ती और उत्तर-पूर्वी इलाकों में कुछ जगहों पर बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रह सकती हैं। हालांकि फिलहाल राज्य में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की स्थिति के संकेत नहीं हैं। पटना में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी पटना में बुधवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन तेज या लगातार बारिश की संभावना कम बताई गई है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। ऐसे में बादल छाए रहने के बावजूद लोगों को उमस और गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मॉनसून कमजोर पड़ा तो बढ़ा तापमान मंगलवार को बिहार में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। कई जिलों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुपौल मंगलवार को राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा पटना, समस्तीपुर, नालंदा, वाल्मीकि नगर, छपरा, मोतिहारी, सीवान, वैशाली, अरवल, कैमूर, औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, मुंगेर, मधेपुरा, पूर्णिया और अररिया समेत कई जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। भारी बारिश नहीं, लेकिन बिजली का खतरा बरकरार मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में मॉनसूनी गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। स्थानीय स्तर पर बादल बनने के कारण अचानक आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर किसानों, खेतों में काम करने वाले लोगों और खुले क्षेत्रों में रहने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए और तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। बिहार में आज कैसा रहेगा मौसम? कुल मिलाकर बुधवार को बिहार का मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है। राज्य में भारी बारिश से फिलहाल राहत रहेगी, लेकिन 18 जिलों में आंधी, तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। पटना समेत कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।  

surbhi अगस्त 12, 2026 0
Dark clouds over Patna as Bihar faces thunderstorms, rain and lightning alerts across 12 districts.
बिहार में मौसम ने बदला मिजाज, पटना समेत कई शहरों में छाए काले बादल; 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 15 अगस्त तक चेतावनी

पटना: बिहार में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलता दिखाई दे रहा है। सोमवार सुबह राजधानी पटना समेत आसपास के कई इलाकों में आसमान में घने काले बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए 15 अगस्त तक मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस दौरान बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 12 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और किशनगंज में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। 11 से 15 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 11 अगस्त को दक्षिण और मध्य बिहार के ज्यादातर हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 12 अगस्त को भी राज्य के लगभग आधे हिस्से में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। उत्तर बिहार, सीमांचल और दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में बारिश और आंधी का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। 13 अगस्त को मौसम की गतिविधियां और व्यापक हो सकती हैं। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज, सीवान और सारण को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है। 14 अगस्त को भी उत्तर बिहार, सीमांचल और दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है। वहीं 15 अगस्त को पूरे बिहार के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है। कुछ जिलों में भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में हुई बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मुंगेर, गोपालगंज समेत कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। दूसरी ओर पटना और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि सीमित रहने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। राज्य में अधिकतम तापमान लगभग 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में अभी भी सामान्य की तुलना में करीब 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसके बावजूद राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। इसकी एक बड़ी वजह नेपाल में हो रही भारी बारिश को बताया जा रहा है। नेपाल में लगातार बारिश के कारण बिहार की कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते नदी किनारे बसे इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बारिश कम, लेकिन बाढ़ का खतरा क्यों? बिहार में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, जबकि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश का सीधा असर उत्तर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। नेपाल से निकलने वाली और उत्तर बिहार से गुजरने वाली कई नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम के साथ-साथ नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखना जरूरी होगा। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में काम करने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल बिहार में 15 अगस्त तक मौसम के उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है। अलग-अलग जिलों में अलर्ट की स्थिति बदल सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह पर नजर रखना जरूरी है।  

surbhi अगस्त 10, 2026 0
Heavy rain, strong winds and lightning alert issued across 19 districts of Bihar amid active monsoon conditions
बिहार के 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 40 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा; वज्रपात का भी खतरा

पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को राज्य के 19 जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जबकि हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच नेपाल में हो रही लगातार बारिश ने बिहार की नदियों की चिंता भी बढ़ा दी है। मुजफ्फरपुर में बागमती और पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। इन 19 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका और भागलपुर में मौसम खराब होने की चेतावनी दी है। इन जिलों में बारिश के साथ वज्रपात की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर बिहार में हल्की, मध्य और दक्षिण बिहार में ज्यादा बारिश मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं मध्य और दक्षिण बिहार के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिनभर बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। नेपाल की बारिश से बढ़ी नदियों की चिंता नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बकुची गांव में 12 से अधिक घरों के प्रभावित होने की खबर है। नदी का पानी बढ़ने से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन और स्थानीय स्तर पर जारी सूचनाओं पर नजर रखने की जरूरत है। बगहा में करीब 300 घरों तक पहुंचा गंडक का पानी पश्चिम चंपारण के बगहा में भी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति चिंताजनक है। रिपोर्ट के मुताबिक, दो पंचायतों के करीब 300 घरों में नदी का पानी घुस गया है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासकर नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण रहेंगे। 11 अगस्त तक पटना में बादलों का डेरा पटना में 8 से 11 अगस्त के बीच आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान बारिश भी हो सकती है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटे में पटना और बेगूसराय समेत राज्य के पांच जिलों में बारिश दर्ज की गई। पटना में दिनभर बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। बिहार में अभी भी 35 फीसदी बारिश की कमी मानसून के सक्रिय होने के बावजूद बिहार में बारिश की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक करीब 362.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 560.4 मिलीमीटर है। इस तरह बिहार में अब भी सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, बक्सर और गया जैसे कुछ जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हुई है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो इससे किसानों और जलस्रोतों को राहत मिल सकती है। वज्रपात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान बारिश और वज्रपात के अलर्ट को देखते हुए लोगों को खुले मैदान या अन्य खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित नहीं है। अगर मौसम अचानक खराब होता है तो घर या किसी सुरक्षित पक्के स्थान पर रहना बेहतर है। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। अगले कुछ दिन बिहार के लिए अहम बिहार में मानसून फिलहाल सक्रिय है और आने वाले दिनों में कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। एक ओर यह बारिश राज्य में बनी बारिश की कमी को कम करने में मदद कर सकती है, वहीं दूसरी ओर नेपाल से आने वाले पानी और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में चुनौती बढ़ सकती है।  

surbhi अगस्त 8, 2026 0
Dark monsoon clouds over Bihar as the IMD issues rain, thunderstorm, and lightning alerts for 19 districts.
बिहार के 19 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का अलर्ट, 6 जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी

पटना: बिहार में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राज्य के 19 जिलों के लिए बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में येलो अलर्ट, जबकि छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। इन 13 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने निम्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण गोपालगंज सीवान सारण पटना बेगूसराय जहानाबाद नालंदा शेखपुरा लखीसराय नवादा गया इन 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट इन जिलों में मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है। बक्सर भोजपुर अरवल कैमूर रोहतास औरंगाबाद इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना अधिक है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम? बीते 24 घंटों के दौरान पटना के कुछ हिस्सों सहित जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय और खगड़िया समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे, लेकिन उमस भरी गर्मी से लोगों को खास राहत नहीं मिली। अगले 3 से 4 दिनों में बढ़ेगा बारिश का दायरा मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन से चार दिनों में बारिश का दायरा उत्तर और पूर्वी बिहार की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान उत्तर, मध्य और दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। राजधानी पटना में भी रुक-रुककर बारिश जारी रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने क्या बताया? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। फिलहाल मॉनसूनी ट्रफ बिहार के आसपास सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाओं के कारण लगातार बादल बन रहे हैं। इसी वजह से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आ सकती है।  

surbhi अगस्त 7, 2026 0
Jharkhand weather alert with heavy rain, lightning deaths, strong winds and yellow watch across several districts
Jharkhand Weather Alert: झारखंड में वज्रपात से 6 लोगों की मौत, 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून के सक्रिय रहने के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। रविवार को अलग-अलग घटनाओं में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। इनमें रामगढ़, गिरिडीह, हजारीबाग और पतरातू क्षेत्र के लोग शामिल हैं। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची मौसम केंद्र ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। 4 से 6 अगस्त के बीच कुछ जिलों में 65 से 115 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वज्रपात से 6 लोगों की मौत रविवार को झारखंड के अलग-अलग इलाकों में वज्रपात ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया। रामगढ़ में चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में एक बच्ची की भी बिजली गिरने से जान चली गई। पतरातू क्षेत्र में खेतों में काम कर रही तीन महिलाओं की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हुई। पतरातू प्रखंड के सांकुल गांव में खेत में काम करने के दौरान रेखा देवी (48) और उनकी बेटी रोशनी कुमारी (22) बिजली की चपेट में आ गईं। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं लाताड़ पंचायत के पलानी गांव में खेत में काम कर रही सुलेखा देवी उर्फ सुशांति (30) की भी वज्रपात से मौत हो गई। इसके अलावा विष्णुगढ़ क्षेत्र में एक बच्ची की जान चली गई। रामगढ़ की दोहाकात पंचायत के पारलोलो टोला की रहने वाली प्रमिला देवी (32) की भी बिजली गिरने से मौत होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए बारिश के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगले पांच दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग दिनों पर भारी बारिश की संभावना है। 4 से 6 अगस्त के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में 65 से 115 मिमी तक वर्षा हो सकती है। बारिश के साथ कई जगहों पर मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। तापमान में भी आएगी गिरावट अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। बारिश और तापमान में गिरावट के कारण कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना हो सकता है, लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा। 5 अगस्त को इन इलाकों में बढ़ेगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार 5 अगस्त को भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। 6 अगस्त को रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच 6 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड में एक बार फिर भारी बारिश का दौर लौटने के संकेत हैं। इस दिन मौसम विभाग ने कई जिलों को येलो वॉच पर रखा है। इनमें शामिल हैं: पलामू गढ़वा चतरा लातेहार हजारीबाग कोडरमा रामगढ़ रांची लोहरदगा गुमला खूंटी इन जिलों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या करें? झारखंड में लगातार वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलाशयों के पास खड़े होने से बचें। संभव हो तो तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के भवन के अंदर चले जाएं। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए। मोबाइल फोन पर स्थानीय मौसम चेतावनियों की जानकारी लेते रहें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचें। झारखंड में अगले पांच दिन मौसम रहेगा सक्रिय झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, तो दूसरी ओर वज्रपात, तेज हवा और भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानी भी बढ़ सकती है। 6 अगस्त को रांची समेत 11 जिलों के लिए जारी येलो वॉच को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।  

surbhi अगस्त 3, 2026 0
Jharkhand weather forecast predicts rain in Ranchi and thunderstorms with strong winds until August 4
झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, रांची समेत कई जिलों में 2 अगस्त को बारिश के आसार; 4 अगस्त तक वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट

रांची: झारखंड में अगस्त की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होने वाली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, फिलहाल राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 2 अगस्त को रांची समेत कई जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। शुक्रवार को रांची में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, 1 से 4 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका बनी हुई है। झारखंड में अब तक 26 फीसदी कम बारिश मानसून के इस चरण में झारखंड में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। राज्य में सामान्य बारिश का आंकड़ा 508.2 मिमी है, जबकि अब तक करीब 376.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी राज्य में सामान्य से लगभग 26 फीसदी कम बारिश हुई है। जिलों की बात करें तो पश्चिमी सिंहभूम की स्थिति सबसे बेहतर है, जहां सामान्य से 16 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं रांची में सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश हुई है। गढ़वा, चतरा, देवघर, पाकुड़ और कोडरमा में बारिश की स्थिति सबसे खराब बताई गई है। 1 से 4 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 से 4 अगस्त तक झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह बना रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने और तेज हवाओं के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। बारिश से राहत, लेकिन सावधानी जरूरी राज्य में सामान्य से कम बारिश के बीच अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है। हालांकि, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की जरूरत है।  

surbhi अगस्त 1, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, 22 जिलों में वज्रपात और तेज बारिश की चेतावनी

रांची। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के असर से झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। 29 से 31 जुलाई तक कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।   रांची समेत कई जिलों में तेज बारिश की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण झारखंड के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। रांची समेत राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है।   वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह   बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की गई है।   कई इलाकों में दर्ज हुई भारी बारिश   राज्य के कुछ क्षेत्रों में पहले ही अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मंझारी क्षेत्र में 167.2 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में और बारिश होने की संभावना है।   प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील   भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Bihar weather alert for July 29 2026 with thunderstorms, rain and strong winds across 13 districts
Bihar Weather Alert: बिहार के 13 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, 40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा

Bihar Rain Alert, 29 July 2026: बिहार में बुधवार को मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। पटना समेत आसपास के इलाकों में सुबह से ही काले बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में धूप और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है। शाम के समय कई जगहों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन 13 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका है। तेज हवा की स्थिति में खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना बेहतर होगा। फिर सक्रिय हो सकता है मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दो-तीन दिनों के अंतराल के बाद पटना और आसपास के क्षेत्रों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। उत्तर तटीय ओडिशा और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम प्रणाली का प्रभाव अगले एक-दो दिनों में बिहार के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मंगलवार को उमस के बाद बदला मौसम मंगलवार को पटना में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। हालांकि शाम होते-होते मौसम बदला और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ करीब 10 मिनट तक बारिश हुई। बारिश के बाद चली ठंडी हवा से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मंगलवार को पटना का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री की गिरावट थी। वहीं न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आज पटना में भी बारिश के आसार बुधवार को पटना में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। बारिश होने से शहर में उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग की चेतावनी क्यों जरूरी? बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले स्थान जोखिम भरे हो सकते हैं। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी है।  

surbhi जुलाई 29, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rain is forecast across several districts with IMD weather alert.
झारखंड में फिर सक्रिय होगा मॉनसून, 27-28 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

रांची: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (डिप्रेशन) के प्रभाव से राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 27 से 30 जुलाई के बीच अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का दिखेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। अगले 24 घंटों में इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने तथा 27 जुलाई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के बीच प्रवेश करने की संभावना है। इसी मौसम प्रणाली के कारण झारखंड में मॉनसून दोबारा सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। अगले पांच दिनों तक बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग ने बताया है कि 30 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कई इलाकों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट 27 जुलाई: गुमला, खूंटी, रांची और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई: पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। झारखंड में अब भी 29 प्रतिशत कम बारिश इस मानसून सीजन में झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 26 जुलाई तक राज्य में केवल 325 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 455.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में लगभग 29 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। किसानों के लिए राहत की उम्मीद कम बारिश के कारण राज्य में खरीफ फसलों, खासकर धान की रोपाई प्रभावित हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली व्यापक बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे किसानों को धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों में राहत मिलेगी। हालांकि भारी बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह भी दी गई है।  

surbhi जुलाई 27, 2026 0
Bihar monsoon weather alert showing heavy rain clouds and lightning warning across districts
Bihar Rain Alert: बिहार के 8 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

बिहार में मानसून सक्रिय है, लेकिन पूरे राज्य में बारिश का वितरण समान नहीं है। जहां सीमांचल और उत्तर बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, आज कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना है। लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने सीमांचल और उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना वाले जिले: कटिहार किशनगंज अररिया मधेपुरा ऑरेंज अलर्ट जारी: पूर्णिया सहरसा सुपौल मधेपुरा मौसम विभाग का कहना है कि 16 और 17 जुलाई को भी राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। पटना का मौसम राजधानी पटना में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। पिछले कुछ दिनों से पटना के लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह धूप निकलने के बाद दोपहर तक बादल छाने की संभावना बनी हुई है। आसपास के जिलों में भी मौसम का यही रुख देखने को मिल सकता है। मानसून सक्रिय, लेकिन बारिश असमान मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में मानसून सक्रिय है, लेकिन इसकी गति अपेक्षाकृत धीमी है। यही कारण है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का पैटर्न अलग दिखाई दे रहा है। उत्तर बिहार और सीमांचल में लगातार वर्षा से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। कई नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दक्षिण बिहार में कम बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है और खेती प्रभावित हो रही है। पिछले 24 घंटे का मौसम बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। प्रमुख जिले: बेगूसराय बगहा समस्तीपुर पूर्वी चंपारण पटना के कुछ हिस्से वहीं, बुधवार को राज्य का अधिकतम तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। कैमूर सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोगों के लिए सलाह भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rain, thunderstorms, lightning, and strong winds are forecast across several districts.
Jharkhand Weather Update: 2 जुलाई को 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन राज्य के सभी जिलों में अभी तक समान रूप से बारिश नहीं हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 जुलाई के दौरान बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 जुलाई को इन 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 2 जुलाई को राज्य के पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इनमें शामिल हैं— लातेहार लोहरदगा गुमला सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 से 6 जुलाई तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 और 4 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी। 5 जुलाई को राजधानी रांची सहित कई जिलों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं— रांची खूंटी लोहरदगा गुमला पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां सिमडेगा इसके अलावा अन्य जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। रांची में बढ़ा तापमान, जल्द मिलेगी राहत पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। रामगढ़ और बहरागोड़ा में अच्छी बारिश बुधवार को राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— रामगढ़ – 60.5 मिमी कोडरमा – 20 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी चाईबासा – 2 मिमी लोहरदगा – 2 मिमी गुमला – 1 मिमी सरायकेला – 1 मिमी सबसे अधिक वर्षा बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटों में 84.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 1 जुलाई तक झारखंड में कुल 99.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 197.8 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, दुमका ऐसा जिला है जहां सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी गढ़वा और साहिबगंज जिलों में दर्ज की गई है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की गई है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Bihar as IMD issues heatwave and rain alerts across several districts.
Bihar Rain Alert: बिहार के 14 जिलों में आज लू का खतरा, फिर अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर; IMD ने जारी की चेतावनी

पटना: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में फिलहाल दो तरह की परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। एक ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं उत्तर और मध्य बिहार के कई इलाकों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करने की अपील की है। इन 14 जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया में आज हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इन जिलों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। इन जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें शामिल जिले हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण शिवहर सीतामढ़ी मधुबनी सुपौल अररिया किशनगंज गोपालगंज सारण सीवान मुजफ्फरपुर वैशाली दरभंगा समस्तीपुर सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार इन इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 25 जून से कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 30 जून तक उत्तर बिहार, सीमांचल और कोसी क्षेत्र में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट के आसार लगातार बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पटना में देर रात हुई झमाझम बारिश राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में बुधवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। करीब 20 मिनट तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।  

surbhi जून 24, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as rain and lightning trigger weather-related incidents across the state.
झारखंड में बदला मौसम: वज्रपात और दीवार गिरने से 4 लोगों की मौत, 25 जून तक येलो अलर्ट जारी

झारखंड में मॉनसून के सक्रिय होने के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, वहीं वज्रपात और एक हादसे में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए 25 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा वर्षा शुक्रवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 18 मिमी बारिश पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में सुबह और शाम के दौरान लगभग 3 मिमी बारिश हुई, जबकि मेदिनीनगर में करीब 2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वज्रपात और हादसों में चार लोगों की मौत मौसम की मार सबसे ज्यादा गढ़वा, गुमला, लातेहार और कोडरमा जिलों में देखने को मिली। गढ़वा के धुरकी थाना क्षेत्र के तेतमा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 18 वर्षीय चंदा कुमारी की मौत हो गई। टेढ़ी हरैया गांव के तौहीद अंसारी घायल हो गए। कोडरमा के डोमचांच क्षेत्र के फुलवरिया गांव में ईंट की दीवार गिरने से 40 वर्षीय आरती देवी की जान चली गई। लातेहार के मारी गांव में वज्रपात से 35 वर्षीय सरोज गंझू की मौत हो गई। गुमला जिले के चिरोडीह गांव में वृद्ध सैबू भोगता की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं पलामू के पाटन साप्ताहिक बाजार में वज्रपात से पांच लोग घायल हो गए। 25 जून तक येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 25 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में: मेघ गर्जन वज्रपात हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाएं चलने की संभावना है। गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में तापमान बढ़ सकता है, जबकि बाकी इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश 1 जून से 19 जून तक झारखंड में केवल 37.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 83.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। तापमान में भी आई गिरावट मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.8 डिग्री कम हुआ। रांची का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसमें 3.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।  

surbhi जून 20, 2026 0
Dark clouds and heavy rain over Ranchi as IMD issues orange alert across several districts of Jharkhand.
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 18-19 जून को रांची समेत 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

Jharkhand Weather News: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से राज्य में मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते रांची समेत 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 और 19 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 18 और 19 जून को दोपहर के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। रांची के अलावा खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट राज्य के शेष सात जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां तेज हवा, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं वज्रपात हो सकता है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची का तापमान कैसा रहेगा? मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय मौसम सुहावना होने की संभावना है। 20 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर पूर्वानुमान के मुताबिक 20 जून को भी झारखंड के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जून में सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में 67 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक वर्षा सामान्य से 56 प्रतिशत कम रही। ऐसे में मॉनसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवा के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें। मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

surbhi जून 18, 2026 0
Jharkhand Weather update
12 जून को झारखंड के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं चलेंगी

रांची। झारखंड में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार 12 जून को 18 जिलों में बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। विभाग ने 13 जून तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना जताई है।  12 जून को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट शुक्रवार को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्‌डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और रामगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 14, 15 और 16 जून को भी बारिश का अलर्ट इन जिलो में गर्जन के साथ तेज हवा (50-60 किलोमीटर प्रति घंटा) और वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।   14, 15 और 16 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।   वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी झारखंड के कई जिलों में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

anjali kumari जून 12, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Jharkhand as thunderstorms and heavy rain alerts are issued.
झारखंड में 11 जून से बदलेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट

रांची: झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में आंधी, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, झारखंड में मानसून के अगले चार दिनों में संताल परगना के रास्ते प्रवेश करने की उम्मीद जताई गई है। बुधवार शाम राजधानी रांची समेत कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के क्षेत्रों में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। 11 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 12 जून को भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

surbhi जून 11, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as weather department issues orange alert for multiple districts.
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 11 जून को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, वज्रपात और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, 15 से 17 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के झारखंड में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 जून को 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 11 जून के लिए राज्य के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, वज्रपात होने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिले हैं: रांची खूंटी रामगढ़ धनबाद हजारीबाग कोडरमा गिरिडीह देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। 12 जून को भी जारी रहेगा असर 12 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि ऐसी स्थिति 15 जून तक बनी रह सकती है। मॉनसून की स्थिति क्या है? दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में मॉनसून पहुंच सकता है। झारखंड में मॉनसून का प्रवेश संताल परगना क्षेत्र से होने की संभावना जताई गई है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain and monsoon activity are expected across several districts.
झारखंड में 17 जून तक मॉनसून की एंट्री की संभावना, आज इन जिलों में बारिश के आसार

भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 17 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश की संभावना है। हालांकि उससे पहले भी अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं और कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। आज इन जिलों में बारिश की संभावना 9 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रामगढ़, बोकारो, रांची, गुमला और खूंटी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 10 जून को इन इलाकों में तेज हवाओं का अनुमान 10 जून को उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 11 और 12 जून से मौसम में बड़ा बदलाव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 11 जून से झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 11 जून को धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में— 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात, और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 जून से अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। 24 घंटे में बढ़ा तापमान बारिश की संभावना के बावजूद सोमवार को राज्य के कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रांची: 37.2°C (2.6 डिग्री की बढ़ोतरी) मेदिनीनगर: 43.1°C (2.2 डिग्री की बढ़ोतरी) जमशेदपुर: 41.3°C (4.5 डिग्री की बढ़ोतरी) बोकारो: 37.1°C (0.6 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा: 40.8°C (4 डिग्री की बढ़ोतरी) हालांकि रामगढ़ में सोमवार को 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। 17 जून तक मॉनसून की दस्तक की उम्मीद मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 17 जून तक मॉनसून झारखंड में प्रवेश कर सकता है। मॉनसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  

surbhi जून 9, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand with forecast of rain, thunderstorms and strong winds on June 5-6
झारखंड में गर्मी से मिलेगी राहत, 5-6 जून को बारिश और तेज हवाओं के आसार

Jharkhand Weather Update: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। गुरुवार को तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। राज्य के कई हिस्सों में 5 और 6 जून को बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। बढ़ते तापमान ने बढ़ाई परेशानी गुरुवार को राजधानी Ranchi का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं Medininagar में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। Jamshedpur में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी, हालांकि रात में कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। 5 जून को बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही: वज्रपात की आशंका 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश राजधानी रांची सहित कई जिलों में शाम के समय मौसम सुहावना हो सकता है। 6 जून को भी बारिश के संकेत मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। 7 और 8 जून का पूर्वानुमान 7 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश कई जगहों पर गर्जन के साथ बारिश बादल छाए रहने की संभावना 8 जून पूर्वी और मध्य भागों में वज्रपात की संभावना 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश मानसून के लिए अभी करना होगा इंतजार हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, लेकिन झारखंड पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में मानसून 17 से 20 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते प्रवेश कर सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, जिसका असर पूर्वी भारत के अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है। क्या कह रहे हैं मौसम वैज्ञानिक? मौसम वैज्ञानिक Abhishek Anand के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। हालांकि गरज वाले बादल बनने और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों को बीच-बीच में राहत मिलती रहेगी।  

surbhi जून 5, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh अगस्त 14, 2026 0