Uttar Pradesh

Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath announces expansion of electric bus services across 18 cities.
यूपी कैबिनेट की बड़ी मंजूरी, 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें

  मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 18 शहरों में 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। शहरी परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार, जीसीसी मॉडल पर चलेगी योजना सरकार ने बसों के संचालन के लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल को मंजूरी दी है। इसके तहत निजी कंपनियां बसों की खरीद, संचालन, रखरखाव और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जिम्मेदारी संभालेंगी। आगरा से वाराणसी तक 18 शहर होंगे योजना का हिस्सा योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा-जेवर में इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। यात्रियों को मिलेगी एसी, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा सुविधा नई बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। सरकार का लक्ष्य यात्रा को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और समयनिष्ठ बनाना है। निजी कंपनियां करेंगी संचालन, 12 साल का होगा अनुबंध जीसीसी मॉडल के तहत चयनित ऑपरेटरों को बसों के संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी दी जाएगी। वाणिज्यिक संचालन शुरू होने की तारीख से अनुबंध की अवधि 12 वर्ष तय की गई है। ई-बस खरीद पर सरकार देगी करोड़ों का अनुदान योजना के तहत 12 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बस पर 40 लाख रुपये और 9 मीटर बस पर 35 लाख रुपये प्रति वाहन की दर से अनुदान दिया जाएगा। नगर निगम मुफ्त देंगे डिपो की जमीन बस डिपो और चार्जिंग सुविधाओं के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदूषण घटाने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सरकारी खजाने पर कम पड़ेगा बोझ, निजी निवेश से होगा विकास इस परियोजना में निजी निवेश को शामिल करने से सरकार पर वित्तीय दबाव कम होगा, जबकि आधुनिक परिवहन सुविधाओं का तेजी से विस्तार संभव हो सकेगा। पहले से चल रहीं 743 ई-बसें, अब होगा बड़ा विस्तार वर्तमान में प्रदेश के 15 नगर निगम क्षेत्रों में 743 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। नई योजना के लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े शहरी इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।  

Deepshikha जून 5, 2026 0
Police personnel at encounter site where wanted criminal Kamlesh Bind was killed in Ghazipur
गाजीपुर मुठभेड़ में ढेर हुआ व्यापारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी: पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना

  उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में व्यापारी विनीत राय हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल एक लाख रुपये का इनामी बदमाश कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। वह 29 मई को हुए चर्चित हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि कमलेश कुर्था क्षेत्र में पवहारी बाबा आश्रम के पास छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस और स्वाट टीम ने इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। रोकने पर पुलिस पर की फायरिंग पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा के अनुसार, बुधवार देर रात बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार एक संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आरोपी घायल हो गया। बाद में उसकी पहचान कमलेश बिंद के रूप में हुई। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित मुठभेड़ में घायल होने के बाद कमलेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान स्वाट टीम प्रभारी और सब-इंस्पेक्टर रोहित मिश्रा भी गोली लगने से घायल हो गए। उनके कंधे में गोली लगी है और उनका इलाज जारी है। मौके से हथियार और बाइक बरामद पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक अवैध .32 बोर पिस्तौल, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की जांच की जा रही है। कई गंभीर मामलों में था आरोपी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कमलेश के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, हमला, धमकी और शस्त्र अधिनियम सहित सात आपराधिक मामले दर्ज थे। उसका आपराधिक इतिहास वर्ष 2017 से जुड़ा हुआ था। हत्याकांड के बाद पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों पर इनाम घोषित किया था। कमलेश और मुख्य आरोपी शंकर पांडे पर एक-एक लाख रुपये का इनाम रखा गया था। रंगदारी विवाद में हुई थी व्यापारी की हत्या जांच के अनुसार, 29 मई की रात गाजीपुर के होटल व्यवसायी विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। बताया गया कि चार हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर होटल पहुंचे थे। बीयर खरीदने के बहाने वे होटल के गेट तक पहुंचे और फिर विनीत राय पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जान बचाने के लिए भागते समय भी हमलावरों ने विनीत राय पर कई राउंड फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल व्यापारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य आरोपी अभी भी फरार पुलिस के अनुसार, इस मामले के अन्य आरोपी शंकर पांडे, सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और पुलिस विभिन्न स्थानों पर तलाश अभियान चला रही है।  

Deepshikha जून 4, 2026 0
Young man uses AI to locate 25 ancestral land plots through digital records and mapping tools
AI की मदद से युवक ने खोज निकाली 25 पुश्तैनी जमीनें, वायरल हुई अनोखी कहानी

उत्तर प्रदेश के एक युवक की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस युवक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी 25 पुश्तैनी जमीनों की सटीक लोकेशन खोज निकाली। यह मामला इस बात का उदाहरण बन गया है कि AI अब केवल चैटिंग, कंटेंट लिखने या तस्वीरें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक जीवन की जटिल समस्याओं का समाधान भी कर सकता है। मोहम्मदपुर गांव से जुड़े इस मामले में जाहिद खान नाम के युवक को अपने परिवार की विरासत में मिली जमीनों की सही जानकारी नहीं थी। जमीनें उनके परदादा से दादा, फिर पिता और बाद में उन्हें मिली थीं, लेकिन समय के साथ रिकॉर्ड्स इतने बिखर गए कि उनकी सटीक पहचान करना मुश्किल हो गया। सरकारी रिकॉर्ड्स बने बड़ी चुनौती जाहिद के अनुसार, जमीन से जुड़े दस्तावेज अलग-अलग सरकारी पोर्टलों पर उपलब्ध थे। इनमें तकनीकी शब्दावली और जटिल हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसे समझना आसान नहीं था। इसके अलावा उन्होंने गांव में बहुत कम समय बिताया था, इसलिए जमीनों की वास्तविक स्थिति का भी कोई स्पष्ट अंदाजा नहीं था। हालांकि रिकॉर्ड्स डिजिटल रूप में मौजूद थे, लेकिन उन्हें समझना और आपस में जोड़ना आम व्यक्ति के लिए बेहद कठिन काम था। Claude AI ने संभाली जिम्मेदारी इस समस्या का समाधान निकालने के लिए जाहिद ने AI असिस्टेंट Claude का उपयोग किया। Claude के "Computer Use" फीचर की मदद से AI ने स्वयं सरकारी वेबसाइटों पर जाकर रिकॉर्ड्स खंगालना शुरू किया। AI ने हिंदी ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड का उपयोग करते हुए उनके पिता का नाम दर्ज किया और उससे जुड़े भूमि रिकॉर्ड्स की खोज की। इसके बाद परिवार के नाम पर दर्ज 25 अलग-अलग जमीनों के गाटा नंबर निकाल लिए। जटिल मैपिंग डेटा को बनाया आसान असल चुनौती तब सामने आई जब जमीनों की लोकेशन UTM (Universal Transverse Mercator) कोऑर्डिनेट्स में उपलब्ध थी। सामान्य व्यक्ति के लिए इन आंकड़ों को समझना लगभग असंभव था। लेकिन AI ने इन कोऑर्डिनेट्स को प्रोसेस कर उन्हें सामान्य GPS लोकेशन में बदल दिया। इसके बाद सभी जमीनों की सीमाओं और लोकेशन को जोड़कर एक विस्तृत डिजिटल नक्शा तैयार किया गया। Google Maps पर दिखीं सभी जमीनें AI ने सभी जमीनों की सीमा रेखाओं को पहचानकर KML फाइल तैयार की। इस फाइल को Google My Maps पर अपलोड किया गया, जिससे हर जमीन की सटीक GPS लोकेशन और उसकी सीमा स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी। जाहिद का कहना है कि यदि AI की सहायता नहीं मिलती, तो उन्हें पुराने दस्तावेजों, स्थानीय लोगों और सरकारी कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते। लेकिन AI ने यह पूरा काम बेहद कम समय में आसान बना दिया। सोशल मीडिया पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया जैसे ही जाहिद ने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर साझा की, यह तेजी से वायरल हो गई। हजारों लोगों ने इसे AI के सबसे उपयोगी और व्यावहारिक उपयोगों में से एक बताया। कई यूजर्स का कहना है कि भारत में लाखों लोग जमीन, राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों की जटिल प्रक्रियाओं से जूझते हैं। ऐसे में AI आम नागरिकों के लिए एक बड़ी मदद साबित हो सकता है। तकनीकी विशेषज्ञों का भी मानना है कि भविष्य में AI सरकारी रिकॉर्ड्स, भूमि दस्तावेजों, भाषा संबंधी समस्याओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। AI अब सिर्फ चैटबॉट नहीं यह घटना दर्शाती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल मनोरंजन या कंटेंट निर्माण का साधन नहीं रह गया है। सही तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर यह लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान निकाल सकता है और जटिल डिजिटल सिस्टम्स को आम नागरिकों के लिए आसान बना सकता है।  

surbhi मई 30, 2026 0
Yogi Adityanath addressing event on Uttar Pradesh development and governance achievements in Lucknow
'बदलता उत्तर प्रदेश नई पहचान की ओर बढ़ रहा', योगी आदित्यनाथ ने गिनाईं विकास और सुशासन की उपलब्धियां

नौ वर्षों की उपलब्धियों पर बोले मुख्यमंत्री योगी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ‘UP को बदलने के 9वें वर्ष’ कार्यक्रम में राज्य के विकास मॉडल और सुशासन की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा। लखनऊ में आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने बुनियादी ढांचे, परिवहन, कृषि और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब तेजी से विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और उसकी पहचान राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूत हुई है। सात शहरों में मेट्रो, रैपिड रेल बनी नई ताकत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। उन्होंने दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही देश की पहली नमो भारत रैपिड रेल का जिक्र करते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश की बढ़ती क्षमता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी के कारण व्यापार, रोजगार और निवेश के नए अवसर तेजी से बढ़े हैं। किसानों को निशुल्क पानी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगभग 50 लाख हेक्टेयर भूमि तक किसानों को निशुल्क सिंचाई जल उपलब्ध करा रही है। नहरों के विस्तार और ट्यूबवेल नेटवर्क को मजबूत करने से ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ खेती को अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बनाना है। कानून-व्यवस्था में सुधार का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो लक्ष्य तय किए गए थे, उनके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पिछले नौ वर्षों में किए गए प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और आने वाले समय में राज्य देश की अर्थव्यवस्था में और बड़ी भूमिका निभाएगा।  

surbhi मई 14, 2026 0
Young lawyer dies after jumping from Kanpur court building, suicide note alleges mental harassment
कानपुर कोर्ट से वकील ने लगाई छलांग, सुसाइड नोट में पिता पर गंभीर आरोप

"मेरे शव को पिता छूएं नहीं"– मौत से पहले WhatsApp स्टेटस पर लिखा दर्द उत्तर प्रदेश के कानपुर से बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 24 वर्षीय युवा वकील ने कोर्ट परिसर की इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। मृतक ने आत्महत्या से पहले दो पन्नों का सुसाइड नोट अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने पिता पर बचपन से मानसिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए। पांचवीं मंजिल से कूदकर दी जान पुलिस के अनुसार, युवा वकील प्रियंशु श्रीवास्तव ने गुरुवार को कानपुर कोर्ट की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुसाइड नोट में छलका वर्षों का दर्द प्रियंशु ने अपने नोट में बचपन की कई घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि छह साल की उम्र में आम का जूस पीने पर उनके पिता ने उन्हें निर्वस्त्र कर घर से बाहर निकाल दिया था। इस घटना ने उनके मन पर गहरा असर छोड़ा और जीवनभर हीन भावना से जूझते रहे। "मेरे शव को पिता हाथ न लगाएं" सुसाइड नोट की सबसे मार्मिक पंक्ति थी– "मेरे शव को मेरे पिता छूएं नहीं।" यह पंक्ति उनके भीतर वर्षों से जमा पीड़ा और मानसिक संघर्ष को बयां करती है। पढ़ाई को लेकर भी लगाया दबाव का आरोप प्रियंशु ने 2016 की एक घटना का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि वह फिजिकल एजुकेशन पढ़ना चाहते थे, लेकिन पिता ने उन्हें जबरन कंप्यूटर साइंस लेने के लिए मजबूर किया। मां को परेशान न करने की अपील अपने अंतिम संदेश में प्रियंशु ने पुलिस और परिवार से अनुरोध किया कि उनकी मां को किसी प्रकार की परेशानी न दी जाए। उन्होंने यह भी लिखा कि अपने इस फैसले के लिए वह किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराते। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कोर्ट परिसर के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Chaibasa treasury scam
Chaibasa treasury scam: हजारीबाग और बोकारो के बाद अब चाईबासा में 45 लाख का  ट्रेजरी घोटाला

चाईबासा। झारखंड में कोषागार (ट्रेजरी) से अवैध निकासी के मामलों की कड़ी में एक और नाम जुड़ गया है। इस बार मामला चाईबासा से जुड़ा है, जहां पुलिस विभाग के खातों से करीब 45 लाख रुपये की अवैध निकासी का खुलासा हुआ है। घटना सामने आते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह गड़बड़ी आंतरिक ऑडिट के दौरान पकड़ी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुलिस विभाग के नाम पर फर्जी तरीके से अलग-अलग ट्रांजैक्शन कर रकम निकाली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।   विशेष जांच टीम का गठन पूरे मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें कोषागार, ऑडिट और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं। रांची मुख्यालय से भी ऑडिट टीम को जांच में लगाया गया है, जो पिछले महीनों के वाउचर, चेकबुक और ऑनलाइन लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है।   एक सिपाही हिरासत में, जांच तेज मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गोइलकेरा से एक सिपाही को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि उसी के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन हुए। हालांकि, अभी तक पूरी राशि और जिम्मेदार व्यक्तियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।   निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इतनी बड़ी राशि बिना उचित सत्यापन के कैसे निकाली गई। प्रशासन ने सभी बड़े भुगतानों पर अस्थायी रोक लगा दी है और निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घोटाले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

Unknown अप्रैल 25, 2026 0
Two teenage girls hospitalized after consuming poison in Chitrakoot over Yamuna video incident
यमुना में नहाते समय बनाया वीडियो, घर में डांट पड़ी तो दो किशोरियों ने खाया जहर

चित्रकूट में दर्दनाक घटना, दोनों लड़कियां गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां यमुना नदी में स्नान के दौरान कुछ युवकों द्वारा वीडियो बनाए जाने के बाद मानसिक तनाव में आई दो किशोरियों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। यमुना में नहाते समय बनाया गया वीडियो पुलिस के मुताबिक, दोनों किशोरियां गुरुवार को यमुना नदी में स्नान करने गई थीं। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी तस्वीरें खींचीं और वीडियो बना लिया। इस घटना की जानकारी जब घरवालों को मिली तो उन्होंने लड़कियों को डांट-फटकार लगाई। मानसिक तनाव में उठाया खौफनाक कदम परिवार की डांट से आहत होकर दोनों किशोरियों ने शुक्रवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए बांदा रेफर प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को पहले कर्वी जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है। तीन टीमों का गठन, आरोपियों की तलाश तेज चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई गई हैं। पहली टीम अस्पताल में इलाज पर नजर रख रही है। दूसरी टीम पीड़ित परिवार के संपर्क में है। तीसरी टीम वीडियो बनाने वालों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है। पुलिस ने शुरू की गहन जांच पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वीडियो बनाने वाले लोगों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Delhi–Dehradun Expressway and development visuals
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आज, यात्रा समय घटकर ढाई घंटे

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi मंगलवार को Delhi–Dehradun Expressway का उद्घाटन करेंगे। 213 किलोमीटर लंबा यह छह लेन वाला एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर ₹12,000 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। यह परियोजना Delhi, Uttar Pradesh और Uttarakhand से होकर गुजरती है। अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय वर्तमान छह घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा। परियोजना में 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज, चार प्रमुख पुल और 12 वे-साइड सुविधाओं का निर्माण शामिल है। साथ ही उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली भी स्थापित की गई है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। प्रधानमंत्री उद्घाटन से पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में वन्यजीव गलियारे का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे देहरादून के पास स्थित Jai Maa Daat Kali Temple में पूजा-अर्चना करेंगे और फिर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर जनसभा को संबोधित करेंगे। परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जो एशिया के सबसे लंबे वन्यजीव गलियारों में शामिल है। इसके अलावा आठ पशु मार्ग, हाथियों के लिए 200 मीटर लंबे दो अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है। सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। साथ ही दिल्ली और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने से व्यापार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Jamshid Ghomi accused of exporting sensitive US technology to Iran in sanctions case
दुनिया

अमेरिका में ईरान कनेक्शन का खुलासा, प्रतिबंधित टेक्नोलॉजी सप्लाई के आरोप में CEO गिरफ्तार

Deepshikha जून 4, 2026 0