मुंबई, एजेंसियां। कॉमेडियन समय रैना का चर्चित शो India's Got Latent एक बार फिर वापसी के लिए तैयार है। शो के दूसरे सीजन को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। हाल ही में वायरल हुई एक तस्वीर में बॉलीवुड अभिनेत्री Alia Bhatt शो के सेट पर नजर आई थीं, जिसके बाद फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई है। अब एक सोशल मीडिया यूजर ने दावा किया है कि शो के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट के साथ अभिनेत्री Sharvari भी दिखाई देंगी। इस बार केवल सेलेब्रिटी गेस्ट्स पर रहेगा फोकस वायरल तस्वीर पोस्ट करने वाले यूजर ने एक इंटरव्यू के दौरान शो से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि फोटो वायरल होने के बाद समय रैना ने उन्हें मैसेज कर “शेम” लिखा था। यूजर ने यह भी दावा किया कि इस बार शो में ज्यादातर गेस्ट बॉलीवुड इंडस्ट्री से जुड़े बड़े सेलेब्रिटी होंगे। निर्माताओं का मानना है कि लोकप्रिय चेहरों की मौजूदगी से शो को ज्यादा दर्शक मिलेंगे। बताया जा रहा है कि पहले सीजन में हुए विवादों के बाद इस बार शो की प्रस्तुति और कंटेंट को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। यूजर के अनुसार, शूटिंग के दौरान समय रैना पहले के मुकाबले थोड़े नर्वस भी नजर आए। जल्द शुरू होगा नया सीजन हाल ही में अपने लाइव शो “स्टिल अलाइव” के दौरान समय रैना ने खुद पुष्टि की थी कि India's Got Latent जल्द नए सीजन के साथ वापसी करने वाला है। हालांकि शो की आधिकारिक रिलीज डेट का अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी की संभावित मौजूदगी ने फैंस के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर शो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग नए फॉर्मेट को लेकर उत्साहित हैं, तो कुछ यह जानने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि दूसरे सीजन में क्या बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
टीवी इंडस्ट्री के सबसे पसंदीदा कपल्स में से एक Divyanka Tripathi और Vivek Dahiya के घर खुशियों ने दस्तक दी है। शादी के करीब एक दशक बाद यह स्टार कपल माता-पिता बन गया है। दिव्यांका और विवेक को जुड़वा बेटों का आशीर्वाद मिला है, जिसकी जानकारी खुद विवेक दहिया ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के साथ साझा की। ‘मेरे करण अर्जुन आ गए’, विवेक ने खास अंदाज में दी खुशखबरी विवेक दहिया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्यारा पोस्टर साझा करते हुए जुड़वा बेटों के जन्म की घोषणा की। पोस्टर में दो बच्चों की तस्वीर के साथ लिखा था कि भगवान ने उनकी खुशियों को दोगुना कर दिया है। पोस्ट शेयर करते हुए विवेक ने लिखा कि उनका लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है और अब उनकी जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा खूबसूरत हो गई है। उन्होंने बॉलीवुड अंदाज में खुशी जाहिर करते हुए लिखा, "मेरे करण अर्जुन आ गए"। पहली बार माता-पिता बने दिव्यांका और विवेक दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया ने हाल ही में अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा कर फैंस को सरप्राइज दिया था। इसके बाद दोनों ने कई मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी शॉवर और गोद भराई समारोह की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की थीं। कपल ने अपनी प्रेग्नेंसी की खबर साझा करते हुए बताया था कि शादी के 10 साल बाद उनकी जिंदगी में यह नई खुशियां आई हैं। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय बताया था। प्रेग्नेंसी की खबर पर ऐसा था कपल का रिएक्शन एक इंटरव्यू में दिव्यांका ने बताया था कि जब उन्हें पहली बार प्रेग्नेंसी की जानकारी मिली, तो इस खबर पर विश्वास करने में थोड़ा समय लगा। वहीं विवेक दहिया ने कहा था कि यह एहसास ऐसा था जैसे किसी ने उनकी जिंदगी की कहानी अचानक बदल दी हो। शुरुआत में उन्हें हैरानी हुई, फिर जिम्मेदारियों को लेकर चिंता भी हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह एहसास खुशी में बदल गया। फैंस और सितारे दे रहे बधाई जैसे ही विवेक दहिया ने यह खुशखबरी साझा की, सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया। टीवी इंडस्ट्री के कई सितारों और लाखों फैंस ने कपल को माता-पिता बनने की शुभकामनाएं दीं। दिव्यांका और विवेक की जोड़ी लंबे समय से टीवी दर्शकों की पसंदीदा रही है और अब उनके परिवार में दो नए सदस्यों के आने से फैंस भी बेहद खुश नजर आ रहे हैं। नई जिम्मेदारियों के साथ शुरू हुआ जीवन का नया अध्याय जुड़वा बेटों के जन्म के साथ दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया की जिंदगी का एक नया सफर शुरू हो गया है। शादी के 10 साल बाद मिली इस खुशी ने उनके परिवार और चाहने वालों के बीच उत्साह का माहौल बना दिया है।
Giorgia Meloni ने Narendra Modi की मौजूदगी में हिंदी बोलकर सभी का ध्यान खींच लिया। इटली दौरे के दौरान मेलोनी ने हिंदी में कहा— “परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मेलोनी ने हिंदी में क्या कहा? इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि एक भारतीय शब्द है जो भारत और इटली के रिश्तों को बहुत अच्छी तरह व्यक्त करता है— “परिश्रम”। उन्होंने कहा: “परिश्रम का अर्थ है कड़ी मेहनत। भारत में एक लोकप्रिय कहावत है— परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। यानी मेहनत ही सफलता का रास्ता बनाती है।” मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली अपने संबंधों को इसी सोच और सहयोग के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं। भारत-इटली रिश्तों को मिली नई दिशा भारत और इटली के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। पीएम मोदी ने क्या कहा? संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे थे। मेलोनी से मुलाकात के दौरान उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मिले मोदी अपने इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी ने Sergio Mattarella से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने: व्यापार प्रौद्योगिकी स्वच्छ ऊर्जा संस्कृति और नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। तेजी से बढ़ा भारत-इटली व्यापार इटली में भारतीय दूतावास के मुताबिक, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। साल 2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार लगभग 14.25 अरब यूरो तक पहुंच गया। इसमें: भारत का निर्यात: 8.55 अरब यूरो इटली का भारत को निर्यात: 5.70 अरब यूरो रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो मेलोनी का हिंदी बोलने वाला वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स ने इसे भारत-इटली संबंधों की बढ़ती नजदीकी का प्रतीक बताया है।
रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान प्रेस वार्ता में उन्होंने एक व्यक्ति को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर सख्त लेकिन मजाकिया अंदाज में चेतावनी दी। हालांकि लावरोव की टिप्पणी गंभीर लहजे में शुरू हुई, लेकिन बाद में उन्होंने ऐसा मजाक किया कि वहां मौजूद लोग हंस पड़े। प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ? बताया जा रहा है कि घटना प्रेस वार्ता शुरू होने से ठीक पहले की है। वायरल वीडियो में लावरोव अपनी बात रख रहे थे, तभी उनकी नजर एक ऐसे व्यक्ति पर पड़ी जो मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। इस पर उन्होंने पहले अंग्रेजी में कहा, “क्या आप यहां से थोड़ा हट सकते हैं?” इसके बाद उन्होंने दोबारा कहा, “या तो आप हट जाइए या आपका फोन।” ‘मैं मजाक नहीं कर रहा हूं’ जब संबंधित व्यक्ति ने तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी, तो लावरोव थोड़े सख्त नजर आए। उन्होंने कहा, “क्या आप यहां से जा सकते हैं? मैं मजाक नहीं कर रहा हूं।” वीडियो में इसके बाद लावरोव इधर-उधर देखते दिखाई देते हैं, मानो सुरक्षा कर्मियों या स्टाफ से बात कर रहे हों। फिर आया ‘गन’ वाला मजाक कुछ ही सेकंड बाद लावरोव ने माहौल हल्का करते हुए कहा, “अगर आपने अपना फोन सरेंडर नहीं किया, तो वे बंदूक निकाल लेंगे।” उनकी यह टिप्पणी सुनते ही वहां मौजूद लोग हंस पड़े। सोशल मीडिया पर अब यही क्लिप तेजी से शेयर की जा रही है। सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स ने इसे लावरोव का ‘ड्राई ह्यूमर’ बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे प्रेस कार्यक्रम में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश माना। हालांकि, जिस व्यक्ति को यह टिप्पणी कही गई, उसकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है। BRICS बैठक में शामिल होने भारत आए थे लावरोव सर्गेई लावरोव 14-15 मई को आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आए थे। इस बैठक में Seyed Abbas Araghchi समेत कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक ऐसे समय हुई जब पश्चिम एशिया में तनाव, ईरान संकट और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ी हुई है। सख्त बयानों के लिए जाने जाते हैं लावरोव रूस-यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को लेकर सर्गेई लावरोव अक्सर अपने सख्त और तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। दिल्ली में उनकी यह हल्की-फुल्की लेकिन सख्त टिप्पणी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का नया विषय बन गई है।
कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में बॉलीवुड अभिनेत्री Alia Bhatt के कथित “इग्नोर” किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर जारी ट्रोलिंग के बीच अब अभिनेता Sonu Sood उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी कलाकार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि को आलोचना का विषय नहीं, बल्कि गर्व का अवसर माना जाना चाहिए। ट्रोलिंग के बीच आया सोनू सूद का बयान Sonu Sood ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि जब कोई भारतीय कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करता है, तो यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होता है। उन्होंने लिखा कि हर उपलब्धि को कैमरों, सुर्खियों या बाहरी मान्यता से नहीं आंका जा सकता। असली सफलता उस मेहनत और जर्नी में होती है, जिसे कलाकार ने तय किया है। “गर्व महसूस करना चाहिए, कमियां नहीं ढूंढनी चाहिए” अपने संदेश में Sonu Sood ने ट्रोलिंग मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों को दूसरों की उपलब्धियों में कमियां ढूंढने की बजाय उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने सपनों को पूरा करने में लगे रहते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का समय नहीं होता। क्या है पूरा मामला? दरअसल, Alia Bhatt इस साल दूसरी बार कान फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुईं। रेड कार्पेट से जुड़े कुछ वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि फोटोग्राफर्स ने उन्हें नजरअंदाज किया। कुछ यूजर्स ने इस पर सवाल उठाए, जबकि कई लोगों ने उनके लुक और आत्मविश्वास की तारीफ भी की। आलिया भट्ट का जवाब भी वायरल ट्रोलिंग के बीच Alia Bhatt ने भी एक यूजर को जवाब देते हुए कहा था कि “अफसोस किस बात का, आपने मुझे नोटिस तो किया ही।” उनके इस जवाब को सोशल मीडिया पर आत्मविश्वास और ग्रेस के रूप में देखा जा रहा है। फिल्म फेस्टिवल 23 मई तक चलेगा गौरतलब है कि कान फिल्म फेस्टिवल 2026 की शुरुआत 12 मई को हुई थी और यह 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सितारे रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
Outer Ring Road पर हुआ भीषण एक्सीडेंट K Bharat Kanth और उनके दोस्त G Sai Trilok की हैदराबाद में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा रविवार तड़के शहर के Outer Ring Road (ORR) पर आदिबटला इलाके के पास हुआ। पुलिस के मुताबिक दोनों की उम्र 31 साल थी और वे आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के रहने वाले थे। हादसे के समय वे हैदराबाद की ओर जा रहे थे। कंटेनर से टकराई कार, मौके पर गई जान आदिबटला पुलिस के अनुसार कार चला रहे K Bharat Kanth ने कथित तौर पर वाहन से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद उनकी कार आगे चल रहे या सड़क किनारे खड़े कंटेनर ट्रक से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को आशंका है कि तेज रफ्तार और ड्राइवर की थकान इस दुर्घटना की वजह हो सकती है। फिलहाल मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया और शॉर्ट फिल्मों से मिली थी पहचान K Bharat Kanth तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता, डांसर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर पहचान बना चुके थे। उन्होंने ‘Tenant’ और ‘Gramam’ जैसी फिल्मों और शॉर्ट फिल्मों में काम किया था। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग थी। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 40 हजार फॉलोअर्स और यूट्यूब पर लगभग 30 हजार सब्सक्राइबर थे। सिनेमैटोग्राफर थे Sai Trilok G Sai Trilok डिजिटल और फिल्म प्रोजेक्ट्स में सिनेमैटोग्राफर के तौर पर काम करते थे। वे यूट्यूब पर भी सक्रिय थे और कंटेंट क्रिएशन से जुड़े हुए थे। दोनों की अचानक मौत से तेलुगु मनोरंजन जगत और उनके फैंस में शोक की लहर है।
Blinkit एजेंट के साथ विवाद पर 10 दिन बाद सामने आईं एक्ट्रेस फिल्म Uri: The Surgical Strike में नजर आ चुकीं Riva Arora ने एक डिलीवरी एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक्ट्रेस ने दावा किया कि Blinkit के एक डिलीवरी एजेंट ने उनके और उनके परिवार के साथ बदसलूकी की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यह घटना 26 अप्रैल की बताई जा रही है, लेकिन अब जाकर उन्होंने इस मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। घर के बाहर शुरू हुआ विवाद रीवा अरोड़ा के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की है, जब Blinkit का डिलीवरी एजेंट उनके घर ऑर्डर लेकर पहुंचा। उन्होंने बताया कि शुरुआत से ही एजेंट का व्यवहार रूखा और अनुचित था। एक्ट्रेस ने कहा कि जब उन्होंने एजेंट के रवैये पर प्रतिक्रिया दी तो मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया। उनकी मां निशा अरोड़ा ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि एजेंट लगातार बदतमीजी करता रहा। लिफ्ट में भी जारी रही अभद्रता रीवा ने बताया कि जब उनकी बहन की मुलाकात एजेंट से लिफ्ट में हुई, तब भी वह आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करता रहा। परिवार ने कई बार उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं। एक्ट्रेस के अनुसार, “यह सिर्फ एक बार की टिप्पणी नहीं थी। वह लगातार हमारे लिए अपमानजनक और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल कर रहा था।” मामला बढ़ने पर पुलिस को बुलाया गया रीवा अरोड़ा ने कहा कि बहस पहले घर के दरवाजे पर शुरू हुई और बाद में नीचे तक पहुंच गई। जब एजेंट वहां से जाने की कोशिश करने लगा, तब परिवार ने उसे रोक लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि Mumbai Police मौके पर जल्दी पहुंची और तुरंत कार्रवाई की। फिलहाल मामला संबंधित अधिकारियों के जरिए देखा जा रहा है। Blinkit से भी की गई शिकायत एक्ट्रेस ने यह भी पुष्टि की कि इस मामले में Blinkit के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्तर पर जवाबदेही तय होना भी जरूरी है और वे अब कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही हैं। कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं रीवा अरोड़ा Riva Arora ने कम उम्र में ही कई बड़ी फिल्मों में काम किया है। वह Bharat और Gunjan Saxena: The Kargil Girl जैसी फिल्मों में भी दिखाई दे चुकी हैं।
आईपीएल 2026 में उभरते युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। महज 15 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसने न सिर्फ भारतीय फैंस को रोमांचित किया है, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट का हैरान करने वाला बयान पाकिस्तान के चर्चित क्रिकेट विश्लेषक Dr. Nauman Niaz ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को लेकर बेहद चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह युवा खिलाड़ी बल्लेबाजी कर रहा है, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे उसके बल्ले में “AI चिप” लगी हो। नियाज ने मजाकिया लेकिन हैरानी भरे अंदाज में यह भी कहा कि जैसे खिलाड़ियों का डोपिंग टेस्ट होता है, वैसे ही सूर्यवंशी के बल्ले का भी परीक्षण होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बयान के साथ खिलाड़ी की जमकर तारीफ भी की और उनकी प्रतिभा को “अविश्वसनीय” बताया। पहले ओवर में चार छक्कों से मचा तहलका 25 अप्रैल को IPL 2026 के एक मुकाबले में सूर्यवंशी ने Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मैच की शुरुआत ही तूफानी अंदाज में की। उन्होंने पहले ही ओवर में लगातार चार छक्के जड़कर दर्शकों को हैरान कर दिया। इस दौरान उन्होंने Prafull Hinge की गेंदों पर आक्रामक प्रहार करते हुए मैच का रुख ही बदल दिया। रिकॉर्डतोड़ शतक से बढ़ी चर्चा सूर्यवंशी ने उसी मुकाबले में मात्र 36 गेंदों में शतक जड़ दिया, जो आईपीएल इतिहास के सबसे तेज शतकों में से एक है। इससे पहले भी वह 35 गेंदों में शतक लगाकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनकी यह लगातार धमाकेदार पारियां यह संकेत दे रही हैं कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल सकता है। Virat Kohli से जुड़ी दिलचस्प तुलना डॉ. नियाज ने एक दिलचस्प तथ्य साझा करते हुए कहा कि जब सूर्यवंशी का जन्म हुआ था, तब विराट कोहली विश्व चैंपियन बन चुके थे। यह तुलना इस युवा खिलाड़ी की नई पीढ़ी की ताकत और तेजी से उभरती प्रतिभा को दर्शाती है। क्या सच में संभव है ‘AI चिप’ वाला दावा? विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिकेट में किसी भी तरह की “AI चिप” का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है और तकनीकी रूप से भी ऐसा दावा वास्तविक नहीं माना जाता। इसे अधिकतर खिलाड़ी की असाधारण प्रतिभा को व्यक्त करने के लिए कही गई अतिशयोक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र के Pune से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने शादी के रिश्ते पाने के लिए खुद को पुलिसकर्मी बताकर झूठी कहानी गढ़ ली। लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा दिन नहीं चल सकी और अब उस पर कानूनी कार्रवाई हो रही है। शादी के लिए रची पूरी साजिश 26 वर्षीय ऋषिकेश राजू जाधव, जो पेशे से सब्जी विक्रेता है, ने खुद को पुलिस में चयनित दिखाने के लिए शहरभर में पोस्टर और फ्लेक्स बैनर लगवा दिए। इतना ही नहीं, उसने पुलिस की वर्दी पहनकर अपनी तस्वीरें खिंचवाईं और उन्हें व्हाट्सऐप स्टेटस पर भी साझा किया, ताकि लोगों को उसकी “नौकरी” पर यकीन हो जाए। पुलिस के अनुसार, वह शादी न होने से परेशान था और इसी कारण उसने यह झूठा नाटक रचा। जांच में खुली पोल मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने शहर में अवैध पोस्टर और बैनरों के खिलाफ अभियान चलाया। इसी दौरान अधिकारियों की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी, जिनमें युवक खुद को पुलिसकर्मी बताता दिख रहा था। जांच के बाद पता चला कि वह Maharashtra Police में चयनित नहीं हुआ था, बल्कि लोगों को गुमराह कर रहा था। बचपन से था पुलिस बनने का सपना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवक बचपन से ही पुलिस में भर्ती होना चाहता था और उसने कई बार कोशिश भी की, लेकिन ऊंचाई की शर्त पूरी न होने के कारण चयन नहीं हो सका। इसी बीच परिवार ने उसकी शादी के लिए रिश्ते ढूंढने शुरू किए, जिससे वह दबाव में आ गया और अपनी मां से झूठ बोल दिया कि उसकी नौकरी लग गई है। मिठाई बांटी, घर के बाहर लगाया बैनर अपने झूठ को सच साबित करने के लिए उसने मोहल्ले में मिठाई तक बांटी और घर के बाहर बड़ा बैनर भी लगवाया, जिस पर पुलिस का लोगो और उसकी “भर्ती” की बधाई लिखी गई थी। अब कानूनी कार्रवाई फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक सेवक की पहचान का दुरुपयोग करने का मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि कोई भी व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी न कर सके।
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक हृदय रोग विशेषज्ञ के अनोखे ऑफर ने सामाजिक और राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश कुमार हाजरा ने घोषणा की है कि जो भी मरीज उनकी क्लीनिक में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाएगा, उसे फीस में 500 रुपये की छूट दी जाएगी। मरीजों में दिखा उत्सुकता का माहौल डॉ. हाजरा के इस ऐलान के बाद कुछ मरीज इस ऑफर का लाभ लेने उनकी क्लीनिक पहुंचने लगे हैं। इस अनोखी पहल ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, यह ऑफर जितना चर्चा में है, उतना ही विवादों में भी घिर गया है। चिकित्सा नैतिकता पर उठे सवाल इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे चिकित्सा पेशे की नैतिकता के खिलाफ बताते हुए कहा कि डॉक्टरों को बिना किसी भेदभाव के सभी मरीजों का इलाज करना चाहिए। धार्मिक या राजनीतिक नारे के आधार पर छूट देना डॉक्टरों की शपथ के विपरीत है। डॉक्टर का पक्ष विवाद बढ़ने के बीच डॉ. हाजरा ने अपनी सफाई में कहा कि वे नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से प्रेरित हैं। उनके अनुसार, ‘जय श्रीराम’ अब सिर्फ धार्मिक नारा नहीं रहा, बल्कि एक सामाजिक और राजनीतिक प्रतीक बन चुका है। बढ़ती राजनीतिक बहस इस घटना ने एक बार फिर धर्म, राजनीति और पेशेवर नैतिकता के बीच संतुलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर कुछ लोग इसे व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे पेशे की गरिमा के खिलाफ मान रहे हैं।
रांची। फिल्म धुरंधर 2 की जबरदस्त सफलता के बीच एक्ट्रेस सारा अर्जुन चर्चा में बनी हुई हैं। फिल्म में उनके प्रदर्शन को दर्शकों ने सराहा है और इसी के साथ बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने मजबूत पकड़ बनाई है। बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब 1,052 करोड़ रुपये और दुनियाभर में लगभग 1,653 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है, जिससे यह साल की बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई है। महाकाल मंदिर में की पूजा-अर्चना फिल्म की सफलता के बाद सारा अर्जुन उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी हिस्सा लिया। इस दौरान वह भावुक नजर आईं और अपने अनुभव को खास बताया। भावुक होकर शेयर किया अनुभव मंदिर दर्शन के बाद सारा ने कहा कि उनके पास इस अनुभव को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने इसे जीवन का बेहद खास और सुखद क्षण बताया। फिल्म में निभाया अहम किरदार धुरंधर 2 में सारा अर्जुन ने यालिना जमाली का किरदार निभाया है, जो रणवीर सिंह द्वारा निभाए गए हमजा की पत्नी हैं। यह फिल्म उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस अपनी पहचान मजबूत की है। मजबूत स्टार कास्ट के साथ बड़ी सफलता फिल्म में अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म की सफलता के बाद सारा का यह आध्यात्मिक दौरा उनके करियर के खास पलों में शामिल हो गया है।
दुनिया में पहली बार एक ऐसा लग्जरी बैग सामने आया है, जिसे दावा किया जा रहा है कि यह T-Rex (डायनासोर) के कोलेजन से बने लेदर से तैयार किया गया है। फिलहाल यह अनोखा बैग एम्सटर्डम के Artis Zoo Museum में प्रदर्शित है और 11 मई के बाद इसकी नीलामी होगी। कितनी है कीमत? शुरुआती बोली: 5 लाख डॉलर (₹4 करोड़+ लगभग) यानी यह बैग सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि अल्ट्रा-लक्जरी कलेक्टर आइटम बन चुका है। कैसे बना “डायनासोर लेदर”? यह सुनने में जितना फिल्मी लगता है, प्रक्रिया उतनी ही साइंटिफिक है: T-Rex के फॉसिल से कोलेजन (protein) के छोटे टुकड़े निकाले गए इन्हें लैब में दूसरे जानवर की कोशिकाओं में डाला गया नया कोलेजन तैयार किया गया फिर उसे प्रोसेस करके लेदर में बदला गया यानी यह बैग सीधे डायनासोर की स्किन से नहीं, बल्कि लैब-ग्रोउन (Lab-grown) लेदर से बना है किसने बनाया यह प्रोजेक्ट? यह अनोखा प्रोजेक्ट तीन कंपनियों के सहयोग से बना: The Organoid Company VML (क्रिएटिव एजेंसी) Lab Grown Leather Ltd. ये वही टीम है जिसने पहले मैमथ DNA से मीटबॉल बनाकर सुर्खियां बटोरी थीं। क्यों है इतना खास? “डायनासोर कनेक्शन” इसे यूनिक बनाता है एथिकल (जानवरों को नुकसान नहीं) लेदर का विकल्प फ्यूचर फैशन और बायोटेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन वैज्ञानिकों के सवाल हर कोई इस दावे से सहमत नहीं है: कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि डायनासोर कोलेजन सिर्फ छोटे-छोटे टुकड़ों में मिलता है इससे असली लेदर जैसा मजबूत मटेरियल बनाना मुश्किल यह “T-Rex लेदर” ज्यादा कॉन्सेप्ट या मार्केटिंग भी हो सकता है क्या आप लगाएंगे बोली? यह बैग सिर्फ एक फैशन आइटम नहीं, साइंस + लक्जरी + इनोवेशन का मेल है लेकिन सवाल यही है: क्या आप ₹4 करोड़ देकर “डायनासोर टच” वाला बैग खरीदना चाहेंगे?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।