नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद मैदान पर उतर सकती हैं। सेमीफाइनल मुकाबले में चोटिल होने के बाद उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि विश्व कप जैसे बड़े मुकाबले में पेरी को खेलने का मौका मिल सकता है। ऑस्ट्रेलिया की हेड कोच शेली नित्शके ने गुरुवार को कहा कि पेरी की फिटनेस पर अंतिम फैसला मैच से ठीक पहले लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम की स्टार खिलाड़ी हर हाल में फाइनल का हिस्सा बनना चाहती हैं और किसी भी भूमिका में टीम की मदद करने के लिए तैयार हैं। सेमीफाइनल में चोटिल होकर लौटी थीं पवेलियन एलिस पेरी वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में बल्लेबाजी के दौरान जांघ की मांसपेशियों में परेशानी महसूस होने पर रिटायर्ड हर्ट हो गई थीं। चोट के कारण उन्हें बीच पारी में मैदान छोड़ना पड़ा, जिसके बाद उनकी उपलब्धता पर संशय पैदा हो गया। हेड कोच शेली नित्शके ने बताया कि सेमीफाइनल के बाद टीम ने अभ्यास नहीं किया है, इसलिए उनकी फिटनेस पर अभी कोई नया मेडिकल अपडेट उपलब्ध नहीं है। 'विश्व कप फाइनल में खिलाड़ियों को अलग नजरिए से देखते हैं' जब शेली नित्शके से पूछा गया कि क्या पेरी पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद फाइनल खेल सकती हैं, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हां, यह संभव है। एलिस पेरी टीम के लिए किसी भी तरह योगदान देना चाहती हैं, चाहे बल्लेबाजी हो, फील्डिंग हो या विकेटों के बीच दौड़ना। विश्व कप फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में खिलाड़ियों की उपलब्धता को सामान्य मैचों से अलग नजरिए से देखा जाता है।" कोच के इस बयान से साफ है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक को किसी भी कीमत पर फाइनल से बाहर नहीं रखना चाहती। युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन की भी हुई तारीफ शेली नित्शके ने युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन की भी जमकर सराहना की। हालांकि हैमिल्टन अब तक पूरे टूर्नामेंट में एक भी विकेट हासिल नहीं कर सकी हैं, लेकिन उनकी कसी हुई गेंदबाजी ने टीम को कई मौकों पर फायदा पहुंचाया है। उन्होंने 11 ओवर में सिर्फ 4.45 की इकॉनमी से रन दिए हैं। भारत के खिलाफ पावरप्ले में उनकी गेंदबाजी की विशेष रूप से तारीफ हुई थी, जबकि सेमीफाइनल में भी उन्होंने दबाव के बीच शानदार नियंत्रण बनाए रखा और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। फिर से विश्व चैंपियन बनने की कोशिश ऑस्ट्रेलिया ने 2023 में दक्षिण अफ्रीका को हराकर महिला टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद टीम किसी भी आईसीसी विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलिया 2024 के टी20 विश्व कप और 2025 के वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था। अब टीम के पास एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने का मौका है। फाइनल में उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा और सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि एलिस पेरी पूरी तरह फिट हुए बिना भी मैदान पर उतरती हैं या नहीं। अगर पेरी खेलती हैं तो उनका अनुभव और बड़े मैचों का दबाव झेलने की क्षमता ऑस्ट्रेलिया के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
बर्गेनस्टॉक (स्विट्जरलैंड): अमेरिका और ईरान के बीच रविवार (21 जून) को स्विट्जरलैंड में शुरू हुई बहुप्रतीक्षित वार्ता की शुरुआत ही तनावपूर्ण माहौल में हुई। बातचीत शुरू होने से पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित संयुक्त फोटो सेशन और हाथ मिलाने के कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके कुछ देर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई की नई चेतावनी पर नाराजगी जताते हुए ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक स्थल से बाहर निकल गया। इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में हुई पहली बैठक अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का पहला दौर स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में आयोजित किया गया। बैठक में अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। पाकिस्तान और कतर इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। यह वार्ता हाल ही में हुए 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (MoU) के तहत शुरू हुई है, जिसके अनुसार अगले 60 दिनों तक दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत होगी। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जानी है। हाथ मिलाने और फोटो सेशन से ईरान का इनकार ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और आयोजकों ने बातचीत शुरू होने से पहले दोनों पक्षों के नेताओं के बीच हाथ मिलाने और संयुक्त फोटो सेशन की व्यवस्था की थी। ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ तथा विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। दोनों नेता निर्धारित फोटो सेशन से पहले ही बैठक कक्ष से बाहर निकल गए। कैमरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कमरे से बाहर निकलने से ठीक पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से संक्षिप्त बातचीत की। इसके बाद वह अचानक मुड़े और पूरे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कक्ष से बाहर चले गए। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिससे वार्ता की शुरुआत में ही दोनों पक्षों के बीच मौजूद अविश्वास और तनाव उजागर हो गया। ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी नाराजगी सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई संबंधी हालिया बयान ने ईरानी पक्ष की नाराजगी बढ़ा दी। ईरान का मानना है कि कूटनीतिक बातचीत के दौरान इस तरह की सार्वजनिक चेतावनियां वार्ता के माहौल को प्रभावित करती हैं और आपसी भरोसे को कमजोर करती हैं। आगे की बातचीत पर दुनिया की नजर शुरुआती तनाव के बावजूद दोनों पक्षों के बीच वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई है। मध्यस्थ देशों पाकिस्तान और कतर की कोशिश है कि बातचीत का अगला दौर सकारात्मक माहौल में आगे बढ़े। विशेषज्ञों का मानना है कि स्विट्जरलैंड में शुरू हुई यह वार्ता पश्चिम एशिया की राजनीति, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
नई दिल्ली: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने भारतीय टीम की सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर दी है। पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराकर शानदार शुरुआत करने वाली टीम इंडिया तीसरे मुकाबले में प्रोटियाज टीम के सामने टिक नहीं सकी। अब सिर्फ एक हार ने ग्रुप-1 के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। ग्रुप-1 में कैसी है स्थिति? ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया लगातार तीन जीत के साथ शीर्ष पर है। भारत ने तीन मैचों में दो जीत हासिल की हैं और फिलहाल दूसरे स्थान पर मौजूद है। दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के अंक समान हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण अफ्रीकी टीम को बढ़त हासिल है। वहीं पाकिस्तान और नीदरलैंड्स की लगातार तीन हार के बाद उनकी नॉकआउट की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं। भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता? आईसीसी के नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्रुप से सिर्फ दो टीमें ही नॉकआउट चरण में पहुंचेंगी। भारत को अब अपने बचे हुए मुकाबले बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने हैं। अगर भारतीय टीम बांग्लादेश को हराने में सफल रहती है लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार जाती है, तो उसके कुल 6 अंक होंगे। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के सामने बांग्लादेश और नीदरलैंड्स जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं। यदि प्रोटियाज टीम दोनों मुकाबले जीत लेती है, तो वह 8 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह बना सकती है और भारत बाहर हो सकता है। हालांकि अगर ऑस्ट्रेलिया अपने आगामी मैचों में हारती है या अन्य परिणाम भारत के पक्ष में जाते हैं, तो टीम इंडिया के लिए उम्मीदें बनी रह सकती हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच का हाल भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने अनुभवी बल्लेबाज मारिजाम काप की शानदार 81 रन की पारी की बदौलत लक्ष्य को 5 गेंद शेष रहते और 6 विकेट से हासिल कर लिया। मैच के दौरान राधा यादव ने मारिजाम काप के दो अहम कैच छोड़े, जब वह 27 और 66 रन के निजी स्कोर पर थीं। यही चूक अंत में भारतीय टीम पर भारी पड़ गई। अब टीम इंडिया के लिए हर मुकाबला करो या मरो जैसा बन गया है और सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए अगले मैचों में जीत बेहद जरूरी होगी।
खेल में जीत और हार दोनों ही एक खिलाड़ी के सफर का हिस्सा होती हैं, लेकिन कई बार हार का दर्द भावनाओं पर इतना भारी पड़ता है कि उसे छिपा पाना मुश्किल हो जाता है। महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मुकाबले के बाद ऐसा ही एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डगआउट में रोती नजर आईं डार्सी कार्टर 18 जून को खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने स्कॉटलैंड को 7 रन से हराया। मैच के अंतिम क्षणों में कैमरा स्कॉटलैंड की बल्लेबाज डार्सी कार्टर की ओर गया, जहां वह डगआउट में बैठकर आंसू पोंछती हुई नजर आईं। उस समय स्कॉटलैंड को जीत के लिए 8 गेंदों में 17 रन की जरूरत थी, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। हार करीब देखकर डार्सी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं और फूट-फूट कर रोने लगीं। करीब 14 सेकंड का यह वीडियो क्रिकेट प्रशंसकों को भावुक कर रहा है। शानदार पारी के बावजूद नहीं दिला सकीं जीत डार्सी कार्टर का दर्द इसलिए भी ज्यादा था क्योंकि उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए पूरा प्रयास किया था। 154 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने शानदार 59 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। स्कॉटलैंड की टीम निर्धारित 20 ओवर में 146 रन ही बना सकी और मुकाबला 7 रन से हार गई। टूर्नामेंट में स्कॉटलैंड की पहली हार महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड की यह पहली हार रही। टीम ने अपने पहले मैच में आयरलैंड को 40 रन से हराकर शानदार शुरुआत की थी। ग्रुप-2 की पॉइंट्स टेबल में स्थिति ग्रुप-2 में इंग्लैंड दो मैचों में दो जीत के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। वेस्टइंडीज भी दो जीत के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि स्कॉटलैंड तीसरे स्थान पर मौजूद है। पहला स्थान – इंग्लैंड दूसरा स्थान – वेस्टइंडीज तीसरा स्थान – स्कॉटलैंड चौथा स्थान – श्रीलंका पांचवां स्थान – न्यूजीलैंड छठा स्थान – आयरलैंड हालांकि हार के बावजूद स्कॉटलैंड की टीम के पास सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने का मौका अभी भी बरकरार है।
कोलकाता: 21 जून को कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई हुई। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि कार्यक्रम की तैयारियों के चलते रेड रोड बंद रहने की अवधि में आम लोगों और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस कार्यक्रम के मद्देनजर 14 जून से रेड रोड के कुछ हिस्सों को बंद किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (AILU) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कार्यक्रम समाप्त होते ही रेड रोड खोलने का निर्देश मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि योग दिवस कार्यक्रम समाप्त होने के तुरंत बाद रेड रोड को आम जनता के उपयोग के लिए फिर से खोलने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। अदालत ने कहा कि जब तक सड़क बंद रहती है, तब तक आम नागरिकों और याचिकाकर्ताओं के लिए वैकल्पिक मार्गों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। वकीलों ने उठाया आवाजाही में परेशानी का मुद्दा याचिकाकर्ता संगठन की ओर से कहा गया कि रेड रोड बंद होने के कारण वकीलों और अन्य लोगों को अदालत आने-जाने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने तर्क दिया कि सड़क को इतने लंबे समय तक बंद रखना उचित नहीं है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने दलील दी कि कोलकाता पुलिस आयुक्त के पास किसी सड़क को इतने लंबे समय तक बंद रखने का अधिकार नहीं है। उन्होंने सड़क बंद करने संबंधी अधिसूचना को रद्द करने की मांग की। तीन सप्ताह में राज्य सरकार से हलफनामा मांगा मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सड़क बंद करने के आदेश की वैधता को चुनौती दिए जाने का संज्ञान लिया और राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ताओं को भी सरकार के जवाब पर प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी। रक्षा मंत्रालय को भी बनाया जाएगा पक्षकार जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने याचिकाकर्ताओं को रक्षा मंत्रालय को भी मामले में प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि रेड रोड भारतीय सेना की पूर्वी कमान की भूमि पर स्थित है, इसलिए इस मामले में रक्षा मंत्रालय का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। सरकार का पक्ष: कोलकाता से दुनिया को जाएगा योग का संदेश राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) बिल्वदल भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम पश्चिम बंगाल सरकार और आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से "कोलकाता से पूरी दुनिया को योग और भारत की सांस्कृतिक विरासत का संदेश जाएगा।" ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजन क्यों नहीं? कोर्ट ने पूछा सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा कि आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने से बचाने के लिए कार्यक्रम रेड रोड की बजाय ब्रिगेड परेड ग्राउंड में क्यों नहीं आयोजित किया गया। इस पर राज्य सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि इलाके में कई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न हो। सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि याचिकाकर्ता संगठन के सदस्यों सहित आम नागरिकों की आवाजाही को यथासंभव सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए महिला टी20 विश्व कप के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले की सबसे बड़ी नायिका स्टार ओपनर स्मृति मंधाना रहीं, जिन्होंने दबाव भरी परिस्थितियों में शानदार अर्धशतक जड़कर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। एक छक्के से बदला मुकाबले का पूरा रंग भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती नौ ओवरों में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स के विकेट जल्दी निकाल लिए। रन बनाने में संघर्ष कर रही भारतीय टीम पर दबाव बढ़ता जा रहा था। इसी दौरान 10वें ओवर में स्मृति मंधाना ने क्रीज से बाहर निकलकर लंबा छक्का जड़ा, जिसने मैच की दिशा बदल दी। इसके बाद उन्होंने स्पिन गेंदबाजों पर लगातार आक्रामक शॉट खेलते हुए चौके-छक्कों की बरसात की और शानदार अर्धशतक पूरा किया। उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी से पाकिस्तान की गेंदबाजी रणनीति पूरी तरह बिखर गई। ऋचा घोष ने दिलाई मजबूत फिनिश मंधाना के आउट होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने अंतिम ओवरों में तेज रन बटोरते हुए भारत का स्कोर 170 रन तक पहुंचा दिया। चुनौतीपूर्ण लक्ष्य ने पाकिस्तान पर अतिरिक्त दबाव बना दिया। दीप्ति और श्री चरनी ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर 171 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने पावरप्ले में 52 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की। हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। दीप्ति शर्मा और श्री चरनी ने मध्यक्रम को लगातार झटके देकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से पाकिस्तान की पूरी टीम दबाव में आ गई और लक्ष्य से काफी दूर रह गई। मैच के बाद पाकिस्तान के मुख्य कोच वहाब रियाज ने स्वीकार किया कि स्मृति मंधाना की आक्रामक बल्लेबाजी ने उनकी पूरी रणनीति को विफल कर दिया। भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पर यादगार जीत दर्ज की।
रांची। झारखंड की उभरती महिला क्रिकेटर कुमारी पलक भगत का चयन भारतीय अंडर-19 महिला टी20 और वनडे टीम में किया गया है। वह आगामी श्रीलंका दौरे में भारतीय टीम का हिस्सा होंगी। पलक के चयन से रांची समेत पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है। ओरमांझी की रहने वाली पलक भगत रांची की पहली अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर बनने जा रही हैं। इससे पहले रांची को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नक्शे पर पहचान दिलाने का श्रेय पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को जाता है। अब पलक महिला क्रिकेट में शहर का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं। आसान नहीं रहा पलक का सफर मूल रूप से देवघर की रहने वाली पलक बचपन में अपनी मां के साथ रांची आ गई थीं। उनके पिता नहीं हैं, लेकिन उनकी मां ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनकी परवरिश और क्रिकेट के सपने को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। पलक ने लगातार मेहनत और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है। पलक की इस सफलता के पीछे उनके कोच पंचित महतो का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने शुरुआती दिनों से ही पलक की प्रतिभा को निखारने का काम किया और उन्हें बेहतर मंच दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पलक की हर उपलब्धि पर पंचित महतो लगातार नजर रखते रहे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे। पलक ने पेश की मिसाल भारतीय अंडर-19 टीम में चयन के साथ पलक भगत ने झारखंड की बेटियों के लिए एक नई मिसाल पेश की है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि राज्य की युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। अब सभी की निगाहें श्रीलंका के खिलाफ होने वाली श्रृंखला में उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली 2-1 की हार के बाद स्वीकार किया है कि आगामी टी20 वर्ल्ड कप में टीम की सफलता काफी हद तक उनकी और ओपनिंग पार्टनर शेफाली वर्मा की शुरुआत पर निर्भर करेगी। मंधाना ने माना कि इंग्लैंड सीरीज में दोनों बल्लेबाज टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रहीं, लेकिन वर्ल्ड कप से पहले इस कमी को दूर करने के लिए वे कड़ी मेहनत करेंगी। इंग्लैंड सीरीज में नहीं चला ओपनिंग जोड़ी का बल्ला तीन मैचों की टी20 सीरीज में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की ओपनिंग साझेदारियां क्रमशः 19, 27 और 0 रन की रहीं। दोनों बल्लेबाज अच्छी लय में नजर आईं, लेकिन बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं हो सकीं। सीरीज के बाद मंधाना ने कहा कि वह और शेफाली टीम को तेज और मजबूत शुरुआत देने की जिम्मेदारी समझती हैं। "मैं और शेफाली गेंद को अच्छी तरह टाइम कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से टीम के लिए बड़ी पारियां नहीं खेल पाए। हम नेट्स में वापस जाएंगे, और ज्यादा मेहनत करेंगे तथा एक मजबूत ओपनिंग जोड़ी के रूप में वापसी करेंगे।" उन्होंने कहा कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में वर्ल्ड कप से पहले खेलने का अनुभव टीम की तैयारियों के लिए काफी अहम साबित होगा। वर्ल्ड कप से पहले भारत को मिले सकारात्मक संकेत हालांकि भारत सीरीज हार गया, लेकिन टीम को कई सकारात्मक संकेत भी मिले। चोट से वापसी करने वाली यस्तिका भाटिया शानदार फॉर्म में दिखीं और 119 रन बनाकर सीरीज की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। वहीं निर्णायक मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 40 गेंदों में नाबाद 56 रन की शानदार पारी खेली। जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा ने भी बल्लेबाजी में अच्छा योगदान दिया। मंधाना ने हरमनप्रीत की तारीफ करते हुए कहा कि जब कप्तान अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में होती हैं तो उन्हें बल्लेबाजी करते देखना किसी आनंद से कम नहीं होता। गेंदबाजी पर करना होगा काम निर्णायक मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 रन का मजबूत स्कोर बनाया था। जवाब में इंग्लैंड एक समय 38 रन पर 3 विकेट गंवाकर मुश्किल में था, लेकिन एलिस कैप्सी और हीथर नाइट की 137 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। मंधाना ने माना कि भारतीय गेंदबाज दबाव बनाने में नाकाम रहे और भविष्य में इस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टीम अब गेंदबाजी योजनाओं और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति पर दोबारा काम करेगी ताकि वर्ल्ड कप में ऐसी गलतियां दोहराई न जाएं। भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर क्या बोलीं मंधाना? टी20 वर्ल्ड कप में भारत अपना पहला मैच 14 जून को बर्मिंघम में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर मंधाना ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच को अलग से प्रचारित करने की जरूरत नहीं होती। उनके अनुसार, यह मुकाबला अपने आप में इतना बड़ा है कि स्टेडियम हमेशा दर्शकों से भर जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में भारतीय प्रशंसक टीम का समर्थन करने पहुंचेंगे। वर्ल्ड कप में भारत की चुनौती भारत को ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स के साथ रखा गया है। टीम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच भी खेलेगी। भारतीय टीम का लक्ष्य पिछले साल वनडे विश्व कप जीतने के बाद अब पहली बार महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करना होगा।
जमशेदपुर। जमशेदपुर के मानगो स्थित आजादनगर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ओल्ड पुरुलिया रोड नंबर-1 पर सड़क किनारे खड़ी एक यात्री बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही मिनटों में पूरी बस धू-धू कर जलने लगी। आग की ऊंची लपटों और धुएं के गुबार को देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए और तत्काल पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा बिजली विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर में बस जलकर हुई खाक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस रोजाना की तरह रात में ड्यूटी समाप्त होने के बाद सड़क किनारे खड़ी की गई थी। बुधवार सुबह अचानक बस से धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। जब तक दमकल की टीम मौके पर पहुंचती, तब तक बस लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। आग बुझाने के बाद बस का केवल लोहे का ढांचा ही बचा रह गया। बिजली व्यवस्था भी हुई प्रभावित बस में लगी आग की चपेट में पास का बिजली पोल और बिजली के तार भी आ गए। आग की गर्मी और लपटों से बिजली के उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके कारण आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। घटना के बाद बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षति का आकलन शुरू किया। विभाग के कर्मचारी जल्द से जल्द बिजली बहाल करने में जुटे हुए हैं। बड़ा हादसा टला, नहीं हुई कोई जनहानि राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय बस में कोई यात्री या चालक मौजूद नहीं था। इसके कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग आसपास की दुकानों और रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच सकती थी, लेकिन समय रहते दमकल कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। आग लगने के कारणों की जांच शुरू घटना के बाद आजादनगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या फिर इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व की भूमिका है। फिलहाल अधिकारियों ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड दौरे पर बड़ा झटका लगा है। तीन मैचों की टी20 सीरीज के निर्णायक मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 6 विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार अर्धशतकीय पारी के बावजूद भारतीय टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी और टांटन में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने 9 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। हरमनप्रीत की कप्तानी पारी भी नहीं बचा सकी टीम टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद प्रभावशाली नहीं रही, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 40 गेंदों में नाबाद 56 रन बनाए और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यस्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने भी 32-32 रनों का उपयोगी योगदान दिया। वहीं जेमिमा रोड्रिग्स ने अंतिम ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंदों पर 29 रन जोड़े। इन पारियों की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 180 रन बनाए। 38 रन पर 3 विकेट के बाद भी इंग्लैंड ने पलटा मैच 181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने सिर्फ 38 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है। लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हीथर नाइट ने भारतीय गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार साझेदारी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कैप्सी ने सिर्फ 43 गेंदों में 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर अनुभवी बल्लेबाज हीथर नाइट ने 42 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए और अंत तक टिककर टीम को जीत दिलाई। उनकी पारी में 10 चौके शामिल थे। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 184 रन बनाए और मैच के साथ-साथ सीरीज पर भी कब्जा जमा लिया। भारतीय गेंदबाजों ने किया निराश भारत की हार का सबसे बड़ा कारण गेंदबाजी रही। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कुल छह गेंदबाजों का इस्तेमाल किया, लेकिन अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ के अलावा कोई भी गेंदबाज प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहा। रेड्डी और क्रांति ने दो-दो विकेट लेकर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई, लेकिन बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। इसी का फायदा उठाकर कैप्सी और नाइट ने मैच भारत की पकड़ से छीन लिया। सीरीज का निर्णायक मोड़ एक समय इंग्लैंड मुश्किल में दिखाई दे रहा था, लेकिन एलिस कैप्सी और हीथर नाइट की शानदार बल्लेबाजी ने भारतीय टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भारत के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि 180 रन का स्कोर टी20 क्रिकेट में अक्सर जीत दिलाने वाला माना जाता है। इंग्लैंड ने इस जीत के साथ न सिर्फ मैच जीता बल्कि तीन मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली।
टॉनटन में होगा सीरीज का निर्णायक मुकाबला India Women's National Cricket Team और England Women's Cricket Team के बीच खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। सीरीज 1-1 की बराबरी पर है और आज खेला जाने वाला तीसरा मुकाबला ट्रॉफी का फैसला करेगा। भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur की अगुवाई वाली टीम सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि मेजबान इंग्लैंड भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर खिताब अपने नाम करना चाहेगा। दूसरे मैच की हार भुलाकर उतरेगा भारत सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। हालांकि दूसरे टी20 में टीम को निराशा हाथ लगी। 169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय 70/1 की मजबूत स्थिति में थी, लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने के कारण जीत हाथ से निकल गई। अब निर्णायक मुकाबले में टीम उस हार को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहेगी। इन खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज Smriti Mandhana और Shafali Verma से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी। इसके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर और मध्यक्रम की बल्लेबाजों की भूमिका भी बेहद अहम रहने वाली है। महिला टी20 विश्व कप से पहले यह सीरीज टीम संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर भी मानी जा रही है। कब और कहां खेला जाएगा मैच? मैच: भारत महिला बनाम इंग्लैंड महिला, तीसरा टी20 तारीख: 2 जून 2026 समय: रात 11:00 बजे (भारतीय समयानुसार) टॉस: रात 10:30 बजे स्थान: Cooper Associates County Ground कहां देखें लाइव मैच? क्रिकेट प्रशंसक इस मुकाबले का सीधा प्रसारण Sony Sports Network पर देख सकते हैं। वहीं ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग SonyLIV ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अहम मुकाबला महिला टी20 विश्व कप से पहले दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत जहां विदेशी परिस्थितियों में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम तलाश रहा है, वहीं इंग्लैंड घरेलू मैदान पर अपनी मजबूत दावेदारी साबित करना चाहेगा। ऐसे में टॉनटन में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ सीरीज जीतने का नहीं, बल्कि आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए आत्मविश्वास हासिल करने का भी अवसर होगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।