वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, समृद्धि, प्रेम और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है। 26 मार्च 2026 को शुक्र का मेष राशि में गोचर होने जा रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ और लाभकारी साबित हो सकता है। आर्थिक उन्नति और सफलता के बन रहे योग इस गोचर के दौरान कई जातकों के लिए आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। करियर में तरक्की, व्यापार में विस्तार और निवेश से लाभ के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, प्रेम संबंध और दांपत्य जीवन में भी मधुरता बढ़ने की संभावना है। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। इन 4 राशियों पर रहेगा विशेष प्रभाव मिथुन मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय खुशियों से भरा रहेगा। पारिवारिक विवाद सुलझने के संकेत हैं और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। इंटरव्यू और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की प्रबल संभावना है। संतान पक्ष से भी सुखद समाचार मिल सकता है। कर्क कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर बेहद शुभ रहेगा। विरोधियों पर विजय मिलने के योग हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। पारिवारिक संपत्ति विवाद सुलझ सकते हैं और घर में मांगलिक कार्यों की संभावना है। संतान सुख के योग भी बन रहे हैं। सिंह सिंह राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिलेगा। लंबे समय से चल रहे विवाद खत्म हो सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। परीक्षा, इंटरव्यू या प्रतियोगिता में सफलता के संकेत हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। मकर मकर राशि के लोगों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। पारिवारिक मतभेद खत्म होंगे और रिश्ते मजबूत होंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मेहनत का फल मिलेगा और करियर में सफलता के योग बनेंगे। संतान से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। ज्योतिषीय महत्व शुक्र गोचर को जीवन में सुख-सुविधाओं, प्रेम और आर्थिक स्थिति से जोड़कर देखा जाता है। इस गोचर के प्रभाव से जहां कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलेगा, वहीं अन्य राशियों को भी जीवन में छोटे-बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
आज का दिन कई राशियों के लिए रहेगा खास 9 मार्च 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार कई लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक आज का दिन खास तौर पर उन लोगों के लिए लाभदायक रहेगा जो धैर्य और समझदारी से निर्णय लेते हैं। आज Scorpio, Pisces और Cancer राशि के जातकों के लिए सफलता के अच्छे संकेत हैं। वहीं Aries, Leo और Sagittarius राशि वालों को आज कुछ मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मेष राशि (Aries) पॉजिटिव: आज आपकी इच्छाशक्ति मजबूत रहेगी और कठिन विषयों को समझने की क्षमता बढ़ेगी। नेगेटिव: सामाजिक संबंधों में कुछ तनाव महसूस हो सकता है, जिससे मन थोड़ा परेशान रह सकता है। करियर: काम में तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी से समाधान निकल जाएगा। लव: रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी, लेकिन पार्टनर पर ज्यादा नियंत्रण रखने से बचें। फाइनेंस: नए निवेश से बचें और पुराने खर्चों का हिसाब देखें। हेल्थ: पर्याप्त आराम करें और पानी अधिक पिएं। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: गहरा लाल वृषभ राशि (Taurus) पॉजिटिव: आपकी ईमानदारी और मेहनत साझेदारी के कामों में सफलता दिलाएगी। नेगेटिव: अधिकारियों के व्यवहार से मन थोड़ा अस्थिर हो सकता है। करियर: कार्यक्षेत्र में कुछ दबाव रह सकता है, इसलिए संवाद में स्पष्टता रखें। लव: पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत रिश्ते मजबूत करेगी। फाइनेंस: अनावश्यक खर्च से बचें और निवेश फिलहाल टाल दें। हेल्थ: काम की थकान हो सकती है, आराम करना जरूरी है। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: क्रीम मिथुन राशि (Gemini) पॉजिटिव: आपकी विश्लेषण क्षमता आज आपको दूसरों से आगे रखेगी। नेगेटिव: यात्रा या विचारों में मतभेद की स्थिति बन सकती है। करियर: ऑफिस में काम का दबाव बढ़ सकता है, इसलिए जरूरी दस्तावेज दोबारा जांचें। लव: पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा लाभदायक रहेगी। फाइनेंस: मनोरंजन और यात्रा पर खर्च बढ़ सकता है। हेल्थ: पेट संबंधी समस्या से सावधान रहें। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: पन्ना हरा कर्क राशि (Cancer) पॉजिटिव: रचनात्मक ऊर्जा और कल्पनाशक्ति आज मजबूत रहेगी। नेगेटिव: अचानक आर्थिक चिंताएं परेशान कर सकती हैं। करियर: पुराने प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने का अवसर मिल सकता है। लव: पुराने मुद्दों को शांतिपूर्वक सुलझाने का समय है। फाइनेंस: जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाए रखें। हेल्थ: पर्याप्त नींद और ध्यान से लाभ मिलेगा। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: सफेद सिंह राशि (Leo) पॉजिटिव: परिवार और घरेलू मामलों पर आपका ध्यान अधिक रहेगा। नेगेटिव: साझेदारी या रिश्तों में तनाव की स्थिति बन सकती है। करियर: नए फैसलों के बजाय वर्तमान कार्यों पर ध्यान दें। लव: छोटी बातों को नजरअंदाज करना बेहतर रहेगा। फाइनेंस: घर की मरम्मत या सजावट पर खर्च हो सकता है। हेल्थ: प्राणायाम करने से तनाव कम होगा। शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: सुनहरा कन्या राशि (Virgo) पॉजिटिव: आपकी समझदारी और विश्लेषण क्षमता की सराहना होगी। नेगेटिव: तकनीकी समस्याएं या विरोधियों की वजह से काम में बाधा आ सकती है। करियर: जटिल प्रोजेक्ट्स को हल करने में आपकी भूमिका अहम रहेगी। लव: पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। फाइनेंस: किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छी तरह पढ़ें। हेल्थ: नियमित व्यायाम जरूरी है। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: हल्का हरा तुला राशि (Libra) पॉजिटिव: परिवार और आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान रहेगा। नेगेटिव: प्रेम संबंधों को लेकर चिंता हो सकती है। करियर: रचनात्मक सोच से आपको सराहना मिलेगी। लव: रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। फाइनेंस: बचत की योजना बनाने का अच्छा समय है। हेल्थ: संतुलित आहार लें और ध्यान करें। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: सफेद वृश्चिक राशि (Scorpio) पॉजिटिव: आपकी अंतर्दृष्टि मजबूत रहेगी और आप परिस्थितियों को अपने पक्ष में कर पाएंगे। नेगेटिव: पारिवारिक खर्च बढ़ सकते हैं। करियर: रिसर्च और गुप्त योजनाओं में सफलता मिल सकती है। लव: रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। फाइनेंस: अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। हेल्थ: मानसिक थकान से बचने के लिए आराम करें। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: गहरा लाल धनु राशि (Sagittarius) पॉजिटिव: आध्यात्मिक और आत्मविश्लेषण का दिन रहेगा। नेगेटिव: यात्रा या संवाद में रुकावट आ सकती है। करियर: पुराने अधूरे काम निपटाना बेहतर रहेगा। लव: पार्टनर का सहयोग मिलेगा। फाइनेंस: अचानक खर्च बढ़ सकता है। हेल्थ: पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: पीला मकर राशि (Capricorn) पॉजिटिव: सामाजिक संपर्क और मित्रों से लाभ मिल सकता है। नेगेटिव: वाणी पर नियंत्रण न रखने से विवाद हो सकता है। करियर: पुराने संपर्कों से नए अवसर मिल सकते हैं। लव: रिश्तों में गंभीरता बढ़ेगी। फाइनेंस: लंबी अवधि के निवेश से लाभ संभव है। हेल्थ: जोड़ों के दर्द से सावधान रहें। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: गहरा नीला कुंभ राशि (Aquarius) पॉजिटिव: करियर में नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। नेगेटिव: मानसिक थकान महसूस हो सकती है। करियर: टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए अच्छा दिन है। लव: पार्टनर से स्पष्ट बातचीत करें। फाइनेंस: निवेश से पहले सलाह लेना जरूरी है। हेल्थ: आंखों और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: इलेक्ट्रिक ब्लू मीन राशि (Pisces) पॉजिटिव: रचनात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा चरम पर रहेगी। नेगेटिव: अनावश्यक चिंताओं से बचें। करियर: स्वतंत्र कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: रिश्तों में पुरानी कड़वाहट दूर हो सकती है। फाइनेंस: धार्मिक कार्यों पर खर्च संभव है। हेल्थ: ध्यान और प्राणायाम से मानसिक शांति मिलेगी। शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: सुनहरा पीला।
19 मार्च से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में Chaitra Navratri को अत्यंत पवित्र और शुभ पर्व माना जाता है। वर्ष 2026 में यह नवरात्रि 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाई जाएगी। इन नौ दिनों में भक्त Durga के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी इस बार की नवरात्रि को खास माना जा रहा है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति के कारण कुछ राशियों के लिए यह समय तरक्की, धन लाभ और नए अवसरों का संकेत दे रहा है। नवरात्रि में बनेंगे दो खास शुभ योग ज्योतिष के अनुसार इस साल की चैत्र नवरात्रि में दो महत्वपूर्ण योग बन रहे हैं: Shash Mahapurush Yoga Gajakesari Yoga इन दोनों योगों को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इनके प्रभाव से कई लोगों के जीवन में सफलता, प्रतिष्ठा और आर्थिक लाभ के अवसर बढ़ सकते हैं। मेष राशि: बढ़ेगा आत्मविश्वास और मिल सकते हैं नए अवसर मेष राशि के जातकों के लिए यह नवरात्रि काफी सकारात्मक साबित हो सकती है। इस राशि के स्वामी Mars को ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता है। माता दुर्गा की कृपा से इस दौरान आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप अपने फैसले अधिक मजबूती से ले पाएंगे। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है व्यापारियों के लिए नए संपर्क और नए बाजार खुल सकते हैं रुका हुआ धन मिलने की संभावना है पारिवारिक विवाद भी सुलझ सकते हैं सिंह राशि: सम्मान और पदोन्नति के बन सकते हैं योग सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। इस राशि पर Sun का प्रभाव माना जाता है, जो नेतृत्व और प्रतिष्ठा का प्रतीक है। नवरात्रि के दौरान: कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है वरिष्ठ अधिकारी आप पर भरोसा जता सकते हैं पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है परिवार में चल रहे मतभेद धीरे-धीरे खत्म हो सकते हैं वृश्चिक राशि: दूर होंगी बाधाएं और बढ़ेगी ऊर्जा वृश्चिक राशि के जातकों के लिए भी यह नवरात्रि राहत भरा समय ला सकती है। पिछले कुछ समय से चल रही परेशानियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। माता दुर्गा की कृपा से: काम में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है स्वास्थ्य में सुधार होने की संभावना है मानसिक और शारीरिक ऊर्जा बढ़ेगी आस्था और सकारात्मकता का पर्व चैत्र नवरात्रि को नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व माना जाता है। इस दौरान पूजा, व्रत और साधना के साथ-साथ लोग अपने जीवन में नए संकल्प भी लेते हैं। ज्योतिष के अनुसार यदि श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ प्रयास किया जाए, तो यह समय कई लोगों के लिए तरक्की और सफलता के नए रास्ते खोल सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।