बीसीसीआई

Sarfaraz Khan , Dhruv Jurel
सरफराज खान और ध्रुव जुरेल के चयन को लेकर बहस तेज, भारत की टेस्ट टीम पर नजर

कोलंबो, एजेंसियां। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम के अंतिम एकादश में जगह को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरफराज खान और ध्रुव जुरेल के बीच मध्यक्रम में स्थान को लेकर चयन का पेच फंसता दिखाई दे रहा है। साई सुदर्शन के चोटिल होकर सीरीज से बाहर होने के बाद सरफराज खान को उनकी जगह भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।   सरफराज की वापसी से बढ़ी प्रतिस्पर्धा   साई सुदर्शन के दाएं पैर के अंगूठे में चोट के कारण सीरीज से बाहर होने के बाद बीसीसीआई ने सरफराज खान को टीम में शामिल किया। लंबे समय बाद टेस्ट टीम में लौटे सरफराज के सामने अब सीधे प्लेइंग-11 में जगह बनाने की चुनौती है।   रिपोर्टों के मुताबिक सरफराज को श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी शैली के कारण फायदा मिल सकता है। वह स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ स्वीप और अलग-अलग क्षेत्रों में शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। गॉल की पिच पर यह क्षमता भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।   ध्रुव जुरेल भी मजबूत दावेदार   दूसरी ओर, ध्रुव जुरेल का दावा भी कमजोर नहीं है। विकेटकीपर-बल्लेबाज जुरेल ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में दबाव की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा हाल ही में गॉल में इंडिया ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने नाबाद 141 रन की पारी भी खेली थी।   यही वजह है कि जुरेल को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। अगर टीम प्रबंधन अतिरिक्त विकेटकीपिंग विकल्प और जुरेल की हालिया फॉर्म को प्राथमिकता देता है, तो उन्हें सरफराज पर बढ़त मिल सकती है।   गॉल की पिच बनाएगी चयन का समीकरण   गॉल में स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। जैसे-जैसे टेस्ट आगे बढ़ता है, पिच पर टर्न और असमान उछाल बल्लेबाजों की चुनौती बढ़ा सकता है। भारतीय टीम ने अभ्यास के दौरान भी स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजी पर विशेष ध्यान दिया है।   इसी परिस्थिति को देखते हुए टीम प्रबंधन के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि सरफराज और जुरेल में बेहतर बल्लेबाज कौन है, बल्कि यह भी है कि श्रीलंका की परिस्थितियों में कौन सा बल्लेबाजी विकल्प ज्यादा उपयोगी रहेगा।   प्लेइंग-11 पर अंतिम फैसला बाकी   सरफराज के टेस्ट करियर में अब तक 371 रन हैं, जबकि जुरेल ने 478 रन बनाए हैं। दोनों के आंकड़ों में बहुत बड़ा अंतर नहीं है, लेकिन दोनों की भूमिका और बल्लेबाजी शैली अलग है।   मोहम्मद कैफ ने भी गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए सरफराज को जुरेल पर प्राथमिकता देने का समर्थन किया है। हालांकि, अंतिम फैसला कप्तान शुभमन गिल, मुख्य कोच और टीम प्रबंधन को लेना है। भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से शुरू होना है और उससे पहले अंतिम एकादश को लेकर यह मुकाबला चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।

abhishek singh अगस्त 11, 2026 0
Shubhadeep Ghosh
टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच बने शुभदीप घोष, टी. दिलीप की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी

बीसीसीआई ने किया बड़ा बदलाव   नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बड़ा बदलाव करते हुए शुभदीप घोष को नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। वह टी. दिलीप की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। हाल के महीनों में टीम इंडिया की फील्डिंग पर उठे सवालों के बीच बीसीसीआई ने यह फैसला लिया है। शुभदीप घोष श्रीलंका दौरे से टीम के साथ अपनी नई भूमिका की शुरुआत करेंगे।   घरेलू क्रिकेट में रहा शानदार अनुभव   शुभदीप घोष लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के घरेलू ढांचे में काम कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA), भारत-ए और विभिन्न आयु वर्ग की टीमों के साथ फील्डिंग कोच के रूप में काम किया है। खिलाड़ियों की फील्डिंग तकनीक और फिटनेस सुधारने में उनकी विशेष पहचान रही है।   फील्डिंग सुधारना होगी सबसे बड़ी चुनौती   हाल के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम ने कई आसान कैच छोड़े और मैदान पर फील्डिंग का स्तर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ऐसे में शुभदीप घोष के सामने खिलाड़ियों की कैचिंग, ग्राउंड फील्डिंग और थ्रोइंग को बेहतर बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि उनके अनुभव का फायदा खिलाड़ियों को मिलेगा।   श्रीलंका दौरे से होगी नई शुरुआत   शुभदीप घोष अब मुख्य कोच गौतम गंभीर और बाकी सपोर्ट स्टाफ के साथ मिलकर टीम इंडिया की तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे। आगामी श्रीलंका दौरे और उसके बाद होने वाली अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उनकी भूमिका पर सभी की नजर रहेगी। बीसीसीआई को उम्मीद है कि इस बदलाव से टीम की फील्डिंग में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

abhishek singh जुलाई 29, 2026 0
Ryan Ten Doeschate
गौतम गंभीर को बड़ा झटका, सबसे करीबी सहयोगी रयान टेन डोशेट ने छोड़ा टीम इंडिया का साथ

नई दिल्ली, एजेंसियां। टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर को बड़ा झटका लगा है। उनके सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंग्लैंड दौरे के बाद उन्होंने बीसीसीआई को अपना फैसला बता दिया था और अब उनके इस्तीफे पर मुहर लग गई है।   दो साल बाद खत्म हुआ कार्यकाल   रयान टेन डोशेट जुलाई 2024 में गौतम गंभीर के साथ टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में शामिल हुए थे। उन्होंने बल्लेबाजी रणनीति और खिलाड़ियों के विकास में अहम भूमिका निभाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने निजी कारणों और नई पेशेवर जिम्मेदारियों पर ध्यान देने के लिए पद छोड़ने का फैसला किया है।   सपोर्ट स्टाफ में बड़े फेरबदल   रयान टेन डोशेट के जाने के साथ ही टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव का दौर जारी है। हाल ही में फील्डिंग कोच टी. दिलीप का कार्यकाल भी आगे नहीं बढ़ाया गया और उनकी जगह शुभदीप घोष को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीसीसीआई आगामी सीरीज को ध्यान में रखते हुए सपोर्ट स्टाफ को नए सिरे से तैयार कर रहा है।   श्रीलंका दौरे से पहले नई शुरुआत   श्रीलंका दौरे से पहले हुए इन बदलावों को टीम इंडिया के लिए नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि बीसीसीआई सहायक कोच के पद पर किसे जिम्मेदारी सौंपता है और नए सपोर्ट स्टाफ के साथ टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है।

abhishek singh जुलाई 29, 2026 0
BCCI Selection Committee Meeting
28 जुलाई को हो सकता है श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, चयन समिति की बैठक पर टिकी निगाहें

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और श्रीलंका के बीच अगले महीने से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान 28 जुलाई को होने की संभावना है। बीसीसीआई की चयन समिति इसी दिन बैठक कर सकती है, जिसमें खिलाड़ियों के चयन के साथ-साथ टीम संयोजन और सपोर्ट स्टाफ से जुड़े अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है, क्योंकि कई युवा खिलाड़ियों के भविष्य और कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों की वापसी को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है।    फिटनेस रिपोर्ट और हालिया प्रदर्शन पर होगा चयन   सूत्रों के मुताबिक, चयनकर्ता खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन और फिटनेस रिपोर्ट को प्राथमिकता देंगे। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर विशेष नजर रहेगी, जबकि घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी मौका मिल सकता है। चयन समिति श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम में अतिरिक्त स्पिन विकल्प शामिल करने पर भी विचार कर सकती है।    सपोर्ट स्टाफ पर भी हो सकता है बड़ा फैसला   रिपोर्ट के अनुसार, चयन बैठक केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगी। बीसीसीआई टीम के सपोर्ट स्टाफ के प्रदर्शन की भी समीक्षा करेगा। सहायक कोच रयान टेन डोशेट, बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और अन्य सहयोगी स्टाफ के कामकाज पर चर्चा होगी। यदि बोर्ड को किसी बदलाव की जरूरत महसूस होती है, तो टीम घोषणा के साथ या उसके बाद इस संबंध में भी आधिकारिक फैसला लिया जा सकता है।    सीरीज पर रहेगी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की नजर   भारत के लिए यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाकर टीम चुनना चाहेंगे। टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद कप्तान, संभावित प्लेइंग इलेवन और नए चेहरों को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
R Ashwin Rohit Sharma
रोहित शर्मा के संन्यास की चर्चाओं पर रविचंद्रन अश्विन का बड़ा खुलासा, बोले— 'अंदर ही अंदर बातें चल रही थीं'

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से संन्यास की हालिया अटकलों पर बड़ा बयान दिया है। अश्विन ने कहा कि रोहित के भविष्य को लेकर जो खबरें सामने आई थीं, वे केवल अफवाहें नहीं थीं, बल्कि "अंदर ही अंदर कुछ बातें चल रही थीं। बिना आग के धुआं नहीं उठता।" उनका यह बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है।   'यह सिर्फ बाहरी शोर नहीं था'   अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर जो चर्चा हुई, उसे केवल "बाहरी शोर" कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि तमिल में एक कहावत है— "बिना आग के धुआं नहीं उठता।" अश्विन के मुताबिक, जरूर कुछ न कुछ अंदरूनी स्तर पर चल रहा था, लेकिन रोहित ने शानदार शतक लगाकर सभी सवालों का जवाब मैदान पर दिया।   लॉर्ड्स में शतक से दिया करारा जवाब   अश्विन ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में रोहित शर्मा की 138 रन की पारी ने यह साबित कर दिया कि उनमें अभी भी बड़े मंच पर मैच जिताने की क्षमता है। उनके अनुसार, रोहित मानसिक और शारीरिक दोनों चुनौतियों से जूझ रहे थे, लेकिन उन्होंने दबाव के बीच बेहतरीन बल्लेबाजी की।   2027 विश्व कप खेलने की क्षमता रखते हैं रोहित   अश्विन ने भरोसा जताया कि यदि रोहित फिट रहते हैं और इसी तरह प्रदर्शन करते हैं, तो उनके पास 2027 वनडे विश्व कप खेलने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि रोहित और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को केवल अफवाहों के आधार पर नहीं आंका जा सकता।   BCCI पहले ही कर चुका है अटकलों का खंडन   रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर उठी चर्चाओं के बीच बीसीसीआई पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उनके संन्यास को लेकर चल रही खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। खुद रोहित शर्मा ने भी कहा है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए खेलना और टीम की सफलता में योगदान देना है।

abhishek singh जुलाई 23, 2026 0
Ryan ten Doeschate
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव संभव, रयान टेन डोशेट के भविष्य पर सस्पेंस

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट के इंग्लैंड दौरे के बाद अपने पद से अलग होने की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और वह इसे आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं।   पारिवारिक कारणों से छोड़ सकते हैं जिम्मेदारी   रिपोर्ट्स के मुताबिक, रयान टेन डोशेट लगातार अंतरराष्ट्रीय दौरों और व्यस्त कार्यक्रम के कारण अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। उनकी पत्नी और तीन बच्चे लंदन में रहते हैं, इसलिए वह ऐसा पद चाहते हैं जिसमें यात्रा कम करनी पड़े। इसी वजह से उन्होंने टीम इंडिया के साथ अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।   गौतम गंभीर की टीम को लग सकता है झटका   रयान टेन डोशेट को मुख्य कोच गौतम गंभीर की पसंद पर जुलाई 2024 में भारतीय टीम के सहायक कोच के रूप में नियुक्त किया गया था। यदि वह पद छोड़ते हैं, तो यह गंभीर के कोचिंग स्टाफ के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि गेंदबाजी कोच मॉर्ने मोर्कल के भविष्य को लेकर भी चर्चा चल रही है।   BCCI जल्द ले सकता है अंतिम फैसला   बीसीसीआई फिलहाल सपोर्ट स्टाफ में संभावित बदलावों पर विचार कर रहा है। इंग्लैंड वनडे सीरीज समाप्त होने के बाद बोर्ड नए कोचिंग संयोजन पर फैसला ले सकता है। हालांकि, अभी तक बीसीसीआई या रयान टेन डोशेट की ओर से आधिकारिक इस्तीफे की घोषणा नहीं की गई है।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
IND VS ZIM T20
जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम घोषित, चार नए खिलाड़ियों को मिला मौका

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। 23 जुलाई से शुरू होने वाली इस सीरीज के लिए चार नए खिलाड़ियों हर्ष दुबे, प्रभसिमरन सिंह, यश ठाकुर और अशोक शर्मा को पहली बार टीम में जगह दी गई है। वहीं, रिंकू सिंह और मयंक यादव की टीम में वापसी हुई है। इस दौरे पर श्रेयस अय्यर टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है।   इन खिलाड़ियों को मिला आराम बीसीसीआई ने इंग्लैंड दौरे को देखते हुए कई प्रमुख खिलाड़ियों को इस सीरीज से आराम दिया है। इनमें अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, रवि बिश्नोई और संजू सैमसन शामिल हैं। ये खिलाड़ी फिलहाल इंग्लैंड में भारतीय टीम के साथ व्यस्त हैं।   घरेलू और आईपीएल प्रदर्शन का मिला इनाम नई टीम में शामिल खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है। बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे ने हाल के मैचों में प्रभावशाली गेंदबाजी की है, जबकि तेज गेंदबाज यश ठाकुर और अशोक शर्मा ने इंडिया-ए तथा घरेलू टूर्नामेंटों में अपनी छाप छोड़ी। विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार बल्लेबाजी का पुरस्कार मिला है।   23 जुलाई से होगी सीरीज भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीनों टी20 मुकाबले 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। पिछली बार भारत ने 2024 में जिम्बाब्वे दौरे पर पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी।   भारतीय टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Rohit Sharma Padma Shri Award
रोहित शर्मा को मिला पद्मश्री सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित; भारतीय क्रिकेट के लिए गौरव का पल

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान भारतीय क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान और शानदार उपलब्धियों के लिए दिया गया।   राष्ट्रपति भवन में हुआ सम्मान समारोह   नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों की कई हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। खेल जगत से रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट में उनके उत्कृष्ट योगदान और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करने के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।   भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का योगदान   रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं। वह एकदिवसीय क्रिकेट में 264 रन की विश्व रिकॉर्ड व्यक्तिगत पारी खेलने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भी अपने नाम किया, जिससे भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।   बीसीसीआई ने दी बधाई   भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया पर रोहित शर्मा को पद्मश्री मिलने पर बधाई दी। बोर्ड ने इसे भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण बताया। समारोह की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।   क्रिकेट जगत ने जताई खुशी   रोहित शर्मा को पद्मश्री मिलने के बाद कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देते हुए इसे भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।   करियर में जुड़ा एक और बड़ा सम्मान   पद्मश्री सम्मान मिलने के साथ ही रोहित शर्मा के शानदार क्रिकेट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। मैदान पर अपने रिकॉर्ड, शानदार बल्लेबाजी और सफल कप्तानी से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीतने वाले रोहित शर्मा अब देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक के प्राप्तकर्ता भी बन गए हैं।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Rohit Sharma Hardik Pandya
रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेंगे

मुंबई, एजेंसियां। 13 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रही वनडे सीरीज के लिए रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या ने अपनी फिटनेस पास कर ली है। रोहित शर्मा आईपीएल में हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार हो गए थे, तो वहीं, हार्दिक पांड्या को पीठ में चोट लगी थी। बीसीसीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या ने फिटनेस क्लियरेंस पास कर लिया है और बहुत जल्द टीम के साथ जुड़ जाएंगे।  टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ पहला मुकाबला 13 जून को धर्मशाला में खेलेगी।  विराट कोहली पूरी सीरीज से बाहर है इससे पहले बताया गया था कि सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्मा और  हार्दिक पांड्या की अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में उपलब्धता बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मिले फिटनेस क्लियरेंस पर निर्भर करेगा। रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या आईपीएल में  मुंबई इंडियंस की टीम में शामिल थे। रोहित शर्मा को जहां लिंगरिंग हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई थी तो वहीं ऑल-राउंडर हार्दिक पांड्या को पीठ में दर्द की शिकायत हुई थी। बता दें कि विराट कोहली, हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। उन्हें खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए खिंचाव हुआ था। वह रन भागते समय लड़खड़ाते नजर आए थे।  इंग्लैंड दौरे से वापसी करेंगे विराट कोहली! बीसीसीआई से जुड़े सूत्र ने बताया कि विराट कोहली आईपीएल के खिताबी मुकाबले  में चोटिल हो गए थे और वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में उपलब्ध नहीं हैं। उनकी चोट को अभी हफ्ता ही बीता है, तो कहा नहीं जा सकता है कि कब तक वापसी कर पाएंगे। हालांकि, हम उम्मीद जताते हैं कि विराट कोहली इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से वापसी कर लेंगे, लेकिन अभी पक्का नहीं कहा जा सकता। फिजियो ने भी कोई टाइमलाइन तय नहीं किया है। विराट कोहली की जगह युवा यशस्वी जायसवाल को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल किया गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ पहला वनडे  मुकाबला 13 जून को धर्मशाला में खेला जाएगा। दूसरा मैच, 17 जून को लखनऊ में तो वहीं तीसरा वनडे चेन्नई में  20 जून को होगा है।  अफगानिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इस प्रकार है। शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान),  केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर),  हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे।

Unknown जून 9, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi BCCI Permission
बिहार के वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI का बड़ा फैसला, माता-पिता के साथ यात्रा की अनुमति

नई दिल्ली एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वैभव सूर्यवंशी को आगामी विदेशी दौरे (आयरलैंड और इंग्लैंड) पर अपने माता-पिता के साथ यात्रा करने की विशेष अनुमति दी है। यह फैसला वैभव की कम उम्र और उनके पहले बड़े इंटरनेशनल दौरे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बोर्ड का मानना है कि विदेशी माहौल और लंबे दौरे के दौरान परिवार का साथ होने से खिलाड़ी को मानसिक रूप से मदद मिलेगी। वैभव सूर्यवंशी पहली बार भारतीय सीनियर टीम के साथ विदेश दौरे पर शामिल हो रहे हैं। नियमों में छूट  आमतौर पर बीसीसीआई के नियमों के अनुसार विदेशी दौरों पर खिलाड़ियों को परिवार साथ रखने की अनुमति नहीं होती है , या समय-सीमा तय होती है। लेकिन वैभव सूर्यवंशी के मामले में बोर्ड ने नियमों में खास बदलाव किया है और यह बदलाव वैभव की उम्र और मानसिक आराम को ध्यान में रखते हुए किया गया है। 

Unknown जून 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0