भारी बारिश

देश के विभिन्न राज्यों में मानसून सक्रिय होने के बाद झमाझम बारिश और IMD द्वारा जारी भारी बारिश का अलर्ट
देश के कई राज्यों में सक्रिय हुआ मानसून, IMD ने भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है।   इन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश की चेतावनी   IMD के अनुसार, गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार, झारखंड, असम और मेघालय में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।   बाढ़ और भूस्खलन का बढ़ा खतरा   मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की स्थिति बन सकती है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।   मछुआरों और यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी   IMD ने समुद्र में ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इसके अलावा, भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।   प्रशासन अलर्ट मोड पर   बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई राज्यों के प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों, NDRF और SDRF को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 25, 2026 0
Jharkhand Heavy Rain
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, 24-25 जुलाई तक कई जिलों में मानसून रहेगा सक्रिय

रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम केंद्र, रांची ने 23 से 25 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।   23 जुलाई को लातेहार और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघ गर्जन और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।   मौसम विभाग के अनुसार, 24 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून का असर बना रहेगा। उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं 25 जुलाई को लातेहार, चतरा और मध्य झारखंड से सटे उत्तर-पश्चिमी इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।   बारिश के आंकड़ों की बात करें तो 1 जून से 22 जुलाई 2026 के बीच झारखंड में 299.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षापात 414.9 मिलीमीटर होना चाहिए था। यानी राज्य में अब तक 28 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे कम वर्षा गढ़वा, चतरा, पाकुड़, देवघर, कोडरमा और गोड्डा जैसे जिलों में दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की आगामी सक्रियता से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है, हालांकि किसानों और आम लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

abhishek singh जुलाई 23, 2026 0
IMD Heavy Rain
IMD का कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात, राजस्थान और कोंकण के लिए विशेष चेतावनी जारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान, कोंकण एवं गोवा में तेज बारिश, जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।   कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट   IMD के अनुसार, गुजरात के कई जिलों, दक्षिणी राजस्थान और कोंकण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।   पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा   उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई है। स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।

abhishek singh जुलाई 22, 2026 0
Himachal Pradesh Weather
हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, आज सभी स्कूल बंद; प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

शिमला, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश के मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और शिमला जिलों में आज सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया है।    भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा   मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं होने का खतरा बना हुआ है।    प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील   जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन और राहत दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।    पर्यटकों के लिए भी जारी हुई सलाह   प्रशासन ने राज्य में मौजूद पर्यटकों से भी मौसम सामान्य होने तक पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। कई मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।    मौसम विभाग की निगरानी जारी   IMD ने कहा है कि प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून, तीन दिन भारी बारिश के आसार

रांची। झारखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 17 जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।   आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट शुक्रवार को पूरे राज्य में बादल छाए रहने और अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं रांची, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला और खूंटी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज सहित कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी आशंका है।   18 और 19 जुलाई को भी बना रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार, 18 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। हजारीबाग, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, गुमला, पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा और खूंटी में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। वहीं 19 जुलाई को दक्षिण-पश्चिमी और मध्य झारखंड के इलाकों, विशेषकर रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।   अब भी सामान्य से 40 प्रतिशत कम बारिश बीते 24 घंटे में बोकारो राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं लातेहार में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम केंद्र के अनुसार, 1 जून से 17 जुलाई तक झारखंड में औसतन 216.8 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 359.8 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अगले तीन दिनों में होने वाली बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, रांची समेत 10 जिलों के लिए येलो चेतावनी जारी

रांची। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब झारखंड में साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से 18 जुलाई के लिए रांची सहित 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।   इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 17 जुलाई को खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश और वज्रपात की आशंका है। वहीं 18 जुलाई को रांची, लातेहार, चतरा, गुमला, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो और लोहरदगा में तेज बारिश के साथ वज्रपात हो सकता है। विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।   वज्रपात से दो लोगों की मौत गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 42 मिमी वर्षा सिमडेगा में रिकॉर्ड की गई, जबकि मेदिनीनगर, जमशेदपुर, रामगढ़ और लोहरदगा में भी बारिश हुई। इसी दौरान लातेहार जिले में वज्रपात की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई, जिससे मौसम विभाग की चेतावनी की गंभीरता और बढ़ गई है।   20 जुलाई तक मौसम रहेगा सक्रिय मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि 20 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहेंगे तथा गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद झारखंड में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 16 जुलाई तक राज्य में सामान्य 348.9 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 207.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। ऐसे में आगामी दिनों की बारिश कृषि और जल संसाधनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Kedarnath Highway
केदारनाथ हाईवे पर भूस्खलन से यातायात ठप, सोनप्रयाग के पास सड़क बंद; यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग एक बार फिर प्रभावित हो गया है। सोनप्रयाग के पास हुए भूस्खलन के चलते हाईवे पर मलबा आ गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है तथा सड़क साफ होने तक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा है।   बारिश बनी बड़ी वजह   लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया। इससे केदारनाथ यात्रा का प्रमुख मार्ग बाधित हो गया। सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटी हैं।   श्रद्धालुओं से यात्रा टालने की अपील   प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक यात्रा शुरू न करने और केवल आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही आगे बढ़ने की अपील की है। सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जबकि प्रभावित मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।   IMD का अलर्ट, सावधानी बरतने की सलाह   भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Jharkhand Weather
चक्रवाती हवाओं का तांडव! झारखंड से लेकर बंगाल तक मानसून का खौफ, IMD ने जारी किया अलर्ट

कोलकाता, एजेंसियां। झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से जुड़े कम दबाव के क्षेत्र और उससे बनी चक्रवाती परिसंचरण के असर से दोनों राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों के लिए बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।   झारखंड से बंगाल तक मौसम का बदला मिजाज   मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।   इन इलाकों में ज्यादा असर की आशंका   पश्चिम बंगाल के उत्तरी और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश दर्ज की जा रही है। वहीं झारखंड के कई जिलों में भी तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की चेतावनी दी गई है। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।   प्रशासन अलर्ट मोड पर   संभावित भारी बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों के जलस्तर, शहरी जलभराव और बिजली आपूर्ति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की सक्रिय स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, इसलिए लोगों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
Bihar Flood
नेपाल में भारी बारिश का असर, बिहार में बढ़ा बाढ़ का खतरा

पटना, एजेंसियां। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। सीमावर्ती क्षेत्रों से होकर बहने वाली गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। हालांकि फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन जल प्रवाह में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।   बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, नेपाल में बारिश के कारण वाल्मीकीनगर बराज पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी के मद्देनजर शुक्रवार को चरणबद्ध तरीके से पानी का डिस्चार्ज बढ़ाया गया। सुबह लगभग 79,900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद सुबह 10 बजे यह बढ़कर करीब 86,000 क्यूसेक और दोपहर 12 बजे तक 90,600 क्यूसेक पहुंच गया। बढ़ते डिस्चार्ज का सीधा असर गंडक नदी के जलस्तर पर देखा जा रहा है।   प्रशासन ने नदी के किनारे बसे गांवों और तटीय क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है। स्थानीय अधिकारियों और इंजीनियरों को चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में बाढ़ सुरक्षा तटबंधों और जल प्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है।   अधिकारियों का कहना अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है और हालात नियंत्रण में हैं। हालांकि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा और वाल्मीकीनगर बराज से पानी छोड़ने की मात्रा और बढ़ी, तो गंडक नदी का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान के करीब पहुंच सकता है।   प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से कर ली गई हैं।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
Nepal Flood
नेपाल में मूसलाधार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ा, कई जिलों में हाई अलर्ट

काठमांडू, एजेंसियां। नेपाल में मानसून की सक्रियता के चलते लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।   कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा   मौसम विभाग के अनुसार, इलाम, झापा, पंचथर, धनकुटा, मोरंग, सुनसरी, सप्तरी, डडेलधुरा और डोटी सहित कई जिलों में छोटी नदियों और पहाड़ी जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई गई है।   पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का बढ़ा खतरा   लगातार बारिश के कारण नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने की भी सूचना है। प्रशासन ने स्थानीय निकायों और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।   प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील   नेपाल सरकार ने नदी किनारे रहने वाले लोगों, पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों और यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान नदी-नालों को पार न करने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।   मानसून अभी और रहेगा सक्रिय   नेपाल के मौसम विभाग का कहना है कि देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाओं का खतरा बना रहेगा।   भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है असर   विशेषज्ञों के अनुसार, नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है। नेपाल से निकलने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए संबंधित एजेंसियां भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
Ranchi Heavy Rain
रांची में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, जलजमाव ने बढ़ाई मुश्किलें

रांची। राजधानी रांची में लगातार हुई भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में जलजमाव हो गया। कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जबकि पंडरा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव के कारण करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। लोगों को पानी से भरी सड़कों के बीच आवागमन करना पड़ा और कई दोपहिया वाहन भी बंद हो गए।   रिम्स और सदर अस्पताल भी प्रभावित बारिश ने राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। नालियां जाम होने से अस्पताल के बेसमेंट में गंदा पानी भर गया, जिससे फिजियोथेरेपी विभाग और आसपास के हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल कर्मियों के अनुसार जलभराव और सीलन से बदबू फैलने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया। वहीं सदर अस्पताल में भी कई जगह पानी रिसने से इमरजेंसी के पास फर्श पर पानी जमा हो गया और ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही।   कई कॉलोनियों में घरों में घुसा पानी अरगोड़ा कटहल मोड़ के पास स्थानीय लोगों ने एक बिल्डर पर नाली भरकर जल निकासी बाधित करने का आरोप लगाया, जिसके कारण कई घरों में पानी घुस गया। वहीं सेल सिटी रोड स्थित बालाजी कॉलोनी में नाली नहीं होने से पूरी कॉलोनी जलमग्न हो गई और लोग घंटों घरों में फंसे रहे। स्थानीय निवासियों ने स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग दोहराई।   नगर निगम की टीमें राहत कार्य में जुटीं जलजमाव की सूचना मिलते ही रांची नगर निगम की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) जेसीबी, मोटर पंप और अन्य उपकरणों के साथ विभिन्न प्रभावित इलाकों में पहुंची। टीमों ने जाम नालियों की सफाई कर पानी निकाला। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि जलजमाव की स्थिति में हेल्पलाइन 18005701235 पर सूचना दें, ताकि राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Surat Rainfall
देशभर में बारिश का कहर: सूरत में रिकॉर्ड वर्षा, कई राज्यों में बाढ़, हादसे और जनजीवन प्रभावित

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे गंभीर स्थिति गुजरात के सूरत में है, जहां पिछले 36 घंटों में 18 इंच बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने जुलाई 1941 में बने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। शहर के अधिकांश हिस्से जलमग्न हो गए हैं। सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया, जबकि कई स्थानों पर वाहन पानी के तेज बहाव में बहते दिखाई दिए।   सूरत में नौ लोगों की मौत, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया भारी बारिश के दौरान करंट लगने, पेड़ गिरने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर करीब 3,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सूरत और नवसारी में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं तथा लोगों से केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है।   मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी बारिश का असर मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार शाम एक पांच मंजिला इमारत ढह गई, जबकि राजस्थान के जालोर में एक जीप नदी में पलट गई। चित्तौड़गढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हरियाणा के गुरुग्राम में भारी बारिश के कारण दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) का एक हिस्सा धंस गया, जिससे करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कई इलाकों में जलभराव के बीच एक स्कूल बस भी नाले में फंस गई। पुलिस ने कंपनियों से कर्मचारियों को कुछ दिनों तक वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है।   अरुणाचल और कर्नाटक में भी अलर्ट अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से 26 जिलों के 94 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक चार लोगों की मौत, 21 लोगों के घायल होने और दो महिलाओं के लापता होने की सूचना है। वहीं कर्नाटक के बेलगावी और शिवमोगा जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चला रहा है।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
IMD Jharkhand Rain Alert
झारखंड में आज से दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, रांची समेत कई जिलों के लिए IMD की चेतावनी

रांची। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड में अगले दो दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रांची सहित लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।   मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई इलाकों में तेज बारिश के आसार   मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और सक्रिय मानसून के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पिछले 24 घंटों में सिमडेगा में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा।   प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी   भारी बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने, नदी-नालों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने और खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है।   अगले सप्ताह तक जारी रह सकती है बारिश   IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, झारखंड में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। 6 से 8 जुलाई के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Rasha Thadani
बारिश के बीच मंदिर पहुंचीं राशा थडानी, दरियादिली ने जीता फैंस का दिल

मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री रवीना टंडन की बेटी और उभरती बॉलीवुड अभिनेत्री राशा थडानी एक बार फिर अपने व्यवहार और सादगी को लेकर चर्चा में हैं। मुंबई में हो रही भारी बारिश के बीच राशा मंदिर में भगवान के दर्शन करने पहुंचीं। दर्शन के बाद मंदिर परिसर के बाहर उन्होंने एक जरूरतमंद बुजुर्ग महिला की मदद की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उनके इस मानवीय व्यवहार की फैंस जमकर सराहना कर रहे हैं।   मंदिर से बाहर आते ही बढ़ाया मदद का हाथ वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर से बाहर निकलते समय एक बुजुर्ग महिला राशा थडानी से सहायता मांगती है। राशा बिना किसी हिचकिचाहट के अपने पर्स से 500 रुपये निकालकर महिला को देती हैं। सहायता मिलने पर बुजुर्ग महिला उन्हें आशीर्वाद देती नजर आती हैं। इस पूरे घटनाक्रम को वहां मौजूद लोगों ने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।   फैंस ने की सादगी और संवेदनशीलता की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स राशा थडानी की सादगी और दरियादिली की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि स्टार किड होने के बावजूद उनका विनम्र व्यवहार उन्हें खास बनाता है। वहीं कुछ प्रशंसकों ने इसे उनकी अच्छी परवरिश का उदाहरण बताया।   फिल्मों में भी सक्रिय हैं राशा राशा थडानी ने पिछले वर्ष फिल्म ‘आजाद’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी, लेकिन उनकी अभिनय क्षमता को सराहा गया। आने वाले समय में राशा निर्देशक सौरभ गुप्ता की फिल्म ‘लईकी लईका’ में अभिनेता अभय के साथ मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी। इसके अलावा वह एक दक्षिण भारतीय फिल्म का भी हिस्सा हैं।   फिल्मी करियर के साथ-साथ अपने सहज स्वभाव और सामाजिक संवेदनशीलता के कारण राशा थडानी लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। मंदिर परिसर में जरूरतमंद महिला की मदद का उनका यह वीडियो एक बार फिर लोगों का दिल जीत रहा है।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Jharkhand Heavy Rain
झारखंड में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

रांची। झारखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 20 जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में तेज बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।    इन जिलों में भारी बारिश की आशंका   मौसम विभाग के अनुसार रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, चतरा और कोडरमा सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है।   वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी   आईएमडी ने लोगों को बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।    प्रशासन अलर्ट मोड पर   राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग को संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।   लोगों से सावधानी बरतने की अपील   मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है।

abhishek singh जून 28, 2026 0
North India Monsoon
Weather Alert: असम समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत में मानसून जल्द देगा दस्तक

दिसपुर, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए पूर्वोत्तर भारत और उत्तर बंगाल के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार 27 से 29 जून के बीच असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में तेज बारिश की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।   उत्तर भारत में जल्द मिलेगी गर्मी से राहत आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से अगले सप्ताह उत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून के सक्रिय होने के साथ ही भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में मानसून के जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी।   पश्चिम और दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम मौसम विभाग ने कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और उत्तरी कर्नाटक में भी गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी जिलों में भूस्खलन तथा मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। वहीं 27 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में लू चलने की भी संभावना है।   मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी आईएमडी ने समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को मन्नार की खाड़ी, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

abhishek singh जून 27, 2026 0
North Bengal Rain
उत्तर बंगाल में बारिश का कहर, भूस्खलन से सड़कें बंद, दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी संपर्क टूटा

कोलकाता/सिलीगुड़ी, एजेंसियां। उत्तर बंगाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क धंसने और पुल बहने की घटनाएं सामने आई हैं। दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी और गंगटोक को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए शनिवार तक कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।   बालासन नदी में बहा अस्थायी दुड़िया पुल लगातार बारिश के कारण बालासन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे दुधिया क्षेत्र में बना अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया। यह पुल पिछले वर्ष अक्टूबर में आई आपदा के बाद बनाया गया था, जब मूल पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल बह जाने से सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच सीधा संपर्क लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। अब यात्रियों और पर्यटकों को सुखिया पोखरी मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है।   भूस्खलन से बंद हुए राष्ट्रीय राजमार्ग भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-10 (NH-10) को बंद कर दिया गया है, जिससे सिलीगुड़ी और गंगटोक के बीच सीधा संपर्क टूट गया है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-110 (NH-110) भी यातायात के लिए बंद है। महानदी के पास खारसांग-सिलीगुड़ी तीन लेन सड़क का एक हिस्सा धंस गया है, जबकि मुख्य सड़क पर विशाल पेड़ गिरने से दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी मार्ग भी पूरी तरह बाधित हो गया है।   शनिवार तक भारी बारिश की चेतावनी अलीपुर मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Jharkhand Weather News
Jharkhand Weather: 11 जून से बदलेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट

रांची। झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी और कई जिलों में आंधी, वज्रपात तथा बारिश की संभावना है। राजधानी रांची में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के इलाकों में लगभग 3 मिमी बारिश दर्ज की गई।   कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने 11 जून के लिए रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।   12 जून को कई इलाकों में भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।   13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।   चार दिन बाद झारखंड में दस्तक देगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून अगले चार दिनों में संताल परगना क्षेत्र के रास्ते झारखंड में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही राज्यभर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Jharkhand Weather News
झारखंड में 11 जून को झमाझम बारिश के आसार

14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। रांची समेत राज्य के कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। साथ ही मौसम विभाग ने 11 जून को राज्य के 14 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 36 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।   14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट   मौसम विभाग ने 11 जून के लिए रांची, खूंटी, रामगढ़, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और बोकारो में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, आंधी और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है। 12 जून को भी कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति 15 जून तक बने रहने की संभावना जताई गई है।   संथाल परगना से मानसुन प्रवेश की उम्मीद   मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 17 जून के बीच इसके संथाल परगना के रास्ते झारखंड में प्रवेश करने की संभावना है। वर्तमान में मानसून बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के साथ झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक इसके पहुंचने की उम्मीद है।

abhishek singh जून 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 21, 2026 0