रांची। सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। इस दिन मां पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत करती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए मां गौरी की आराधना करती हैं। पूजा में 16 की संख्या क्यों है खास? मंगला गौरी की पूजा में 16 की संख्या को शुभ और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से पूजा में कई सामग्री 16 की संख्या में अर्पित करने की परंपरा है। देवी को 16 श्रृंगार की वस्तुएं, 16 लड्डू, 16 फल, 16 पान, 16 सुपारी, 16 लौंग और 16 इलायची चढ़ाने की मान्यता है। इसके अलावा देवी पूजा में षोडशोपचार, यानी 16 प्रकार के पूजा उपचार का भी विशेष महत्व बताया गया है। इसी धार्मिक परंपरा के कारण मंगला गौरी पूजन में 16 संख्या को विशेष माना जाता है। ऐसे करें मंगला गौरी की पूजा व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनें और मां मंगला गौरी के व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर चौकी पर लाल या लाल-सफेद कपड़ा बिछाएं और मां गौरी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। इसके बाद कलश स्थापित कर मां गौरी का पूजन करें। माता के सामने घी का दीपक जलाएं। परंपरा के अनुसार आटे के दीपक में 16 बत्तियां लगाने का विधान है। मां गौरी को चंदन, अक्षत, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद 16 श्रृंगार सामग्री और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाएं। पूजा के दौरान मां गौरी के मंत्र का जाप करें। मंत्र: “सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥” अंत में मंगला गौरी व्रत कथा का पाठ करें और माता की आरती करके पूजा संपन्न करें। सुहाग और दांपत्य सुख की कामना से रखा जाता है व्रत धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगला गौरी व्रत मां गौरी को समर्पित है। विवाहित महिलाएं इस व्रत के माध्यम से पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं। वहीं, अविवाहित लड़कियां अच्छे जीवनसाथी और सुखी वैवाहिक जीवन की इच्छा से यह व्रत रखती हैं। नोट: पूजा की विधि और सामग्री की परंपराएं क्षेत्र और परिवार की मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
जमशेदपुर। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ हरियाली और प्रकृति से भी जुड़ा माना जाता है। इस महीने महिलाओं के बीच हरे रंग के परिधान और शृंगार का खास आकर्षण देखने को मिलता है। महिलाएं हरी साड़ी, सूट, चूड़ी और बिंदी पहनकर सावन उत्सव मनाती हैं। हरा रंग हरियाली और समृद्धि का प्रतीक सावन में बारिश के कारण चारों ओर हरियाली छा जाती है। इसी वजह से हरे रंग को प्रकृति, सुख-शांति और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव को बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित करने की परंपरा भी है। महिलाओं का मानना है कि हरा रंग जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली का प्रतीक है। सावन में हरे रंग का शृंगार करने की परंपरा कई परिवारों में पीढ़ियों से चली आ रही है। सावन महोत्सव में दिखता है हरियाली का रंग जमशेदपुर में अलग-अलग समाज की महिलाएं सामूहिक रूप से सावन महोत्सव का आयोजन करती हैं। इन आयोजनों में महिलाएं हरे रंग के परिधानों और आभूषणों में सजकर शामिल होती हैं। सास, बहू, ननद और सहेलियां एक साथ झूला झूलती हैं और सावन के गीतों पर उत्सव मनाती हैं। रिश्तों में मिठास का संदेश महिलाओं के अनुसार सावन में धरती हरे रंग की चादर ओढ़ लेती है। यही हरियाली उनके लिए खुशहाली और आपसी प्रेम का प्रतीक है। सावन उत्सव के जरिए महिलाएं एक-दूसरे से मिलती हैं और पारिवारिक व सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने का अवसर पाती हैं। इस तरह सावन में हरा रंग सिर्फ शृंगार का हिस्सा नहीं, बल्कि हरियाली, सुख-समृद्धि, प्रेम और सकारात्मकता का प्रतीक बन जाता है।
रांची। इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और राखी बांधने में ग्रहण की बाधा नहीं रहेगी। 28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे होगी और इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के दिन लगेगा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण की शुरुआत सुबह 6:53 बजे और समापन दोपहर 12:31 बजे बताया गया है। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। यह अफ्रीका, यूरोप, उत्तर और दक्षिण अमेरिका तथा पश्चिमी एशिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में इसकी दृश्यता नहीं होगी। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसलिए बहनें सामान्य रूप से भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। राखी बांधने का शुभ समय रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 9:10 बजे से 10:46 बजे तक हालांकि, दिए गए मुहूर्त स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। 27 अगस्त को भद्रा का प्रभाव रक्षाबंधन से एक दिन पहले 27 अगस्त को भद्रा का प्रभाव बताया गया है। पंचांग के अनुसार यह सुबह 9:08 बजे से रात 9:32 बजे तक रहेगा। इसके बाद 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। नोट: ग्रहण, सूतक और शुभ मुहूर्त से जुड़ी जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। स्थानीय परंपरा के अनुसार समय में अंतर संभव है।
उज्जैन, एजेंसियां। नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के विशेष संयोग पर उज्जैन में श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर है। महाकाल मंदिर के शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट 16 अगस्त की रात 12 बजे खोल दिए गए। साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले इस मंदिर में श्रद्धालुओं को 24 घंटे तक भगवान नागचंद्रेश्वर के दुर्लभ दर्शन का अवसर मिलेगा। आधी रात को विशेष पूजा के बाद खुले कपाट परंपरा के अनुसार श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने रात करीब 11:30 बजे मंदिर के कपाट खोलने की पूजा शुरू की। मध्यरात्रि 12 बजे मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद भगवान नागचंद्रेश्वर का महाभिषेक, विशेष पूजन और आरती की गई। पूजा-अर्चना पूरी होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर भगवान नागचंद्रेश्वर के जयकारों से गूंज उठा। दर्शन के लिए रविवार रात 11 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। 11वीं शताब्दी की है नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर के शिखर के तीसरे खंड में स्थित है। यहां भगवान शिव और माता पार्वती सात फनों वाले नाग के नीचे विराजमान हैं। प्रतिमा में भगवान शिव के गले और भुजाओं में नाग लिपटे हुए दिखाई देते हैं। साथ ही भगवान गणेश, नंदी और सिंह की आकृतियां भी बनी हुई हैं। इस दुर्लभ प्रतिमा को करीब 11वीं शताब्दी यानी 1050 ईस्वी का माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह प्रतिमा नेपाल से लाई गई थी। सावन सोमवार और नाग पंचमी का विशेष संयोग 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार भी है। इसी दिन बाबा महाकाल की पारंपरिक सवारी भी निकलेगी। ऐसे में श्रद्धालुओं को एक ही दिन भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन और बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन का अवसर मिल रहा है। इस विशेष धार्मिक संयोग को देखते हुए उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी मार्ग निर्धारित किए हैं। दिन में तीन बार होगी पूजा नाग पंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर की त्रिकाल पूजा की व्यवस्था की गई है। दोपहर 12 बजे शासन की ओर से पूजा होगी। शाम 7:30 बजे महाकाल की संध्या आरती के बाद पुजारी-पुरोहित भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा करेंगे। रात 12 बजे अखाड़े की ओर से पूजा के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रूट बनाए हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जगह-जगह पेयजल, जूता स्टैंड और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
तीज के त्योहार पर पूजा-पाठ और व्रत के साथ घर में तरह-तरह के पकवान बनाने की परंपरा है। अगर इस बार आप भी तीज पर कुछ खास मीठा बनाने की तैयारी कर रही हैं, तो मावा वाली गुजिया बेहतरीन विकल्प हो सकती है। बाहर से कुरकुरी और अंदर से ड्राई फ्रूट्स से भरपूर मावे की फिलिंग वाली गुजिया घर में आसानी से तैयार की जा सकती है। मावा गुजिया बनाने के लिए क्या चाहिए? गुजिया के लिए आपको 2 कप मैदा, 4 बड़े चम्मच घी, 250 ग्राम मावा, आधा कप पिसी चीनी, काजू-बादाम, किशमिश और इलायची पाउडर चाहिए। स्वाद बढ़ाने के लिए नारियल का बुरादा भी इस्तेमाल किया जा सकता है। गुजिया तलने के लिए तेल या घी की जरूरत होगी। सबसे पहले तैयार करें गुजिया का आटा एक बड़े बर्तन में मैदा छानकर उसमें घी डालें और अच्छी तरह मिलाएं। थोड़ा मैदा हथेली पर लेकर दबाएं। अगर यह आसानी से बंध जाए तो समझें कि मोयन सही है। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथें। आटा रोटी के आटे की तरह नरम नहीं होना चाहिए। इसे गीले कपड़े से ढककर करीब 20 मिनट के लिए रख दें। ऐसे तैयार करें मावे की स्वादिष्ट फिलिंग कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। जब मावा हल्का सुनहरा हो जाए और उसकी नमी कम हो जाए तो गैस बंद कर दें। मावे को पूरी तरह ठंडा होने के बाद इसमें पिसी चीनी, बारीक कटे काजू-बादाम, किशमिश और इलायची पाउडर मिलाएं। चाहें तो थोड़ा नारियल भी डाल सकती हैं। ध्यान रखें कि गर्म मावे में चीनी न मिलाएं, वरना फिलिंग पतली हो सकती है। गुजिया में भरें मावे की फिलिंग आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें पूरी के आकार में बेल लें। बीच में करीब एक से डेढ़ चम्मच मावे की फिलिंग रखें और पूरी को आधा मोड़ दें। किनारों को उंगलियों से अच्छी तरह दबाकर बंद करें। चाहें तो पारंपरिक डिजाइन बना सकती हैं या गुजिया के सांचे का इस्तेमाल कर सकती हैं। किनारे ठीक से बंद करना जरूरी है, ताकि तलते समय फिलिंग बाहर न निकले। धीमी आंच पर तलने से बनेगी कुरकुरी गुजिया कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। गुजिया डालने से पहले आंच को मध्यम से धीमा रखें। एक साथ बहुत ज्यादा गुजिया न डालें। गुजिया को धीरे-धीरे पलटते हुए दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। तैयार गुजिया को पेपर टॉवल पर निकाल लें। चाय या दूध के साथ करें सर्व मावा गुजिया को हल्का गर्म या ठंडा करके परोसा जा सकता है। ऊपर से कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर इसे सजाया भी जा सकता है। तीज के मौके पर परिवार और मेहमानों के लिए घर की बनी ताजी मावा गुजिया चाय या दूध के साथ स्वादिष्ट मिठाई का विकल्प बन सकती है।
रांची। हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष धार्मिक महत्व है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित युवतियां मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा से तीज का व्रत और पूजा करती हैं। 15 अगस्त को रखा जाएगा हरियाली तीज का व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त 2026 की शाम 6:46 बजे शुरू होगी और 15 अगस्त 2026 की शाम 5:28 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर इस वर्ष हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लेती हैं और भगवान शिव तथा माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। हरियाली तीज 2026 के शुभ मुहूर्त हरियाली तीज के दिन अलग-अलग शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेंगे: ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:50 से 5:35 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 1:08 बजे तक गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:06 से 7:29 बजे तक अमृत काल: रात 8:18 से 9:53 बजे तक पूजा के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है। शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी मान्यता के कारण हरियाली तीज को शिव-पार्वती के प्रेम और वैवाहिक संबंध का प्रतीक माना जाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। 16 श्रृंगार और झूला झूलने की परंपरा हरियाली तीज पर महिलाएं पारंपरिक रूप से 16 श्रृंगार करती हैं और हरे रंग के वस्त्र एवं चूड़ियां पहनती हैं। कई स्थानों पर महिलाएं समूह में तीज के गीत गाती हैं और पेड़ों पर लगाए गए झूलों का आनंद लेती हैं। सावन की हरियाली और बारिश के बीच मनाया जाने वाला यह पर्व प्रकृति, प्रेम और वैवाहिक सुख का भी प्रतीक माना जाता है।
देवघर। सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए हजारों कांवरिये सुल्तानगंज से बाबाधाम की ओर बढ़ते हैं। इस यात्रा के दौरान कांवरिया पथ पर आस्था की कई अनोखी परंपराएं देखने को मिलती हैं। कटोरिया से जिलेबिया मोड़ के बीच जंगलों में कांवरियों द्वारा पत्थरों से छोटे-छोटे घर बनाना भी ऐसी ही एक परंपरा है। पत्थर जोड़कर बनाते हैं घर कांवरिये रास्ते में रुककर जंगल की जमीन से पत्थर उठाते हैं और उन्हें एक-दूसरे के ऊपर रखकर घर का आकार देते हैं। इन घरों में न दरवाजा होता है, न खिड़की और न ही कोई तय डिजाइन। बावजूद इसके, श्रद्धालुओं के लिए ये महज पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि अपने घर और परिवार का प्रतीक होते हैं। परिवार की सुख-शांति के लिए करते हैं प्रार्थना कांवरियों की मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ की नगरी की यात्रा के दौरान रास्ते में पत्थरों से घर बनाने और प्रार्थना करने से अपने घर का सपना पूरा होने की उम्मीद मजबूत होती है। श्रद्धालु परिवार में प्रेम, एकता, सुख-शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। कुशीनगर से आए कांवरियों ने बताया कि वे बाबा के दरबार में जल चढ़ाने जा रहे हैं और रास्ते में पत्थरों से अपना घर बनाकर प्रार्थना करते हैं कि उनका परिवार हमेशा साथ रहे और घर में खुशहाली बनी रहे। किसी की पक्के घर की इच्छा, तो कोई मांगता है परिवार का साथ इन छोटे-छोटे पत्थर के घरों के पीछे हर श्रद्धालु की अपनी मनोकामना होती है। कोई अपना पक्का मकान बनाने की इच्छा रखता है, तो कोई परिवार के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने की प्रार्थना करता है। कुछ श्रद्धालु बच्चों के बेहतर भविष्य और दूर गए परिवार के सदस्यों के वापस लौटने की कामना भी करते हैं। कांवरियों के लिए यह किसी औपचारिक पूजा से ज्यादा मन की बात बाबा तक पहुंचाने का माध्यम है। परिवार की एकता का प्रतीक हैं पत्थरों के घर खगड़िया के राजेश महतो इस परंपरा को परिवार की एकता से जोड़ते हैं। उनके अनुसार, एक पत्थर अकेला हो तो सिर्फ पत्थर है, लेकिन कई पत्थर एक साथ जुड़कर दीवार और फिर घर बनाते हैं। उसी तरह परिवार के लोग साथ रहें तो ही घर मजबूत बनता है। कुछ मिनटों में बनता है घर, पीछे छूट जाती है दुआ कांवरिये रास्ते में कुछ मिनट रुकते हैं, पत्थर चुनते हैं और उन्हें जोड़कर छोटा-सा घर बनाते हैं। इसके बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हैं और अपनी यात्रा पर आगे बढ़ जाते हैं। उनका बनाया घर वहीं पीछे छूट जाता है, लेकिन उससे जुड़ी उम्मीद और मनोकामना उनके साथ बाबाधाम तक जाती है। न मंत्र, न पूजा सामग्री, सिर्फ विश्वास इस परंपरा की खास बात यह है कि इसके लिए किसी विशेष पूजा सामग्री या पुरोहित की जरूरत नहीं होती। जंगल से मिला एक साधारण पत्थर और मन में अटूट विश्वास ही इसके लिए पर्याप्त माना जाता है। बारिश या राहगीरों की आवाजाही से कई पुराने पत्थर के घर बिखर जाते हैं, लेकिन अगले दिन कोई दूसरा कांवरिया फिर उसी तरह पत्थर जोड़कर नया घर बना देता है। इस तरह कांवरिया पथ पर हर साल उम्मीद और आस्था की नई कहानियां बनती रहती हैं। बाबा की राह में घर बनाने की अनोखी परंपरा कांवरिया पथ पर बने ये छोटे-छोटे पत्थर के घर किसी धार्मिक स्थापत्य का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं, परिवार के प्रति लगाव और बाबा बैद्यनाथ में विश्वास का प्रतीक हैं। कांवरिये बाबाधाम में जल चढ़ाने से पहले रास्ते में अपने परिवार के नाम एक छोटी-सी प्रार्थना छोड़ जाते हैं—“बाबा, हमारा घर और परिवार सलामत रखना।”
नई दिल्ली, एजेंसियां। आज 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और इसकी पूर्णता की पट्टी ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन तथा पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से से होकर गुजरेगी। यूरोप, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कई हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण भी दिखाई देगा। भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त का यह सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में रहने वाले लोग इसे आसमान में प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख पाएंगे। NASA के अनुसार ग्रहण का मुख्य दृश्य क्षेत्र उत्तरी अटलांटिक और उत्तरी गोलार्ध के कुछ हिस्सों में रहेगा। कहां दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण? पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में देखा जा सकेगा। वहीं यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कई हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा। NASA के मुताबिक मैड्रिड में सूर्य का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा ढक जाएगा, जबकि रेक्याविक और स्पेन के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण ग्रहण देखा जा सकेगा। ग्रहण का वैज्ञानिक समय क्या है? ग्रहण की वैश्विक खगोलीय घटना 12 अगस्त UTC को होती है। इसका अधिकतम चरण लगभग 17:45:51 UTC पर है, यानी भारतीय समय के अनुसार करीब रात 11:15 बजे। हालांकि स्थानीय जगह के अनुसार ग्रहण के शुरू और खत्म होने का समय अलग-अलग होगा। इसलिए किसी एक भारतीय समय को पूरे विश्व के लिए ग्रहण का स्थानीय समय मानना सही नहीं होगा। ऑनलाइन कैसे देख सकते हैं सूर्य ग्रहण? भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसे ऑनलाइन देखा जा सकता है। NASA इस पूर्ण सूर्य ग्रहण की लाइव कवरेज उपलब्ध करा रहा है। सूर्य ग्रहण देखते समय रखें ये सावधानियां जहां आंशिक या पूर्ण ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां आंशिक चरण के दौरान बिना उचित सुरक्षा के सीधे सूर्य को देखना आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है। NASA के अनुसार सुरक्षित सोलर-व्यूइंग ग्लास या प्रमाणित सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करना चाहिए। साधारण धूप के चश्मे सूर्य ग्रहण देखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। सूतक और धार्मिक मान्यताएं सूर्य ग्रहण को लेकर सूतक और पूजा-पाठ से जुड़ी परंपराएं धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में सूतक मानने को लेकर अलग-अलग पंचांग और परंपराओं में मतभेद हो सकते हैं। वैज्ञानिक रूप से सूर्य ग्रहण उस समय होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को कुछ समय के लिए ढक देता है। इस साल 12 अगस्त का ग्रहण खगोलीय दृष्टि से बेहद खास है और पूर्णता की अधिकतम अवधि लगभग 2 मिनट 18 सेकंड तक रह सकती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या के दिन आज, 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह खगोलीय घटना पूर्ण सूर्य ग्रहण होगी, लेकिन भारत में इसे देखा नहीं जा सकेगा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार ग्रहण की दृश्यता पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड और अटलांटिक-प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में रहेगी। 12 अगस्त को लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण यह सूर्य ग्रहण बुधवार, 12 अगस्त को हो रहा है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को कुछ समय के लिए ढक देता है। इस बार ग्रहण की अधिकतम अवस्था भारतीय समयानुसार रात में होगी। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ग्रहण की कुल अवधि लगभग 4 घंटे 24 मिनट रहेगी और पूर्ण ग्रहण की अवधि करीब 1 घंटे 32 मिनट होगी। भारत में नहीं होगी ग्रहण की दृश्यता भारत के लिए इस ग्रहण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के किसी भी हिस्से से सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसे देखने के लिए विशेष इंतजाम करने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय मौसम विभाग ने भी इसे स्पष्ट रूप से ‘Not Visible in India’ बताया है। सावन अमावस्या के साथ बना खास संयोग 12 अगस्त को श्रावण अमावस्या/हरियाली अमावस्या भी मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं में अमावस्या को पूजा-पाठ, पितरों के तर्पण और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण धार्मिक दृष्टि से भी इसे विशेष संयोग माना जा रहा है। 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण साल 2026 में कुल दो सूर्य ग्रहण हैं। पहला सूर्य ग्रहण फरवरी में हुआ था, जबकि 12 अगस्त का ग्रहण साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण है। हालांकि खगोलीय घटना होने के बावजूद भारत में इसकी दृश्यता नहीं होने के कारण यहां इसका प्रत्यक्ष नजारा देखने को नहीं मिलेगा।
उज्जैन, एजेंसियां। धार्मिक नगरी उज्जैन में नागपंचमी के अवसर पर इस बार आस्था का विशेष संयोग बनने जा रहा है। 17 अगस्त 2026, सोमवार को नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार का संयोग है। इसी दिन महाकालेश्वर मंदिर परिसर की ऊपरी मंजिल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट साल में एक बार खोले जाएंगे। मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए पूरे 24 घंटे खुले रहेंगे। 16 अगस्त की रात 12 बजे खुलेंगे पट भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन 16 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे से 17 अगस्त की रात 12 बजे तक किए जा सकेंगे। पट खुलने के समय 16 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे से मध्यरात्रि तक पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से मुख्य पूजन किया जाएगा। इसके बाद 17 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे शासकीय पूजन होगा। शाम की आरती के दौरान मंदिर के पुजारी और पुरोहित विधि-विधान से भगवान का पूजन और अर्चन करेंगे। नागपंचमी और सावन सोमवार का दुर्लभ संयोग इस बार नागपंचमी सोमवार के दिन पड़ रही है और इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है। ऐसे में श्रद्धालुओं को नागचंद्रेश्वर के दर्शन के साथ बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन का अवसर भी मिलेगा। इस विशेष संयोग को देखते हुए उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और भक्तों को सुरक्षित दर्शन कराने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। पार्किंग से लेकर प्रसाद तक विशेष व्यवस्था बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए मेघदूत पार्किंग, कर्कराज महादेव मंदिर के पास, कार्तिक मेला ग्राउंड और बड़नगर रोड स्थित पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए हरसिद्धि पाल, भील समाज धर्मशाला और कर्कराज पार्किंग पर अस्थायी लड्डू प्रसाद काउंटर और जूता स्टैंड भी बनाए जाएंगे। 24 घंटे स्वास्थ्य और एंबुलेंस सेवा भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर डॉक्टरों की टीमें तैनात रहेंगी। कर्कराज, बड़ा गणेश और त्रिवेणी सरफेस पार्किंग सहित प्रमुख स्थानों पर 24 घंटे एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। वहीं, श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हेल्पडेस्क और स्काउट एंड गाइड की टीमें भी तैनात रहेंगी। खोया-पाया केंद्र के जरिए बिछड़े लोगों को परिवार से मिलाने में मदद की जाएगी। साल में केवल एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन और सावन के तीसरे सोमवार का संयोग इस बार उज्जैन में श्रद्धा का विशेष आकर्षण बनने जा रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन माह का दूसरा सोमवार आज, 10 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इस बार सावन सोमवार के साथ सोम प्रदोष व्रत का भी विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार पर भगवान शिव की आराधना और रुद्राभिषेक करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। सावन सोमवार पर बने शुभ संयोग इस बार दूसरे सावन सोमवार के दिन आर्द्रा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग बताया गया है। इसके अलावा सोमवार को सोम प्रदोष व्रत भी रखा जा रहा है। ऐसे में शिव भक्तों के लिए यह दिन पूजा-पाठ और जलाभिषेक के लिहाज से विशेष माना जा रहा है। पूजा के ये हैं शुभ मुहूर्त सुबह 5:47 बजे से 7:27 बजे तक अमृत चौघड़िया सुबह 9:07 बजे से 10:46 बजे तक शुभ चौघड़िया शाम 5:25 बजे से 7:05 बजे तक अमृत चौघड़िया सोम प्रदोष पूजा का समय शाम 7:05 बजे से रात 9:14 बजे तक बताया गया है। कैसे करें शिवलिंग का जलाभिषेक? सावन सोमवार पर सुबह स्नान के बाद भगवान शिव का ध्यान कर पूजा शुरू करें। साफ जल में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और शक्कर आदि से अभिषेक किया जा सकता है। फिर साफ जल से दोबारा अभिषेक करें। जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, अक्षत और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें। श्रद्धालु इस दौरान 'ॐ नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते हैं। अंत में दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें। महादेव का मूल मंत्र ॐ नमः शिवाय। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार को भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। हालांकि, पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
उज्जैन, एजेंसियां। श्रावण मास के दूसरे सोमवार और प्रदोष के विशेष संयोग पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का दूल्हा स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। बाबा के दिव्य दर्शन के लिए देर रात से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। रात 1 बजे से लगने लगी भक्तों की कतार भस्म आरती के दर्शन के लिए श्रद्धालु रात करीब 1 बजे से ही कतारों में लगने लगे थे। श्रावण के दूसरे सोमवार के कारण मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ रही। भस्म आरती के दौरान ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु के मुताबिक, सोमवार को मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खोले गए। श्रावण मास में सामान्य दिनों की तुलना में मंदिर के कपाट जल्दी खोले जाते हैं। वीर बाल भद्र के पूजन से शुरू हुई प्रक्रिया परंपरा के अनुसार सबसे पहले वीर बाल भद्र का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी का विधि-विधान से अभिषेक और पूजन संपन्न हुआ। हरि ॐ जल से अभिषेक के बाद पंचामृत समेत पंचाभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान को विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की गई और विधिवत स्नान कराया गया। इसके बाद भगवान महाकाल को भस्म स्नान कराया गया और भस्म आरती संपन्न हुई। दूल्हा स्वरूप में दिए दिव्य दर्शन भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को रजत मुकुट, आभूषण और दिव्य वस्त्र धारण कराए गए। दूल्हा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। हजारों श्रद्धालुओं ने चलित भस्म आरती के माध्यम से भी बाबा महाकाल के दर्शन किए। मंदिर परिसर में पूरे समय भक्तों का उत्साह और ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारे सुनाई देते रहे। प्रदोष के संयोग पर सिर्फ फलाहार का भोग श्रावण के दूसरे सोमवार और प्रदोष के विशेष संयोग के चलते भगवान महाकाल को केवल फलाहार का भोग अर्पित किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान भी भक्तों के साथ उपवास रखते हैं। बताया गया कि देर शाम नगर भ्रमण से मंदिर लौटने के बाद भगवान महाकाल को संपूर्ण भोग अर्पित किया जाएगा। इस विशेष पर्व को लेकर मंदिर में दर्शन और पूजन की विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
टैरो राशिफल 5 अगस्त 2026: हर अवसर तुरंत दस्तक देकर सामने नहीं आता और हर चुनौती नुकसान का संकेत नहीं होती। कई बार दिन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश किसी छोटी घटना, बातचीत या अनुभव के भीतर छिपा होता है। 5 अगस्त के टैरो कार्ड संकेत दे रहे हैं कि कुछ राशियों के रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं, कुछ लोगों को रिश्तों में नई स्पष्टता मिल सकती है, जबकि कुछ के लिए धैर्य और सही समय का इंतजार सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। करियर, धन, प्रेम, परिवार और व्यक्तिगत फैसलों के लिहाज से आज का दिन कई तरह के संकेत लेकर आया है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज कौन-से टैरो कार्ड क्या संदेश दे रहे हैं। मेष टैरो राशिफल: पुराने अनुभव से मिलेगा नया सबक टैरो कार्ड: Six of Cups, King of Swords (Reversed), Nine of Pentacles मेष राशि वालों के सामने आज कोई पुरानी याद, अधूरी बातचीत या पहले का अनुभव दोबारा आ सकता है। हालांकि इस बार परिस्थितियों को देखने का आपका नजरिया पहले जैसा नहीं रहेगा। पुराने अनुभव आपको बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में किसी की बात को बिना जांचे सच मानने के बजाय अपनी समझ और अनुभव पर भरोसा करें। आर्थिक या निजी उपलब्धि से जुड़ी कोई अच्छी खबर दिन के दूसरे हिस्से में मिल सकती है। आज की सलाह: पुराने अनुभवों को बोझ नहीं, बल्कि सीख बनाकर आगे बढ़ें। वृषभ टैरो राशिफल: धैर्य से बदलेगी तस्वीर टैरो कार्ड: Ace of Cups, Seven of Wands, Wheel of Fortune (Reversed) वृषभ राशि वालों के लिए आज नई शुरुआत की इच्छा मजबूत रह सकती है, लेकिन परिस्थितियां आपकी गति को थोड़ा धीमा कर सकती हैं। इसे रुकावट समझने की जरूरत नहीं है। कार्यक्षेत्र में आपको अपनी बात और मेहनत का मजबूती से बचाव करना पड़ सकता है। यदि आपके काम पर सवाल उठते हैं तो बहस करने के बजाय आपका प्रदर्शन जवाब देगा। परिवार या किसी करीबी के साथ बातचीत से शाम तक मन को सुकून मिल सकता है। कुछ काम तय समय से देर से पूरे होंगे, लेकिन उनका परिणाम आपकी उम्मीद से बेहतर हो सकता है। आज की सलाह: देरी को रुकावट न समझें, कई बार सही समय आने में थोड़ा वक्त लगता है। मिथुन टैरो राशिफल: अब पीछे नहीं, आगे देखिए टैरो कार्ड: Three of Swords (Reversed), Queen of Pentacles, The Magician पिछले दिनों की निराशा या किसी मनमुटाव से बाहर निकलने का आज अच्छा अवसर मिल सकता है। आप खुद को पहले से ज्यादा मजबूत और स्पष्ट महसूस करेंगे। करियर और आर्थिक मामलों में अपनी क्षमता दिखाने का समय है। अगर किसी नए काम की योजना बना रहे हैं तो पहल करने से पीछे न हटें। आपकी व्यावहारिक सोच और तैयारी अच्छे परिणाम दे सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई ऐसा अवसर सामने आ सकता है जो लंबे समय तक लाभ देगा। आज की सलाह: जो बीत गया, उसे पीछे छोड़कर नए भरोसे के साथ आगे बढ़ें। कर्क टैरो राशिफल: बदलाव को खुले मन से अपनाएं टैरो कार्ड: Knight of Wands, Four of Pentacles (Reversed), The Star कर्क राशि वालों के भीतर आज कुछ नया करने की इच्छा तेज हो सकती है। लंबे समय से जिस योजना को केवल सोच रहे थे, उस पर काम शुरू करने का समय आ सकता है। पुराने डर, संकोच या हर चीज को नियंत्रित रखने की आदत छोड़ेंगे तो नए अवसर दिखाई देने लगेंगे। दिन के दूसरे हिस्से में कोई अच्छी खबर या सकारात्मक संकेत आपका उत्साह बढ़ा सकता है। आज की सलाह: जहां उम्मीद दिखाई दे, वहां पहला कदम उठाने में देर न करें। सिंह टैरो राशिफल: जल्दबाजी से बचें, जवाब मिल जाएगा टैरो कार्ड: Ten of Wands, Page of Cups, Justice (Reversed) सिंह राशि वालों को आज जिम्मेदारियां कुछ अधिक महसूस हो सकती हैं। कई काम एक साथ ध्यान मांग सकते हैं, इसलिए हर काम खुद संभालने के बजाय प्राथमिकताएं तय करना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में कोई नई जानकारी या प्रस्ताव सामने आ सकता है। हालांकि, किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी स्थिति को समझना बेहतर रहेगा। दिन के दूसरे हिस्से में किसी पुराने मामले को लेकर चल रही उलझन कम हो सकती है। धैर्य बनाए रखेंगे तो दिन का अंत संतोषजनक रह सकता है। आज की सलाह: हर सवाल का जवाब उसी समय देना जरूरी नहीं होता। कन्या टैरो राशिफल: मेहनत से बनेगी अलग पहचान टैरो कार्ड: Eight of Pentacles, The Hanged Man, Queen of Wands आज कन्या राशि वालों का ध्यान अपने काम को बेहतर बनाने पर रहेगा। जिस लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं, उसमें जल्दबाजी के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। अगर कोई काम उम्मीद से धीमा चल रहा है तो उसे असफलता न मानें। कभी-कभी रुककर परिस्थितियों को समझना सही दिशा चुनने में मदद करता है। दिन के दूसरे हिस्से में आपकी मेहनत और आत्मविश्वास लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। किसी नए विचार पर काम शुरू करने का मौका भी मिल सकता है। आज की सलाह: धैर्य और निरंतर मेहनत का साथ न छोड़ें। तुला टैरो राशिफल: निराशा से निकलकर आगे बढ़ें टैरो कार्ड: Five of Cups, Knight of Pentacles, The Sun किसी पुरानी निराशा या अधूरे काम को लेकर आज मन थोड़ा भारी रह सकता है। लेकिन जो नहीं हुआ, उसी पर अटके रहने के बजाय अपने हाथ में मौजूद अवसरों पर ध्यान देना बेहतर होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी लगन और अनुशासन धीरे-धीरे सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। दिन के दूसरे हिस्से में अच्छी खबर, सराहना या परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न होगा। आज की सलाह: जो नहीं मिला, उससे ज्यादा उस पर ध्यान दें जो आज आपके पास है। वृश्चिक टैरो राशिफल: नए रास्ते पर भरोसा रखें टैरो कार्ड: Two of Pentacles (Reversed), King of Cups, The Fool वृश्चिक राशि वालों के सामने आज कई जिम्मेदारियां एक साथ आ सकती हैं। इससे मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। हर काम एक साथ पूरा करने की कोशिश करने के बजाय प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ें। कार्यक्षेत्र में आपका शांत स्वभाव और समझदारी किसी कठिन परिस्थिति को संभालने में मदद कर सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई नया अवसर या विचार सामने आ सकता है। अगर लंबे समय से किसी बदलाव के बारे में सोच रहे थे तो आज पहला कदम उठाने का साहस मिल सकता है। आज की सलाह: नई शुरुआत से पहले हर सवाल का जवाब मिलना जरूरी नहीं होता। धनु टैरो राशिफल: छोटी शुरुआत बड़ा रास्ता खोल सकती है टैरो कार्ड: Four of Swords, Ace of Pentacles, Nine of Wands (Reversed) पिछले कुछ दिनों की भागदौड़ के बाद आज मन को थोड़ा आराम चाहिए। खुद पर लगातार दबाव डालने के बजाय अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएं। करियर या आर्थिक मामलों में कोई नया अवसर सामने आ सकता है। शुरुआत छोटी लग सकती है, लेकिन यही कदम भविष्य में बड़े लाभ का आधार बन सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है या किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से सकारात्मक बातचीत हो सकती है। आज की सलाह: खुद को आराम देने में संकोच न करें, क्योंकि थका हुआ मन सही निर्णय लेने में मुश्किल महसूस करता है। मकर टैरो राशिफल: अधूरी तस्वीर देखकर फैसला न लें टैरो कार्ड: Seven of Cups, Death (Reversed), Three of Pentacles मकर राशि वालों के सामने आज कई विकल्प आ सकते हैं। लेकिन हर अवसर आपके लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है। किसी प्रस्ताव या नई योजना को लेकर असमंजस हो सकता है। कार्यक्षेत्र में टीम के साथ मिलकर काम करना बेहतर परिणाम दे सकता है। दूसरों की राय सुनें, लेकिन अंतिम निर्णय अपनी समझ और तथ्यों के आधार पर लें। शाम तक लंबे समय से चली आ रही किसी उलझन की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। आज की सलाह: बदलाव से डरने के बजाय उसमें छिपे अवसर को पहचानने की कोशिश करें। कुंभ टैरो राशिफल: अपनी दिशा खुद तय करनी होगी टैरो कार्ड: Six of Wands (Reversed), The Moon, Page of Swords कुंभ राशि वालों को आज दूसरों की राय या उनकी उपलब्धियां अपने फैसलों को प्रभावित करने से रोकना होगा। बार-बार खुद की तुलना करने से आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में कोई नई जानकारी या अप्रत्याशित बदलाव सामने आ सकता है। सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने के बजाय तथ्यों की जांच करें। दिन के दूसरे हिस्से में किसी बातचीत, संदेश या मुलाकात से नई सोच मिल सकती है। छोटी-सी जानकारी भी भविष्य के किसी महत्वपूर्ण निर्णय में उपयोगी साबित हो सकती है। आज की सलाह: दूसरों की राह देखकर नहीं, अपनी मंजिल देखकर कदम बढ़ाएं। मीन टैरो राशिफल: धैर्य और समझदारी दिलाएंगे सफलता टैरो कार्ड: Ten of Pentacles, Strength, Five of Swords (Reversed) मीन राशि वालों के लिए आज परिवार, करियर और आर्थिक मामलों में स्थिरता का एहसास हो सकता है। पिछले दिनों की मेहनत अब धीरे-धीरे परिणाम देने लगेगी। अगर किसी रिश्ते या काम में मतभेद चल रहे थे तो उन्हें सुलझाने का अच्छा अवसर मिल सकता है। अपनी बात शांत तरीके से रखेंगे तो सामने वाला भी आपको बेहतर समझ सकेगा। दिन के दूसरे हिस्से में किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह या परिवार का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। आज असली जीत किसी बहस में नहीं, बल्कि रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाए रखने में है। आज की सलाह: जहां बातचीत से समाधान निकल सकता हो, वहां अहंकार को बीच में न आने दें। आज का टैरो संदेश 5 अगस्त का टैरो राशिफल संकेत देता है कि आज धैर्य, आत्मविश्वास, संवाद और बदलाव को स्वीकार करने की क्षमता कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। वृषभ के लिए धैर्य, वृश्चिक के लिए नई शुरुआत और कन्या के लिए मेहनत खास संदेश लेकर आई है। वहीं कुंभ राशि वालों को दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी दिशा पर भरोसा रखना होगा।
आज का पंचांग 5 अगस्त 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो रात 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। बुधवार होने के कारण आज भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए दिन के विभिन्न मुहूर्तों के साथ राहुकाल का ध्यान रखना भी जरूरी होगा। आज अश्विनी नक्षत्र रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, इसके बाद भरणी नक्षत्र शुरू होगा। वहीं शूल योग शाम 5 बजकर 29 मिनट तक रहेगा और इसके बाद गण्ड योग प्रारंभ होगा। चंद्रमा पूरे दिन और रात मेष राशि में संचार करेंगे। पंचांग के अनुसार आज सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल और वर्षा ऋतु में रहेंगे। आइए जानते हैं 5 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग, शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और अशुभ समय। 5 अगस्त 2026 का पंचांग दिन: बुधवार तारीख: 5 अगस्त 2026 शक संवत: 1948 विक्रम संवत: 2083 मास: श्रावण पक्ष: कृष्ण पक्ष तिथि: सप्तमी, रात 8:42 बजे तक इसके बाद: अष्टमी तिथि ऋतु: वर्षा अयन: दक्षिणायन गोल: उत्तर गोल चंद्र राशि: मेष सूर्य राशि: कर्क नक्षत्र और योग आज अश्विनी नक्षत्र रात 9:18 बजे तक रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र का आरंभ होगा। शूल योग शाम 5:29 बजे तक रहेगा, जिसके बाद गण्ड योग शुरू होगा। करण की बात करें तो विष्टि करण सुबह 9:26 बजे तक रहेगा और उसके बाद बव करण प्रारंभ होगा। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति आज सूर्य देव कर्क राशि में स्थित हैं, जबकि चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे। सूर्योदय: सुबह 5:45 बजे सूर्यास्त: शाम 7:09 बजे चंद्रोदय: रात 11:04 बजे चंद्रास्त: सुबह 11:52 बजे, 6 अगस्त आज के शुभ मुहूर्त पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए आज के प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं: ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 3:55 बजे से 4:41 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है। अमृत काल: दोपहर 2:16 बजे से 3:50 बजे तक आज का चौघड़िया दिन के चौघड़िया के अनुसार शुभ समय इस प्रकार रहेगा: लाभ: सुबह 5:45 बजे से 7:25 बजे तक अमृत: सुबह 7:25 बजे से 9:06 बजे तक काल: सुबह 9:06 बजे से 10:46 बजे तक शुभ: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक शुभ कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग और अपने स्थान के अनुसार समय का मिलान करना उचित रहेगा। आज के अशुभ मुहूर्त राहुकाल: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक गुलिक काल: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक यमगंड: सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से आमतौर पर बचने की सलाह दी जाती है। आज बुधवार को क्या करें? बुधवार को भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। आज गणेश जी को दुर्वा अर्पित करें और मोदक का भोग लगाएं। इसके साथ गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। दिन की शुरुआत भगवान गणेश का स्मरण करके और शांत मन से पूजा-पाठ के साथ करने से सकारात्मकता का अनुभव हो सकता है। आज का पंचांग संदेश 5 अगस्त 2026 को सावन कृष्ण सप्तमी, बुधवार और मेष राशि में चंद्रमा का संचार दिन को विशेष बनाता है। पूजा-पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल जैसे शुभ समय उपलब्ध हैं, जबकि राहुकाल और अन्य अशुभ अवधियों का ध्यान रखना जरूरी है।
आज का राशिफल 5 अगस्त 2026: बुधवार का दिन कई राशियों के लिए नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र से होते हुए मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इससे कई लोगों के भीतर उत्साह और सक्रियता बढ़ सकती है। वहीं कर्क राशि में सूर्य और गुरु की युति बनी हुई है। गुरु उच्च स्थिति में होने के बावजूद अस्त अवस्था में हैं, इसलिए इसके शुभ प्रभाव धीरे-धीरे सामने आने की संभावना है। आज बुध का भी कर्क राशि में प्रवेश होगा, जिससे बुद्धि, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। दूसरी ओर मंगल मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं, ऐसे में जल्दबाजी, तीखी बातचीत और अनावश्यक बहस से बचना जरूरी होगा। सितारों की चाल के अनुसार सिंह राशि वालों के लिए आय और कमाई के मामलों में सुधार के संकेत हैं, जबकि धनु राशि के जातकों के घर-परिवार में सुखद माहौल बना रह सकता है। मेष और मिथुन राशि वालों को बातचीत में संयम बरतना होगा। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा। मेष राशिफल: आत्मविश्वास बढ़ेगा, जल्दबाजी से बचें आज आपके भीतर नई ऊर्जा और उत्साह महसूस होगा। आत्मविश्वास भी बढ़ेगा, लेकिन भाई-बहन या आसपास के लोगों से बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। तीखी बहस से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा। घर-परिवार से जुड़े मामलों में धीरे-धीरे सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। करियर में मेहनत जारी रखें, हालांकि परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। आर्थिक मामलों में कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी में न लें। प्रेम जीवन में उत्साह और नजदीकी बढ़ सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा और मन हल्का महसूस होगा। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 2 उपाय: सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें। वृषभ राशिफल: करियर में स्थिरता बनी रहेगी आज मन में शांति और सुकून बना रह सकता है। परिवार में भी सकारात्मक ऊर्जा महसूस होगी। कोई बड़ा या नया शुभ काम शुरू करने से पहले थोड़ा रुककर परिस्थितियों को समझना बेहतर रहेगा। पैसों के मामलों में जल्दबाजी से बचें। किसी से बहस में पड़ना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लें। भाई-बहन और पड़ोसियों से जुड़े मामलों में आपकी समझदारी काम आएगी। दोस्तों के साथ समय सुखद रहेगा। करियर में स्थिरता बनी रहेगी। प्रेम जीवन में साथी के साथ गंभीर लेकिन शांत बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त आराम जरूरी रहेगा। शुभ रंग: हल्का पीला शुभ अंक: 6 उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। मिथुन राशिफल: करियर में गुरु का मार्गदर्शन होगा शुभ आज आपकी बुद्धि तेज रहेगी और सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। आपकी बातों में प्रभाव रहेगा और लोग आपकी सलाह को महत्व दे सकते हैं। हालांकि, स्वभाव में बेचैनी या थोड़ी उग्रता दिखाई दे सकती है। इसलिए बहस और तीखी बातचीत से दूरी बनाकर रखें। दोस्तों और सामाजिक दायरे से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। करियर में मार्गदर्शन लाभदायक रहेगा, लेकिन उसके परिणाम मिलने में समय लग सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें। प्रेम जीवन में साथी से बातचीत करते समय संयम रखें। शुभ रंग: फिरोजी शुभ अंक: 5 उपाय: 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का जाप करें। कर्क राशिफल: धार्मिक कार्यों में बढ़ेगी रुचि आज आपके व्यक्तित्व में गंभीरता और गरिमा दिखाई देगी। लोग आपकी बातों को गंभीरता से ले सकते हैं। धन और करियर के क्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति के संकेत हैं, इसलिए तुरंत परिणाम की उम्मीद न रखें। मन में कुछ बेचैनी या अकेलेपन की भावना आ सकती है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय खुद को सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखें। भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है। प्रेम जीवन में आकर्षण बढ़ेगा और स्वास्थ्य के लिहाज से दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 11 उपाय: चंद्रमा को अर्घ्य दें और अपनी क्षमता के अनुसार उपवास रखें। सिंह राशिफल: आय और कमाई में सुधार के संकेत आज आत्मनिरीक्षण का दिन है। आपका झुकाव आध्यात्मिक और गहरे विषयों की ओर बढ़ सकता है। भावुक होकर निर्णय लेने के बजाय अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनना आपके लिए बेहतर रहेगा। आय और कमाई से जुड़े मामलों में सुधार के संकेत हैं, लेकिन आर्थिक फैसले जल्दबाजी में न लें। भाग्य आपका साथ दे सकता है, फिर भी गोपनीय मामलों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी होगा। दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा और उनका साथ मन को प्रसन्न रखेगा। प्रेम जीवन में भावनाएं गहरी हो सकती हैं। दिखावे के बजाय वास्तविक भावनाओं को महत्व देंगे। ध्यान और आत्मचिंतन से मानसिक शांति मिल सकती है। शुभ रंग: बैंगनी शुभ अंक: 9 उपाय: कुछ समय मौन रहने का प्रयास करें और अनावश्यक बातचीत से बचें। कन्या राशिफल: फैसले लेने में रहेंगे तेज, कठोरता से बचें आज विचारों में स्पष्टता रहेगी, जिससे महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय लेने में आसानी होगी। हालांकि, अपने व्यक्तित्व या छवि को लेकर अनावश्यक असंतोष पैदा हो सकता है। खुद की दूसरों से तुलना करने से बचें। जीवनसाथी या साझेदार से जुड़े मामलों में गंभीरता रहेगी। करियर में स्थिति स्पष्ट रहेगी, लेकिन काम जल्द पूरा करने के चक्कर में गलती न करें। पैसों के मामले में सामान्य सावधानी बरतें। प्रेम जीवन में कठोर रवैया अपनाने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लें। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 16 उपाय: माथे पर चंदन का तिलक लगाएं। तुला राशिफल: भाग्य और धार्मिक कार्यों की ओर बढ़ेगा रुझान करियर के मोर्चे पर आज अच्छा मार्गदर्शन मिल सकता है, हालांकि उसका असर सामने आने में थोड़ा समय लगेगा। जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार के साथ सकारात्मक बातचीत हो सकती है। धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुझान बढ़ सकता है। कभी-कभी अकेलेपन या आत्म-संदेह की भावना परेशान कर सकती है, लेकिन इसे स्थायी स्थिति न मानें। स्वास्थ्य और दिनचर्या के प्रति सतर्क रहें। दोस्तों का सहयोग बना रहेगा। प्रेम जीवन में दिखावे के बजाय सच्चे और गहरे संवाद को महत्व दें। शुभ रंग: आसमानी नीला शुभ अंक: 7 उपाय: जरूरतमंद लोगों को भोजन का दान करें। वृश्चिक राशिफल: भाग्य देगा मजबूत आधार, रिश्तों में तीखेपन से बचें आज भाग्य का साथ मिल सकता है। यदि मेहनत और सही दिशा को भाग्य के साथ जोड़ दें तो लक्ष्य की ओर बढ़ने में सफलता मिल सकती है। हालांकि, परिणाम सामने आने में कुछ समय लग सकता है। जीवनसाथी या साझेदार से जुड़े मामलों में बहस और जल्दबाजी से बचें। स्वास्थ्य और दिनचर्या में नई ऊर्जा महसूस हो सकती है। करियर में आपकी मेहनत जल्द रंग ला सकती है। संतान और प्रेम संबंधों में स्थिति सामान्य रहेगी। आज किसी करीबी के साथ विवाद को बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्वक सुलझाने की कोशिश करें। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 3 उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। धनु राशिफल: संतान पक्ष से खुशी, शारीरिक काम में जल्दबाजी से बचें आज संतान, प्रेम या रचनात्मक कामों से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। मन उत्साहित रहेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव काम पर भी पड़ेगा। गोपनीय या महत्वपूर्ण मामलों में परिणाम धीरे-धीरे सामने आएंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। साझेदारी से जुड़े मामलों में भी सावधानी जरूरी है। शारीरिक गतिविधियों में जल्दबाजी करने से चोट लगने का जोखिम हो सकता है। घर-परिवार का माहौल स्थिर रहेगा। करियर में गहराई से काम करने का दिन है। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 21 उपाय: पीले वस्त्र धारण कर गुरु की पूजा करें। मकर राशिफल: करियर में मिलेगा शुभ मार्गदर्शन आज जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार के साथ किसी गंभीर विषय पर चर्चा हो सकती है। इसे धैर्य और स्थिर मन से सुलझाने की कोशिश करें। भाई-बहन या आसपास के लोगों से तीखी बातचीत से बचें। घर-परिवार से जुड़े पुराने मामलों की समीक्षा कर उन्हें व्यवस्थित करने का समय है। करियर में अच्छा मार्गदर्शन मिलेगा, लेकिन परिणाम आने में देरी संभव है। आर्थिक मामलों में सामान्य सावधानी रखें। प्रेम जीवन में गंभीर लेकिन स्थिर संवाद बना रहेगा। शुभ रंग: नीला शुभ अंक: 8 उपाय: शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। कुंभ राशिफल: आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें आज अपनी दिनचर्या और पुरानी आदतों की समीक्षा करना आपके लिए लाभकारी रहेगा। जिन आदतों में सुधार की जरूरत है, उनमें बदलाव करने का प्रयास करें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। भाई-बहन या छोटी यात्रा से जुड़े मामलों में नई ऊर्जा महसूस होगी। करियर में सामान्य प्रगति रहेगी, लेकिन बड़े फैसले सोच-समझकर लें। संतान और प्रेम संबंधों में स्पष्ट और व्यावहारिक बातचीत जरूरी होगी। परिवार से जुड़े मामलों में सतर्क रहें। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी परेशानी को नजरअंदाज न करें। शुभ रंग: काला शुभ अंक: 4 उपाय: काले तिल का दान करें। मीन राशिफल: रिश्तों में आएगा हल्कापन, आत्म-अनुशासन बनाए रखें आज रिश्तों में खुलापन और मन में शांति महसूस हो सकती है। कल की तुलना में भावनात्मक स्थिति बेहतर रहेगी। हालांकि, व्यक्तित्व और आत्म-विश्लेषण से जुड़े विषयों में गंभीरता बनी रहेगी। बड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचें। घर-परिवार और बातचीत से जुड़े मामलों में बहस न करें। रचनात्मक कामों और आर्थिक मामलों के लिए अच्छा आधार बन सकता है, हालांकि परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। करियर में आगे बढ़ने के लिए रचनात्मक सोच का इस्तेमाल करें। प्रेम जीवन में खुलापन और नजदीकी बढ़ेगी। स्वास्थ्य के लिए आत्म-अनुशासन जरूरी रहेगा। शुभ रंग: क्रीम शुभ अंक: 1 उपाय: गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें। आज का ज्योतिषीय संदेश 5 अगस्त का दिन कई राशियों के लिए नई ऊर्जा, बेहतर संवाद और सोच-समझकर निर्णय लेने का संकेत दे रहा है। जहां सिंह राशि वालों को आय और कमाई में सुधार के अवसर मिल सकते हैं, वहीं मेष और मिथुन राशि वालों को बातचीत में संयम बरतने की जरूरत होगी। धनु राशि वालों के घर में सुखद माहौल रह सकता है। हालांकि, ज्योतिषीय भविष्यफल आस्था और पारंपरिक गणनाओं पर आधारित होते हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के बजाय सामान्य मार्गदर्शन के रूप में देखना बेहतर है।
आज का अंक ज्योतिष, 5 अगस्त 2026: अंक ज्योतिष के अनुसार आज का दिन संवाद, मेल-जोल, सहयोग और अपने विचारों को सही तरीके से सामने रखने के लिए महत्वपूर्ण है। आज की ऊर्जा यह संकेत देती है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ अपनी बात पर अड़े रहना पर्याप्त नहीं है। दूसरों की बात सुनना, उनकी भावनाओं को समझना और आपसी तालमेल के साथ आगे बढ़ना भी उतना ही जरूरी है। आज कई लोगों के लिए कार्यक्षेत्र में अपनी राय रखने, टीम के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और पुराने रिश्तों में आई दूरी को कम करने का अवसर बन सकता है। हालांकि, लगातार बातचीत और सामाजिक गतिविधियों के बीच अपनी मानसिक ऊर्जा का ध्यान रखना भी जरूरी रहेगा। आइए जानते हैं जन्मतिथि के आधार पर मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है। मूलांक 1: अपने विचार खुलकर सामने रखने का दिन आज की ऊर्जा आपके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूती देगी। कार्यक्षेत्र में अपनी योजनाओं और विचारों को सामने रखने के लिए दिन अनुकूल है। टीम के सदस्यों को प्रेरित करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में सफलता मिल सकती है। हालांकि, लगातार बैठकों और बातचीत के कारण शाम तक थकान महसूस हो सकती है। इसलिए अपने समय और ऊर्जा का सही प्रबंधन करें। अपनी बात रखते समय बहुत अधिक कठोर होने के बजाय सहज और हल्के अंदाज में संवाद करना आपके लिए बेहतर रहेगा। सामने वाले को भी अपनी बात रखने का पूरा अवसर दें। लकी नंबर: 1, 3 लकी रंग: सुनहरा, पीला क्या न करें: बातचीत के दौरान केवल अपनी बात कहने पर जोर न दें और दूसरों को बोलने का मौका जरूर दें। मूलांक 2: खुद के लिए भी समय निकालें आज की तेज सामाजिक गतिविधियां आपके शांत स्वभाव से थोड़ी अलग महसूस हो सकती हैं। फिर भी टीम या साझेदारी से जुड़े किसी महत्वपूर्ण विषय पर अपनी राय रखने के लिए दिन अच्छा है। जरूरत से ज्यादा लोगों के बीच रहने से मानसिक थकान हो सकती है। इसलिए दिन में कुछ समय अपने लिए जरूर निकालें। किसी करीबी व्यक्ति के साथ खुलकर बातचीत हाल की गलतफहमियों या दूरियों को कम कर सकती है। लकी नंबर: 2, 3 लकी रंग: सफेद, पीला क्या न करें: सिर्फ शांति बनाए रखने के लिए किसी जरूरी विषय पर अपनी बात कहने से पीछे न हटें। मूलांक 3: आपके विचारों की होगी सराहना आज मूलांक 3 की ऊर्जा आपके स्वभाव के साथ अच्छी तरह मेल खाएगी। लेखन, शिक्षा, मीडिया, संचार और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन विशेष रूप से सकारात्मक रह सकता है। आपके विचारों को लोगों का समर्थन और प्रशंसा मिल सकती है। हालांकि, लगातार मानसिक और सामाजिक गतिविधियों के कारण थकान भी हो सकती है। इसलिए काम के बीच पर्याप्त आराम करें। किसी पुराने रिश्ते को मजबूत करने के लिए दिल से की गई बातचीत और अपनापन फायदेमंद रहेगा। लकी नंबर: 3, 9 लकी रंग: पीला, नारंगी क्या न करें: उत्साह में इतना अधिक न बोलें कि सामने वाले की बात सुनना ही भूल जाएं। मूलांक 4: काम में नयापन देगा बेहतर परिणाम आज का दिन आपको अपनी पुरानी दिनचर्या से बाहर निकलकर कुछ नया आजमाने के लिए प्रेरित कर सकता है। काम करने का तरीका थोड़ा बदलने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। बदलाव शुरुआत में असहज लग सकता है, इसलिए अपनी किसी पुरानी और भरोसेमंद आदत को बनाए रखते हुए नए प्रयोग करें। आज आपका गंभीर स्वभाव कुछ नरम रह सकता है और हल्की-फुल्की बातचीत आपको बेहतर महसूस करा सकती है। लकी नंबर: 4, 3 लकी रंग: ग्रे, पीला क्या न करें: किसी अच्छे विचार को केवल इसलिए खारिज न करें क्योंकि वह आपकी पहले से बनाई योजना का हिस्सा नहीं है। मूलांक 5: जरूरी कामों को दें प्राथमिकता लोगों से जुड़ने, बिक्री, मीडिया, मार्केटिंग और बातचीत से संबंधित कार्यों के लिए आज का दिन अनुकूल है। अचानक होने वाली कोई बातचीत आपके लिए नया अवसर लेकर आ सकती है। हालांकि, बहुत ज्यादा गतिविधियों के कारण आपका ध्यान भटक सकता है। इसलिए जरूरी कामों को प्राथमिकता दें और अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएं। खुलकर और सकारात्मक तरीके से बातचीत करना आपके पक्ष में रहेगा, लेकिन उत्साह में ऐसे वादे करने से बचें जिन्हें पूरा करना आपके लिए मुश्किल हो। लकी नंबर: 5, 3 लकी रंग: हरा, पीला क्या न करें: जोश में आकर ऐसे वादे न करें जिन्हें बाद में पूरा करना मुश्किल हो। मूलांक 6: अपने विचारों को खुलकर रखें सामने आज सामाजिक और संवाद से जुड़ी ऊर्जा आपके पक्ष में रहेगी। शिक्षा, आतिथ्य, रचनात्मक क्षेत्र और लोगों के सामने अपनी पहचान बनाने वाले कामों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर अपने विचार खुलकर रखने से सम्मान और पहचान मिलने की संभावना है। हालांकि, दूसरों की जरूरतों का बहुत अधिक ध्यान रखते हुए खुद को नजरअंदाज न करें। किसी करीबी व्यक्ति के साथ प्यार और सहजता से की गई बातचीत रिश्ते को और मजबूत कर सकती है। लकी नंबर: 6, 3 लकी रंग: गुलाबी, पीला क्या न करें: लगातार दूसरों के लिए काम करते हुए अपनी जरूरतों और अपनी अहमियत को नजरअंदाज न करें। मूलांक 7: अपनों से बातचीत से मिलेगा लाभ आज का दिन आपको अपनी शांत और सीमित दुनिया से बाहर निकलकर किसी नए विचार या मन की बात दूसरों से साझा करने के लिए प्रेरित कर सकता है। करीबी लोगों से बातचीत करने पर मानसिक राहत और भावनात्मक सहयोग मिल सकता है। हालांकि, बहुत ज्यादा सामाजिक मेल-जोल आपको थका सकता है। इसलिए खुद को तरोताजा रखने के लिए कुछ समय अकेले भी बिताएं। दिल की बात सहजता से कहने पर किसी खास व्यक्ति के साथ आपका रिश्ता और मजबूत हो सकता है। लकी नंबर: 7, 3 लकी रंग: इंडिगो, पीला क्या न करें: बातचीत सही दिशा में बढ़ रही हो तो भी पूरी तरह चुप रहने से बचें। मूलांक 8: करीबियों के साथ अच्छा बीतेगा समय आज अपने विचार रखने और दूसरों को अपनी बात समझाने के लिए दिन अच्छा है। आपकी गंभीरता के साथ आज का उत्साह जुड़कर आपके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाएगा। हालांकि, लगातार बैठकों और मुलाकातों की वजह से मानसिक थकान हो सकती है। इसलिए बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेते रहें। करीबी लोगों के सामने अपना सहज और हंसमुख पक्ष दिखाने से रिश्तों में गर्माहट बढ़ेगी। लकी नंबर: 8, 3 लकी रंग: नेवी ब्लू, पीला क्या न करें: हर बातचीत को जीतने या हर बहस में खुद को सही साबित करने की कोशिश न करें। मूलांक 9: दिल की बात कहने का दिन आज की ऊर्जा आपको किसी महत्वपूर्ण या साहसिक विचार को सामने रखने के लिए प्रेरित कर सकती है। किसी जरूरी मुद्दे पर अपनी बात कहने का यह अच्छा अवसर है। अगर मन में बहुत सारी भावनाएं चल रही हैं तो उन्हें लिखना या किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ साझा करना आपको मानसिक राहत दे सकता है। दिल से और स्पष्ट तरीके से की गई बातचीत किसी खास रिश्ते को और गहरा कर सकती है। लकी नंबर: 9, 3 लकी रंग: लाल, पीला क्या न करें: छोटी-सी बात को जरूरत से ज्यादा बड़ा मुद्दा बनाने से बचें और अपने उत्साह पर नियंत्रण रखें। आज का संदेश 5 अगस्त का दिन कुल मिलाकर संवाद, सहयोग और संतुलन का संदेश देता है। अपनी बात रखना जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि सामने वाले की बात को भी ध्यान से सुना जाए। कार्यक्षेत्र हो या निजी रिश्ते, आज समझदारी और सहज संवाद कई उलझनों को दूर करने में मदद कर सकता है।
पुरी, एजेंसियां। ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने की कोशिश तेज हो गई है। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने रथ यात्रा के लिए यूनेस्को मान्यता की दिशा में नामांकन दस्तावेज जमा किए हैं। अब इस प्रक्रिया में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। यूनेस्को मान्यता के लिए आगे बढ़ी प्रक्रिया श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से रथ यात्रा को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया पिछले कुछ वर्षों से आगे बढ़ाई जा रही है। वर्ष 2025 में नामांकन दस्तावेज जमा किए जाने की जानकारी सामने आई थी। रथ यात्रा को इससे पहले केंद्र संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी की राष्ट्रीय विरासत सूची में भी शामिल किया जा चुका है। ओडिशा सरकार अब इस अभियान में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और सहयोग की मांग कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रथ यात्रा की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा सके। करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी है रथ यात्रा पुरी की रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक यात्रा से जुड़ा प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचते हैं। 2026 की रथ यात्रा के दौरान पुरी रेलवे स्टेशन ने करीब 13 लाख श्रद्धालुओं की आवाजाही संभाली। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सदियों पुरानी परंपराएं, अनुष्ठान, संगीत, शिल्प और सामुदायिक भागीदारी भी शामिल हैं। इसी सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मान्यता मिलने से पर्यटन और विरासत संरक्षण को बढ़ावा यूनेस्को की मान्यता मिलने से पुरी रथ यात्रा को वैश्विक सांस्कृतिक पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे ओडिशा में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रथ यात्रा से जुड़ी पारंपरिक कला, शिल्प और रीति-रिवाजों के संरक्षण को भी मजबूती मिल सकती है। हालांकि, अभी रथ यात्रा को यूनेस्को की सूची में शामिल नहीं किया गया है। नामांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। इसलिए फिलहाल इसे यूनेस्को मान्यता की दौड़ में शामिल सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखा जा रहा है।
Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना के लिए विशेष माना जाता है। सावन का सोमवार जितना महत्वपूर्ण माना जाता है, उतना ही धार्मिक महत्व सावन के मंगलवार का भी है। सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत और माता गौरी की पूजा से वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियां दूर होने और विवाह में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलने की कामना की जाती है। इस बार 4 अगस्त 2026, सावन के पहले मंगलवार को कई शुभ योगों का संयोग बताया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग, गजकेसरी योग, हंस योग, गुरु आदित्य योग और भद्र राजयोग बनने की बात कही गई है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसे शुभ संयोग में भगवान शिव, माता पार्वती और हनुमानजी की पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक उपाय करना शुभ फलदायी हो सकता है। आइए जानते हैं सावन के पहले मंगलवार पर कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं। सावन के पहले मंगलवार पर बन रहे हैं 7 शुभ योग 4 अगस्त को सावन के पहले मंगलवार के दिन सात शुभ योगों का संयोग बताया गया है। इनमें शामिल हैं: सर्वार्थ सिद्धि योग अमृत सिद्धि योग रवि योग गजकेसरी योग हंस योग गुरु आदित्य योग भद्र राजयोग ज्योतिषीय मान्यताओं में इन योगों को शुभ और मंगलकारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस तरह के शुभ अवसर पर भगवान का स्मरण, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से सकारात्मक फल प्राप्त हो सकते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती की करें पूजा सावन के पहले मंगलवार को भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है। यदि संभव हो तो माता गौरी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। मंगला गौरी की पूजा विशेष रूप से वैवाहिक सुख और दांपत्य जीवन से जुड़ी कामनाओं के लिए की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता पार्वती की आराधना करने से विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है। हनुमानजी को चोला चढ़ाएं सावन के पहले मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस दिन हनुमानजी को चोला अर्पित किया जा सकता है। मान्यता है कि हनुमानजी की श्रद्धापूर्वक पूजा और चोला अर्पित करने से संकटों से मुक्ति और आर्थिक परेशानियों से राहत की कामना की जाती है। बजरंगबाण का करें पाठ इस दिन हनुमानजी के सामने श्रद्धापूर्वक बजरंगबाण का पाठ करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने और नकारात्मकता से दूर रहने की कामना की जाती है। पाठ करते समय मन को शांत रखें और पूरी श्रद्धा के साथ हनुमानजी का ध्यान करें। विवाह में आ रही बाधाओं के लिए करें यह उपाय यदि विवाह में किसी प्रकार की बाधा आ रही है तो सावन के पहले मंगलवार को माता पार्वती की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन पार्वती चालीसा का पाठ किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं में माता पार्वती को अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख से जोड़ा जाता है। इसलिए मंगला गौरी की आराधना के दौरान सुखी वैवाहिक जीवन और विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की जाती है। शिवलिंग पर करें जलाभिषेक सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक विशेष महत्व रखता है। सावन के पहले मंगलवार को भी शिवलिंग पर जल अर्पित कर भगवान शिव का ध्यान किया जा सकता है। इसके साथ ही हनुमानजी के सामने घी का दीपक जलाने की परंपरा भी बताई गई है। पूजा के दौरान श्रद्धा और शुद्ध भाव को विशेष महत्व दें। 21 बेलपत्र पर लिखें राम नाम सावन के मंगलवार को एक अन्य धार्मिक उपाय के रूप में 21 बेलपत्र लेकर उन पर चंदन से ‘राम’ नाम लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करने की मान्यता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति की कामना की जाती है। इसे वास्तु संबंधी परेशानियों से मुक्ति की कामना से भी जोड़ा जाता है। सावन के पहले मंगलवार का धार्मिक महत्व सावन का पहला मंगलवार भगवान शिव के साथ माता पार्वती और हनुमानजी की आराधना के लिए विशेष अवसर माना जाता है। एक ओर जहां सावन शिव भक्ति का प्रमुख महीना है, वहीं मंगलवार को मंगला गौरी व्रत और हनुमानजी की पूजा की परंपरा इस दिन को और महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार पूजा, मंत्र जाप, व्रत, दान और सेवा जैसे धार्मिक कार्य कर सकते हैं।
रुद्राक्ष धारण करने के नियम: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में रुद्राक्ष का संबंध भी भगवान शिव से जोड़ा जाता है। यही वजह है कि श्रावण मास में रुद्राक्ष धारण करना विशेष शुभ माना जाता है। हालांकि, धार्मिक परंपराओं के अनुसार रुद्राक्ष पहनने से पहले उसकी सही विधि और कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए। ज्योतिष और वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष के अलग-अलग मुख और प्रकार बताए गए हैं और प्रत्येक का अपना अलग महत्व माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान और श्रद्धा के साथ रुद्राक्ष धारण करने से सकारात्मकता बढ़ती है और मन को शांति मिल सकती है। सावन में रुद्राक्ष क्यों धारण किया जाता है? श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। धार्मिक कथाओं और शिवपुराण से जुड़ी मान्यताओं में रुद्राक्ष को भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न बताया गया है। इसी वजह से रुद्राक्ष को शिवजी से विशेष रूप से जुड़ा हुआ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में शिव आराधना और रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिल सकता है। इसे सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति से भी जोड़ा जाता है। रुद्राक्ष के अलग-अलग मुख बताए गए हैं और उनके महत्व भी अलग माने जाते हैं। इनमें एक मुखी रुद्राक्ष को विशेष और शक्तिशाली माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग रुद्राक्ष धारण करने की विधि और मंत्र भी अलग हो सकते हैं। रुद्राक्ष कैसे धारण करें? धार्मिक परंपरा के अनुसार सामान्य रूप से रुद्राक्ष धारण करने के लिए इन बातों का ध्यान रखा जाता है: सावन का महीना रुद्राक्ष धारण करने के लिए शुभ माना जाता है। सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है, इसलिए इस दिन रुद्राक्ष धारण करना विशेष शुभ माना जाता है। सोमवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। रुद्राक्ष को गंगाजल से शुद्ध करने की परंपरा है। इसके बाद रुद्राक्ष को हाथ में लेकर भगवान शिव का ध्यान करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 11 बार जाप करने की मान्यता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार शिवजी से संबंधित अन्य मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। इसके बाद रुद्राक्ष को धागे में पिरोकर गले या हाथ में धारण किया जा सकता है। ध्यान रखें कि अलग-अलग मुखी रुद्राक्ष के लिए अलग विधि, मंत्र और धारण करने के नियम बताए जाते हैं। रुद्राक्ष धारण करने के जरूरी नियम रुद्राक्ष को लेकर धार्मिक मान्यताओं में कुछ सावधानियां भी बताई गई हैं। यदि आप इसे धारण करते हैं तो इन बातों का ध्यान रखने की परंपरा है: 1. सोते समय रुद्राक्ष उतार दें मान्यता के अनुसार रात में सोते समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए। सुबह स्नान करने से पहले भी इसे अलग रखने की सलाह दी जाती है। 2. स्नान के बाद दोबारा धारण करें सुबह स्नान और पूजा-पाठ करने के बाद रुद्राक्ष को दोबारा धारण करने की परंपरा है। इसे धार्मिक रूप से रुद्राक्ष की पवित्रता बनाए रखने से जोड़ा जाता है। 3. किसी दूसरे व्यक्ति का रुद्राक्ष न पहनें मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष व्यक्तिगत रूप से धारण किया जाना चाहिए। इसलिए किसी अन्य व्यक्ति का रुद्राक्ष अपने गले में पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। इसी तरह अपना रुद्राक्ष भी किसी दूसरे व्यक्ति को पहनने के लिए न देने की परंपरा है। 4. सात्विक जीवनशैली अपनाएं धार्मिक मान्यताओं में रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को मांस और मदिरा से दूर रहने तथा अनैतिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। इसके पीछे सात्विक जीवनशैली और भगवान शिव के प्रति श्रद्धा को महत्व दिया जाता है। रुद्राक्ष धारण करते समय सबसे जरूरी बात रुद्राक्ष केवल एक धार्मिक आस्था से जुड़ी वस्तु नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए भगवान शिव की भक्ति और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक भी है। इसलिए इसे धारण करते समय श्रद्धा, स्वच्छता और अपनी धार्मिक परंपरा का ध्यान रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। साथ ही, यह समझना जरूरी है कि रुद्राक्ष से जुड़े लाभ और प्रभाव मुख्य रूप से धार्मिक एवं आध्यात्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित चिकित्सा या स्वास्थ्य उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
आज का राशिफल 4 अगस्त 2026: मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज चंद्रमा मीन राशि में रेवती नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। इससे मन में भावनात्मक स्थिरता के साथ संवेदनशीलता और गहराई बनी रह सकती है। वहीं सूर्य कर्क राशि में आश्लेषा नक्षत्र में स्थित हैं, जिससे रहस्यमयी विषयों और अंतर्ज्ञान की ओर रुचि बढ़ सकती है। बुध मिथुन राशि में मार्गी होकर अपनी ही राशि में मजबूत स्थिति में हैं, जिससे बातचीत, समझदारी और बौद्धिक कार्यों में तेजी आ सकती है। हालांकि गुरु और शनि की स्थिति के कारण कुछ कार्यों में देरी या अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। ऐसे में जल्दबाजी के बजाय धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। आज कर्क और कन्या राशि वालों को करियर में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। तुला और धनु राशि वालों के घर-परिवार में सुखद माहौल रहने के आसार हैं, जबकि वृश्चिक राशि वालों को अपनों का सहयोग मिल सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा। मेष राशिफल: परिवार का मिलेगा साथ, दिनचर्या रखें व्यवस्थित मेष राशि वालों के लिए घर-परिवार का माहौल आज सुखद रह सकता है। घर के बड़े-बुजुर्गों की सलाह किसी महत्वपूर्ण मामले में काम आएगी। भाई-बहन से जुड़ी कोई खबर मिल सकती है और छोटी दूरी की यात्रा के योग भी बन सकते हैं। हालांकि रात में नींद कम होने या मन में बेचैनी की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखना जरूरी होगा। पुराने बकाया या छोटे वित्तीय मामलों को निपटाने का अवसर मिल सकता है। करियर में आपकी मेहनत का असर धीरे-धीरे दिखाई देगा। प्रेम जीवन में साथी के साथ खुलकर बातचीत करने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रह सकता है, लेकिन सिर भारी लगने जैसी परेशानी हो सकती है। आज की सलाह: किसी पुरानी बात को लेकर बहस करने से बचें। शुभ रंग: जामुनी शुभ अंक: 3 उपाय: गुड़ और लाल वस्त्र का दान करें। वृषभ राशिफल: बोलचाल में मिठास बनाए रखें वृषभ राशि वालों को आज सामाजिक दायरे और मित्रों की ओर से कोई शुभ सूचना मिल सकती है। मन की कोई इच्छा पूरी होने के संकेत भी बन रहे हैं। परिवार और धन से जुड़े मामलों में स्थिति संतोषजनक रह सकती है, लेकिन वाणी पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा। करियर में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन में रोमांस और उत्साह बना रहेगा। स्वास्थ्य की बात करें तो आंख या गले से जुड़ी मामूली परेशानी हो सकती है। आज की सलाह: किसी की बात को तुरंत दिल पर न लें, वरना गलतफहमी बढ़ सकती है। शुभ रंग: आसमानी नीला शुभ अंक: 7 उपाय: आज कम बोलने या कुछ समय मौन रहने का प्रयास करें। मिथुन राशिफल: करियर में मिलेगी सराहना, जल्दबाजी से बचें मिथुन राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी और आत्मविश्वास मजबूत होगा। बॉस या वरिष्ठ अधिकारियों से आपकी मेहनत की प्रशंसा मिल सकती है। हालांकि स्वभाव में थोड़ी उग्रता आ सकती है, इसलिए बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। पैसों और परिवार से जुड़े मामलों में स्थिरता बनी रह सकती है। धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुचि बढ़ेगी। तीर्थ यात्रा की योजना भी बन सकती है। प्रेम जीवन में पार्टनर की भावनाओं को समझना जरूरी होगा। सिरदर्द या आंखों में जलन जैसी हल्की परेशानी हो सकती है। आज की सलाह: किसी भी महत्वपूर्ण मामले में जल्दबाजी से फैसला न लें। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 5 उपाय: चंदन का तिलक लगाएं। कर्क राशिफल: आत्मविश्वास बढ़ेगा, खर्चों पर रखें नियंत्रण कर्क राशि वालों के व्यक्तित्व में आज आत्मविश्वास और आकर्षण दिखाई देगा। आपकी बातों का दूसरों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। भाग्य और गुरु कृपा से मन को शांति मिलेगी। धार्मिक स्थल जाने की इच्छा भी हो सकती है। हालांकि खर्च बढ़ने और नींद में कमी की संभावना है। इसलिए बजट और दिनचर्या दोनों को संतुलित रखना जरूरी होगा। भाई-बहन के साथ बातचीत मधुर रहेगी। करियर में आपकी मेहनत रंग ला सकती है, लेकिन इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। प्रेम जीवन में बातचीत धीरे-धीरे बेहतर होगी। स्वास्थ्य में हल्की सुस्ती महसूस हो सकती है। आज की सलाह: अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। शुभ रंग: सुनहरा पीला शुभ अंक: 8 उपाय: चावल और दूध का दान करें। सिंह राशिफल: दोस्तों का मिलेगा सहयोग, आराम को दें प्राथमिकता सिंह राशि वालों को मित्रों और सामाजिक दायरे से सहयोग मिल सकता है। कोई पुरानी इच्छा पूरी होने की संभावना भी बन रही है। धन और बातचीत से जुड़े मामलों में धीरे-धीरे सुधार होगा। हालांकि नींद और आराम की कमी आपको परेशान कर सकती है। इसलिए व्यस्त दिनचर्या के बीच आराम के लिए समय निकालें। छिपे हुए मामलों या जरूरी दस्तावेजों को लेकर सतर्क रहें। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ तालमेल बना रहेगा। प्रेम जीवन में मन की बात खुलकर साझा करना रिश्ते को बेहतर बना सकता है। आज की सलाह: थकान को नजरअंदाज करके लगातार काम न करें। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 1 उपाय: सूर्यदेव के मंत्र ‘ॐ सूर्याय नमः’ का जाप करें। कन्या राशिफल: करियर में मिल सकता है अच्छा अवसर कन्या राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन सकारात्मक रह सकता है। बीते दिनों में की गई मेहनत का परिणाम आज दिखाई दे सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों की नजर आपके काम पर रहेगी और कोई अच्छा अवसर सामने आ सकता है। मित्रों और सामाजिक दायरे से भी सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी विषय पर तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा। छोटी बातों को बड़ा मुद्दा बनाने से बचें। स्वास्थ्य, दिनचर्या और कर्ज से जुड़े मामलों में सावधानी रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। प्रेम जीवन में सूझबूझ से काम लेना बेहतर रहेगा। आज की सलाह: ऑफिस की छोटी-छोटी बातों में जरूरत से ज्यादा उलझने से बचें। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 6 उपाय: तुलसी के पौधे में जल चढ़ाकर दीपक जलाएं। तुला राशिफल: मान-सम्मान बढ़ेगा, थकान को न करें नजरअंदाज तुला राशि वालों के लिए पद और प्रतिष्ठा के लिहाज से दिन अच्छा रह सकता है। ऑफिस या सामाजिक क्षेत्र में आपकी पूछ बढ़ सकती है। गुरुजनों और भाग्य का सहयोग मिलेगा। धार्मिक स्थल की यात्रा की योजना भी बन सकती है। काम के दबाव और थकान के कारण ऊर्जा कम महसूस हो सकती है। खर्चों में वृद्धि के साथ कुछ समय अकेले रहने की इच्छा भी हो सकती है, लेकिन सामाजिक संपर्क पूरी तरह न छोड़ें। बच्चों या प्रेम संबंधों से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा और साथी के साथ समय बिताने से रिश्ता मजबूत होगा। आज की सलाह: शरीर थका हो तो आराम को प्राथमिकता दें। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 9 उपाय: सफेद चंदन का तिलक लगाएं। वृश्चिक राशिफल: भाग्योदय के योग, संतान के मामलों में धैर्य रखें वृश्चिक राशि वालों के लिए आज भाग्य का साथ मजबूत रह सकता है। पढ़ाई और धार्मिक कार्यों में मन लगेगा और कई क्षेत्रों में सफलता के संकेत मिल सकते हैं। हालांकि बच्चों, प्रेम संबंधों या रचनात्मक कार्यों से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव संभव है। ससुराल पक्ष, गुप्त मामलों और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सावधानी बरतें। दोस्तों से आर्थिक मदद मिल सकती है। घर या वाहन से जुड़े कामों में सतर्क रहना बेहतर होगा। नौकरीपेशा लोगों की मेहनत का परिणाम जल्द सामने आ सकता है। प्रेम जीवन में भावुकता हावी हो सकती है, इसलिए संतुलन बनाए रखें। आज की सलाह: किसी निजी मामले में जल्दबाजी या अनावश्यक हस्तक्षेप से बचें। शुभ रंग: भूरा शुभ अंक: 4 उपाय: जरूरतमंद लोगों को कंबल या गर्म कपड़े दान करें। धनु राशिफल: घर में रहेगा खुशनुमा माहौल, कागजी काम में सावधानी धनु राशि वालों के लिए आज घर-परिवार का वातावरण हल्का-फुल्का और सुखद रह सकता है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर बातचीत हो सकती है। अपनी इच्छा पूरी न होने पर गुस्सा करने के बजाय समझदारी से स्थिति संभालें। नौकरी में टीमवर्क पर ध्यान देना होगा। भाई-बहन के साथ छोटी यात्रा सुखद रह सकती है। भाग्य का साथ मिला-जुला रहेगा, इसलिए धैर्य बनाए रखें। प्रॉपर्टी या किसी अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले हर जानकारी ध्यान से पढ़ें। आज की सलाह: कागजी काम में जल्दबाजी बिल्कुल न करें। शुभ रंग: नारंगी शुभ अंक: 12 उपाय: पीले वस्त्र पहनें या चने की दाल का दान करें। मकर राशिफल: जीवनसाथी का मिलेगा सहयोग, खानपान का रखें ध्यान मकर राशि वालों को आज जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर का भरपूर सहयोग मिल सकता है। रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए छोटे लेकिन सकारात्मक प्रयास लाभकारी रहेंगे। नौकरी का दबाव बढ़ सकता है और काम की अधिकता के कारण थकान महसूस हो सकती है। भाई-बहन के साथ बातचीत में तल्खी आ सकती है, इसलिए गुस्से पर नियंत्रण रखें। लंबी यात्रा के अवसर बन सकते हैं। धन और घरेलू मामलों में सावधानी जरूरी होगी। पेट या पाचन से जुड़ी परेशानी से बचने के लिए खानपान का विशेष ध्यान रखें। पैसों के लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें। आज की सलाह: भावनाओं में आकर आर्थिक फैसला न लें। शुभ रंग: काला शुभ अंक: 10 उपाय: नकारात्मकता से बचने के लिए काजल का टीका लगाएं। कुंभ राशिफल: बच्चों से मिल सकती है खुशखबरी, खर्च पर लगाम लगाएं कुंभ राशि वालों को संतान, प्रेम संबंध या किसी रचनात्मक कार्य से खुशी मिल सकती है। मूड अच्छा रहेगा और सकारात्मकता बनी रह सकती है। हालांकि धन और परिवार से जुड़े मामलों में बातचीत के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना आज बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। नौकरी, स्वास्थ्य और रोजमर्रा के कामों में की गई मेहनत का परिणाम सामने आ सकता है। व्यक्तित्व और छवि में निखार आएगा। गुप्त मामलों और जरूरी कागजातों में जल्दबाजी से बचें। जीवनसाथी या पार्टनर के साथ तालमेल बनाए रखें। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ सकता है। आज की सलाह: अनावश्यक खरीदारी और खर्च से बचें। शुभ रंग: फिरोजी शुभ अंक: 15 उपाय: काले तिल, काली उड़द या लोहे का दान करें। मीन राशिफल: आत्मविश्वास रहेगा मजबूत, भावनाओं में आकर फैसला न लें मीन राशि वालों के व्यक्तित्व और आत्मविश्वास में आज खास चमक दिखाई दे सकती है। गुरु की कृपा से सोच सकारात्मक और स्पष्ट रहने की संभावना है। बच्चों, प्रेम या रचनात्मक कार्यों में मेहनत करनी होगी और तुरंत परिणाम की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। घर, माता और वाहन से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। जीवनसाथी या पार्टनर के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा। नौकरी, स्वास्थ्य और दिनचर्या के मामलों में सतर्कता रखें। दोस्तों का साथ मिलेगा, लेकिन अकेलेपन या अनावश्यक खर्च की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। आज की सलाह: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। आज का ज्योतिषीय संदेश 4 अगस्त 2026 का दिन कई राशियों के लिए धैर्य, संवाद, अनुशासन और संतुलन का संदेश लेकर आया है। कर्क और कन्या राशि वालों को करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं, जबकि तुला और धनु राशि वालों के लिए पारिवारिक माहौल सुखद रह सकता है। वृश्चिक राशि वालों को भाग्य और अपनों का सहयोग मिलने के संकेत हैं। हालांकि ग्रहों की स्थिति के कारण कुछ मामलों में देरी हो सकती है। इसलिए आज किसी भी बड़े निर्णय में जल्दबाजी करने के बजाय परिस्थितियों को समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।
आज का अंक ज्योतिष, 4 अगस्त 2026: अंक ज्योतिष के अनुसार 4 अगस्त का दिन अनुशासन, योजना, धैर्य और जिम्मेदारी पर जोर देने वाला है। आज की ऊर्जा खासतौर पर उन लोगों के लिए सकारात्मक रह सकती है जो जल्दबाजी के बजाय व्यवस्थित तरीके से अपने काम पूरे करने पर भरोसा रखते हैं। मूलांक 4 के जातकों के लिए दिन मेहनत का परिणाम दिखाने वाला हो सकता है, जबकि मूलांक 9 वालों को धैर्य के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। आज का दिन केवल तेजी से काम पूरा करने का नहीं, बल्कि सही दिशा और बेहतर योजना के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। अधूरे कामों को निपटाने, पुरानी योजनाओं को व्यवस्थित करने और भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने के लिहाज से दिन उपयोगी रह सकता है। रिश्तों में भी अपनी बात मनवाने के बजाय समझदारी और संतुलन बनाए रखना फायदेमंद रहेगा। मूलांक 1: पुराने काम पूरे करने पर दें ध्यान आज आपके लिए नए काम शुरू करने के बजाय पहले से अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करना अधिक बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में एकाग्र होकर काम करने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। काम के दबाव के बीच आराम और शरीर का ध्यान रखना भी जरूरी होगा। रिश्तों में केवल अपनी बात पर अड़े रहने के बजाय थोड़ा समझौता करना आपके लिए बेहतर रहेगा। लकी नंबर: 1, 4 लकी रंग: गोल्ड, ग्रे क्या न करें: किसी काम को कठिन या उबाऊ समझकर उसे बीच में न छोड़ें। मूलांक 2: टीमवर्क से मिलेगा फायदा आज मिल-जुलकर काम करने से आपको लाभ मिल सकता है। किसी सहकर्मी या टीम के साथ मिलकर कागजी काम, योजना या किसी पुराने प्रोजेक्ट को व्यवस्थित करने में सफलता मिल सकती है। लगातार काम करने से मानसिक थकान हो सकती है, इसलिए बीच-बीच में आराम जरूर करें। रिश्तों में किसी पुरानी बात को लेकर परेशान होने के बजाय शांत बातचीत से समाधान खोजें। लकी नंबर: 2, 4 लकी रंग: व्हाइट, ग्रे क्या न करें: अपनी मेहनत का तुरंत परिणाम न मिलने पर निराश न हों। मूलांक 3: रुके प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय आज आपकी रचनात्मकता को सही दिशा देने की जरूरत है। कोई रुका हुआ प्रोजेक्ट पूरा करने या बिखरे हुए विचारों को व्यवस्थित योजना में बदलने के लिए दिन अनुकूल रह सकता है। काम और आराम के बीच संतुलन बनाकर चलें। रिश्तों में केवल हंसी-मजाक तक सीमित रहने के बजाय किसी जरूरी मुद्दे पर खुलकर और ईमानदारी से बातचीत करें। लकी नंबर: 3, 4 लकी रंग: येलो, ग्रे क्या न करें: किसी काम में देरी होने पर अपना धैर्य न खोएं। मूलांक 4: मेहनत से मिल सकते हैं अच्छे परिणाम आज का दिन मूलांक 4 वालों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। योजना बनाने, काम को व्यवस्थित करने, अधूरे कार्य पूरे करने और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने के लिए समय अच्छा है। आपकी मेहनत और अनुशासन का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। हालांकि लगातार काम करते रहने से शारीरिक थकान हो सकती है। इसलिए काम के बीच छोटे ब्रेक लेते रहें। परिवार और करीबी लोगों के लिए भी समय निकालें। लकी नंबर: 4, 8 लकी रंग: ग्रे, ब्लू क्या न करें: काम में इतना न डूबें कि आराम और अपनों के लिए समय ही न बचे। मूलांक 5: योजना बनाकर आगे बढ़ें आज का अनुशासन आपको शुरुआत में थोड़ा बंधा हुआ महसूस करा सकता है, लेकिन यही ऊर्जा आपके बिखरे हुए कामों को व्यवस्थित करने में मदद करेगी। जल्दबाजी के बजाय योजना बनाकर आगे बढ़ें। बड़े कामों को छोटे हिस्सों में बांटकर पूरा करने से तनाव कम रहेगा। रिश्तों में भरोसा और निरंतरता बनाए रखना जरूरी होगा। लकी नंबर: 5, 4 लकी रंग: हरा, ग्रे क्या न करें: जल्दी आगे बढ़ने की कोशिश में जरूरी बातों और काम की बारीकियों को नजरअंदाज न करें। मूलांक 6: दूसरों के साथ खुद के लिए भी समय निकालें आज परिवार और लंबे समय से जुड़ी जिम्मेदारियां आपके लिए प्राथमिकता बन सकती हैं। घर की व्यवस्था सुधारने और योजनाबद्ध तरीके से काम करने में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि लगातार दूसरों की जिम्मेदारियां उठाने से मानसिक थकान हो सकती है। इसलिए अपने लिए भी कुछ समय निकालना जरूरी है। परिवार में किसी विवाद या समस्या को सुलझाते समय प्यार, धैर्य और अनुशासन का संतुलन बनाए रखें। लकी नंबर: 6, 4 लकी रंग: पिंक, ग्रे क्या न करें: सभी जिम्मेदारियां अकेले उठाकर खुद को पूरी तरह न थकाएं। मूलांक 7: तनाव और ज्यादा सोचने से बचें आज गहराई से सोचने, तकनीकी काम करने और शांत मन से अपनी योजनाओं पर आगे बढ़ने के लिए दिन उपयोगी हो सकता है। आपकी गंभीर सोच और आज की अनुशासित ऊर्जा का अच्छा तालमेल बन सकता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा सोचने से मानसिक थकान हो सकती है। स्क्रीन से कुछ समय दूर रहना और खुद को आराम देना फायदेमंद रहेगा। रिश्तों में किसी गलतफहमी को दूर करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाएं। लकी नंबर: 7, 4 लकी रंग: इंडिगो, ग्रे क्या न करें: किसी गलतफहमी के कारण खुद में सिमटने के बजाय जरूरी बातचीत जरूर करें। मूलांक 8: अनुशासन और मेहनत से लाभ करियर और आर्थिक योजनाओं के लिए आज का दिन उपयोगी रह सकता है। आपकी मेहनत और अनुशासन बड़े पेशेवर या वित्तीय फैसलों में मदद कर सकते हैं। हालांकि लगातार बैठकों और काम के दबाव से मानसिक तनाव हो सकता है। बीच में थोड़ा टहलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना बेहतर रहेगा। काम के साथ-साथ परिवार और करीबी लोगों की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। लकी नंबर: 8, 4 लकी रंग: नेवी ब्लू, ग्रे क्या न करें: काम की उपलब्धियों में इतना व्यस्त न हों कि रिश्तों और भावनाओं को नजरअंदाज कर दें। मूलांक 9: मेहनत और धैर्य से मिलेगा परिणाम मूलांक 9 वालों के लिए आज का दिन जोश को नियंत्रित रखते हुए अधूरे या अटके हुए काम पूरे करने का संकेत देता है। किसी भी मामले में जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य और नियम के साथ आगे बढ़ना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा। काम की धीमी प्रगति आपको थोड़ी बेचैनी या झुंझलाहट दे सकती है, लेकिन इस स्थिति में धैर्य बनाए रखना जरूरी है। टहलना या शारीरिक गतिविधि मन को शांत करने में मदद कर सकती है। हर चीज को तुरंत ठीक करने की कोशिश या जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। लकी नंबर: 9, 4 लकी रंग: लाल, ग्रे क्या न करें: हर समस्या का समाधान तुरंत निकालने की जिद न करें और जल्दबाजी से बचें। 4 अगस्त का संदेश 4 अगस्त का अंक ज्योतिष यही संकेत देता है कि आज सफलता की कुंजी अनुशासन, धैर्य, योजना और निरंतर मेहनत में छिपी है। खासकर मूलांक 4 और 9 वालों के लिए अपनी मेहनत को सही दिशा में लगाने का दिन है। हालांकि सभी मूलांक वालों को काम के साथ-साथ आराम, परिवार और रिश्तों के लिए भी संतुलित समय देना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।