हैदराबाद, एजेंसियां। जयसूर्या और अनुष्का शेट्टी की नई मलयालम फिल्म कथानार: द वाइल्ड सॉर्सरर का टीजर रिलीज़ हो गया है, जिसने फैंस के बीच खासी उत्सुकता पैदा कर दी है। रोजिन थॉमस द्वारा निर्देशित यह डार्क फैंटेसी फिल्म पौराणिक कथाओं और जादू-टोने की दुनिया पर आधारित है। जयसूर्या नौवीं शताब्दी के पौराणिक पुजारी कदमत्तथु कथानार की भूमिका निभा रहे हैं, जिनके पास अलौकिक शक्तियां थीं। कैसा हैं टीजर? टीजर की शुरुआत प्रभावशाली वॉइसओवर के साथ होती है, जो ज्ञान और जादू के बीच संतुलन की ओर इशारा करता है। इसके बाद प्राचीन मंदिरों और रहस्यमय दृश्य का परिचय दिया गया है। जयसूर्या का विराट और शक्तिशाली रूप उनके रहस्यमय किरदार को दर्शाता है, जिसमें ज्वालाएं, अनुष्ठान और ड्रामाटिक सीन शामिल हैं। यह माहौल फिल्म की गंभीरता और रहस्य को बनाए रखता है, जबकि कथानक का पूरा खुलासा नहीं करता। टीजर में अनुष्का शेट्टी की झलक भी दिखाई गई है, जो पारंपरिक पोशाक में नजर आती हैं और फिल्म के ऐतिहासिक माहौल को और निखारती हैं। यह उनका मलयालम सिनेमा में डेब्यू है। इसके अलावा, फिल्म में प्रभु देवा और विनीत प्रमुख भूमिकाओं में हैं, जबकि मोहनलाल कैमियो रोल में दिखाई देंगे। फिल्म की कहानी क्या है? फिल्म की कहानी महान जादूगर-पुजारी के जीवन पर आधारित है और यह दो भागों में बनी है। टीम ने टीजर बनाने में उन्नत वर्चुअल प्रोडक्शन तकनीक का उपयोग किया है, जो एपिक और सिनेमैटिक सीन प्रस्तुत करता है। फैंस ने टीजर को “पहले कभी न देखा गया” बताया है और इसके CGI और सिनेमैटोग्राफी की सराहना की है। निर्देशक रोजिन थॉमस ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर तीन साल का समय लगा है और इसे मिथक, कल्पना और इतिहास का भव्य सिनेमाई अनुभव बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। श्री गोकुलम मूवीज के बैनर तले निर्मित यह फिल्म दर्शकों को एक नई और रहस्यमय दुनिया में ले जाएगी।
मलयालम सिनेमा की फिल्म ‘आडू 3: वन लास्ट राइड (पार्ट 1)’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रणवीर सिंह की मेगा बजट फिल्म ‘धुरंधर 2’ की रिलीज के बावजूद जयसूर्या स्टारर इस फैंटेसी कॉमेडी का क्रेज कम नहीं हुआ है। फिल्म लगातार कमाई कर रही है और रिलीज के महज 11 दिनों में ही 100 फीसदी से ज्यादा मुनाफा हासिल कर चुकी है। 11वें दिन भी जारी रही कमाई की रफ्तार फिल्म ने पहले हफ्ते में ही मजबूत पकड़ बना ली थी। पहले सप्ताह का कलेक्शन: 37 करोड़ रुपये (भारत) दूसरे शुक्रवार: 1.60 करोड़ दूसरे शनिवार: 2.30 करोड़ 11वें दिन (दूसरे रविवार): 2.65 करोड़ इसके बाद फिल्म की कुल नेट कमाई 43.01 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जबकि ग्रॉस कलेक्शन 49.75 करोड़ रुपये हो चुका है। वर्ल्डवाइड भी ‘आडू 3’ का धमाका सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी फिल्म का जलवा देखने को मिल रहा है। 11वें दिन ओवरसीज कलेक्शन: 1 करोड़ रुपये कुल विदेशी ग्रॉस: 60.15 करोड़ रुपये इस तरह फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 109.90 करोड़ रुपये हो गया है, जो इसे 2026 की सबसे बड़ी मलयालम फिल्मों में शामिल करता है। बजट से दोगुनी कमाई, बन गई ‘हिट’ करीब 20 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘आडू 3’ ने रिलीज के 10 दिनों के अंदर ही अपनी लागत निकाल ली थी और अब यह बॉक्स ऑफिस पर ‘हिट’ साबित हो चुकी है। कुल मुनाफा: 115.05% 2026 की दूसरी सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली फिल्म इस लिस्ट में पहले नंबर पर ‘प्रकंबनम’ है, जिसने 284% मुनाफा कमाया है। क्यों खास है ‘आडू 3’? ‘आडू’ फ्रेंचाइज़ी पहले से ही दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। तीसरे पार्ट में भी वही देसी हास्य, फैंटेसी और जयसूर्या की दमदार परफॉर्मेंस दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रही है।
मलयालम सिनेमा के चर्चित अभिनेता Nivin Pauly ने सुपरस्टार Mohanlal के साथ अपनी तुलना को सिरे से खारिज कर दिया है। अपनी आगामी फिल्म Prathichaya के प्रमोशन के दौरान दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि “लालेत्तन, लालेत्तन हैं — उनका कोई मुकाबला नहीं।” ‘मोहनलाल अतुलनीय हैं’, निविन पॉली का बयान मीडिया से बातचीत में निविन पॉली ने कहा कि वह खुद को किसी से तुलना करने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपने डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करता हूं और सहज तरीके से अभिनय करता हूं। सेट पर कुछ दिन लगते हैं विज़न समझने में, उसके बाद मैं उसी के अनुसार खुद को ढाल लेता हूं। एक बार समझ आ जाए, तो मैं ज्यादा तनाव नहीं लेता।” उनका यह बयान इंडस्ट्री में उनकी सादगी और पेशेवर सोच को दर्शाता है। ‘Prathichaya’ की कहानी और स्टारकास्ट Prathichaya एक राजनीतिक थ्रिलर है, जिसका निर्देशन Unnikrishnan B ने किया है। फिल्म की कहानी एक टेक एंटरप्रेन्योर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो राज्य के मुख्यमंत्री का बेटा होता है। जब एक खतरनाक साजिश में उसके पिता की मौत हो जाती है, तो वह सच्चाई उजागर करने और अपने पिता की विरासत बचाने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म में राजनीति, साजिश और रणनीति का गहरा मिश्रण देखने को मिलेगा। फिल्म में Sharaf U Dheen, Balachandra Menon, Harisree Ashokan, Ann Augustine और Sai Kumar जैसे कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसका संगीत Justin Varghese ने तैयार किया है। ‘Drishyam 3’ से वापसी करेंगे मोहनलाल वहीं, Mohanlal जल्द ही अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म Drishyam 3 में नजर आएंगे, जिसका निर्देशन Jeethu Joseph कर रहे हैं। यह फिल्म अब 21 मई 2026 को रिलीज होगी, जो मोहनलाल के जन्मदिन के साथ मेल खाती है। दोनों सितारों के अलग-अलग रास्ते जहां एक ओर मोहनलाल अपने अनुभव और दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं, वहीं निविन पॉली नई पीढ़ी के लोकप्रिय सितारों में शामिल हैं। निविन का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि वह अपनी अलग पहचान बनाए रखना चाहते हैं, बजाय किसी दिग्गज से तुलना के।
तिरुवनंतपुरम, एजेंसियां। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक ई.ए. राजेंद्रन का 71 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कोल्लम के पट्टाथनम स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से मलयालम सिनेमा और रंगमंच जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। थिएटर से शुरू हुआ था अभिनय का सफर ई.ए. राजेंद्रन ने बहुत कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। स्कूल के दिनों से ही वे नाटकों में सक्रिय थे। आगे चलकर उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया, जहां अभिनय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से टेलीविजन कोर्स भी किया। करीब 60 फिल्मों में निभाईं यादगार भूमिकाएं अपने लंबे करियर में राजेंद्रन ने लगभग 60 फिल्मों में काम किया। उन्होंने कई फिल्मों में खलनायक और चरित्र भूमिकाओं के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने वी.आर. गोपीनाथ की फिल्म ‘ग्रीष्मम’ से सिनेमा में कदम रखा। बाद में जयराज निर्देशित ‘कलियाट्टम’ से उन्होंने प्रभावशाली वापसी की। ‘प्रणयवर्णमगल’, ‘दया’ और ‘पट्टाभिषेकम’ जैसी फिल्मों में भी उनके अभिनय को सराहा गया। निर्देशन और सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय रहे अभिनय के अलावा ई.ए. राजेंद्रन ने रंगमंच पर निर्देशन में भी उल्लेखनीय काम किया। वे राज्य बागवानी निगम के अध्यक्ष भी रह चुके थे। पिछले साल उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर फैली अफवाहों पर सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने डॉक्टर की सलाह पर वजन कम किया था। अंतिम दर्शन और संस्कार उनके पार्थिव शरीर को कोल्लम में श्रद्धांजलि के लिए रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके पैतृक शहर त्रिशूर ले जाया जाएगा, जहां अगले दिन उनके घर पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
साउथ सुपरस्टार Ram Charan अपनी आगामी फिल्म Peddi की शूटिंग के दौरान हल्की चोट का शिकार हो गए। यह घटना 24 मार्च 2026 को एक एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान हुई, जब अभिनेता को आंख के पास चोट लग गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह चोट गंभीर नहीं है और अभिनेता अब पूरी तरह से ठीक होकर काम पर लौट चुके हैं। एक्शन सीन के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम चरण एक हाई-इंटेंसिटी एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। उनकी टीम ने पुष्टि करते हुए बताया कि चोट आंख पर नहीं बल्कि उसके ऊपर लगी थी। उन्हें चार टांके लगे, लेकिन उनकी आंख पूरी तरह सुरक्षित है। टीम ने यह भी साफ किया कि यह मामूली चोट थी और चिंता की कोई बात नहीं है। अभिनेता ने इलाज के तुरंत बाद शूटिंग फिर से शुरू कर दी है, जिससे उनके प्रोफेशनल कमिटमेंट का अंदाजा लगाया जा सकता है। ‘पेड्डी’ में दिखेगा क्रिकेट और गांव का संगम Peddi एक स्पोर्ट्स-एक्शन ड्रामा है, जिसकी कहानी ग्रामीण पृष्ठभूमि में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म का निर्देशन Buchi Babu Sana कर रहे हैं। फिल्म में राम चरण के साथ Janhvi Kapoor, Shiva Rajkumar, Divyendu Sharma, Jagapathi Babu और Boman Irani जैसे दमदार कलाकार नजर आएंगे। हाल ही में मेकर्स ने जान्हवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ की झलक भी जारी की थी, जिसमें वह एक चुलबुली और जीवंत गांव की लड़की के रूप में दिखाई देती हैं। ए.आर. रहमान का संगीत और आने वाला टीज़र फिल्म का संगीत A. R. Rahman ने तैयार किया है। हाल ही में रिलीज हुआ गाना “Rai Rai Raa Raa” दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का एक्शन टीज़र “Kusthi” 27 मार्च 2026 को राम चरण के जन्मदिन के मौके पर रिलीज किया जाएगा, जिससे फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई है। रिलीज डेट और आने वाले प्रोजेक्ट्स Peddi 30 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। वर्क फ्रंट की बात करें तो राम चरण आखिरी बार Game Changer में नजर आए थे। इसके अलावा वह जल्द ही Sukumar के साथ एक नई फिल्म (RC17) में भी काम करते दिखेंगे, जो उनके और निर्देशक के बीच “रंगस्थलम” के बाद एक और बड़ी साझेदारी मानी जा रही है।
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Rajinikanth की अपकमिंग फिल्म ‘Thalaivar173’ को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। ‘Dragon’ फेम निर्देशक Ashwath Marimuthu ने बताया है कि इस फिल्म के लिए शुरुआत में उन्हें चुना गया था, लेकिन बाद में यह प्रोजेक्ट Cibi Chakaravarthi के पास चला गया। “Rajinikanth को कहानी इतनी पसंद आई कि लंच तक भूल गए” एक इंटरव्यू में Ashwath Marimuthu ने बताया कि जब उनकी फिल्म STR51 की स्क्रिप्ट अटक गई थी, तब उन्होंने एक नई कहानी पर काम शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात Rajinikanth से हुई। निर्देशक के मुताबिक, उन्होंने करीब 1 घंटे 40 मिनट तक पूरी कहानी सुनाई, जिसे सुनते हुए Rajinikanth पूरी तरह उसमें डूब गए। Ashwath ने कहा कि इंटरवल ब्लॉक इतना दमदार था कि Rajinikanth अपनी उम्र के बावजूद लंच तक करना भूल गए। उन्होंने खासतौर पर फिल्म के विलेन किरदार की तारीफ की और उसकी कास्टिंग को लेकर भी चर्चा की। लगभग फाइनल होकर भी क्यों नहीं बन पाई फिल्म? Ashwath Marimuthu के अनुसार, फिल्म लगभग फाइनल हो चुकी थी, लेकिन कुछ परिस्थितियों के चलते यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद Rajinikanth ने Cibi Chakaravarthi की फिल्म करने का फैसला लिया। हालांकि Rajinikanth ने यह भी कहा कि यह कहानी भविष्य में जरूर बनाई जानी चाहिए और उस खास किरदार को केवल वह या Kamal Haasan ही निभा सकते हैं। Vijay के लिए भी तैयार है बड़ी कहानी Ashwath Marimuthu ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने Vijay के लिए भी एक खास स्क्रिप्ट लिखी है। ‘Dragon’ की रिलीज के बाद जब वह Vijay से मिले, तो अभिनेता ने निर्माता से कहा कि Ashwath उनके साथ काम करने के लिए सही विकल्प हो सकते हैं। ‘Thalaivar173’ की क्या है अपडेट? फिलहाल Rajinikanth निर्देशक Cibi Chakaravarthi के साथ ‘Thalaivar173’ पर काम करने जा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है Basil Joseph और Priyanka Mohan के अहम भूमिकाओं में होने की चर्चा है यह फिल्म पहले से ही फैंस के बीच जबरदस्त चर्चा में है और अब इस नए खुलासे ने उत्साह को और बढ़ा दिया है।
बेंगलुरू, एजेंसियां। साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी फिल्म या शादी नहीं, बल्कि एक प्यारी सी फैन के लिए किया गया खास gesture है। दोनों कलाकारों ने अपनी एक नन्ही फैन की ख्वाहिश पूरी कर उसे अपने घर लंच पर आमंत्रित किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है। वायरल वीडियो से शुरू हुई कहानी दरअसल, “Urs Lucky Thalli” नाम के इंस्टाग्राम चैनल पर एक छोटी बच्ची ने 8 मार्च को एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उसने रश्मिका और विजय को शादी की बधाई दी, लेकिन साथ ही उन्हें शादी में न बुलाने की क्यूट शिकायत भी कर डाली। बच्ची का यह मासूम वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लाखों लोगों का दिल जीत लिया। सितारों ने निभाया वादा जब यह वीडियो रश्मिका और विजय तक पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बच्ची को अपने घर पर लंच के लिए आमंत्रित किया। हाल ही में सामने आए वीडियो में देखा गया कि दोनों स्टार्स ने न सिर्फ बच्ची का गर्मजोशी से स्वागत किया, बल्कि उसे उसका पसंदीदा खाना भी खिलाया।वीडियो में रश्मिका मंदाना बच्ची को लड्डू खिलाते हुए नजर आ रही हैं, वहीं विजय देवरकोंडा उसे गोद में उठाकर खेलते दिखाई दे रहे हैं। इस भावुक और प्यारे पल ने फैंस का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस लगातार इस स्टार कपल की तारीफ कर रहे हैं। लोग इसे स्टार्स का डाउन-टू-अर्थ व्यवहार और अपने फैंस के प्रति सम्मान का शानदार उदाहरण बता रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे “दिल जीत लेने वाला पल” और “सच्चा स्टारडम” कहा। दोस्ती से शादी तक का सफर रश्मिका और विजय की जोड़ी लंबे समय से चर्चा में रही है। दोनों की दोस्ती 2018 की सुपरहिट फिल्म गीता गोविंदम के दौरान शुरू हुई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई। कई सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद इस कपल ने 26 फरवरी 2026 को शादी कर ली।शादी के बाद भी दोनों अपने काम में व्यस्त हैं, लेकिन इस घटना ने दिखा दिया कि वे अपने फैंस के लिए कितना खास स्थान रखते हैं। फैंस के लिए खास संदेश इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित किया कि सच्ची लोकप्रियता केवल फिल्मों से नहीं, बल्कि इंसानियत और फैंस के प्रति सम्मान से भी मिलती है। रश्मिका और विजय का यह कदम उनके लाखों चाहने वालों के लिए एक यादगार पल बन गया है।
मुंबई, एजेंसियां। साउथ स्टार पवन कल्याण ने अभिनेता विजय की फिल्म जन नायकन की रिलीज में हो रही देरी को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट मिलने में देरी के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। एक इंटरव्यू में पवन कल्याण ने कहा कि यह मामला सेंसर बोर्ड के स्तर पर ठीक से संभाला नहीं गया, लेकिन इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म प्रमाणन से जुड़े नियम सभी के लिए समान होते हैं और सत्ता में रहने वालों के लिए अलग नियम नहीं बनाए जा सकते। अपनी फिल्म ‘ओजी’ का दिया उदाहरण पवन कल्याण ने अपनी फिल्म OG का उदाहरण देते हुए बताया कि सेंसर बोर्ड अपने नियमों के अनुसार फैसला करता है। उन्होंने कहा कि फिल्म में ज्यादा हिंसा होने के कारण बोर्ड ने इसे ‘A’ सर्टिफिकेट दिया, जबकि मेकर्स को ‘U/A’ सर्टिफिकेट की उम्मीद थी। कोर्ट जाने से मामला जटिल हुआ उन्होंने यह भी कहा कि अगर ‘जन नायकन’ के निर्माता अदालत का रुख नहीं करते तो शायद मामला अलग तरीके से सुलझ सकता था। कोर्ट में जाने के बाद फैसला कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही होता है। जनवरी में रिलीज होनी थी फिल्म बता दें कि Jana Nayagan को पहले 9 जनवरी 2026 को रिलीज किया जाना था, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट में देरी के कारण इसकी रिलीज टाल दी गई। फिल्म का निर्देशन H. Vinoth ने किया है। इसमें विजय के साथ Pooja Hegde, Mamitha Baiju और Bobby Deol अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।